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मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे:CM योगी

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन को दी मंजूरी, विशेषज्ञ सेल और सैटेलाइट ऑफिस स्थापित होंगे मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में गठित होंगे विशेषज्ञ सेल इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है पुनर्गठन का उद्देश्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश: प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट, निवेशक केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाया जाए 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) की प्रतिनियुक्ति पर होगी तैनाती ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में और व्यवस्थित होगी इन्वेस्ट यूपी 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित, कुल संख्या 27,000 तक पहुंची मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से प्रक्रिया सरल और डिजिटल बनाने के निर्देश दिए ‘सेफ सिटी’ की तर्ज पर ‘सेफ इंडस्ट्री’ की परिकल्पना: सीसीटीवी, सुरक्षा और निवेशक विश्वास बढ़ाने पर जोर फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से होगा जापान, कोरिया, जर्मनी और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियों का उत्तर प्रदेश में निवेश, 219 कंपनियाँ सक्रिय चरण में मुख्यमंत्री का निर्देश, भूमि अधिग्रहण पर मिले उचित मुआवजा, सर्किल रेट असमानताओं का समापन करायें फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित, अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित,280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को सम्पन्न इन्वेस्ट यूपी शासी निकाय की पहली बैठक में प्रदेश के औद्योगिक निवेश ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी। नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। साथ ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन कार्यालयों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्गठन का उद्देश्य इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है। बैठक में 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। साथ ही, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) को प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने तथा भूमि बैंक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें दो पीसीएस अधिकारी (उपजिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी स्तर) तैनात होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ढांचा इन्वेस्ट यूपी को एक ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में सशक्त बनाएगा, जो न केवल निवेश आकर्षित करेगी बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी सक्रिय निगरानी भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस ढांचे को त्वरित प्रभाव से लागू किया जाए और प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो, ताकि निवेश संवर्धन की दिशा में समन्वित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित हो सके। बैठक में बताया गया कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हुईं, जिससे कुल संख्या लगभग 27,000 तक पहुँच गई है। वर्ष 2022-23 तक प्रतिवर्ष औसतन 500 नई इकाइयाँ स्थापित हो रही थीं, जिनमें अब कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के सफल क्रियान्वयन से राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। बैठक में निवेश प्रोत्साहन और सुविधा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बताया गया कि फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित किए गए हैं। अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं तथा 280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक इकाइयों को भूमि, सब्सिडी आदि के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी संवाद बढ़ाया जाए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश अब नीतिगत प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ‘ग्राउंड लेवल डिलीवरी’ का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया को और सरल किया जा रहा है, जिससे 30% तक प्रक्रिया समय और 50% तक दस्तावेजी औपचारिकताओं में कमी आएगी। पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन, डायनेमिक एप्लीकेशन सिस्टम, एआई आधारित चैटबॉट, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएँ शामिल की जा रही हैं, जो निवेशकों के अनुभव को और अधिक सुगम बनाएंगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिया कि वे मासिक लक्ष्य निर्धारित करें और स्वीकृत परियोजनाओं की ‘लेटर्स ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें। उन्होंने कहा कि नीति के अनुरूप देय इंसेंटिव बिना किसी बाधा के समय पर वितरित किए जाएँ तथा इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बायलॉज को और अधिक व्यावहारिक एवं निवेशक हितैषी बनाया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान, सिंगापुर और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वैश्विक मंचों पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को और सुदृढ़ किया जाए तथा प्रत्येक कंट्री डेस्क ठोस निवेश परिणामों पर कार्य करे। मुख्यमंत्री ने यूपीडा, यूपीसीडा, बीडा और अन्य औद्योगिक प्राधिकरणों को ऑटोमोबाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पसंदीदा निवेश केंद्र बन रहा है। वर्तमान में 219 कंपनियाँ निवेश प्रक्रिया के सक्रिय चरण में हैं, जिनमें कई जापान, कोरिया और ताइवान की अग्रणी कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रस्तावों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और सभी विभाग इन अवसरों को मूर्त रूप देने के लिए समन्वित ढंग से कार्य करें। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास 25,000 एकड़ से अधिक ग्रीनफील्ड भूमि तथा 6,300 एकड़ से अधिक रेडी-टू-मूव भूमि निवेश हेतु उपलब्ध है। … Read more

