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एसआईटी ने सिवनी हवाला कांड की परतें खोलनी शुरू की, डीएसपी तक फैली जांच

सिवनी सिवनी के बहुचर्चित 2.96 करोड़ रुपए हवाला कांड में एसआईटी की जांच हर दिन नए खुलासे कर रही है। जांच में अब साफ हो गया है कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हवाला से जुड़े खिलौना व्यापारी पंजू गिरी गोस्वामी ने की। वही पहला व्यक्ति था, जिसने हवाला रकम के मूवमेंट की गोपनीय जानकारी क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी को दी। सोनी ने यह जानकारी आगे बढ़ाई और सूचना की यह चेन बढ़ते-बढ़ते हॉकफोर्स प्रभारी डीएसपी पंकज मिश्रा से होते हुए तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे तक पहुंच गई। सूचना की इस सुनियोजित कड़ी ने बाद में पूरे लूट कांड का रास्ता तैयार किया। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक हवाला रकम की यह सूचना योजना बनाकर आगे पास की गई और इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की प्लानिंग बनी। जमानत याचिका लगाई इस बीच गिरफ्तार डीएसपी पूजा पांडे ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। माना जा रहा है कि जस्टिस देवनारायण मिश्रा की बेंच इस सप्ताह उनकी अर्जी पर सुनवाई कर सकती है। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण अदालत के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। साली के चक्कर में जीजा भी गिरफ्तार जांच के दौरान एसआईटी ने एक और चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए मंगलवार को पूजा पांडे के जीजा, जबलपुर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक वीरेंद्र दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि पूजा पांडे अपनी गतिविधियों की जानकारी जीजा को देती थीं और लूट की रकम को ठिकाने लगाने की प्लानिंग में वह भी शामिल था। ये था मामला जांच में 8–9 अक्टूबर की रात का पूरा घटनाक्रम भी स्पष्ट हुआ है। महाराष्ट्र के व्यापारी सोहनलाल परमार के दो ड्राइवर सतना से 2.96 करोड़ रुपए लेकर जालना जा रहे थे। बंडोल थाना पुलिस ने रात में उनकी कार रोककर ड्राइवरों को जंगल में ले जाकर पूछताछ की और पूरी रकम कब्जे में ले ली। बाद में 1.25 करोड़ रुपए उन्हें लौटाकर छोड़ दिया गया। ड्राइवरों ने महाराष्ट्र पहुंचकर अपने मालिक को घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद व्यापारी सिवनी आया लेकिन उसे बिना एफआईआर के थाने में बैठाकर धमकाकर वापस भेज दिया गया। बाद में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की गई। जैसे-जैसे मामला तूल पकड़ता गया, खुलासे होते चले गए। शुरू में एसडीओपी पूजा पांडे ने लूट के आरोपों से साफ इंकार किया लेकिन डीआईजी की जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आते ही बड़ी कार्रवाई की गई। आईजी ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया और डीजीपी ने पूजा पांडे को निलंबित करते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए। एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि हवाला रकम की असल बंदरबांट कैसे हुई, किसने कितना हिस्सा लिया और पुलिस नेटवर्क में इसकी जड़ें कहां तक फैली हुई हैं। मामले में और भी गिरफ्तारी होने की संभावना जताई जा रही है। 

TET अनिवार्यता विवाद: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस, मांगा जवाब

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों में इन दिनों पदोन्नति को लेकर भारी अनिश्चितता का माहौल है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी टीईटी को पदोन्नति की अनिवार्य योग्यता में शामिल न किए जाने के कारण स्थिति उलझती जा रही है. शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि नियमों की अस्पष्टता उनके भविष्य पर सीधा असर डाल रही है, इसी वजह से मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि, स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 में टीईटी को अनिवार्य बनाने का संशोधन किया जाना था, लेकिन सरकार की चुप्पी ने परेशानी बढ़ा दी. शिक्षकों ने कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का आदेश बिल्कुल स्पष्ट है सेवा में रहना चाहते हैं तो नियमों के हिसाब से अवसर मिलेगा, लेकिन पदोन्नति सिर्फ उन्हीं को मिलेगी जो टीईटी पास करेंगे. याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि, कई राज्यों ने इस आदेश पर तुरंत कार्रवाई की, नियम अपडेट किए और आवश्यकता पड़ने पर पुनर्विचार याचिका भी दायर की. वहीं छत्तीसगढ़ में इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसी अनिश्चितता के बीच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्पष्ट रूप से स्थिति बताने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने पूछा है कि-टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य बनाने पर राज्य सरकार की राय क्या है?

