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CM कैंप ऑफिस और OSD के घर CBI रेड मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई आज

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज गुरुवार को पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच कर रही है।  हाईकोर्ट के इसी आदेश के बाद सीबीआई ने मंगलवार शाम 5 बजे CM भगवंत मान के चंडीगढ़ कैंप ऑफिस, सीएम के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के घर समेत पंजाब में 8 जगहों पर रेड की। टीमों ने लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई रात 11 बजे तक चली। इसके बाद घुम्मन समेत 6 लोगों को समन जारी किया गया। उन्हें चंडीगढ़ में CBI ऑफिस में पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बता दें कि ED ने CM ऑफिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ED ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बताया था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की। पंजाब सरकार ने CBI जांच रोकने की मांग की पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र और संघीय ढांचे से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए बुधवार या गुरुवार को मामले को लेने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने CBI को FIR और जांच के आदेश दिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी पर CBI जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ED के आरोपों की जांच के दौरान ही उनकी पुष्टि या खंडन होगा। ED ने ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर में दखल के आरोप लगाए ED ने जुलाई-अगस्त में पंजाब DGP को भेजी चिट्ठियों में CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। ED के आरोपों में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित प्रभाव का जिक्र था। एजेंसी ने नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया था। CBI ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और RS नागरा के नाम शामिल हैं। इसके बाद मंगलवार को CBI ने इनसे जुड़े 8 ठिकानों पर तलाशी ली।   पंजाब CM ऑफिस से जुड़ा कथित करप्शन का पूरा मामला     ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।     CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।     सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।     तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।     जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।     हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

चंडीगढ़ हेरिटेज फर्नीचर पर फिर विवाद, नीदरलैंड में पियरे जेनरे की दो कुर्सियों की नीलामी

 चंडीगढ़  चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर की विदेशों में नीलामी का मामला फिर गरमा गया है। शहर की प्रशासनिक इमारतों में इस्तेमाल किए गए और प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की विदेशों में नीलामी को लेकर एडवोकेट अजय जग्गा ने यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेरिस में प्रस्तावित नीलामी में संबंधित फर्नीचर बिक नहीं पाया, लेकिन अब 10 अक्टूबर को नीदरलैंड में पियरे जेनरे की डिजाइन की दो कुर्सियों की नीलामी प्रस्तावित है। जग्गा ने सात अक्टूबर को प्रशासक को भेजे पत्र में मांग की है कि यदि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो तत्काल दर्ज की जाए, ताकि विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित देश के अधिकारियों और नीलामी घर को नीलामी रोकने के लिए कहा जा सके। उनका तर्क है कि बिना एफआईआर के राजनयिक स्तर पर कार्रवाई करने में दिक्कत आती है। नीलामी कैटलॉग में चंडीगढ़ का स्पष्ट उल्लेख नीदरलैंड के हेसिन्क फाइन आर्ट ऑक्शनरिस की नीलामी में लॉट नंबर 28 में पियरे जेनरे की दो एक्स-लेग आर्मचेयर शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत 5,000 से 7,000 यूरो और शुरुआती बोली 3,000 यूरो बताई गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कैटलॉग में इनकी प्रोवेनेंस स्पष्ट रूप से फ्रॉम द एडमिनिस्ट्रैटिव बिल्डिंग्स, चंडीगढ़, इंडिया लिखी गई है। इसी तरह पेरिस के Artcurial की नीलामी में लॉट नंबर 73 में पियरे जेनरे की ‘चेयर वी टाइप केन सीट, केन बैक’ शामिल थी। इसकी अनुमानित कीमत 4,000 से 6,000 यूरो थी और कैटलॉग में प्रोवेनेंस एडमिनिस्ट्रैटिव बिल्डिंग्स, चंडीगढ़ दर्ज था। जग्गा के अनुसार पेरिस की नीलामी में यह वस्तु न तो बिकी और न ही नीलाम हो पाई। जांच हो कि फर्नीचर चंडीगढ़ से विदेश कैसे पहुंचा जग्गा ने प्रशासन से मांग की है कि नीलामी घरों से इन वस्तुओं की पूरी प्रोवेनेंस हिस्ट्री, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, निर्यात-आयात और कस्टम दस्तावेज तथा स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड मांगे जाएं। साथ ही यह भी जांच हो कि ये वस्तुएं चंडीगढ़ की प्रशासनिक इमारतों से कब, किसकी अनुमति से और किस माध्यम से बाहर गईं। उन्होंने कहा कि मामला केवल फर्नीचर की खरीद-बिक्री का नहीं है। पियरे जेनरे का फर्नीचर चंडीगढ़ के निर्माण और इसकी आधुनिक वास्तुकला की विरासत से सीधे जुड़ा है। ऐसे में प्रशासनिक भवन में इस्तेमाल हुआ कोई फर्नीचर सामान्य व्यावसायिक वस्तु नहीं माना जा सकता। विरासत फर्नीचर का डेटाबेस बनाने की मांग जग्गा ने चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर के संरक्षण के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की भी मांग की है। इसमें प्रशासनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध फर्नीचर की सूची तैयार करने, विदेशों में पहुंच चुके या गायब विरासत सामान का केंद्रीय डेटाबेस बनाने तथा जरूरत पड़ने पर इंटरपोल, कस्टम विभाग, संग्रहालयों और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ समन्वय करने का सुझाव दिया है। उन्होंने प्रशासक से मांग की है कि हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल (HIPC) को प्रभावी रूप से सक्रिय किया जाए और जिन वस्तुओं पर चंडीगढ़ का वैध स्वामित्व साबित हो, उनकी वापसी और पुनर्स्थापना (रिपैट्रिएशन) के लिए कानूनी और राजनयिक कार्रवाई की जाए। जग्गा ने संविधान के अनुच्छेद 49 का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की कला और ऐतिहासिक वस्तुओं की सुरक्षा राज्य का दायित्व है। इसलिए नीदरलैंड की नीलामी से पहले कार्रवाई करना जरूरी है।  