दवा सुरक्षा अलर्ट: पंजाब सरकार ने आठ दवाओं पर लगाई रोक, तीन कंपनियां निशाने पर

पटियाला सरकारी अस्पतालों में मरीजों पर दवाओं के प्रतिकूल असर की शिकायतों के बाद पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन फार्मा कंपनियों की आठ दवाओं के उपयोग और खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है। यह आदेश राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन दवाओं से मरीजों को नुकसान हुआ है, उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रोक लगी दवाओं में नॉर्मल सेलाइन, डेक्सट्रोज इंजेक्शन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन इंजेक्शन, डीएनएस 0.9%, एनआई2 + डेक्सट्रोज आईवी फ्लूइड और बुपिवाकेन एचसीएल विद डेक्सट्रोज इंजेक्शन शामिल हैं। इनका निर्माण 2023 से 2025 के बीच हुआ है, जबकि एक्सपायरी 2026 से 2028 तक की है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि इन दवाओं का उपयोग तुरंत बंद किया जाए और उपलब्ध स्टॉक को सुरक्षित रखकर रिपोर्ट भेजी जाए। विभागीय पत्र में कहा गया है कि कुछ अस्पतालों में इन दवाओं से प्रतिकूल प्रतिक्रिया के मामले सामने आए हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर इनके उपयोग को अगली सूचना तक रोका गया है।

वन विभाग की कार्यप्रगति पर CM साय की समीक्षा, कलेक्टर-डीएफओ बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में कलेक्टर्स और डीएफओ कॉन्फ्रेंस चल रही है. मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय बैठक में वन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील, अपर अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव, कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हैं. 7 से 15 दिनों के भीतर हो तेंदूपत्ता का भुगतान : सीएम साय सीएम साय ने वनों से आजीविका के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने पर चर्चा की. उन्होंन कहा कि तेंदूपत्ता का भुगतान सात से 15 दिनों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए. सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करें. भुगतान की जानकारी sms के माध्यम से संग्राहक के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था की जाए. लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहक को जानकारी ऑनलाइन मिली. सीएम ने कहा, तेंदूपत्ता संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने की पहल हो. सीएम साय ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की जानकारी ली और आने वाले सीजन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए. इससे पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है. इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें. साथ ही अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, समय सीमा में PIT NDPS Act के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई के दिए निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक जारी है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हुई. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइम से जुड़े अपराधिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, भावांतर योजना से मिला लाभ: सीएम मोहन यादव का बयान

भोपाल  भावांतर योजना को लेकर मध्यप्रदेश के किसान बेहद उत्साहित हैं। इस योजना की राशि का लाभ मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अनोखे अंदाज में धन्यवाद दिया। किसानों ने 12 अक्टूबर को इंदौर के देपालपुर और उज्जैन में जबरदस्त ट्रैक्टर रैली निकाली। सैकड़ों किसान सड़कों पर निकले और प्रदेश के मुखिया का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेश के अन्नदाता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक मदद दी है। यह मदद किसानों के जीवन में बदलाव लाएगी। किसानों ने कहा कि सीएम डॉ. यादव ने यह मदद तब दी है, जब त्योहार सिर पर खड़ा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देपालपुर के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। बता दें, आज देपालपुर में किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। किसानों ने 11 अक्टूबर की रात ही ट्रैक्टर रैली की सारी तैयारियां कर ली थीं। ट्रैक्टरों पर अलग-अलग तरह के स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। उसके बाद किसान एक जगह इकट्ठे हुए और सैकड़ों ट्रैक्टरों को लेकर देपालपुर की सड़कों पर निकल पड़े। किसानों ने रैली से शुरू होने से अंत तक सीएम डॉ. यादव के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, उज्जैन में किसानों की ट्रैक्टर रैली कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, तीन बत्ती चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करने वाले कई पोस्टर और बैनर लगे थे। किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत देने का फैसला सरकार ने किसान संघों के सुझाव पर किया है। बता दें, किसान पहले की ही तरह सोयाबीन को मंडियों में बेचेगा। मंडी में अगर उन्हें एमएसपी से कम कीमत मिलेगी तो सरकार इस घाटे की भरपाई करेगी। यानी फसल के विक्रय मूल्य और एमएसपी के अन्तर की राशि सरकार देगी। कब से प्रभावशील होगी योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू ही है। प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। योजना 24 अक्टूबर से प्रभावशील होगी। इस योजना के मुताबिक, अगर किसानों का सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है तो सरकार किसानों के घाटे की भरपाई करेगी।   

गठबंधन को झटका: NDA से अलग होकर SBSP ने बिहार में दिखाई दमखम, 153 सीटों पर चुनाव लड़ेगी

