samacharsecretary.com

गणेश चतुर्थी पर बड़ा तोहफा, आंध्र प्रदेश में गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली देगी सरकार

अमरावती गणेश चतुर्थी से पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. राज्य में गणेश उत्सव के लिए लगाए जाने वाले सभी पंडालों को मुफ्त बिजली दी जाएगी. आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने इसकी जानकारी दी. सरकार के इस फैसले से गणेश उत्सव मनाने वाले आयोजकों को बिजली के खर्च से राहत मिलेगी।  नारा लोकेश ने ट्वीट कर बताया कि इस गणेश चतुर्थी पर आंध्र प्रदेश के सभी गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह सुविधा पूरे राज्य में लागू होगी. इससे पंडाल लगाने वालों को बिजली के बिल का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।  नारा लोकेश ने इस बड़ी राहत का ऐलान करते हुए कहा कि उत्सव की भव्यता को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है. हर साल गली-मोहल्लों में पंडाल सजाने वाली समितियों का एक बड़ा बजट बिजली कनेक्शन, मीटर और बिल भरने में खर्च हो जाता था. सरकारी ऐलान के बाद अब पंडालों को रोशनी के लिए जेब खाली नहीं करनी पड़ेगी।  त्योहारी सीजन में लोगों को राहत देने का यह अकेला फैसला नहीं है. इससे ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र से भी गणेश भक्तों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई थी. PWD मिनिस्टर शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने जानकारी दी थी कि मुंबई से कोंकण जाने वाले लोगों को नेशनल हाईवे पर कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा।  महाराष्ट्र में मुंबई से कोंकण जाने वाले गोवा हाईवे और पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर 11 सितंबर से 27 सितंबर तक टोल वसूली पूरी तरह बंद रहेगी. इससे सिंधुदुर्ग या कोल्हापुर की तरफ अपने पैतृक गांव जा रहे परिवारों के 650 से 700 रुपये तक बचेंगे. साथ ही टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से भी छुटकारा मिलेगा. दक्षिण से लेकर पश्चिम तक, सरकारों के इन फैसलों से गणेशोत्सव की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। 

8th Pay Commission में बढ़ेगी मिनिमम सैलरी? ₹68 हजार की मांग से पेंशन तक, पुडुचेरी मीटिंग से पहले 7 बड़े अपडेट

