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महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर CM योगी बोले- निश्छल भाव से करें समाज सेवा

गोरखपुर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन और आदर्शों को याद किया।  आयोजित समारोह में सीएम योगी ने कहा कि जिस महापुरुष या आराध्य का हम गुणगान करते हैं, उसके आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास भी करना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का उदाहरण देते हुए कहा कि विषम और सम परिस्थितियों में खुद को एक समान रखते हुए निश्छल भाव से समाज और लोक कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने विषम परिस्थितियों में विष को अपने कंठ में धारण किया, इसलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है। शिवत्व का अर्थ समाज और लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना सीएम योगी ने कहा कि समाज की विसंगतियों को अपने भीतर समाहित कर समाज और लोक कल्याण के लिए आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति स्थिर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज और महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यस्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि दोनों संतों के जीवन से स्थिरता और संकल्प की प्रेरणा मिलती है।  महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ के जीवन से मिलती है प्रेरणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र स्थिरता है। स्थिरता का भाव व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दोनों संतों के जीवन चरित्र का अध्ययन करने पर समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महंत अवेद्यनाथ के जीवन को उनके गुरु महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों और मूल्यों का विस्तार बताया। साथ ही कहा कि समाज में जब विसंगतियां पैदा होती हैं तो उनका परिमार्जन करने का सामर्थ्य समाज में होना चाहिए। गोरक्षपीठ में सात दिवसीय श्रद्धांजलि समारोह का समापन गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 24 से 30 सितंबर तक साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसके अंतिम दिन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। कार्यक्रम में देशभर से संत-धर्माचार्यों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता की। समारोह के दौरान महंतद्वय के सामाजिक, धार्मिक और लोक कल्याण से जुड़े कार्यों को याद किया गया।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल

रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुआ एमओयू, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच होगी और आसान कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों में होगी एकरूपता, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी अधिक सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन, 16 हजार से अधिक केंद्रों से मिल रही सुविधा नवा रायपुर में स्थापित होगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संस्थान, प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है। नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा। 16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। … Read more

सीएम योगी गुरुवार को 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी

सीएम योगी गुरुवार को 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी पुलिसकर्मियों का होगा पदक अलंकरण, 'संघर्ष' पुस्तक का भी होगा विमोचन लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री असीम अरुण भी रहेंगे मौजूद लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार, 1 अक्टूबर को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों का फ्लैग ऑफ करेंगे। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुलिसकर्मियों का पदक अलंकरण भी करेंगे।  इस दौरान मुख्यमंत्री योगी पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण भी मौजूद रहेंगे।

JEC में टेक्नोलॉजी का महामंच, Google-Microsoft-IBM के इंजीनियर्स करेंगे छात्रों का मार्गदर्शन

जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को अब देश-दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों और संस्थानों में काम कर रहे अपने सीनियर्स से सीधे सीखने का मौका मिलेगा. कॉलेज की कॉसमॉस सोसायटी द्वारा 'टेक ब्लिट्ज़ 2.0' का आयोजन किया जा रहा है. दो सप्ताह तक चलने वाले इस ऑनलाइन आयोजन में कॉलेज के कई पूर्व छात्रा शामिल होंगे. जिसमें गूगल, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसे बड़ी कंपनी में काम करने वाले पूर्व छात्र हैं. यहां सभी लोग छात्र और छात्रों को मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी सहित आधुनिक तकनीकों और उनके वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल की जानकारी देंगे. इसके अलावा आयोजन में आईआईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और डीएवीवी जैसे संस्थानों की छात्र सोसायटियों को भी जोड़ा गया है।  कॉसमॉस सोसायटी कराती है एकेडमिक एक्टिविटीज जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज एक सरकारी संस्थान है और यह मध्य प्रदेश का सबसे पुराना इंजीनियरिंग कॉलेज है. इसी इंजीनियरिंग कॉलेज में कॉसमॉस नाम की छात्रों की एक सोसायटी है. छात्र इस समिति के माध्यम से पूरे साल इंजीनियरों के बीच साइंटिफिक टेंपरामेंट डेवलप करने के लिए एकेडमिक एक्टिविटीज करते हैं।  हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा कॉसमॉस समिति के सदस्य ध्रुव शुक्ला इस बार 'टेक ब्लिट्ज़ 2.0' नाम से एक आयोजन कर रहे हैं. यह आयोजन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है. ध्रुव शुक्ल ने बताया, "यह आयोजन हम पहले भी कर चुके हैं, लेकिन इस बार इसे और बेहतर तरीके से किया जा रहा है. इसमें हमने आईआईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और डीएवीवी जैसे संस्थानों को भी जोड़ा है. इसके साथ ही वहां की कई सोसाइटियों से भी हमारी बात हुई है. वे सभी छात्र इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं. इस आयोजन का फायदा 10 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज के हजारों छात्रों को मिलेगा।  छात्रों को मिलेगा फील्ड का ज्ञान जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. जेएस ठाकुर ने बताया, " छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान सिलेबस से जुड़ी हुई हर जानकारी दी जाती है. छात्रों के प्रैक्टिकल भी करवाए जाते हैं, लेकिन सिलेबस में कई चीजें ऐसी नहीं हैं, जिनका इस्तेमाल आज के समय में फील्ड पर हो रहा है।  इंडस्ट्रियलिस्ट तक सीधी पहुंच उन्होंने आगे कहा, "इंजीनियरिंग के मामले में रोज नई जानकारी और नॉलेज आ रही है, जिसकी जानकारी सिलेबस में शामिल करना कठिन है, क्योंकि यह रोज बदलता है. इसका अनुभव उन लोगों को ज्यादा है जो फील्ड में काम कर रहे हैं. इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर काम होता है, लेकिन रियल वर्ल्ड में रियल प्रॉब्लम पर काम चल रहा होता है, जो बड़े पैमाने पर होता है. इसकी जानकारी वही लोग दे सकते हैं, जो उन समस्याओं का सामना कर रहे हैं।  इंजीनियरिंग की लेटेस्ट इनफॉर्मेशन डॉ. जेएस ठाकुर ने बताया, " छात्रों को नया ज्ञान होना बहुत जरूरी है. इसलिए हमने कॉसमॉस सोसायटी के जरिए अपने ही कॉलेज के पूर्व छात्रों से संपर्क करने का सिलसिला शुरू किया. जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व छात्र देश-दुनिया के कई बड़ी संस्थानों में काम कर रहे हैं. पूर्व छात्र इस बात के लिए तैयार हो गए कि वे इंजीनियरिंग की लेटेस्ट इनफॉर्मेशन अपने जूनियर छात्रों तक पहुंचाएंगे।  सीनियर इंजीनियर छात्रों को मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देंगे ज्ञान कॉसमॉस सोसायटी के सदस्य आकाश शर्मा ने बताया, "हमने इंजीनियरिंग कॉलेज के कई पूर्व छात्रों से बात की है और एक शेड्यूल तैयार किया है. इसके तहत दो सप्ताह तक कई सीनियर इंजीनियर विभिन्न विषयों पर ज्ञान देंगे. इसमें मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं।  इंजीनियरिंग की छात्रा धनश्री का कहना है, '' कॉलेज में हमें चीजों की जानकारी हो जाती है, लेकिन इस ज्ञान का इस्तेमाल कैसे करना है, यह फील्ड में बैठा हुआ आदमी ही बता सकता है. सामान्य ज्ञान की जानकारी और उस पर मास्टरी हासिल करने का तरीका हमारे सीनियर ही हमें सीख सकते हैं, जो इस आयोजन के माध्यम से संभव हो पाएगा। 

छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रिया बदली, लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना उम्मीदवारों का होगा चयन

 रायपुर  प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी के लिए अब लिखित परीक्षा के बाद छंटनी शुरू होगी। जिन पदों पर कौशल या शारीरिक परीक्षा जरूरी है, वहां खाली पदों से 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण में बुलाया जाएगा। इसके बाद परीक्षा पास करने वालों में से ही अंतिम चयन होगा। राज्य सरकार ने भर्ती की पूरी प्रक्रिया के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के नए नियमों के अनुसार होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के बाद अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को इसकी जानकारी भेज दी है। अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में होने वाली तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नई व्यवस्था के अनुसार ही होगी। 11 सितंबर से प्रभावी हुए नए नियम     नए नियम छह अगस्त 2026 को जारी पुराने नियमों की जगह लागू हुए हैं। ये नियम 11 सितंबर से प्रभावी हैं। इसके तहत भर्ती की प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के बाद होने वाली कौशल और शारीरिक परीक्षा को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। नए नियम के तहत जिन पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा होगी, उनमें लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर अगली सूची तैयार होगी।     इसमें खाली पदों की संख्या से 15 गुना अभ्यर्थियों को रखा जाएगा। अभ्यर्थियों की श्रेणी, आरक्षण और उनके द्वारा चुनी गई पद की प्राथमिकता का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची बनेगी। इसमें उतने ही अभ्यर्थी होंगे, जितने पदों पर भर्ती होनी है। अंतिम चयन में लिखित परीक्षा के अंक, पद की प्राथमिकता और आरक्षण को आधार बनाया जाएगा।  

