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घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी, स्मार्ट मीटर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

लखनऊ  स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर आ रही समस्याएं अब खत्म होंगी। सीएम योगी ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी ने शिकायतों को दुरुस्त करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा। हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें। गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।

रामपुर का शानदार प्रदर्शन: IGRS रिपोर्ट में टॉप, योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल को मिली रफ्तार

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 139 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।  टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में सेना के युद्ध स्मारक पर लेज़र, लाइट और साउंड शो का किया उद्घाटन

लखनऊ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित सेना के मध्य कमान के स्मृतिका युद्ध स्मारक में एक अत्याधुनिक लेज़र, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया। लगभग 30 मिनट का यह हिंदी मल्टीमीडिया शो, उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइटिंग तकनीकों के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास, उसकी ऑपरेशनल उपलब्धियों और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को बयां करता है। यह शो भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और विरासत को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। इसकी कहानी में भारत के प्रमुख युद्धों और ऑपरेशन्स, सेंट्रल कमांड की ऐतिहासिक भूमिका, अवध क्षेत्र की वीरता और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के अनुरूप समकालीन सैन्य आधुनिकीकरण को शामिल किया गया है। यह शो प्रतिदिन शाम के समय स्मृतिका युद्ध स्मारक में आयोजित किया जाएगा और जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा। इस मल्टीमीडिया प्रस्तुति में भारत के प्रमुख युद्धों का एक समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विशेष रूप से 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के संघर्षों के प्रमुख ऑपरेशनल पहलुओं के साथ-साथ 'ऑपरेशन मेघदूत' और 'ऑपरेशन विजय' के दौरान दिए गए विशिष्ट योगदानों को रेखांकित किया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न ऑपरेशन्स में मध्य कमान द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को इसमें प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें अवध क्षेत्र के 'परमवीर चक्र' विजेताओं की असाधारण वीरता को भी उजागर किया गया है, जिसे अवध की गहरी सैन्य परंपराओं और राष्ट्र की रक्षा में उसके विशिष्ट योगदान के संक्षिप्त विवरण के साथ खूबसूरती से पिरोया गया है। इस शो की विषय-वस्तु में उभरते खतरों और युद्ध की बदलती गतिशीलता के जवाब में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे निरंतर आधुनिकीकरण और रूपांतरण को भी शामिल किया गया है। इसमें भारतीय रक्षा उद्योग की हालिया प्रगति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका पहला उपयोग 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरने को भी दर्शाया गया है जो 'आत्मनिर्भरता' की पहलों का मुख्य केंद्र बन रहा है; राज्य का आगामी 'रक्षा गलियारा' (Defence Corridor) इसी का एक जीवंत उदाहरण है। आगामी लेज़र, लाइट और साउंड शो के आयोजन और प्रदर्शन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर में भी व्यापक स्तर पर उन्नयन (अपग्रेडेशन) का कार्य किया जा रहा है। शो के लिए अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और स्पीकर लगाने के अलावा, नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और युद्ध में जीती गई चीज़ों (वॉर ट्रॉफ़ी) को दिखाने वाले भित्ति चित्र (म्यूरल) भी लगाए गए हैं, और साथ ही एक आधुनिक एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। इसके अलावा, तीन खास म्यूरल दीवारें भी बनाई जा रही हैं, जो एक तरफ तो सैन्य इतिहास को प्रमुखता से दिखाएंगी, और दूसरी तरफ लेज़र, लाइट और साउंड शो के लिए एक जीवंत मंच का काम करेंगी। इस पहल को सेना के मध्य कमान के मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ मिलकर पूरा किया है। लखनऊ कैंटोनमेंट में स्थित 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' (Smritika War Memorial), 1994 से ही भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों की बहादुरी, बलिदान और अदम्य साहस को समर्पित एक अमर श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। मुख्यालय मध्य कमान के संरक्षण में स्थापित यह स्मारक, राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने, हमारी सैन्य विरासत को सहेजने और आम लोगों खासकर युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में एक अहम भूमिका निभाता है। मुख्यालय मध्य कमान द्वारा इस स्थल पर आयोजित किए जाने वाले औपचारिक कार्यक्रम, उन वीर सैनिकों के शौर्यपूर्ण कार्यों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) मध्य कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, मुख्यालय मध्य कमान के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सेना और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे। स्मृतिका युद्ध स्मारक में रोज़ाना होने वाला लेज़र, लाइट और साउंड शो, इस स्मारक के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने और सैन्य विरासत को एक दिलचस्प और प्रभावशाली तरीके से आधुनिक संदर्भ में सहेजने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बनेगा। यह पहल, भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को एक बड़े जनसमूह के सामने जीवंत रूप से प्रस्तुत करके, सेना और आम नागरिकों के बीच के महत्वपूर्ण जुड़ाव को और भी मज़बूत करेगी। यह स्मारक देश के लिए शहीद हुए वीरों को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' को हमारी साझा सैन्य विरासत के एक राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में और भी ऊँचा दर्जा प्रदान करेगी। भारत की सैन्य विजयों का एक जीवंत और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत करके, यह स्मारक हमारे बहादुर योद्धाओं के बलिदान को लगातार सम्मानित करता रहेगा, और साथ ही आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और प्रेरित भी करेगा।

योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश, बिजली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए UPPCL की राज्यभर में कार्रवाई

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा।  हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा।  स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण  मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें।  गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने  कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।

जयंती पर डॉ. आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे सीएम योगी : डॉ. निर्मल

लखनऊ.  डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि आंबेडकर जयंती पर महासभा परिसर में 14 अप्रैल को अपराह्न 2 बजे से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इसके पूर्व बौद्ध भिक्षुओं द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि अर्पित कर बुद्ध वंदना की जाएगी।  डॉ. निर्मल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब को सम्मान देने के लिए उनकी प्रतिमा पर छतरी , बाउंड्री वॉल तथा सौंदर्यीकरण का जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है। उनके इस निर्णय से पूरे प्रदेश के दलित एवं आंबेडकर अनुयायी गदगद हैं। इस निर्णय को अभूतपूर्व बताते हुए डॉ. निर्मल ने कहा कि 14 अप्रेल को पूरा प्रदेश आंबेडकरमय होगा । डॉ. निर्मल ने कहाकि इस कार्यक्रम में दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित अन्य मंत्रीगण तथा गण्यमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

टाइम्स सम्मान-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ‘टाइम्स सम्मान-2026’ कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में सीएम योगी ने इसे भारत के वीरों व वीरांगनाओं के प्रति सम्मान का समारोह बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर सैनिक की सांस में भारत है, जो राष्ट्र को जीवन देता है। उसकी शान में भारत है, जो तिरंगे को गर्व से लहराने की शक्ति देता है। उसकी हर पहचान में भारत है, जो चुनौतीपूर्ण मुकाबला करते हुए दुनिया को ताकत का अहसास कराता है। वीर माताओं व वीर परिवारों के सदस्यों का त्याग शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। सीमा पर एक सैनिक लड़ता है, लेकिन हम उन परिस्थितियों की कल्पना करें, जब उनका परिवार प्रतिदिन चुनौतियों से लड़ता हुआ दिखाई देता है। आज का सम्मान उन आंसुओं का सम्मान है, जो कभी मंच तक नहीं पहुंच पाते। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी अडिग रहता है सैनिक सीएम योगी ने कहा कि वीरों का साहस-स्वाभिमान पूरे भारत को नया जीवन देता है। वीरों के दृढ़ साहस की दीवार भारत को सुरक्षा देती है, उनका विश्वास 145 करोड़ भारतीयों के मन में नया साहस भरता है। जब सैनिक सीमा पर अडिग होकर देश की सुरक्षा करता है, तब 145 करोड़ का भारत निश्चिंत भाव के साथ चैन की नींद सोता है। सियाचिन की जमा देने वाली ठंड हो या रेगिस्तान की तपती हुई रेत, घने जंगलों का अंधकार हो या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी सैनिक इन झंझावतों की परवाह किए बिना राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का मजबूती से निर्वहन करता है।  