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ब्रेन डेड महिला के परिवार का बड़ा फैसला, एक जिंदगी ने पाई नई धड़कन

नई दिल्ली शोक की गहरी छाया के बीच जब उम्मीद की एक किरण जन्म लेती है, तो वह इंसानियत की सबसे सुंदर तस्वीर बन जाती है। चंडीमंदिर स्थित कमांड हॉस्पिटल में 2 मई 2026 को कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक 41 साल की महिला को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिवार ने अपने दर्द को परे रखकर अंगदान का निर्णय लिया। एक ओर जहां परिवार अपूरणीय क्षति के दुख में डूबा था, वहीं दूसरी ओर उसी फैसले ने एक 14 साल के बच्चे की धड़कनों को नया जीवन दे दिया। यह कहानी सिर्फ एक ट्रांसप्लांट की नहीं, बल्कि साहस, संवेदना और मानवता के मोती को एक साथ पिरोया, जिसने कई जिंदगियों में उम्मीद की रोशनी भर दी। कैसे अंजाम दिया मिशन ब्रेन डेथ के बाद महिला का दिल इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल को भेजा गया। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए अपोलो अस्पताल की एक स्पेशल टीम ने तुरंत एक चार्टर्ड प्राइवेट जेट की व्यवस्था की और चंडीगढ़ पहुंचकर दिल को सुरक्षित तरीके से दिल्ली लाया गया। तय समय-सीमा के भीतर इस हार्ट ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया गया, जिससे एंड-स्टेज हार्ट फेल्योर से जूझ रहे 14 वर्षीय बच्चे को नई जिंदगी मिल गई। फिलहाल बच्चा आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर है। कमांड हॉस्पिटल की जमकर तारीफ इस जटिल और समयबद्ध ऑपरेशन को सफल बनाने में कई एजेंसियों का अहम योगदान रहा। कमांड हॉस्पिटल के कर्नल अनुराग गर्ग के प्रयास की खूब तारीफ की गई। वहीं इस काम के लिए हरियाणा ट्रैफिक पुलिस, पंजाब ट्रैफिक पुलिस ने चार्टर्ड फ्लाइट के लिए बिना देर किए व्यवस्था की और इस मिशन को अंजाम दिया गया। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने बदरपुर ट्रैफिक इंचार्ज एसआई अनिल कुमार की निगरानी में एयरपोर्ट से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे दिल को महज 20 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिया गया। इस पूरे मिशन में प्राइवेट जेट टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। अपोलो अस्पताल ने डोनर परिवार की इस असाधारण उदारता को नमन करते हुए भारतीय सेना, कमांड हॉस्पिटल, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) और सभी संबंधित एजेंसियों का आभार जताया। क्या बोले डॉक्टर अस्पताल ने कहा कि यह घटना अंगदान के महत्व और सामूहिक प्रयास की ताकत का एक मजबूत उदाहरण है। अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि बच्चा पिछले एक साल से गंभीर हृदय रोग से जूझ रहा था और हर महीने उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि हार्ट ट्रांसप्लांट ही उसके जीवन को बचाने का एकमात्र विकल्प था। दो महीने पहले ही उसे नोट्टो (NOTTO) में रजिस्टर किया गया था, लेकिन पिछले हफ्ते उसकी हालत फिर बिगड़ गई थी। डॉ. गोयल के मुताबिक, 2 मई को कमांड हॉस्पिटल चंडीमंदिर में एक उपयुक्त डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। महिला को दो हफ्ते पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था और वह ब्रेन डेड हो गई थीं। उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लेकर कई जिंदगियां बचा लीं। डॉक्टर के मुताबिक हार्ट ट्रांसप्लांट में समय बेहद अहम होता है और चार घंटे के भीतर दिल को प्रत्यारोपित कर रक्त संचार बहाल करना जरूरी होता है। डॉक्टरों की टीम दोपहर 1:30 बजे चार्टर्ड फ्लाइट से चंडीगढ़ रवाना हुई और शाम 7:30 बजे दिल्ली लौट आई। ग्रीन कॉरिडोर की मदद से दिल को आधे घंटे में अस्पताल पहुंचाया गया और आधी रात तक सफल ट्रांसप्लांट पूरा कर लिया गया। मरीज को अब कार्डियक सर्जरी आईसीयू में रखा गया है।