पुडुचेरी आठवें वेतन आयोग की टीम आज 9 सितंबर, बुधवार को पुडुचेरी में है, जहां कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ मीटिंग होने वाली है. इससे पहले चेन्नई मीटिंग संपन्न हुई. देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से ज्‍यादा पेंशनर्स के लिए चेन्नई मीटिंग से बड़े अपडेट्स सामने आए हैं।  चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को हुई आयोग की बैठकों में डाककर्मियों से जुड़े संगठन, पेंशनर ग्रुप, GPO पेंशनर्स फोरम, कुछ अन्‍य कर्मचारी संगठन शामिल हुए और सैलरी, पेंशन, भत्तों समेत अन्‍य मुद्दों पर भी अपनी मांगें रखीं और सुझाव दिए. चेन्नई के ITC Grand होटल में हुई इन मीटिंग्‍स में संगठनों का फोकस सैलरी रिवीजन, अलाउंसेज और पेंशन रिफॉर्म पर रहा. आइए जानते हैं, चेन्नई मीटिंग से आए 5 बड़े अपडेट्स क्‍या हैं।  1). GPO पेंशनर्स फोरम ने रखी मांगें  चेन्नई मीटिंग में GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सदस्‍यों के सामने सैलरी, पेंशन में संशोधन, भत्तों में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में सुधार का सुझाव दिया. खास तौर पर डाक कर्मियों के करियर की दिक्कतों, जरूरतों और सुधारों पर जोर दिया।  2). सैलरी में सुधार की स्‍थाई व्‍यवस्‍था हो  संगठन के प्रतिनिधियों ने मीटिंग के दौरान सैलरी स्‍ट्रक्‍चर में बदलाव की मांग की. उन्‍होंने सैलरी में संशोधन के लिए एक स्थाई व्यवस्था पर जोर दिया. साथ ही मौजूदा पे-मैट्रिक्स सिस्टम की जगह रनिंग स्केल लागू करने की मांग की. संगठन का मानना है कि इस व्‍यवस्‍था से कर्मचारियों की बेहतरी होगी।  3). 68,000 रुपये मिले न्‍यूनतम वेतन  चेन्नई मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों का न्‍यूनतम वेतन यानी मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 68,000 रुपये किए जाने का सुझाव दिया गया है. GPO पेंशनर्स फोरम के सदस्‍यों ने  NC-JCM और शुरुआती कुछ संगठनों के सुझाव के अनुसार, न्‍यूनतम वेतन 69,000 रुपये किए जाने की बात उठी थी।  4). सालाना इंक्रीमेंट 6 से 7 फीसदी हो  चेन्‍नई में एम्प्लॉई संघ ने एनुअल इंक्रीमेंट हाइक यानी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग उठाई. संगठन ने मौजूदा 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 फीसदी करने का सुझाव दिया. NC-JCM स्‍टाफ साइड यानी नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने भी इस विषय को ऑलरेडी पुश किया हुआ है. NC-JCM ने सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7% करने का प्रपोजल दिया है।  5). ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम बहाल हो   GPO पेंशनर्स फोरम ने पेंशन व्‍यवस्‍था में बड़े बदलाव की मांग रखी है. इनमें रीस्टोरिंग ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम यानी पुरानी पेंशन स्‍कीम को फिर से बहाल करने की मांग की है. इसके अलावा फैमिली पेंशन को बढ़ाने की भी मांग की है. पेंशन के अन्‍य स्ट्रक्चर्स पर भी बात हुई है।  6). भत्तों और सुविधाओं पर भी सुझाव  अपकमिंग फिटमेंट फैक्टर, डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस पर भी बात हुई. चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने अन्‍य मांगों के साथ-साथ कम्यूटेशन की रकम की वसूली में राहत, MACP फायदों में बदलाव, बेहतर भत्ते और छुट्टी के फायदे पर बात रखी. साथ ही सोशल सिक्‍योरिटी को और मजबूत करने वाल उपायों की मांग की।  7). महिला कर्मि‍यों और दिव्यांगों के लिए मांग पेंशनर फोरम के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ करियर की अन्‍य जरूरतों के बारे में भी बातें की और प्रोमोशन जैसे मसलों पर भी जोर दिया. डाक विभाग में महिला कर्मचारियों और दिव्यांगों से जुड़ी जरूरतों और मुद्दों पर भी संगठन ने आयोग के सामने पक्ष रखा।  आज पुडुचेरी में अहम मीटिंग  चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को मीटिंग खत्‍म होने के बाद केंद्रीय वेतन आयोग की टीम आज पुडुचेरी में मीटिंग करने वाली है. इस मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े अलग-अलग संगठनों के शामिल होने की संभावना है. मीटिंग में सैलरी, पेंशन, भत्तों, फिटमेंट फैक्‍टर, हेल्‍थ स्‍कीम समेत अन्‍य मुद्दों पर बात हो सकती है। 

अंतरिक्ष से बच्चों की क्लास लेती नजर आईं हांगकांग की पहली अंतरिक्ष यात्री, माइक्रोग्रैविटी में कराया पिंग-पोंग

हांगकांग हांगकांग की पहली अंतरिक्ष यात्री लाई का-यिंग ने बुधवार सुबह तियानगोंग स्पेस स्टेशन से 90 मिनट की लाइव क्लास लेते हुए स्कूल के बच्चों को जीरो ग्रेविटी वाली दुनिया का टूर कराया है. इस काम में उनके दो साथियों, कमांडर कर्नल झू यांगझू और झांग झियुआन ने भी मदद की है।  बच्चों को दिखाया स्लीपिंग एरिया करीब डेढ़ घंटे तक चली इस क्लास में लाई ने बच्चों को सबसे पहले अपना स्लीपिंग एरिया दिखाया, जो बच्चों की ड्रॉइंग्स, हांगकांग पुलिस के एंटी स्कैम मैस्कॉट और परिवार की तस्वीरों से सजा था. इस दौरान लाई ने बताया कि जब वो चीन के ऊपर से गुजरती हैं तो स्पेस स्टेशन की खिड़की से रात में हांगकांग के ग्रेटर बे एरिया की चमकती लाइटें ढूंढती हैं, क्योंकि वे बहुत चमकदार होती हैं।  पानी की बूंद से खेला पिंग-पोंग इस लाइव क्लास के दौरान लाई ने स्पेस स्टेशन के अंदर बने छोटे से सब्ज़ी के बगीचे के काम करने के तरीके के बारे में भी बताया, जबकि झू ने पौधों में पानी डालकर दिखाया और अंतरिक्ष में उगाए गए सलाद पत्ता को चखकर उसके स्वाद के बारे में भी बच्चों को बताया. इसके बाद लाई ने अपने साथियों संग मिलकर पानी से बनी पिंग-पोंग बॉल से टेबल टेनिस भी खेला. बच्चों ने हैरान होकर देखा कि वहां हवा में तैरती पानी की बूंदों से पिंग-पोंग खेला जाता है।  खाने में क्या-क्या खाते हैं एस्ट्रोनॉट? स्पेस में खाने के बारे में बताते हुए लाई ने कहा कि हम चावल, नूडल्स, ब्रेड, सब्जियां और मीट वाला संतुलित खाना खाते हैं. यहां छोटा केक बनाने की मशीन भी हैं, लेकिन उन्हें अपने फेवरेट हांगकांग-स्टाइल एग वफल की बहुत याद आती है।  इस क्लास का मकसद क्या था? साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में उड़ान भरने वाले इस क्रू का मकसद सिर्फ अंतरिक्ष की जिंदगी दिखाना नहीं है. यह टीम वहां जेब्राफिश, चूहों और आर्टिफिशियल भ्रूणों पर 100 से ज्यादा साइंटिफिक स्टडी कर रही है ताकि स्पेस में रिप्रोडक्शन को समझा जा सके. इसके साथ ही नए मटीरियल और स्पेस बैटरियों की टेस्टिंग भी हो रही है। 

