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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले ने बढ़ाया प्रदेश का मान, कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना  उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को मिला राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई रायपुर,  कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों और किसानों की उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को  ‘Certificate of Excellence’ से सम्मानित किया गया है।            इस गौरवशाली उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  "दंतेवाड़ा जिले को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीम, कृषि विभाग और हमारे मेहनतकश किसानों ने जिस लगन से कृषि विकास, फसल विविधीकरण और आजीविका संवर्धन के लिए कार्य किया है, उसी का परिणाम यह राष्ट्रीय मान्यता है। राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"   कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व को मिली पहचान     कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिले में कृषि विकास और किसान कल्याण से जुड़े प्रयासों को लगातार गति दी जा रही है। यह सम्मान कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की प्रगति सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है। योजना का उद्देश्य और महत्व       प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और किसानों को बेहतर कृषि संसाधन उपलब्ध कराना है। जनजातीय बहुल दंतेवाड़ा जिले के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, जो ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार साबित होगी।                देश के 100 आकांक्षी (कमजोर या पिछड़े) कृषि जिलों में खेती की स्थिति में सुधार लाना, उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।  जिलों की पहचान कम उत्पादकता, कम फसल सघनता (क्रॉप इंटेंसिटी) और कमजोर कृषि ऋण (केसीसी) वितरण प्रणाली के आधार पर की गई है। हर खेत तक सिंचाई पहुंचाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण (वेयरहाउस) क्षमता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और आसान एवं सस्ता ऋण उपलब्ध कराना है।      यह सम्मान कृषि विभाग के अधिकारियों, मैदानी अमले और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना है, जो कृषि को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के संकल्प को और मजबूत करता है।

छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, तैयारियों को लेकर लोकभवन में अधिकारियों ने की चर्चा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों  के संबंध में लोकभवन में बैठक आयोजित रायपुर राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू के 22 एवं 23 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर  आवश्यक तैयारियों के संबंध में आज लोकभवन में बैठक आयोजित की गई। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान लोकभवन में की जाने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।        बैठक में लोकभवन परिसर में बैठक व्यवस्था, पार्किंग, बिजली और इंटरनेट की निर्बाध उपलब्धता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों और प्रोटोकॉल के तहत वाहनों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।        बैठक में जनसंपर्क विभाग के संचालक आशीष कुमार टिकरिहा, रायपुर के पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम रायपुर, सामान्य प्रशासन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

किसान फागूराम की नई पहल, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बढ़ी कमाई; पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने की मिसाल

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फागूराम ने अपनाई ग्राफ्टेड बैंगन की खेती, मुनाफे में हुई 20 हजार रुपये की बढ़ोतरी उद्यानिकी विभाग के सहयोग और आधुनिक कृषि तकनीक से बदली खेती की तस्वीर, 0.400 हेक्टेयर में 120 क्विंटल बैंगन का उत्पादन धान से 35 हजार तो ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से कमाए 55 हजार रुपये, अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा रायपुर,  खेती में नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम परसाही निवासी कृषक फागूराम पटेल ने भी पारंपरिक धान की खेती के साथ ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने में सफलता हासिल की है। उद्यानिकी विभाग के सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन का उत्पादन कर 55 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो धान की खेती से प्राप्त लाभ की तुलना में 20 हजार रुपये अधिक है। धान की खेती से आगे बढ़कर अपनाई आधुनिक उद्यानिकी फागूराम पटेल पहले मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। खेती से बेहतर आमदनी प्राप्त करने और उपलब्ध भूमि का अधिक लाभकारी उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों से ग्राफ्टेड बैंगन एवं अन्य सब्जियों की खेती के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने आधुनिक उद्यानिकी तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। शासकीय योजना के तहत मिले सहयोग और विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें फसल प्रबंधन, उन्नत खेती की पद्धतियों तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिली। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की और बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आमदनी अर्जित की। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बढ़ा उत्पादन और मुनाफा फागूराम पटेल बताते हैं कि पहले धान की खेती से उन्हें लगभग 20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था, जिसकी बिक्री से 62 हजार रुपये की आय होती थी। इसमें बीज, खाद, श्रमिक एवं अन्य कृषि कार्यों पर लगभग 27 हजार रुपये खर्च होते थे। इस प्रकार धान की खेती से उन्हें लगभग 35 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त होता था। वहीं, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाने के बाद उन्हें 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 120 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। बैंगन की बिक्री से उन्होंने 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि अर्जित की। इस खेती में लगभग 65 हजार रुपये की लागत आई। सभी खर्चों को घटाने के बाद उन्हें 55 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस प्रकार धान की तुलना में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उनके मुनाफे में 20 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई। तकनीकी मार्गदर्शन और मेहनत से खेती बनी अधिक लाभकारी फागूराम पटेल की सफलता में उद्यानिकी विभाग का तकनीकी मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। विभागीय सहयोग से उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी प्राप्त की। इन तकनीकों को अपनाकर वे पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से मिली सफलता ने फागूराम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर आसपास के अन्य किसान भी धान की पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। फागूराम पटेल की सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ, आधुनिक कृषि तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फसल विविधीकरण के माध्यम से किसान उपलब्ध कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल कामकाज और आई-गाट प्रशिक्षण को बढ़ावा, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को मिला सम्मान

