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AI वीडियो विवाद: स्पीकर ने कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस भेजा, 8 पदाधिकारियों से जवाब तलब

 नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के AI वीडियो प्रकाशित करने के आरोप में लोकसभा विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में तीन दिनों के अंदर सभी नेताओं के अपना जवाब देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा सदन की अवमानना और विशेषाधिकार उल्लंघन के मामले में कार्रवाई करने की बात कही गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा की शिकायत के आधार पर लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत और एआईसीसी के आठ अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस जारी किया है. सचिवालय ने ये कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ एक अपमानजनक कैरिकेचर और एआई वीडियो प्रकाशित करने के बाद उठाया गया है. लोकसभा सचिवालय के निदेशक बाला गुरु जी ने 11 फरवरी को ये आधिकारिक पत्र भेजकर सभी आरोपियों से स्पष्टीकरण मांगा है. लोकसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए इस पत्र में सुप्रिया श्रीनेत और अन्य पदाधिकारियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए तीन दिनों का वक्त दिया गया है. नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि इस संचार की प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें. ये जवाब लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ पेश किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. सचिवालय ने प्राप्तकर्ता से पत्र की प्राप्ती (Receipt) भी तुरंत भेजने का अनुरोध किया है, ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके. क्या मामला आपको बता दें कि ये पूरा विवाद सोशल मीडिया पर साझा की गई एक सामग्री से जुड़ा है, जिसे लोकसभा अध्यक्ष की गरिमा के खिलाफ माना गया है. शिकायतकर्ता विष्णु दत्त शर्मा का आरोप है कि कांग्रेस के मीडिया विभाग ने जानबूझकर भ्रामक एआई वीडियो और अपमानजनक तस्वीरों का सहारा लिया. इस मामले को सदन की अवमानना की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि ये सीधे तौर पर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के सम्मान से जुड़ा है. जाने क्या हैं मामला  पीएम मोदी-स्पीकर की AI जेनरेटेड वीडियो को लेकर कांग्रेस के 9 नेताओं को नोटिस पीएम मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की AI जेनरेटेड वीडियो को लेकर लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस संचार विभाग के 9 नेताओं को विशेषाधिकार हनन और कंटेम्प ऑफ हाउस का नोटिस दिया है. जिन नेताओं को नोटिस दिया गया है, उनमें जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, संजीव सिंह समेत नौ नेता शामिल हैं. इनलोगों से तीन दिन में जवाब मांगा गया है. कांग्रेस के इन नेताओं पर पीएम मोदी और स्पीकर ओम बिरला का एक AI जेनरेटेड वीडियो साझा करने का आरोप है. जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और संजीव सिंह सहित नौ नेताओं से 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. दरअसल, सितंबर 2025 में बिहार कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से एक 36 सेकंड का AI वीडियो पोस्ट किया गया था. इसमें पीएम मोदी की दिवंगत माताजी को उनकी राजनीति की आलोचना करते हुए दिखाया गया था. वहीं, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा स्पीकर का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें ‘आर्थिक सहायता स्वावलंबन’ योजना के तहत गरीब परिवारों को 12,000 रुपये देने की घोषणा करते हुए दिखाया गया था. जांच में फर्जी पाया गया वीडियो पीआईबी फैक्ट चेक और अन्य जांच में पाया गया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी था. ओरिजिनल वीडियो 1 दिसंबर 2025 का था, जिसमें स्पीकर दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे, लेकिन AI के जरिए उनकी आवाज और ऑडियो बदल दिया गया था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी. पटना हाई कोर्ट ने कांग्रेस को यह वीडियो सोशल मीडिया से तुरंत हटाने का निर्देश दिया था.

