samacharsecretary.com

मिशन शक्ति 5.0: सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में मिशन शक्ति 5.0 के तहत यूपी पुलिस ने चलाया विशेष अभियान

एंटी रोमिया स्क्वायड ने 1 लाख से अधिक मंदिर, बाजार, मॉल, पार्कों और भीड़ भाड़ वाले स्थानों की गहन जांच की 37 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा, सकुशल संपन्न हुआ नवरात्रि पर्व    लखनऊ, प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के साथ सुरक्षा का माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के पहले दिन मिशन शक्ति 5.0 अभियान की शुरुआत की, जो अभी भी पूरे प्रदेश में चल रहा है। इसी के तहत यूपी पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और जनसहभागिता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। एंटी रोमियो स्क्वायड ने करीब 10 लोग लोगों की जांच, ढाई हजार अभियोग किये गये पंजीकृत मिशन शक्ति अभियान की नोडल ऑफिसर एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एन्टी रोमियो स्क्वायड ने सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, बाजारों, मॉल, पार्क और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई। इस दौरान 1,08,292  मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों की गहन जांच की गई। अभियान में 9,77,269 व्यक्तियों की जांच की गई, जिनमें संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं के प्रति अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कुल 2,542 अभियोग  पंजीकृत किए गए। वहीं, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 3,972 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 3,13,924 लोगों को चेतावनी दी गई और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। प्रदेश भर में 53,237 निरोधात्मक कार्रवाइयां  की गयीं। ऐसे में एन्टी रोमियो स्क्वायड द्वारा यह अभियान न केवल नवरात्रि के दौरान सुरक्षा का प्रतीक बना, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देने में भी सफल रहा। 37 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा प्रदेश भर में नवरात्रि पर्व के अवसर पर 55,377 पंडालों की स्थापना की गई। सभी पंडालों का पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इस दौरान 4,947 रामलीला व मेला स्थलों का भी भ्रमण किया गया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। योगी सरकार की सख्त निगरानी के चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। एन्टी रोमियो स्क्वाड, पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त मुस्तैदी ने सुनिश्चित किया कि महिलाओं और बालिकाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नवरात्रि के दौरान मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कुल 37,337 अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। इनमें 411 राजपत्रित अधिकारी, 7,999 निरीक्षक/उपनिरीक्षक, 22,547 मुख्य आरक्षी /आरक्षी और 6,380 होमगार्ड/पीआरडी/ एसपीओ आदि शामिल थे, जिन्होंने निरंतर गश्त और निगरानी कर सुरक्षा का वातावरण बनाए रखा। इस सघन तैनाती से पूरे प्रदेश में नवरात्रि और रामलीला पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए। श्रद्धालु परिवारों ने न केवल त्योहार का आनंद लिया, बल्कि महिलाओं ने भी निर्भीक होकर मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। पूरे प्रदेश में डेढ़ करोड़ से अधिक वितरित किये गये फोल्डर, पंफलेट और पेस्टिंग स्टीकर अभियान की नोडल ऑफिसर ने बताया कि नवरात्र में 39,911 मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिला चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें 20,54,308 लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 13,53,903 महिला और 7,00,405 पुरुष शामिल हैं। वहीं महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन मुख्यालय द्वारा योगी सरकार की योजनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किये जा रहे सराहनीय कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 1,56,91,080 फोल्डर, पंफलेट और पेस्टिंग स्टीकर वितरित किये गये।