रक्षा मंत्री के नेतृत्व में ताकत का अहसास करा रही भारतीय सेना  सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना अत्याधुनिक, सशक्त व आत्मनिर्भर सेना के रूप में दुनिया के समक्ष अपनी ताकत का अहसास करा रही है। आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि मित्र राष्ट्रों के लिए भी सुविधा उपलब्ध कराने में आगे दिखाई देता है। जब भी सेना से जुड़े मुद्दों की चर्चा होती है तो मैं कहता हूं कि अन्य मुद्दों पर बहस करो, देश की सुरक्षा के मुद्दे पर बहस व वाद-विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित हैं।  सबके मन में होना चाहिए सेना व सैनिक के प्रति सम्मान सीएम योगी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि सेना व सैनिक के प्रति सर्वोच्च सम्मान का भाव हर किसी के मन में सदैव बना रहना चाहिए। हम सभी हमेशा उन सैनिकों, वीर नारियों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देश को संबल दिया है। शासन के सामने जो भी प्रस्ताव आते हैं, वह केवल योजना भर नहीं हैं, बल्कि वह प्रत्येक सैनिक के लिए आश्वस्ति है कि समाज हमेशा आपके साथ खड़ा है और सरकार हर विपरीत परिस्थिति में भी सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।  जब ब्रह्मोस ने किया हमला तो बड़ी ताकतें भी कांपती दिखीं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन व रक्षा मंत्री के नेतृत्व में यूपी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। यहां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। ऑपरेशन सिंदूर में जब दुश्मन के ठिकानों पर ब्रह्मोस ने सबसे पहला हमला किया तो दुनिया की बड़ी ताकतें भी कांपती दिख रही थीं। ब्रह्मोस दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराती है। रक्षा मंत्री जी ने चित्रकूट नोड के लिए भी बीईएल कंपनी को भेजा है, उन्होंने 75 हेक्टेयर जमीन ले ली है। हमने उन्हें कागज भी उपलब्ध करा दिया है। विश्वास है कि बहुत जल्द उस यूनिट को प्रारंभ करने के लिए रक्षा मंत्री जी का कार्यक्रम मिलेगा। झांसी में बीडीएल अपने कार्यों को तेजी से बढ़ा चुका है। सभी छह नोड जिस मजबूती के साथ बढ़े हैं, वह रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ा रहे हैं।  आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में कुछ नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए हैं। नोएडा व कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। आईआईटी कानपुर व नोएडा सेंटर भारत की सेनाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन का निर्माण व नए इनोवेशन करते हुए मजबूती से कार्य कर रहे हैं। मैं और रक्षा मंत्री जी गौतमबुद्ध नगर में ड्रोन निर्माण इकाई में एयरक्रॉफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी के उद्घाटन कार्यक्रम में साथ गए थे। पहले हम दूसरे राष्ट्रों पर निर्भर रहते थे। दुश्मन हमारे डेटा का इस्तेमाल कर हमें कमजोर बनाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हमारी आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक है। यूपी इस दिशा में अब प्रयास कर रहा है। युद्ध स्मारक देखकर युवाओं की नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रक्षा मंत्री के कर-कमलों से जिस युद्ध स्मारक का लोकार्पण हो रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का तीर्थ होगा, जब-जब युवा यहां आएंगे तो उनकी नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी। यह आयोजन राष्ट्र के प्रति हम सभी के कर्तव्यभाव को प्रेरित करने वाला है। जब कोई मीडिया ग्रुप इसके साथ जुड़ता है तो वह समाज को बदलने का कार्य करेगा।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सेंट्रल कमांड के कमांडर लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजय अय्यर ने किया।

