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बिना सुनवाई के निरस्त हुई रेलवे भू-अर्जन आपत्ति, नागरिकों में रोष

रायपुर/बिलासपुर रेलवे की ओर से भूमि का अधिग्रहण करने के मामले में पेश आपत्ति को भू-अर्जन अधिकारी ने बिना सुनवाई किए निरस्त कर दिया. इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक द्वारा विद्युत सब स्टेशन निर्माण हेतु ग्राम बेलगहना में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रारंभ की गई. रेलवे प्रशासन की मांग पर भू-अर्जन अधिकारी द्वारा कार्यवाही प्रकरण संस्थित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई तथा प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित की गई. अधिसूचना प्रकाशित होने पर भू-स्वामी द्वारा विस्तृत आपत्ति दर्ज की गई. आपत्ति में आधार लिया गया कि अर्जित भूमि कृषि भूमि है तथा भूस्वामी इसी पर आश्रित है. यह भी बताया गया कि, रेलवे विभाग के पास उसी क्षेत्र में भूमि उपलब्ध है. भू-अर्जन अधिकारी द्वारा बगैर समुचित सुनवाई के आपत्ति खारिज की गई. इसके विरुद्ध याचिकाकर्ता प्रदीप अग्रवाल द्वारा अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से याचिका दायर की गई. याचिका में बताया गया कि, रेलवे अधिनियम की धारा 20 डी के अनुसार भू अर्जन अधिकारी को भू-अर्जन के विरुद्ध आपत्ति पर विचार कर समुचित सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए. आपत्ति निरस्त करना विधि विरुद्ध है, याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.

अंबिकापुर जिले के डॉ. ललित शुक्ला को मिला उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर पुरस्कार

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान राष्ट्रीय कॉनक्लेव 2025 अंबिकापुर जिले के डॉ. ललित शुक्ला को मिला उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर पुरस्कार राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया गया सम्मानित रायपुर भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव 2025 में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अम्बिकापुर के डॉ. ललित शुक्ला को उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर (आदि कर्मयोगी अभियान) के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चलाए जा रहे “आदि कर्मयोगी अभियान” में उनके उत्कृष्ट कार्यों, प्रशिक्षण एवं जनजातीय नेतृत्व को सशक्त बनाने के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई 2025 को आरंभ किए गए “आदि कर्मयोगी अभियान” का उद्देश्य भारत में जनजातीय समाज के लिए एक मजबूत, उत्तरदायी और सहभागी शासन प्रणाली विकसित करना है। इसे विश्व के सबसे बड़े जनजातीय नेतृत्व आंदोलन के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो कैडर आधारित मॉडल और अंतर-विभागीय अभिसरण पर केंद्रित है। इस अभियान के माध्यम से आदिवासी समुदायों के अंतिम छोर तक शासन, योजनाओं और सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

आड़ावाल पुनर्वास केंद्र में बदलाव की बुनियाद, माओवाद छोड़ चुके युवाओं को आजीविका का प्रशिक्षण

रायपुर : आड़ावाल नक्सल पुनर्वास केंद्र “नवां बाट” में आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा आजीविका प्रशिक्षण बस्तर संभागायुक्त ने निरीक्षण कर प्रशिक्षुओं से की मुलाकात रायपुर शासन की संवेदनशील पुनर्वास नीति का परिणाम है कि कभी बड़ी संख्या में माओवादी गतिविधियों में संलग्न युवा अब शांति के मार्ग के प्रगतिरत है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में आत्मसमर्पित माओवादियों को आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ऐसे ही पुनर्वास केंद्र आड़ावाल में 69 नक्सल आत्मसमर्पित युवाओं को आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिनमें 23 महिला एवं 12 पुरूषों को बकरी पालन के साथ-साथ फिनाइल एवं डिटर्जेंट निर्माण का प्रशिक्षण आरएसईटीआई के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। वहीं 34 पुरुष लाभार्थी ग्रामीण राजमिस्त्री के रूप में प्रशिक्षण आरएसईटीआई के माध्यम से दिया जा रहा है, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर आजीविका प्राप्त करने के साथ समाज में सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें।  इस पुनर्वास केन्द्र का आज बस्तर के संभागायुक्त  डोमन सिंह ने निरीक्षण किया। जहां उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षुओं से आवासीय सुविधा, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुधार संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने आत्मसमर्पित लाभार्थियों के पुनर्वास एवं आजीविका संवर्धन हेतु संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।   उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले के पुनर्वास केंद्र का नाम “नवाँ बाट” रखा गया है जो एक गोंडी शब्द है। जिसका हिंदी में अर्थ “नई राह” होता है। यह इस पुनर्वास केंद्र की भावना को दर्शाता है जहां भटके हुए युवा समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई राह पर आगे बढ़ने की दिशा में अग्रसर हैं।

