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जयपुर को पहले चरण में नहीं मिला मौका, IPL के दूसरे राउंड में सवाई मान सिंह स्टेडियम में होंगे मुकाबले

जयपुर. राजस्थान के क्रिकेट फैंस के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आ रही है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का बिगुल 28 मार्च से बजने जा रहा है। लेकिन गुलाबी नगरी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में फिलहाल चौके-छक्कों की गूंज सुनाई नहीं देगी। बता दें कि बीसीसीआई द्वारा जारी पहले फेज के 20 मैचों के शेड्यूल में जयपुर को एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है। जयपुर में मैच न होने की सबसे बड़ी वजह SMS स्टेडियम की जर्जर हालत और सुरक्षा मानकों में कमी को माना जा रहा है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स ने स्टेडियम का विस्तृत सर्वे करवाया था। सर्वे की 700 पन्नों की रिपोर्ट में स्टेडियम के ढांचे और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन ने सरकार और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से सुरक्षा की लिखित जिम्मेदारी लेने को कहा था। हालांकि, मुख्य सचिव और खेल सचिव ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर मरम्मत और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है, लेकिन पहले फेज के लिए जयपुर को 'अनफिट' ही माना गया। राजस्थान रॉयल्स का शेड्यूल जयपुर में मैच न होने के कारण राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती 'होम मैच' असम के गुवाहाटी में खेलेगी। आईपीएल के 19वें सीजन के शुरुआती कार्यक्रम पर एक नजर… तारीख    मुकाबला    वेन्यू (मैदान) 30 मार्च    राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स    गुवाहाटी 04 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs गुजरात टाइटंस    अहमदाबाद 07 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस    गुवाहाटी 10 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs आरसीबी    गुवाहाटी क्या दूसरे फेज में जयपुर को मिलेगा मौका? फिलहाल 28 मार्च से 12 अप्रैल तक का ही शेड्यूल जारी हुआ है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि यदि इस बीच स्टेडियम की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाता है, तो आईपीएल के दूसरे फेज में जयपुर को कुछ मैचों की मेजबानी मिल सकती है। राज्य सरकार और खेल विभाग लगातार बीसीसीआई के संपर्क में हैं, ताकि राजस्थान के फैंस को अपने घरेलू मैदान पर संजू सैमसन की टीम को खेलते देखने का मौका मिल सके। राजस्थान रॉयल्स अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ गुवाहाटी के बारापारा स्टेडियम में खेलेगी।

49 साल बाद राजस्थान विधानसभा में ऐतिहासिक फैसला, विधायकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

जयपुर. राजस्थान की राजनीति में आने वाले समय में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले 49 सालों से स्थिर रही विधानसभा सीटों की संख्या में अब भारी इजाफा होने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अनुसार, आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद प्रदेश में विधायकों की संख्या 200 से बढ़कर 270 हो सकती है। जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पीकर देवनानी ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विधानसभा में 280 विधायकों के बैठने की क्षमता वाला हॉल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सदन में केवल 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना जल्द ही देश में जनगणना होने वाली है, जिसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी। राजस्थान में लगभग 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना है। हमने भविष्य को देखते हुए स्ट्रक्चर तैयार कर लिया है, ताकि सदन छोटा न पड़े। -वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान में सीटों का गणित: 1952 से अब तक राजस्थान में आखिरी बार सीटों का विस्तार 1977 में हुआ था। तब से लेकर अब तक जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन सीटों की संख्या 200 पर ही टिकी रही। वर्ष    विधानसभा चुनाव    कुल सीटें    क्या हुआ बदलाव? 1952    पहला चुनाव    160    पहली बार सीटों का निर्धारण 1957    दूसरा चुनाव    176    16 सीटों की बढ़ोतरी 1967    विधानसभा चुनाव    184    8 सीटें और बढ़ाई गईं 1977    विधानसभा चुनाव    200    आखिरी बार संख्या में वृद्धि संसद की तर्ज पर बनेगा 'सेंट्रल हॉल' विधानसभा परिसर को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है। सेंट्रल हॉल: दिल्ली की संसद की तरह यहां भी एक भव्य सेंट्रल हॉल बनेगा। सुविधाएं: यहां सभी दलों के विधायक एक साथ बैठकर अनौपचारिक चर्चा कर सकेंगे। साथ ही चाय, नाश्ते और भोजन की विशेष व्यवस्था होगी। विधान परिषद हॉल का उपयोग विधानसभा परिसर में पहले से ही विधान परिषद के लिए एक ढांचा (स्ट्रक्चर) मौजूद है। सीटों की संख्या बढ़ने पर इस हॉल को मुख्य सदन की तरह विकसित कर उपयोग में लाया जाएगा। परिसीमन से कैसे बदलेगा सियासी नक्शा? सीटों की संख्या बढ़ने का सीधा असर राजस्थान की राजनीति और भूगोल पर पड़ेगा। 70 नई सीटें बनने से प्रदेश के कई युवा और नए नेताओं के लिए विधानसभा पहुंचने की राह आसान होगी। परिसीमन के दौरान जनसंख्या के आधार पर कई सामान्य सीटें SC/ST के लिए आरक्षित हो सकती हैं, जबकि कुछ वर्तमान आरक्षित सीटें सामान्य हो सकती हैं। कई बड़े विधानसभा क्षेत्रों को काटकर दो हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक पकड़ में बदलाव आएगा। अगला कदम क्या है? परिसीमन की प्रक्रिया परिसीमन आयोग के गठन और जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद ही शुरू होगी। माना जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

