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रांची में धुंध और हल्की बारिश, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में मौसम ने फिर से करवट ली है. राजधानी रांची समेत झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. एक ओर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद हो रही हल्की बारिश कुछ राहत भी दे रही है. दोपहर बाद बारिश से मिली राहत गुरुवार को रांची के अलग-अलग हिस्सों में दोपहर बाद बारिश हुई. इससे सुबह से बढ़ा तापमान कुछ थम गया. रांची में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि सरायकेला में 4 मिमी बारिश हुई. मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली. रांची में आज सुबह धूंध राजधानी रांची में आज सुबह धुंध की चादर में लिपटी रही. सुबह 7 बजे तक भी सूरज के दर्शन नहीं हो सके. एक दिन पहले तक इसी समय तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान थे. तेज हवा और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात के साथ हल्की बारिश की संभावना है. आने वाले दिनों में लू चलने के आसार 18 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इधर, 19 और 20 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है. 19 अप्रैल को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में लू की स्थिति रहेगी, जबकि 20 अप्रैल को इन जिलों के साथ सरायकेला-खरसांवा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम सिंहभूम भी इसकी चपेट में रहेंगे. राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर का रहा राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, रांची का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें मामूली गिरावट देखी गई.

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, हर कॉलेज में काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य

वि‌द्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम, हर कॉलेज में काउंसलर जरूरी मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश स्टॉफ प्रशिक्षण, अभिभावक जागरुकता और मेंटर प्रणाली भी होगी लागू भोपाल वि‌द्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में जारी इन निर्देशों के अंतर्गत अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलर की नियुक्ति के साथ कई अन्य व्यवस्थाएं भी अनिवार्य कर दी गई हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, जिन संस्थानों में 100 या उससे अधिक वि‌द्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहां कम से कम एक प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति करना अनिवार्य होगा। कम छात्र संख्या वाले संस्थानों को बाहरी विशेषज्ञों से जुडकर काउंसलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। काउंसलर के रूप में मनोविज्ञान में स्नातकोतर, प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, सामाजिक कार्य विशेषज्ञ या संबंधित क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति नियुक्त किए जा सकेंगे। संस्थान में केवल काउंसलर नियुक्ति पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे संस्थान को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना आवश्यक है। इसी उ‌द्देश्य से सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों, प्रशासनिक स्टॉफ और सुरक्षा कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रशिक्षणों में मानसिक स्वास्थ्य, प्राथमिक सहायता, वि‌द्यार्थी के व्यवहार में आए परिवर्तनों की पहचान तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही वि‌द्यार्थियों के अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया गया है। संस्थानों को निर्देश दिए गए है कि वे अभिभावकों के लिए नियमित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे वे अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों को समझ सके और समय रहते उचित सहयोग प्रदान कर सकें। विद्यार्थियों की व्यक्तिगत निगरानी और मार्गदर्शन के लिए 25 से 40 छात्रों पर एक मैंटर नियुक्त किया जाएगा। यह मेंटर वि‌द्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यवहार और मानसिक स्थिति पर नजर रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। साथ ही अभिआवकों से संपर्क बनाए रखते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहयोग करेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करते हुए निर्धारित प्रारूप में जानकारी विभाग को शीघ्र प्रेषित करें। मॅटोर-मॅटी (गार्जियन ट्यूटर) व्यवस्था प्रत्येक संस्थान द्वारा 25-40 वि‌द्यार्थियों पर एक मेंटर की नियुक्ती की जाएगी। यह दायित्व किसी प्राध्यापक को दिया जाएगा, जिसे सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा। मेंटर वि‌द्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और व्यवहार की निगरानी और कमजोर वि‌द्यार्थियों की पहचान कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। मानसिक तनाव व व्यक्तिगत समस्याओं में सहयोग करना। अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखना। कैरियर मार्गदर्शन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये प्रेरित करना। सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में वि‌द्यार्थिों की सहभागिता बढ़ाना। विद्यार्थियों के रिकॉर्ड व काउंसलिंग रजिस्टर का संधारण करना होगा। संस्थाओं में प्रदर्शित से होंगे हेल्पलाइन नंबर परिसर में प्रमुख स्थानों पर वॉल पेटिंग से हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। Dial-112 Tele-MANAS-14416 उमंग हेल्पलाइन 14425 उच्च शिक्षा विभाग की विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुश्री ऊषा नायर ने कहा, विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। काउंसलर नियुक्ति के साथ स्टॉफ प्रशिक्षण, अभिभावक सहभागिता और मेंटर प्रणाली को लागू कर हम एक सुरक्षित और सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन निर्देशों के क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संस्थानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