जालंधर शहर में धार्मिक पहचान को लेकर बहस तेज, नारों ने बढ़ाई लड़ाई

जालंधर पंजाब के जालंधर शहर में ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘जय श्री राम’ के नारे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बढ़ता जा रहा है। बीएमसी चौक पर हिंदू संगठनों के धरने के दौरान भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने मुस्लिम नेता अयूब खान को ‘नकली आदमी’ बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। कभी यह अयूब खान बनता है, तो कभी अयूब दुग्गल। वहीं शीतल ने कहा कि अयूब खान कभी अपने नाम बदलते हैं और बांग्लादेशियों का मुद्दा उठाकर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान इन दोनों नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई। शीतल ने कहा, “अगर अयूब खान खुद को सरेंडर नहीं करेंगे तो उन्हें पुलिस घर से उठाकर लाएगी। उन्होंने कहा कि अयूब खान एक यूट्यूबर है वे खुद को हीरो बनाना चाहते हैं और प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं के खिलाफ अपशब्द बोल रहे हैं।” इस बयान के जवाब में अयूब खान ने कहा कि उनका जन्म जालंधर में हुआ है, न कि बांग्लादेश में। उन्होंने भाजपा नेता पर आरोप लगाया कि वे खुद आम आदमी पार्टी में थे और अब भाजपा में चले गए हैं। उन्होंने शीतल के ईद के दौरान मुस्लिम समुदाय के साथ गले मिलने और त्योहार मनाने के फोटो भी सार्वजनिक किए। अयूब ने कहा, “मैं इनके खिलाफ सबूत केंद्रीय नेताओं तक भेजूंगा।” अयूब ने शीतल को जवाब देते हुए कहा जो नेता उस पर टिप्पणियां कर रहा है वह उनके बारे में बता देना चाहता है कि कभी यही नेता उनके साथ मुर्गे खाता रहा है। नमाज पढ़ता रहा है। उनके पास सब फोटो-वीडियो हैं। अभी जो ईद गई है, तब आप मीठे चावल मांग रहे थे। अयूब खान, जो कि बस्ती एरिया के रहने वाले हैं, वर्तमान में आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। इससे पहले वे भाजपा के मुस्लिम विंग के स्टेट इंचार्ज भी रह चुके हैं। उनका यह विवाद सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर गर्माता जा रहा है। बता दें कि  वह बस्ती एरिया से आप पार्षद के पति हैं। जालंधर में धार्मिक और राजनीतिक मतभेद पहले भी कई बार गर्माए हैं। इस बार का विवाद ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘जय श्री राम’ के नारे के बाद शुरू हुआ, जो शहर में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले पर नजर बनाए रखी है और शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

मिशन कर्मयोगी से दक्ष हो रहे समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी

सीएम योगी के नेतृत्व में जारी मिशन कर्मयोगी अभियान में अब तक 3,900 कर्मचारी पंजीकृत, 21,150 कोर्स पूरे डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे अधिकारी और कर्मचारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इसके तहत समाज कल्याण विभाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। दक्षता और पारदर्शिता की नई मिसाल समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक विभाग के 3,900 अधिकारी, नियमित/संविदा कर्मचारी एवं शिक्षक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें कुल 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया है। 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं। वहीं 1,611 कर्मचारी तीन से कम कोर्स तक सीमित रहे हैं और 1,141 अभी प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया में हैं। दक्षता से ही बढ़ेगी सेवा की गुणवत्ता मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से सरकारी कर्मचारियों में नई कार्यशैली, नीति निर्माण की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित हो रहे हैं, जिससे जनता को अधिक गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। नई तकनीक, पारदर्शिता और तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की ओर कदम iGOT Karmayogi प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे विषय शामिल हैं जो कर्मचारियों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।0मुख्य कोर्स में शामिल Yoga Break at Workplace तनावमुक्त और उत्पादक कार्यसंस्कृति के लिए है। वहीं, POSH Act 2013 कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा की जागरूक करता है। Procurement Process on GeM पारदर्शी क्रय प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए लागू है। National Education Policy 2020, Basics of AI, और Right to Information (RTI) Act नीति, तकनीक और पारदर्शिता के आयामों को समझने हेतु है। योगी सरकार की डिजिटल सुशासन नीति को मिल रही गति राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति के अंतर्गत मिशन कर्मयोगी जैसे अभियानों से न केवल सरकारी कामकाज की गति बढ़ रही है, बल्कि जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी विभागों को iGOT Karmayogi पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से जारी है, ताकि “प्रशासन जनता के लिए अधिक सुलभ और जवाबदेह बने।