Bharatpur में प्रशासन की सख्ती: दुकानों पर लगे लाल निशान, व्यापारियों में बढ़ी चिंता

भरतपुर. भरतपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई स्थानों पर फ्लाइओवर तो कहीं सड़क को 6 लेन करने के लिए करोड़ों रुपए मंजूर किए हैं। इससे आने वाले समय में शहर की सूरत तो बदल जाएगी, लेकिन वर्तमान में सरकार के इन प्रोजेक्ट्स से व्यापारियों की नींद उड़ चुकी है। सड़क चौड़ाईकरण के नाम पर होने वाले भूमि अधिग्रहण से इनके व्यापार चौपट होते नजर आ रहे हैं। भरतपुर शहर के रेडक्रास सर्किल से रेलवे स्टेशन तक सड़क की चौड़ाई को बढ़ाकर 120 किया जा रहा है। इसकी लम्बाई करीब 1100 मीटर है। इस दायरे में करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठान टूटेंगे। इसके लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण ने करीब 5.50 करोड़ रुपए की निविदा का वर्क ऑर्डर जारी करते हुए कार्य पूरा होने की अवधि एक वर्ष निर्धारित की है। वहीं अतिक्रमण में आने वाले प्रतिष्ठानों पर लाल निशान लगा दिए हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे का निर्धारण नहीं किया है। ऐसे में कई व्यापारियों के तो पूरे प्रतिष्ठान टूट रहे हैं। इससे व्यापारियों की नींद पूरी तरह उड़ने से कोई मानसिक तनाव का शिकार होकर आत्महत्या की दहलीज पर खड़ा है। दो घंटे का इंतजार, आयुक्त ने नहीं की मुलाकात क्षेत्र का व्यापारी वर्ग बुधवार को जब अपनी समस्याएं सुनाने के लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण पहुंचा। प्राधिकरण में करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी आयुक्त ने उनकी समस्याएं सुनना तो दूर मुलाकात करना भी मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में सभी व्यापारी आयुक्त के निजी सहायक को अपना ज्ञापन देकर मायूस ही प्राधिकरण से लौटे। हालांकि शाम को व्यापारियों को आयुक्त की ओर से वापस बुलाया गया। जहां इस मुद्दे को लेकर बात की गई। ऐसा होगा सड़क का स्वरूप सड़क की चौड़ाई को 80 फीट से 120 फीट किया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर नालियां बनेंगी। सड़क के बीच में करीब एक मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। इस पर सौन्दर्यीकरण की दृष्टि से विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण होगा। दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं 18.5 फीट की दुकान है और 30 फीट तक निशान लगाए हैं। इस किराना की दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं है। मेरे बच्चों का भी यही रोजगार है। दुकान टूटने से पीढ़ियों तक का रोजगार चौपट होगा। – ओमप्रकाश, किराना व्यापारी …पूरी दुकान ही टूट जाएगी पुश्तों से हलवाई का काम करते आ रहे हैं। दुकान की गहराई 22 फीट है, लेकिन निशान 24 फीट तक लगे हैं। ऐसे में पूरी दुकान ही टूट जाएगी। व्यापारियों के आगे रोजी का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। – मुकेश, हलवाई मुआवजा की कोई चर्चा नहीं कई वर्षों से सीमेंट-बजरी का व्यापार कर रहे हैं। अब सड़क चौड़ी होने से 26 फीट दुकान टूटेगी। प्राधिकरण ने निशान लगा दिए हैं, लेकिन मुआवजा की कोई चर्चा नहीं है। अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं करते। – धर्मेंद्र, सीमेंट व्यापारी आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं 30 फीट की मेडिकल की दुकान है। इसमें से 29 फीट तक तोड़ने का निशान लगा है। अब दुकान केवल एक फीट की रह जाएगी। ऐसे में क्या व्यापार होगा। आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आता। -चन्द्र किशोर सिंगल, मेडिकल व्यापारी व्यापारियों ने बनाएंगे सामंजस्य यह सड़क विभिन्न मापों में है इसलिए कहीं से कम और कहीं से अधिक हिस्सा अतिक्रमण में शामिल है। व्यापारियों के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें तहसीलदार, अधिशाषी अभियंता और पटवारी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। पैमाइश के बाद ही मुआवजा निर्धारित होगा। वहीं आपसी सामंजस्य बनाने के लिए व्यापारियों के साथ बातचीत की जा रही है। हमारा उद्देश्य कम से कम परेशानी के काम पूरा करना है। – बहादुर सिंह, एक्सईएन, भरतपुर विकास प्राधिकरण

