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पांच साल का इंतजार खत्म! छत्तीसगढ़ में 20 अक्टूबर तक होगी बारिश की संभावना

रायपुर देश के कई इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार इसकी वापसी एक सप्ताह देर से होगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 20 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। बीते पांच वर्षों में मानसून आमतौर पर 12 अक्टूबर के आसपास विदा होता रहा है। इस बार लौटने में देरी से मौसम का मिजाज भी बदला-बदला रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। इसके बाद ही धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। बरसात की यह बढ़ी हुई अवधि धान की फसलों के लिए राहत मानी जा रही है। खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी। हालांकि लगातार वर्षा से कटाई में देरी हो सकती है।   इस बार समय से पहले आया था मानसून छत्तीसगढ़ में 28 मई को बस्तर से मानसून की दस्तक होती है। पूरे देश में अब बारिश अंतिम दौर में है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाता है। इस बार विदाई तक कई जिलों अच्छी बारिश हो सकती है। बीते पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो 10 से 12 अक्टूबर तक मानूसन की वापसी होती है। हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है, जो अगले 12 घंटे में अवदाब और बाद में गहरा अवदाब बनकर तीन अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र तट पार कर सकता है। इसके असर से दो को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। तीन को दक्षिण अंचल में भारी से अति भारी बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। चार को मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

प्यार में दरिंदगी: दूसरी दोस्ती से नाराज युवक ने पेट्रोल पंप पर महिला पर बरसाए 40 वार

अंबिकापुर अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित श्री कृपा फ्यूल्स पेट्रोल पंप में गुरुवार की सुबह महिला कर्मचारी की चाकू से गोद-गोद कर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपित को लोगों ने पकड़ पुलिस को सौंप दिया है। बीच-बचाव कर रहे पेट्रोल पंप का एक कर्मचारी भी घायल हुआ है। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ पाया गया है। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम मगाजी शाहपुर निवासी भारती टोप्पो, अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित कृपा फ्यूल्स में सेल्स गर्ल का काम करती थी। गुरुवार सुबह वह अन्य कर्मचारियों के साथ काम पर लगी थी। सुबह लगभग पौने बारह बजे मोटरसाइकिल से एक युवक पेट्रोल पंप में पहुंचा। महिला कर्मचारी के नजदीक ही उसने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की। महिला कर्मचारी कुछ समझ पाती इसके पहले ही युवक ने अपने पास रखे चाकू से उस पर वार करने का प्रयास किया।   जान बचाने के लिए भागती रही युवती वहां से भागी तो आरोपित ने चाकू लेकर उसे पेट्रोल पंप परिसर में ही दौड़ाना शुरू कर दिया। युवती भागने का प्रयास करती रही लेकिन आरोपित ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। एक के बाद एक चाकू के वार को सहते हुए युवती भागती रही। समूचे परिसर में खून के छींटे गिरते रहे। बीच-बचाव कर रहे संतोष नामक कर्मचारी पर भी युवक ने चाकू से हमला किया। इसी बीच एक चाकू युवती के सीने से पीठ की ओर घुस गया। युवती वहीं औंधे मुंह गिर पड़ी। इसके बाद भी आरोपित ने उस पर चाकू से कई प्रहार किए। चाकू के करीब 40 वार के कारण युवती बेहोश हो गई। तब तक हो हल्ला मच गया। नजदीक में ही दुकान संचालित करने वाले गुरुदेव सिंह ने आरोपित को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपित ने उसका भी गला दबाने की कोशिश की। एयरगन से उसने फायर भी किया। आरोपित ने अपने पास एक लोहे का रॉड भी रखी थी। घटना के बाद आरोपित वहां से तेजी से गली के रास्ते भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वो उन्हें भी डराने लगा। चोपडापारा में रहने वाले ठेकेदार अरुण सिंह किरना ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपित को धर दबोचा। उसी रास्ते से एक कार में पुलिस अधिकारी गुजर रहे थे। ठेकेदार ने उसी कार में आरोपित को बैठाकर गांधीनगर थाने पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पहुंची। घटनास्थल पर आरोपित की मोटरसाइकिल, बैग, चश्मा, चप्पल बरामद किया गया है। युवती को नजदीक के मिशन अस्पताल ले जाया गया था,जहां उसकी मौत हो गई। प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपित योगेंद्र पैकरा, मूलतः मगाजी कुसमी का रहने वाला है। वह पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल पंप में आ रहा था। युवती से उसका प्रेम संबंध था। संबंधों में दरार आ जाने के कारण उसने घटना का अंजाम दिया। पकड़ में आने के बाद वह बोल रहा था कि युवती को उसने काफी समझाया था, लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी। दो दिन पहले उसका मोबाइल भी तोड़ दिया था, इसके बाद भी उसने किसी दूसरे युवक से बातचीत जारी रखा थी। उसने यह भी बोला कि युवती तो अब नहीं रही और उसका जीवन भी बर्बाद हो गया। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए स्पष्ट है कि आरोपित पूरी तैयारी के साथ हत्या की नीयत से ही पेट्रोल पंप पहुंचा था।