86 किलो चांदी का पर्दाफाश : सारफा कारोबारी ने खुद बुना जाल

 रायपुर राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार रात सराफा कारोबारी राहुल गोयल द्वारा बताई गई 86 किलो चांदी की लूट की कहानी झूठी निकली। पुलिस की सख्त पूछताछ में कारोबारी ने खुद स्वीकार किया कि उसने यह पूरा नाटक अपने आनलाइन सट्टे में 46 लाख रुपये गंवाने के बाद रचा था। ऑनलाइन सट्टे में गंवाए लाखों, बनाई लूट की कहानी पुलिस जांच में राजफाश हुआ कि कारोबारी राहुल गोयल (निवासी अलीगढ़, यूपी) अप्रैल से आनलाइन क्रिकेट सट्टे में लगातार रकम हार रहा था। अब तक उसने करीब 46 लाख रुपये सट्टे में गंवा दिए थे। पैसे की भरपाई के लिए उसने अपनी कंपनी को धोखा देने की योजना बनाई। राहुल रायपुर में शिवा ट्रेडर्स के नाम से फर्म चलाता है, जो आगरा की एक बड़ी कंपनी के लिए सीएफए (क्लियरिंग एंड फारवर्डिंग एजेंट) का काम करता है। 86 किलो चांदी की ‘लूट’ की झूठी कहानी राहुल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि शुक्रवार रात तीन बजे दो नकाबपोश बदमाशों ने उसके घर में धावा बोलकर 86 किलो चांदी के जेवर लूट लिए। उसने बताया कि बदमाशों ने कट्टा तानकर और चाकू दिखाकर उसे बंधक बना लिया, मुंह दबाकर बेहोश कर दिया और डीवीआर भी साथ ले गए। लेकिन पुलिस जांच में न कोई फिंगरप्रिंट मिले, न रस्सी के निशान और न ही जबरन प्रवेश के सबूत। पूछताछ में खुली पोल पुलिस की क्राइम ब्रांच, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने जब कारोबारी से देर रात तक पूछताछ की, तो वह बार-बार बयान बदलता रहा। जब सख्ती बढ़ी, तो आखिरकार राहुल टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसने लूट की झूठी कहानी खुद गढ़ी थी, ताकि कंपनी को माल की रकम लौटाने से बच सके। पुलिस ने पाया कि अपार्टमेंट का सीसीटीवी कैमरा कई दिनों से खराब था। यह बात लुटेरों को कैसे पता चली? इस पर भी सवाल खड़े हुए। चांदी बेची, नुकसान छिपाने की कोशिश जांच में सामने आया कि राहुल ने दीवाली के लिए आगरा से 200 किलो चांदी रायपुर मंगाई थी। इसमें से 100 किलो चांदी वापस भेज दी, 14 किलो बेच चुका था, और 40 लाख रुपये की चांदी निजी तौर पर बेचकर उसका पैसा सट्टे में हार गया। बचे हुए 86 किलो की लूट की झूठी कहानी बनाकर वह कंपनी को धोखा देना चाहता था। सट्टा खिलाने वालों पर कब होगी कार्रवाई? इस पूरे मामले ने आनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस, ईडी और सीबीआइ जैसी एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, तब भी ऐसे सट्टा रैकेट कैसे फल-फूल रहे हैं?। फिलहाल पुलिस ने आगरा के संबंधित कारोबारियों को रायपुर बुलाया है और पूछताछ जारी है।

आकाशीय बिजली बनी मौत का कारण, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, दो की मौत

पश्चिमी चंपारण बिहार के पश्चिमी चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के परसा गांव में शनिवार को दोपहर के समय आकाशीय बज्रपात के गिरने से दादी-पोती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पास में बंधी एक गाय भी झुलस कर मर गई। जानकारी के अनुसार,परसा पंचायत के वार्ड संख्या 1 निवासी शिवनाथ पाल की 50 वर्षीय पत्नी सुदामा देवी अपनी 11 वर्षीय पोती पिंकी कुमारी (पिता – लाल साहब पाल) के साथ फूस के बने बंगले में बैठी थीं। दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे बंगले पर गिरी, जिसकी वजह से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इतना ही नही वहीं बंधी गाय भी झुलसकर दम तोड़ गयी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मझौलिया थानाध्यक्ष अवनीश कुमार पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों शवों को पोस्टमाटर्म के लिए बेतिया सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया। अंचलाधिकारी राजीव रंजन ने आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों और एक मवेशी की मौत की पुष्टि की और कहा कि प्रशासन की ओर से आपदा राहत कोष से मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

दबंगों ने भाजपा नेता को पीटा, बाल पकड़कर खींचा, पिछले तीन दिन में दूसरी घटना

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एकबार फिर दबंगई का मामला सामने आया है। इसबार दबंगों ने भाजपा नेत्री से मारपीट की है। बाल पकड़कर सड़क पर खसीटा भी है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एक अन्य ब्राह्मण परिवार को पीटा था दरअसल घटना सुखीसेवनिया थाना क्षेत्र के ओमकारा सेवनिया की सिद्ध कॉलोनी की है। दबंग गुर्जर परिवार ब्राह्मण समाज के लोगों को मंदिर जाने से रोकता है। इससे 3 दिन पहले भी एक अन्य ब्राह्मण परिवार को गुर्जर परिवार ने पीटा था। बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा दबंगों ने बिलखिरिया मंडल BJP की महामंत्री शकुन शर्मा के साथ जमकर मारपीट की है। परिवार की महिला पीड़ित का बाल पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि शिव मंदिर में कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। किसी पक्ष द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने की जानकारी नहीं है।