राजधानी को मिलेंगे नए मेट्रो कॉरिडोर, हजारों यात्रियों को होगा फायदा

नई दिल्ली राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के स्थापना दिवस के मौके पर रविवार को दिल्ली सरकार फेज-5B के तहत नई परियोजनाओं की घोषणा कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, फेज-4 के पूरा होते ही फेज-5 के काम में तेजी लाने की रणनीति बनाई जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। बताते चले इससे पहले केंद्र सरकार फेज- 5A के तहत तीन कॉरिडोर को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें एरोसिटी-एयरपोर्ट टर्मिनल-1, कालिंदी कुंज-बॉटनिकल गार्डन और आरके आश्रम-इंद्रलोक (सेंट्रल विस्टा) कॉरिडोर शामिल हैं। इन पर निर्माण प्रक्रिया जारी है। फेज-5B के तहत दिल्ली-एनसीआर में कुल 15 नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 दिल्ली में बनाए जा सकते हैं। इन कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 97 किमी होगी और इनमें 65 स्टेशन शामिल होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 4S,204.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता देते हुए 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि बाकी तीन कॉरिडोर बाद में बनाए जाएंगे। 97 किमी का होगा नेटवर्क     रविवार को डीएमआरसी के स्थापना दिवस के मौके पर होना है कार्यक्रम     इसके तहत 97 किमी के नेटवर्क में 65 स्टेशन है प्रस्तावित     15 नए कॉरिडोर है प्रस्तावित, इनमें 7 दिल्ली में बन सकते हैं     48,204.56 करोड़ आंकी जा रही है अनुमानित लागत इसकी कौन-कौन से रूट शामिल? प्रमुख प्रस्तावित कॉरिडोर में मयूर विहार फेज-3 से शास्त्री पार्क (13.19 किमी), सेंट्रल विस्टा से वसंत कुंज (14.5 किमी), समयपुर बादली से नरेला स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स (11.6 किमी) और मायापुरी से कश्मीरी गेट (12 किमी) शामिल हैं। इसके अलावा सीजीओ कॉम्प्लेक्स से सूर्य विहार फरीदाबाद तक 18 किमी लंबा कॉरिडोर बनाने की योजना है।  

विवेक विहार में आग के कहर ने ली 9 जानें, चार मंजिला इमारत में लगी आग

 नई दिल्ली  पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे लगी आग? दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया। भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हो गई है। जान गंवाने वालों में एक डेढ़ साल का मासूम भी है। भीषण अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान चार मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मंजिल पर शव मिले हैं। पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी दी है। जानिए भीषण अग्निकांड किन-किन लोगों ने गंवाई जान। दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक: 1. अरविंद, पिता – छोटे लाल, निवासी – B-13, दूसरी मंज़िल, विवेक विहार; उम्र – 60 वर्ष 2. अनीता जैन, पत्नी – अरविंद जैन; उम्र – 58 वर्ष 3. निशांत जैन, पिता – अरविंद जैन; उम्र – 35 वर्ष 4. आँचल जैन, पत्नी – निशांत जैन; उम्र – 33 वर्ष 5. मास्टर आकाश जैन, पिता – निशांत जैन; उम्र – 1.5 वर्ष पहली मंजिल पर मृतक: 1. शिखा जैन, पत्नी – नवीन; उम्र – 45 वर्ष तीसरी मंजिल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य: 1. पति – नितिन जैन; उम्र – लगभग 50 वर्ष 2. पत्नी – शैले जैन; उम्र – लगभग 48 वर्ष 3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र – लगभग 25 वर्ष घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष एसी ब्लास्ट से आग लगने की आशंका ऐसी आशंका जताई जा रही की एसी ब्लास्ट से घर में आग लगी है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग लगने की असल वजह क्या है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को इस हादसे की सूचना तड़के 3:48 बजे मिली थी, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया। चार मंजिला बिल्डिंग में कैसे फैली आग? अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। खासकर ऊपरी मंजिलों पर, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न रह जाए। पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब 14 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग पीछे के फ्लैट में फंसे होने की आशंका थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने से इनकार किया है।  AC ब्लास्ट से लगी आग की आशंका इस घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।  बताया जा रहा है कि यह चार मंजिला इमारत थी, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे. आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।  कूलिंग ऑपरेशन जारी दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आग पूरी तरह से काबू में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है. साथ ही, इमारत में सर्च ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और अंदर फंसा न हो।  इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

श्याम स्वीट्स दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने उड़ाए लाखों रुपये

