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देश के चर्चित पारिवारिक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: ‘महाभारत छोटा लगेगा’, 30 हजार करोड़ के केस में सुनवाई

नई दिल्ली दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर के बीच पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विवाद जारी है। इसी बीच शीर्ष न्यायालय ने मामले की तुलना महाभारत से कर दी। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कह दिया कि इस विवाद के सामने इतना बड़ा युद्ध भी छोटा लग रहा है। खास बात है कि संजय की मां की तरफ से शीर्ष न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। वहीं, इससे पहले अदालत की तरफ से भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को मामले में मध्यस्थ बनाया गया था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में 80 वर्षीय रानी की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस पारदीवाला ने कहा, 'हम मैदान में उतर गए हैं। महाभारत भी बहुत छोटी लगेगी। हम इस मामले को देखेंगे।' फिलहाल, कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 14 मई की तारीख तय की है। नई याचिका में क्या सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी नई अर्जी में रानी कपूर ने एक बड़ी मांग रखी है। उन्होंने अदालत से अपील की है कि जब तक मध्यस्थता की प्रक्रिया चल रही है, तब तक प्रिया सचदेव कपूर और अन्य संबंधित लोगों को आरके फैमिली ट्रस्ट के कामकाज में दखल देने से रोका जाए। 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर भी रोक लगाने की मांग की है। यह मीटिंग रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नोटिस पर बुलाई गई थी, जिसका विवादित संपत्ति के एक बड़े हिस्से पर कब्जा बताया जाता है। याचिका में कहा गया है कि इस मीटिंग का असली मकसद बोर्ड में अपनी पसंद के नए डायरेक्टर नियुक्त करना है। CJI चंद्रचूड़ बने मध्यस्थ 7 मई, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चंद्रचूड़ को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया था। न्यायालय ने पक्षों से खुले दिमाग से मध्यस्थता की कार्यवाही में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि वे सार्वजनिक रूप से कोई बयान न दें और विवाद के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ नहीं कहें। तब बेंच ने कहा था, ‘यह एक पारिवारिक विवाद है। इसे केवल परिवार के सदस्यों तक ही सीमित रहने दें। इसे मनोरंजन का स्रोत नहीं बनाया जाना चाहिए।’ बेंच ने कहा था, ‘हम मध्यस्थ से प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने की प्रतीक्षा करेंगे और उसके बाद मामले में आगे की कार्यवाही करेंगे। पीठ ने कहा कि मध्यस्थ की फीस और अन्य तौर-तरीके पक्षों से परामर्श करके तय किए जाएंगे। इसने पक्षों को मध्यस्थ से संपर्क करने का निर्देश दिया। पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि मध्यस्थता केवल परिवार के सदस्यों से संबंधित मामलों तक ही सीमित रहेगी।’ शीर्ष अदालत ने 27 अप्रैल को संजय कपूर की मां द्वारा दायर उस मामले में प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा था, जिसमें पारिवारिक ट्रस्ट को अमान्य घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। पीठ ने 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य को नोटिस जारी किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट 'जाली, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी वाले' दस्तावेजों का परिणाम था।