छत्तीसगढ़ को मिला 3,462 करोड़ का केंद्रीय अनुदान, विकास योजनाओं में होगा बड़ा योगदान

रायपुर  केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की राशि जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ को 3,462 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सबसे ज्यादा 10,219 करोड़ रुपये बिहार को दिए गए, जबकि सबसे कम राशि 392 करोड़ रुपये गोवा को मिली है। मध्य प्रदेश को 7,976 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया है। इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार। इस पावन अवसर पर, यह आवंटन वास्तव में मोदी सरकार की ओर से राज्य की जनता के लिए एक उल्लेखनीय उपहार है। यह महत्वपूर्ण राशि वित्तीय संसाधनों को और सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी और कल्याणकारी पहलों को बढ़ावा देगी। हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार छत्तीसगढ़ में निरंतर प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के विकास में इस पैसे का होगा अहम योगदान : तोखन साहू वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है, जो हमने कहा था वही किया। राज्य के विकास में इस पैसे का अहम योगदान होगा। पहले GST कम किया गया, अब GST राशि वापस की गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार किया है और हम विकास कर रहे हैं। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा : ओपी चौधरी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम कर अंशदान के रूप में ₹1,01,603 करोड़ जारी किये हैं। इसमें से छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा, जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाएगा और पावन पर्व-त्योहारों के इस समय में नवआशा और समृद्धि का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार एंव अभिनंदन।

शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ में बड़ा सुराग, ED सक्रिय, अधिकारियों से लगातार पूछताछ

रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

901 कलशों का अनोखा उत्सव: देर रात रेल ट्रैक पर थमे ट्रेन के पहिए

डोंगरगढ़ शारदीय नवरात्र के समापन पर मां बम्लेश्वरी मंदिर से देर रात एक भव्य शोभायात्रा निकली। इस शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर ज्योति कलश लिए मां की जयकारों के साथ आगे बढ़ी। कुल 901 प्रज्वलित कलशों का महावीर तालाब में विसर्जन किया गया। यह अनूठा दृश्य देखने के लिए हजारों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचे और तालाब किनारे आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। डोंगरगढ़ की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर भी मानी जाती है। विसर्जन यात्रा मंदिर से शुरू होकर छिन्नमस्तिका मंदिर होते हुए रेलवे ट्रैक पार कर मां शीतला मंदिर पहुंची। यहां मां शीतला और मां बम्लेश्वरी के माई ज्योत का मिलन करवाया गया, जो इस पूरे अनुष्ठान की विशेषता है। सबसे खास और अनोखी परंपरा यह है कि इस विसर्जन यात्रा के मार्ग में मुंबई–हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन आती है। विसर्जन के दौरान रेल यातायात पूरी तरह थम जाता है। भारतीय रेलवे दोनों ओर से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जाता है। लगभग तीन से चार घंटे तक इस व्यस्त रेलखंड पर मेगा ब्लॉक रहता है। आस्था और परंपरा के इस संगम के आगे आज भी रेलों के पहिए रुक जाते हैं। इस परंपरा की नींव रियासत काल में रखी गई थी। रियासत काल से चली आ रही परंपरा खैरागढ़ के तत्कालीन शासक राजा लाल उमराव सिंह ने 21 अगस्त 1883 को ब्रिटिश सरकार और बंगाल-नागपुर रेलवे के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत रेल लाइन निर्माण के लिए जमीन और न्यायिक अधिकार सौंपे गए। इस समझौते के दस्तावेज (deeds) में डोंगरगढ़ का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। बताया जाता है कि राजा लाल उमराव सिंह ने जमीन देने के साथ ही डोंगरगढ़ स्टेशन में रेलों के ठहराव और नवरात्र के समय ज्योति विसर्जन यात्रा के लिए रेल पटरियों पर ब्लॉक देने की शर्त भी रखी थी। इसी परंपरा का असर आज भी जीवित है, जब रेलवे नवरात्र की इस परंपरा के सम्मान में ट्रेनों को रोक देता है। डोंगरगढ़ की नवरात्रि का यह विसर्जन सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और आस्था का ऐसा संगम है, जिसने देशभर के श्रद्धालुओं को दशकों से अपनी ओर आकर्षित किया है।