पटना  बिहार से बड़ी खबर आई है, यहां वोटिंग से पहले NDA को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, यूपी में सरकार का हिस्सा राजभर की पार्टी एसबीएसपी ने बिहार में एनडीए से नाता तोड़ लिया है. SBSP ने यहां 153 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने एनडीए से नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश में गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया. बता दें बिहार में पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे. राजभर ने भाजपा पर लगाया ‘गठबंधन धर्म’ न निभाने का आरोप ओम प्रकाश राजभर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एनडीए उनकी पार्टी को चार-पांच सीटें नहीं देता तो एसबीएसपी अकेले ही सभी सीटों पर उतरेगी. राजभर ने भाजपा पर ‘गठबंधन धर्म’ न निभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब बिहार में अपना अलग मोर्चा गठित कर चुनाव लड़ेगी.   बिहार के लोग ‘गठबंधन धर्म’ निभाना ही नहीं जानते ओपी राजभर ने कहा कि बिहार के लोग ‘गठबंधन धर्म’ निभाना ही नहीं जानते. बिहार बीजेपी ने अपनी नेतृत्व को गलत फीडबैक दिया. हम तो ‘गठबंधन धर्म’ निभाने को तैयार हैं लेकिन अब समय है कि आप हमें साथ रखना चाहें तो चार-पांच सीटें दें. बता दें बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. पहले चरण के लिए 52 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय राजभर ने स्पष्ट कहा कि अगर एनडीए हमारी बात नहीं मानती तो हम अकेले ही मैदान संभालेंगे. उन्होंने आगे बताया कि पार्टी ने पहले चरण के लिए 52 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं और नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. एसबीएसपी कुल 153 सीटों पर दांव लगाने को तैयार है.

लिच्छवी एक्सप्रेस में धुआं देखकर ट्रेन से कूदे यात्री, एकमा स्टेशन पर अफरा-तफरी

सारण बिहार में सारण जिले के पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सिवान रेलखंड के एकमा स्टेशन पर सोमवार को सीतामढ़ी से आनन्द बिहार जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस 14005 ट्रेन के पीछे के दो बोगियों से अचानक धुंआ उठने यात्रियों के बीच अफ़रा-तफ़री मच गई। रेलवे सूत्रों ने आज यहां बताया कि अपने निर्धारित समय पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन एकमा स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने के साथ ही ट्रेन के पीछे की दो बोगियों से धुआं उठने लगा। जिसके कारण यात्री ट्रेन से उतर कर भागने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर स्टेशन अधीक्षक सहित राजकीय रेल थाना पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। जहां उक्त दोनों बोगियों की जांच करने पर यह जानकारी मिली कि बोगी में लगायें गये अग्नि शमन यंत्र से अचानक लिकेज होने के कारण उसका गैस निकलने धुंआ बन गया जिससे यात्री भयभीत हो थे। लगभग 45 मिनट तक जांच के बाद ट्रेन को अपने गन्तव्य स्थान के लिए भेजा गया।  

स्कूल टीचर ने ट्रेन के सामने कूदकर जीवन समाप्त किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी

कोरबा कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. दीपका के बीकन इंग्लिश स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कथित तौर पर मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना में शिक्षक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेल पुलिस और स्थानीय थाने को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक मोबाइल बरामद किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक ने मौत से पहले किसी से आखिरी बार बातचीत की थी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय संतोष नायर, निवासी ऊर्जा नगर, दीपका के रूप में हुई है. वह बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक थे और करीब दो साल पहले केरल से कोरबा आए थे. घटना की खबर मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए. कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों के बयान लिए हैं. पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पैटर्न लॉक होने के कारण डेटा तक पहुंच नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि मोबाइल अनलॉक कर मौत के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिक्षक की मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य वजह से हुई. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्य की नई तस्वीर वायरल, आरएसएस गणवेश में आने पर चर्चा तेज

भोपाल  एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस रहे रोहित आर्य हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान बेबाकी वाले अंदाज से छाए रहते थे। कोर्ट रूम में भी दलीलों पर वह खरी-खरी बात करते थे। रिटायरमेंट के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब उनकी एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह आरएसएस की ड्रेस पहने हुए हैं। क्या है मामला दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भोपाल स्थित तात्या टोपे स्टेडियम में पथ संचलन का आयोजन किया गया है। इसमें संघ से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रोहित आर्य मौजूद थे। जस्टिस रोहित आर्य कार्यक्रम में आरएसएस के गणवेश में थे। उन्हें मंच पर जगह मिली थी। स्वंयसेवकों को इस मौके पर उन्होंने संबोधित किया है। 2024 में हुए थे रिटायर जस्टिस रोहित आर्य साल 2024 में हाईकोर्ट जज से रिटायर हुए थे। रिटायर होने के कुछ महीने बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके बाद वह बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी ज्वाइन करने के बाद बीजेपी ने उन्हें वन नेशन वन इलेक्शन के लिए संयोजक भी बनाया था। इसके बाद से जस्टिस रोहित आर्य लगातार पार्टी में सक्रिय हैं। अब आरएसएस के कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि बने हैं। वह सुसज्जित गणवेश में स्वंयसेवकों के बीच आए थे। इस दौरान राष्ट्र की एकता का उन्होंने संदेश दिया है। हाईकोर्ट में रहने के दौरान इनके कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग खूब वायरल होती थी। कई बार अधिकारियों को भी इन्होंने जोरदार फटकार लगाई थी।

