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मोहन भागवत का पाकिस्तान को करारा संदेश, जानें क्या कहा

सतना  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सतना में आयोजित एक कार्यक्रम में इशारों ही इशारों में पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए अखंड भारत का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि कई सिंधी भाई यहां बैठे हैं। बेहत खुशी की बात है कि वे अविभाजित भारत में आए। परिस्थितियों ने हमें उस घर (पाकिस्तान) से यहां भेजा है क्योंकि वह घर और यह घर (भारत) अलग नहीं हैं। पूरा भारत एक घर है, लेकिन किसी ने हमारे घर का एक कमरा हटा दिया और उस पर कब्जा कर लिया है। मुझे इसे वापस लेना है। ऐसे में हमें अखंड भारत याद रखना होगा। सतना में बीटीआई ग्राउंड में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत सारे सिंधी भाई यहां बैठे हैं। मुझे बड़ा आनंद है कि वो पाकिस्तान नहीं गए। वो अविभाजित भारत आए। ये आदत नई पीढ़ी तक जानी चाहिए क्योंकि हमारा घर है। परिस्थितियों ने हमें उस घर से यहां भेजा है। वह घर और यह घर अलग नहीं है। इसके बाद आगे अपने संबोधन में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इशारों ही इशारों में बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पूरा भारतवर्ष एक घर है। लेकिन हमारे घर का एक कमरा, जिसमें मेरा टेबल, कुर्सी और कपड़ा आदि सामान रहता था उसे किसी ने कब्जा लिया। कल मुझे उसे वापस लेकर वहां फिर से अपना डेरा डालना है। हमें अविभाजित भारत याद रखना है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि वैसे ही हमारी एक भाषा है। भारत में सबकी एक भाषा है और वह है हृदय भाषा… हमें तय कर लेना है कि भाषा-भूषा, भजन, भवन, भ्रमण और भोजन सभी हमें हमारा चाहिए। हमारी पंरपरा में यह जैसा है वैसा चाहिए। दुनिया का इतिहास बहुत पुराना है लेकिन किसी देश के पास इतना गौरवपूर्ण इतिहास नहीं है जितना भारत के पास है। हमारे महापुरुष आज भी हमारे आदर्श हैं। आज भी गुरुओं और गुरुपुत्रों के बलिदान को पूरे देश में माना जाता है। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सतना जिले में रविवार को सिंधी समाज के आध्यात्मिक गुरु बाबा मेहरशाह के नवनिर्मित दरबार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि एक अंग्रेज ने टूटा हुआ दर्पण दिखाकर हमारे बीच फूट डाली थी जबकि हम सभी सनातनी हैं। अब हमें गुरुओं के दिखाए आध्यात्मिक दर्पण से खुद को देखना चाहिए।  

एमपी में कफ सिरप से बच्चों की मौत का खतरा, यूपी सरकार ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ  मध्य प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सहायक आयुक्त औषधि दिनेश कुमार तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को चेतावनी जारी की है। जारी आदेश में सभी औषधि निरीक्षकों को सम्बंधित बैच की बिक्री रोकने के साथ ही उनके नमूने राज्य औषधि प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ योगी सरकार ने भी सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और रिपोर्ट आने तक उक्त कफ सिरप का प्रयोग पूर्णतः बंद रखा जाए। रविवार को सहायक औषधि आयुक्त के स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि मेसर्स स्रेशन फार्मक्यूटिकल द्वारा खास बैच के कोल्ड आरआईएफ़ सिरप में डाईएथिलीन ग्लाइकाल और एथेलिन ग्लाइकाल जैसे विषैले रसायनों की मौजूदगी की आशंका है। ये दोनों रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं और इनका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। तिवारी ने अपने आदेश में सभी औषधि विक्रेताओं, सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि उक्त बैच के कफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग तत्काल रोका जाए। साथ ही दुकानों व अस्पतालों में उपलब्ध स्टॉक का नमूना जांच हेतु लखनऊ स्थित राज्य औषधि प्रयोगशाला में तत्काल भेजा जाए। उन्होंने औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानों पर औषधि की उपलब्धता की जांच करें और नमूने एकत्र कर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें। निर्माण प्रयोगशालाओं को भी कफ सिरप में प्रयुक्त प्रोपलीन ग्लाइकाल के नमूनों की जांच करने को कहा गया है। अपने आदेश में तिवारी ने कहा कि लखनऊ प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी उत्पादकों और वितरकों पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में हुए शामिल

आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय के मध्य क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण हेतु हुआ एमओयू कोल इंडिया और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के मध्य महत्वपूर्ण समझौता 5 माइनिंग ब्लॉकों की एनआईटी जारी और 9 खदानों को दिए गए प्रिफर्ड बिडर आदेश पर्यावरण प्रबंधन और सुरक्षा मानकों के साथ बेहतर कार्य करने वाले 43 खदानों को मिले स्टार अवॉर्ड रायपुर छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, सोना, हीरा और कॉपर जैसे बहुमूल्य खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। हाल की खोजों से राज्य क्रिटिकल और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में और सशक्त हुआ है। मुख्यमंत्री  साय ने आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय, तथा कोल इंडिया और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के मध्य महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित हुए। साथ ही 5 माइनिंग ब्लॉकों की एनआईटी जारी की गई और 9 खदानों को प्रिफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री  साय ने खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल तथा रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी के लिए रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खनिजों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में खनन और नए उद्योगों की अपार संभावनाओं को देखते हुए पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष डीएमएफ से 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ, जिससे 9,362 विकास कार्य स्वीकृत किए गए। वर्ष 2024-25 में राज्य को 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है और पाँच नए ब्लॉकों की निविदा आज जारी की गई है। यह पारदर्शी प्रक्रिया राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत जिला खनिज न्यास नियम-2025 लागू किए गए हैं। डीएमएफ पोर्टल 2.0 से निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया को सशक्त किया गया है, जिसके लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित भी किया है। उन्होंने कहा कि नई रेत नीति-2025 से पारदर्शिता बढ़ी है और जल्द ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी। सतत खनन के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्रिटिकल मिनरल्स के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन और कोल इंडिया लिमिटेड के मध्य एमओयू हुआ है। वहीं क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने हेतु आईआईटी रुड़की और आईएसएम धनबाद के साथ भी एमओयू साइन किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक और सतत खनन के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास और पारदर्शिता की नई कहानी लिख रहा है। छत्तीसगढ़ निश्चित ही प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार माइनिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय और नवाचारी कार्य कर रही है। खनन से राजस्व और रोजगार दोनों बढ़े हैं तथा सरकार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार कर रही है। राज्य में अब टिन से निकलने वाले स्लज से दो नए तत्वों का उत्पादन शुरू हुआ है। साथ ही क्रिटिकल ओअर रिसाइक्लिंग और ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिजों का खनन होता है, जिनमें टिन, बॉक्साइट, कोयला, लाइमस्टोन और आयरन ओर प्रमुख हैं।  मुख्य सचिव  विकासशील ने कहा कि नौ वर्ष बाद माइनिंग कॉन्क्लेव का पुनः आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। खनिज क्षेत्र प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्य सचिव ने पारदर्शिता, तकनीकी उपयोग, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग को भविष्य की आवश्यकता बताया। उन्होंने राज्य की नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। खनिज विभाग के सचिव  पी. दयानंद ने छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रदेश में खनिज उपलब्धता, नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था, उत्खनन में नवीन तकनीकों के उपयोग, विभाग की उपलब्धियों और गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। संचालक भौमिकी एवं खनिज साधन  रजत बंसल ने भी अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की गाइडलाइन और डीएमएफ पोर्टल 2.0 का विमोचन छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में मुख्यमंत्री  साय ने खनिज न्यास निधि का प्रभावित क्षेत्रों में उपयोग, कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता, सुशासन, प्रभावी संचालन एवं निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से डीएमएफ पोर्टल 2.0 का विमोचन किया। इस पोर्टल में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) की गाइडलाइनों के अनुरूप और छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधित 2025) में किए गए संशोधनों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल 2.0 का किया शुभारंभ खनिज विभाग ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल 1.0 का उन्नयन कर 2.0 संस्करण तैयार किया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री  साय ने किया। यह पोर्टल खनन प्रबंधन यात्रा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह केवल तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि राज्य की पारदर्शिता, जिम्मेदारी और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। खनिज ऑनलाइन 2.0 छत्तीसगढ़ के खनन प्रबंधन को देश भर में एक मॉडल सिस्टम के रूप में स्थापित करेगा और आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने एमएसटीसी द्वारा निर्मित रेत खदानों के रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा को साकार करते हुए रेत खदानों की पारदर्शी और निष्पक्ष नीलामी के लिए भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है। मुख्यमंत्री  साय ने आज एमएसटीसी द्वारा निर्मित रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल से रेत खदानों का आबंटन तेज … Read more

