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रायपुर में खुला आदिवासी वीर नायकों को सम्मानित करने वाला डिजिटल संग्रहालय

  रायपुर आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा जहां देशभर के आदिवासियों के प्रेरणापूंज है। ठीक उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी फिरंगियों के विरूद्ध बिगुल फूंकने का काम सोनाखान केे जमींदार वीर नारायण सिंह ने किया। उन्होंने फिरंगियों की दमन और शोषणकारी नीतियों के विरूद्ध विद्रोह का बिगुल फंूका और उनसे लड़ते हुए शहीद हुए। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है।   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शहीद वीर नारायण सिंह और फिरंगियों के विरूद्ध संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों की स्मृतियों को संजोने और भावी पीढ़ी तक उनके प्रेरणास्पद कार्यों को पहुंचाने के लिए नवा रायपुर में संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से पूरा आदिवासी समाज गौरवान्वित है।  प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि नवा रायपुर के सेक्टर 24 में तैयार किया जा रहा है भव्य संग्रहालय अपने आप में अनूठा है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। लगभग 50 करोड़ रूपए की लागत से इस संग्रहालय को तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर इस संग्र्रहालय का लोकार्पण करने जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की। उन्होंने जनजाति समाज को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की। इस अभियान के तहत जनजाति इलाकों में सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं के साथ ही कंेद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।  संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह का भव्य स्मारक भी बनाया गया है। साथ ही यहां छत्तीसगढ़ में आदिवासी विद्रोहों हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोहों के साथ ही झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह की जीवंत झलक दिखाई गई है। इन विद्रोहों को अलग-अलग 14 सेक्टरों में बांटा गया है। अत्याधुनिक इस डिजिटल संग्रहालय में आगतुंकों के लिए वीएफएक्स टेक्नोलॉजी, प्रोजेक्शन, डिजिटल स्क्रीन, मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।   संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर सरगुजा कलाकारों की नक्काशीदार पैनल, 1400 वर्ष पुराने साल-महुआ और साजा वृक्ष की प्रतिकृति जिसकी पत्तियों पर 14 विद्रोहों की डिजिटल कहानी उकेरी गई है। यह वृक्ष मोशन फिल्मों की तरह पूरे विद्रोहो की कहानी बतलाती प्रतीत होगी। इस संग्रहालय में सेल्फी पॉइंट, दिव्यांग सुविधाएं, सीनियर सिटीजन के लिए विशेष इंतजाम, ट्राइबल आर्ट से सजा फर्श, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गैंदसिंह और रानी गाइडल्यू की मूर्तियां भी लगाई गई है, जो लोगों के लिए प्रेरणाप्रद होंगे।    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कहते हैं कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ जनजातीय संस्कृति का वैश्विक केंद्र बनेगा। यहां आने वाले लोगों को आदिवासी वीर नायकों की शौर्य गाथा से गर्व की अनुभूति होगी। यह आदिवासी समाज की पूर्वजों की स्मृति है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। 

गांवों में शिक्षा सुधार की पहल, छत्तीसगढ़ में खुलेंगे CBSE स्कूल; सरकार देगी आर्थिक प्रोत्साहन