अमित शाह बोले जयपुर में: 2027 से सुप्रीम कोर्ट तक न्याय तीन साल में संभव

जयपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जयपुर के JECC (जयपुर एग्जिबिशन एंड कंवेंशन सेंटर) में तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के पूरी तरह लागू होने में अभी दो वर्ष और लगेंगे, लेकिन 2027 से देशभर में दर्ज होने वाली एफआईआर पर तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिलने की व्यवस्था इन कानूनों से सुनिश्चित की जाएगी। शाह ने कहा कि यह केवल कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि देश की न्याय व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन है। उन्होंने इसे ईज ऑफ लिविंग के साथ-साथ ईज ऑफ जस्टिस की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले पुलिस द्वारा पकड़े गए 100 में से केवल 42 अपराधियों को सजा मिलती थी, जो अब बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है, और कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद यह आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। गृह मंत्री ने डीजीपी की तारीफ की उन्होंने कहा, "हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली अब दंड से नहीं, न्याय से प्रेरित होकर काम करेगी। देश की जनता को समय पर और सुलभ न्याय मिल सके, इसके लिए गृह मंत्रालय राज्यों को मार्गदर्शन और सहयोग दे रहा है।"शाह ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इन कानूनों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रदर्शनी के विस्तार की मांग करते हुए कहा कि इसे दीपावली के बाद तक जारी रखा जाए, ताकि पुलिसकर्मी, वकील और विधि छात्र इसमें आकर नए कानूनों की जानकारी ले सकें। 9600 करोड़ के कामों का शिलान्यास इस अवसर पर गृहमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के अंतर्गत मिले निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी और करीब 9600 करोड़ रुपए के 1100 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विकास और न्याय का समन्वय है। कार्यक्रम में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर कहा कि नए कानून स्वतंत्र भारत की न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक हैं और आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी शर्तों पर बोलता है। राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा ने इसे आज़ादी के बाद देश का एक ऐतिहासिक कदम बताया और गृहमंत्री अमित शाह को देश का सबसे लंबे समय तक कार्यरत गृह मंत्री बताते हुए उनके नेतृत्व में धारा 370 और नक्सल समस्या के समाधान को रेखांकित किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश  बोले- प्रदर्शनी से उपयोगी जानकारी मिलेगी प्रदर्शनी से आमजन को होगा फायदा राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा- इस प्रदर्शनी से आमजन को नए कानूनों की उपयोगिता के संबंध में जानकारी प्राप्त होगी। कानून केवल दंड का माध्यम नहीं बल्कि समाज को सही दिशा देने का मजबूत आधार भी है।

बीमारियों से निपटने में एक्यूप्रेशर सबसे प्राकृतिक तरीका : सौंद

समराला  पंजाब के ग्रामीण विकास, पंचायत, श्रम, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने रविवार को खन्ना स्थित पंजाब क्लीनिक में तीन दिवसीय मुफ्त एक्यूप्रेशर कैंप का उद्घाटन किया। यह आयोजन डा. कोटनिस एक्यूप्रेशर अस्पताल, लुधियाना की ओर से किया गया। सौंद ने बताया कि यह कैंप डा. द्वारका नाथ कोटनिस और डा. विजय कुमार बसु की याद में आयोजित किया गया है, जिन्होंने 1938 से 1942 तक चीन में सेवा देकर ‘हिंद-चीन मित्रता’ की मिसाल कायम की थी। उन्होंने कहा कि डा. कोटनिस अस्पताल अब तक देशभर में 300 से अधिक मुफ्त एक्यूप्रेशर कैंप आयोजित कर चुका है। कैंप में डा. रघबीर सिंह, डा. बलजिंदर सिंह ढिल्लों, डा. इंदरजीत सिंह, डा. संदीप चोपड़ा और डा. एल. के. प्रमाणी की टीम ने बिना दवा और बिना सर्जरी के उपचार की सेवाएं दीं। इसमें सर्वाइकल, कमर दर्द, सिर दर्द, पीठ दर्द और पैरालिसिस जैसी बीमारियों का इलाज किया गया। पहले दिन 128 मरीजों का इलाज एक्यूप्रेशर तकनीक से किया गया। सौंद ने कहा कि ‘एक्यूप्रेशर एक प्राकृतिक उपचार प्रणाली है, जो शरीर की स्वयं की रोग-निवारक शक्ति को सक्रिय करती है।’ उन्होंने लोगों से इस कैंप का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। साथ ही कहा कि पंजाब सरकार जनता को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उदाहरण आम आदमी क्लीनिक हैं।