रेलवे कर्मियों की बढ़ी सैलरी: DA में इजाफा, जल्द खाते में आएगा 4 माह का एरियर

नई दिल्‍ली भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए गुड न्‍यूज आई है. रेलवे बोर्ड ने भी महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी कर दिया है. यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी. इसका मतलब हुआ की कर्मचारियों को चार महीने का एरियर मिलेगा. इस बढ़ोतरी के साथ ही डीए अब 58% से बढ़कर 60% हो गया है। इसका बढोतरी का लाभ सभी कार्यरत रेलवे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनभोगियों को मिलेगा जो 7वें वेतन आयोग के दायरे में आते हैं. उम्मीद है कि मई महीने की सैलरी और पेंशन में बढ़ी हुई दरें और बकाया राशि जुड़कर आएगी, जिससे कर्मचारियों के हाथ में आने वाला पैसा बढ़ जाएगा। साल में दो बार होता है DA में बदलाव महंगाई भत्ते में साल में दो बार संशोधन किया जाता है. पहला 1 जनवरी से और दूसरा 1 जुलाई से. डीए में बदलाव ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आंकड़ों के आधार परकिया जाता है ताकि महंगाई के असर को कम किया जा सके. अप्रैल में ने केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के डीए में भी 2% की बढ़ोतरी हुई थी। 12 लाख को फायदा भारतीय रेलवे देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है. इस फैसले से करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा और उनका वेतन वेतन बढ़ेगा। रेलवे पेंशनर्स को कितना फायदा होगा? रेल मंत्रालय के 7 मई 2026 के आदेश के मुताबिक, रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को मिलने वाला DR अब बेसिक पेंशन का 60 फीसदी मिलेगा. इससे लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ जाएगी.यह बढ़ोतरी अलग-अलग पेंशन स्तरों पर प्रभावी रूप से लागू होगी। यहां आसान भाषा में समझें कि आपके पेंशन लेवल के हिसाब से आपकी मंथली इनकम कितनी बढ़ जाएगी….     अगर किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन 10,000 रुपये है, तो पहले उसे 58 फीसदी DR के हिसाब से कुल 15,800 रुपये मिलते थे. अब 60 फीसदी DR लागू होने के बाद उसे हर महीने 16,000 रुपये मिलेंगे. यानी हर महीने 200 रुपये का सीधा फायदा होगा.     ₹20,000 बेसिक पेंशन पाने वालों की पेंशन अब ₹31,600 से बढ़कर ₹32,000 हो जाएगी. इससे हर महीने ₹400 का फायदा होगा.     अगर बेसिक पेंशन 30,000 रुपये है, तो 2 फीसदी DR बढ़ने से उसकी मासिक पेंशन में करीब 600 रुपये की बढ़ोतरी होगी.     ₹40,000 बेसिक पेंशन वालों की पेंशन अब ₹63,200 से बढ़कर ₹64,000 हो जाएगी. इससे ₹800 महीने का फायदा होगा.     अगर बेसिक पेंशन ₹50,000 है, तो अब कुल पेंशन ₹79,000 से बढ़कर ₹80,000 हो जाएगी. यानी हर महीने ₹1,000 ज्यादा मिलेंगे.     ₹60,000 बेसिक पेंशन पाने वाले पेंशनर्स को अब ₹94,800 की जगह ₹96,000 मिलेंगे. इससे हर महीने ₹1,200 का फायदा होगा.     वहीं ₹70,000 बेसिक पेंशन वाले पेंशनर्स की कुल पेंशन अब ₹1,10,600 से बढ़कर ₹1,12,000 हो जाएगी. यानी हर महीने ₹1,400 की बढ़ोतरी होगी. कब से लागू होगी नई DR दर? सरकार ने साफ किया है कि DR में यह 2 फीसदी बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी. इसका मतलब यह है कि रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को बढ़ी हुई पेंशन के साथ पिछले महीनों का एरियर भी दिया जाएगा. एरियर जल्द ही उनके खातों में आ जाएगा। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का भी DA- DR बढ़ा 18 अप्रैल 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अतिरिक्त DA और DR किस्त को मंजूरी दी थी. इसके तहत DA और DR को 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी किया गया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए लिया गया है.

इजरायली PM ने भारत को लेकर कही बड़ी बात: बोले- भारतीयों का इजरायल के प्रति प्यार अद्भुत