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति, आई-गाट प्रशिक्षण कोर्स में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को किया सम्मानित रायपुर  मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस, समयबद्ध उपस्थिति और आई-गाट में प्रशिक्षण कोर्स में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने सम्मान प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।            विकासशील ने कहा की मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारी समय पर अपनी उपस्थित दर्ज कर रहे है। मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय में 10 बजे से पूर्व आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य सचिव ने मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को सितम्बर माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।              विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग द्वितीय तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग तृतीय स्थान पर रहा।          संयुक्त सचिव श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अनुपम त्रिवेदी द्वितीय तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिदानंद आलोक तृतीय स्थान पर रहे। उप सचिव श्रेणी में चिकित्सा शि़क्षा विभाग की श्रीमती लवीना पाण्डे प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के दूरदेशी राम सोन्टापर तृतीय स्थान पर रहे।         अवर सचिव श्रेणी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूरन लाल साहू प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के भूपेन्द्र सिंह राजपूत द्वितीय, गृृह विभाग के सोनचंद साहू तृतीय स्थान पर रहे। अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विरेन्द्र कुमार प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की श्रीमती पी.दुर्गा द्वितीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के शिवकुमार गोड़ तृतीय स्थान पर रहे।           सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की श्रीमती वर्षा रानी अग्रवाल प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के बेरनाथ कूजूर द्वितीय, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सुप्रिया बागड़े तृतीय स्थान पर रही। वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के धनेश्वर पटेल प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सलीम शैलेन्द्र टोप्पो द्वितीय, चिकित्सा शिक्षा विभाग की श्रीमती ललीता राय तृतीय स्थान पर रही।          कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सुप्रतिक्षा खलखो प्रथम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अजय राठिया द्वितीय स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभु सिंह राठिया तृतीय स्थान पर रहे।  टेक्निकल सेक्शन में चिकित्सा शिक्षा विभाग के राम नरेश पाल प्रथम स्थान पर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के ऋषिकेश मिर्चे द्वितीय स्थान पर तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सुतृप्ति शर्मा तृतीय स्थान पर रही।           समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए टॉप-10 में जिन अधिकारियों को सम्मानित किया  गया है उनमें सहायक अनुभाग अधिकारी शिवचरण राठौर, भृत्य सेठलाल यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी मीरा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुगामीनी वर्मा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अवर सचिव भूपेन्द्र सिंह राजपूत, अनुभाग अधिकारी मंजूषा राजपूत, सहायक अनुभाग अधिकारी दीपक श्रीवास, अनुभाग अधिकारी शिवकुमार गोड़, आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव भूपेन्द्र कुमार राजपूत, अनुभाग अधिकारी महेश कुमार तिवारी है।             आई-गाट कर्मयोगी में प्रशिक्षण प्राप्त करने में उत्कृष्ट कार्य के लिए इस माह वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की प्रथम स्थान पर सुमंजूषा मिश्रा ने 255 कोर्स, द्वितीय स्थान पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विरेन्द्र धु्रव ने 235 कोर्स किए है। इसी तरह से पशुपालन विभाग के संतोष क्षत्रिय तृतीय स्थान पर रहे। इन्होंने आई-गाट 136 प्रशिक्षण कोर्स किए है। ई-ऑफिस में विभिन्न जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कबीरधाम जिला कार्यालय के अधीक्षक राजेन्द्र सिंह धु्रर्वे, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा, अपर कलेक्टर सुनिशा नेताम मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर रामरतन प्रसाद दुबे को सम्मानित किया।              विभागाध्यक्ष कार्यालय में ई-ऑफिस व्यक्तिगत रूप से उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रथम स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त सुरीता यादव, द्वितीय स्थान पर लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बेनीराम साहू, तृतीय स्थान पर वाणिज्यकर विभाग के तेजराम बढ़ई, चौथे स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक जॉन तिग्गा, पांचवे स्थान पर नगरीय प्रशासन विभाग की सुसौमित्रा प्रधान को सम्मानित किया गया।