मार्शल लॉ लागू करने वाले पूर्व राष्ट्रपति को दक्षिण कोरिया में उम्रकैद की सजा

सियोल दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उन्हें 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने, सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी पाया. इस मामले में उन्हें मृत्युदंड तक की सजा हो सकती थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया. 65 वर्षीय यून सुक येओल ने दिसंबर 2024 में सेना और पुलिस बलों को सक्रिय कर संसद पर नियंत्रण की कोशिश की थी. आरोप है कि उन्होंने उदारवादी बहुमत वाली नेशनल असेंबली को अवैध तरीके से कब्जे में लेने की कोशिश की. उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम "राष्ट्र विरोधी ताकतों" को रोकने के लिए जरूरी था, जो उनके एजेंडे को बाधित कर रही थीं. मार्शल लॉ करीब छह घंटे तक लागू रहा था. भारी हथियारों से लैस सैनिकों और पुलिस ने संसद भवन की घेराबंदी कर दी थी. हालांकि सांसदों ने अवरोध तोड़ते हुए भीतर पहुंचकर सर्वसम्मति से मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद आपात आदेश वापस लेना पड़ा. इस घटना ने देश में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया था. दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं जनवरी में अभियोजकों ने यून के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. उनका कहना था कि "असंवैधानिक और अवैध मार्शल लॉ ने नेशनल असेंबली और चुनाव आयोग के कामकाज को कमजोर किया और उदार लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास किया." हालांकि दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है और इसे व्यवहारिक रूप से मृत्युदंड पर रोक माना जाता है. पूर्व राष्ट्रपति का साथ देने वालों पर भी कार्रवाई अदालत ने मार्शल लॉ लागू कराने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया. पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को इस योजना की केंद्रीय भूमिका और सेना को सक्रिय करने के लिए 30 साल की जेल की सजा दी गई. यून को पिछले महीने गिरफ्तारी का विरोध करने, मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक किए बिना आपात आदेश जारी करने के मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई गई थी. पूर्व प्रधानमंत्री को अन्य केस में पाया गया दोषी सियोल सेंट्रल कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक सू समेत दो अन्य कैबिनेट सदस्यों को भी अलग मामलों में दोषी ठहराया. हान डक सू को 23 साल की सजा दी गई है. उन पर आरोप था कि उन्होंने कैबिनेट बैठक के जरिए आदेश को वैध ठहराने, रिकॉर्ड में हेरफेर करने और शपथ के तहत झूठ बोलने की कोशिश की. उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.

AI Summit से भारत को जबरदस्त फायदा, लंबे समय से अटकी डील्स हुईं फाइनल

 नई दिल्ली AI Impact Summit का आज चौथा दिन है. इस दौरान भारत को विदेशी कंपनियों से ढेरों इनवेस्टमेंट मिले हैं, जिसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और क्वालकॉम जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं. AI इंम्पैक्ट समिट के दौरान कंपनियों ने बताया है कि वे भारत में डेटा सेंटर्स और न्यू AI मॉडल को डेवलप करेंगे.  बुधवार को Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और और बताया कि कंपनी अगले 5 साल में भारत में करीब 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इनवेस्टमेंट करेगी. AI इम्पैक्ट समिट के दौरान गूगल सीईओ और गूगल डीपमाइंड जीफ डेमिस हासाबिस दोनों भारत में हैं.  गूगल बनाएगा देश में बड़ा AI हब   गूगल का इनवेस्टमेंट देश के पहले बड़े AI हब को तैयार करेगा. प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर है. इसमें AI मॉडल ट्रेनिंग, क्लाउड सर्विस  और कंप्यूटिंग का केंद्र बनेगा.  Microsoft ने किया बड़े इनवेस्टमेंट का प्लान  एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को ऐलान किया है कि वह ग्लोबल साउथ में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इनवेस्टमेंट करेगी. यह इनवेस्टमेंट आने वाले चार साल के दौरान की जाएगी. माइक्रोसॉफ्ट ने बीते साल भारत में 17.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की इनवेस्टमेंट का ऐलान किया था.  एनवीडिया का योट्टा और L&T के साथ पार्टनरशिप  योट्टा डेटा सर्विसेज ने भी ऐलान किया है कि वह एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स के डेवलपमेंट पर 2 अरब डॉलर से अधिक का इनवेस्टमेंट करेंगे. इसके लिए वह एक AI कंप्यूटिंग हब तैयार करेंगे, जिसमें देश की शुरुआती चरण में मौजूद AI पहल को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. इसके लिए योट्टा अपने एक्सपेंशन के इनवेस्टर्स से करीब 1.2 अरब डॉलर इकट्ठा करने की योजना बना रहा है.  L&T के साथ पार्टनरशिप की तैयारी  AI इम्पैक्ट समिट के दौरान देश में दुनियाभर की टेक और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करने वाली कंपनियां मौजूद हैं. इस दिशा में Nvidia भारत में एक मेगा AI फैक्टरी लगाने का काम प्लान बना रही है, जिसके लिए वह भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ हाथ मिलाएगी.  पार्टनरशिप के तहत अरबो डॉलर का इनवेस्टमेंट होगा.  भारतीय स्टार्टअप Neysa ai ने 1.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,000 करोड़ रुपये की बड़ी फंडिंग जुटाकर सभी का ध्यान खींचा. इसमें ग्लोबल दिग्गज Blackstone ने भी इनवेस्ट किया है. Neysa असल में एक AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. यह कोई चैटबॉट या कंप्यूमर ऐप नहीं बनाती है, बल्कि सीधे तौर पर टेक्निकल स्ट्रक्चर तैयार करती है.

