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महिला शक्ति को सलाम: CM मोहन यादव ने ‘क्रांति’ सहित महिला क्रिकेट टीम को दी बड़ी सौगात

   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की हैं। छतरपुर की रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। वहीं सीएम ने वर्ल्ड कप जीतने पर महिला क्रिकेटरों की जमकर तारीफ भी की हैं। सीएम डॉ मोहन यादव सोमवार को एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय के नए भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने बड़ा ऐलान किया हैं। मुख्यमंत्री ने महिला विश्व कप की सदस्य क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की हैं। इसके साथ ही पूरी टीम की जमकर तारीफ की और सभी को बधाई दी हैं। इससे पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- बेटियों ने लहराया भारत का परचम…आईसीसी महिला विश्व कप-2025 भारत के नाम कर मां भारती को गौरवान्वित करने वाली BCCIWomen की खिलाड़ियों को बधाई एवं हार्दिक अभिनंदन। यह विजय ‘नए भारत’ की नारी शक्ति की नई उड़ान है। जय हो। आपको बता दें कि क्रांति गौड़ का जन्म छतरपुर जिले के छोटे कस्बे घुवारा में हुआ। उनके पिता एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल है। क्रांति के छह-भाई बहन है। महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 8 मैचों में 9 विकेट हासिल किये और अपनी टीम को इस मुकाम तक पहुंचाया।

एक पल में बुझ गई उम्मीदों की मशाल: राष्ट्रीय तीरंदाज की ट्रेन हादसे में मौत

कोटा राष्ट्रीय स्तर के युवा तीरंदाज अर्जुन सोनावले (20) की राजस्थान के कोटा जंक्शन पर चलती ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। अर्जुन अपने कोच और साथियों के साथ पंजाब के भटिंडा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर बस्ती-मुंबई सेंट्रल एसी स्पेशल ट्रेन से अपने साथियों के साथ महाराष्ट्र लौट रहे थे। यह हादसा शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर धीमी हो रही थी। उसी दौरान अर्जुन खाना लेने के लिए कोच के दरवाजे पर खड़े थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। ट्रेन रुकते ही यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन गंभीर रूप से घायल अर्जुन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जीआरपी के अधिकारी दालचंद सैन ने कहा कि पोस्टमार्टम करने के बाद रिश्तेदारों को शव सौंप दिया गया। टीम मैनेजर अनिल कमलापुरे ने बताया कि अर्जुन ने अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।  

महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को प्रदेश सरकार से 1 करोड़ का इनाम, विश्व कप में अहम योगदान