रायपुर से उठी पहचान की गूंज, छत्तीसगढ़ ने फिर रचा कीर्तिमान

रायपुर : छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर बनाई अपनी पहचान राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ को किया सम्मानित: आदि कर्मयोगी अभियान और पीएम जनमन योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित जनजातीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में पांच जिलों को मिली राष्ट्रीय पहचान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं राष्ट्रपति के हाथों राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया सम्मान ग्रहण  रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य को आज भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राज्य सरकार और जनजातीय विकास विभाग की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने राष्ट्रपति के करकमलों से प्राप्त किया।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने इस मौके पर पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातियों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में विस्तार से प्रस्तुती दी। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिलों में जनजातियों के विकास में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुआल ओराम तथा राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उइके, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर भी उपस्थित थे।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर समस्त विभागीय अधिकारियों और फील्ड टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के उन कर्मयोगियों के परिश्रम और समर्पण की पहचान है, जिन्होंने जनजातीय सशक्तिकरण को धरातल पर साकार किया है। कार्यक्रम में धमतरी और कोरिया जिलों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनजाति विभाग के स्टेट ट्रेनर श्री ललित शुक्ला को भी व्यक्तिगत श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मोहला-मानपुर, बालोद, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों को ‘स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड’ मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय सेवा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य के प्रत्येक जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस मौके धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत उपस्थित थे। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने इस उपलब्धि पर पूरे विभाग को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय विकास विभाग ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों और उन जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जो राज्य के दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं की रोशनी पहुँचाने में दिन-रात जुटे हैं।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में जनजातीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई अभिनव कदम उठाए हैं। आदि कर्मयोगी अभियान ने प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा दी है, वहीं पीएम जनमन योजना ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के जनजातीय कल्याण विभागों के अधिकारी, परियोजना निदेशक, विकास सहयोगी संस्थाएँ और जनजातीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कफ सिरप की तस्करी का खुलासा: 495 शीशी के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, जेल में होगी दिवाली

बलरामपुर जिले में पुलिस लगातार नशे के अवैध कारोबार और तस्करी पर शिंकजा कस रही है. इसी कड़ी में वाड्रफनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यूपी से आ रही लग्जरी कार की चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित कफ सिरप और कैश बरामद किया गया है. 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली की यूपी के बनारस की ओर से एक लग्जरी इनोवा कार (UP 70 ED 7121) में प्रतिबंधित कफ सिरप परिवहन किया जा रहा है. जिसके बाद नाकेबंदी कर कार को रोका गया, चेकिंग के दौरान 5 कार्टून में 495 शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप (मात्रा 49.5 लीटर) मिला. वहीं 73,755 नगद कैश भी बरामद किया गया. पुलिस ने तीन युवकों पर कार्रवाई करते हुए एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 21(ख) के तहत मामला दर्ज किया. सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तार आरोपी — नागेश्वर यादव, अतुल यादव, और सुशीत उर्फ पिंटू यादव. सभी सरगुजा के निवासी हैं.