रायपुर  छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ग्रामीण और पिछड़े शहरी इलाकों को विकसित करने के लिए कई प्रयास और योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक और कदम उठा रही है। गांव में आज भी उच्च शिक्षा का अभाव देखा जाता है तो वहीं गांवों के बच्चों को इंग्लिश मीडियम जैसे स्कूलों में पढ़ने के लिए शहर की जाना पड़ता है। ऐसे में अब राज्य सरकार छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय प्रोत्साहन नियम 2025 तैयार किया है। इस नीति के तहत अब गांव में CBSE स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार भी प्रोत्साहित करेगी। बता दें कि इस अधिनियम के तहत गांवों में भी शहर जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ऐसे निवेशकों को भारी सब्सिडी देगी जिन्हें औद्योगिक विकास नीति के दायरे में भी शामिल किया गया है। इससे गांवों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) वाले स्कूल खोले जाएंगे। जो विद्यालय विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि में या सीमित सुविधाओं वाले नगरीय क्षेत्रों में खोले जाएंगे, उन्हें निवेश प्रोत्साहन मिलेगा। इनमें कम से कम 500 छात्रों की क्षमता और कक्षा पहली से बारहवीं तक CBSE मान्यता अनिवार्य होगी। स्कूल में रहेंगी ये सुविधाएं स्कूल में बच्चों के लिए कई सुविधाएं दी जाएंगी। परिसर में छात्रावास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और खेल सुविधा की व्यवस्था अनिवार्य है। इच्छुक निवेशकों को उद्यम आकांक्षा प्रमाण पत्र और विस्तृत परियोजना के साथ आवेदन जमा करना होगा। प्रस्ताव में परियोजना की संक्षिप्त रूपरेखा, निवेश लागत का विवरण, स्थल चयन, आर्किटेक्चरल प्लान और संभावित रोजगार के आंकड़े शामिल होने चाहिए। निवेश की गणना लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची या 2,000 प्रति वर्गफुट, जो न्यूनतम हो, के आधार पर की जाएगी। कैसे मिलेगी सब्सिडी? छत्तीसगढ़ सरकारा ने इस अधिनियम को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। निवेशकों के आवेदन आने के बाद उद्योग संचालनालय सैद्धांतिक स्वीकृति जारी करेगा। इसके बाद इकाई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के परिशिष्ट 7/8 के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन के लिए पात्र होगी। इस नीति के तहत ब्याज सब्सिडी, पूंजी लागत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी छूट, बिजली शुल्क छूट जैसे प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। हालांकि, भूमि, कार्यशील पूंजी और प्रारंभिक व्यय को इसमें नहीं गिना जाएगा।

मोहन सरकार की खुशी की खबर: कर्मचारियों के लिए डीए बढ़ोतरी और एरियर का ऐलान

भोपाल  राज्य सरकार प्रदेश के करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को बड़ी सौगात देने जा रही है। सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 3 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला ले सकती है। 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर घोषणा हो सकती है। नया बढ़ा हुआ डीए 1 जुलाई 2025 से प्रभावशील माना जाएगा। इसे नवंबर और दिसंबर के वेतन में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का एरियर भी कर्मचारियों को दिया जाएगा। वित्त विभाग के अनुमान के अनुसार, सरकार पर हर महीने लगभग 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। वहीं, एरियर समेत कुल वित्तीय भार करीब 600 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 55% महंगाई भत्ता मिल रहा है। पहले यह 52% था, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 मई को 3% बढ़ाने की घोषणा की थी। यह बढ़ोतरी जनवरी से लागू हुई थी और इसका भुगतान जून से शुरू किया गया था। उस समय के एरियर का भुगतान कर्मचारियों को पांच किस्तों में किया गया था। संभावना है कि इस बार भी सरकार दिसंबर से मार्च तक चार किस्तों में एरियर भुगतान की प्रक्रिया अपनाएगी।  वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को जनवरी 2025 से 55 फीसदी महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है और अब जुलाई 2025 से फिर 3 फीसदी डीए बढ़ने की उम्मीद है। खबर है कि एक नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस सीएम मोहन यादव 3 फीसदी महंगाई भत्ता वृद्धि का ऐलान कर सकते है जिसके बाद महंगाई भत्ता 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा । नई दरें जुलाई से लागू होंगी ऐसे में जुलाई अगस्त सितंबर और अक्टूबर का भी एरियर मिलेगा।बढ़े हुए डीए का लाभ नवंबर की सैलरी के साथ दिसंबर में दिया जा सकता है। एरियर की राशि एकमुश्त देने की बजाय चार किस्तों में दिसंबर से मार्च तक दी जा सकती है। इससे हर महीने लगभग 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा।  एरियर समेत कुल वित्तीय भार करीब 600 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। पेंशनर्स की महंगाई राहत में हो चुकी है वृद्धि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 4.50 लाख पेंशनर्स को सौगात देते हुए महंगाई राहत में 2 से 6 फीसदी वृद्धि की है। राज्य सरकार ने छठवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की मंहगाई राहत की दर को 6 फीसदी बढाते हुए 246% से 252% कर दिया है। वहीं सातवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की डीआर 2 फीसदी बढ़ाते हुए 53% से बढ़ाकर 55% कर दी गई है। नई दरें सितंबर 2025 से लागू होंगी, ऐसे में अक्टूबर से खाते में बढ़ी हुई पेंशन राशि का लाभ मिलेगा।इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए है।इधर, मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार से पेंशनरों की महंगाई राहत जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत की वृद्धि के साथ जुलाई से सितंबर तक का एरियर देने की मांग की है। अबतक इन राज्यों के कर्मचारियों का बढ़ चुका है डीए दिवाली से पहले केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स के महंगाई भत्ते और राहत की दरों में 3% की वृद्धि की थी, जिसके बाद जनवरी 2025 से डीए 55% से बढ़कर 58% हो गया है। केंद्र के बाद अब राज्य सरकारों ने भी डीए वृद्धि की घोषणा करना शुरू कर दिया है। अबतक राजस्थान, गुजरात, बिहार, सिक्किम, हरियाणा, उत्तराखंड, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश , हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, असम, झारखंड, अरूणाचल प्रदेश ,ओडिशा और जम्मू सरकार ने अपने कर्मचारियों पेंशनरों का DA बढ़ा दिया है। बढ़े हुए डीए का लाभ कर्मचारियों की सैलरी व पेंशनर्स की पेंशन में अक्टूबर की सैलरी के साथ नवंबर में दिया जाएगा ।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में जलसंपन्नता की नई कहानी — 54 सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को राहत

