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कोहरे और सर्दी का कहर: दिल्ली से भोपाल-इंदौर ट्रेनें लेट, पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोहरे का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होगी। ऐसे में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पचमढ़ी जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।ट्रेनों पर कोहरे की मार जारी, सफर हो रहा परेशानकोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाली ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। पिछले एक हफ्ते से कई ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर भी वाहन चलाना जोखिम भरा बना हुआ है। आज सुबह कहां-कहां दिखा कोहरा गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा देखा गया। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिन कोहरे की तीव्रता घटेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिन मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अपडेट और आगे की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन कोहरे का असर कम रहेगा, लेकिन ठंड में वृद्धि होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा अगले पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा और किसी भी हिस्से में बारिश होने की संभावना नहीं है। वहीं 27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जिससे सर्द हवाओं के चलते ठंड और बढ़ सकती है। प्रदेश के सबसे ठंडे शहर पचमढ़ी: 3.8 डिग्री कल्याणपुर (शहडोल): 6.3 डिग्री नौगांव: 7 डिग्री राजगढ़: 7.4 डिग्री मलाजखंड: 7.6 डिग्री रीवा: 8.2 डिग्री उमरिया: 8.3 डिग्री रायसेन, छिंदवाड़ा, मंडला: 9 डिग्री खजुराहो: 9.2 डिग्री टीकमगढ़: 9.8 डिग्री हिमालयी सिस्टम का असर,ठंड और बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी और ठंड और तीखी होगी। फिलहाल भी उत्तरी हवाओं के कारण इंदौर, भोपाल, राजगढ़ और शाजापुर में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह करीब 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है। सबसे पहले जानते हैं, आज कैसा है मौसम गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा रहा। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। अगले 2 दिन तक कोहरे का असर तो कम रहेगा, लेकिन ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिन तक मौसम साफ रहेगा और कहीं भी बारिश होने के आसार नहीं है। कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटा तक लेट हो रही है। इनमें मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी, सचखंड जैसी ट्रेनें शामिल हैं। कल्याणपुर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। सीजन में पहली बार पचमढ़ी में इतना कम तापमान रहा है। कल्याणपुर में यह 6.3 डिग्री रहा। यह प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। नौगांव में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, उमरिया में 8.3 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा-मंडला में 9 डिग्री, खजुराहो में 9.2 डिग्री और टीकमगढ़ में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार की सुबह कई शहरों में घने कोहरे से राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव में असर ज्यादा देखा गया। वहीं, ट्रेनों के डिले होने की टाइमिंग में भी कमी आई है।  

कड़ाके की सर्दी से कांपा राजस्थान, सिरोही सबसे ठंडा; शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के खत्म होने के बाद ठंडी उत्तरी हवाओं के चलने से प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा है। बुधवार को शेखावाटी क्षेत्र सहित कई जिलों में सुबह-शाम तेज ठंड महसूस की गई। चार शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि सिरोही प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों में शीतलहर (कोल्ड-वेव) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, बुधवार को घने कोहरे से कुछ राहत रही और अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा, जिससे दिन में तेज धूप देखने को मिली। शेखावाटी अंचल में कड़ाके की ठंड के चलते खेतों में ओस की बूंदें जम गईं। कोटा सहित कई जिलों में फसलों पर जमी ओस साफ नजर आई। सबसे कम तापमान दर्जपिछले 24 घंटों में फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा—नागौर: 3.4°C, माउंट आबू: 4.0°C, सीकर: 5.0°C, लूणकरणसर: 5.4°C, चूरू: 5.8°C, झुंझुनूं व पाली: 6.8°C, करौली: 6.9°C, पिलानी: 7.2°C, दौसा: 8.1°C, बीकानेर व जैसलमेर: 8.8°C, अलवर: 8.6°C, सिरोही: 9.3°C। दिन का तापमान भी गिरा : बुधवार को प्रदेश के सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा दिन सिरोही में रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।अन्य शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा— बारां 22.6, करौली 22.7, जयपुर 22.3, अलवर 22, झुंझुनूं 22.8, दौसा 23.8, गंगानगर 23.5, चूरू 23.6, बीकानेर 23.8, कोटा 23.3, अजमेर 24.3, भीलवाड़ा 24.4, पिलानी 24.8, नागौर 24.4 और पाली 24.9 डिग्री सेल्सियस। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेश में सर्द हवाओं का असर और बढ़ेगा, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