19 सितंबर से रेलवे रूट पर बड़ा असर, 42 ट्रेनें रहेंगी कैंसिल; 25 के बदले जाएंगे रास्ते

पुणे पुणे से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. सेंट्रल रेलवे 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पुणे इलाके में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लॉक लेने जा रहा है. इस दौरान 42 ट्रेनें रद्द रहेंगी, 25 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को बीच के स्टेशनों से शुरू या खत्म किया जाएगा. इसका असर लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ पुणे की लोकल और डीईएमयू सेवाओं पर भी पड़ेगा।  रेलवे के मुताबिक, हडपसर और घोरपड़ी के बीच तीसरी रेल लाइन को चालू करने के लिए यह मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. इस दौरान पुणे और हडपसर यार्ड में इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और ओवरहेड इक्विपमेंट से जुड़े काम किए जाएंगे। काम के चलते कुछ रेल लाइनें उपलब्ध नहीं रहेंगी, इसलिए कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या रीशेड्यूल किया जाएगा। ये 42 ट्रेनें रहेंगी रद्द इस मेगा ब्लॉक के दौरान 42 ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर नहीं चलेंगी. इनमें 12169 पुणे-सोलापुर और 12170 सोलापुर-पुणे ट्रेनें 19 से 23 सितंबर और 3-4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी।  इसके अलावा 12116, 12115, 12114, 12113, 11041 और 11042 भी तय तारीखों पर रद्द रहेंगी. 4 अक्टूबर को 22105, 22106, 11007, 11008, 11029, 11030, 12127, 12128, 12157, 12158, 11423 और 11424 समेत कई ट्रेनें नहीं चलेंगी।  लोकल और DEMU पर भी असर मेगा ब्लॉक का असर पुणे-दौंड और पुणे-लोनावला के यात्रियों पर भी पड़ेगा. 71407 और 71408 पुणे-दौंड डीईएमयू 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. इसके अलावा 71411, 71412, 71404, 71405, 71401, 71402, 71413, 71419 और 71420 अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी. पुणे-लोनावला की 99812, 99818, 99813, 99820 और 99821 सबअर्बन सेवाएं 4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी. वहीं 71441 और 71442 अहमदनगर-बीड़ डीईएमयू 5 अक्टूबर को नहीं चलेंगी।  25 ट्रेनों का बदला जाएगा रूट मेगा ब्लॉक के दौरान 25 ट्रेनों को उनके सामान्य रास्ते के बजाय दूसरे रूट से चलाया जाएगा. 12221 पुणे-हावड़ा 19 सितंबर और 3 अक्टूबर को डायवर्ट रूट से चलेगी. वहीं 12222 हावड़ा-पुणे 3 अक्टूबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-कर्जत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी. 22159 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल 19 से 23 सितंबर और 4 अक्टूबर को कल्याण-इगतपुरी-मनमाड-दौंड रूट से चलेगी. 11028 सतारा-दादर 3 अक्टूबर को सतारा-जेजुरी-पुणे-लोणावला रूट से जाएगी. यह ट्रेन सतारा से रात 10.30 बजे रवाना होगी।  कई ट्रेनें रास्ते में होंगी टर्मिनेट कुछ ट्रेनों को उनके तय गंतव्य तक नहीं ले जाकर रास्ते के स्टेशनों पर ही टर्मिनेट किया जाएगा. इसी तरह कुछ ट्रेनें अपने सामान्य शुरुआती स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन से चलेंगी. 22944 इंदौर-दौंड 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खड़की में टर्मिनेट होगी, जबकि 22943 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खड़की से दोपहर 3.40 बजे चलेगी. 20495 जोधपुर-हडपसर तय तारीखों पर खड़की में खत्म होगी और 20496 खड़की से शाम 7.40 बजे रवाना होगी।  17014 काजीपेट-हडपसर कुछ तारीखों पर दौंड तक जाएगी, जबकि 3 अक्टूबर को इसका सफर कुर्डुवाडी तक सीमित रहेगा. इसकी वापसी ट्रेन 17013 4 अक्टूबर को कुर्डुवाडी से चलेगी।  इसके अलावा 12158, 11026, 22846, 22172 और 20162 जैसी कुछ ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर दौंड में ही खत्म होंगी. वहीं 12157, 11025, 22845 और 22171 दौंड से शुरू होंगी. इनमें 22845 के दौंड से चलने का समय सुबह 11.52 बजे और 22171 का शाम 4.15 बजे है।  कुछ अन्य सेवाएं भी अपने सामान्य स्टेशन की जगह बदले हुए स्टेशन से शुरू होंगी. इनमें 12939 खड़की से शाम 5.35 बजे, 12493 खड़की से सुबह 11.10 बजे, 11425 जेजुरी से, 20674 सतारा से और 99814 व 99824 शिवाजीनगर से शुरू होने वाली सेवाएं शामिल हैं।  यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस करें चेक अगर आप पुणे, हडपसर, दौंड, लोणावला या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले हैं, तो इस दौरान स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें. सिर्फ ट्रेन नंबर देखकर स्टेशन के लिए न निकलें, क्योंकि आपकी ट्रेन रद्द हो सकती है, उसका रूट बदला हो सकता है या वह किसी दूसरे स्टेशन से चल सकती है. रेलवे ने यात्रियों से Indian Railway Enquiry Portal या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन का लेटेस्ट रनिंग स्टेटस और बदली हुई टाइमिंग चेक करने की सलाह दी है। 