 छतरपुर भारतीय महिला क्रिकेट ने रविवार को आखिकार 47 साल के इंतजार के बाद इतिहास रच दिया। इंडिया विमेंस क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। भारतीय टीम की जीत में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने वाले क्रांति गौड़ भी हैं। जिनके लिए एमपी सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है। क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए देगी सरकार सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की बेटियों और देश की बेटियों ने जिस तरह से भारत और दक्षिण अफ्रीका के फाइनल में धूम मचाई है, उसके लिए वे सबको बधाई देते हैं। छतरपुर की बेटी ने मान बढ़ाया है। सभी खेलों में एमपी के युवा खिलाड़ियों की भूमिका इसी तरह से रहेगी, इसके वे उम्मीद करते हैं और भविष्य में भी राज्य सरकार प्रोत्साहित करती रहेगी। छतरपुर की रहने वाली हैं क्रांति 23 वर्षीय क्रांति गौड़ छतरपुर के घुवारा की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप के 6 मैचों में 9 विकेट चटकाए हैं। क्रांति के पिता मुन्ना गौड़ पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उनकी माता गृहिणी हैं। इधर, महिला भारतीय टीम की जीत के बाद बीसीसीआई ने टीम को 51 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है।  पिता की नौकरी गई…परिवार ने की मजदूरी, अब ताबड़तोड़ विकेट लेकर रच दिया इतिहास 2 नवंबर 2025 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों ने वह कर दिखाया जो लंबे अरसे तक सिर्फ़ एक सपना लगता था। मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में महिला आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय महिला टीम पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनी। बता दें कि भारत अब ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली चौथी टीम बन गई। इस खेल में मध्यप्रदेश के छतरपुर की क्रांति गौड़ ने नाम रोशन कर दिया है। पाकिस्तान के साथ हुए मैच के बाद से क्रांति गौड़ सुर्खियों में छा गई। क्रिकेट वर्ल्ड कप में 9 विकेट लेने वाली क्रांति का जीवन संघर्षों में बीता है। परिवार पर टूटा था मुश्किलों का पहाड़ छतरपुर जिले के छोटे से कस्बे घुवारा की रहने वाली 22 साल की क्रांति गौड़ का बचपन आसान नहीं था। क्रांति के पिता मुन्ना सिंह गौड़ आरक्षक थे। किसी कारणवश उनकी नौकरी चली गई। जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। क्रांति को बचपन से क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। वे अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करती थीं। उनके दोस्त बताते है कि वो हम सबमें बहुत छोटी थी लेकिन उसकी बॉलिंग स्पीड बहुत तेज थी। जिसके कारण सारे खिलाड़ी उससे डरते थे। घर के सामने ही एक छोटा सा मैदान है जहां क्रांति दोस्तों के साथ प्रैक्टिस करती रहती थी। अब वे देश के लिए खेल रही हैं। हम सबको इस बात का गर्व है। ले चुकी हैं 9 विकेट बता दें कि क्रांति गौड़ अब तक क्रिकेट वर्ल्ड कप में 9 विकेट ले चुकी हैं। हालही में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान का महत्वपूर्ण विकेट लेकर उन्होंने भारतीय टीम को बड़ी जीत दिलाई थी। पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच में भी क्रांति ने तीन विकेट जड़े थे। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' से नवाजा गया। मिलेगा 1 करोड़ का पुरस्कार क्रांति के शानदार प्रदर्शन से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अत्यंत प्रसन्न नजर आए और उन्होंने क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की है। सीएम मोहन यादव ने भारत की महिला क्रिकेट टीम को शानदार जीत के लिए बधाई दी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस बल को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना 14 लाख रूपये की इनामी नक्सली सुनीता ने लांजी में किया आत्मसमर्पण प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में महिला नक्सली के आत्म समर्पण पर पुलिस बल को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सली गतिविधियों के नियंत्रण के संबंध में पूर्व में भी मध्यप्रदेश पुलिस को काफी सफलता मिली है। बालाघाट में एक नवम्बर को लांजी थाने के अंतर्गत चोरिया कैंप में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों सहित समर्पण किया गया है। सुनीता पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मध्यप्रदेश द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह पहला आत्मसमर्पण हुआ है। प्रदेश में इसके पूर्व भी नक्सलियों ने समर्पण किया है। इसके साथ ही नक्सलियों को मारने में भी राज्य के पुलिस बल को निरंतर सफलता मिली है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में नक्सल नियंत्रण का प्राप्त करेंगे लक्ष्य। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी वर्ष तक नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश सजग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को इस सफलता पर बधाई देते हुए आशा करता हूं नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा और हमारे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की नक्सल गतिविधियों के संदर्भ में प्रदेश में होने वाली किसी भी छोटी सी गतिविधि को भी नियंत्रित करने में हम पूरी तरह सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत 10 महीने में लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने सॉफ्ट टच अप्रोच के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोले हैं। वर्ष 1992 के बाद पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने मध्यप्रदेश शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में 1 नवम्बर को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू ओयाम निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार INSAS राइफल मय 3 मैगजीन्स, 30 जिंदा राउंड्स एवं UBGL शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। सशस्त्र नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इंसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संघटन में मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है और 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने म.प्र. शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले 10 महीनों में मध्यप्रदेश में 1.46 करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को न केवल निष्क्रिय किया गया है, बल्कि राज्य सरकार सॉफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। पिछले समय से लगातार चल रहे पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के परिणामस्वरूप, सशस्त्र नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण के लिए यह पहला कदम उठाया है। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पण कर सशस्त्र आंदोलन को छोड़ कर मुख्य धारा में आने वालों को सभी लाभ दिलाने के लिए कटिबद्ध है।  