गैस संकट गहराया: राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर 2500 रुपए तक पहुंचा

-होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर असर, सीएम से की हस्ताक्षेप की मांग जयपुर,  अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब राजस्थान पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन शहरों के होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर पड़ रहा है। 30 फीसदी से ज्यादा बढ़े दाम सप्लाई चेन टूटने का फायदा अब बिचौलिये और कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में जिस कमर्शियल सिलेंडर की आधिकारिक कीमत करीब 1911 रुपए है, वह अब चोर बाजार में 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। जयपुर में रेस्टोरेंट चलाने वाले शख्स ने बताया कि रेस्टोरेंट शुरू किए अभी दो महीने ही हुए हैं। पहले सिलेंडर 1650 रुपए में मिलता था, फिर 1900 रुपए हुआ और अब 2500 रुपए मांग रहे हैं। इतनी महंगी गैस में दाल फ्राई और अन्य व्यंजन बनाना घाटे का सौदा हो रहा है। किराया और स्टाफ की सैलरी निकालना मुश्किल है। रिपोर्ट के मुताबिक झीलों की नगरी उदयपुर में स्थिति और भी गंभीर है। वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है और विदेशी पर्यटकों की आवक भी ज्यादा है। ऐसे में गैस की कमी ने होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। उदयपुर होटल एसोसिएशन के पूर्व सचिव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हमें कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने के लिए पाबंद करती है, लेकिन संकट आते ही सबसे पहले हमारी ही सप्लाई काट दी जाती है। उदयपुर के 500 होटल और 1500 रेस्टोरेंट आज अधर में हैं। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि सप्लाई बाधित होने से न केवल व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की छवि भी खराब हो रही है। होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।  