पटना के पते पर 30 अफगानियों के भारतीय पासपोर्ट! एक दरभंगा से, पुलिस जांच में जुटी

पटना  बिहार से पासपोर्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई. पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, 31 अफगानी नागरिकों ने बिहार के अलग-अलग पतों का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया. इनमें 30 अफगानी नागरिकों के पटना के पते पर पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है. वहीं एक अफगानी नागरिक ने दरभंगा के पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया है. इसके अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों के भी बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने की खबर है।  मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मिली रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी-एसपी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।  आखिर कैसे जारी हुए पासपोर्ट? पुलिस मुख्यालय के स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, 30 अफगानी नागरिकों ने पटना के पते का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया. वहीं एक मामला दरभंगा जिले से जुड़ा है. जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि इन लोगों ने बिहार का पता किस आधार पर हासिल किया और पासपोर्ट बनवाने के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए थे।  दो बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल अफगानी नागरिकों के अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों के भी बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने की सूचना मिली है. पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को इन मामलों की भी जांच करने को कहा है. जांच के दौरान पासपोर्ट आवेदन, पते से जुड़े दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी।  DM और SSP-SP से मांगी गई रिपोर्ट विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी-एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से मामले की पूरी जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई करने और रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है. जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पासपोर्ट बनवाने में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और प्रक्रिया में कहीं गड़बड़ी हुई या नहीं। 

MP के 8 धार्मिक-पर्यटन शहर होंगे स्मार्ट, 50 साल की जरूरतों के हिसाब से बनेगा मास्टर प्लान

भोपाल  सरकार ने अब बड़े शहरों के मास्टर प्लान जारी करना शुरू कर दिया है। भोपाल के बाद अब इंदौर की तैयारी है। क्योंकि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने भोपाल (Bhopal master plan update) से पहले इंदौर के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। अब नए मास्टर प्लान में नई टाउनशिप पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं, प्रदूषण रहित वातावरण, वर्टिकल डेवलपमेंट और उद्योगों को बढ़ावा देने का खास ध्यान रखा गया है। टीएंडसीपी की टीम ने प्लान को अंतिम रूप देने के पहले गुजरात की गिफ्ट सिटी और दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की प्लानिंग का भी जाकर अध्ययन किया था। टीएंडसीपी अनुसार, प्रदेश के जिन शहरों में आर्थिक गतिविधियां और आबादी बढ़ रही है वहां पर दिल्ली की तर्ज पर ग्रीन-ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके साथ वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए असीमित एफएआर, सड़कों की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लैंड यूज, ग्रीन टीडीआर, लोकल एरिया प्लानिंग और पार्किंग संबंधी प्रावधान सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इंदौर में भी मेट्रोपोलिटन सिटी की अवधारणा के तहत ग्रोथ कॉरीडोर और उस पर व्यवसायिक गतिविधियों के विकास का प्रयास किया जा रहा है। शहरों को मिलेगी वॉक-टू- वर्क सुविधा नए मास्टर प्लान में शहरों में प्रदूषण रहित वातावरण बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ गिफ्ट सिटी जैसी वॉक टू वर्क सुविधा देने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत करने पर भी जोर है। इसके लिए जरूरत के अनुसार ओवरब्रिज, अंडरब्रिज, चौड़ी सड़कों के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ सेल्फ सस्टेनेबिलिटी यानी शहरों को अपनी ऊर्जा, कचरा प्रबंधन आदि जरूरतों को खुद ही पूरा करने वाला बनाने की व्यवस्थाएं रहेंगी। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था के भी भविष्य को देखते हुए प्रावधान शामिल किए गए हैं। हाईराइज बिल्डिंग से वर्टिकल डेवलपमेंट नए मास्टर प्लान में कृषि भूमि को बचाने के लिए वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके लिए एफएआर बढ़ाने के साथ शहर में अधिकांश फोर और सिक्सलेन सड़कों के प्रावधान किए गए हैं। क्योंकि सड़कों के दोनों तरफ हाईराइज बिल्डिंग बनेंगी। कमर्शियल डेवलपमेंट बढ़ाने के लिए मेट्रो के दोनों और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट होगा। यहां एफएआर भी ज्यादा मिलेगा। यहां मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आईटी पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर आदि बनेंगे। कॉलोनियों की सड़कें भी कम से कम 9 मीटर चौड़ी होंगी। फ्लैटेड इंडस्ट्री का भी होगा प्रावधान मास्टर प्लान में उद्योगों को बढ़ावा देने का भी ध्यान रखा गया है। इसलिए फ्लैटेड इंडस्ट्री के प्रावधान किए गए हैं। बहुमंजिला इमारत के फ्लैट में भी इंडस्ट्री लगाई जा सकेंगी। व्हाइट और ग्रीन श्रेणी के उद्योग कॉलोनी के अंदर भी चल सकेंगे। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार भी बढ़ेगा। निजी कॉलोनाइजर यदि अपनी कॉलोनी में अस्पताल, स्कूल, वृद्धाश्रम बनाएंगे तो उन्हें ज्यादा एफएआर मिल सकेगा। धार्मिक शहरों और पर्यटन स्थलों के भी बनेंगे मास्टर प्लान टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मप्र के संचालक कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में धार्मिक शहरों और पर्यटन स्थलों के भी अलग से मास्टर प्लान बनाए जा रहे हैं। उज्जैन का नया मास्टर प्लान लागू हो चुका है। जबकि ओंकारेश्वर, चित्रकूट, महेश्वर, मांडू, ओरछा, सांची, सलकनपुर, अमरकंटक का भी नया मास्टर प्लान बनाया जाएगा। प्रदेश में धर्म स्थलों के साथ पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए इन शहरों की आगामी 30 से 50 साल तक की प्लानिंग की जाएगी। यहां आने वालों के लिए सुविधाएं विकसित होंगी।

