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कीमतों की परवाह नहीं, आस्था की उड़ान जारी: बिहार जा रही हर फ्लाइट भरी

नई दिल्ली सूर्य उपासना के महापर्व छठ पर बिहार जाने वाली सारी फ्लाइट फुल हो गई हैं। 50 से 60% महंगे किराए के बावजूद हजारों प्रवासियों ने आस्था को प्राथमिकता दी है। ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट भी खत्म हो गई है जबकि बस संचालक छठ पर बिहार जाने वालों की भारी भीड़ देखते हुए मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ट्रैवल पोर्टल्स और एयरलाइंस के आंकड़ों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां दिल्ली-पटना का एक ओर का किराया 4,000 से 6,000 रुपये के बीच रहता है, वहीं 25 से 27 अक्तूबर के लिए यह 8,000 से 10,000 रुपये तक पहुंच गया है। दिल्ली-दरभंगा रूट पर किराया 13,000 रुपये और दिल्ली-गया पर 12,000 रुपये के आसपास है। लास्ट-मिनट की बुकिंग की कीमतें और भी ज्यादा हैं। छठ महापर्व पर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य महानगरों में रहने वाले लाखों बिहारी प्रवासी त्योहार मनाने के लिए गांव लौटते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में मांग, आपूर्ति के असंतुलन से एयरलाइंस डायनामिक प्राइसिंग मॉडल अपनाती हैं, जिससे किराये में अचानक उछाल आता है। इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने इन रूट्स पर अतिरिक्त फ्लाइट्स जोड़ी हैं। सीटें बढ़ने के बावजूद किराया कम नहीं हुआ है। पिछले सप्ताह से बुकिंग्स में 200 फीसदी की बढ़ोतरी निजी ट्रैवल पोर्टल्स के डेटा से पता चलता है कि पिछले हफ्ते बुकिंग्स में 200% फीकी बढ़ोतरी हुई है। मूल रूप से पटना निवासी दिल्ली में नौकरीपेशा राजेश कुमार ने बताया कि पिछले साल 5,500 रुपये में टिकट मिल गया था, लेकिन इस बार 9,800 रुपये देने पड़े। परिवार के साथ जाना है, मजबूरी है। दिल्ली से बिहार बस किराये में भी उछाल : सामान्य दिनों में किराया 1,000 से 2,000 रुपये के बीच रहता है लेकिन छठ पर यह बढ़कर 1,500 से 4,000 रुपये हो गया है।  दिल्ली-दरभंगा रूट पर नॉन-एसी बसों का किराया 1,000-1,500 रुपये होता है, लेकिन त्योहारी भीड़ में यह 2,599-4,999 रुपये तक पहुंच गया है। सरकार किराया कैपिंग पर विचार करे ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ने  मांग की कि सरकार किराया कैपिंग पर विचार करे। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन पटना की ट्रेनें पहले से पैक हैं और वेटिंग लिस्ट हजारों में है। यह समस्या दशहरा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों में पूर्वी भारत के रूट्स पर हर साल यही हाल होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यात्रियों को कम से कम कई महीने पहले बुकिंग करनी चाहिए। वैकल्पिक रूप से, लखनऊ या वाराणसी से कनेक्टिंग फ्लाइट्स या बस सेवाएं सस्ती पड़ सकती हैं। लेकिन लास्ट-मिनट प्लान करने वालों के लिए यह बोझिल साबित हो रहा है।