सुबह-सुबह कांग्रेस के दिग्गज नेता पर ED की कार्रवाई, कई ठिकानों पर रेड; सांसद बेटी भी रडार पर

बेंगलुरु  कर्नाटक में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबियों के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक ED ने जारकीहोली के साथ-साथ उनकी बेटी और सांसद प्रियंका जारकीहोली और उनके साले मंजूनाथ के ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। मामला बेलगावी में कई बार को अवैध रूप से लाइसेंस देने का है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच छापेमारी शुरू की। बेंगलुरु शहर के 5 मुख्य ठिकानों के अलावा बेलगावी और महाराष्ट्र में स्थित मंत्री और उनके साले मंजूनाथ के घर और दफ्तरों की भी तलाशी ली जा रही है। अधिकारी परिसरों में मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति के कागजातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। क्या हैं आरोप? मामला आबकारी विभाग में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि सतीश जारकीहोली ने अपने मंत्री पद के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लगभग 18 बार को नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से लाइसेंस दिलाए। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन बार से हासिल हुई काली कमाई को अवैध रूप से विदेशों में निवेश किया गया। शुरुआती जांच में 3 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध के हेरफेर की बात भी सामने आई है। अब ईडी इस फंड ट्रांसफर के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने के लिए कागजातों को खंगाल रही है। साले पर हुआ था एक्शन इससे पहले बीते जनवरी महीने में ED ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त वाई मंजूनाथ के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की थी। मंजूनाथ जारकीहोली के साले हैं। ED ने तब मंजूनाथ से जुड़े कम से कम छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ED ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे। अधिकारियों को मंजूनाथ के घर से नकदी मिलने की भी जानकारी सामने आई थी। ED की शुरुआती जांच में आरोप था कि सरकारी पद पर रहते वाई मंजूनाथ ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाई। जांच एजेंसी को संदेह था कि उन्होंने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है। उन पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने बेलगावी, बेंगलुरु, मैसूर, दावणगेरे और बल्लारी समेत कई शहरों में बेनामी नामों से बार और शराब कारोबार में निवेश किया। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने के बाद ED अधिकारियों ने वाई मंजूनाथ को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था।

दिवाली-छठ पर यात्रियों को बड़ी राहत, रेलवे ने चलाईं स्पेशल ट्रेनें; जानें रूट, टाइमिंग और पूरा शेड्यूल