NCB की कार्रवाई: बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पकड़ा गया ब्राजीलियन नागरिक और 4.776 किलो कोकीन

बेंगलुरु    नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ब्राज़ीलियन नागरिक से 4.776 kg कोकीन ज़ब्त की है। 'X' पर एक पोस्ट में, NCB ने कहा कि यह प्रतिबंधित पदार्थ, जिसकी गैर-कानूनी बाज़ार में कीमत लगभग 23.88 करोड़ रुपये है, उस यात्री के चेक-इन बैगेज से बरामद किया गया जो साओ पाउलो से दोहा होते हुए बेंगलुरु आया था।   'X' पोस्ट में कहा गया, "बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा ड्रग बस्ट। NCB ने एक ब्राज़ीलियन नागरिक के चेक-इन बैगेज से 4.776 kg कोकीन ज़ब्त की। ज़ब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ की गैर-कानूनी बाज़ार में कीमत लगभग 23.88 करोड़ रुपये है। आरोपी साओ पाउलो से दोहा होते हुए बेंगलुरु आया था। अधिकारियों ने कोकीन मिला कपड़ा रखने वाले छिपे हुए कम्पार्टमेंट वाले चार मॉडिफाइड हैंडबैग बरामद किए।" NCB के मुताबिक, अधिकारियों को चार मॉडिफाइड हैंडबैग मिले जिनमें छिपे हुए कम्पार्टमेंट थे और उनमें कोकीन मिला कपड़ा था।   आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है, और आगे की जांच चल रही है। NCB ने लोगों से 1933 पर MANAS हेल्पलाइन के ज़रिए नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी शेयर करने की अपील की है, और जानकारी देने वालों की गोपनीयता का भरोसा दिलाया है। इस बीच, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मैसूर में एक इंटर-स्टेट ड्रग ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, साथ ही एक गुप्त ड्रग बनाने वाली लैब का भी पता लगाया है।   NCB द्वारा 31 जनवरी को शेयर किए गए एक 'X' पोस्ट में, एजेंसी ने 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ 25.6 लाख रुपये कैश, एक SUV और 500 kg से ज़्यादा अलग-अलग केमिकल ज़ब्त किए। 'X' पोस्ट में कहा गया, "NCB ने एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और मैसूर में एक खुफिया ड्रग बनाने वाली लैब का पता लगाया है। इस मामले में अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये (स्ट्रीट वैल्यू) की ड्रग्स, 25.6 लाख रुपये कैश, एक टोयोटा फॉर्च्यूनर और 500 kg से ज़्यादा अलग-अलग केमिकल ज़ब्त किए गए हैं।"  

शहबाज़ शरीफ़ की अमेरिका यात्रा: ट्रंप से मुलाकात और बोर्ड ऑफ पीस की बैठक तय

इस्लामाबाद/वॉशिंगटन   पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन पर अमेरिका पहुँच चुके हैं। 18 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे का मुख्य केंद्र वॉशिंगटन में होने वाली उच्च स्तरीय बैठकें और अमेरिकी नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता है। ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शिरकत : पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर 'बोर्ड ऑफ़ पीस' की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका गए हैं। महत्वपूर्ण बैठक : यह बैठक आज यानी गुरुवार, 19 फरवरी को होनी है। पृष्ठभूमि : गौरतलब है कि पिछले महीने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम' के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में इस शांति बोर्ड का गठन किया गया था। वरिष्ठ मंत्रियों का दल साथ : प्रधानमंत्री अकेले इस दौरे पर नहीं हैं। उनके साथ पाकिस्तान का एक शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जिसमें शामिल हैं-उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार। मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ मंत्री और उच्चाधिकारी। द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा : 'बोर्ड ऑफ़ पीस' की बैठक के अलावा, शहबाज़ शरीफ़ अमेरिका की वरिष्ठ लीडरशिप के साथ अलग से भी मुलाकातें करेंगे।एजेंडा : इन बैठकों में मुख्य रूप से पाकिस्तान-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा सहयोग और वर्तमान वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है।कूटनीतिक महत्व : राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंधों की यह नई दिशा अंतरराष्ट्रीय गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