CM कैंप ऑफिस पर CBI छापेमारी से गरमाई पंजाब की सियासत, AAP ने BJP को घेरा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र व चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भारतीय जनता पार्टी का विंग करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन जांच एजेंसियों के जरिये पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। धालीवाल ने कहा कि जब राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा को पंजाब में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा तो अब सीबीआई और ईडी को आगे किया जा रहा है। धालीवाल ने कहा कि पंजाब में सीबीआई ने कई स्थानों पर कार्रवाई पर दावा किया कि कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी के अधिकारी खाली हाथ लौटे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई के बावजूद कुछ हाथ नहीं लगा तो फिर इस तरह की कार्रवाई का मकसद क्या था। सीएम कैंप आफिस पर देर रात दबिश सीबीआई ने मंगलवार शाम चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत पंजाब के नाै ठिकानों पर दबिश दी। सीबीआई की इस कार्रवाई से पंजाब में सियासी भूचाल आ गया है। आप ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार पर वार बताया। दरअसल सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कई इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामग्री कब्जे में ली है। सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, रोपड़ के मोरिंडा और जालंधर में भी आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली। चंडीगढ़ में सीबीआई की रेड शाम सवा छह बजे से रात 11 बजे तक चली। आपराधिक मामला दर्ज करने का हाईकोर्ट का निर्देश यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोमवार के उस आदेश के बाद हुई जिसमें अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजी गई तीन चिट्ठियों में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई से दो महीने में जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। सीबीआई ने इस मामले में सीएम मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की टीम रोपड़ के मोरिंडा भी पहुंची जहां ओएसडी घुमन के करीबी के यहां तलाशी ली। 

स्कूल बस हादसे से मचा हड़कंप, लुधियाना में बिजली के पोल से टकराई बस; कई बच्चों को चोटें