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने चावड़ी बाजार में दुकान से 3.85 लाख रुपए की चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आरोपी दुकान में ही काम करता था। उसे घटना के 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। क्या था पूरा मामला? दिल्ली के हौज काजी पुलिस थाने में 29 अप्रैल को चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह चावड़ी बाज़ार इलाके में 'श्याम स्वीट्स' नाम से एक दुकान चलाता है। 28 अप्रैल को रात करीब 9 बजे, उसने अपने मैनेजर और हेल्पर (जिसकी पहचान संजय के रूप में हुई है) को रात 10 बजे तक दुकान बंद करने का निर्देश देकर दुकान छोड़ दी। हालांकि, उसी रात हेल्पर ने कथित तौर पर दुकान की चाबियां लीं, दुकान को फिर से खोला और कैश बॉक्स में रखे 3.85 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी से हुई आरोपी की पहचान दिल्ली पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फरार है और उसके पास केवल उसका मोबाइल नंबर ही एक अहम सुराग के तौर पर उपलब्ध था। जांच में आया सामने अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी शुरू की गई, जिससे लोकेशन का पता चला। छानबीन के दौरान सामने आया कि आरोपी मध्य प्रदेश के मुरैना और ग्वालियर के बीच घूम रहा है। पुलिस ने कहा, "गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसके बावजूद टीम ने लगातार उसका पीछा किया और उसके सुरागों पर नजर रखी। दृढ़ संकल्प और आपसी तालमेल का प्रदर्शन करते हुए टीम ने सफलतापूर्वक आरोपी को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया।" मध्य प्रदेश का रहने वाला है आरोपी आरोपी की पहचान संजय शर्मा के रूप में हुई है, जो ग्वालियर का रहने वाला है। पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी 8वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है और पिछले 12 से 13 सालों से दिल्ली में मिठाइयों की दुकानों पर रुक-रुककर काम कर रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दीपावली के दौरान उसने कुछ समय के लिए उसी दुकान पर भी काम किया था।  

राजधानी में सनसनी: जज अमन कुमार शर्मा का शव फंदे से लटका मिला

दिल्ली दिल्ली के जज अमन कुमार शर्मा ने आत्महत्या कर ली है। शनिवार को सफदरजंग इलाके में उनका शव फंदे से लटका मिला। जानकारी के मुताबिक थाना सफदरजंग एन्क्लेव को आज एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें आत्महत्या के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान पुलिस को जानकारी दी गई कि 30 साल के अमन कुमार शर्मा ने अपने आवास पर सुसाइड कर लिया है। वह दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में डीएलएसए (DLSA) के पद पर तैनात थे। घटना की जानकारी अमन के जीजा शिवम ने दी। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, अभी तक किसी भी प्रकार की संलिप्तता साबित नहीं हुई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पूरी की पढ़ाई आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, जज ने 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में कार्यभार संभाला था। उन्होंने 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पढ़ाई पूरी की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई तरह के आपराधिक और दीवानी (सिविल) मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) और सिविल जज के रूप में अपनी सेवाएं दीं। पिछले महीने वकील ने की आत्महत्या पिछले महीने ही दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में स्थित एक होटल की 15वीं मंजिल से कूद कर 26 साल के वकील ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को रॉयल प्लाजा होटल में हुई इस घटना की सूचना रविवार रात करीब सवा नौ बजे दी गई। मृतक की पहचान दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजेश सिंह के रूप में हुई है, जो उसी दिन शाम में होटल में ठहरने आया था। पुलिस के एक बयान के मुताबिक, पुलिस दल ने होटल पहुंच कर पाया कि महावीर एनक्लेव निवासी सिंह ने इमारत की 15वीं मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक कमरे में अकेला ठहरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद उसे तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की जांच के लिए अपराध दल और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के दल बुलाए गए। साक्ष्य इकट्ठा किए गए तथा होटल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें वकील ने किसी को दोषी नहीं ठहराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित कुछ मुद्दों को लेकर डिप्रेशन में था।  

‘नमो यमुना’ क्रूज इस महीने से दिल्ली में, 5 KM का सफर और किराया होगा कितना?