हत्याकांड का मुख्य आरोपी पकड़ाया, दिल्ली एयरपोर्ट से बांग्लादेश को सुपुर्द

नई दिल्ली बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की बर्बर हत्या के मुख्य आरोपी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया है।  रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से कथित तौर पर यूरोप भागने की फिराक में था। उसे इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने रोक लिया। आरोपी की पहचान अहमद रजा हसन मेहदी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने उसे देश छोड़ने की कोशिश करते समय हवाई अड्डे पर रोका और बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे वापस बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया। आरोपी मेहदी ने 2024 में हिंदू पुलिस अधिकारी संतोष शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह बांग्लादेश के एक पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर हत्या की बात कबूल करता हुआ नजर आ रहा था। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को मेहदी के दिल्ली पहुंचने की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उसे यूरोप की उड़ान में सवार होने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। आपको बता दें कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में मचे भारी उथल-पुथल के दौरान सब-इंस्पेक्टर (SI) संतोष शर्मा की बनियाचंग पुलिस स्टेशन में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उनके शव को एक पेड़ से लटका दिया गया था। यह घटना तब हुई जब छात्र प्रदर्शन जल्द ही हिंसा में बदल गए थे और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया था। उस दौरान हिंदुओं पर हमले हुए थे और उनके पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की गई थी। गौरतलब है कि बांग्लादेश में यह अशांति छात्रों के नेतृत्व वाले उन विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुई थी, जो देश की विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ थे। इस प्रणाली के तहत 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण था। यह विरोध प्रदर्शन जो पूरे बांग्लादेश के शैक्षणिक संस्थानों में फैल गया था। अंततः अवामी लीग सरकार के तख्तापलट के साथ समाप्त हुआ।

AI समिट में पीएम मोदी का संदेश: इंसान केंद्रित तकनीक जरूरी, दुनिया को दी अहम चेतावनी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट से दुनिया को खास संदेश दिया है. एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत का MANAV विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि एआई का विकास ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, जहां इंसान केवल डेटा पॉइंट न बने. प्रधानमंत्री ने एआई के लोकतंत्रीकरण, समावेशन और ग्लोबल साउथ के सशक्तीकरण पर जोर दिया. MANAV विजन नैतिक व एथिकल सिस्टम, जवाबदेह गवर्नेंस और डेटा पर व्यक्ति के अधिकार की वकालत करता है. उन्होंने कहा कि एआई को ओपन, सुरक्षित और मानव केंद्रित बनाकर वैश्विक कल्याण का माध्यम बनाया जा सकता है. एआई ट्रांसफॉर्मेटिव पावर – पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी पीएम मोदी ने एआई समिट में बोलते हुए कहा कि मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है. वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत हैं. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं, लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी  एआई समिट में पीएम मोदी ने कई बातों का उल्‍लेख किया. उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है. नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है और एआई का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है.’ सुंदर पिचाई ने बताया भारत में इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भारत दौरे के दौरान देश में तेज बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया हाइपर-प्रोग्रेस के दौर में प्रवेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साहसिक रूप से अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है और दवा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है. पिचाई ने बताया कि Google 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश के तहत भारत में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा. साथ ही कंपनी भारत की व्यस्त सड़कों के लिए Waymo तकनीक पर भी काम कर रही है. डिजिटल क्रांति केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन – मैक्रों एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि एक समय मुंबई का स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है. मैक्रों ने भारत की 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान व्यवस्था, हर महीने 20 अरब लेनदेन करने वाली भुगतान प्रणाली और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाली स्वास्थ्य संरचना को दुनिया के लिए मिसाल बताया.  पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, अश्विनी वैष्‍णव ने सेट किया टोन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई समिट को संबोधित करने के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं. उससे पहले भारत में आयोजित पहले ग्लोबल साउथ एआई समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आधारभूत तकनीक है, जो काम करने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समिट में 118 देशों की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई स्टैक की पांचों परतों पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना और इसे बड़े पैमाने पर सभी के लिए सुलभ बनाना है. पीएम मोदी की 4 देशों के प्रमुखों संग अहम बैठकें  एआई सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज चार देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे. ये बैठकें Bharat Mandapam में आयोजित होंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 14:30 बजे पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे. इसके बाद 15:10 बजे नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री Dick Schoof, 15:45 बजे स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति Guy Parmelin और 16:25 बजे ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis से वार्ता होगी. इससे पहले बुधवार 18 फरवरी को पीएम मोदी सात वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं.  