सम्राट विक्रमादित्य आदर्श शासन के प्रतीक — वीरता, न्याय और दानशीलता से दी प्रेरणा : CM डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का प्रस्तुत किया उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाल परेड ग्राउंड पर पहली बार हुआ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग, सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच हो उठा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया था। लगभग दो हजार साल पहले उनके शासनकाल की विशेषताओं पर महान नाट्य का मंचन पहली बार भोपाल में हो रहा है। आज का दिन ऐतिहासिक भी है क्योंकि कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच साकार हो उठा। वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों का चित्रण राजधानी के दर्शकों के लिए मंचित किया गया। नाटक में सम्राट विक्रमादित्य के राज्यारोहण के दृश्य और अन्य प्रसंग अद्भुत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाल परेड ग्राउंड में म.प्र. स्थापना दिवस के दूसरे दिन आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास की बात कही है। मध्य प्रदेश इस मंत्र को अपना कर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा किकभी ये परिस्थिति बनी कि राष्ट्र की स्वतंत्रता बाहरी आक्रामकों के कारण खतरे में पड़ी। राष्ट्र की गरिमा धूल धूसरित हो गई। गुलामी की काली छाया थी। हमारी धर्म में विश्वास रखने वाली शांति प्रिय जनता धर्म ध्वजा उठाए सुख वैभव से रहती थी। आक्रामकों ने गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिया। मथुरा, कंधार, उज्जयिनी जैसे केंद्र नष्ट भ्रष्ट किए जाने लगे। हाहाकार मच गया। उस दौर में अन्तत: पुनः समय बदला सम्राट विक्रमादित्य का युग प्रारंभ हुआ। वे बाल्य अवस्था में ही जन कल्याण को उन्मुख थे। आचार्य चन्द्रगुप्त से दीक्षा लेकर शासन के सूत्र अपने हाथ में लिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासन के संपूर्ण भू भाग के नागरिकों को ऋण मुक्त करते हुए उन्हें अपने सामर्थ्य का लाभ दिया और विक्रम संवत प्रारंभ करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया। शौर्य, दानशीलता, न्याय का परिचय देकर सुशासन की व्यवस्था लागू की। वे सम्पूर्ण राष्ट्र को ऋण मुक्त करने में सफल हुए। पुनः संवत का प्रवर्तन हो चुका था। सम्राट विक्रमादित्य ने नवरत्नों को जुटाया। विनम्रता से राज्य के छोटे से छोटे व्यक्ति के कल्याण की चिंता करते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की इस कथा को अनूठी कल्पना के साथ प्रस्तुत किया गया। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में रात्रि गश्त का प्रसंग भी महत्वपूर्ण है। सम्राट विक्रमादित्य राज्य के अपराध से जुड़े लोगों के गुणों को भी जानते थे और उन गुणों का उपयोग राष्ट्र कल्याण में करने और देश हित में उन्हें उन्मुख करते थे। राज्य रोहण पूरी शान के साथ होता है। महाकाल महाराज की कृपा से वे अद्वितीय शासक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाटक के सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। यहां फिल्मांकन की तरह नाट्य मंचन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त कलाकारों को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर,विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संस्कृति और पर्यटन शिवशेखर शुक्ला मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस समारोह “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के दूसरे दिवस लाल परेड ग्राउंड, भोपाल का वातावरण सृजन, संस्कृति और कला के रंगों से सराबोर रहा। दिनभर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक-कलाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश न केवल विकास की राह पर अग्रसर है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नए उत्साह और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संजोए हुए है। परंपरा और नवाचार के इस संगम ने राजधानी को रचनात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया, जहाँ मंचों पर लोकधुनों, नृत्यनाट्य, संगीत और कलात्मक प्रदर्शनियों की श्रृंखला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थापना दिवस के दूसरे दिन की संध्या सर्वप्रथम अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महानाट्य प्रस्तुति सम्राट विक्रमादित्य का मंचन हुआ। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। नाटक की भव्यता जहां कलाकारों के अभिनय, परिधान, संवाद और सेट कर रहा था, वहीं ऊंट, घोड़े, हाथी, पालकी, बग्गी इत्यादि ने भी इसकी आकर्षकता को बढ़ाया। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को इस बात से परिचित कराना था कि हमारा मध्यप्रदेश प्राचीन काल से ही कितना महान रहा है। आज जब हम जनकल्याण, सुशासन और विकास की बात कर रहे हैं, तो यह प्रेरणा हमें सम्राट विक्रमादित्य जैसे महान इतिहास पुरुषों से ही प्राप्त हुई है, जो हमारे वैभवशाली अतीत के महानायक हैं। ऐसे विक्रमादित्य जो काल गणना, विवेकपूर्ण न्याय, शौर्य और महानता के लिए जाने जाते हैं। महानाट्य के बारे में राम और कृष्ण जैसे अवतार नायकों के बाद भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय नायक विक्रमादित्य ही हैं। भारत वर्ष के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध पुरातन पुरुषों में विक्रमादित्य अग्रणी है। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा राजनीतिक उपलब्धियों सैनिक अभियान और विजय यात्राएँ शासन की आदर्श अनोखी विवेकपूर्ण न्यायपद्धति, कला एवं साहित्य की उन्नति में उदार सहयोग तथा सहभागिता जैसे उदात्त गुणों ने भारत ही नहीं आस-पास और सुदूर देशों में भी उन्हें सदा के लिये प्रतिष्ठित कर दिया। शकों तथा यवनों ने भारत पर आक्रमण कर आंतक मचा रखा था। शक राजा महाबली, अर्थलोभी, पापी और दुष्ट थे, क्रूर हिंसक देश विरोधी शकों की उस दुर्दान्त, प्रलयंकारी काली छाया से विक्रमादित्य ने भारत को मुक्त कराया और 96 शक सामन्तों को पराजित कर उन्हें भारत से भागने पर विवश कर दिया था। शकों को खदेड़ कर ही शकारि और साहसांक की उपाधियाँ धारण की। आज भी विकमादित्य द्वारा 2082 वर्ष पूर्व प्रारम्भ विक्रम संवत् भारत वर्ष ही नहीं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ काल गणना … Read more