   नई दिल्‍ली दिवाली और छठ पर घर जाने वाले लोगों के लिए पश्चिमी रेलवे की ओर से स्‍पेशल ट्रेनों के चलाने का फैसला लिया गया है. मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद और इंदौर के बीच चलने वाली तीन जोड़ी यानी कुल छह स्‍पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ा दी गई है।  भारतीय रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों का संचालन 25 से 30 नवंबर 2026 तक अलग-अलग तय तारीखों पर जारी रहेगा. इससे मुंबई से गुजरात और मध्य प्रदेश की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को त्योहारों के बाद भी अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा।  कौन-कौन सी स्‍पेशल ट्रेनों का ऐलान      ट्रेन नंबर 09087 (मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद): यह स्पेशल ट्रेन हर बुधवार को चलाई जाएगी और इसका संचालन 25 नवंबर 2026 तक बढ़ाया गया है.      ट्रेन नंबर 09088 (अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल): वापसी दिशा में यह ट्रेन हर गुरुवार को चलाई जाएगी और इसका संचालन 26 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा.     ट्रेन नंबर 09079 (मुंबई सेंट्रल-इंदौर): यह ट्रेन रविवार और मंगलवार को जारी रहेगी. इसका संचालन 29 नवंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है.      ट्रेन नंबर 09080 (इंदौर-मुंबई सेंट्रल): यह ट्रेन सोमवार और बुधवार चलाई जाएगी और यह सेवा 30 नवंबर 2026 तक यात्रियों के लिए उपलब्‍ध रहेगी.      ट्रेन नंबर 09085 (मुंबई सेंट्रल-इंदौर): यह ट्रेन सोमवार और शुक्रवार को चलाई जाएगी और 27 नवंबर 2026 तक संचालित रहेगी.     ट्रेन नंबर 09086 (इंदौर-मुंबई सेंट्रल): यह ट्रेन मंगलवार और शनिवार को चलाई जाएगी और इसका संचालन 28 नवंबर 2026 तक बढ़ाया गया है.  बुकिंग कब से होगी शुरू?  दिवाली और छठ के लिए सभी स्‍पेशल ट्रेनों की बुकिंग शुरू की जा चुकी है. अगर आप भी स्‍पेशल ट्रेनों का यूज करते हुए दिवाली और छठ पर घर जाना चाहते हैं तो तुरंत बुक‍िंग कर लेनी चाहिए. यह बुकिंग आप अपने मोबाइल ऐप या IRCTC की वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं।  . गौरतलब है कि हर साल त्‍योहारों के सीजन में भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे स्‍पेशल ट्रेनों का ऐलान करती है. खासकर बिहार और यूपी के लिए ज्‍यादातर स्‍पेशल ट्रेनें चलाई जाती है, क्‍योंकि दिल्‍ली या अन्‍य जगहों से इसी रूट पर ज्‍यादा भीड़ रहती है. इस बार भी रेलवे बहुत सी स्‍पेशल ट्रेनों को चला रहा है।  

अफगानिस्तान की धरती से निकला कृष्ण-बलराम का प्राचीन प्रमाण, खुदाई में मिले 2000 साल पुराने सिक्कों की कहानी

काबुल  अगर आपसे कहें कि भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की सबसे प्राचीन छवियों में से एक भारत के किसी मंदिर में नहीं, बल्कि हजारों मील दूर अफगानिस्तान की वादियों में, एक विदेशी ग्रीक (यूनानी) राजा के सिक्कों पर मिली है तो क्या आप यकीन करेंगे? सुनने में यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन यह इतिहास की वो जीती-जागती हकीकत है जिसने पूरी दुनिया के इतिहासकारों और पुरातत्वविदों को हैरान कर दिया है. आज हम आपको ले चलते हैं 2200 साल पीछे के उस दौर में, जहां ग्रीक और भारतीय संस्कृति का ऐसा मिलन हुआ, जिसकी गवाही आज भी चांदी के ये दुर्लभ सिक्के दे रहे हैं।  ऐ-खानम की खुदाई में वो रहस्यमयी सिक्का बात 180 ईसा पूर्व के आसपास की है. मध्य एशिया का बैक्ट्रिया (जो आज का अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान का इलाका है), पूरब और पश्चिम के व्यापार और विचारों का सबसे बड़ा चौराहा हुआ करता था. वहां राज करता था एक यूनानी-बैक्ट्रियन राजा अगाथोक्लीज (King Agathocles) . अफगानिस्तान के ऐ-खानम में जब पुरातत्वविदों ने खुदाई की, तो जमीन के सीने से चांदी के चौकोर सिक्के निकले. जब इतिहासकारों ने इन सिक्कों को साफ करके गौर से देखा, तो उनके होश उड़ गए।  एक तरफ हलधर बलराम: सिक्के के एक पहलू पर एक दिव्य आकृति उकेरी गई थी, जिसके बाएं हाथ में हल और दाएं हाथ में मूसल था. ये कोई और नहीं, बल्कि हमारे हलधर बलराम थे।  दूसरी तरफ चक्रधारी कृष्ण: सिक्के को पलटते ही नजर आए छह तीलियों वाले सुदर्शन चक्र को थामे स्वयं भगवान वासुदेव कृष्ण।  देवी सुभद्रा की भी मौजूदगी: इतना ही नहीं, कुछ सिक्कों पर उनकी बहन देवी सुभद्रा का भी अंकन मिला यानी वही पावन त्रिमूर्ति जिसे आज हम पुरी के जगन्नाथ धाम में पूजते हैं।  यूनानी राजा की भक्ति राजा अगाथोक्लीज ने इन सिक्कों पर जो कारीगरी करवाई थी, वो उस दौर के सांस्कृतिक तालमेल की सबसे खूबसूरत मिसाल है. सिक्के के एक तरफ ग्रीक भाषा थी, तो दूसरी तरफ आम भारतीय जनमानस की भाषा यानी ब्राह्मी लिपि में प्राकृत. कहीं-कहीं खरोष्ठी लिपि का भी इस्तेमाल हुआ।  भगवान के वस्त्र और मुद्राएं विशुद्ध भारतीय थीं, जबकि उनके सिर का मुकुट और जूते यूनानी प्रभाव दर्शा रहे थे. जरा सोचिए, एक विदेशी शासक अपने राज्य में वैधता और जनता का दिल जीतने के लिए भारतीय देवताओं की शरण में जा रहा था।    कश्मीर से लेकर विदिशा तक जुड़ती कड़ियां यह कोई इकलौता वाकया नहीं था. इतिहास के पन्ने पलटें तो कई ऐसे सबूत मिलते हैं जो बताते हैं कि कृष्ण-बलराम की भक्ति उस दौर में सीमाओं के पार फैल चुकी थी. प्राचीन व्यापार मार्ग पर स्थित चिलास (कश्मीर) में पत्थरों पर उकेरे गए विशाल चित्र मिले हैं, जहां कुषाण शैली के चोगे पहने दो पुरुष हल और चक्र थामे नजर आते हैं. साथ में खरोष्ठी लिपि में उनके नाम दर्ज हैं।    विदिशा का गरुड़ स्तंभ (मध्य प्रदेश): शुंग काल में आए यूनानी राजदूत हेलियोडोरस ने विदिशा में एक विशाल स्तंभ बनवाया और खुद को गर्व से 'परम भागवत' (वासुदेव कृष्ण का अनन्य भक्त) घोषित किया।  मेगस्थनीज की डायरी: यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने भी अपनी किताब 'इंडिका' में लिखा था कि शूरसेन (मथुरा) के लोग जिस देवता की पूजा करते हैं, वे यूनान के 'हेराक्लीज' जैसे पराक्रमी हैं जो सीधे तौर पर भगवान कृष्ण का ही संदर्भ था। 