स्पीच से ठीक पहले बड़ा बदलाव: बिल गेट्स नहीं होंगे AI समिट में, अंकित वोरा को जिम्मेदारी

नई दिल्ली मशहूर अमेरिकी कारोबारी बिल गेट्स दिल्ली में आयोजित हो रहे एआई समिट में नहीं आएंगे। उन्हें आज ही कार्यक्रम में अपनी स्पीच देनी थी और उससे ठीक पहले ही उनके कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। पहले भी कयास लग रहे थे कि शायद वह कार्यक्रम में नहीं रहेंगे, लेकिन उनके गेट्स फाउंडेशन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी। अब इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि बिल गेट्स के स्थान पर अंकुर वोरा स्पीच देंगे। वह भी बिल गेट्स फाउंडेशन से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम था और वह विवादों में थे। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गेट्स फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'गंभीरता से विचार करने के बाद और AI समिट की प्राथमिकताओं को देखते हुए मिस्टर गेट्स ने तय किया है कि वह अपनी स्पीच नहीं देंगे। AI समिट में गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व अंकुर वोरा करेंगे। वह अफ्रीका और भारतीय कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वही आज AI समिट में गेट्स फाउंडेशन की ओर से अपनी स्पीच देंगे।' फाउंडेशन ने कहा कि हम भारत में हेल्थ और डिवेलपमेंट में योगदान को लेकर अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट का आयोजन हो रहा है। इसमें बिल गेट्स को कीनोट स्पीकर के तौर पर रहना था। उनका 19 फरवरी को भाषण था। बिल गेट्स सोमवार को ही भारत आ गए थे। इसके बाद कहा जा रहा था कि वह गुरुवार को AI समिट में रहेंगे। उन्हें 12 मिनट की स्पीच देनी थी। बिल गेट्स भारत आने के बाद सबसे पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। इसके अलावा डिप्टी सीएम पवन कल्याण से भी उनकी मीटिंग हुई थी। इस दौरान कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। इस सप्ताह हो रही AI समिट को दुनिया के कुछ प्रमुख आयोजनों में माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर हो रहे हैं। AI समिट से कुछ विवाद भी जुड़े, गलगोटिया की सबसे ज्यादा चर्चा भारत में हो रहे इस आयोजन को टेक कंपनियां एक अवसर के तौर पर देख रही हैं। कंपनियों का कहना है कि यह बूमिंग सेक्टर है और भारत के लिए यह अहम है। बता दें कि इस समिट से कुछ विवाद भी जुड़े हैं। जैसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जिन दो प्रोडक्ट्स को तैयार करने का दावा किया था, उन्हें चीन और कोरिया में बनाया गया था। यही नहीं खबरें हैं कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को AI समिट से हटाने का भी आदेश दिया गया है।