राज्य सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 64 अधिकारियों को किया पोस्टिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में 5 दर्जन से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों के कार्यभार में बड़ा बदलाव किया गया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने एक ही आदेश में 64 असिस्टेंट और सब इंजीनियरों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसे नगर निगम के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। यह फैसला नगर परिषद की बैठक में पार्षदों की लिखित शिकायतों के बाद लिया गया है। पार्षदों का आरोप था कि पिछले चार महीनों से इंजीनियर न तो वार्ड में काम कर रहे थे और न ही जनसमस्याओं पर ध्यान दे रहे थे। अतिक्रमण हटाने पर फोकस, विशेष टीमों का गठन नए सेटअप में कार्यपालन यंत्रियों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उन्हें सिविल कार्यों के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो तेजी से कार्रवाई करेंगी। जोनल अधिकारियों के भी तबादले फेरबदल के तहत कई जोनल अधिकारियों को भी इधर-उधर किया गया है। विजय शाक्य को जोन-14 का सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया अंकित गौतम, संदीप मंडलेकर और भावना पटेरिया को अलग-अलग जोन में एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई मेट्रोपॉलिटन रीजन से पहले निगम का नया सेटअप भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के ड्राफ्ट से पहले नगर निगम का यह नया प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए— बृजेश कौशल – गोविंदपुरा अनिल टटवाड़े – मध्य एवं उत्तर विधानसभा एसके राजेश – दक्षिण-पश्चिम एवं हुजूर अनिल कुमार साहनी – नरेला विधानसभा को सिविल शाखा और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी दी गई है। झील संरक्षण और उद्यान विभाग को भी नई कमान कार्यपालन यंत्री प्रमोद मालवीय को नरेला से हटाकर झील संरक्षण प्रकोष्ठ, उद्यान विभाग और प्रवेश द्वार प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चार महीने से चल रहा था विवाद गौरतलब है कि पूर्व नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण द्वारा इंजीनियरों के विभाग बदले जाने के बाद से लगातार विवाद बना हुआ था। पार्षदों का कहना था कि इंजीनियर न तो उनके वार्ड में पहुंच रहे थे और न ही विकास कार्यों में रुचि ले रहे थे।

जशपुर को बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 11 सिंचाई परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹199.50 करोड़ स्वीकृत

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी ऐतिहासिक सिंचाई सौगात किसानों के हित में 11 परियोजनाओं के लिए लगभग 199 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन के दो वर्षों के दौरान जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिले में किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 199 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय को स्थायी मजबूती मिलेगी। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षा पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी। जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाओं में मैनी नदी, बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79 करोड़ 37 लाख रुपये, कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये, सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये तथा डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है। इसी क्रम में तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये, बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये, मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये, पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये, कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये, अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये तथा कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे किसानों को खेती के लिए नियमित पानी मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और कृषि को स्थायी आजीविका का मजबूत आधार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन योजनाओं से जिले के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