डॉलर को चुनौती दे रहा BRICS, 90% व्यापार अब सदस्य देशों की अपनी करेंसी में; क्या बदल रही है ग्लोबल इकॉनमी?

 नई दिल्ली रूस ने BRICS में भारत की अध्यक्षता और उसके दौरान हुए नतीजों की तारीफ की है. रूस के राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस BRICS सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है. उन्होंने बताया कि BRICS देशों के साथ रूस के 90 फीसदी भुगतान नेशनल करेंसी यानी संबंधित देशों की अपनी मुद्रा में हो रहे हैं।  पेस्कोव ने कहा कि इसका मकसद डीडॉलराइजेशन नहीं है, बल्कि भुगतान के तरीकों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देश अपनी नेशनल करेंसी का इस्तेमाल विदेश नीति के एक टूल के तौर पर कर रहे हैं।  BRICS में बढ़ रहा सहयोग पेस्कोव ने कहा कि BRICS में सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों में काम हो रहा है, जिनमें मानवीय सहयोग और आर्थिक सहयोग शामिल हैं. उन्होंने कहा कि रूस BRICS की सदस्यता का विस्तार करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।  इसके साथ ही BRICS सुरक्षा के मोर्चे पर भी सहयोग का मैकेनिज्म विकसित कर रहा है. इसमें ड्रग्स और नशीले पदार्थों से निपटने के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग शामिल है. BRICS देशों के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है।  भारत को बताया रणनीतिक साझेदार भारत को लेकर पेस्कोव ने कहा कि भारत रूस का रणनीतिक साझेदार है और दोनों देश अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के साथ भी ज्यादातर भुगतान नेशनल करेंसी में किए जा रहे हैं।  यूक्रेन जंग को लेकर पेस्कोव ने कहा कि रूस इसे रोकने की कोशिश कर रहा है और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में है. उन्होंने 2014 की घटनाओं का जिक्र करते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और दूसरे यूरोपीय देशों पर रूस को हटाने के लिए तख्तापलट की साजिश का आरोप लगाया।  पेस्कोव ने कहा कि रूस शांति के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करता है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जंग खत्म कराने की कोशिशों का भी स्वागत किया. हालांकि, पेस्कोव ने आरोप लगाया कि कुछ यूरोपीय देश यूक्रेन को रूस की रणनीतिक हार के लिए उकसा रहे हैं. उन्होंने कहा कि रूस ऐसा होने नहीं देगा। 