नई दिल्ली इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत की दिल खोलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि भारत में इजरायल के लिए बेशुमार प्यार है। इस दौरान नेतन्याहू ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है कि दुनियाभर में इजरायल अलग-थलग पड़ता जा रहा है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए इजरायल को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। अमेरिकी न्यूज प्रोग्राम '60 मिनट्स' को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इजरायल के लिए जो सम्मान है, वह असाधारण है। अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “मेरी भारत यात्रा किसी 'लव फेस्ट' यानी प्यार के उत्सव जैसी थी। वहां की जनता के मन में इजरायल के लिए गहरी सहानुभूति और सम्मान है।” वहीं PM मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने याद किया कि जब प्रधानमंत्री मोदी इजरायल आए थे, तो उनका स्वागत भी उतनी ही गर्मजोशी से किया गया था। नेतन्याहू ने आगे कहा कि उनकी पत्नी सारा और उन्हें भारत में जो प्यार मिला, वह दिखाता है कि इजरायल दुनिया में अकेला नहीं है। इजरायल के खिलाफ चल रहा प्रोपेगैंडा… नेतन्याहू ने आगे आरोप लगाया कि कुछ देश सोशल मीडिया के जरिए इजरायल को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया और सोशल मीडिया पर इजरायल के खिलाफ गलत नैरेटिव सेट किया जा रहा है। इजरायली पीएम ने आगे स्वीकार किया कि वे अब तक इस 'प्रोपेगेंडा' का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं कर पाए हैं, लेकिन अब इजरायल इस इन्फॉर्मेशन वॉर में पलटवार करने के लिए तैयार है। ईरान युद्ध को लेकर क्या दावा? इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ की गई गुप्त सैन्य कार्रवाइयों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े 20 वैज्ञानिकों को मार गिराया दिया है। नेतन्याहू ने बताया कि 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' के तहत शुरुआती एक मिनट के भीतर ही 12 वैज्ञानिकों को ढेर कर दिया गया था, जबकि 8 बाद में मारे गए। उन्होंने दावा किया कि इन ऑपरेशनों ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया है।

महंगाई के मोर्चे पर राहत भरी खबर: अप्रैल में CPI 3.48%, खाने-पीने की कई चीजें हुईं सस्ती

नई दिल्ली  अप्रैल 2026 के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर के अनंतिम (Provisional) आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर मिली-जुली राहत मिली है। जहां एक तरफ आलू-प्याज जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम घटे हैं, वहीं सोने-चांदी के गहनों और टमाटर ने आम आदमी की जेब पर भारी बोझ डाला है। महंगाई रफ्तार पकड़ रही है। अप्रैल में भारत में खुदरा महंगाई में बड़ा उछाल देखने को मिला है। देश में खुदरा महंगाई को दिखाने वाले संकेतक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में 3.48 % का उछाल आया है। यह लगातार छठवां महीना है, जब देश में महंगाई बढ़ी है। इससे पहले मार्च 2026 में CPI 3.40% पर पहुंच गया था। लगातार छठवें महीने बढ़ी महंगाई देश में महंगाई एक बार फिर आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ाने लगी है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर यानी CPI Inflation बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई। मार्च 2026 में यह 3.40% थी। लगातार छठे महीने CPI में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे महंगाई अब 1 साल के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई है। रसोई का बजट फिर बिगड़ा खाद्य महंगाई भी बढ़कर 4.20% हो गई है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई 4.26% और शहरी क्षेत्रों में 4.10% रही। इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में भोजन और पेय पदार्थों की महंगाई 4.01% दर्ज हुई। चांदी ने दिया सबसे बड़ा झटका सबसे ज्यादा झटका कीमती धातुओं ने दिया। चांदी के गहनों की महंगाई दर 144.34% रही, जबकि सोना, डायमंड और प्लैटिनम ज्वेलरी 40.72% महंगी हुई। नारियल, टमाटर और फूलगोभी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। इन चीजों में मिली राहत हालांकि कुछ वस्तुओं में राहत भी मिली है। आलू की कीमतों में 23.69% और प्याज में 17.67% की गिरावट दर्ज की गई। मोटर कार और एयर कंडीशनर जैसी वस्तुएं भी सस्ती हुई हैं। किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई? राज्यों की बात करें तो तेलंगाना में सबसे ज्यादा 5.81% महंगाई दर्ज हुई। इसके बाद पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का नंबर रहा। वहीं दिल्ली में महंगाई दर 1.96% रही, जो बड़े राज्यों में अपेक्षाकृत कम है। कैटेगरी अप्रैल 2026 मार्च 2026 स्थिति खुदरा महंगाई दर (CPI) 3.48% 3.40% बढ़ोतरी खाद्य महंगाई (CFPI) 4.20% 3.87% बढ़ोतरी ग्रामीण महंगाई 3.74% 3.63% बढ़ोतरी शहरी महंगाई 3.16% 3.11% बढ़ोतरी भोजन और पेय पदार्थ 4.01% 3.40% बढ़ोतरी हाउसिंग इंफ्लेशन 2.15% — स्थिर चांदी ज्वेलरी महंगाई 144.34% 148.42% बेहद ऊंची गोल्ड/डायमंड/प्लैटिनम ज्वेलरी 40.72% 45.88% ऊंची टमाटर महंगाई 35.28% 36.00% ऊंची फूलगोभी महंगाई 25.58% 34.16% ऊंची आलू -23.69% -19.03% सस्ता प्याज -17.67% -27.78% सस्ता सबसे ज्यादा महंगाई वाला राज्य तेलंगाना (5.81%) — शीर्ष पर दिल्ली महंगाई दर 1.96% — अपेक्षाकृत कम   RBI की बढ़ सकती है टेंशन महंगाई में लगातार बढ़ोतरी भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी चिंता बढ़ा सकती है। अगर आने वाले महीनों में खाद्य कीमतों में राहत नहीं मिलती है तो ब्याज दरों पर RBI का रुख सख्त हो सकता है। ऐसे में EMI से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक आम आदमी पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।