अमित शाह का 3 अक्टूबर को भोपाल दौरा, कई परियोजनाओं की देंगे सौगात; देखें शेड्यूल

भोपाल  केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह तीन अक्टूबर को भोपाल दौरे पर होंगे. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदेश को कई सौगातें देने भोपाल आ रहे हैं. मध्यप्रदेश में अक्टूबर महीने की शुरुआत से दिग्गज नेताओं का मध्यप्रदेश में डेरा रहेगा. एक अक्टूबर को राहुल गांधी का बालाघाट दौरा है और उसके ठीक बाद तीन अक्टूबर को केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल के दौरे पर होंगे।  ये है भोपाल में अमित शाह का पूरा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मंत्रालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन के संबंध में मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर इस बारे में चर्चा की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा कलेक्टर, कमिश्नर भोपाल और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों ने निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शनिवार, 3 अक्टूबर को भेापाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. गोपालक सम्मेलन स्थल पर केंद्रीय मंत्री शाह न्याय संहिता पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन करेंगे।  केंद्रीय मंत्री शाह इसके बाद राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. अमित शाह भोपाल बायपास भौरी के पास आईआईएसईआर परिसर का शिलान्यास और परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे।  मध्यप्रदेश को ये सौगातें देंगे अमित शाह प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री शाह प्रदेश में दुग्ध संयंत्र, डेयरी प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच लैब की विभिन्न सौगात भी देंगे. इन परियोजनाओं में उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत का डेयरी प्लांट और भोपाल में फर्मेंटेड प्रोडक्ट दूध प्लांट भी शामिल है. इस अवसर पर भोपाल पश्चिमी बायपास का भूमि पूजन भी किया जाएगा. केंद्रीय गृहमंत्री शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ पशुपालकों को बोनस वितरण, गौशालाओं की सहायता के लिए राशि प्रदान करेंगे. साथ ही गोपालक दीदीयों के सम्मान और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे।  करीब ₹3774 करोड़ का यह सड़क प्रोजेक्ट 35.61 किलोमीटर लंबा एक प्रमुख फोर-लेन प्रोजेक्ट है। यह बायपास मंडीदीप के समीप इटायाकलां में भोपाल-जबलपुर मार्ग से शुरू होकर कोलार और रातीबड से होते हुए भोपाल-देवास इंदौर मार्ग पर ग्राम फंदा कलां तक जाएगा। पहले इसकी लंबाई 40.90 किमी रखी गई थी। संशोधित अलाइनमेंट के बाद घटाकर 35.61 किमी कर दी गई। भोपाल पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट में सर्विस रोड, फ्लाईओवर, बड़े ग्रेड सेपरेटर और एक बड़ा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) शामिल होगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रातापानी क्षेत्र के पास विशेष एलिवेटेड रास्ते (वाइल्डलाइफ वायडक्ट) भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को इस परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। 35 हजार से ज्यादा गोपालक पहुंचेंगे कार्यक्रम में गृह विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सहकारिता विभाग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग के कार्यों के प्रेजेंटेशन भी होंगे. कार्यक्रम में भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन नर्मदापुरम जिलों के साथ प्रदेश के 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों की भागीदारी रहेगी। 