सिरप सेवन से मौत मामले में केंद्रीय मंत्री ने उठाई जांच की मांग

जयपुर राजस्थान में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत वितरित की जा रही खांसी की दवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बीते दिनों Dextromethorphan Hydrobromide Syrup लेने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने और कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चों की हालत यह दवा लेने के बाद ही खराब हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने संबंधित कंपनी कायसन फार्मा की दवाओं की जांच करवाई, लेकिन रिपोर्ट में कंपनी को क्लीन चिट दे दी गई।  शेखावत ने कही ‘पूरी जांच’ की बात रविवार को जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से इस मामले में प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि दवाओं के मानकीकरण को लेकर भारत सहित पूरी दुनिया में एक निश्चित प्रोटोकॉल निर्धारित है। किसी भी दवा को मानव उपभोग के लिए अनुमति देने से पहले उसे कठोर परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी अधिक सख्त परीक्षण प्रणाली अपनाई जाती है। फिर भी यदि किसी तकनीकी कारण, रासायनिक प्रतिक्रिया या किसी अन्य वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं, तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। शेखावत ने यह भी जोड़ा कि भारत में दवाओं की लाइसेंसिंग, प्रत्येक बैच की पहचान और टेस्टिंग को लेकर सुव्यवस्थित और सख्त नियम बने हुए हैं और यदि कहीं चूक हुई है तो कार्रवाई तय है।   भरतपुर, सीकर और चूरू से आईं शिकायतें गौरतलब है कि बीते दिनों भरतपुर, सीकर और अन्य जिलों से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में दी जा रही Dextromethorphan HBr Syrup IP 13.5mg/5ml की गुणवत्ता पर सवाल उठे। पहली शिकायत 28 सितंबर 2025 को भरतपुर से आई, जिसमें बैच नंबर KL-25/147 की दवा का जिक्र था। इसके अगले दिन, 29 सितंबर को सीकर से बैच नंबर KL-25/148 को लेकर शिकायत मिली। शनिवार को चूरू से जयपुर रेफर किए गए छह वर्षीय बच्चे की मौत भी इसी सिरप के सेवन के बाद हुई, जिससे विवाद और गहरा गया।   सरकार की कार्रवाई पर उठे सवाल राज्य सरकार द्वारा कैसन फार्मा की दवा की जांच रिपोर्ट में कोई खामी न मिलने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा नेशनल पार्क का किया भ्रमण

  चाय बागान में श्रमिकों और बहनों से किया आत्मीय संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम प्रवास के दौरान रविवार को विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और चाय बागान का भ्रमण किया। उन्होंने बागान में चाय उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन कर स्थानीय किसानों और श्रमिक बहनों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाय उद्योग असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। परिश्रम, अपनत्व एवं सादगी की धरती असम और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में भी परस्पर सहयोग, विश्वास और साझेदारी को बढ़ाने के लिए विशेष पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण की मनमोहक झलक देखी एवं हाथियों को स्नेह से गन्ना खिलाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन के लिये नवाचारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उद्यान भ्रमण के दौरान अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। उल्लेखनीय है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे सहित पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया। यह उद्यान हाथियों, जंगली भैंसों, दलदली हिरणों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों का आश्रय स्थल है। यह उद्यान वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी विख्यात है।

बैतूल में दो मासूमों की मौत, जहरीले सिरप से बढ़ता जा रहा संकट

बैतूल मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्च्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में अन्य 11 बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैतूल जिले में पहला मामला निहाल (2 वर्ष) पुत्र निखिलेश धुर्वे, निवासी जामुन बिछुआ का है। तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को बैतूल और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला कबीर (3 वर्ष 11 माह) पुत्र कैलाश यादव, निवासी राम नगर ढाना कलमेश्वरा का है। उसने भी इसी डॉक्टर से इलाज कराया था और 8 सितंबर को उसकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के इलाज का समय अलग-अलग था, पर डॉक्टर एक ही निकला। परिजनों ने शक जताया है कि कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की हालत बिगड़ी थी। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दवा प्रतिबंधित थी या नहीं। दोनों मामलों में पोस्टमॉर्टम नहीं होने के कारण वास्तविक कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि आमला विकासखंड के जामुन बिछुआ और कमलेश्वरा गांव में दो बच्चों की मृत्यु हुई है। दोनों का इलाज परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। मामले की जांच की जा रही है, और परिजनों से चर्चा के बाद इलाज से जुड़े दस्तावेज एकत्रित किए जाएंगे। अभी यह साफ नहीं है कि दोनों बच्चों को कफ सिरप दिया गया था या नहीं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप साहू ने बताया कि निहाल को गंभीर किडनी फेल्योर की समस्या थी और उसे भोपाल रेफर किया गया था। मृतक निहाल के पिता निखिलेश धुर्वे ने कहा कि परासिया के डॉक्टर ने जो दवा दी थी, उसे देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ी और वह नहीं बच पाया। उन्होंने कहा कि अब वे चाहते हैं कि प्रशासन सच्चाई सामने लाए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं, इलाज के तरीके और सिरप की जांच की जा रही है।