लुधियाना. जालंधर बाइपास पर शास्त्री नगर के एक निजी स्कूल की बस अचानक बेकाबू होकर बिजली के खंभे से जा टकराई। बस में स्कूली बच्चे सवार थे। हादसे में कुछ बच्चों को मामूली चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चों को बस से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिलाया। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पड़ी रेत पर बस चढ़ने के बाद चालक नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद बस सड़क से उतरकर बिजली के खंभे से जा भिड़ी। हादसे का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बस तेज रफ्तार में आती दिखाई दे रही है। पेरेंट्स ग्रुप में चालक पर उठे सवाल हादसे की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता पैदा हो गई। स्कूल के छात्रों के पेरेंट्स के बनाए गए ग्रुप में हादसे को लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ अभिभावकों ने बस चालक की लापरवाही पर सवाल उठाए। मौके पर पहुंचे लोगों ने ड्राइवर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वो बस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। CCTV ने खोल दी लापरवाही की पोल घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है उसमें दिखाई दे रहा है कि सड़क पर रेत का ढेर लगा था। जैसे ही तेज रफ्तार बस रेत के ढेर पर चढ़ गई, उसका अचानक संतुलन बिगड़ गया और बस सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभा भी टूट गया और हाई-वोल्टेज तारें बस के ऊपर गिर गईं। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस हादसे के बाद बस में बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। बस से संबंधित स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस हादसे को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस अब इस हादसे की CCTV के आधार पर जांच कर रही है और फरार ड्राइवर की भी तलाश जारी है। शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को बाहर निकाला जानकारी के मुताबिक स्थानीय लोगों ने शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को बाहर निकाला। कई बच्चों को चोटें आने की बात कही जा रही है, जबकि कुछ को अंदरूनी चोटें लगने की भी जानकारी है। परिजनों ने भी पता चलने पर मौके पर पहुंचकर बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे के लिए तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से डर के मारे बस को छोड़ कर फरार हो गया। 14 साल की हैंडबॉल खिलाड़ी की मौत वहीं, आपको बता दें कि लुधियाना में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। लुधियाना के हैबोवाल इलाके में हुए एक सड़क हादसे में 14 वर्षीय हैंडबॉल खिलाड़ी अंशिका की मौत हो गई। अंशिका राज्य स्तर की हैंडबॉल प्लेयर थी। उसे स्टेट लेवल का मैच खेलने के लिए बठिंडा जाना था। लेकिन मैच से ठीक एक दिन पहले हुए हादसे ने उसकी जान ले ली।

ड्रग्स केस में पूर्व AIG राजजीत की बढ़ी मुश्किलें, बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही ANTF

चंडीगढ़. ड्रग्स से जुड़े मामले में बर्खास्त पूर्व एआइजी राजजीत सिंह हुंदल की मुश्किलें अब उनकी कथित बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों तक पहुंच गई हैं। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) हुंदल से जुड़े संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि उनके नाम या कथित तौर पर दूसरों के नाम पर मौजूद संपत्तियों और बैंक खातों में हुए लेनदेन का ड्रग्स से जुड़े नेटवर्क से कोई वित्तीय संबंध रहा है या नहीं। एएनटीएफ की जांच में हुंदल से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियां किस तरह अर्जित की गईं और इनके लिए रकम कहां से आई। इसके साथ ही अलग-अलग बैंक खातों में हुए लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों तक पहुंच बनाई जा सकती है।

कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन कल, पायलट-परगट संभालेंगे मोर्चा; 5000 कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस अब संगठन को एकजुट कर विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गई है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का नया अभियान 8 अक्टूबर को अमृतसर से शुरू होगा। दोनों नेता दिल्ली से पंजाब पहुंचेंगे। अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के साथ पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी। इस दौरान सचिन पायलट और परगट सिंह को छोड़कर पंजाब कांग्रेस के लगभग सभी प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। दिल्ली में एक फ्रेम में नजर आए दिग्गज नेता पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मंगलवार को दिल्ली में उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और युवा नेतृत्व ने परगट सिंह से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने प्रदेश संगठन में एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। पूर्व मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा, सुख सरकारिया, भारत भूषण आशु, गुरप्रीत सिंह कांगड़, गुरकीरत सिंह कोटली समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने परगट सिंह से मुलाकात की।

पंजाब में CBI रेड पर सरकार का हाईकोर्ट रुख, 30 बैगों में दस्तावेज ले जाने का आरोप