रेलवे स्टेशन का नाम बदला: औरंगाबाद अब छत्रपति संभाजीनगर

मुंबई दक्षिण मध्य रेलवे ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए ‘औरंगाबाद रेलवे स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन’ कर दिया है। रेलवे ने बताया कि यह नाम परिवर्तन औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है और स्टेशन के सभी साइनबोर्ड, टिकट, घोषणाएं और डिजिटल सिस्टम में नया नाम अपडेट किया जा रहा है। आधिकारिक नोटिस में लिखा है कि प्राधिकृत अधिकारी द्वारा "औरंगाबाद" रेलवे स्टेशन नांदेड मंडल, दक्षिण मध्य रेलवे का नाम बदलकर "छत्रपति संभाजीनगर" रेलवे स्टेशन करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्टेशन का नया स्टेशन कोड "CPSN” होगा। सभी जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी रेलवे के मुताबिक, यह फैसला महाराष्ट्र सरकार की अनुशंसा और गृह मंत्रालय की स्वीकृति के बाद लिया गया। स्टेशन का नया नाम छत्रपति संभाजीनगर मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस बदलाव के बाद यात्रियों को स्टेशन से जुड़ी सभी सूचनाएं और टिकटें नए नाम से जारी होंगी। एक अधिकारी ने कहा रेलवे ने सभी जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। अब सभी प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की घोषणाओं में स्टेशन का नाम ‘छत्रपति संभाजीनगर’ सुनाई देगा। इससे पहले, केंद्र सरकार ने 2022 में औरंगाबाद शहर का नाम भी छत्रपति संभाजीनगर करने की मंजूरी दी थी। अब रेलवे स्टेशन के नाम परिवर्तन के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। 15 अक्तूबर को जारी हुआ था गजट नोटिफिकेशन गौरतलब है कि भाजता नेता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने  विगत 15 अक्तूबर को इसका नाम बदलने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। तीन साल पहले तत्कालीन सरकार ने औरंगाबाद शहर का नाम छत्रपति संभाजीनगर किया था। ये फैसला छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र और मराठा राज्य के दूसरे शासक छत्रपति संभाजी के सम्मान में लिया गया। औरंगाबाद का नाम पहले मुगल सम्राट औरंगजेब के नाम पर रखा गया था। इतिहासकारों के मुताबिक औरंगाबाद रेलवे स्टेशन 1900 में हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल में खोला गया था। छत्रपति संभाजीनगर एक पर्यटन केंद्र है और अजंता और एलोरा की गुफाओं सहित कई ऐतिहासिक स्मारकों से घिरा हुआ है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की इकाई- यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है।

पुलवामा जैसे हमले की साजिश नाकाम, TTP के 3 आतंकवादी मारे गए

पाकिस्तान पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में आत्मघाती हमले की कथित साजिश में शामिल तीन आतंकियों को मार दिया। ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (ISPR) द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने जिले के झल्लार क्षेत्र में खुफिया सूचना पर आधारित ऑपरेशन (IBO) के तहत एक ‘बड़ी आतंकवादी घटना को नाकाम कर दिया और एक संभावित विनाशकारी हमले को टाल दिया।’ यह अभियान ‘फितना अल-खवारिज’ से संबंधित आतंकवादियों की उपस्थिति के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर आधारित था। ये आतंकी एक बड़ी आतंकवादी गतिविधि के लिए वाहन पर बम लगाकर आत्मघाती हमला करने की तैयारी कर रहे थे। ‘फितना अल-खवारिज’ शब्द का इस्तेमाल पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकवादियों के लिए करती है। बयान में कहा गया है कि सैनिकों ने आतंकवादियों के ठिकानों पर उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला किया और आत्मघाती हमले के लिए तैयार किए जा रहे वाहन को नष्ट कर दिया तथा मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया।आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में तलाश अभियान जारी है ताकि इलाके में यदि कोई और आतंकवादी हैं तो उन्हें भी खत्म किया जा सके। बता दें कि टीटीपी को लेकर ही इन दिनों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान के आरोप है कि अफगानिस्तान टीटीपी को पनाह देता है और पाकिस्तान में दहशतगर्दी में समर्थन करता है। वहीं अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के आरोपो को शिरे से खारिज किया है। तुर्की में पाक और अफगान के बीच बातचीत के दौरान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुली जंग में उतरने की धमकी तक दे डाली। गौरतलब है कि इससे पहले दोनों देश दोहा वार्ता कर चुके हैं और तब संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया गया था।  