PF ट्रांसफर में 10 साल की देरी पड़ी भारी: सॉफ्टवेयर खराबी का बहाना बना EPFO, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

चंडीगढ़ क्या कोई 10 तक सॉफ्टवेयर में खराबी का बहाना बनाकर पीएफ का पैसा लटकाए रह सकता है? मामला चंडीगढ़ का है। एक कर्मचारी ने सितंबर 2010 में कर्मचारी पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए अप्लाई किया, लेकिन उसका फंड ट्रांसफर नहीं किया गया। थक हारकर कर्मचारी ने उपभोक्ता आयोग का सहारा लिया। आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगाया और मुकदमे का खर्च भी देने का आदेश दिया।  खबर के मुताबिक चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) लगभग एक दशक की देरी के लिए सॉफ्टवेयर में खराबी को बहाना नहीं बना सकता। क्या था मामला श्री गर्ग पुणे की कंपनी टेक महिंद्रा में काम करते थे। फरवरी 2009 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी और जुलाई 2010 में इंफोसिस में जॉइन किया। सितंबर 2010 में उन्होंने टेक महिंद्रा वाले पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया। इसके बाद ईपीएफओ की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। श्री गर्ग ने आरटीआई भी दायर की। इसके बाद अप्रैल 2020 में जाकर ईपीएफओ ने सिर्फ 6.21 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जबकि गर्ग के अनुसार उन्हें 11.07 लाख रुपये मिलने चाहिए थे। ईपीएफओ ने ब्याज न देने की वजह खाते को इनऑपरेटिव हो जाने और सॉफ्टवेयर तकनीकी खामियों को बताया। ईपीएफओ को सॉफ्टवेयर की समस्या का बहाना नहीं चलेगा उपभोक्ता आयोग ने ईपीएफओ की इस दलील को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि सिर्फ मौखिक दावे करने और बिना ठोस सबूत के सॉफ्टवेयर की समस्या को लगभग दस साल की देरी का वैध कारण नहीं माना जा सकता। देरी की इतनी लंबी अवधि अपने आप में सेवा में कमी और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस है। सुनवाई के दौरान फंड ट्रांसफर, लेकिन… हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान ईपीएफओ ने गर्ग के खाते में अतिरिक्त 3.67 लाख रुपये और 64,841 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना और मुकदमे का खर्च भी लगाया। आयोग ने साफ किया कि तकनीकी अड़चनों को देरी का सही कारण बताने के लिए ईपीएफओ को पर्याप्त दस्तावेज पेश करने चाहिए थे, जो उसने नहीं किए। यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर में लंबी देरी का सामना करना पड़ता है। आयोग ने ईपीएफओ को यह राशि 60 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है, अन्यथा इस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