रेत कारोबार में नई पहल: छत्तीसगढ़ के 6 जिलों की 18 खदानें ई-नीलामी के लिए खुलीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में रेत खनन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। खनिज साधन विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों की 18 रेत खदानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निविदाएं 7 से 13 नवंबर तक खोली जाएंगी। खनिज साधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य जिलों की खदानों की नीलामी भी इसी प्रणाली से की जाएगी। विभागीय पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी ताकि इच्छुक पक्ष कहीं से भी भाग ले सकें। किन जिलों की खदानें शामिल ई-नीलामी के दायरे में आने वाली खदानों में रायपुर जिले की टीला, धमतरी की तेंदूकोन्हा और मुड़पार, महासमुंद की नर्रा और खेमड़ा, बालोद की नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव और पोड, बिलासपुर की जरगा/कोनचरा, कुकुर्दीकला-02 और निरतू, और रायगढ़ जिले की बरभौना, बायसी, कंचनपुर, लेबड़ा और पुसल्दा खदानें शामिल हैं। इन सभी के लिए उच्चतम निर्धारित मूल्य (सीलिंग प्राइज) तय किया जा चुका है। नई रेत नीति 2025 लागू राज्य सरकार ने हाल ही में नई रेत खनन नीति 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सभी खदानों की नीलामी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से होगी। अवैध खनन पर रोक लगाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और स्थानीय निकायों को राजस्व का बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान स्थिति और आगामी योजना फिलहाल प्रदेश में 120 रेत खदानें संचालित हैं। इसके अलावा 100 से अधिक खदानों को चालू करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। आने वाले महीनों में लगभग 150 नई खदानों को भी रिवर्स आक्शन प्रणाली से आवंटित किया जाना है। राजस्व में बढ़ोतरी और पारदर्शिता की उम्मीद खनिज विभाग का दावा है कि ई-नीलामी से न केवल रेत की आपूर्ति व्यवस्थित होगी, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। पारदर्शी प्रक्रिया से सरकार के साथ-साथ पंचायतों और नगरीय निकायों को भी राजस्व में वृद्धि होगी।