मुख्यमंत्री साय ने गांधी और शास्त्री की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश की आज़ादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ निष्ठा और सत्याग्रह के मार्ग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांधी जी के विचार समाज को एक बेहतर दिशा देने में उपयोगी हैं और हम सबको उनसे प्रेरणा मिलती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जय जवान जय किसान का का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी की निष्ठा और ईमानदारी हमेशा नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव  उपस्थित थे।

दशहरा 2025: रायपुर में छह लोकेशन्स पर रावण दहन, ड्रोन टेक्नोलॉजी से होगी सुरक्षा सुनिश्चित

रायपुर दशहरा और दुर्गा विसर्जन के मौके पर गुरुवार शाम को भारी भीड़ उमड़ेगी। शहर के छह से ज्यादा बड़े स्थलों पर रावण दहन और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, जिस कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने शाम चार बजे से रात दो बजे तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्णय लिया है। वहीं प्रमुख स्थलों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। सबसे बड़ा आयोजन डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में शहर का सबसे बड़ा रावण दहन कार्यक्रम डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगा। यहां लगभग 20 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। इस आयोजन में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसी तरह भाठागांव से मठपारा चौक तक का इलाका भी मुख्य आयोजन स्थल रहेगा। पुलिस का अनुमान है कि इन दोनों स्थानों पर ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहेगा।   अन्य स्थानों पर भी भीड़ शंकर नगर चौक, रांवाभाठा बीरगांव, बीटीआइ मैदान शंकर नगर, सप्रे शाला मैदान, समता कालोनी और दलदल सिवनी में भी बड़े पैमाने पर रावण दहन का आयोजन होगा। सभी जगहों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। यातायात में इस प्रकार किया है बदलाव ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों पर डायवर्जन की व्यवस्था की है। जिन सड़कों से आयोजन स्थल जुड़ते हैं, वहां शाम 4 बजे के बाद केवल कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भारी वाहनों का प्रवेश आयोजन समाप्त होने के एक घंटे बाद तक प्रतिबंधित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने की तैयारी पुलिस का कहना है कि ओवरब्रिज के नीचे हर साल लंबा जाम लगता है। इस बार भीड़ को देखते हुए रावण दहन समाप्त होने के बाद भी ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। भनपुरी से आने वाले वाहनों को श्रीनगर और गुढ़ियारी की ओर डायवर्ट किया जाएगा, जबकि शहर से भनपुरी जाने वाले वाहन ओवरब्रिज से होकर जाएंगे। शहर में आने वाली गाड़ियों की होगी जांच 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। आईटीएमएस कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। शहर में आने वाली गाड़ियों की जांच होगी, संदेह होने पर गाड़ियों की डिक्की तक खोली जाएगी। तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट और रांग साइड चलने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। यह सख्ती रात दो बजे तक जारी रहेगी। महिला पुलिस-क्राइम ब्रांच की टीम भी अलर्ट शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिला पुलिस को सादी वर्दी में तैनात किया गया है। पाकेटमारों, लूट और चोरी की घटनाओं पर रोक के लिए विशेष स्क्वाड बनाया गया है। चाकू लेकर घूमने वालों और उपद्रवियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।