खराब AQI पर कांग्रेस की चिंता: वायु प्रदूषण दिमाग और शरीर पर कर रहा है सीधा हमला

नई दिल्ली उत्तर भारत में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। खासकर सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार 300-400 के स्तर पर बना हुआ है। इस बीच विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस ने कहा कि भारत का वायु प्रदूषण संकट अब केवल सांस से जुड़ी समस्या नहीं रहा, बल्कि यह हमारे दिमाग और शरीर पर पूर्ण हमला बन चुका है। पार्टी ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) को पूरी तरह संशोधित करने और राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) को तत्काल अपडेट करने की मांग की।   कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि वायु प्रदूषण एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बन गया है, जो कि समाज, स्वास्थ्य प्रणाली और भविष्य के कार्यबल के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘भारत का वायु प्रदूषण संकट अब केवल सांस लेने की बीमारी नहीं रहा। यह अब हमारे दिमाग और शरीर पर सीधा हमला बन गया है।’’ रमेश ने स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025 रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2023 में भारत में करीब 20 लाख मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी रहीं, जो वर्ष 2000 के मुकाबले 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।  उन्होंने कहा कि इनमें से करीब 90 प्रतिशत मौतें गैर-संक्रामक बीमारियों (एनसीडी) जैसे हृदय रोग, फेफड़ों का कैंसर, मधुमेह और अब डिमेंशिया जैसी बीमारियों से जुड़ी थीं।   कांग्रेस नेता ने आगे आंकड़े रखते हुए कहा, "भारत में वायु प्रदूषण से प्रति एक लाख आबादी पर करीब 186 मौतें दर्ज होती हैं, जो उच्च आय वाले देशों (17 प्रति लाख) की तुलना में दस गुना अधिक हैं।" उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण भारत में लगभग 70 प्रतिशत सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज), 33 प्रतिशत फेफड़ों के कैंसर, 25 फीसदी हृदय रोग और 20 फीसदी मधुमेह से होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार है। रमेश ने बताया कि सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) के लंबे समय तक संपर्क से मस्तिष्क को नुकसान और संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट का खतरा बढ़ता है। वर्ष 2023 में विश्वभर में डिमेंशिया से हुई 6.26 लाख मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी पाई गईं। उन्होंने कहा कि भारत में पीएम 2.5 का मानक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वार्षिक मानक से आठ गुना और 24 घंटे के मानक से चार गुना अधिक है। एनसीएपी की शुरुआत 2017 में होने के बावजूद पीएम 2.5 का स्तर लगातार बढ़ा है और ‘‘अब देश का हर व्यक्ति ऐसे क्षेत्र में रह रहा है जहां पीएम 2.5 का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानक से काफी अधिक है।’’   उन्होंने सुझाव देते हुए कहा, ‘‘हमें एनसीएपी में मूलभूत संशोधन करने और एनएएक्यूएस को तत्काल अपडेट करने की आवश्यकता है, जिसे नवंबर 2009 में आखिरी बार सावधानी से तैयार किया गया था।’’

भयानक हादसा: इलेक्ट्रिक बस की बैट्री में विस्फोट, पलभर में राख हो गई पूरी बस

कुरनूल आंध्र प्रदेश के कुरनूल में इलेक्ट्रिक बस में आग लगने को लेकर पुलिस का कहना है कि बाइक से टक्कर के बाद बस में लगीं दो 12 केवी की बैट्रियों में धमाका हुआ था। वहीं शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि बस पर बड़ी मात्रा में स्मार्टफोन रखे हुए थे। उनके पास ही वाहन की बैट्री थी। इसी वजह से आग लगी थी। बता दें कि शुक्रवार को बस और बाइक की टक्कर के बाइक बस के नीचे आकर रगड़ने लगी। इस वजह से उसका फ्यूल टैंक फट गया और बस भी आग का गोला बन गई। इस घटना में बस में सावर 19 यात्रियों के साथ बाइक सवार की मौत हो गई थी। एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही इस बस में 234 स्मार्टफोन रखे थे। ये स्मार्टफोन किसी व्यापारी के थे। आग लगने के बाद स्मार्टफोन की लीथियम आयन बैट्री में धमाका होने लगा। इस वजह से आग तुरंत यात्रियों के केबिन तक पहुंच गई। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि बस के सामने पेट्रोल लीक होने की वजह से आग लगी थी। अधिकारियों ने कहा कि बस की एल्युमिनियम फ्लोरिंग पिघलने लगी और आग बढ़ती चली गई। आंध्र प्रदेश दमकल विभाग और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा मात्रा में स्मार्टफोन और बैट्री की वजह से लोगों की जान चली गई। कुरनूल रेंज के डीआईजी कोया प्रवीण ने कहा, बाइक के फ्यूल टैंक की वजह से आग नहीं लगी बल्कि बस के मेन एग्जिट डोर के पास आग लगी थी। इसके अलावा बस के पीछे की तरफ जहां बैट्री होती है वहां आग लगी थी। बैट्री में विस्फोट हो गया। उन्होंने कहा कि बाइक में लगी आग की वजह से केवल बस की टूल किट प्रभावित हुई थी। कुरनूल जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रांत पाटिल ने बताया कि शिव शंकर की मोटरसाइकिल सड़क पर फिसलकर गिर गई और वह डिवाइडर से टकरा गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना उसी रास्ते से गुजर रही एक बस के शिव शंकर के दोपहिया वाहन को अपनी चपेट में लेने के कुछ देर पहले हुई। पाटिल ने बताया कि हादसे में दोपहिया वाहन के पीछे बैठे एरी स्वामी को मामूली चोटें आई थीं।  