कांग्रेस ने बिहार चुनाव के दूसरे चरण के लिए स्टार प्रचारकों की घोषणा की, जानिए कौन-कौन हैं शामिल

पटना, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण को लेकर कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। कुल 40 नेताओं को इस सूची में जगह दी गई है, जो दूसरे चरण में पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। कांग्रेस की ओर से जारी सूची में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर क्षेत्रीय स्तर के कई अनुभवी और लोकप्रिय चेहरे शामिल हैं। सूची में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सबसे प्रमुख नाम हैं। ये सभी नेता चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के मुख्य संदेश को मतदाताओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और युवा नेता सचिन पायलट भी इस सूची में शामिल हैं। कांग्रेस ने इस बार अनुभवी और युवा नेतृत्व का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। दूसरे चरण के स्टार प्रचारकों की सूची में मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, सुखविंदर सिंह सुक्खू, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरु, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नसीर हुसैन, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, डॉ. मोहम्मद जावेद और सुप्रिया श्रीनेत जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके अलावा अखिलेश प्रसाद सिंह, मनोज राम, राकिबुल हुसैन, प्रमोद तिवारी, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, सुबोध कांत सहाय, अजय राय, जिग्नेश मेवाणी, रंजीत रंजन, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, अनिल जयहिन्द, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी और प्रदीप नरवाल के नाम भी शामिल हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि इन नेताओं की मौजूदगी और जनसंपर्क अभियान पार्टी को दूसरे चरण में मजबूती देगा। बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के लिए दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। इसके साथ ही चुनाव के नतीजे सामने आएंगे।  

नवंबर में गिरेगा पारा: धुंध से ढका राजस्थान, शुरू हुई कड़ाके की ठंड

जयपुर राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य रहेगा। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में अगले 2 से 3 दिनों तक आसमान साफ और दिन में धूप खिली रहने की संभावना है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वहीं, उदयपुर और कोटा संभाग में अगले 48 घंटे तक आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। बीते दिनों जिन जिलों में बारिश हुई है, अब वहां धुंध का असर भी देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह 24 से 30 अक्टूबर के बीच राज्य में औसतन 19.6 मिमी वर्षा हुई। पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कहीं-कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार नवंबर में प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने के संकेत हैं। हालांकि रात के तापमान में विशेष गिरावट नहीं होगी और सर्दी का असर सामान्य रहेगा। उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में दिन का तापमान औसत से नीचे रह सकता है। पिछले तीन दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को अलवर और आसपास के इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। वहीं उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। देर शाम तक मौसम साफ हो गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपॉल कमजोर और प्रशांत महासागर में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे भारत में (जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु को छोड़कर) नवंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर, जबकि सबसे कम 18.2 डिग्री सेल्सियस पाली में दर्ज हुआ। सीकर, टोंक, अजमेर, अलवर, बारां, प्रतापगढ़ और सिरोही में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (तापमान 31 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) — अजमेर 27.8 और 18.9, भीलवाड़ा 25.7 और 20.5, वनस्थली (टोंक) 25.6 और 18.8, अलवर 27 और 21, जयपुर 27.8 और 21.1, पिलानी 31.7 और 20.7, सीकर 29.5 और 19.5, कोटा 25.8 और 21.2, चित्तौड़गढ़ 26.3 और 19, उदयपुर 24 और 20.2, बाड़मेर 34.4 और 23.1, जैसलमेर 34.2 और 19, जोधपुर 31.8 और 22.2, बीकानेर 32.2 और 19.4, चूरू 31.5 और 20.5, गंगानगर 31.5 और 20.1, नागौर 32 और 19.2, जालोर 31 और 22.3, दौसा 28.1 और 21.5, प्रतापगढ़ 25.5 और 20.3, झुंझुनूं 29.9 और 20.5, पाली 27.1 और 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा।  