रायपुर : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ राज्य गठन पश्चात बस्तर में 54 सिंचाई योजनाओं का हुआ निर्माण बस्तर जिले में साढ़े 23 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचित रकबे में हुई वृद्धि द्विफसलीय क्षेत्र के जरिए किसान कर रहे हैं आय संवृद्धि रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य को उदित हुए 25 वर्ष की अवधि में बस्तर जिले के अंतर्गत किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए सकारात्मक प्रयास किया गया है। जिसके फलस्वरूप अब तक कुल 92 सिंचाई योजनाओं के माध्यम से 32 हजार 656 हेक्टेयर सिंचित रकबे का सृजन किया गया है। बस्तर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व 38 लघु सिंचाई योजनाओं से 7521 हेक्टेयर खरीफ एवं 1386 हेक्टेयर रबी कुल 8907 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई हो रही थी। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद किसानों को खेती-किसानी के लिए ज्यादा से ज्यादा सिंचाई साधन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिले में 54 सिंचाई योजनाओं का निर्माण कर 23 हजार 749 हेक्टेयर सिंचित रकबा का सृजन किया गया है। जिसमें 18 हजार 129 हेक्टेयर खरीफ और 5620 हेक्टेयर रबी फसल हेतु सिंचाई क्षेत्र विकसित किया गया है। इन सभी सिंचाई संसाधनों के माध्यम से क्षेत्र के किसानों द्वारा द्विफसलीय खेती-किसानी को बढ़ावा देकर आय संवृद्धि किया जा रहा है। कोसारटेडा, बेदारमुंडा एवं टिकरालोहंगा जैसी परियोजनाओं से नगदी फसल के रकबे में हुई वृद्धि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद जल संसाधन विभाग के द्वारा बस्तर जिले में कोसारटेडा मध्यम सिंचाई परियोजना सहित बेदारमुंडा एवं टिकरालोहंगा लघु सिंचाई तालाब, कुम्हरावण्ड, बनियागांव एवं भालूगुड़ा उदवहन सिंचाई योजना, मूली एवं कावारास व्यपवर्तन योजना और 46 एनीकट एवं स्टॉपडेम निर्मित किया गया है। इन सिंचाई साधनों के निर्माण एवं सिंचित रकबा में वृद्धि के फलस्वरूप अब किसानों में नकदी फसलों की ओर रुझान बढ़ रहा है। जिससे बस्तर जिले के किसान आवश्यकता के अनुरूप खरीफ फसल में सिंचाई करते हैं और रबी सीजन में मक्का, उड़द-मूंग एवं साग-सब्जी की भरपूर पैदावार लेकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं। कोसाटेडा बनने से डमरूधर और पीलूराम की आमदनी में हुआ इजाफा कोसाटेडा जलाशय से लाभन्वित होने वाले केशरपाल निवासी कृषक डमरूधर कश्यप और पीलूराम बघेल बताते है कि रबी में मक्का सहित साग-सब्जी की खेती कर आमदनी में इजाफा कर रहे हैं। कार्यपालन अभियंता टीडीपीपी जल संसाधन संभाग जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले के अन्तर्गत 195 करोड़ 36 लाख रूपए लागत की 42 सिंचाई योजनाओं का निर्माण प्रगति पर है, इन योजनाओं के पूर्ण होने पर 6790 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। जिससे किसानों को खेती-किसानी को बढ़ावा देने में सहूलियत होगी।