चुटिया इलाके में प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप, गैस स्टॉक का भंडाफोड़

 रांची झारखंड के रांची के चुटिया इलाके में गुरुवार रात जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया. यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें साईं कॉलोनी और पावर हाउस सारा कॉलोनी सहित कई जगहों पर छापेमारी की गई. प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध गैस कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है. जिला प्रशासन और पुलिस का संयुक्त अभियान जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की टीम ने चुटिया पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान कुल 200 से अधिक सिलेंडर बरामद किए गए. जब्त सिलेंडरों में कॉमर्शियल सिलेंडर के अलावा उज्ज्वला योजना, इंडेन और भारत गैस कंपनी के घरेलू सिलेंडर भी शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, इन सिलेंडरों का उपयोग नियमों के खिलाफ किया जा रहा था. मौके पर मौजूद एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मो जफर हसनात ने बताया कि प्रशासन को अवैध भंडारण और गैस के काले कारोबार की गुप्त सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर पूरी योजना बनाकर छापेमारी की गई. उन्होंने बताया कि कार्रवाई देर रात तक जारी रही और हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की गई. 200 से अधिक सिलेंडर जब्त छापेमारी के दौरान पावर हाउस सारा कॉलोनी स्थित एक परिसर से करीब 125 सिलेंडर बरामद किये गए. वहीं साईं कॉलोनी स्थित आवसीय परिसर से 75 से 80 सिलेंडर मिले. इसके अलावा साईं कॉलोनी स्थित आवसीय परिसर में खड़े एक छोटे हाथी वाहन से भी 20 से 22 सिलेंडर जब्त किए गए. इतना ही नहीं, एक आवासीय परिसर में छापेमारी के दौरान 50 से 60 कॉमर्शियल सिलेंडर भी पाए गए, जिन्हें नियमों के खिलाफ रखा गया था. एसडीओ के नेतृत्व में चला अभियान इस पूरे अभियान का नेतृत्व एसडीओ के निर्देशन में किया गया. सिटी डीएसपी रमन के अलावा चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजूर भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहीं और कार्रवाई को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने हर स्थान पर जांच कर अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए. आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अवैध गैस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

इंदौर में जलसंकट बढ़ा, गर्मी के चलते निर्माण कार्य और सर्विस स्टेशनों में बोरिंग और नर्मदा जल का उपयोग

इंदौर  इंदौर में जैसे-जैसे गर्मी के तेवर तेज हो रहे हैं, शहर में जलसंकट भी गहराता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने 100 से अधिक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की है। इसके साथ ही शुक्रवार से निर्माण कार्यों और सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग व नर्मदा जल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इन कार्यों के लिए अब संचालकों को केवल ट्रीटेड पानी का उपयोग करना होगा। नगर निगम ने मध्य प्रदेश नगर पालिक अधिनियम की उपविधियों का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध 30 जून तक लागू किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन किया गया, तो संबंधित बोरिंगों का अधिग्रहण करने के साथ ऑटोमोबाइल सेंटरों को सील भी किया जाएगा।नगर निगम के अनुसार, शहर के 35 स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं, जहां से पानी लेकर निर्माण कार्यों में तराई के लिए उपयोग किया जा सकता है।  शहर में निजी और सार्वजनिक बोरिंगों की संख्या एक लाख से अधिक है। हर साल गर्मी बढ़ते ही कई बोरिंग सूख जाते हैं या उनकी जल क्षमता घट जाती है। इसके चलते कई रहवासियों को निजी टैंकरों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वाटर रिचार्जिंग अनिवार्य जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने रहवासी, बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में वाटर रिचार्जिंग को अनिवार्य कर दिया है। भवन निर्माताओं को जून तक रिचार्जिंग व्यवस्था करने का समय दिया गया है। इसके बाद निगम अभियान चलाकर स्थिति की समीक्षा करेगा। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।   जलूद से रोजाना 500 एमएलडी पानी की आपूर्ति इंदौर को जलूद से प्रतिदिन 500 एमएलडी पानी मिलता है, जिससे शहर की 40 से अधिक टंकियां भरी जाती हैं। इसके अलावा 35 एमएलडी पानी यशवंत सागर से प्राप्त होता है। वहीं बोरिंगों से करीब 30 एमएलडी पानी का उपयोग किया जाता है हालांकि, गर्मी के दौरान बोरिंगों और यशवंत सागर से पानी की आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाता है।