NEET-UG 2026 री-एग्जाम तय, NTA बोला परीक्षा की शुचिता जरूरी

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 एग्जाम को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया और दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया. इस फैसले पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह ने माना कि यह फैसला छात्रों, अभिभावकों और खुद एनटीए के लिए बेहद कठिन और शर्मनाक है, लेकिन परीक्षा की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. अभिषेक सिंह ने आजतक को बताया कि 7 मई की देर रात हमें कुछ व्हाट्सएप मैसेज मिले थे, जिनमें ऐसे क्वेश्चन शेयर किए गए थे, जो नीट परीक्षा के क्वेश्चन पेपर से मिलते-जुलते पाए गए. इन व्हाट्सएप मैसेज को जांच के लिए तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजा गया. उन्होंने कहा कि परीक्षा वाले दिन किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली थी और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई थी, लेकिन एनटीए ने पेपर लीक के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की. एनटीए के डायरेक्टर जनरल ने बताया कि 8 और 9 मई को एजेंसियों ने इन व्हाट्सएप मैसेज की जांच की और 10 व 11 मई को कुछ आरोप सही होने की जानकारी मिली. इसके बाद एनटीए ने फैसला लिया कि यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जरा भी सवाल उठता है तो इसे रद्द करना ही ठीक रहेगा. एनटीए प्रमुख ने कहा कि यह तय करना अभी जल्दबाजी होगी कि पेपर लीक कितने बड़े स्तर पर हुआ था और कितने लोगों तक क्वेश्चन पेपर पहुंचा था. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. सीबीआई ही तय करेगी कि मामला किसी एक राज्य तक सीमित था या कई राज्यों तक फैला हुआ था. नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस का नाम सामने आने पर पूछे गए सवाल पर अभिषेक सिंह ने कहा कि वह जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते. उन्होंने कहा कि सीबीआई सभी रिकॉर्ड, सबूत और आरोपों की जांच करेगी और दोषियों की पहचान करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि एनटीए परीक्षा से पहले लगातार सतर्क था और कई शिकायतों की जांच की गई थी. एजेंसी ने 120 टेलीग्राम चैनल भी ब्लॉक किए थे. छात्रों से अपील की गई थी कि यदि उन्हें किसी तरह की गड़बड़ी की जानकारी मिले तो तुरंत रिपोर्ट करें. पहले वाले रजिस्ट्रेशन से ही री-एग्जाम एनटीए के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने आजतक को बताया कि मई 2026 NEET-UG एग्जाम सेशन के लिए छात्रों द्वारा रजिस्ट्रेशन के वक्त दी गई जानकारी और उनके द्वारा चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए मान्य रहेंगे. छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने या किसी तरह की फीस देने की जरूरत नहीं होगी. साथ ही एनटीए पहले भरे गए फॉर्म के दौरान जो फीस ली गई थी, उसे छात्रों को वापस करेगा. उन्होंने कहा कि भले ही इससे एनटीए पर आर्थिक बोझ पड़ेगा, लेकिन एजेंसी का लक्ष्य निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित परीक्षा कराना है. जल्द जारी होगा री-एग्जाम का शेड्यूल एनटीए प्रमुख ने कहा कि जल्द दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी. इसकी तारीख और नए एडमिट कार्ड जारी करने सहित आगे की सभी जानकारियां एजेंसी के आधिकारिक चैनलों के जरिए अभ्यर्थियों के साथ साझा की जाएंगी. उन्होंने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें. अभिषेक सिंह ने कहा, 'अगर कोई यह सोचता है कि वह छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ कर सकता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा, जेल भेजा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी.'

