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CEC ने बताया बिहार में वोटर लिस्ट सुधार और भाषा-अभिवादन नियम, जानें क्या कहा

पटना मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बिहार के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार के 90217 BLOs ने अपने-अपने क्षेत्र में वोटर लिस्ट को सफलतापूर्वक अपडेट किया है। उन्होंने BLOs के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके प्रयासों ने न केवल मतदाता सूची को दुरुस्त किया, बल्कि पूरे देश के अन्य BLOs को भी ये काम करने के लिए प्रेरित किया है। भोजपुरी-मैथिली में अभिवादन CEC ने स्थानीय भाषाओं के प्रति सम्मान दिखाते हुए भोजपुरी और मैथिली में बिहार के लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के पर्व को उसी उत्साह से मनाने का आह्वान किया, जिस उत्साह से वे छठ पूजा और अन्य त्योहार मनाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अनिवार्य रूप से वोट डालें। बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव होना है, क्योंकि प्रदेश की वर्तमान सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम दो दिनों से बिहार के दौरे पर थी और उसने चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजनीतिक दलों, प्रशासन, चुनाव अधिकारियों और पुलिस विभाग के साथ विस्तृत बैठकें कीं। 15 दिन में मिलेगा वोटर आईडी कार्ड भोजपुरी और मैथिली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कीस शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिहार के सब मतदाता के अभिवादन करत बानी, बिहार के सभी मतदाता के अभिवादन करई छी। जैसे हम महापर्व छठ को आस्था और उत्सव की तरह मनाते हैं, उसी तरह लोकतंत्र के महापर्व को भी मनाएं, अपना भागीदारी पक्का करीं, जिम्मेदारी निभाईं और वोट जरूर करीं। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार बड़ी पहल की गई है। CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सुनने में आता था कि वोटर आईडी कार्ड मिलने में देरी होती थी लेकिन अब चुनाव आयोग ने ऐसी व्यवस्था की है कि वोटर को 15 दिन के अंदर उनका वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा।

तेज प्रताप का देसी ग्लैमर: चुनावी माहौल में धोती-कुर्ता में रैंप वॉक

मुजफ्फरपुर बिहार की राजनीति में अपने बयानों और अनोखे अंदाज से हमेशा सुर्खियां बटोरने वाले तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। कभी महादेव तो कभी भगवान कृष्ण का रूप धारण करने वाले तेज प्रताप का नया लुक सामने आया है, जिसमें वे पूरी तरह ठेठ बिहारी रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। उन्होंने धोती-कुर्ता, बंडी और टोपी पहनकर रैंप वॉक किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनका ये 'देसी' अवतार बिहार के लोगों के साथ सीधा जुड़ाव पैदा कर रहा है। 'तेजू भैया' के नाम से मशहूर तेज प्रताप यादव, पार्टी से निकाले जाने के बाद से ही आरजेडी और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को लगातार चुनौती दे रहे हैं। 'देसी' अंदाज में तेज प्रताप का रैंप वॉक वायरल हो रहे वीडियो में तेज प्रताप यादव पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलते दिख रहे हैं। जैसे ही उन्होंने मंच पर कदम रखा, दर्शकों ने तालियों और शोर से उनका स्वागत किया। धोती-कुर्ता में उनका ये जलवा सोशल मीडिया पर 'बवाल' मचा रहा है। लोगों की 'वन्स मोर' की मांग पर उन्होंने शो की मैनेजमेंट टीम के साथ दोबारा रैंप वॉक किया, जिसमें एक पुराने खिलाड़ी वाला कॉन्फिडेंस साफ झलकता है। ये वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंडिंग में है। यूजर्स ने बताया 'बिहार का देसी स्टार तेज प्रताप के इस 'देसी अवतार' को सोशल मीडिया यूजर्स खूब सराहा रहे हैं। वीडियो पर जमकर लाइक्स और पॉजिटिव कमेंट्स आ रहे हैं। यूजर्स ने हार्ट इमोजी की बौछार कर दी है। कई लोग इसे उनके अच्छे संस्कारों से जोड़कर देख रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया है, 'जय यादव जय माधव जय सनातन संस्कृति को बचाने को लिए धन्यवाद।' दूसरे यूजर्स उन्हें 'बिहार का देसी स्टार' बताकर उनकी तारीफ किया। उनका यह लुक चुनाव से पहले बिहार के लोगों से जुड़ने की कोशिश मानी जा रही है। धोती-कुर्ता में सभा को किया संबोधित धोती-कुर्ता में तेज प्रताप ने मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट विधानसभा के पीरौंछा में जन संवाद यात्रा के तहत भारी बारिश में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, 'हजारों की संख्या में जनता जनार्दन ने भारी बारिश के बीच हमें सुनने का जो का काम किया उसके लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। जनशक्ति जनता दल का विस्तार प्रतिदिन बहुत ही तेज गति से हो रहा है, ये सब आपलोगों के प्रेम, सहयोग और समर्थन के कारण ही संभव हो पा रहा है।'