8th Pay Commission पर बड़ा सवाल, पुराने पेंशनर्स को फिटमेंट फैक्टर का फायदा मिलेगा या नहीं? PM मोदी को पत्र

नई दिल्ली आठवें वेतन आयोग के लागू होने का केंद्रीय सरकारी कर्मचारी जितनी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उतना ही इंतजार देशभर के पेंशनर्स को भी है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हुए 10 महीने से ज्‍यादा समय हो गया है और आयोग इस बीच काफी सारी एक्‍सरसाइज कर चुका है. फिलहाल देश के अलग-अलग शहरों में आयोग की बैठकों का दौर जारी है।  इस बीच पेंशनर्स के एक संघ रिटायर्ड एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (Retired Employees Welfare Association) ने 8th Pay Commission के ToR यानी टर्म ऑफ रेफरेंस के एक बिंदु पर आशंका जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र (Letter to PM Modi) लिखा है।  क्‍या पुराने पेंशनर्स को नहीं मिलेगा फिटमेंट फैक्‍टर का लाभ? रिटायर्ड एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (Retired Employees Welfare Association) ने मंगलवार, 7 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजा है. संघ को आशंका है कि OPS यानी ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम के तहत आने वाले पुराने पेंशनर्स को फिटमेंट फैक्‍टर का लाभ नहीं मिलेगा. एसोसिएशन ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के Terms of Reference में संशोधन की मांग की है. संगठन के अनुसार , करीब 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उन्हें पेंशन संशोधन का लाभ मिलेगा या नहीं।  8th CPC के ToR में किस बात को लेकर है आपत्ति?  संघ की आपत्ति 8वें वेतन आयोग के ToR के प्वाइंट 2(e) की भाषा को लेकर है. उनका कहना है कि मौजूदा ToR में पेंशन, NPS और UPS का उल्लेख है, लेकिन पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की पेंशन रिवीजन को स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है।  एसोसिएशन का कहना है कि 7वें वेतन आयोग के ToR में 'revision of pre-retirement pension' का स्पष्ट उल्लेख था. संगठन ने छठे और 5वें वेतन आयोग के ToR में भी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का स्पष्ट उल्लेख होने का दावा किया है।  वित्त मंत्री और वित्त सचिव को भी भेजा पत्र  एसोसिएशन ने वित्त मंत्री और वित्त सचिव को पहले पत्र भेजे जाने की बात कही है. संगठन के मुताबिक, अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है।  एसोसिएशन ने मांग की है कि ToR में स्पष्ट रूप से जोड़ा जाए कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सभी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की पेंशन/फैमिली पेंशन के संशोधन पर भी सिफारिश का लाभ देगा।  जब तक औपचारिक संशोधन नहीं होता, तब तक सरकार से प्रेस रिलीज या आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की गई है. संगठन ने ये पत्र प्रधानमंत्री के अलावा वित्त मंत्री, वित्त सचिव और DoPPW के सचिव को भी भेजा है।  पेंशन को लेकर डरने की जरूरत नहीं, यहां दूर करें कन्‍फ्यूजन    इस मसले पर कुछ जानकारों से बात की और मसले को समझने का प्रयास किया कि क्‍या वाकई ये डर वाजिब है. अगर हां तो सरकार या आयोग आगे क्‍या कर सकता है. 8वें वेतन आयोग के गजट नोटिफिकेशन में ToR में प्वाइंट 2(e) की भाषा को लेकर संघ शंका में है. रिटायर्ड एम्‍प्‍लॉयीज वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव साधु सिंह से बात करने की कोशिश की, जो खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई है. फिर हमने दूसरे एक्‍सपर्ट्स से समझने की कोशिश की।  ऐसे मामलों के एक एक्‍सपर्ट ने समझाया कि आपत्ति क्‍यों है… उन्‍होंने कहा, ' 2(e) में लिखा है- Review the structure of Death-cum-Retirement Gratuity and Pension including NPS/UPS and outside NPS for the employees… यानी प्रावधान में पेंशन, ग्रेच्युटी, NPS/UPS और NPS के बाहर के कर्मचारियों का उल्लेख है, लेकिन एसोसिएशन का तर्क है कि इसमें 'existing pensioners' यानी मौजूदा पेंशनर्स, pre-2026 retirees यानी 2026 से पहले रिटायर होने वाले कर्मी, 'family pensioners' या 'revision of pre-retirement pension' जैसी स्पष्ट भाषा नहीं है. इसी को लेकर को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री से ToR संशोधन की मांग की है।  8वें वेतन आयोग के ToR को लेकर NDTV ने AINPSF के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल से समझना चाहा. उन्‍होंने इसी ToR में 2(f) के तीसरे प्‍वाइंट का जिक्र किया, जिसमें लिखा है- The Unfunded cost of non-Contributory Pension Schemes…'.  डॉ पटेल ने समझाया कि Unfunded Non Contributed के अंदर बिना कंट्रीब्‍यूशन वाले पेंशनर्स यानी NPS/UPS के अलावा वाले पुराने पेंशनर्स भी आ जाते हैं. दूसरी बात कि अगर 2(e) में पुराने पेंशनर्स का जिक्र नहीं है तो पुराने वर्किंग एम्‍प्‍लॉईज का भी अलग से जिक्र नहीं है. तो इसका मतलब ये न समझा जाए कि वे भी फिटमेंट फैक्‍टर के लाभ के दायरे में नहीं आएंगे। 