श्री बजरंग सेना के प्रमुख हितेश विश्वकर्मा ने दी दीपावली और छठ पर्व की शुभकामनाएं

नई दिल्ली श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा ने देशवासियों को दीपावली और छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इसी प्रकार छठ पर्व भी भारतीय आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। हितेश विश्वकर्मा ने कहा कि श्री बजरंग सेना सूरत से कार्यरत एक हिंदूवादी संगठन है, जो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। संगठन का उद्देश्य समाज में एकता, संस्कार और राष्ट्रीयता की भावना को प्रबल करना है। उन्होंने बताया कि संगठन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है, बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। श्री बजरंग सेना द्वारा समय-समय पर जरूरतमंदों को मदद, पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा, स्वच्छता अभियान और शिक्षा के क्षेत्र में जनजागृति जैसे कार्य किए जाते हैं। हितेश विश्वकर्मा ने कहा कि दीपावली और छठ पर्व का अवसर समाज में भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करने का संदेश लेकर आता है, जिसे हर भारतीय को आत्मसात करना चाहिए।

CBI की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य अमेरिका से पकड़ा गया, भारत पहुंचते ही हिरासत में

नई दिल्ली  सीबीआई (CBI) की एक टीम एक भगोड़े गैंगस्टर लखविंदर कुमार को शनिवार को अमेरिका से गिरफ्तार कर भारत वापस ले आई। आरोपी लखविंदर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने अमेरिका से वांटेड भगोड़े लखविंदर कुमार को भारत वापस लाने में सीबीआई की मदद की। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि लखविंदर के खिलाफ इंटरपोल की तरफ से रेड नोटिस जारी किया गया था। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लाए जाने के बाद हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि लखविंदर हरियाणा में जबरन वसूली, धमकी, अवैध हथियार रखने और उनका इस्तेमाल करने तथा हत्या के प्रयास से संबंधित कई आपराधिक मामलों में वॉन्टेड है। बयान में कहा गया है, ‘‘सीबीआई ने हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर 26 अक्टूबर 2024 को इंटरपोल के माध्यम से लखविंदर के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी करवाया था। उसे अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया और वह 25 अक्टूबर 2025 को दिल्ली पहुंचा, जहां हरियाणा पुलिस की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।’’ इंटरपोल द्वारा जारी किए गए रेड नोटिस दुनियाभर की सभी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को वांटेड भगोड़ों को ट्रैक करने के लिए भेजे जाते हैं। पिछले कुछ सालों में इंटरपोल चैनलों के जरिये कोऑर्डिनेशन से 130 से अधिक वांटेड अपराधियों को वापस लाया गया है।  

सरहद पर ऑपरेशन त्रिशूल की धमक, पाकिस्तानी सेना में मचा हड़कंप

नई दिल्ली भारत पश्चिमी सीमा पर 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक त्रि-सेवा (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) सैन्य अभ्यास करने वाला है। इसे लेकर पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। तीनों सेना का संयुक्त अभ्यास त्रिशूल के नाम से होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह एक्सरसाइज सर क्रीक-सिंध-कराची अक्ष पर केंद्रित होगी, जिसे पाकिस्तानी 'पाकिस्तान का गहरा दक्षिण' बताते हैं। इसे देखते हुए इस्लामाबाद अपनी दक्षिणी कमांड में सतर्कता बढ़ाने के लिए मजबूर हो गया है और पूरी तरह से चौकसी बरती जा रही है। पाकिस्तान के रक्षा सूत्रों ने बताया कि सिंध और पंजाब में दक्षिणी कमांड के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही, वायुसेना और नौसेना को किसी भी संभावित आक्रामकता का जवाब देने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है। सीएनएन-न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर स्ट्राइक कोर और कराची कोर को विशेष तैयारियों के लिए चुना गया है। शोरकोट, बहावलपुर, रहीम यार खान, जैकोबाबाद, भोलारी और कराची जैसे हवाई अड्डे भी स्टैंडबाय हैं। इसके अलावा, अरब सागर में गश्त और नौसैनिक गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सैन्य अभ्यास का क्या है मकसद सूत्रों के अनुसार, भारत का यह अभ्यास थार रेगिस्तान और सर क्रीक क्षेत्र के बीच होगा। इसे दक्षिणी क्षेत्रों में नौसेना, वायुसेना और थलसेना के बीच समन्वय जांचने के लिए डिजाइन किया गया है। पाकिस्तानी अधिकारियों को डर है कि इस एक्सरसाइज का इस्तेमाल समुद्री चोकपॉइंट्स और कराची से जुड़े तटीय ढांचे को खतरे में डालने के लिए हो सकता है। ध्यान रहे कि कराची बंदरगाह और बिन कासिम के माध्यम से पाकिस्तान का लगभग 70 प्रतिशत व्यापार होता है, जो इन सुविधाओं को रणनीतिक रूप से संवेदनशील बनाता है।  