झीरम घाटी में दर्दनाक हादसा, पिकअप पलटने से एक की मौत, 16 लोग घायल

तोंगपाल/जगदलपुर. नेशनल हाइवे 30 पर करीब 9 बजे मजदूरों से भरा एक पिकअप झीरम घाटी रास्ते में बेकाबू हो कर पलट गया. इस हादसे में 1 मजदूर की मौत हो गई और 16 घायल हो गए. इस हादसे की जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ 227 बटालियन के जवानों ने घायलों को तोंगपाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां घायलों की स्थिति को देखते हुए दो लोगों को डिमरापाल रेफर किया गया, एवं अन्य लोगों का उपचार किया गया, दरभा पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को उठाकर, थाना पहुंचाया. पीएचसी तोंगपाल अस्पताल में मृतक के शव को लेकर परिजनों के साथ अग्रिम कार्रवाई की गई. जानकारी के मुताबिक घटना में घायल हुए 16 लोग, उड़ीसा क्षेत्र के लेबर कार्य करने वाले बताए गए, सभी लोग ठेकेदार के बुलाने पर कूकानार इलाके में ढलाई करने पिकप पर सवार हो निकले थे. कुछ घायलों ने बताया पिकअप वाहन का चालक वाहन को तेज गति से और लापरवाही पूर्वक चलाने से मोड़ के पास गढ्ढे को बचाने के चलते हादसा हुआ. चालक ने ब्रेक नहीं लगने से हादसा होना बताया. पीएचसी तोंगपाल में पोस्टमार्टम हेतु व्यवस्था न हो पाने के कारण शव दरभा अस्पताल जाने वाहन बुकिंग कर वाना पड़ा. पोस्टमार्टम पश्चात शव को परिजनों को सौंप दिया.

रायपुर: लोकभवन में राज्यपाल से मिले अनिल कुमार गढ़ेवाल, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गेड़ी नृत्य कला को लेकर मुलाकात

राज्यपाल से गेड़ी नर्तक अनिल गढ़ेवाल ने की भेंट रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गेड़ी लोक नर्तक एवं लोक श्रृंगार भारती, बिलासपुर के संचालक अनिल कुमार गढ़ेवाल ने अपने सहयोगी लक्ष्मी नारायण मांडले के साथ सौजन्य भेंट की।            उल्लेखनीय  है की गढ़ेवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह तथा 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में गेड़ी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी थी। इन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन कर दल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया।           राज्यपाल डेका ने गढ़ेवाल एवं उनकी टीम के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं। ऐसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।          राज्यपाल ने गढ़ेवाल एवं उनके सहयोगियों को लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने तथा भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ में श्रमिक परिवार की बेटी आकांक्षा को मिली नई राह, नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना बनी मददगार

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी श्रमिक परिवार की बेटी आकांक्षा के सपनों को मिले नए पंख, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना बनी सहारा निर्माण श्रमिक की बेटी को मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, उच्च शिक्षा की राह होगी आसान आकांक्षा बोलीं- आगे की पढ़ाई में करूंगी सहायता राशि का उपयोग, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार रायपुर,  आर्थिक परिस्थितियां अब श्रमिक परिवारों की बेटियों के सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनें, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना बेटियों को शिक्षा जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम बनारी निवासी निर्माण श्रमिक श्रीमती कुमारी बाई यादव की पुत्री कुमारी आकांक्षा यादव के लिए भी यह योजना आगे की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद लेकर आई है। योजना के तहत आकांक्षा को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। श्रमिक परिवार की बेटी की उच्च शिक्षा को मिला आर्थिक संबल निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करना कई बार आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना आकांक्षा जैसी बेटियों के लिए मददगार साबित हो रही है। योजना से प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि आकांक्षा को अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्रदान करेगी। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों को मिलती है 20 हजार रुपये की सहायता मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो अविवाहित पुत्रियों को 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच तथा कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होने पर 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्माण श्रमिक का पंजीयन कम से कम तीन वर्ष पुराना होना आवश्यक है। आगे की पढ़ाई में करूंगी सहायता राशि का उपयोग : आकांक्षा योजना का लाभ मिलने पर कुमारी आकांक्षा यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग वह अपनी आगे की पढ़ाई में करेंगी। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। आकांक्षा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा श्रमिक परिवारों के कल्याण और उनकी बेटियों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आकांक्षा यादव की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक संबल श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के नगरनार स्टील प्लांट परिसर में आग से हड़कंप, घटना की जांच जारी