गांवों के विकास की नई प्लानिंग, 2 अक्टूबर से ‘रिफॉर्म उत्सव’; बनेगा ग्राम पंचायत प्लान

2 अक्टूबर से गांव-गांव में ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्राम सभा से बनेगा विकास का रोडमैप रिफॉर्म उत्सव के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) की प्लानिंग शुरू ग्रामीण तय करेंगे अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं रायपुर पूरे छत्तीसगढ़ में 02 अक्टूबर 2026 से ‘रिफॉर्म उत्सव’ के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जन योजना अभियान (पीपीसी) के साथ एकीकृत रूप से आयोजित होने वाले इस अभियान में ग्राम सभाओं को गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय करने और योजनाओं पर सीधे संवाद का प्रमुख मंच बनाया जाएगा। ग्रामीणों से उनकी जरूरतों, विकास की कमियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी कार्यों पर सुझाव लेकर इन्हें ग्राम पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा।        रिफॉर्म उत्सव के दौरान ग्राम सभाओं में वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिन में रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, 375 अनुमेय कार्यों में से गांव की जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण साथ साथ लखपति दीदी योजना , आजीविका गतिविधि जैसे विषयों पर ग्रामीणों से संवाद होगा। पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा से तय होगी विकास की प्राथमिकता       वीजीपीपी के तहत 2 अक्टूबर की ग्राम सभा में ग्रामीणों को योजना तैयार करने की प्रक्रिया, ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़ों, आधार मानचित्र और उपलब्ध अनुमेय कार्यों की जानकारी दी जाएगी। गांव में मौजूद लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं परिसंपत्तियों की पहचान भी की जाएगी। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में बस्ती और वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA), स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के माध्यम से स्थानीय जरूरतों और विकास संबंधी कमियों की पहचान होगी।         दिसंबर में तैयार वीजीपीपी का प्रारूप ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव और विचार-विमर्श के बाद ग्राम सभा योजना को अनुमोदित करेगी। इसके बाद योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी की जाएगी। जल, आजीविका और अधोसंरचना पर फोकस       वीजीपीपी में गांव की जरूरतों के अनुसार जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां तथा प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा। वार्ता के 8 बिंदुओं की क्यूआर कोड से भी मिलेगी जानकारी         रिफॉर्म उत्सव के लिए पंचायत सचिवों को वीबी-जीरामजी से संबंधित 8 प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी ग्रामीण इन जानकारियों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। रिफॉर्म उत्सव और वीजीपीपी की यह संयुक्त पहल ग्राम सभा को केवल योजनाओं की जानकारी देने के मंच से आगे बढ़ाकर गांव की जरूरतों की पहचान, विकास कार्यों के चयन और भविष्य की विकास योजना तैयार करने का सहभागी मंच बनाएगी।

CG SET 2026 की तैयारी पूरी, बस्तर में 49 केंद्रों पर परीक्षा; 9,777 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम

 जगदलपुर  छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन आगामी रविवार, चार अक्टूबर को किया जा रहा है। बस्तर जिले में इस परीक्षा के निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 49 परीक्षा केंद्रों पर 9,777 परीक्षार्थी होंगे सम्मिलित जिलेभर में कुल 49 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां दोनों पालियों में कुल मिलाकर 9,777 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। दो पालियों में संपन्न होगी परीक्षा यह परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में संपन्न होगी, जिसमें प्रथम पाली का समय पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक रहेगा, जबकि द्वितीय पाली का आयोजन अपराह्न 2 बजे से शाम 4.15 बजे तक किया जाएगा। दो घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से न्यूनतम दो घंटे पहले अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है। इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर प्रतिबंध और ड्रेस कोड लागू केंद्र के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से गहन जांच के बाद प्रवेश मिलेगा। अनुशासन बनाए रखने के लिए परीक्षार्थियों को हल्के रंग के कपड़े और चप्पल पहनकर ही आने को कहा गया है। जूते, मोजे, बेल्ट, घड़ी, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। महिला परीक्षार्थियों के लिए भी आभूषण पहनने पर रोक लगाई गई है।