क्राइम पर करारा प्रहार: हरियाणा पुलिस ने 24 घंटे में 98 बदमाश दबोचे, 81 हिस्ट्री शीट खोलीं

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत 17 नवंबर का दिन हरियाणा की पुलिसिंग हिस्ट्री में ‘रिकॉर्ड-ब्रेकर डे’ के तौर पर दर्ज हो गया है। एक ही दिन में 75 केस दर्ज, 98 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और 256 अन्य अपराधियों को जेल भेजकर पुलिस ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। मात्र 24 घंटों में 81 हिस्ट्री शीट खोली गईं। यह आंकड़ा पिछले 12 दिनों में खोली गई कुल हिस्ट्री शीट (179) को अचानक 260 तक पहुंचा देता है। ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत पुलिस हर संदिग्ध और पुराने अपराधियों की प्रोफाइलिंग करके भविष्य के अपराधों की रोकथाम पर फोकस कर रही है। जितनी हिस्ट्री शीटें खुलीं, उतने ही गैंगों की ‘वर्किंग स्टाइल’ जैसी अंदरूनी जानकारियां बाहर आईं, जिन्हें आगे गैंग-फ़्री हरियाणा मॉडल में शामिल किया जाने वाला है। झज्जर जिले ने किया लीड 17 नवंबर का ‘टॉप परफॉर्मर’ झज्जर जिला रहा, जिसने 18 मामलों में 21 कुख्यात अपराधियों को पकड़कर बाकी जिलों के लिए मानक तय कर दिया। इसके बाद करनाल (9 गिरफ्तारियां), कैथल (8) और रोहतक (8) ने भी अच्छी परफॉरमेंस दर्ज की। हिस्ट्री शीट खोलने में सोनीपत सबसे आगे रहा, जिसने 26 हिस्ट्री शीटें खोलकर स्पष्ट संदेश दिया कि अब अपराधियों की पुरानी लोकेशन और चालबाज़ियों को रिकॉर्ड में कैद किया जाएगा। अपराध का ब्रेकडाउन: कौन सबसे ज्यादा फंसा एक दिन में दर्ज हुए कुल 75 मामलों में सबसे अधिक केस आर्म्स एक्ट के रहे। 27 केस और 33 गिरफ्तारियां हुईं। इसके अलावा हत्या का प्रयास के 16 केस में 23, उगाही के 10 केस में 10 और लूट के 6 केस में 10 गिरफ्तारियां हुईं। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि पुलिस सीधे उन अपराधियों को निशाना बना रही है, जो कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बनते हैं। करनाल: अवैध कब्ज़ा गैंग पर सबसे बड़ी चोट ट्रैकडाउन की अगली बड़ी कड़ी करनाल से सामने आई, जहां जमीन कब्ज़ा करने वाले नेटवर्क को पुलिस ने निशाना बनाया। 18 नवंबर को रमेश और विशाल वालिया को गिरफ़्तार किया गया। ये दो आरोपी 16 नवंबर को यमुना विहार कॉलोनी में प्लॉटों पर कब्ज़ा करने की कोशिश में थे। तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी रमेश पर पहले से 6 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 384 आईपीसी (जबरन वसूली), आर्म्स एक्ट, 307 (हत्या का प्रयास) जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। दोनों को रिमांड पर लेकर पुलिस अब उनके गैंग की ‘जमीन कब्ज़ा रैकेट’ की पूरी संरचना खंगाल रही है। बबली गैंग पर हुई बड़ी कार्रवाई ट्रैकडाउन के अंतर्गत करनाल पुलिस ने पुरानी रंजिश के मामले में चार और वांछित आरोपियों – बबली, जसराम, प्रदीप और सागर को हिरासत में लिया। ये सभी 26 अप्रैल को मीरा घाटी पार्क में शिकायतकर्ता पर हमला करके फरार हो गए थे। पूछताछ में पता चला कि गैंग लीडर बबली भी 6 मामलों में वांछित है। इनमें 2015 का आर्म्स एक्ट, 2019 का उगाही का मामला भी शामिल है। पुलिस पहले ही इस केस में पांच गिरफ्तारियां कर चुकी थी। अब इन चार की गिरफ्तारी के बाद पूरा गैंग लगभग ध्वस्त माना जा रहा है।   700 बड़े अपराधी सलाखों के पीछे डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत अब तक कुल 768 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके अलावा 2980 अन्य अपराधी धर दबोचे गए। पुलिस का कहना है कि ट्रैकडाउन सिर्फ बड़ी मछलियां नहीं पकड़ रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे लेकिन खतरनाक अपराधियों को भी खत्म कर रहा है, जो भविष्य में बड़े अपराधों की जड़ बनते हैं। अब ‘क्राइम-फ्री ज़ोन मैपिंग’ शुरू सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब हजारों गिरफ्तारियों और हिस्ट्री शीट डेटा को जोड़कर ‘क्राइम-फ्री ज़ोन मैपिंग’ तैयार कर रही है। एक ऐसा डिजिटल सिस्टम जो अपराधियों की मूवमेंट, उनके पुराने ठिकानों और गैंग पैटर्न को हाई-रिस्क ज़ोन से लिंक करेगा। इससे हर जिले की पुलिस को ‘प्री-क्राइम अलर्ट’ मिल सकेगा। यानी ट्रैकडाउन अब सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, एक टेक-इनेबल्ड क्राइम इरैडिकेशन मॉडल बन रहा है।