फिर लौटेगा f? PM मोदी की अपील के बाद नामी कंपनियों ने शुरू की तैयारी

नई दिल्ली ईरान में बीते करीब ढाई महीनों से चल रही भीषण जंग की आंच अब भारत तक आने लगी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए वर्क फ्रॉम होम के मॉडल को फिर से कोरोना के दिनों की तरह लागू करने की अपील की थी। उन्होंने सोने की खरीद भी कम करने समेत कुल 7 अपील की थी, जिनमें सबसे अहम वर्क फ्रॉम होम ही है। इस बीच रिलायंस और टाटा समूह जैसे देश के बड़े कॉरपोरेट संस्थान फिर से वर्क फ्रॉम होम की नीति लागू करने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल मंथन चल रहा है कि इस नीति को कैसे लागू किया जाए कि कामकाज प्रभावित न हो और पेट्रोल और डीजल की बचत भी संभव हो। मुकेश अंबानी के मालिकाना हक वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सहयोगी संस्थाओं में फिलहाल हाइब्रिड मॉडल लागू है। इस बीच कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि हम पीएम मोदी की अपील के आधार पर फिर से आकलन कर रहे हैं कि कैसे इस फैसले को और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है। अब तक टाटा ने इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन समूह की सभी कंपनियों में इसे लेकर विचार चल रहा है। वहीं आईटी सेक्टर की कई कंपनियों में तो फिलहाल वर्क फ्रॉम होम की नीति लागू है। हालात सुधरने के बाद ज्यादातर कंपनियों ने हाइब्रिड मॉडल लागू किया है। इसके तहत सीनियर लोगों को ऑफिस बुलाया जा रहा है और जूनियर स्टाफ घर से ही काम कर रहे हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में जिन्हें जाना भी पड़ रहे हैं, उन्हें भी वैकल्पिक तौर पर घरों से ही काम करने का मौका मिल रहा है। जानकारों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी की अपील कोर आईटी कंपनियों के लिए तो ठीक है, लेकिन इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स में लगी कंपनियां इसे कैसे लागू करेंगी। यह सोचने वाली बात है। जैसे एल एंड टी के ज्यादातर कर्मचारी तो ऑनसाइट काम करते हैं। फिर भी इन कंपनियों की ओर से कर्मचारियों से कहा जा रहा है कि वे जहां तक संभव हो, यात्रा में कटौती करें। 10 मई 2026 को सिकंदराबाद में पीएम मोदी ने नागरिकों से 'देशभक्तिपूर्ण व्यवहार' में बदलाव लाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमें पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करना चाहिए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग को बढ़ावा देना चाहिए और जितना हो सके वर्क फ्रॉम होम (WFH) या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर वापस लौटना चाहिए. इतना ही नहीं, उन्होंने एक साल तक सोना (Gold) न खरीदने और शादियां भारत के अंदर ही करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि जो विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) हम तेल खरीदने में खर्च करते हैं, उसे बचाना हर भारतीय की जिम्मेदारी है। इस पूरे संकट की जड़ एक युद्ध है. फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' का रास्ता बंद हो गया है, जहां से भारत का 54% कच्चा तेल आता है. नतीजा यह हुआ कि जो कच्चा तेल 2025 में 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह मई 2026 तक 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत तेल बाहर से मंगाता है, इसलिए दुनिया के किसी भी कोने में हुई अशांति सीधे हमारी रसोई और गाड़ी की टंकी पर असर डालती है। कुछ कंपनियों को तुरंत ही पलटने होंगे फैसले बता दें कि कोरोना काल में बड़े पैमाने पर वर्क फ्रॉम होम की पॉलिसी कॉरपोरेट सेक्टर में लागू हुई थी। अब यदि फिर से यह लागू हुई तो कई कंपनियों को अपने फैसले पलटने होंगे। बीते कुछ सालों में हालात बदले थे तो कंपनियां वर्क फ्रॉम ऑफिस को फिर से प्रोत्साहित कर रही थीं। अब उन्हें दोबारा कोरोना काल वाली पॉलिसी पर लौटना होगा।