डॉ. बलजीत कौर ने जारी की 352 करोड़ की राशि, बुजुर्ग पेंशन के लिए बड़ा कदम

चंडीगढ़   सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री पंजाब डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के तहत बुजुर्ग पेंशन योजना के अंतर्गत 352 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बुजुर्गों की भलाई और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा हर महीने 23,51,338 से अधिक उम्रदराज लाभार्थियों को वक्त रहते पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता मिलती रहे, इस मंतव्य को ध्यान में रखते हुए 4000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्गों के लिए यह पेंशन जीवन का महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतें पूरी कर आत्मनिर्भर जीवन जी पा रहे हैं। यह योजना सरकार द्वारा बुजुर्गों को सम्मान और सुरक्षा देने के उद्देश्य को दर्शाती है। मंत्री के अनुसार, 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष और 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं, जिनकी वार्षिक आय 60,000 रुपये से अधिक नहीं है, इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन आवेदकों के पास 2.5 एकड़ तक सिंचित जमीन, या 5 एकड़ तक असिंचित (बारानी) जमीन, या पानी वाले क्षेत्र में 5 एकड़ तक जमीन (पति-पत्नी की संयुक्त जमीन सहित) है, वे भी इस योजना के लिए पात्र हैं। कैबिनेट मंत्री ने जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए और लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने नियमित निगरानी और फील्ड स्तर पर जांच करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बुजुर्ग लाभ से वंचित न रहे और पारदर्शी तरीके से राशि लाभार्थियों तक पहुंचे। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर बुजुर्ग सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर सके।

केंद्र ने पंजाब-चंडीगढ़ के किसानों को गेहूं खरीद के लिए दी विशेष छूट, राहत की खबर

चंडीगढ़  बेमौसम बारिश से जूझ रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की खरीद के लिए विशेष छूट को मंजूरी दे दी है, जिससे किसानों को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। उन्होंने लिखा," अनियमित वर्षा के चलते गेहूं खरीद में छूट देने का अनुरोध 9 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुआ था। इसके तुरंत बाद 10 अप्रैल को सभी जिलों में हालात का जायजा लेने के लिए टीमों को तैनात किया गया। प्रभावित किसानों को मिलेगी तुरंत राहत मैदानी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र (RMS) 2026–27 के तहत यह अहम फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि इस कदम से किसानों को मजबूरी में फसल बेचने (डिस्ट्रेस सेल) से बचाया जा सकेगा और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि ये छूटें RMS 2026–27 की शुरुआत से ही लागू होंगी, जिससे प्रभावित किसानों को तुरंत राहत मिलेगी। किसानों ने चक्का जाम का फैसला टाला केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में पत्र राज्य सरकार को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यह आदेश आज से ही लागू हो जाएंगे। किसानों ने रेल का चक्का जाम करने की घोषणा की थी हालांकि बाद में उसे टाल दिया था। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने भी सुबह ही इस संबंध में जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने एफसीआई के जरिए राज्य सरकार को गेहूं खरीद के मानकों में बदलाव की जानकारी दे दी थी। केंद्र सरकार के पत्र के अनुसार गेहूं खरीद के मानकों में दी गई छूट 1. कलर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की सीमा पूरे पंजाब और चंडीगढ़ (यू.टी.) में 70% तक बढ़ा दी गई है। 2. सिकुड़े हुए एवं टूटे हुए दानों की सीमा, जो पहले 6% थी, उसे बढ़ाकर 15% तक कर दिया गया है। 3. क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों का कुल प्रतिशत 6% से अधिक नहीं होगा। 4. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से रखा जाएगा और उसका अलग हिसाब रखा जाएगा। 5. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट के लिए पंजाब सरकार और चंडीगढ़ (यू.टी.) स्वयं जिम्मेदार होंगे। 6. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 7. इस छूट के कारण उत्पन्न किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