चंडीगढ़. ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा ) और पंजाब सरकार ने सेक्टर-62 स्थित पीयूडीए भवन में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी एवं सर्वे कार्रवाई को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर आज मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ सुनवाई करेगी। मामला तत्काल सूची में लगाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 22 से 24 सितंबर के बीच चली कार्रवाई करीब 50 घंटे तक जारी रही। इस दौरान कार्यालय की विभिन्न मंजिलों को सील रखा गया और 30 से अधिक बैगों में सरकारी रिकॉर्ड ले जाए गए। जीमाडा का यह भी आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डाटा कापी अथवा क्लोन किया गया। याचिका के अनुसार प्रधान सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी दो रात तक कार्यालय परिसर में मौजूद रहे 238 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जांच शुरू होने का दावा याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि ईडी की कार्रवाई जिस मामले के आधार पर शुरू की गई, वह केंद्रीय जांच ब्यूरो की उस प्राथमिकी से संबंधित बताई गई जिसमें तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तकों से जुड़ी कथित 238 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की जांच हो रही है। आरोप है कि कंपनी की धनराशि निजी लाभ के लिए इधर-उधर की गई। गमाडा और पंजाब सरकार का कहना है कि इस प्राथमिकी में न तो वे आरोपी हैं और न ही उनके किसी अधिकारी को आरोपी बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों को बिना वैधानिक अधिकार के कार्यालय में रोके रखा गया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार उनके मुख्यालय और कार्यालय करीब 50 घंटे तक ईडी की कार्रवाई के अधीन रहे, मंजिलों को सील किया गया और बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड बाहर ले जाया गया। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डाटा कापी किया गया। गमाडा ने इसे अधिकारों के दुरुपयोग का मामला बताते हुए कहा है कि ऐसी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 62 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। याचिका में तलाशी और अधिकारियों को रोके रखने को कानून के विपरीत बताते हुए कहा गया है कि जीमाडा या उसके अधिकारियों का कथित अपराध से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। रिकॉर्ड चाहिए था तो मांगे जा सकते थे: गमाडा याचिका में तर्क दिया गया है कि यदि गमाडा की फाइलों में दर्ज किसी लेन-देन का जांच से कोई संबंध था, तो कानून के तहत संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए विभाग को नोटिस दिया जा सकता था। इसके लिए पूरे कार्यालय में तलाशी और सर्वे करने की जरूरत नहीं थी।

पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, पूर्व CM चन्नी संभालेंगे कमान, राहुल गांधी करेंगे नेतृत्व

चंडीगढ़. पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब जमीनी स्तर पर अपना अभियान तेज करने की तैयारी में है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने ‘पगड़ी संभाल यात्रा’ निकालने का एलान किया है। चन्नी के मुताबिक, यह यात्रा नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ होगी। इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और पंजाब को गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए जागरूक किया जाएगा। चन्नी के इस अभियान में साइकिल रैली भी अहम हिस्सा होगी। इसमें दो हजार से अधिक साइकिल चालक शामिल होंगे। साइकिल सवार पंजाब के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर युवाओं और आम लोगों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे। कांग्रेस इस अभियान को सीधे तौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रही है। राहुल गांधी की अगवाई में कांग्रेस की बस यात्रा कांग्रेस की ओर से आने वाले दिनों में पंजाब में बस यात्रा निकालने की भी तैयारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा की शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कर सकते हैं। राहुल गांधी के जल्द पंजाब दौरे पर आने की भी संभावना है। बस यात्रा के दौरान पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एक साथ बस में सवार होकर प्रदेशभर में जाएंगे और एकजुट कांग्रेस का संदेश देंगे। रणनीति का बड़ा हिस्सा पगड़ी संभाल यात्रा पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद पार्टी अब चुनावी तैयारियों को अभियान के रूप में जमीन पर उतारने की रणनीति बना रही है। दिल्ली में भी इन कार्यक्रमों को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। चन्नी की ‘पगड़ी संभाल यात्रा’ को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

फर्जी PCS अधिकारी और कुंवारी बताकर शादी, आधार-पैन में बदली जन्मतिथि; 12 साल कम की उम्र