नई दिल्ली दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार एक नई सेवा की शुरुआत करने जा रही है। नमो भारत के बाद अब राजधानी में लोग 'नमो यमुना' में भी सफर कर पाएंगे। इसी महीने (मई) के अंत से तक यमुना नदी में नमो यमुना क्रूज की शुरुआत करने की तैयारी है। दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यमुना में क्रूज की शुरुआत 20 फरवरी को ही होनी थी, जब दिल्ली में भाजपा सरकार को एक साल पूरे हुए थे। लेकिन कुछ काम पूरे नहीं होने की वजह से लॉन्च को टाल दिया गया था। सरकार अब इसे जल्द ही शुरू करना चाहती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसका उद्घाटन कर सकती हैं। एक अधिकारी ने कहा, 'बोट अब तैयार है और पेंटिंग का काम पूरा हो चुका है। सफेद और नीले रंग के बोट पर 'नमो भारत' लिखा है और इसे अभी सोनिया विहार स्पोर्ट्स क्लब में रखा गया है। बोट को एक सफेद कपड़े से ढंका गया है।' 5 किलोमीटर का सफर दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने  एचटी को बताया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर एक महीने के भीतर उद्घाटन पर फैसला लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सोनिया विहार और जगतपुरी के बीच एक घंटे की बोट राइड का संचालन किया जाएगा। यमुना में 5 किलोमीटर का यह सफर होगा। क्रूज के जरिए लोग घाटों और प्राकृतिक सुंदरता को निहार सकेंगे। कितना होगा किराया इस क्रूज में सफर के लिए प्रति व्यक्ति करीब 500 रुपये का टिकट लगेगा। दोनों 'स्टेशनों' पर टिकट काउंटर और वेटिंग एरिया विकसित किया गया है। सरकार वाटर स्पोर्ट्स पर भी विचार कर रही है। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक इसका संचालन किया जा सकता है। गर्मी और इस मौसम में पानी की कमी लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में अधिकारी ने बताया कि बोट एयर कंडिशंड है। उन्होंने कहा, 'नदी सूखेगी नहीं।'उन्होंने कहा कि वजीराबाद में सालभर पानी का अच्छा स्तर रहता है, इसलिए इस जगह का चुनाव किया गया है। मुंबई की इंस्पिरेशन मरीन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बनाया गया आइलैंड बोट्स 40 (IB-40) एक 40 फीट का नदी क्रूज बोट है। यमुना की सफाई, रिवर फ्रंट भाजपा सरकार का बड़ा एजेंडा दिल्ली में लंबे समय बाद सत्ता में आई भाजपा ने चुनाव से पहले यमुना को लेकर कई बड़े वादे किए थे। यमुना की सफाई और रिवर फ्रंट बनाने का वादा किया गया है। दोनों ही मोर्चे पर सरकार काम शुरू कर चुकी है। यमुना की सफाई और रिवर फ्रंट तैयार होने के बाद यमुना में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाए जाने की योजना है।

उत्तम नगर दिल्ली में बुलडोजर एक्शन फिर से शुरू, ट्राइब्यूनल ने राहत की अर्जी खारिज की

नई दिल्ली  उत्तम नगर की उसी पुनर्वासित कालोनी में  सुबह एक बार फिर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जहां कुछ दिन पहले तरुण नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस बार निगम पूरी कानूनी तैयारी के साथ पहुंचा था। जैसे ही निगम के लिए गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने डिमालिशन पर रोक हटाई, वैसे ही निगम ने उन विवादित इमारतों को गिराना शुरू कर दिया जो कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर बनाई गई थीं। के अनुसार तरुण की हत्या के कुछ दिन बाद ही जब निगम ने इस मामले में आरोपितों में से एक के घर के अवैध हिस्से पर हथौड़ा चलाया था, तब इस मामले में 13 पक्षकारों ने निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने उन्हें 15 दिन की राहत देते हुए ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था। 28 अप्रैल को याचिकाकर्ता ट्रिब्यूनल पहुंचे। 29 अप्रैल हुई सुनवाई में निगम ने दलील दी कि ये निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें खारिज करते हुए स्टे हटा दिया। इसके अगले ही दिन निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी। निगम पश्चिमी जोन के अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान दो संपत्तियों पर निगम ने हथौड़ा चलाया। इनमें एक संपत्ति वह थी जिसपर तीन प्लाटों को जोड़कर इमारत खड़ी की गई थी। वहीं दूसरी संपत्ति ऐसी थी, जिसपर दो प्लाट को जोड़कर घर बनाया गया था। सुबह जब निगम की टीमें कार्रवाई करने पहुंचीं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। इस इलाके में कई आवासीय इकाइयों को आपस में जोड़कर बड़ी इमारतें बना ली गई थीं. एक मामले में तीन घरों को मिलाकर एक ढांचा बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में दो इकाइयों को जोड़ा गया था. इस मामले में आरोपी के परिवार ने पहले 13 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. अदालत ने उन्हें 15 दिनों की अंतरिम राहत दी थी।  कोर्ट ने परिवार को एमसीडी ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ताओं ने 28 अप्रैल को ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया. 29 अप्रैल को सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने ठोस आधार की कमी की बात कही. इसके बाद स्टे ऑर्डर हटा लिया गया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून, 2026 को होगी।  क्या था पूरा मामला? बता दें कि 4 मार्च को दिल्ली के उत्तम नगर स्थित जेजे कॉलोनी, हस्तसाल में होली के दौरान तरुण के परिवार की एक बच्ची ने पानी का गुब्बारा फेंका था. गुब्बारे का पानी पड़ोसी महिला पर गिर गया. इसी बात पर दो पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें 26 साल के तरुण की मौत हो गई थी. अब उसी मामले के आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का डंडा चला है। 