देव प्रबोधिनी एकादशी पर राम पथ गमन क्षेत्र जगमगाएगा 3,51,111 दीपों से

देव प्रबोधिनी एकादशी पर राम पथ गमन क्षेत्र होगा 3,51,111 दीपों से रोशन राम पथ गमन के जिलों में दीपोत्सव पर्व-2025 का आयोजन एक नवम्बर को भोपाल  देव प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर 1 नवंबर, 2025, विक्रम संवत् – 2082, कार्तिक शुक्ल एकादशी पर सायं दीपोत्सव पर्व-2025 के तहत राम पथ गमन क्षेत्र के 9 स्थलों पर 3,51,111 दीपों से रामचंद्र जी, माता सीता, माँ नर्मदा, माँ मंदाकिनी की दीप आराधना की जाएगी। दीप प्रज्वलन के साथ ही भक्ति संगीत संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। भक्ति संगीत संध्या में प्रदेश के ख्यातिलब्ध कलाकार भाग लेंगे। रामचन्द्र पथ गमन न्यास द्वारा यह आयोजन राम पथ गमन के चिह्नांकित जिलों में जिला प्रशासन के सहयोग से संयोजित किया जाएगा। न्यास द्वारा चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट-पंचवटी घाट, अमरकंटक के रामघाट, मैहर की आल्हा तलैया, नर्मदापुरम् के सेठानी घाट, कटनी के कटायेघाट तालाब, पन्ना के धरम सागर तालाब, उमरिया के प्राचीन सगरा मंदिर में होगा। जबकि शहडोल के सीतामढ़ी (गंधिया) में आयोजन 5 नवंबर को किया जाएगा। न्यास के सीईओ  एन.पी. नामदेव ने बताया कि आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करने वाला यह आयोजन जन-जन तक प्रभु रामंचद्र जी के आदर्शों को सम्प्रेषित करेगा। अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक में रामघाट पर माँ नर्मदा के पुण्य तट पर 51,000 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। माँ नर्मदा उद्गम मंदिर के मुख्य पुजारी के साथ 7 पुरोहित माँ नर्मदा की महाआरती करेंगे। इस अवसर पर जबलपुर के  मनीष अग्रवाल भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे। इसी तरह सतना जिले के चित्रकूट स्थित राघव प्रयाग घाट पर 1,11,111 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। चित्रकूट के पावन घाट पर 15 पंडितों द्वारा माँ मंदाकिनी की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर सागर के “विभोर” इंडियन फ्यूजन बैंड द्वारा रामचंद्र केंद्रित भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। चित्रकूट के पंचवटी घाट पर 21 हजार दीप प्रज्वलन के साथ ही माँ मंदाकिनी की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर बालाघाट की सु मुस्कान चौरसिया भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगी।  शारदा देवी की नगरी मैहर में आल्हा तलैया के पुण्य तट पर 51000 दीप प्रज्वलित होंगेसाथ ही 7 पंडितों द्वारा माँ शारदा की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर सागर की सु साक्षी पटेरिया एवं साथी भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी। नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर 51000 दीप आराधना के साथ 7 पंडितों द्वारा माँ नर्मदा की महाआरती की जाएगी। भोपाल के दीप म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार राम भजनों में अवधी और मध्यप्रदेश के लोकांचलों में रचे-बसे गीतों की प्रस्तुति देंगे। दीपोत्सर्ग के कार्यक्रम में कटनी के कटायेघाट पर 15,000 दीप प्रज्वलन एवं 5 पंडितों द्वारा महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर नर्मदापुरम् के  नमन तिवारी एवं साथी लोकगीतों एवं भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।  पन्ना के धरम सागर तालाब के तट पर 11 हजार दीप प्रज्वलन के साथ महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर पन्ना की सु वेदिका मिश्रा एवं साथी कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे। उमरिया के प्राचीन सगरा मंदिर प्रांगण में 31,000 दीप अर्पण किए जाएंगे और महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर कटनी के  सत्यम आरख एवं साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे। शहडोल के रामचंद्र पथ गमन स्थल सीतामढ़ी(गंधिया) में 5 नवंबर को 11,000 दीप प्रज्ज्वलन के साथ रामचंद्र और माता सीता की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर उमरिया की सु बबली यादव एवं साथी भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी।