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: श्रीनगर में दो संदिग्ध आतंकी पकड़े गए, पिस्टल और आतंकी पोस्टर मिले

 श्रीनगर जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. बाबादेम इलाके में नाका चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक पर सवार दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जांच के दौरान दोनों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े पोस्टर बरामद किए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फैसल अहमद भट और फैसल अहमद गुरू के रूप में हुई है. दोनों श्रीनगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध बाइक पर सवार होकर इलाके से गुजर रहे थे, तभी नाका चेकिंग के दौरान उन्हें रोका गया. तलाशी लेने पर उनके पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, तीन मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा दो मोबाइल फोन और 10 LeT पोस्टर भी जब्त किए गए. बरामद पोस्टरों को लेकर जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों किसी आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे थे या फिर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस मामले में श्रीनगर के एमआर गंज पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 26/2025 दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ UAPA और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल, दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके नेटवर्क तथा अन्य संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

असम में फिर हिमंता सरकार: दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता बिस्वा सरमा, 4 विधायक भी बने मंत्री

 गुवाहाटी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार (12 मई) को असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। हिमंता का राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में यह लगातार दूसरा कार्यकाल है। यह बड़ी जीत राज्य में BJP के बढ़ते प्रभुत्व को अधिक मजबूत करती है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के चार विधायकों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य खानापारा क्षेत्र के वेटरनरी मैदान में मगंलवार सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर हिमंता बिस्वा सरमा और चार अन्य विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 57 साल के हिमंता असम में लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं। हिमंता बिस्वा सरमा के साथ शपथ लेने वाले चार विधायकों में BJP के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, जबकि उनके सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं। नियोग, बोरा और बोरो इससे पहले भी हिमंता के पहले मंत्रिमंडल में सदस्य थे। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री तेली ने राज्य की राजनीति में फिर से वापसी की है। NDA की असम में तीसरी बार सरकार बनी है। गठबंधन पहली बार 2016 में सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सत्ता में आया था जो अब केंद्र सरकार में मंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी असम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली NDA की तीसरी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात गुवाहाटी पहुंचे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अन्य BJP नेताओं ने गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी ने गुवाहाटी के खानापारा इलाके के कोइनाधोरा स्थित राज्य अतिथि गृह में रात्रि विश्राम की। शपथ ग्रहण समारोह में कई केंद्रीय मंत्री, NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, शीर्ष उद्योगपति, सत्राधिकार (वैष्णव मठों के प्रमुख) और अन्य गणमान्य व्यक्ति, BJP कार्यकर्ता और बूथ समिति अध्यक्ष शामिल थे। शपथ ग्रहण में शामिल होने वालों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सर्बानंद सोनोवाल, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और चिराग पासवान शामिल हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के उनके समकक्ष प्रमोद सावंत, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के सम्राट चौधरी, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मोहन चरण माझी और मध्य प्रदेश के मोहन यादव भी शपथ ग्रहण में शामिल थे। हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "असम में खुशी का माहौल है, डॉ हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे…डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने जनता के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं… मैं विकास के लिए वोट करने के लिए राज्य की जनता को धन्यवाद देता हूं। -हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने कहा, 'ये हमारे लिए एक बड़ा दिन है. असम की जनता, एनडीए के लिए ऐतिहासिक दिन… इस ऐतिहासिक घटना को देखने के लिए राज्य भर से लोग आए हैं। -शपथ के लिए निकले हिमंता बिस्वा सरमा -अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो भी लेंगे मंत्री पद की शपथ कैबिनेट में अनुभवी चेहरों की वापसी आज शपथ लेने वाले चार मंत्रियों में से तीन- अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो पिछली सरकार में भी कैबिनेट का हिस्सा थे. अजंता नियोग वित्त मंत्रालय संभाल चुकी हैं, जबकि अतुल बोरा कृषि और चरण बोरो परिवहन मंत्री थे. वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली की राज्य की राजनीति में वापसी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कुल 18 से 19 मंत्री हो सकते हैं, जिनके नामों पर चर्चा के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। खानापारा में भव्य समारोह शपथ ग्रहण समारोह के लिए गुवाहाटी के खानापारा में विशेष तैयारियां की गई थीं. इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें बीजेपी के पंचायत अध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं।