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आसाम के वन्य जीव कन्वेंशन सेंटर का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को आसाम राज्य के कोहोरा स्थित वन्य जीव कन्वेंशन सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने सेंटर में वन्य जीवों के संधारण एवं प्रजाति संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “वन्य जीव हमारी धरोहर हैं। ये धरती की खुशहाली का प्रतीक हैं। मध्यप्रदेश में भी वन्य जीव संरक्षण के लिए अनेक नवाचार और प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस कन्वेंशन सेंटर कम म्यूजियम की पहचान न केवल वन्य जीव संरक्षण कार्यों से, बल्कि अवैध शिकार और वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर रोकथाम के लिए किए गए ठोस कदमों से भी जुड़ी है। यहाँ 22 सितंबर 2021 को विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर यहां राज्यभर से बरामद 2,479 गैंडों के सींगों का औपचारिक दहन किया गया था। यह कदम आसाम की वन्यजीव संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। इन सींगों के विनाश से पहले चुनिंदा सींगों के नमूने सावधानीपूर्वक सुरक्षित किए गए थे, ताकि भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों में उनका उपयोग किया जा सके। जुलाई 2025 में इन नमूनों की संख्या बढ़कर 2,573 हो गई, जिन्हें डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भेजा गया था। इस सेंटर में हुई यह वैज्ञानिक पहल इसीलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जब्त किए गए सींगों की उत्पत्ति का पता लगाने, उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि करने और वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध फोरेंसिक जांच को मजबूती देने में सहायक सिद्ध हो रही है। इससे गैंडा प्रजाति के संरक्षण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पूरी पारदर्शिता के साथ प्रभावी कार्यवाही को अंजाम देने के लिए सशक्त आधार (इथिकल बेसिस) भी मिल रहे हैं।

रीवा हवाई कनेक्टिविटी: दिवाली से पहले फ्लाइट से पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट

रीवा मध्य प्रदेश के साथ विंध्य क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की जनता को दीवाली से पहले एक और बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। अब रीवा एयरपोर्ट से रीवा भोपाल के साथ-साथ रीवा से इंदौर के लिए इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट प्रतिदिन शुरू होने जा रही है। इनकी मदद से विंध्य के यात्री अब भारत के महानगरों का सफर आसानी से तय कर सकेंगे। इसके लिए इंडिगो कंपनी रीवा सहित नवी मुंबई में अपना सब स्टेशन शुरू करने जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार संभवत अक्टूबर माह के अंत में कनेक्टिंग इंडिगो फ्लाइट की शुरुआत रीवा से हो जाएगी। हवाई यातायात का विंटर शेड्यूल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इस विंटर शेड्यूल में रीवा से दिल्ली व मुंबई फ्लाइट का भी जिक्र किया गया है। 8 अक्टूबर के बाद नई उड़ान नवी मुंबई के लिए प्रारंभ होगी। इसके साथ ही इंदौर से कनेक्टिंग फ्लाइट रीवा से जाने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। यहां के लिए रहेगी कनेक्टिंग फ्लाइट बता दें कि ऐसे 12 शहर हैं जिन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट रीवा से इंदौर जाने वाले यात्रियों को मिलेगी। इससे रीवा जल्द ही देश के सभी प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा। रीवा के लोगों के लिए रीवा-पुणे, रीवा-हैदराबाद, रीवा-बैंगलोर, रीवा-गोवा, दिल्ली और मुंबई जाना बेहद सुलभ और आसान हो जाएगा। फ्लाइट शुरू होने से बढ़ेगा निवेश इस संदर्भ में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश के डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि रीवा इंदौर के बीच शुरू होने वाली इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट से जहां विंध्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर रीवा को मेडिकल हब बनाए जाने का सपना भी साकार हो सकेगा। विंध्यवासियों के लिए यह एक सौगात है। टूरिज्म इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट इन कनेक्टिंग फ्लाइट के चालू होने से रीवा में टूरिज्म इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा। विंध्य क्षेत्र के रीवा में घूमने के लिए कई प्राकृतिक जगहें,जिनमें झरना, नदी शामिल है। इसके साथ ही व्हाइट टाइगर सफारी, कई प्राचीन मंदिर है। फ्लाइट शुरू होने से बाहरी लोगों को यहां पहुंचना आसान हो जाएगा। बता दें अभी तक रीवा एयरपोर्ट से फ्लाइट ओला कंपनी का एक ही विमान भोपाल के लिए उड़ान भरता था। इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू हो जाने से आप रीवा से इंदौर सहित अन्य महानगरों से रीवा सीधे जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ की धरती सदा से रही है साहित्य और संस्कृति की धरा

प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि पर हुआ राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन का आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से विगत रात्रि आयोजित राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य और संस्कृति की धरा रही है। मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाकवि कालिदास ने इसी धरती पर मेघदूत जैसे अमर काव्य की रचना की, वहीं गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे यशस्वी साहित्यकारों ने इसी मिट्टी से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र रायगढ़ के सुप्रसिद्ध संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग का यह अभिनव प्रयास प्रदेश की कला, साहित्य और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहन देने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा साहित्यकारों, रचनाकारों और कलाकारों को निरंतर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित तीनों विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से युवा कवियों को देश के ख्यातिलब्ध कवियों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे उनके रचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी। छत्तीसगढ़ की संस्कृति गीत, नृत्य और भावनाओं का जीवंत संगम है : उपमुख्यमंत्री अरुण साव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि यह सम्मेलन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा कवियों के लिए सीखने और सृजन की प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति आरंभ से ही समृद्ध रही है — यहाँ मनुष्य के जीवन से लेकर मृत्यु तक हर अवसर पर गीत गाए जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब खेतों में बुआई का समय आता है, तो पूरे वातावरण में ददरिया की मधुर ध्वनि गूंजती है। यहाँ विविध वाद्य, गीत, नृत्य और लोककलाओं की अनूठी परंपरा रही है। श्री साव ने कहा कि यह प्रदेश संतों, महात्माओं और कवियों की कर्मभूमि रहा है, जहाँ से समाज को सदैव नई दिशा मिली है। उन्होंने प्रदेशभर से आए युवा कवियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया। प्रख्यात कवियों का मनमोहक काव्यपाठ सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कविता तिवारी और मनु वैशाली ने अपनी ओजपूर्ण एवं भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रदेश की प्रतिभाओं को मिला सम्मान राज्य स्तरीय युवा कवि प्रतियोगिता में बिलासपुर जिले की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, मीरा मृदु ने द्वितीय स्थान तथा कोरिया जिले की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय ने सभी विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित विभिन्न आयोग एवं मण्डल के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, कवि एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।