छठी मैया का अपमान नहीं सहेगा देश — राहुल गांधी के बयान पर सीएम रेखा गुप्ता का करारा जवाब

दरभंगा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के छठ महापर्व संबंधी बयान पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति छठी मैया का अपमान कर और पूर्वांचल के भाइयों-बहनों का अनादर कर वोट बैंक की राजनीति करना चाहता है तो अब भारत में यह राजनीति नहीं चलेगी। सीएम रेखा गुप्ता ने बातचीत में कहा कि देश की जनता, पूर्वांचल की जनता और बिहार की जनता समझती है कि राहुल गांधी वोट बैंक की राजनीति के लिए छठी मैया का अपमान कर रहे हैं। यह त्योहार आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का प्रतीक है और इसके अपमान को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को इस बात की तकलीफ है कि पिछले 27 सालों में जो काम कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) की सरकारों में नहीं हो पाए, वे अब भाजपा सरकार में हो रहे हैं, उनकी तकलीफ जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की जनता की सेवा कर रहे हैं और करते रहेंगे। जनता की समस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर भी सीएम गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी लगातार देश की सेवा में जुटे हुए हैं। कई लोग इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि भारत आज वैश्विक स्तर पर एक सशक्त नेतृत्व के रूप में उभर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनावी मौसम के मेंढक की तरह हैं, जो केवल चुनाव के समय थोड़ी देर के लिए बाहर आते हैं, बयान देते हैं और फिर गायब हो जाते हैं, लेकिन देश की जनता, खासकर बिहार की जनता, उनके असली चरित्र को भलीभांति जानती है। उन्होंने न पहले कभी जनता के हित में काम किया, न आगे करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का दावा – देशभर में दंगा भड़काने और गैर-मुसलमानों को मारने की थी योजना