 फतेहगढ़ साहिब शादी के लिए जब कोई अपनी पहचान, उम्र और नौकरी के बारे में बड़ी-बड़ी बातें बताए तो सामने वाला उस पर भरोसा कर ही लेता है. लेकिन पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में एक शादी के बाद ऐसा मामला सामने आया है, जहां पति का आरोप है कि जिस महिला को शादी से पहले कुंवारी और PCS अधिकारी बताया गया था, उसकी उम्र और पहचान को लेकर भी बड़ा खेल किया गया. शिकायत में आरोप है कि महिला की जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर बदलाव कर उम्र करीब 12 साल कम दिखाई गई।  पति का दावा है कि शादी के बाद जब उसे पत्नी की वास्तविक पहचान और पिछली जिंदगी को लेकर संदेह हुआ तो उसने जानकारी जुटानी शुरू की. इसी दौरान महिला के पहले से तलाकशुदा होने और एक बच्चे की मां होने की बात सामने आने का आरोप लगाया गया. इसके बाद दस्तावेजों की जांच का सिलसिला शुरू हुआ तो जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड में बदलाव का मामला भी सामने आया. मामला फतेहगढ़ साहिब थाना क्षेत्र का है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर महिला समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि, अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।  शादी के लिए बताई गई थी PCS अधिकारी और अविवाहित शिकायतकर्ता अमनिंदर सिंह, निवासी गांव मंडोफल, के मुताबिक शादी से पहले उन्हें मनविंदर कौर के बारे में बताया गया था कि वह अविवाहित हैं और PCS अधिकारी के तौर पर काम करती हैं. इसी जानकारी के आधार पर दोनों का रिश्ता तय हुआ और 10 फरवरी 2026 को शादी हुई. अमनिंदर सिंह का आरोप है कि शादी से पहले महिला और उसके परिवार की ओर से उसकी वास्तविक वैवाहिक स्थिति और पेशे से जुड़ी जानकारी छिपाई गई थी. उस समय उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि महिला की पहले भी शादी हो चुकी है. शादी के बाद जब कुछ परिस्थितियों को लेकर संदेह पैदा हुआ तो उन्होंने महिला के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की. यहीं से इस पूरी कहानी में एक के बाद एक नए सवाल सामने आने का दावा किया गया।  पहले शादीशुदा होने का राज खुला अमनिंदर सिंह के अनुसार, पड़ताल में उन्हें जानकारी मिली कि महिला पहले से तलाकशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. यानी जिस महिला को शादी से पहले  कुंवारी बताया गया था, उसकी पिछली शादी की जानकारी कथित रूप से छिपाई गई थी. इसके बाद अमनिंदर सिंह ने महिला के सरकारी पद और दस्तावेजों की भी पड़ताल शुरू की. शिकायत में दावा किया गया कि महिला PCS अधिकारी नहीं थी. इससे शादी के लिए बताई गई पहचान पर सवाल खड़े हो गए. लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।  जवान दिखने के लिए 12 साल कम करने का आरोप शिकायत में सबसे चौंकाने वाला आरोप महिला की उम्र को लेकर है. फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी कुलबीर सिंह संधू के अनुसार, अमनिंदर सिंह की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला ने अपनी उम्र कम दिखाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव करवाया. शिकायत में वर्ष 1980 से 1992 तक जन्मतिथि से संबंधित बदलाव का आरोप लगाया गया है.  यही वजह है कि अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि महिला की वास्तविक जन्मतिथि क्या है और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि में कथित बदलाव किस स्तर पर और किस आधार पर हुआ. पुलिस जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर सकती है और यह भी पता लगा सकती है कि संबंधित दस्तावेज कब जारी हुए थे तथा बाद में उनमें कोई संशोधन कराया गया या नहीं।  आधार और PAN में भी बदलाव का आरोप जन्म प्रमाण पत्र के साथ-साथ शिकायत में आधार कार्ड और PAN कार्ड में भी कथित तौर पर बदलाव कराने का आरोप लगाया गया है. अमनिंदर सिंह का कहना है कि महिला ने अपनी पहचान और उम्र से संबंधित जानकारी बदलने के लिए इन दस्तावेजों में संशोधन करवाया. शादी के मामले में दूसरा बड़ा सवाल PCS अधिकारी होने के दावे को लेकर है. अमनिंदर सिंह का आरोप है कि महिला को PCS अधिकारी बताया गया था. इसी पहचान के आधार पर शादी तय हुई. लेकिन बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि महिला किसी सरकारी पद या PCS अधिकारी के तौर पर कार्यरत नहीं थी. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि महिला ने खुद को PCS अधिकारी बताया था या उसके परिवार के किसी सदस्य ने उसकी ऐसी पहचान बताकर रिश्ता तय कराया था. यदि किसी सरकारी पद का झूठा दावा कर शादी तय कराने की बात जांच में सामने आती है तो यह मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।  10 फरवरी को हुई थी शादी शिकायत के अनुसार, अमनिंदर सिंह और मनविंदर कौर की शादी 10 फरवरी 2026 को हुई थी. शादी के समय शिकायतकर्ता को महिला की उम्र, वैवाहिक स्थिति और नौकरी के बारे में जो जानकारी दी गई, बाद में उसी पर सवाल उठने लगे. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि उसे पहले ही महिला की वास्तविक उम्र, पूर्व विवाह और बच्चे के बारे में जानकारी होती तो वह शादी का फैसला अलग तरीके से ले सकता था।  छह लोगों पर मामला दर्ज फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने जांच के बाद महिला समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों में मनविंदर कौर, उसका भाई तरलोचन सिंह, मां अमरजीत कौर, ताऊ का बेटा नरेंद्र सिंह, भाभी बरुपिंदर कौर और तरनतारन जिले के गांव सुरसिंह, थाना भिक्खीविंड निवासी पूर्व सरपंच सुखमंदर सिंह राणा शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता, महिला की वास्तविक उम्र, वैवाहिक स्थिति, PCS अधिकारी होने के दावे और शादी से पहले दी गई जानकारी समेत तमाम पहलुओं की जांच की जाएगी।  घर से सामान और सोना ले जाने का भी आरोप अमनिंदर सिंह ने एक अन्य आरोप यह भी लगाया है कि महिला शादी के बाद घर से जाते समय कुछ सोना और अन्य सामान अपने साथ लेकर गई. इस आरोप की भी पुलिस जांच कर … Read more