वेटरनरी कोर्स में बदलाव: आरएजेयूवीएएस ने NEET-UG से दाखिले को अनिवार्य किया

जयपुर, बीकानेर स्थित राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (आरएजेयूवीएएस) में अगले शैक्षणिक सत्र से पशुचिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम के लिए दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) के माध्यम से ही होगा। प्राधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया। पहले दाखिला राजस्थान प्री-वेटरनरी टेस्ट (आरपीवीटी) के जरिए होता था। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, पहले भी विश्वविद्यालय नीट के माध्यम से प्रवेश देता था, लेकिन सीटें खाली रहने पर पिछले साल आरपीवीटी के माध्यम से प्रवेश दिया गया था। केंद्रीय स्नातक प्रवेश मंडल के चेयरमैन प्रो. बीएन श्रृंगी ने कहा, ‘‘इस वर्ष विश्वविद्यालय आरपीवीटी परीक्षा का आयोजन नहीं करेगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पशुचिकित्सा स्नातक के लिए दाखिल लेने के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों के वास्ते नीट (यूजी) परीक्षा अनिवार्य रहेगी।’’ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (वीसीआई) की ओर से 15 प्रतिशत सीट पर नीट के माध्यम से ही प्रवेश मिलता है। साथ ही, प्रबंधक कोटे की सीट पर भी केवल नीट में प्राप्त अंक के आधार पर दाखिल होता है, ऐसे में अभी तक अभ्यर्थियों को दो परीक्षाएं देनी पड़ती थीं। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, जिससे विद्यार्थियों पर दो परीक्षाओं का बोझ नहीं होगा और तैयारी में भी आसानी होगी।  

धमकी से हड़कंप: राजस्थान के कई पासपोर्ट ऑफिस निशाने पर, सीकर और जैसलमेर में कामकाज ठप

जयपुर राजस्थान में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रदेश के कई जिलों में स्थित पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। ई-मेल के जरिए भेजी गई इस धमकी में खुद को आईएसआई से जुड़ा बताया गया है और दावा किया गया है कि दोपहर एक बजे गैस बम विस्फोट किए जाएंगे। धमकी भरा मेल सामने आते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर जिन-जिन इमारतों में पासपोर्ट कार्यालय संचालित हो रहे हैं, उन्हें तत्काल खाली करवा दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा जांच की जा रही है। सीकर में बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया सीकर जिले में भी पासपोर्ट कार्यालय को धमकी भरा ई-मेल मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए जयपुर से बम निरोधक दस्ता भी बुलाया गया है, जो परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच कर रहा है। जैसलमेर में कार्यालय बंद, बिल्डिंग खाली जैसलमेर में धमकी मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पासपोर्ट कार्यालय के बाहर ताला लगवा दिया। साथ ही पूरी बिल्डिंग को एहतियातन खाली करवा दिया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। कई जिलों में एक साथ मिले धमकी भरे ई-मेल सूत्रों के अनुसार, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, अजमेर, कोटा और भीलवाड़ा जिलों के पासपोर्ट कार्यालयों को भी इसी तरह के ई-मेल प्राप्त हुए हैं। सभी जिलों में पुलिस ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है और मेल की जांच के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पोस्ट ऑफिस परिसरों में संचालित होते हैं पासपोर्ट कार्यालय गौरतलब है कि राजस्थान के कई जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र पोस्ट ऑफिस परिसरों में ही संचालित किए जा रहे हैं। इसी कारण धमकी मिलने के बाद संबंधित डाकघर भवनों को भी खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

युवक की सीट के नीचे छिपे जहरीले सांप ने चलती बाइक में डसा

कोटा. शहर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां चलती बाइक पर बैठे युवक को जहरीले सांप ने डंस लिया। बाद में पता चला कि करीब 2 फीट लंबा 'सॉ-स्केल्ड वाइपर' बाइक की सीट के नीचे छिपकर बैठा हुआ था। सांप के काटने के बाद युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज जारी है। घटना कोटा के नयागांव रोड इलाके की है। जानकारी के अनुसार योगेश नाम का युवक अपने दोस्त मोहित के साथ लाइट का काम करने के लिए जा रहा था। बाइक मोहित चला रहा था जबकि योगेश पीछे बैठा हुआ था और उसके हाथ में लाइट व वायर थे। रास्ते में अचानक योगेश को कमर के पास तेज चुभन महसूस हुई। पहले उसे लगा कि शायद किसी मच्छर ने काट लिया। कुछ ही देर बाद जब योगेश ने उस जगह पर हाथ लगाया तो सांप ने उसकी उंगली पर भी काट लिया। तभी उसे बाइक में सांप होने का पता चला और वह घबरा गया। यह देखकर मोहित ने तुरंत बाइक रोकी और बिना देर किए योगेश को मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल लेकर पहुंचा जहां उसे इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद मोहित के पिता ने स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को बुलाया। मौके पर पहुंचे गोविंद शर्मा ने बाइक की जांच की तो सीट के नीचे एक जहरीला सॉ-स्केल्ड वाइपर छिपा हुआ मिला। उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। काफी जहरीला होता है सॉ-स्केल्ड वाइपर स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि यह सांप करीब 2 फीट लंबा था। सॉ-स्केल्ड वाइपर बेहद जहरीली प्रजाति में गिना जाता है। इसका जहर काफी खतरनाक होता है। सांप के काटने के तुरंत बाद युवक को अस्पताल पहुंचा दिया था, जिससे समय रहते उसका इलाज शुरू हो सका और युवक की जान बच गई।