AQI अलर्ट: दिवाली से पहले ग्रेटर नोएडा ने छूई खतरनाक सीमा, देश में सबसे प्रदूषित शहर बना

ग्रेटर नोएडा ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी और वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है, लेकिन इस बार भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तैयारी लगभग न के बराबर है। दोनों विभाग टूटी-फूटी और धूल वाली सड़कों की सफाई के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं, जबकि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान लागू करने से पहले ही वायु प्रदूषण के स्रोत समाप्त करने का निर्देश दिया है। शनिवार को ग्रेटर नोएडा देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया। ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 227 मापा गया है। जैसे ही सर्दियाँ आती हैं, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की हवा प्रदूषित हो जाती है। हर साल यह समस्या दोहराती है, इसलिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ठंड शुरू होने से पहले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है। इसमें सड़कों से धूल हटाना, टूटी हुई सड़कों की मरम्मत करना, ट्रैफिक जाम दूर करना, खुले में कचरा फैलाने और जलाने पर रोक लगाना शामिल है। हालांकि इस बार भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं है। शहर की अधिकांश सड़कें खराब हालत में हैं, जहां धूल बिखरी हुई है और वाहनों की आवागमन से हवा में धूल उठ रही है। फिर भी धूल हटाने की कोई योजना बनाई नहीं गई है। सांस लेना भी मुश्किल ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। लोग बताते हैं कि 1 से 15 अक्टूबर के बीच वायु प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है। इस बार दिवाली और अन्य त्योहर भी हैं, जिनमें आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण और गहरा हो जाता है, जिससे सांस लेना कठिन हो जाता है। इसके बावजूद प्राधिकरण और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोई तैयारी नहीं की है, जिससे लोगों को प्रदूषण सहन करना पड़ सकता है। बारिश के बाद मिली तीन दिन की राहत खत्म होते ही ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण फिर से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटों में यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 123 अंक बढ़कर ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। जहां शुक्रवार को एक्यूआई 104 था, वहीं शनिवार को यह 227 तक पहुंच गया। यदि यही स्थिति बनी रही, तो अगले दो दिनों में एक्यूआई 300 से ऊपर चले जाएगा।

अशोक गहलोत का ‘जादूगर ट्रैक’: कांग्रेस की जीत की कहानी बिहार से पहले कहां-कहां हुई कामयाब

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस हाईकमान ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्य पर्यवेक्षक बनाया है। आगामी दिनों में गहलोत बिहार जाकर चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अशोक गहलोत पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी राज्य में मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया हो। आइए जाते हैं अशोक गहलोत को बिहार से पहले किस-किस चुनावी राज्य में जिम्मेदारी दी गई और वहां कांग्रेस की प्रदर्शन कैसा रहा… अशोक गहलोत के साथ इन नेताओं को भी दी गई बिहार की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और लोकसभा में पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकनियुक्त किया है। अशोक गहलोत पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है। इससे पहले भी पार्टी ने उन्हें कई चुनावी राज्यों में बड़ी जिम्मेदारी दी है। आइए जानते हैं अशोक गहलोत का ट्रैक रिकॉर्ड कैसा रहा है… हरियाणा और महाराष्ट्र में सिमट गई कांग्रेस हरियाणा विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत, अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया था। गहलोत के तमाम प्रयासों के बावजूद सत्ताधारी दल भाजपा को कांग्रेस मात नहीं दे सकी। कांग्रेस को 90 में से केवल 37 सीटों पर जीत मिली। उधर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गहलोत के साथ जी परमेश्वर मुंबई और कोंकण जोन का पर्यवेक्षक बनाया गया था। पर्यवेक्षक होते हुए गहलोत अपना जादू नहीं दिखा सके। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस सत्ता से बाहर है। गुजरात में भी नहीं चली अशोक गहलोत की रणनीति गुजरात विधानसभा चुनाव में भी अशोक गहलोत को पार्टी ने जिम्मेदारी दी। अशोक गहलोत सहित राजस्थान के कई नेताओं ने गुजरात में डेरा डाल रखा था। अशोक गहलोत ने कई विधानसभा क्षेत्रों में पैदल मार्च करके कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। लेकिन शायद अशोक गहलोत की रणनीति काम नहीं आई और गुजरात में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में नहीं आ सकी। राजस्थान में भी करिश्मा नहीं दिखा सके गहलोत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता है, लेकिन उनके नेतृत्व में हुए चुनाव में वे कभी जादू नहीं दिखा सके। गहलोत जब पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने, तब वे विधायक नहीं थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके लिए जोधपुर की सरदारपुरा सीट को खाली किया गया, जहां हुए उपचुनाव में वे विधायक निर्वाचित हुए। तब से वे लगातार सरदारपुरा से विधायक बनते रहे हैं। राजस्थान में भी कभी कांग्रेस की सत्ता रिपीट नहीं करा सके अशोक गहलोत पहली बार 1998 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद गहलोत सरकार को रिपीट नहीं करा सके। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस केवल 57 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी। वर्ष 2008 से 2013 तक गहलोत दूसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन 2013 के विधानसभा चुनाव में भी वे कांग्रेस की सरकार को रिपीट कराने में कामयाब नहीं रहे। वर्ष 2018 से 2023 तक गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन फिर वे सत्ता को बरकरार रखने में कामयाब नहीं हुए।