पंथक मुद्दों पर सीएम मान की घेराबंदी, शिअद और सुखबीर बादल बने निशाने पर

अमृतसर  पंजाब की सियासत में इन दिनों एक पंथक मुद्दे पर खूब सियासत गरमाई हुई है। इस बार निशाने पर है शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल।  सुखबीर के एक बयान से शुरू हुए इस विवाद पर पंथक नेताओं के साथ-साथ अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी आक्रामक दिख रहे हैं जबकि सुखबीर बादल इसे अपने और अपनी पार्टी के खिलाफ साजिश बता रहे हैं। बादल का दावा है कि शिअद पंथ और गुरुघर की सेवा करने वाली पार्टी है। दरअसल, यह सियासत 2 दिसंबर 2024 के उस हुक्मनामे से जुड़ी है जिसे श्री अकाल तख्त ने सुखबीर बादल के खिलाफ जारी किया था। बेअदबी के एक मामले में बादल और शिअद की समूची लीडरशिप श्री अकाल तख्त के समक्ष पेश हुई थी और तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने बादल को तनखाहिया घोषित उन्हें धार्मिक सजा दी थी। 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भी सीएम ने इस मसले का जिक्र किया। विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे ज्ञानी रघुबीर सिंह ने भी बादल के इस बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीएम अब रैलियों के दौरान इस मुद्दे को खूब उछाल रहे हैं। सुखबीर बादल का दावा, उन्हें खत्म करने की साजिश सुखबीर बादल ने दावा किया था कि जिस दिन बहिबलकलां और बरगाड़ी की घटनाएं हुई थीं वे पंजाब से बाहर थे मगर यह विवाद खत्म करने के लिए उन्होंने सब कुछ अपनी झोली में पड़वा लिया था। बादल ने कहा था कि उन पर कई सियासी हमले हुए। कुछ लोग जो खुद को धार्मिक नेता कहते थे, वे उनकी सियासत को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक साजिश कर दी थी कि सजा के दौरान उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर बिना सुरक्षा बैठने का हुक्म दिया गया। उन पर जानलेवा हमला हुआ मगर परमात्मा का हाथ उनके सिर पर था। फैसला साजिश थी, साबित करें बादल : ज्ञानी रघुबीर बादल के बयान पर श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि बादल का यह बयान श्री तख्त साहिब की पवित्रता का अपमान है। सजा किसी साजिश के तहत नहीं बल्कि बयानों पर आधारित थी। अकाली लीडरशिप ने अपने कामों को माना था। अपने कामों का इकबाल किया था और उन्हें रिवायती धार्मिक सेवा करने का मौका दिया गया था। सेवा करने के बावजूद सुखबीर बादल ने अपने कामों से इन्कार कर दिया है। बादल यदि श्री अकाल तख्त साहिब आकर यह साबित कर दें कि उस वक्त दिया फैसला एक साजिश का हिस्सा था तो वे सिख परंपराओं के अनुसार किसी भी धार्मिक सजा को स्वीकार करने को तैयार हैं। 2 दिसंबर 2024 का फैसला पंथक रिवायतों और कबूल किए हुए गुनाहों के मुताबिक था। अकाली दल बेअदबी के लिए दोषी है : मान इसी विवाद पर सीएम मान हमलावर हैं। उन्होंने कहा कि शिअद श्री गुरु साहिब जी की बेअदबी के लिए दोषी है। इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते। ये अवसरवादी नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी सियासी हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग और रुख बदलते रहते हैं। जो लोग बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं वे श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए और पूरी जनता के सामने अपना अपराध कबूल किया। हालांकि यह उनकी राजनीतिक इच्छाओं के अनुसार नहीं था इसलिए उन्होंने कुछ समय बाद यू-टर्न ले लिया और कहने लगे कि कुछ लोग केंद्रीय एजेंसियों के हाथों की कठपुतली बनकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। अब पूरे प्रदेशवासी इन नेताओं का असली चेहरा जान गए हैं।  