‘शहादत’ बयान पर बवाल: आतंकी उमर नबी को असदुद्दीन ओवैसी की दो-टूक

नई दिल्ली  दिल्ली में बम धमाका करके अपने साथ 15 लोगों की जिंदगी छीनने वाला आतंकी उमर नबी बम बांधकर इस तरह किए जाने वाले फिदायीन हमलों को मजहब का सबसे अच्छा काम मनता था। उमर के फोन से निकले एक वीडियो में वह इसे इस्लाम में जायज ठहराने की कोशिश करता दिखा। अब एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकी के कुतर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह इस्लाम में हराम है। उन्होंने कहा कि यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।   दिल्ली में लाल किले के पास कार में धमाका करके मासूम लोगों की जान लेने वाले आतंकी का मोबाइल फोन कश्मीर से बरामद किया गया है। घटना से कुछ दिन पहले वह अपने घर गया था और अपने भाई को एक फोन यह कहकर दे आया था कि यदि उसके बारे में कोई जानकारी आए तो इसे पानी में फेंक देना। अब पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में लेकर फोन बरामद किया तो उसमें यह वीडियो सामने आया। वीडियो में उमर नबी फिदायीन हमले को जायज ठहराते हुए कहता है कि इसे गलत समझा जा रहा है और इसके खिलाफ कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन सुसाइड बॉम्बिंग शहादत का अभियान है जिसे इस्लाम में भी इसी रूप में बताया गया है। ओवैसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा कि दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी उमर नबी का एक बिना तारीख वाला वीडियो आया है जिसमें वह सुसाइड बॉम्बिंग को 'शहादत' और 'गलत समझा गया' बताते हुए उचित ठहरा रहा है। ओवैसी ने कहा, 'सुसाइड इस्लाम में हराम है और निर्दोष लोगों की हत्या बहुत बड़ा पाप है। इस तरह की हरकत कानून के भी खिलाफ है। इसे किसी भी तरह से 'गलत नहीं समझा गया' है। यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।' गृहमंत्री अमित शाह से सवाल एआईएमआईएम नेता ने गृहमंत्री अमित शाह की ओर से किए गए दावे का जिक्र करते हुए पूछा कि इस समूह का पता नहीं लगा पाने के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान अमित शाह ने संसद को भरोसा दिया कि पिछले छह महीने में कोई भी स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुआ। तब यह समूह कहां से आया? इस समूह का पता नहीं लगा पाए जाने के लिए कौन जिम्मेदार है?'