आत्मनिर्भरता की ज्योति: बिहान समूह की महिलाओं ने दीपावली को बनाया खास

बिहान समूह की महिलाओं की प्रेरणादायक पहल रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि ग्रामीण प्रतिभा को सही दिशा, मार्गदर्शन और मंच प्राप्त हो, तो वे अवसर को आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान योजना से जुड़ी ग्राम केवटटोला, मोहला और भोजटोला की महिलाओं ने सामूहिक प्रयासों से अपने पारंपरिक ज्ञान और रचनात्मकता का उपयोग करते हुए दीपावली के उपयोगी उत्पाद जैसे रंगोली पाउडर, रुई की बाती, माता लक्ष्मी की मिट्टी से निर्मित मूर्तियाँ, अगरबत्ती, मिट्टी के दीये, मटके, पारंपरिक साड़ियाँ एवं मनिहारी सामग्री स्वयं तैयार कीं। समूह की महिलाओं ने उत्पादों की गुणवत्ता और पारंपरिक स्वरूप बनाए रखा, जिससे बाजार में अच्छी डिमांड रही। त्योहार के आरंभ से पूर्व ही महिलाओं ने मोहला के साप्ताहिक बाजार में अपने उत्पादों की बिक्री प्रारंभ की। हस्तनिर्मित वस्तुओं को ग्राहकों द्वारा मिली सराहना ने महिलाओं का उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाया। बिक्री से प्राप्त आय ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप  से आत्मनिर्भरता बनाया है। इस पहल में शामिल कई महिलाओं ने पहली बार घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर व्यवसायिक गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप उनमें आत्मविश्वास विकसित हुआ। यह पहल केवल आय का स्रोत नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान और सशक्तिकरण का माध्यम भी सिद्ध हुई। बिहान योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना एवं उन्हें आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है। मोहला की महिलाओं की दीपावली के अवसर पर आरंभ हुई यह आर्थिक यात्रा केवल एक पर्व तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमिता, स्वावलंबन और सामुदायिक विकास की दिशा में एक नई शुरुआत है। 

ईडी गिरफ्तारी पर चुनौती: चैतन्य बघेल की याचिका हाईकोर्ट ने ठुकराई

बिलासपुर ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली चैतन्य बघेल की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में यह निर्णय लिया गया है. दोनों पक्षों को सुनने के बाद 24 सिंतबर को फैसला सुरक्षित रखा गया था. याचिका में ईडी की कार्रवाई को असंवैधानिक और नियम विरुद्ध बताया गया था. ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। ईडी की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया है। इस पैसे का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया, जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

भूपेश बघेल की नक्सलियों की सराहना पर डिप्टी CM अरुण साव का कटाक्ष, पूछा- पार्टी का या निजी मत?

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलियों के समर्पण करने पर सरकार की तारीफ की है. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए, यह पार्टी का स्टैंड है, या उनका निजी मत? उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि (बस्तर में नक्सलियों का) ऐतिहासिक आत्मसमर्पण हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तारीफ की है, इसके लिए धन्यवाद. लेकिन उन्हें स्पष्ट करना चाहिए, यह पार्टी का स्टैंड है या उनका निजी मत है? उनके प्रदेश अध्यक्ष कुछ और बात कर रहे हैं. अरुण साव ने कहा कि सरगुजा भी नक्सलवाद से प्रभावित था, जिसे हमने ही नक्सल मुक्त किया. 2018 तक नक्सलवाद थोड़े से हिस्से में ही था, लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल में नक्सलवाद पला बढ़ा. अब अबूझमाड़ जैसे इलाकों से भी नक्सलवाद का खात्मा हो रहा है. प्रधानमंत्री के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयास से प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाएंगे. धनतेरस पर खरीदें स्वदेशी सामग्री उप मुख्यमंत्री ने धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत के बाद से ही बाजारों में रौनक लौटी है. 350 से अधिक वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है. मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे स्वदेशी सामग्री ही खरीदें ताकि स्थानीय व्यापारियों की दिवाली भी रोशन हो सके. पीएम मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव को लेकर अरुण साव ने कहा कि राज्योत्सव की तैयारियां जारी है. इस बार रजत जयंती वर्ष मनाया जाएगा. राज्य स्तर पर 5 दिन तक और जिला स्तर पर 3 दिन का आयोजन होगा. शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण भी होगा. स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच अरुण साव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री के साथ बैठक है, जिसमें राज्योत्सव की विस्तृत रूपरेखा और कार्ययोजना तय की जाएगी. इस बार स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा. कार्यक्रमों में उन्हें पर्याप्त स्थान और सम्मान दिया जाएगा.