पुणे में शिवाजी महाराज जयंती के मौके पर अफरा-तफरी, भगदड़ में घायल हुए कई लोग

मुंबई  महाराष्ट्र में शिवाजी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने के लिए जुटी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह पुणे के शिवनेरी किले में ज्यादा भीड़ होने के कारण कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घटना तब हुई जब यहां हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े 3 बजे हुई जब मशाल लेकर एक समूह मीना दरवाजा के पास किले से नीचे उतर रहा था। पुणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह गिल ने मीडिया को बताया, "भारी भीड़ के बीच एक ग्रुप मशाल लेकर तेजी से किले से नीचे आ रहा था। वहां मौजूद हमारी पुलिस टीम ने उन्हें धीरे चलने की सलाह दी।" लेकिन तभी वहां धक्का मुक्की होने लगी। उन्होंने बताया, "इस बीच, ऊपर से किसी ने एक शख्स को धक्का दिया, जिसके बाद समूह के कुछ लोग नीचे गिर गए। तीन लोगों के पैर में चोटें आईं हैं।" अधिकारी ने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने तुरंत घायलों की मदद की और यह सुनिश्चित किया कि लोगों की सुविधाजनक आवाजाही बने रहे। गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का 19 फरवरी, 1630 को पुणे जिले के शिवनेरी किले में हुआ था। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए किले का दौरा करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा: SU-30, राफेल और ब्रह्मोस की ताकत ने किया किराना हिल्स पर भारी हमला

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को किस तरह रणनीतिक रूप से झटका दिया, इस पर लंबे समय से बहस होती रही है. अब जाने-माने एरियल वॉरफेयर विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर ने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर सटीक हमला कर उसकी कमर तोड़ दी थी. टॉम कूपर के मुताबिक यही वह निर्णायक वार था, जिसके बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और सीजफायर की भीख मांगने लगा. हालांकि भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर किराना हिल्स को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन टॉम कूपर का कहना है कि सबूत साफ हैं. टॉम कूपर ने NDTV को दिए इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें मिसाइलों के धुएं के निशान पहाड़ियों की ओर जाते और टकराते दिखाई देते हैं. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में पाकिस्तानी वायुसेना के 4091वें स्क्वाड्रन के रडार स्टेशन से धुआं उठता दिखा. कूपर के मुताबिक भारत ने पहले इन रडार स्टेशनों को निशाना बनाकर पाकिस्तान की जवाबी क्षमता को निष्क्रिय किया और फिर अंडरग्राउंड स्टोरेज सुविधाओं के कम से कम दो प्रवेश द्वारों पर हमला किया. पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भी मारे गए?     टॉम कूपर ने दावा किया कि उस समय पाकिस्तान का ऑपरेशन ‘बुनियान-उन-मार्सूस’ फेल हो चुका था. भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को बड़े पैमाने पर नाकाम कर दिया.     कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए गए. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई में 12-13 एयरबेस पर हमला किया. अंत में किराना हिल्स पर स्ट्राइक ने पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से घेर लिया.     हमले के समय कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज थी. पाकिस्तान, अमेरिका और भारत से संपर्क कर युद्धविराम के रास्ते तलाश रहा था. कूपर के शब्दों में यह साफ संकेत था कि पाकिस्तान अब आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था. क्यों पाकिस्तान की कमजोर नस है किराना हिल्स? किराना हिल्स को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का अहम केंद्र माना जाता है. यहां 20 से ज्यादा परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में हार्डन शेल्टर व भूमिगत सुरंगें मौजूद हैं. टॉम कूपर का तर्क है कि ऐसी जगह पर हमला तभी किया जाता है जब स्पष्ट संदेश देना हो- ‘हम जब चाहें, जहां चाहें, जितनी ताकत से चाहें, वार कर सकते हैं.’ कूपर ने यह भी सवाल उठाया कि जब सबूत इतने स्पष्ट हैं तो भारत आधिकारिक तौर पर हमले से इनकार क्यों करता है. वो इसे लेकर इतने आश्वस्त हैं कि बोलते हैं कि इससे इनकार करना वैसा ही जैसे कोई कहे कि सूरज पूरब से नहीं उगता. रूसी फाइटर जेट और ब्रह्मोस ने किया तांडव हथियारों की बात करें तो कूपर के अनुसार भारत को किसी विशेष गुप्त तकनीक की जरूरत नहीं पड़ी. सुखोई-30 विमानों से ब्रह्मोस और रैम्पेज मिसाइलें दागी गईं, जगुआर ने रैम्पेज लॉन्च किए और राफेल ने स्कैल्प मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इतना पाकिस्तान के लिए काफी था. उन्होंने भारत की इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम की खास तारीफ की, जिसने रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मोर्चों पर अहम भूमिका निभाई. कुल मिलाकर टॉम कूपर का आकलन है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्पष्ट रणनीतिक जीत थी. किराना हिल्स पर कथित हमले ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत की सैन्य क्षमता और एडवांस तकनीक के सामने उसकी जवाबी ताकत सीमित है.