पासपोर्ट कार्यालयों पर हमले की धमकी से राजस्थान में दहशत, पुलिस-खुफिया एजेंसियां सतर्क

जयपुर/सीकर/जैसलमेर राजस्थान के कई जिलों में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) को मंगलवार दोपहर एक सनसनीखेज ई-मेल मिला, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर 1 बजे कार्यालयों में 'गैस बम ब्लास्ट' किए जाएंगे। ई-मेल में आतंकी संगठन ISI का नाम लिखे होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। सीकर : यहाँ पासपोर्ट कार्यालय को धमकी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से बम निरोधक दस्ते (BDDS) को विशेष रूप से बुलाया गया है। जैसलमेर : सीमावर्ती जिले में धमकी मिलते ही पासपोर्ट कार्यालय पर ताला लगा दिया गया और पूरी बिल्डिंग को खाली करवाकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ : इन जिलों में भी इसी तरह के ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्यालयों को बंद करवा दिया है और तकनीकी टीम मेल के सोर्स की जांच कर रही है। सुरक्षा उपाय और जांच : धमकी मिलने के साथ ही स्थानीय पुलिस ने संबंधित इमारतों से स्टाफ और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। शुरुआती जांच में इसे दहशत फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन ISI के नाम का जिक्र होने के कारण केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और SOG भी मामले की निगरानी कर रही हैं। आमजन के लिए अपील : प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल सभी प्रभावित पासपोर्ट कार्यालयों में काम रोक दिया गया है।

राजस्थान के 10 शहरों के पासपोर्ट-पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी

जयपुर. राजस्थान के 10 से ज्यादा शहरों में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कहीं पासपोर्ट ऑफिस तो कहीं पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली। प्रदेश में एक साथ 10 से ज्यादा जगह सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी से पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सभी जगह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाला और परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा, सीकर, जोधपुर और जैसलमेर जिले के पासपोर्ट ऑफिस को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। वहीं, अजमेर व बीकानेर के हेड पोस्ट ऑफिस और दौसा के पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है सभी जगह ईमेल के जरिए धमकी भरा संदेश आया। इसके अलावा राजधानी जयपुर सहित अलवर, सवाई माधोपुर और हनुमानगढ़ में भी सरकारी दफ्तरों को ​भी धमकी भरा ईमेल मिला है। परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान धमकी भरे ईमेल की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही सभी जगह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर परिसरों को भी खाली करवाया गया। इसके बाद सघन तलाशी ली गई। हालांकि, अभी तक किसी भी जगह कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जैसलमेर में पासपोर्ट ऑफिस सील जैसलमेर शहर के डाकघर परिसर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय में मंगलवार को ई-मेल के माध्यम से पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने डाकघर परिसर खाली कराया और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा। स्थानीय पुलिस ने कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सर्च ऑपरेशन जारी रखी हैं। धमकी की गंभीरता को देखते हुए परिसर का संपूर्ण कामकाज फिलहाल बंद कर दिया गया है। परिसर को अस्थायी रूप से सील किया गया है। बीकानेर में संदिग्ध ई-मेल से हड़कंप बीकानेर के पासपोर्ट कार्यालय में मंगलवार को संदिग्ध ई-मेल आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ई-मेल में दावा किया गया है कि कुछ संदिग्ध तत्व पासपोर्ट कार्यालय से जुड़े वीवीआईपी दस्तावेजों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि पहले यह मेल एजेंसियों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रोटोकॉल को परखने के लिए भेजा गया था। साथ ही कथित तौर पर आईईडी ब्लास्ट जैसी घटनाओं की आशंका जताते हुए पासपोर्ट और पोस्ट ऑफिस के आसपास से स्टाफ और लोगों को हटाने की बात कही गई है। बांसवाड़ा के पासपोर्ट कार्यालय को भी धमकी बांसवाड़ा के नया बस स्टैंड पर स्थित पासपोर्ट कार्यालय को मंगलवार दोपहर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ये धमकी भरा मैसेज मेल के जरिए आया है। एहतियात के तौर पर डाकघर बिल्डिंग को भी खाली करवा लिया गया। इस धमकी के बाद कर्मचारियों और काम के सिलसिले में आए आम नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीकर में धमकी के बाद खाली कराया परिसर सीकर के पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ने की धमकी मिली है। यह धमकी जयपुर पासपोर्ट ऑफिस की ऑफिशियल मेल आईडी पर आया है। इसके बाद पूरे परिसर को खाली करवाया गया है। मौके पर जिला विशेष शाखा, सीओ सिटी संदीप चौधरी, कोतवाली थानाधिकारी सुनील जांगिड़, उद्योग नगर एसएच राजेश कुमार बुडानिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। धमकी भरा मेल आने पर जयपुर से बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। भारी संख्या में पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया है। अलवर में पाकिस्तान से आया धमकी भरा मेल अलवर शहर में मोती डूंगरी स्थित प्रधान डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पाकिस्तान से मेल आना बताया गया है। अभी पूरे परिसर को खाली कराकर बम निरोध टीम जांच करने में लगी है। पूरे परिसर को खाली करा मुख्य गेट को बंद कर दिया है। अब अंदर से जांच करने के बाद ही कर्मचारी व आमजन को प्रवेश दिया जाएगा। यहां भी मिली बम से उड़ाने की धमकी राजधानी जयपुर में पासपोर्ट कार्यालय और मुख्य डाकघर कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद कार्यालय को खाली कराया गया। सवाई माधोपुर के मुख्य डाकघर को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को हड़कंप मच गया।