नामी स्कूल की महिला शिक्षक से हिंसा, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

 गुरुग्राम हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुग्राम के एक नामी स्कूल की टीचर से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामले में चार जिम ट्रेनर्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता टीचर इस स्कूल में विदेशी भाषा पढ़ाती है और सभी आरोपी जिम में बतौर ट्रेनर और जूंबा डांस की कोचिंग देते हैं। पीड़िता की ओर से मिली शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम पुलिस के ईस्ट महिला पुलिस थाना को महिला टीचर ने शिकायत दी जिसमें बताया कि सितंबर में महिला टीचर की एक पार्टी में जिम ट्रेनर गौरव से दोस्ती हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे की फोन पर बातचीत होने लगी। 1 अक्टूबर की रात को करीब 1 बजे गौरव ने महिला टीचर को फोन किया और मिलने की बात कही, जिसके बाद पीड़िता गौरव से मिलने महिला थाना पूर्व इलाके में गई थी। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया कि जिम ट्रेनर गौरव महिला टीचर को अपने दोस्त के कमरे में ले गया, जहां गौरव ने पीड़िता के साथ रेप किया। उसके बाद गौरव ने नीरज और उसके दोस्त अभिषेक और योगेश को भी बुला लिया और दोनों ने मिलकर महिला के साथ रेप किया। अगले दिन यानी 2 अक्टूबर को पीड़िता अपने घर पहुंची और परिवारवालों को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता ने 2 अक्टूबर को महिला थाना पूर्व में पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने पीड़िता की  शिकायत के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले को लेकर पुलिस प्रवक्ता ने संदीप कुमार ने बताया कि महिला टीचर के साथ रेप करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 64(1), 70(1) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले: अधर्म के खिलाफ संघर्ष करना सबसे बड़ा धर्म

रायपुर मंदिर जाना, पूजा-पाठ करना, कथा-भागवत करना-कराना ही सिर्फ धर्म नहीं है। अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही सबसे बड़ा धर्म है। मैं हमेशा अधर्म के खिलाफ आवाज उठाता हूं। घटना चाहे प्रदेश में हो या देश में हो, अधर्म के खिलाफ टिप्पणी करता हूं। ये बातें कुछ विधर्मियों को नहीं पचती हैं, इसलिए मेरे खिलाफ कुछ न कुछ अफवाह फैलाते हैं। मैं किसी धर्म का विरोध नहीं करता। मैं तो सिर्फ सनातन धर्म का समर्थन करता हूं। ये बातें बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कही। गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में शनिवार से पांच दिवसीय हनुमंत कथा की शुरुआत हुई है। मंगलाचरण करने के बाद पं. शास्त्री ने कहा कि बड़े भाग्य से मनुष्य तन मिलता है। उसमें भी भारत जैसा वतन मिला और सनातन जैसा धर्म। पाकिस्तान में जन्म होता तो बम बनाते, कथा सुनने का मौका नहीं मिलता। चीन वालों को देखो तो लगता है कि ब्रह्माजी ने सबको फोटोकापी बना दिया है। 84 लाख योनियों के बाद मनुष्य का तन मिलता है। इसको सार्थक बनाओ। सनातन धर्म में जन्म लेने के बाद भी कथा न सुन पाओ, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है। रामजी की कृपा के बिना सत्संग में नहीं आ सकते हैं। कथा सुनने आ गए ये महत्वपूर्ण नहीं है। इससे भी महत्वपूर्ण है कि कथा को आत्मा में बैठाना चाहिए। जीवन को ठीक करना है तो कथा सुननी चाहिए। कथा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आयोजक बसंत अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