सड़क पार कर रही महिला को वाहन ने कुचला, इलाके में गुस्सा

कोरबा कोरबा के पाली थाना क्षेत्र के चैतमा चौकी के पास एक सड़क दुर्घटना हुई है। एक अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कपोट गांव में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। मृतक महिला की पहचान नवाडीह कपोट निवासी जमुना बाई पोर्ते के रूप में हुई है। परिजनों की माने तो रोज की तरह गुरुवार की सुबह घर से चाय नाश्ता कर गांव से लगे खेत को देखने के लिए जा रही थी इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं, चक्का जाम की सूचना पर कटघोरा थाना पाली थाना और चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जहां तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करा पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही।

गोदाम में आग से अफरातफरी, प्रशासन की लापरवाही से नाराज़गी

गौरेला पेंड्रा मरवाही पेंड्रा के रिहायशी इलाके में स्थित गल्ला गोदाम में आग लगने से हड़कंप मच गया। जिसके बाद आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर प्रयास कर आग पर चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद काबू पा लिया। पीड़ित गल्ला गोदाम मालिक का कहना है कि घटना के बाद वो दमकल विभाग के साथ पुलिस के पास भी मदद के लिए भी गए, पर कहीं से उन्हें मदद नही मिली। आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका जाहिर की जा रही है।। जानकारी के मुताबिक, पेंड्रा के लोहतरैया तालाब इलाके में आज सुबह करीब चार बजे के आसपास मोती चंद जैन के घर के पीछे बबलू गुप्ता के गोदाम में भीषण आग लग गई। घर वालों को आग लगने का अहसास हुआ तो बाहर निकलकर देखा तो गोदाम का हिस्सा जल रहा था। जिसके बाद आनन-फानन में पीड़ितों ने दमकल विभाग के साथ स्थानीय पुलिस थाने से भी मदद मांगी। पर वहां से भी पीड़ित लोगों को मदद नहीं मिली, जिसके बाद आसपास के लोगों की मदद से गोदाम में लगी आग पर चार घंटे बाद काबू पाया गया। आग से लाखों रुपयों का माल जलकर खाक हो गया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। वहीं, पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि दमकल विभाग ने गाड़ी की बैटरी न होने का कारण बताकर टाल दिया। हालांकि, सभी आसपास के लोग तत्काल आग बुझाने में जुट गए। जिसके चलते गोदाम के पास वाले रूम में रखी हुई दोना-पत्ता बनाने की मशीन आग की चपेट में नहीं आई और एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।

दंतेश्वरी मंदिर में बस्तर दशहरा उत्सव: मावली परघाव की रस्म और देवियों का भव्य मिलन

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की महत्वपूर्ण रस्म मावली परघाव देर रात जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुई। दो देवियों के मिलन का यह अद्वितीय आयोजन हर साल की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से संपन्न हुआ। हालांकि बारिश ने इस वर्ष कुछ खलल डाला, लेकिन उसके बावजूद यह रस्म भव्यता के साथ निभाई गई। शक्तिपीठ दंतेवाड़ा से माता मावली की डोली और छत्र को परंपरा अनुसार जगदलपुर लाया गया, जहां बस्तर राजपरिवार के सदस्य और हजारों श्रद्धालुओं ने भव्य आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से देवी का स्वागत किया। नवरात्र की नवमी को होने वाली यह रस्म लगभग 600 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। मान्यता है कि यह परंपरा बस्तर रियासत के महाराजा रूद्र प्रताप सिंह के समय से शुरू हुई थी। मावली देवी मूलतः कर्नाटक के मलवल्य गांव की देवी हैं, जिन्हें छिंदक नागवंशीय शासकों ने बस्तर लाकर प्रतिष्ठित किया। बाद में चालुक्य राजा अन्नम देव ने उन्हें कुलदेवी के रूप में मान्यता दी और तभी से मावली परघाव की रस्म प्रारंभ हुई। इस दिन राजा, राजगुरु और पुजारी नंगे पांव राजमहल से मंदिर प्रांगण तक जाकर देवी की डोली का स्वागत करते हैं और दशहरे के समापन पर ससम्मान विदाई देते हैं।