वृंदावन नाव दुर्घटना: 250 रेस्क्यू कर्मियों की टीम सर्च ऑपरेशन में जुटी

मथुरा मथुरा के वृंदावन में यमुना में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. हादसे के तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जहां 13 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 3 लोग अब भी लापता हैं. सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की बड़ी टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी है. वृंदावन में एक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. वहीं कुछ परिवार अब भी अपने अपनों के मिलने की आस में नदी किनारे टकटकी लगाए खड़े हैं. हादसा शुक्रवार को हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी. किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवा चली और देखते ही देखते नाव का बैलेंस बिगड़ गया. नाव पांटून पुल से टकरा गई और कुछ ही पलों में यमुना की धारा में पलट गई. चीख-पुकार मच गई. जो तैर सकते थे, उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कई लोग नदी की गहराई में समा गए. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों को मौके पर तैनात किया गया. करीब 250 लोगों की टीम लगातार तीन दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है. अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 13 लोगों की मौत हो चुकी है. आज रविवार को तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह दो और शव बरामद किए गए. इनकी पहचान पंजाब के लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई. प्रशासन के अनुसार, शव नदी में फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों की मदद से नाव में खींचकर बाहर निकाला गया. परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान की. यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी, जिसके सपने अभी अधूरे ही रह गए. वहीं ऋषभ शर्मा 12वीं पास था और अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था. दोनों अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे, लेकिन यह यात्रा कभी खत्म न होने वाले दर्द में बदल गई. इससे पहले शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान पंजाब के ही मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. अब भी तीन लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है. रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर 20 किलोमीटर तक कर दिया है. गोताखोर नदी की गहराई में लगातार तलाश कर रहे हैं, जबकि किनारों पर भी सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच हादसे को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि नाव चालक की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह है. उनका कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि हादसे के बाद उन्होंने कई बार 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन कॉल बार-बार कटती रही. चौथी बार कॉल कनेक्ट होने के बाद ही मदद पहुंच सकी. परिजनों का यह भी सवाल है कि जब पांटून पुल पर काम चल रहा था, तो उस क्षेत्र में नावों के संचालन पर रोक क्यों नहीं लगाई गई. अगर समय रहते एहतियात बरता जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी ताकत के साथ जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है. वहीं सीओ मांट संदीप कुमार सिंह ने कहा कि हर पहलू की जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, नदी किनारे खड़े परिजनों की आंखें सिर्फ एक ही उम्मीद में लगी हैं कि उनके अपने जल्द मिल जाएं. यमुना की लहरें अब भी उठ रही हैं, लेकिन अपने साथ कई जिंदगियों की कहानी और अधूरे सपने समेटे हुए… इसी के बीच जारी है तलाश- उन तीन लोगों की, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है.    