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का आदेश, AAP बोली- ‘हम भुगतने को तैयार हैं

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) इन दिनों जहां एक तरफ पार्टी में टूट के संकट से जूझ रही है तो दूसरी तरफ पार्टी के बड़े नेता अदालती लड़ाई में भी उलझे हैं। खुद पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ बहिष्कार वाला सत्याग्रह छेड़ दिया है, जिसमें अब उनके अलावा मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक भी शामिल हो गए हैं। कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में बुधवार को इन नेताओं की ओर से ना तो कोई वकील पेश हुआ और ना ही इनकी ओर से कोई जवाब दिया गया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की ओर से दिए गए ‘अंतिम मौके’ पर 'आप' ने एक बार फिर अपना रुख जाहिर कर दिया है। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में 'सत्याग्रह' जारी रखने की बात कहते हुए कहा कि परिणाम भुगतने को तैयार हैं और सबकुछ सोचकर फैसला लिया गया है कि जहां न्याय की उम्मीद नहीं है वहां पेश होने का फायदा नहीं है। अनुराग ने कहा, 'मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल जी की तरफ से, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की तरफ से साफ कह दिया गया है कि वह इन कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। यह सत्याग्रह है हम लोगों का।' परिणाम भुगतने को तैयार, सोचकर लिया फैसला: केजरीवाल आप नेता ने कहा कि कानूनी विकल्प अपनाए जाएंगे पर अभी यह साफ है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में तीनों ही नेता अपना केस नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, 'सत्याग्रह इसलिए कि हमने कानूनी प्रक्रिया अपनाई, रिक्यूजल के प्रोसेस में गए और सबकुछ किया। इसके बाद दो फैक्ट्स को मानते हुए जज कहती हैं कि मैं ही इस केस को सुनूंगी तो उनके सामने जाने का क्या फायदा, जब हमको पता है कि हमें इंसाफ मिलेगा या नहीं मिलेगा। सत्याग्रह जारी है। जब राजघाट गए थे तो इस प्रण को दृठ करते हुए कि दुष्परिणाम के लिए तैयार हैं। सारी चीजों को सोचकर फैसला लिया है। जहां न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है वहां पेश होने का फायदा नहीं है। जो भी कानूनी विकल्प होंगे उन्हें अपनाएंगे। लेकिन अभी तक स्पष्ट है कि ना तीनों ही नेता जाएंगे और ना ही वकील के माध्यम से पक्ष रखेंगे।' जज ने दिया आखिरी मौका आप के नेताओं ने न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के सामने सुनवाई का बहिष्कार किया है। हालांकि, जज ने उन्हें अपना जवाब दाखिल करने का एक अंतिम मौका दिया है। जस्टिस शर्मा ने कहा कि 'हम रिकॉर्ड मंगवाएंगे और सोमवार से सुनवाई शुरू करेंगे' और निर्देश दिया कि रिकॉर्ड कल तक मंगवा लिया जाए। अदालत ने यह भी गौर किया कि कई पक्षों ने अपने-अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं लेकिन बरी किए गए कुछ आरोपियों ने अब तक ऐसा नहीं किया है। अदालत ने कहा, '(अदालत) उन्हें जवाब दाखिल करने का एक और आखिरी मौका देगी। वे शनिवार तक जवाब दाखिल कर दें।' जस्टिस शर्मा ने खुद को अलग करने से किया इनकार, केजरीवाल का बहिष्कार जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा शर्मा ने 20 अप्रैल को इस मामले से खुद को अलग करने संबंधी केजरीवाल और सिसोदिया की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद आप नेताओं ने खुला पत्र लिखकर कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से या किसी वकील के माध्यम से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में पेश नहीं होंगे। केजरीवाल समेत अन्य आप नेताओं ने जस्टिस पर हितों के टकराव समेत कुछ आरोप लगाए हैं और आशंका जाहिर की है कि उनकी अदालत में न्याय नहीं मिल पाएगा।