बीजापुर के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रौशन किया नाम

25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में जीते 25 पदक वन मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों को दी बधाई रायपुर, छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकने में सक्षम खिलाड़ी छत्तीसगढ़ में हैं। खिलाड़ी कभी हारता नहीं है या तो वह जीतता है या सीखता है। बीजापुर जिले के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन से एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। कोरबा जिले में आयोजित 25 वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 में बीजापुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 25 पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया। खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर तक परचम लहराने को तैयार खिलाड़ियों ने स्विमिंग सहित विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 10 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य पदक अपने नाम किए और ओवरऑल द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंडर-19 बालिका वर्ग में सदना पोरतेटी ने 3 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीते। अक्षिता तोड़ेम ने 3 स्वर्ण और 1 रजत पदक प्राप्त किया। अंडर-17 बालक वर्ग में बबलु ऐंजा ने 3 रजत पदक और सरैया पालदेव ने 1 कांस्य पदक जीता।  इसी तरह अंडर-14 बालिका वर्ग में रीता पोरतेटी ने 2 स्वर्ण और 1 रजत,गुंजन कोरसा ने 2 स्वर्ण और 1 रजत,सपना कोरसा ने 2 रजत और 1 कांस्य, जबकि तमन्ना ने 1 कांस्य पदक हासिल किया। अंडर-14 बालक वर्ग में खिलाड़ियों ने 1 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से बीजापुर के खिलाड़ी अब राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक परचम लहराने को तैयार हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा इन सभी खिलाड़ियों ने बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी सफलता में कोच दीप्ति वर्मा का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बच्चों को अनुशासन, फिटनेस और आत्मविश्वास के साथ खेल भावना सिखाई, जिसका परिणाम आज सामने आया। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों की उपलब्धि के लिए दी बधाई खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीजापुर के इन युवा खिलाड़ियों ने पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह सफलता जिले के खेल प्रेमी युवाओं के लिए प्रेरणा है। सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि बस्तर और बीजापुर जैसे अंचलों की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर चमकें। इस शानदार प्रदर्शन से पूरे बीजापुर जिले में खुशी का माहौल है। कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी, खेल अधिकारी एवं अन्य प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। स्थानीय खेल प्रेमियों और अभिभावकों ने भी गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि बीजापुर के इन बच्चों ने जिले को गौरवान्वित किया है।

सियासी पारा गर्म: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बिहार चुनाव में अहम भूमिका?

रायपुर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उनका घर है और यहां का सनातनी वातावरण देश में सबसे समृद्ध है, इसलिए वे त्यौहार मनाने और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने आते हैं। बिहार चुनाव और गौ रक्षा का संदेश शंकराचार्य ने कहा कि गौ माता की रक्षा की शपथ लेने वाले उम्मीदवार के लिए वे वोट की सिफारिश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उम्मीदवार गौ रक्षा की बात किए बिना वोट मांगेंगे, उन्हें वोट देने से गौ हत्या का पाप लगेगा। उन्होंने कहा, “संकल्प घोषित करना और शपथ पूर्वक बोलना अलग है। शपथ लेकर पलटना पाप है। यदि कोई शपथ लेकर पलट जाए तो दोष उसका होगा, हमारा नहीं।” ओवैसी पार्टी को समर्थन पर स्पष्टता शंकराचार्य ने कहा कि जो भी गौ माता के लिए खड़ा होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ओवैसी भी गौ माता को अपनी मां कहकर उनके लिए खड़े होंगे, तो उनका भी समर्थन किया जाएगा। “जो हमारी मां को अपनी मां कहेगा, वह हमारा भाई ही हुआ,” उन्होंने जोड़ा। गौ माता को राज्य माता घोषित करने पर विचार प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा गौ माता को राज्यमाता घोषित करने की मांग पर शंकराचार्य ने कहा कि घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि गौ माता को राज्य माता घोषित किया जाए, तो वे उत्सव मनाने के लिए तैयार हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह प्रवास छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गौ माता संरक्षण और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।