तेज रफ्तार का कहर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना मौत का हाइवे

दौसा दौसा देश के दो महानगरों दिल्ली और मुंबई को सीधे जोड़ने और यात्रा समय घटाने के उद्देश्य से बनाए गए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जानवर-रहित और सुरक्षित बताया गया था, लेकिन यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब यात्रियों के लिए मौत का हाईवे बनता जा रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू हुए 32 महीने से अधिक हो चुके हैं और अब तक 250 से ज्यादा लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। अकेले दौसा जिले में ही 180 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। जानवरों के कारण बढ़ रहे हादसे केंद्र सरकार के जानवर-रहित हाइवे के दावे हवा में नजर आ रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर रोजाना लावारिस पशु घूमते देखे जा रहे हैं, और ज्यादातर हादसे इन्हीं की वजह से हो रहे हैं। भारी-भरकम टोल चुकाने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा नहीं मिल पा रही है। मॉनिटरिंग सिस्टम फेल, रफ्तार पर नहीं लग रही लगाम वाहनों की तेज रफ्तार हादसों का बड़ा कारण बन चुकी है। एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा के अनुसार तैयार किया गया था, लेकिन मॉनिटरिंग की कमी के चलते कई कारें 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक दौड़ रही हैं। चालक की झपकी और लापरवाही भी कई दुर्घटनाओं की वजह बन रही है। हाई-टेक कैमरे भी बेअसर हादसे रोकने के लिए हर 100 मीटर पर थर्मल सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीड वाहनों की पहचान कर एनएचएआई और यातायात पुलिस को सूचना देने के लिए हैं। बावजूद इसके, हादसों में कोई कमी नहीं आई है। सुरक्षा दीवारें टूटीं, जानवरों का आसान प्रवेश एनएचएआई के दावों के विपरीत, कई जगहों पर एक्सप्रेसवे के किनारे सुरक्षा दीवारें टूटी हुई हैं या बनाई ही नहीं गईं। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह दीवार तोड़कर रास्ते बना लिए हैं, जिससे आवारा पशु और दुपहिया वाहन आसानी से एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। हाईवे के किनारे मिट्टी डालकर बनाए ढाबे और दुकानें पिलर संख्या 190 के आसपास हाइवे की सीमा में मिट्टी डालकर समतलीकरण कर ढाबे और दुकानें खोल ली गई हैं। यहां ट्रक खड़े रहते हैं, जबकि यह क्षेत्र नो-पार्किंग जोन है। कई स्थानों पर 10 फीट ऊंचाई तक मिट्टी भरकर हाइवे से जुड़ाव बना लिया गया है। स्थानीय लोग खुलेआम व्यापार कर रहे हैं, लेकिन एनएचएआई अधिकारियों की अनदेखी के कारण स्थिति बेकाबू है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह ड्रीम प्रोजेक्ट, जो देश की आधुनिक सड़क प्रणाली की मिसाल माना जा रहा था, अब लगातार हादसों और लापरवाही के कारण सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश, 29 जिलों में भीगेंगे लोग

पटना बिहार में आज का मौसम बारिश भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार,  राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना और आसपास का मौसम राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे चला गया है। “क्या आज बारिश होगी?”  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शाम तक कई जिलों में बारिश के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। आज का मौसम बिहार पूरी तरह से मॉनसून जैसा बना हुआ है। मोंथा तूफान का असर जारी, तीन दिन से लगातार बारिश मौसम विभाग ने बताया है कि मोंथा तूफान के कारण गंगा किनारे के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इन जिलों में आज होगी बारिश मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज इन राज्य के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, जमुई, नवादा और गया में बारिश की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा, वज्रपात और मेघगर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता, रबी फसल पर असर लगातार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर कटे हुए धान की फसल खेतों में सड़ने लगी है। रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि खेतों में जलजमाव  की स्थिति बन गई है। इसका असर सरसों, आलू और मक्का की बुआई पर पड़ रहा है। कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि 2 नवंबर को भी बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि दक्षिण बिहार में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। अगले 48 घंटों में मौसम सामान्य होने की उम्मीद है।