नई दिल्ली  दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने कई बड़े दावे किए हैं। दिल्ली पुलिस ने 389 पन्नों का हलफनामा दायर करते हुए दलीलें पेश की हैं कि क्यों आरोपियों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने दस्तावेजी और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोप लगाया है कि सांप्रदायिक आधार पर पूरे देश में दंगों की साजिश रची गई थी। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 8 बड़े आरोप लगाते हुए जमानत का विरोध किया है।   1. सत्ता परिवर्तन का ऑपरेशन दिल्ली पुलिस ने कहा है कि आरोपियों ने सांप्रदायिक सद्भाव को खत्म करके देश की एकता और संप्रभुता पर चोट करने के लिए साजिश रची थी। वे भीड़ को ना सिर्फ सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के लिए उकसाना चाहते थे बल्कि सशस्त्र विद्रोह चाहते थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित इस तरह की थ्योरी को 'रिजीम चेंज ऑपरेशन' कहा जाता है। पुलिस का यह भी कहना है कि दंगे को पूरे देश में फैलाने की साजिश थी। 2 सोच-समझकर ट्रंप दौरे वाला समय चुना गया पुलिस ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद चैट्स से साबित होता है कि सोच-समझकर इसे उस समय अंजाम देने की साजिश रची गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आने वाले थे। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचकर CAA को वैश्विक मुद्दा बनाना था और इसे मुसलमानों के खिलाफ हिंसा के रूप में पेश करना था। 3. यूएपीए मामलों में ‘जेल ही नियम है’ पुलिस ने यह भी दलील दी है कि यूएपीए जैसे अपराध में 'जेल ही नियम' माना गया है। अदालत के अनुसार आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं और इन्हें गलत साबित करने की जिम्मेदारी याचिकाकर्ताओं पर थी, जो वे नहीं कर सके। अपराध की गंभीरता देखते हुए सिर्फ देरी के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। 4. सुनवाई में देरी के लिए आरोपी खुद जिम्मेदार पुलिस ने कहा कि हाई कोर्ट और विशेष अदालत दोनों ने पाया कि आरोपियों ने मिलकर आरोप तय होने की प्रक्रिया में लगातार अड़चनें डालीं। सेक्शन 207 की प्रक्रिया भी अपीलीय अदालत के हस्तक्षेप से मुश्किल से पूरी हो सकी। रोजाना सुनवाई के आदेश के बावजूद आरोपियों ने दो साल तक ट्रायल को टालते रहे। 5. 900 नहीं, सिर्फ 155 गवाह पुलिस ने कहा कि 900 गवाहों के होने की वजह से ट्रायल जल्दी पूरा नहीं होने की दलील ना केवल अपरिपक्व है, बल्कि जमानत प्राप्त करने के लिए बनाया गया एक भ्रामक तर्क भी है। पुलिस ने कहा कि रिकॉर्ड में करीब 155 सार्वजनिक गवाह हैं, जिनमें से 58 ने अदालत में बयान दिए हैं। 47 गवाहों को सुरक्षा दी गई है, जिनमें 38 ने धारा 164 और बाकी ने धारा 161 के तहत बयान दर्ज कराए हैं। 6. उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ली थी पुलिस ने कहा कि फरवरी 2024 में उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी। इसलिए हाई कोर्ट के निष्कर्ष अब अंतिम हो चुके हैं और उन्हें दोबारा खोलने या नई जमानत अर्जी के जरिए चुनौती नहीं दी जा सकती। 7. चक्का जाम का उद्देश्य गैर-मुसलमानों पर हमला दिल्ली पुलिस के अनुसार चक्का जाम का असली मकसद पुलिसकर्मियों और गैर-मुसलमानों को निशाना बनाकर दंगे भड़काना और सरकारी-संपत्ति को नुकसान पहुंचाना था। पुलिस ने कहा कि शरजील इमाम ने दंगों पर थीसिस लिखी थी और उनके भाषणों में इसका असर साफ दिखता है। 8. व्हाट्सऐप ग्रुप और बैठकें पुलिस ने कहा कि JCC नामक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया, जो फर्जी दस्तावेजों से लिए गए नंबर पर चलाया गया था। इसके अलावा 'मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑफ JNU' नाम से भी एक सांप्रदायिक ग्रुप बनाया गया था, जिसे उमर खालिद के निर्देश पर शुरू किया गया।  