महंगाई का असर: दिल्ली में ई-रिक्शा सफर होगा महंगा, नई दरें जल्द लागू

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फेडरेशन ने बढ़ती महंगाई और लंबे समय से किराए में कोई बदलाव न होने का हवाला देते हुए न्यूनतम किराया 20 रुपये करने का फैसला लिया है। नई दरें अगले महीने से लागू होने की संभावना है। फेडरेशन के चेयरमैन अनुज शर्मा ने बताया कि दिल्ली में ई-रिक्शा वर्ष 2010 से चल रहे हैं, लेकिन तब से अब तक इनके किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वहीं, इसी अवधि में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के किराए दो बार बढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, बैटरी, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों में इजाफे के कारण किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है, ताकि ड्राइवरों की आय प्रभावित न हो। रिक्शा ड्राइवरों और मैन्युफैक्चरर्स की बैठक में फैसला यह फैसला बुधवार को ई-रिक्शा ड्राइवरों, डीलरों और मैन्युफैक्चरर्स की संयुक्त बैठक में लिया गया, जिसमें दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह भी मौजूद थे। बैठक में किराया बढ़ाने के साथ-साथ सेक्टर से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। कुल 2 लाख ई-रिक्शा चल रहे वर्तमान में दिल्ली में 2 लाख से अधिक ई-रिक्शा आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं, जबकि करीब 1.5 लाख बिना रजिस्ट्रेशन के भी सड़कों पर चल रहे हैं। ये ई-रिक्शा खासकर मेट्रो स्टेशनों और रिहायशी इलाकों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी का अहम साधन बने हुए हैं। अभी अधिकांश जगहों पर पहले दो किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद हर किलोमीटर के लिए 5 रुपये किराया लिया जाता है। 2022 का सर्कुलर लिया वापस इस बीच, दिल्ली सरकार ने 2022 के उस सर्कुलर को वापस लेने का भी फैसला किया है, जिसमें कंपनियों को अपने नाम पर कई ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्ट रजिस्टर कराने की अनुमति दी गई थी। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कुछ कंपनियों के हाथों में मालिकाना हक के केंद्रीकरण को रोकना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के शोषण को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से मालिक-ड्राइवर को अधिक अवसर मिलेंगे, आत्मनिर्भर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ई-रिक्शा सेक्टर में एकाधिकार की संभावना भी कम होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लास्ट माइल कनेक्टिविटी का ढांचा भी मजबूत होगा।

दिल्ली के द्वारका में तीन बच्चों की मौत, गोल्फ कोर्स तालाब में डूबने से हुआ हादसा

नईदिल्ली  राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। द्वारका के सेक्‍टर 24 गोल्फ कोर्स डीडीए के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस मामले की सूचना दमकल को सुबह 7:07 बजे मिली। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है। 8 से 10 साल के बीच थी बच्चो की उम्र पुलिस के अनुसार, द्वारका के सेक्टर 23 पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 7:07 बजे एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें गोल्फ कोर्स परिसर में स्थित एक तालाब में तीन बच्चों के डूबने की जानकारी दी गई थी। इसपर तुरंत कार्रवाई करते हुए, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अन्य आपातकालीन एजेंसियों को भी तत्काल सूचित किया गया। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने तालाब में डूबे हुए 8 से 10 वर्ष की आयु के तीन बच्चों को पाया। दमकल कर्मियों की सहायता से तीनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। तालाब में नहाने गए थे बच्चे प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बच्चे शाम को देर से चारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुए होंगे। उनके कपड़े तालाब के बाहर मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे वहां नहाने गए थे और गलती से डूब गए। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। बच्चों की पहचान में जुटी पुलिस बच्चों की पहचान का काम फिलहाल जारी है, और इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक उनके विवरण से मेल खाने वाली किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।