यात्रीगण ध्यान दें! अब नए समय पर चलेगी वैष्णो देवी वंदे भारत एक्सप्रेस

कटरा भारतीय रेलवे ने माता वैष्णो देवी कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के समय और ठहराव में बदलाव किया है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उत्तरी रेलवे (NR) की ओर से इसे ऑपरेट किया जाता है। ट्रेन नंबर 26401/26402 कटरा-श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस 191 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसके लिए 2 घंटे 58 मिनट का समय लगता है। 29 अक्टूबर 2025 से यह ट्रेन रियासी स्टेशन पर दोनों दिशाओं में दो मिनट के लिए रुकेगी, जो पहले केवल बानिहाल स्टेशन पर रुकती थी। उत्तरी रेलवे की ओर से बताया गया कि रियासी जिले में बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वैष्णो देवी मंदिर और विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज के निकट होने के कारण यह नया ठहराव जोड़ा गया है। जानें ट्रेन की टाइमिंग और स्टॉपेज ट्रेन नंबर 26401 कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 8:10 बजे कटरा से रवाना होती है और 11:08 बजे श्रीनगर पहुंचती है। वापसी में ट्रेन नंबर 26402 श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर 2:00 बजे श्रीनगर से चलती है और शाम 4:58 बजे कटरा पहुंचती है। ताजा बदलाव यात्रियों की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। सोशल मीडिया पर भी रियासी में स्टॉपेज देने की मांग उठाई जा रही है, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।  

ASEAN में 35 साल बाद नई एंट्री, छोटे लेकिन अहम देश को मिली बड़ी पहचान

आसियान दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (ASEAN) का 1990 के दशक के बाद से पहली बार विस्तार करते हुए पूर्वी तिमोर को इसमें औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। पूर्वी तिमोर को आसियान में शामिल किए जाने के बाद इसके प्रधानमंत्री सनाना गुस्माओ ने रविवार को कहा कि उनका देश संगठन का एक उपयोगी सदस्य साबित होगा। कुआलालंपुर में एक औपचारिक समारोह में मंच पर अन्य 10 झंडों के साथ पूर्वी तिमोर, जिसे तिमोर लेस्ते के नाम से भी जाना जाता है, का झंडा भी शामिल किया गया जिसके बाद प्रधानमंत्री गुस्माओ ने अन्य नेताओं से कहा, ‘आज इतिहास रचा गया है।’ उन्होंने कहा, ‘तिमोर-लेस्ते के लोगों के लिए यह न केवल सपना साकार होने जैसा है बल्कि हमारी यात्रा की एक सशक्त पुष्टि भी है।’ क्षेत्र के सबसे युवा और सबसे गरीब राष्ट्र को शामिल किए जाने को क्षेत्रीय समावेशिता की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में सराहा जा रहा है। इस देश क आबादी मात्र 14 लाख है। गुस्माओ ने कहा, ‘हमारे लिए यह नई शुरुआत व्यापार, निवेश, शिक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपार अवसर लेकर आई है। हम सीखने, नवोन्मेष और सुशासन को बनाए रखने के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने यह किसी यात्रा का अंत नहीं है, यह एक प्रेरणादायक नए अध्याय की शुरुआत है। आसियान में शामिल होना चाहता है ब्राजील दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के इस संगठन में ब्राजील भी शामिल होना चाहता है। जील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा है कि ब्राजील दक्षिण- पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का पूर्ण सदस्य बनने के लिए काम कर रहा है। वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 22 वें आसियान -भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लेने के निर्णय से उनकी मलेशिया यात्रा तथा वहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात की संभावनाओं को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) -भारत शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में हो रहा है।