मौसम अपडेट: इन जिलों में आज होगी झमाझम बारिश, सावधान रहें

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में 15, रीवा में नौ, भोपाल में छह, सतना में चार, बैतूल एवं दतिया में तीन और सीधी में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस तापमान श्योपुर में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को भी रीवा, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। हालांकि एक सप्ताह बाद मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। कब होगा मौसम साफ मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पश्चिमी झारखंड, दक्षिणी बिहार एवं दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना है। इसके रविवार तक बिहार में पहुंचने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से लेकर विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। अरब सागर में बना गहरा अवदाब चक्रवाती तूफान शक्ति में परिवर्तित हो गया है। यह पश्चिम-मध्य अरब सागर की तरफ बढ़ रहा है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इस तरह की स्थिति तीन-चार दिन तक बनी रह सकती है। उसके बाद मौसम के साफ होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में बना तूफान काफी दूर जा रहा है। उधर, गहरा कम दबाव का क्षेत्र भी बिहार की तरफ बढ़ रहा है। इस वजह से अब धीरे-धीरे वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। हालांकि अभी तीन-चार दिन तक बादल बने रहने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है। 10 अक्टूबर के आसपास राजस्थान में एक प्रति चक्रवात के बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से 10 अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। इंदौर में 24 घंटे में चार इंच से अधिक वर्षा उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक इंदौर में 114.6 (4.48 इंच), सीधी में 68.2, रीवा में 40, सतना में 27, जबलपुर में 19.8, उज्जैन में 10.6 मिमी. वर्षा हुई।

हेलमेट नियम : इंदौर में बिना हेलमेट मिलने लगा पेट्रोल, आदेश की अवधि पूरी

इंदौर इंदौर जिले में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता का आदेश अब समाप्त हो गया है। यह आदेश 30 जुलाई को जारी किया गया था और एक अगस्त से 29 सितंबर के लिए लागू किया गया था, लेकिन अब इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। नए कलेक्टर ने इस आदेश को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते अब प्रशासन हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर देगा। पेट्रोल पंपों पर हेलमेट न पहनने वालों को ईंधन देने की सख्ती अब समाप्त हो गई है। पहले, जब यह आदेश लागू था, तो पेट्रोल पंपों पर हेलमेट न पहनने वाले चालकों की कतारें लग गई थीं। लोग हेलमेट मांगकर या खरीदकर ईंधन लेने आते थे। इस आदेश का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, क्योंकि सड़क हादसों में सिर में चोट लगने से मृत्यु का मुख्य कारण बनता है। सुप्रीम कोर्ट की समिति ने दिया था सुझाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने 29 जुलाई को इंदौर में आयोजित एक बैठक में हेलमेट की अनिवार्यता की बात की थी। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने पेट्रोल पंप संचालकों के लिए आदेश जारी किया था कि वे हेलमेट न पहनने वाले चालकों को ईंधन न दें। इस आदेश के बाद कई पंपों पर कार्रवाई की गई और बगैर हेलमेट के पेट्रोल देने पर पांच पंपों को सील किया गया था। हालांकि अब प्रशासन ने इस सख्ती को समाप्त कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि अब लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत लोगों को हेलमेट पहनने के लाभ और इसका महत्व बताया जाएगा। हेलमेट को लेकर विवाद भी हुए सरकारी आदेश की अवधि के दौरान हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर कुछ विवाद भी हुए हैं। चंदन नगर क्षेत्र में लक्की पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने पर एक युवक ने पंप कर्मचारी के साथ मारपीट की थी। इसी तरह छोटा बांगड़दा क्षेत्र में भी एक युवक ने कर्मचारियों से हाथापाई की और माचिस की जलती हुई तीली फेंकी थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस में शिकायतें दर्ज की गई थीं। सरकारी कार्यालयों में भी की गई थी सख्ती सरकारी कार्यालयों में भी हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर सख्ती की गई थी। कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालयों में हेलमेट पहनकर आने वाले कर्मचारियों को गुलाब के फूल दिए जाते थे, जबकि बिना हेलमेट आने वालों को कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाता था। हालांकि, अब इस सख्ती को भी समाप्त कर दिया गया है। इस प्रकार, इंदौर में हेलमेट की अनिवार्यता समाप्त होने के बाद अब प्रशासन ने जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया है। यह कदम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और हेलमेट पहनने को अपनी आदत बना लें। इस बदलाव के साथ यह देखना होगा कि क्या लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे या फिर प्रशासन को फिर से सख्ती बरतने की आवश्यकता पड़ेगी। सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है। जागरुक किया जाएगा     पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरवाने के लिए हेलमेट होने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। सभी पंपों पर अब लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। – शिवम वर्मा, कलेक्टर