‘पाकिस्तान के और होंगे टुकड़े’,CM योगी का बड़ा बयान, विस्थापितों को जमीन का हक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया. उन्होंने पाकिस्तान को पापी बताते हुए कहा कि जिस देश ने भारत का विभाजन कराया, वह खुद भी बंट चुका है और आगे भी उसके और टुकड़े होंगे. यह बात उन्होंने मियानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि मियानपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा. यह नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के सम्मान में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव गांव की पहचान को नई दिशा देगा और यहां बसे लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेगा. अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को बांटने का पाप किया और उसके बाद खुद भी विभाजित हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लिए कोई जगह नहीं है और इन समुदायों को वहां सजा झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसने इन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दी. मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 1000 से ज्यादा ऐसे परिवारों को जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं, जो 1947 और 1971 के विभाजन के दौरान विस्थापित होकर यहां आकर बस गए थे. उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने वर्षों तक बिना अधिकार के जीवन बिताया, लेकिन अब उन्हें उनका हक मिल रहा है. मियानपुर का नाम बदलेगा, अब होगा रविंद्र नगर उन्होंने कहा कि इन बंगाली बंधुओं की जमीन और संपत्ति को कुछ राक्षसों ने कब्जा लिया था, लेकिन अब सरकार उन्हें उनका अधिकार वापस दिला रही है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लखीमपुर, धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र दिए. उन्होंने कहा कि आज इन परिवारों को उस जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जिस पर वे दशकों से रह रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को दर्शाता है. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों ने इन लोगों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें कभी जमीन का अधिकार नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियानपुर रखा गया था, जबकि यहां एक भी मियां नहीं था. अब इस गांव को रविंद्र नगर नाम दिया जाएगा और इसकी पहचान गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर से जोड़ी जाएगी, जिन्होंने भारत का राष्ट्रगान लिखा. मुख्यमंत्री ने बंगाल को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बताया. उन्होंने कहा कि इस साल वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और एकता का प्रतीक है. विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक विभाजन का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 की त्रासदी इसलिए हुई क्योंकि देश बंट गया था और समाज में विभाजन पैदा हुआ था. उन्होंने कहा कि आज भी जो लोग जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं, वो बहुत बड़ा पाप कर रहे हैं और देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि जब वहां हिंदू, सिख, बौद्ध या जैन समुदाय के लोग प्रताड़ित होते हैं, तो उनकी उम्मीद भारत से ही होती है. वो न्याय और सुरक्षा के लिए भारत की तरफ देखते हैं. मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जब ये विस्थापित परिवार भारत आए थे, तब उनके पास टूटे हुए सपने और गहरा दर्द था. उन्होंने अपने घर और अपनों को पीछे छोड़ दिया था और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ा था. उन्होंने कहा कि न तो बांग्लादेश और न ही पाकिस्तान ने इन लोगों को स्वीकार किया, क्योंकि वे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी थे. भारत ने ही उन्हें खुले दिल से अपनाया और उन्हें सम्मान दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिंदू समाज की सहिष्णुता की यही पहचान है कि यहां आने के बाद किसी ने इन लोगों से उनकी जाति या संप्रदाय नहीं पूछा. उन्हें अपनाया गया और समाज का हिस्सा बनाया गया. कांग्रेस पर हमला, वोट लिए लेकिन अधिकार नहीं दिए उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 1031 विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में करीब 65000 विस्थापित परिवार रह रहे हैं और सरकार उन्हें जमीन का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत मकान, शौचालय, बिजली और पानी की सुविधा भी दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इन लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है और फरवरी 2025 में 1622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं. उन्होंने कहा कि लखीमपुर राज्य का सबसे बड़ा कृषि जिला है, जिसे ‘लक्ष्मीपुर’ के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ में काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इससे पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बांग्लादेश से आए परिवारों के दर्द और संघर्ष का जिक्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें अपराध, दंगे और अराजकता के लिए जानी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि अब एक जिला, एक माफिया की जगह एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की पहचान बन रही है और लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि … Read more