युवाओं का भविष्य दांव पर, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत पर साधा निशाना

रांची झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कफ सिरप मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोला है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सीआईडी ने पिछले साल धनबाद के बरवाअड्डा से बरामद हुए फेंसिडिल सिरप मामले को टेकओवर करने के बावजूद 14 महीने में एक भी गिरफ्तारी नहीं की। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब सबको पता है कि प्रतिबंधित सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए होता है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मरांडी ने कहा कि यह प्रशासन की नाकामी ही नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों को जानलेवा नशे के हवाले करने जैसा अपराध है। मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पैसों की अंधी दौड़ में युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा – हेमंत सोरेन जेएमएम जी, हमने बार-बार आपको बताया है, चेतावनी भी दी है कि आपके प्रशासन में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। आपका सीआईडी विभाग क्या गुल खिला रहा है, इस विषय में भी कई बार आपको अवगत करा चुके हैं। गत वर्ष गुजरात पुलिस की सूचना के बाद धनबाद के बरवाअड्डा में पुलिस द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप (फैंसीडिल) का जखीरा जब्त किया गया था। यह जानते हुए भी कि इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है, इसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। सीआईडी ने मामले को टेकओवर किया, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। हेमंत जी, क्या हम इतने लालची हो गए हैं कि बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे? इस जानलेवा नशे को हमारी युवा पीढ़ी और बच्चों को बेचने की हिम्मत कैसे हुई? पैसों की अंधी भूख ने आपकी जबान पर जो ताला लगाया है, उसे खोलिए क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए मरांडी ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्रालय का दायित्व भी आपके पास है, लेकिन एक ओर एसीबी तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही है। इसी तरह भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों की जांच पड़ताल में सीआईडी की कार्यशैली संदिग्ध रही है। चाहे पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों को बचाना हो, नशे के कारोबारियों को संरक्षण देना हो या जमीन का घोटाला करना होज् सीआईडी सदैव इन गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती रही है। यही वजह है कि आम जनता के साथ-साथ अब माननीय न्यायालय भी सीआईडी की कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह करता है। मरांडी ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए। पिछले एक साल में सीआईडी द्वारा की गई रंगदारी और भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियों की सार्वजनिक जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

दिल्ली-NCR के लिए बड़ी खबर: जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली तक बनेगा सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे

नई दिल्ली दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक नया 30 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो जेवर एयरपोर्ट से सीधे दिल्ली तक पहुंचेगा। यह नया एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर बनाया जाएगा और यमुना नदी को पार करते हुए पुस्ता रोड के जरिए दिल्ली तक पहुंचेगा। यह सड़क नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए दिल्ली के यातायात को आसान बनाएगी। परियोजना को किसने बढ़ावा दिया? इस प्रोजेक्ट की शुरुआत गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा के प्रयासों से हुई थी। अब इस योजना को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का भी समर्थन मिल गया है। हाल ही में जेवर एयरपोर्ट के दौरे पर उन्होंने फंडिंग देने का ऐलान भी किया। यात्रा का समय घटेगा अभी जेवर से दिल्ली तक पहुंचने में करीब 2 घंटे लगते हैं। नए एक्सप्रेसवे से यह दूरी सिर्फ 30 मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। 1.20 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का हिस्सा नितिन गडकरी के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-NCR में चल रहे 1.20 लाख करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है। अब तक इनमें से आधा काम पूरा हो चुका है। आने वाले समय में सरकार यहां 40 से 50 हजार करोड़ रुपये और निवेश करने को तैयार है। भीड़भाड़ होगी कम नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोजाना लगभग 5 लाख वाहन चलते हैं। इनमें से करीब 2 लाख वाहन डीएनडी से गुजरते हैं। चिल्ला बॉर्डर, कालिंदी कुंज और सेक्टर 15, 16, 18, 37 जैसे क्षेत्रों से भी भारी ट्रैफिक आता है। पीक ऑवर में अक्सर जाम लग जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। नया एक्सप्रेसवे इन वाहनों को बायपास कराकर सीधे जेवर एयरपोर्ट तक ले जाएगा। जेवर एयरपोर्ट के लिए खास एक्सप्रेसवे यह एक्सप्रेसवे खासतौर पर जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। यूपी सरकार के अनुसार, 2025 के अंत तक एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो जाएगा, जिसके बाद इस एक्सप्रेसवे की जरूरत और बढ़ जाएगी। कौन बनाएगा एक्सप्रेसवे? नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी से फंडिंग को लेकर चर्चा की गई है। तीनों अथॉरिटीज़ का सुझाव है कि यह प्रोजेक्ट NHAI (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को सौंपा जाए ताकि केंद्र सरकार और अन्य स्रोतों से मिलने वाली फंडिंग का सही उपयोग हो सके।  दिल्ली-NCR के लोगों को ट्रैफिक की परेशानी से राहत देने और जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए यह नया एक्सप्रेसवे एक गेमचेंजर साबित हो सकता है।  

मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की संभावना, बारिश में होगी कमी

रायपुर छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बारिश में कमी आने की संभावना जताई गई है। रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 32° और न्यूनतम 24° डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। हालांकि अब पश्चिमी झारखंड व दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में सक्रिय कम दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेताया है कि वर्षा के दौरान बिजली गिरने और जल जमाव की संभावना बनी हुई है। नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील की गई है। रायपुर में पांच अक्टूबर को मौसम सामान्यतः मेघमय रहेगा। हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि पिछले दिनों की अपेक्षा तापमान में सामान्य से हल्का अंतर देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश की कमी और दबाव क्षेत्र की स्थिति के कारण अगले दिन हल्की बारिश की संभावना है। शहरवासियों को बिजली गिरने और जल जमाव से सतर्क रहने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ के अन्य जिलो में तापमान बिलासपुर में अधिकतम तापमान 30.6° और न्यूनतम 24.8°, अंबिकापुर में 28° और 22.5°, जगदलपुर में 30.2° और 22.5° डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। पेंड्रारोड और दुर्ग में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। चेतावनी और सावधानियां मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बारिश के दौरान बिजली गिरने और स्थानीय जल जमाव की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कम दबाव क्षेत्र की स्थिति के कारण आंशिक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। आगामी दिनों में मौसम में स्थिरता आएगी और बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी। फिर भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। नागरिकों से सड़क, नाले और जल जमाव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।