मोदी की गारंटी दम तोड़ चुकी — PCC चीफ बैज का PM मोदी से 21 सवालों वाला हमला

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर के एकदिवसीय दौरे पर आने वाले हैं। उनके आगमन से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री से 21 सवालों की सूची जारी करते हुए कहा कि मोदी सरकार की गारंटी दम तोड़ चुकी है। क्या राज्योत्सव में इसका जवाब देंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने रोजगार, किसानों, महिलाओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा है। कांग्रेस के 21 सवाल पीएम मोदी से     मोदी की गारंटी दम तोड़ चुकी है क्या आप राज्योत्सव में इसका जवाब देंगे?     आपने 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा था, दो साल में 40 हजार नौकरी भी मिली नहीं।     संविदा कर्मचारियों को 100 दिन में नियमितीकरण करने का वादा कब पूरा होगा?     हर विवाहित महिला को महतारी वंदन के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा था, काफी महिलाओं के नाम काटे गए, आपने 500 रुपये में सिलेंडर देने की बात कही थी?     आपके राज में हत्या, लूट, बलात्कार, आगजनी बढ़ी, कानून-व्यवस्था चरमराई?     छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठी आ रहे, पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहे, इस पर लगाम क्यों नहीं?     सेंट्रल पुल में चावल क्यों नहीं खरीदा जा रहा, सोसाइटियों में आज भी धान का उठाव नहीं?     आपकी सरकार में साढ़े 18 लाख पीएम आवास दिए जाने की बात कही गई थी। शहरी और ग्रामीण कितने आवास स्वीकृत हुए? डिटेल बताएं?     किसानों को यूरिया-DAP की किल्लत क्यों?     प्रदेश में कितने स्कूल खोले गए, आपके राज में 10,000 से ज्यादा स्कूल बंद क्यों किए?     महादेव सट्टा ऐप चल रहा, शराब माफिया बेलगाम – कार्रवाई क्यों नहीं?     कोल माइंस बेचा जा रहा, अवैध रूप से पेड़ भी काटे जा रहे?     आपने हॉफ बिजली बिल योजना बंद कर, बिजली के दाम चार गुना बढ़ाए, लेकिन बिहार में 125 यूनिट फ्री बिजली ऐसा क्यों?     बस्तर बाढ़ पीड़ितों को केंद्र सरकार ने राहत पैकेज क्यों नहीं दिया?     छत्तीसगढ़ की यात्री ट्रेनें ही क्यों रद्द होती हैं?     नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण क्यों?     एनएमडीसी मुख्यालय बस्तर में कब खुलेगा?     बस्तर के खनिज संसाधनों को बेचा जा रहा?     रायपुर के इकलौते मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भटक रहे लोग, एक ही बेड पर दो प्रसूताएं क्यों?     सरकारी अस्पतालों में दवाएं और इलाज क्यों नहीं?     2 करोड़ नौकरी और लोगों के खाते में 15 लाख खाते में कब देंगे? भाजपा पर हमला कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बयान “कांग्रेस दिल्ली से नहीं, इटली से चलने वाली पार्टी” पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा में पर्ची से मुख्यमंत्री बनते हैं, वे पसंदीदा मंत्री तक नहीं चुन पाते, दिल्ली से पर्ची आती है। भाजपा नेता कांग्रेस के लिए भी वही सपना देख रहे हैं। घुसपैठियों पर बैज का पलटवार घुसपैठियों को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा के बयान पर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि आप गृह मंत्री हैं, सारे अधिकार आपके पास हैं। पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहा है, बांग्लादेशी घुसपैठिए आ रहे हैं, कार्रवाई कौन करेगा? राज्योत्सव में बाहरी कलाकारों पर सवाल राज्योत्सव में बाहरी कलाकारों को बुलाने पर दीपक बैज ने कहा कि हम पहले दिन से कह रहे, स्थानीय कलाकारों को भी बाहरी कलाकारों जितना ही सम्मान और मंच मिलना चाहिए। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान है जारी – दीपक बैज ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान को लेकर दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान जारी है। 10 से 12 लाख हस्ताक्षर फॉर्म आएंगे, जिन्हें हम AICC को भेजेंगे, चुनाव आयोग को भेजेंगे। चुनाव आयोग द्वारा यह बात कही जा रही थी कि राहुल गांधी को हलफनामा देना चाहिए। आम जनता इस पर सवाल उठा रही है।

52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक से जारी की 303 करोड़ की राशि

देव दीपावली से पहले मनी विद्यार्थियों की दीवाली राज्य सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ है प्रदेश में हो रहे हैं 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।  

रामभक्ति का सफर शुरू: विधायक धरमलाल कौशिक ने दिखाई हरी झंडी, श्रद्धालुओं से भरी ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना

 बिलासपुर ‘श्री राम दर्शन योजना’ के तहत बिलासपुर से अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की विशेष भारत गौरव ट्रेन रवाना की गई. इस धार्मिक यात्रा में संभाग के 850 और जिले के 225 श्रद्धालु शामिल हुए हैं. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया. यात्रा का शुभारंभ बिल्हा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर किया. इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे. श्रद्धालु इस यात्रा के दौरान अयोध्या धाम के साथ-साथ काशी विश्वनाथ मंदिर के भी दर्शन करेंगे. प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए यात्रा, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.   विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि आज अयोध्या के लिए श्री राम लला दर्शन तीर्थ यात्री ट्रेन को बिलासपुर से रवाना किया गया है. इस ट्रेन में लगभग 850 यात्री उसमें बैठे हुए हैं. पहले श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन करेंगे और उसके बाद अयोध्या जाएंगे राम जी के दर्शन के लिए. यात्रियों में इस बात को लेकर काफी उत्साह है कि  जीवन में हमें यह सौभाग्य मिला है कि भगवान राम लाल का दर्शन होगा. इसके साथ ही श्रद्धालुओ ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  का आभार उन्होंने व्यक्त किया है. यह पीएम मोदी की योजना है कि एक-एक गांव से लोगों को लेकर स्टेशन तक लाना और स्वागत कर उन्हें काशी विश्वनाथ जी और अयोध्या दर्शन के लिए भेजना है. उन्होंने कहा कि घर में जवान बेटे के रहते जो काम नहीं हो पाता है, उस काम का बीड़ा सीएम साय ने उठाया है.