जगदलपुर. नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट के भीतर आग लगने की एक और घटना सामने आई है. इस बार प्लांट परिसर में टीआरएल कंपनी के स्टोर में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया. राहत की बात यह रही कि आग पर नियंत्रण कर लिया गया, लेकिन घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर अब तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं प्लांट प्रबंधन ने घटना को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि स्टल प्लांट परिसर के भीतर आग लगने की सूचना से कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति निर्मित हो गई. आग किस वजह से लगी, स्टोर में किस तरह की सामग्री रखी हुई थी और आग से कितना नुकसान हुआ है, इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं. आग बुझाने के लिए फायर फाइटर को मौके पर पहुंचना पड़ा, उनके प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया. घटना को लेकर प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. प्रबंधन के टिप्पणी करने से इनकार के कारण आग लगने की वजह, नुकसान की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है या नहीं. औद्योगिक इकाई के भीतर आग लगने की घटनाओं में समय पर आग पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके कारणों का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रबंधन घटना को लेकर कब तक आधिकारिक जानकारी देता है, और आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा कब होता है. नगरनार स्टील प्लांट में इससे पहले भी आग लगने की घटना सामने आ चुकी है. ऐसे में एक बार फिर प्लांट परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पिछली और वर्तमान घटना के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बीच आग लगने के कारणों की जांच और औद्योगिक सुरक्षा उपायों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.

CG Teacher Recruitment 2026: दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी अभ्यर्थियों के लिए भर्ती विज्ञापन में संशोधन

सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का अवसर उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया शुद्धि पत्र दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 सहित कुल 2292 पदों के लिए जारी है भर्ती प्रक्रिया रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में शुद्धि पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) तथा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।            लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, राज्य की शासकीय शालाओं के ई-संवर्ग एवं टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती विज्ञापन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में संशोधन किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में महत्वपूर्ण संशोधन              शुद्धि पत्र के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए चिह्नित उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में ब्लाइंड (B), डेफ (D) तथा सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है।             दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार एवं श्रेणीवार वितरण भी सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित तथा बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण स्पष्ट किया गया है। सहायक शिक्षक के कुल 2292 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया             जारी संशोधित विवरण के अनुसार सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 तथा टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ एवं बिलासपुर जिले शामिल हैं। इसी प्रकार टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद एवं बालोद जिले शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन की तिथि अलग से होगी घोषित               लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ब्लाइंड (B), डेफ (D) एवं सेरेब्रल पाल्सी (CP) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी सहायक शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन की शेष सभी शर्तें एवं कंडिकाएं पूर्ववत रहेंगी।

राज्यपाल रमेन डेका से मिले प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ी, खेल उपलब्धियों पर हुई चर्चा

राज्यपाल रमेन डेका से प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट रायपुर छत्तीसगढ़ के विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों ने आज लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे।              राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया और आगामी प्रतियोगिताओं में सफलता की शुभकामनाएं दीं।              राज्यपाल से भेंट करने वालों में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर प्रदीप क्षत्री एवं लखपति सिंदूर, वेटलिफ्टर कैलाश सिक्का, बास्केटबॉल खिलाड़ी कु. सौपी सिक्का, थाई बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक विजेता कु. मानसी तांडी, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी कु. गंगा सोना एवं कु. प्रतिमा सोना, फुटबॉल खिलाड़ी बोस्टो तांडी एवं राजेश महानंद, कराटे खिलाड़ी कु. लक्षिता तांडी, किक बॉक्सिंग खिलाड़ी कु. रीयाशा बाघ, पावरलिफ्टर कु. प्रिया हरपाल तथा ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ के विजेता रितेश पाल शामिल थे।            राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।