सिलेंडर की मारामारी, शादी समारोहों का मेन्यू तक घटा

नई दिल्ली शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। जिन घरों में विवाह समारोह हैं उनके लिए सिलेंडर का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। परेशान लोग पेट्रोलियम मंत्रालय तक शिकायत कर रहे हैं। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने से पहले एलपीजी की किल्लत नहीं थी। शादी या अन्य समारोह के लिए लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर आसानी से मिल रहे थे। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि लोग आकर शादी का कार्ड दिखाते थे और जरूरत के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडर ले जाते थे। अब गैस कंपनियों की ओर से सख्ती कर दी गई है। मौजूदा समय में कनेक्शन धारकों को भी उनकी जरुरत का सत्यापन करने के बाद सिलेंडर दिए जा रहे हैं। किसी कनेक्शन धारक की औसत खपत अगर महीने में 10 सिलेंडर की है, तो उसे महज 6-7 सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि शादी-समारोह के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर सिर्फ शादी के कार्ड के आधार पर उपलब्ध करा पाना अब संभव नहीं हो पा रहा है। सोशल मीडिया के जरिये मंत्रालय को बता रहे समस्या सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये अपनी शिकायतें गैस कंपनियों और मंत्रालय तक पहुंचा रहे हैं। किरण नाम के एक्स हैंडल से की गई शिकायत में बताया गया कि घर में शादी है, लेकिन गैस नहीं मिल रही है। ऐसे ही कई अन्य यूजर्स ने अपनी शिकायतें साझा की हैं। इन सभी शिकायतों पर उत्तर दिया गया है और गैस सिलेंडर दिलाने का प्रयास किया गया है। शादी के लिए सिलेंडर लेने के लिए लोग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भी मदद ले रहे हैं। छापेमारी में 2027 सिलेंडर जब्त कालाबाजारी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों ने अब तक 540 स्थानों पर छापेमारी की है। इसमें 2027 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए विकास भवन स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां पर शिकायत मिलने के बाद जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की टीमें भी गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सक्रिय हैं। सगाई-शादी में व्यंजनों की संख्या को कम करना पड़ा गैस सिलेंडर मिलने में हो रही परेशानी का असर अब शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों पर साफ नजर आने लगा है। गैस की कमी के चलते लोगों को अपने कार्यक्रमों में व्यंजनों की संख्या कम करनी पड़ रही है। जिससे आयोजनों का स्वाद और रंग दोनों फीके पड़ते जा रहे हैं। ज्योति नगर निवासी महेश शर्मा ने बताया कि उनके बड़े बेटे आलोक की शादी 23 अप्रैल को तय है। 21 अप्रैल को सगाई का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने बताया कि पहले सगाई के लिए करीब 25 व्यंजनों का मेन्यू तय किया गया था, लेकिन गैस की किल्लत के चलते अब इसमें कटौती करनी पड़ी है। महेश ने बताया कि इस बदलाव के लिए वधू पक्ष से भी सहमति ली गई, जिसके बाद उन्होंने भी शादी के मुख्य कार्यक्रम में सात-आठ व्यंजन कम करने का फैसला किया है। दिल्ली के बजाय गांव से करना पड़ रहा आयोजन राजधानी में रहने वाले उत्तराखंड के कुछ लोग शादी समारोह को एलपीजी संकट की वजह से गांव से करने का मन बना चुके हैं। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कैटरिंग संचालक अधिक रुपये की मांग कर रहे हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आरके पुरम निवासी मोहित सिंह ने बताया कि उनकी बहन की शादी इस माह के आखिरी सप्ताह में है। काफी कोशिश के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही एलपीजी का संकट शुरू हुआ, वैसे ही कैटरिंग संचालक ने अधिक रुपये की मांग कर दी। साथ ही मेन्यू में भी कटौती की बात की थी। ऐसे में उन्होंने बीते माह ही शादी समारोह का आयोजन अपने गांव में करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गांव में लकड़ी से खाना बनेगा, जिससे कोई परेशानी नहीं होगी। समारोह के लिए ऐसे मिल सकता है गैस सिलेंडर दिल्ली की एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने बताया कि शादी के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब सिलेंडर तभी मिल पाएगा, जब डीलर्स के पास उपलब्धता होगी। सिलेंडर पाने के लिए शादी का कार्ड लेकर नजदीकी एलपीजी डीलर के कार्यालय जाकर वहां अस्थायी कनेक्शन लेना होगा। इसके बाद प्रत्येक सिलेंडर के लिए तय करीब 2500 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करानी होगी। गैस की कीमत अलग से देनी होगी। अगर डीलर के पास व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध है, तो वे कार्ड के आधार पर ही सिलेंडर दे देंगे। सिलेंडर लौटाने पर सिक्योरिटी की रकम वापस हो जाएगी।

सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई,15 लाख का इनामी शाहदेव मारा गया, जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी

 हजारीबाग हजारीबाग जिले के पिपरवार-केरेडारी सीमावर्ती क्षेत्र स्थित खपिया जंगल में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और टीएसपीसी (TSPC) उग्रवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस कार्रवाई में पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने संगठन के चार उग्रवादियों को मार गिराया है. मारे गए उग्रवादियों में संगठन का जोनल कमांडर और 15 लाख का इनामी उग्रवादी शाहदेव भी शामिल है, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी. गुप्त सूचना पर कोबरा टीम का प्रहार दरअसल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी के उग्रवादी किसी बड़ी साजिश के तहत खपिया कोटी झरना इलाके में जमा हुए हैं. इसके बाद कोबरा बटालियन और चतरा जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला. जैसे ही सुरक्षा बल जंगल के करीब पहुंचे, उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा लेते हुए चार उग्रवादियों को मौके पर ही ढेर कर दिया. खबर लिखे जाने तक पुलिस और नक्सलियों के बीच लगातार गोलीबारी जारी है. बताया जा रहा है कि मारे गए उग्रवादियों में शाहदेव की पत्नी नताशा भी शामिल है. टीएसपीसी संगठन की टूटी कमर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन से टीएसपीसी को तगड़ा झटका लगा है. सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियानों से चाईबासा और चतरा के इलाकों में सक्रिय टीएसपीसी उग्रवादी संगठनों की कमर टूट गई है. कार्रवाई के दौरान उग्रवादियों द्वारा प्रयुक्त किये जाने वाले हथियार और गोला-बारूद भी भारी मात्रा में बरामद हुए हैं. जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ उग्रवादी जंगल और पहाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों का कहना है कि जब तक क्षेत्र उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा.

नूंह को मिलेगा स्टेडियम और आधुनिक सुविधाओं का तोहफा

नूंह हरियाणा के नूंह जिले को अब विकास के पंख लगेंगे। जिले की चार विकास परियोजनाओं के लिए बजट मंजूर किया गया है। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से ये योजनाएं लागू होंगी। इनमें स्टेडियम निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में जिन योजनाओं को स्वीकृति मिली है, उनमें एक भव्य सभागार और संग्रहालय परिसर का निर्माण प्रमुख है। यह परिसर पुराने कार्यालयों वाली सड़क पर विकसित किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को एक आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पलवल टी-पॉइंट के पास मेवात मॉडल स्कूल के नजदीक उपलब्ध भूमि पर स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे युवाओं को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। शहर की सड़कों के सौंदर्यीकरण के तहत पलवल टी-पॉइंट से झंडा चौक तक बीच की पट्टी को विकसित किया जाएगा। नगर परिषद कार्यालय भवन के विस्तार की योजना भी शामिल है। मौजूदा भवन के साथ नई इमारत बनाई जाएगी, जिससे प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुचारु ढंग से संचालित किया जा सकेगा और लोगों को सेवाएं आसानी से मिलेंगी। सोहना में जलभराव से राहत मिलेगी नगर परिषद ने शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नई योजना लागू करनी शुरू कर दी है। नई योजना के तहत अब विकास कार्यों के दौरान सड़कों को पक्का करने या दोबारा कंक्रीट डालने के साथ-साथ बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग से लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन सीवर सिस्टम की तर्ज पर गटर के रूप में तैयार की जा रही है, जिससे बारिश के पानी के साथ बहकर आने वाला कूड़ा-कचरा भी आसानी से निकल सके। इस व्यवस्था से पानी बिना रुके ढाल की दिशा में बह सकेगा और सड़कों पर जमा नहीं होगा। वार्ड-16 के पार्षद हरिश नंदा का कहना है कि इस योजना से भविष्य में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। वहीं वार्ड-6 के पार्षद राकेश रोहिल्ला ने बताया कि नई निकासी लाइन बनने से सीवर पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा और पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक बारिश के बाद जलभराव कम होने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता था। एसडीओ राजपाल खटाना ने कहा कि नई व्यवस्था के बाद बारिश रुकने के कुछ ही मिनटों में पानी की निकासी हो जाएगी।