राजस्थान में सर्दियों के पीक टूरिस्ट सीजन में दौड़ेंगी ‘डबल डेकर’ बसें

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के तीन बड़े शहरों की सार्वजनिक परिवहन में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। दरअसल, सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) ने 50 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बसों की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि केंद्र की 'पीएम ई-बस सेवा' से इतर, इन डबल डेकर बसों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। किन शहरों को कितनी बसें मिलेंगी? योजना के अनुसार, कुल 50 बसों में से सर्वाधिक बसें इस तरह से अलग-अलग शहरों के हिस्से में आएंगी: जयपुर: 30 डबल डेकर बसें (शहर के प्रमुख मार्गों और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए)। जोधपुर: 10 डबल डेकर बसें (पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए)। उदयपुर: 10 डबल डेकर बसें (झीलों की नगरी के खूबसूरत रास्तों के अनुकूल)। JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, विभाग का लक्ष्य है कि दीपावली (2026) के आसपास इन बसों की पहली खेप मिल जाए ताकि दिसंबर की सर्दियों वाले पीक टूरिस्ट सीजन से पहले इन्हें सड़कों पर उतारा जा सके। पर्यटन और कनेक्टिविटी पर फोकस इन डबल डेकर बसों का मुख्य उद्देश्य केवल परिवहन नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों के रूट इस तरह तय किए जाएंगे कि वे: शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे आमेर किला, मेहरानगढ़, सिटी पैलेस) को जोड़ें। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मुख्य बस स्टैंडों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करें। यात्रियों को शहर का 'पैनोरमिक व्यू' (Panoramic View) प्रदान करें, जो विशेषकर विदेशी और घरेलू सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। रूट चयन की चुनौतियां, होगा सर्वे जयपुर के कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत 25 बस कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। हालांकि, डबल डेकर बसें चलाने से पहले प्रशासन पुराने फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज (RoB), अंडरपास और हाइट बैरियर की जांच कर रहा है। बस की ऊंचाई को देखते हुए उन रूट्स को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ मार्ग में बाधाएं कम हों। पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' ये बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा। राजस्थान सरकार का यह कदम 'नेट जीरो' लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे शहरों में शोर और वायु प्रदूषण कम होगा, जिससे निवासियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।