सेहत पर खतरा: धौलपुर से आ रहा मिलावटी दूध टैंकर पकड़ा गया

 आगरा  अगर आप दूध खरीद रहे हैं तो एक बार उसे अच्छी तरीके से जांच लीजिए। कहीं मिलावटी दूध आपकी सेहत को खराब न कर दे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने शनिवार दोपहर करहरा (किरावली)गांव के पास न्यू दक्षिणी बाईपास से एक टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया। मिलावटी दूध की आपूर्ति धौलपुर से हुई थी। दूध में रिफाइंड की मिलावट की पुष्टि हुई। दूध से दुर्गंध आ रही थी। शहर की विभिन्न डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाना था। टीम ने दूध का एक नमूना लेने के बाद उसे नष्ट करा दिया। चालक से पूछताछ के बाद संबंधित डेरी का पता लगाया जा रहा है। न्यू दक्षिणी बाईपास के करहरा गांव के पास एफएसडीए टीम ने की कार्रवाई धौलपुर से हर दिन शहर में कई टैंकर दूध, घी, पनीर भेजा जाता है। यह सब ऑन डिमांड आता है। सबसे अधिक आपूर्ति शहर और उसकी सीमा से सटे डेरी में होती है। शनिवार सुबह धौलपुर से एक टैंकर शहर आना था। एफएसडीए टीम ने न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित करहरा गांव के पास जांच शुरू कर दी। एक टैंकर को रोका गया। जांच में उसमें दूध मिला। धौलपुर, राजस्थान के वाहन चालक प्रेम नारायण के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला। बिल की रसीद नहीं थी। न ही दूध की जांच रिपोर्ट थी। यह वीडियो भी देखें डेरी में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर होने जा रही थी बिक्री मिलावटी मिश्रित दूध से दुर्गंध आ रही थी। टैंकर में थर्मोस्टेट भी नहीं लगा था। इससे दूध को सुरक्षित तापमान पर नहीं रखा जा रहा था। मोबाइल लैब से दूध का नमूना लिया गया और जांच की गई तो उसमें रिफाइंड की पुष्टि हुई। टैंकर से 1200 लीटर मिलावटी मिश्रित दूध जब्त किया गया। एक नमूना लेने के बाद दूध को कराया नष्ट सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र प्रताप ने बताया कि मिलावटी दूध की कीमत 60 हजार रुपये है। इसे शहर की डेरी में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। दूध में रिफाइंड की पुष्टि हुई है। यह है दूध की पहचान का तरीका कुछ मात्रा में दूध लें। उसे धीमी आंच में उबाल लें। अगर दूध पीला पड़ जाए तो उसमें यूरिया की मिलावट की गई है। दूध को हाथ में लेने पर उसमें साबुन जैसी चिकनाहट आ सकती है। दूध को उबाल लें। उसमें कुछ नींबू की बूंद डाल दें। मिलावटी दूध को फटने में अधिक समय लगता है। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा और मिलावटी दूध का कड़वा होता है। पेट संबंधी हो सकती हैं बीमारियां वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनीष बंसल ने बताया कि लंबे समय तक मिलावटी दूध का प्रयोग करने से पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। जिस मकसद से दूध को पिया जा रहा है। उसके उलट स्थिति सामने आने लगी।इससे उल्टी और दस्त भी हो सकती है।  

‘पैसे डबल’ का झांसा देकर चलाते थे नकली नोट, पुलिस ने गिरोह का किया खुलासा

 बस्ती यूपी के बस्ती जिले में पुलिस ने फर्जी नोट चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. संयुक्त अभियान में थाना वाल्टरगंज पुलिस, स्वॉट टीम और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही. गिरफ्तार अभियुक्तों में मुस्तफा, नबीउल्लाह, नबीउल्लाह उस्मानी, हबीबुर्रहमान और मणिकांत चौधरी शामिल हैं. पुलिस ने इनके पास से कुल 420000 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं. जिनमें 500 रुपये के पांच बंडल, 200 रुपये के पांच बंडल और 100 रुपये के सात बंडल शामिल हैं. इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से नकली नोटों का नेटवर्क चला रहे थे और विभिन्न क्षेत्रों में इन्हें खपाने का काम करते थे. गिरफ्तार आरोपियों में मणिकांत चौधरी रूपनदेही नेपाल का निवासी है. जबकि मुस्तफा और नबीउल्लाह जनपद बलरामपुर, नबीउल्लाह उस्मानी जनपद महाराजगंज और हबीबुर्रहमान जनपद संतकबीर नगर का रहने वाला है. पूरे मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने प्रेसवार्ता कर बताया कि पांच लोग की गिरफ्तारी की गई है. जिसमें उनके पास से 4 लाख बीस हजार के फर्जी नोट रिकवर किए गए हैं. जिनमें 500 की पांच गड्डियां,200 की पांच गड्डियां और 100 की सात गड्डियां शामिल हैं. आरोपियों के पास से तीन बाइक भी बरामद की गई है. ये गिरफ्तारी बक्साई पुल के पास से की गई है. आरोपियों द्वारा ग्रुप बनाकर जनपद बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, अयोध्या, अंबेडकर नगर में घूमा जाता था. ऐसे में यहां के ग्रामीण बैंक को टारगेट किया जाता था. आरोपी बैंक से बुजुर्गों को पैसे निकालते समय लालच देते थे. आरोपी कहते थे कि हम आपके रुपए डबल कर देंगे. जिसके चलते कुछ लोग उनकी बातों पर विश्वास भी कर लेते थे और इस तरह ये लोग अपनी नकली नोट खपा देते थे.