मतदाता सूची 2003: MP ऑनलाइन, CSC और लोक सेवा केंद्र देंगे सहयोग

ग्वालियर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) का कार्य मध्य प्रदेश में जारी है, इसमें एक बड़ी समस्या 2003 की मतदाता सूची में अपने नाम का पता लगाना है लोगों की शिकायतें हैं कि चुनाव आयोग की वेबसाईट खुलती नहीं है, कई बार फाइल डाउन लोड नहीं होती, ग्वालियर जिला प्रशासन ने इसका हल खोज निकाला है। ग्वालियर जिले में मतदाताओं के सहयोग के लिये जिला प्रशासन की पहल पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना या अपने परिजन का नाम पता लगाने में लोक सेवा केन्द्र, सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) एवं एमपी ऑनलाइन सेंटर भी मतदाताओं की मदद करेंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकार की पहल पर इन सेंटरों के संचालक एसआईआर कार्य में सहयोग देने के लिये आगे आए हैं। MP Online, CSC संचालक नाम पता करने में करेंगे मदद  अपर जिला दण्डाधिकारी सी बी प्रसाद ने बीते रोज एमपी ऑनलाइन के संभागीय प्रबंधक व सीएससी प्रबंधकों एवं एमपी ऑनलाइन सेंटर के प्रतिनिधियों की बैठक ली थी। जिसमें एमपी ऑनलाइन सेंटर व सीएससी सेंटर के संचालकों ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम पता करवाने में मदद करने का भरोसा दिलाया है। जनमित्र केन्द्रों में मतदाता सहायता केन्द्र बता दें जिले में एसआईआर (निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण) के संबंध में ग्वालियर शहर के सभी जनमित्र केन्द्रों में मतदाता सहायता केन्द्र बनाए गए हैं। मतदाता अपना ईएफ (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरने में इन केन्द्रों की सहायता ले सकते हैं। साथ ही यहीं से वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपने नाम की स्थिति जान सकते हैं। जनमित्र केन्द्रों के अलावा अब एमपी ऑनलाइन सेंटर, लोक सेवा केन्द्र व सीएससी सेंटर पर भी मतदाताओं को यह सुविधा उपलब्ध होगी। BLO ने घर घर जाकर उपलब्ध कराये हैं फॉर्म  एसआईआर के तहत बीएलओ द्वारा अपने क्षेत्र के मतदाताओं को ईएफ (एन्यूमरेशन फॉर्म) उपलब्ध कराए गए हैं। यह फॉर्म मतदाता द्वारा भरे जाने हैं। साथ ही ईएफ में वर्ष 2003 की स्थिति की तुलनात्मक जानकारी की प्रविष्टि भी की जानी है। SIR से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये नोडल अधिकारी जिले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत किए जा रहे एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये विशेष व्यवस्था की गई है। सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग राहुल पाठक को शिकायतों का निराकरण कराकर निर्वाचन आयोग को प्रतिवेदन भेजने के लिये नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही उनके अधीन चार शासकीय कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है।

बहुत बड़ी कार्रवाई, हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक को SP ने सस्पेंड किया

बालाघाट  मध्य प्रदेश के बालाघाट से एक बड़ी खबर सामने आई है। हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक पर बहुत सख्त एक्शन लिया गया है। हेलमेट न लगाने पर कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप है। आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट पहने वीडियो हुआ था वायरल दरअसल आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट के सरकारी दो पहिया वाहन चलाते  हुए वीडियो वायरल हुआ था। एसपी आदित्य मिश्रा ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए ये कठोर एक्शन लिया है। बालाघाट में पुलिस के आरक्षक के खिलाफ हेलमेट न लगाने के कारण ये बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी आदित्य मिश्रा का बड़ा एक्शन आरक्षक का वर्दी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने का वीडियो वायरल होने के बाद बालाघाट एसपी ने आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है।आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे वर्दी में बिना हेलमेट पहने शासकीय दो पहिया वाहन चलाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। आरक्षक के कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई-SP इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस पर कानून को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आरक्षक के इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है, इसलिए आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे  को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। आपको बता दें कि  मध्यप्रदेश में इन दिनों हेलमेट न लगाने पर पुलिस अभियान चला रही है, लगातार ऐसे लोगों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है जो नियमों को तोड़ रहे हैं। लिहाजा आरक्षक को  सस्पेंड करके बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। SP आदित्य मिश्रा फुल एक्शन में हैं, और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखा रहे है। इससे पहले हेलमेट चैकिंग अभियान के दौरान आदित्य मिश्रा ने पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे की बाइक को रोका था और पूर्व विधायक का 2300 रुपये का चालान काटा था। एसपी आदित्य मिश्रा सिंघम मूड में हैं और कानून को तोड़ने वालों को सीधा संदेश दे रहे हैं।

गिरता पारा बढ़ा रहा कंपकंपी, उत्तर भारत में फरीदकोट-नारनौल सबसे ठंडे

चंडीगढ़  पंजाब में बुधवार को फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को बठिंडा में 7.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडी रात रही, जबकि गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में 9.1 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 9.4 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 9.5 डिग्री सेल्सियस और फिरोजपुर में 8.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हरियाणा में नारनौल 6.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा, उसके बाद हिसार में 7.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस, करनाल और भिवानी में 9 डिग्री सेल्सियस, रोहतक में 9.4 डिग्री सेल्सियस, अंबाला में 11.7 डिग्री सेल्सियस और सिरसा में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सर्दी के कारण स्कूल टाइमिंग में बदला, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए सभी शासकीय और निजी स्कूलों के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में बलरामपुर कलेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि दो पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में बदलाव के बाद पहली पाली की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगी, जबकि शनिवार को कक्षाएं दोपहर 12:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक चलेंगी. वहीं दूसरी पाली में संचालित होने वाली कक्षाएं दोपहर 12.45 बजे से 4.15 बजे तक लगेंगी. शनिवार को कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होंगी. एक पाली में संचालित होने वाली स्कूलों की भी बदली टाइमिंग कलेक्टर ऑफिस से जारी आदेश में एक पाली में संचालित होने वाले स्कूल की भी टाइमिंग बदल गई है. सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 बजे से 4:00 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी. वहीं शनिवार को सुबह 9 बजे से लेकर 12:30 तक कक्षाएं लगेंगी.