अटल कैंटीन का कमाल: दिल्ली में ₹5 में थाली, जानें क्या-क्या मिलेगा

 नई दिल्ली दिल्ली की भाजपा सरकार अपने एक और चुनावी वादे को पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर राजधानी में अटल कैंटीन की शुरुआत कर रही है। गुरुवार से 100 अटल कैंटीन में लोग महज 5 रुपये में पौष्टिक खाना खा सकते हैं। चावल, रोटी, दाल, सब्जी और अचार वाली यह थाली भले ही आपको 5 रुपये में मिलेगी लेकिन इसकी लागत 30 रुपये है। प्रति थाली करीब 25 रुपये का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। हर कैंटीन में दोपहर और शाम 500 लोगों को भोजन, 'पहले आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर दिया जाएगा। अटल कैंटीन मुख्यतौर पर झुग्गी झोपड़ियों के पास बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग रहते हैं। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 5 रुपये की थाली में 100 ग्राम चावल या मिलेट, 300 ग्राम चपाती, 100 ग्राम सब्जी, 100 ग्राम दाल और अचार परोसी जाएगी। खाना इन कैंटीन में नहीं बनाया जाएगा क्योंकि अधिकतर छोटे ढांचे में बनाए गए हैं। खाना कुछ बड़े किचन में बनाकर कैंटीन में भेजा जाएगा। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इसका उद्देश्य जरूरमंद लोगों की मदद करना है और सरकार चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। 50 कैंटीन तैयार हैं, लेकिन खाना सभी 100 स्थानों पर खिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 कैंटीन ग्रैप-4 के प्रतिबंधों की वजह से तैयार नहीं हो पाए हैं। जल्द इनका निर्माण पूरा हो जाएगा। अटल कैंटीनों का संचालन दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की ओर से किया जाएगा। सरकार की यह एजेंसी शहरी गरीबों की बेहतरी के लिए काम करती है। एक थाली भोजन की अनुमानित लागत करीब 30 रुपये बताई गई है, जबकि दिल्ली सरकार सब्सिडी देकर इसे 5 रुपये में उपलब्ध कराएगी। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में 100 अटल कैंटीन शुरू करने का वादा किया था।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सभी तैयारियां पूरी  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र नायकों की कांस्य प्रतिमाओं का करेंगे लोकार्पण, 2 लाख से अधिक लोग होंगे साक्षी राष्ट्रीय चिन्हों और मालाओं से सजाया गया है राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की पूरी तैयारी      लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बन कर तैयार भव्य 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह स्थल भारतीय राष्ट्रवाद की त्रयी कहे जाने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और अमूल्य योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का अनुपम प्रयास है। इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर  भव्य उद्घाटन समारोह के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों समेत, 2 लाख से अधिक लोग इस अवसर के साक्षी बनेंगे। सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन के साथ उद्घाटन समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की भी सभी तैयारियों को मूर्त रूप दिया जा चुका है। प्रदेश की राजधानी प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनेगी।  राष्ट्र नायकों की मूर्तियों के लोकार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करेंगे प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल के भव्य उद्घाटन समारोह के आयोजन के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के विशाल प्रांगण में फूलों से कमल की आकृति की रंगोली बनाई जा रही हैं। साथ ही प्रेरणा स्थल की बाहरी दीवारों पर कला संस्कृति विभाग की ओर से राष्ट्रीय सांस्कृतिक चिन्हों का अलंकरण किया गया है। राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं के अनावरण का कार्यक्रम 2 बजे अपराह्न शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से प्रेरणा स्थल पहुंच कर सबसे पहले राष्ट्र नायकों की मूर्तियों के लोकार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उसके बाद राष्ट्र नायकों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को समर्पित संग्रहालय का उद्घाटन कर, उसका अवलोकन करेंगे। संग्रहालय के ओरिएंटेशन रूम में राष्ट्र नायकों के जीवन पर आधारित वीडियो एवी का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री जनसंबोधन करेंगे, इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहेंगे। भावी पीढ़ियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करेगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल   लखनऊ के वसंत कुंज में राष्ट्र प्रेरणा स्थल को कमल की आकृति में बनाया गया है। प्रेरणा स्थल में राष्ट्रवाद के शिखर पुरुषों डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं दीन दयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। जिनका निर्माण विश्व विख्यात मूर्तिकार राम सुतार और मंटू राम आर्ट क्रिएशंस ने किया है। प्रतिमाओं को फेसेड लाइटिंग और प्रोजेक्शन मैपिंग से सजाया गया है। साथ ही परिसर में राष्ट्र नायकों को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया गया है। संग्रहालय की इंटरप्रिटेशन वॉल पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के म्यूरल आर्ट से देश की राष्ट्रीयता की यात्रा को दर्शाया गया है। संग्रहालय के कोर्टयार्ड में राष्ट्रीय भावना की प्रतीक भारत माता की प्रतिमा स्थापित की गई है। राष्ट्र नायकों को समर्पित गैलरियां उनके जीवन, विचारधारा और संघर्षों को जीवंत बनाती हैं। साथ ही राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में सिंथेटिक ट्रैक, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना केंद्र, योग केंद्र, हेलीपैड और कैफेटेरिया का भी निर्माण किया गया है। इसके अलावा परिसर में 3000 की क्षमता वाले एम्फीथिएटर और लगभग 2 लाख की क्षमता के रैली स्थल का भी निर्माण किया गया है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल न केवल ऐतिहासिक स्मृति का बिंदु है, बल्कि भावी पीढ़ियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करेगा।

रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली ज़िंदगी, मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना रायपुर मुंगेली जिले के ग्राम लालाकापा निवासी तिलक प्रसाद के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मजदूरी करने जीवन-यापन करने वाले तिलक प्रसाद को योजना के अंतर्गत सुरक्षित और स्थायी आवास प्राप्त हुआ है। पक्का घर मिलने पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। पूर्व में तिलक प्रसाद अपने परिवार के साथ एक छोटे कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के दिनों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीवन व्यतीत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पुराने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण किया गया। निर्माण पूर्ण होने के बाद अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप जलाकर दी अटल जी को श्रद्धांजलि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अर्पित किए श्रद्धासुमन   लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति के समक्ष दीप जलाकर पुण्य स्मृतियों को किया नमन  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर बुधवार को लोकभवन में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने लोकभवन परिसर में स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उनकी पुण्य स्मृतियों को नमन किया। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के माध्यम से न केवल प्रदेश बल्कि देश भर में उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सार्वजनिक जीवन में उनकी मर्यादित राजनीतिक शैली को स्मरण किया जा रहा है। लोकभवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी अटल जी के जीवन और कृतित्व को केंद्र में रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा देश करेगा अटल जी की स्मृतियों को याद गुरुवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में विभिन्न स्मरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से अटल जी के विचारों, नीतियों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। संगोष्ठियों, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनकी विरासत को सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व भारतीय राजनीति में संवाद, सहमति और राष्ट्रहित के संतुलन का प्रतीक माना जाता रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देश ने राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए। उनकी कवि संवेदना और राजनेता के रूप में दूरदर्शिता आज भी सार्वजनिक जीवन में आदर्श के रूप में देखी जाती है।

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

दिल्ली के 13 प्रमुख रेलवे स्टेशन होंगे स्मार्ट और हाईटेक, अमृत भारत योजना से बदलेगा सफर का अनुभव

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत न्यू दिल्ली, आनंद विहार समेत दिल्ली के 13 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, पहुंच और आराम को बढ़ाना है, ताकि रेलवे स्टेशनों का अनुभव और अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सके। ये स्टेशन हो रहे हैं अपग्रेड रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख 13 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। ये स्टेशन हैं न्यू दिल्ली, आनंद विहार, बिजवासन, दिल्ली कैंट, आदर्श नगर, सराय रोहिल्ला, शाहदरा, हजरत निजामुद्दीन, नरेला, सब्जी मंडी, सफदरजंग, तिलक ब्रिज रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि देशभर में इस योजना के तहत कुल 1,337 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें दिल्ली के ये 13 स्टेशन भी शामिल हैं। इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लोकसभा में उठाया था। तेजी से न्यू दिल्ली स्टेशन पर हो रहा काम न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अजमेरी गेट साइड का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब यहाँ यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं हैं. अधिक टिकट काउंटर, बेहतर वेटिंग एरिया, आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, व्यापक सीसीटीवी कवरेज, बेहतर लाइटिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरओ पानी की सुविधा, पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक सीटें वहीं, पहाड़गंज साइड पर भी काम शुरू हो गया है। पुरानी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, बेसमेंट बनाया जा रहा है और विभिन्न सुविधाओं को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।