इजरायल चुनाव में नेतन्याहू पिछड़े, गादी आइजनकोट की याशार पार्टी को बढ़त; सर्वे में 25 सीटें

तेल अवीव इजरायल में आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए सर्वे के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. सोमवार को जारी एक ओपिनियन पोल के मुताबिक, अगर आज चुनाव होते हैं तो पूर्व इजरायली सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की याशार पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. सर्वे में नेतन्याहू की जीत-हार को लेकर भी बड़े दावे सामने आ रहे हैं।  सर्वे में याशार को 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 21 सीटों पर सिमटती दिख रही है. यह सर्वे इजरायल के मार्केट रिसर्च और पब्लिक ओपिनियन पोलिंग संस्थान मिडगैम ने चैनल 12 के लिए किया है. पिछले सर्वे के मुकाबले याशार को एक सीट का फायदा हुआ है, जबकि लिकुड की दो सीटें कम हुई हैं. इजरायल की संसद यानी नेसेट में कुल 120 सीटें हैं।  विपक्षी गठबंधन को बहुमत से ज्यादा सीटों का अनुमान सर्वे के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की टुगेदर पार्टी को 13 सीटें मिलने का अनुमान है. हालांकि, यह उसके हालिया सर्वे में सबसे कम आंकड़ा है और पिछली बार के मुकाबले पार्टी को दो सीटों का नुकसान हुआ है।  यायर गोलान की अगुवाई वाली डेमोक्रेट्स पार्टी 11 सीटों पर बनी हुई है. वहीं एविगडोर लिबरमैन की यिसराइल बेतेनु पार्टी को 8 सीटें मिलने का अनुमान है. यूनाइटेड टोरा यहूदी धर्म पार्टी को भी 8 और आर्येह डेरी की शास पार्टी को 7 सीटें मिल सकती हैं।  बेजलेल स्मोट्रिच और मोशे फेइग्लिन की अगुवाई वाले राइट-विंग धार्मिक जियोनिज्म और जेहुत गठबंधन को 6 सीटें मिलने का अनुमान है. ओफर विंटर की अमचा यिसराइल को 4 सीटें मिल सकती हैं।  इजरायल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अरब पार्टियों में जॉइंट लिस्ट को 7 और मंसूर अब्बास की यूनाइटेड अरब लिस्ट को 4 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं बेनी गैंट्ज की ब्लू एंड व्हाइट और अवी माओज की नोआम यिसराइल समेत कई पार्टियां 3.25 फीसदी के चुनावी थ्रेशोल्ड को पार करती नहीं दिख रही हैं।  पीएम पद की पसंद में भी आइजनकोट आगे राजनीतिक गुटों की बात करें तो विपक्षी खेमे को कुल 68 सीटें मिलने का अनुमान है. इनमें 57 सीटें यहूदी पार्टियों और 11 सीटें अरब पार्टियों की हैं. नेतन्याहू के खेमे को 52 सीटें मिलने का अनुमान है. स्मोट्रिच और विंटर की पार्टियों के चुनावी थ्रेशोल्ड पार करने से नेतन्याहू के खेमे को दो सीटों का फायदा हुआ है।  इजरायल में सरकार बनाने के लिए 120 सदस्यीय नेसेट में कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है. ऐसे में मौजूदा सर्वे के आंकड़े विपक्ष को बढ़त देते हैं, लेकिन सरकार बनाने के लिए गठबंधन की तस्वीर अहम होगी प्रधानमंत्री पद के लिए भी नेतन्याहू पिछड़ते दिख रहे हैं. सर्वे में 42 फीसदी लोगों ने गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद के लिए ज्यादा उपयुक्त बताया, जबकि नेतन्याहू के पक्ष में 35 फीसदी लोग रहे. यानी आइजनकोट को नेतन्याहू पर 7 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली।  यह सर्वे ऐसे समय आया है जब 27 अक्टूबर के आम चुनाव के लिए पार्टियों ने अपनी उम्मीदवार सूची जमा कर दी है. आइजनकोट ने बेनेट की पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया है. वहीं ओफर विंटर ने भी स्मोट्रिच की पार्टी के साथ जाने के बजाय अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।