हिंसा में मारे गए लोगों के लिए न्याय की गुहार, जेल से सोनम वांगचुक का संदेश

जोधपुर लद्दाख हिंसा के बाद जेल में बंद सोनम वांगचुक ने लेह विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई चार लोगों की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं हो जाती, वह जेल में रहने को तैयार हैं। वांगचुक वर्तमान में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। पुलिस ने उन्हें 26 सितंबर को हिरासत में लिया था। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के नेता सज्जाद कारगिली ने एक्स पर पोस्ट सोनम वांगचुक का संदेश शेयर किया है। सोनम से उनके भाई कात्सेतन दोरजे ले और वकील मुस्तफा हाजी ने 4 अक्टूबर को जेल में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से कहा, मैं शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ हूं और सभी की चिंता और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं। उन लोगों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना, जिन्होंने अपनी जान गंवाई और जो लोग घायल हुए हैं और गिरफ्तार हुए हैं। हमारे चार लोगों की हत्या की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, मैं जेल में रहने के लिए तैयार हूं। सोनम ने अपने संदेश में कहा कि मैं 6ठी अनुसूची और राज्य का दर्जा पाने की हमारी वास्तविक संवैधानिक मांग में सर्वोच्च निकाय, केडीए और लद्दाख के लोगों के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं। सर्वोच्च निकाय लद्दाख के हित में जो भी कदम उठाएगा, मैं तहे दिल से उनके साथ हूं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति और एकता बनाए रखें, और अहिंसा के सच्चे गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखें।   कल सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून  के तहत की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट की 6 अक्तूबर की कार्यसूची के अनुसार, यह याचिका न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एन. वी. अंजनिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को लद्दाख में हुए प्रदर्शन के दो दिन बाद एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था। यह प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर किया गया था, जिसमें चार लोगों की मौत और करीब 90 लोग घायल हुए थे।

महर्षि वाल्मीकि जयंती : सीएम योगी का कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी व जनसहभागिता पर जोर

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने किया कलाकारों का चयन सभी देव मंदिरों व महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों पर होंगे महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक आयोजन, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन/दीपदान आदि कार्यक्रम लखनऊ,  योगी सरकार 7 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से वाल्मीकि जयंती मनाएगी। इस दौरान अनेक भव्य कार्यक्रम होंगे। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन आदि कराए जाएंगे। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली चित्रकूट में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। योगी सरकार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ जनसहभागिता पर विशेष जोर रहे।   यूपी के सभी जनपदों में होंगे आयोजन योगी सरकार के निर्देशानुसार 7 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान के साथ-साथ रामायण पाठ कराए जाएंगे। यह कार्यक्रम जनपद, तहसील व विकास खंड स्तर पर होंगे। सीएम योगी ने हर आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था का निर्देश दिया है। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन योगी सरकार महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में वृहद आयोजन कराएगी। उप निदेशक (पर्यटन) आरके रावत को कार्यक्रम का नोडल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि लालापुर में महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ सुबह 11 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत विराट महाराज व संस्कृत के अध्ययनरत बच्चों द्वारा रामायण पाठ होगा। दयाराम रैकवाड़ व टीम की तरफ से आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पूजन-हवन, भजन, वाल्मीकि रामायण पाठ, लवकुश प्रसंग समेत अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और जनसहभागिता भी रहेगी। इसके अलावा तुलसीदास आश्रम राजापुर चित्रकूट, वाल्मीकि आश्रम बिठूर कानपुर, वालमीकि आश्रम श्रावस्ती, अयोध्या, प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में आयोजन होगा। स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार देव मंदिरों में होने वाले रामायण पाठ समेत अन्य कार्यक्रमों में योगी सरकार स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच उपलब्ध कराएगी। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जनपद में चयनित मंदिरों व स्थलों पर कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन किया गया है। इसका समन्वय संस्कृति विभाग, सूचना-जनसंपर्क विभाग, जिला पर्यटन व संस्कृति परिषद द्वारा किया जाएगा। हर जनपद में आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। योगी सरकार का कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जनसहभागिता पर जोर है।