देशभर के छात्रों को बड़ा झटका: NEET UG एग्जाम रद्द, CBI करेगी पेपर लीक की जांच

 नई दिल्ली एनटीए ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 रद्द कर दी है। पेपर लीक होने के शक के चलते एनटीए ने यह फैसला लिया। नई तिथि का ऐलान बाद में किया जाएगा। पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई करेगी। देश भर में नीट परीक्षा का आयोजन 3 मई 2026 को किया गया था। नेशनल एनटीए ने नोटिस में कहा, 'राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने भारत सरकार की मंजूरी से, 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा की नई तारीखों की सूचना अलग से दी जाएगी।' आपको बता दें कि नीट यूजी परीक्षा से ही देश के मेडिकल, डेंटल व आयुष कॉेलजों में चलाए जा रहे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस जैसे विभिन्न कोर्सेज में दाखिला मिलता है। एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का ख्वाब देख रहे 22.05 लाख विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी थी। 3 मई को नीट यूजी परीक्षा होने के चार दिन बाद 7 मई को एनटीए को इसके पेपर लीक से जुड़े कुछ इनपुट मिले थे। 8 मई को इनके सत्यापन व कार्रवाई के लिए इन्हें केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया था। पेपर लीक की जांच करेगी सीबीआई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि उन्हें जांच एजेंसियों से जो इनपुट मिले, उनके आधार पर पता चला कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता। परीक्षा की नई तारीखें, एडमिट कार्ड का शेड्यूल आदि जल्द ही एजेंसी के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से बता दिया जाएगा। एनटीए ने बताया कि सरकार ने अब इस संभावित पेपर लीक की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। करीब 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा NEET (UG) 2026 परीक्षा में इस बार देशभर से करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है। गेस पेपर से मैच हुए थे नीट पेपर के 120 प्रश्न आपको बता दें कि राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के खुलासे के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक का शक और गहरा गया था। राजस्थान पुलिस एसओजी ने सोमवार को बताया था कि नीट यूजी परीक्षा से 15 से 1 महीने पहले से एक गैस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल हैं जिसमें से 120 सवाल नीट एग्जाम के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू आए हैं। पूरे मैच होते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 720 में से 600 अंक के प्रश्न गेस पेपर से आए थे जो पहले ही स्टूडेंट्स के पास पहुंच चुका था। केरल से आउट, राजस्थान के सीकर तक पहुंचा नीट यूजी पेपर लीक मामले में कहा जा रहा है कि जो गेस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच पहुंच रहा था, वह केरल से आउट हुआ था और राजस्थान तक पहुंचा था। राजस्थान के सीकर में कंसलटेंसी चलाने वाले झुंझुनूं के एक शख्स के पास परीक्षा से करीब 1 महीना पहला गैस पेपर आया था। कई संदिग्धों को पकड़ा एसओजी ने ने पिछले चार दिन में देहरादून, सीकर व झुंझुनूं से 20 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा है। एजेंसी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने इसकी पुष्टि भी की है। जिन्हें पकड़ा है, उनमें से ज्यादातर करियर काउंसलर हैं। देहरादून से पकड़े गए संदिग्धों में एक सीकर का राकेश मंडावरिया है। उसका पीपराली रोड पर एक नामी कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी का ऑफिस है। राकेश की निशानदेही पर देहरादून से शनिवार देर शाम 4 और लोगों को पकड़ा है।