भिंड के मौ थाना क्षेत्र में पुलिस ने 10 हजार के इनामी लुटेरे को दबोचा, मुठभेड़ में घायल

 भिंड  भिंड जिले के मौ थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बेहट रोड स्थित जमदारा मोड़ पर पुलिस और 10 हजार के इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को देखते ही बदमाश ने 315 बोर के कट्टे से फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे घायल कर दियाया। यह पूरी घटना सुबह पांच से साढ़े पांच बजे के बीच हुई। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम एसपी डॉ. असित यादव के मुताबिक सुबह करीब चार बजे सूचना मिली थी कि ऊमरी-असवार क्षेत्र की लूट की घटनाओं में शामिल बदमाश ग्वालियर से बाइक पर मौ होते हुए लहार की ओर जा रहा है। उसके बाद मौ, बरोही, ऊमरी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बेहट रोड पर घेराबंदी कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल सुबह पांच बजे के करीब पुलिस को एक बाइक सवार युवक आता दिखा। पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन युवक तुरंत बाइक से उतरा और कट्टे से दो फायर कर दिए। पुलिस ने तत्काल जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली बदमाश के दाहिने हाथ में लग गई। घायल अवस्था में वह सड़क पर गिर पड़ा। निखिल दौहरे के रूप में हुई पहचान     गिरफ्तार युवक ने पूछताछ में अपना नाम 22 वर्षीय निखिल पुत्र दीपक दौहरे निवासी मढैयापुरा थाना लहार बताया। पुलिस के अनुसार निखिल अपने साथियों के साथ ऊमरी, असवार और उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में कई लूट की वारदातों में शामिल रहा है। एसपी ने बताया कि निखिल एक आदतन अपराधी है और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। घायल बदमाश का उपचार कराया जा रहा है, जबकि उसके साथियों की तलाश जारी है।  

JDU ने नीतीश को चुना नेता, कल शपथ समारोह में PM मोदी भी रहेंगे मौजूद

पटना जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायकों ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुन लिया है। सीएम आवास पर जदयू की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। शाम 3.30 बजे राष्ट्रीय जनातंत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश राजभवन जाकर सरकार बनाने का पेश करेंगे। एनडीए को बिहार चुनाव में दो तिहाई से भी ज्यादा बहुमत मिला है। विधानसभा की लगभग 83 फीसदी सीटों पर एनडीए के 202 विधायक बैठे नजर आएंगे। नीतीश गुरुवार को गांधी मैदान में शपथ लेंगे और उनके साथ कल गठबंधन के पांच दलों के लगभग डेढ़ दर्जन मंत्री शपथ ले सकते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी शपथ समारोह में शामिल होने कल सुबह 11 बजे पटना पहुंच रहे हैं। विधानसभा में एनडीए गठबंधन के सबसे बड़े दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उप-नेता चुना गया है। यानी दोनों नीतीश की नई सरकार में डिप्टी सीएम बने रहेंगे। सम्राट चौधरी का कद और प्रभाव पहले की तरह ज्यादा रहेगा। बिहार बीजेपी दफ्तर में विधानमंडल दल की बैठक के बाद इस चुनाव के पर्यवेक्षक और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नेता और उपनेता चुने जाने का ऐलान किया। नीतीश कुमार बिहार में साल 2000 में चुनाव के बाद हफ्ते भर के लिए पहली बार मुख्यमंत्री बने थे लेकिन बाद में वह सरकार गिर गई। 2005 में नीतीश बहुमत के साथ एनडीए सरकार का दूसरी बार मुखिया बने। उसके 8 साल से ऊपर लगातार सीएम रहे लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से नाता तोड़ लिया था। लोकसभा चुनाव में जेडीयू की हार के बाद उन्होंने सीएम पद की कुर्सी छोड़ दी और जीतनराम मांझी को कुछ समय के लिए पद पर बिठाया। इसके बाद मांझी को हटाकर नीतीश चौथी बार महागठबंधन सरकार के सीएम बने। फिर 2022 में नीतीश एक बार और महागठबंधन के साथ हो गए, लेकिन 2024 में फिर एनडीए से मिल गए। नीतीश की यह दसवीं सरकार होगी, लेकिन एनडीए की आठवीं सरकार होगी।