बोले मुख्यमंत्री, फील्ड में वही अधिकारी तैनात हों जिनकी छवि साफ और लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट हो

जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ से बाजार में तेजी, आने वाले महीनों में दिखेगा सकारात्मक असर: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, धनतेरस व दीपावली पर अनावश्यक छापेमारी या जांच से बचें सितम्बर तक राज्य कर विभाग को ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति बोगस फर्मों व फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई जारी, अब तक ₹873.48 करोड़ के फर्जी दावे पकड़े गए लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य कर विभाग में तैनाती का आधार केवल ‘परफॉर्मेंस’ होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फील्ड में वही अधिकारी तैनात किए जाएं जो लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्ध हों और जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो। मुख्यमंत्री रविवार को राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोनल अधिकारियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ के बाद बाजार में तेजी देखी जा रही है और आने वाले महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि धनतेरस और दीपावली के अवसरों पर अनावश्यक जांच अथवा छापेमारी की कार्रवाई से बचा जाए। व्यापारियों और उद्यमियों के उत्पीड़न की शिकायत कहीं से भी नहीं आनी चाहिए। बैठक के दौरान जोनवार समीक्षा में अवगत कराया गया कि बरेली (64.2%), सहारनपुर (63.7%), मेरठ (63.0%), गोरखपुर (62.5%) और झांसी (62.1%) जैसे जोनों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं कुछ जोनों में लक्ष्य पूर्ति 55 से 58 प्रतिशत के बीच रही, जहां सुधार की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी प्रथम व द्वितीय, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ प्रथम व द्वितीय, कानपुर प्रथम व द्वितीय, इटावा, झांसी, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद प्रथम व द्वितीय, गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर सहित सभी जोनों की संभागवार और खंडवार समीक्षा की। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों से कहा कि 50 प्रतिशत से कम राजस्व संग्रह वाले खंडों की स्थिति का कारण स्पष्ट करें और सुधार की कार्ययोजना तत्काल तैयार करें। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि बरेली, झांसी और कानपुर प्रथम जोन में कोई भी खंड 50 प्रतिशत से कम संग्रह वाला नहीं है, जो संतोषजनक है। वहीं, असंतोषजनक प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति का संकल्प लेकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मार्केट मैपिंग करें, सामान्य रूप से बाजार में जाएं, व्यापारियों से मिलें और उनकी अपेक्षाओं को समझें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मंडी शुल्क में कमी से किसानों को राहत और राजस्व में वृद्धि दोनों हुई हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली हमेशा लाभकारी होती है। उन्होंने व्यापारियों से संवाद बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने और समय से रिटर्न फाइल कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितम्बर माह तक राज्य कर विभाग को कुल ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति हुई है। इसमें ₹40,000 करोड़ जीएसटी तथा ₹15,000 करोड़ वैट/नॉन-जीएसटी से प्राप्त हुए हैं। गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि में ₹55,136.29 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य कर विभाग को ₹1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹1,56,982 करोड़ की तुलना में लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में अग्रणी योगदान देना चाहिए और इसके लिए नियोजित प्रयास किए जाएं। बैठक में बोगस फर्मों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। विभाग द्वारा अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की गई है, जिन पर जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी सर्वोपरि है। जहां कमी दिखाई दे, वहां कारणों की समीक्षा कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बकाया वसूली, फर्जी आईटीसी की रोकथाम और लंबित जीएसटी/वैट मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं की सुविधा और विश्वास अर्जन ही स्थायी राजस्व वृद्धि का आधार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि करदाता-मित्रवत वातावरण तैयार करते हुए ई-गवर्नेंस प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राजस्व वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार है। विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि कर संग्रह का प्रत्येक रुपया प्रदेश के विकास में योगदान दे।” उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राजस्व सृजन की गति और पारदर्शिता, दोनों पर समान ध्यान देने तथा करदाता जनसहजता बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अदम्य शौर्य और साहस की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अपनी वीरता, दृढ़ता और साहस से अमर शौर्य गाथा लिखने वाली, नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना रानी दुर्गावती का मातृभूमि व स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुगलों के विरुद्ध संघर्ष और उनका बलिदान हम सबके लिए सदैव प्रेरणास्पद रहेगा।