पंजाब में CBI रेड पर CM मान का बड़ा बयान, ‘कुछ नहीं मिला तो अब सम्मन का जवाब देंगे’

चंडीगढ़. पंजाब में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई हुई है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस में छापेमारी की गई है। इस छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान भी सामने आ गया है और उन्होंने कहा है कि उनको जो लोगों से प्यार मिल रहा है, उससे बीजेपी घबरा गई है। चंडीगढ़ के सेक्टर 2 के हाउस नंबर 50 यानी पंजाब सीएम के कैंप ऑफिस में सीबीआई की छापेमारी हुई है। इसे पंजाब में CBI की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कोठी नंबर 50 में CBI की रेड हुई है। पंजाब कैंप ऑफिस में जांच जारी है और पंजाब में कई ठिकानों पर CBI की कार्रवाई चल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्या प्रतिक्रिया दी? मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "बीजेपी ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस पर CBI का छापा पड़ा। अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए पंजाब में ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जाएगा। लोगों से मिल रहे प्यार से बीजेपी घबरा गई है।" क्यों हो रही ये कार्रवाई? पंजाब के मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस, कोठी नंबर 50, सेक्टर-2 में मंगलवार शाम करीब 6 बजे सीबीआई की टीम पहुंची और छापेमारी शुरू की। सीबीआई की टीम दो गाड़ियों में आई थी। उनके साथ एक बस में सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे। यह कार्रवाई पंजाब में कथित कैश फॉर पोस्टिंग और टेंडर घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में की जा रही है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। कोर्ट ने सीबीआई को जल्द केस दर्ज करने और दो महीने के अंदर जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सोमवार देर रात करीब 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सरकार ने मामले में जल्द सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने से पहले ही सीबीआई ने पंजाब में कार्रवाई शुरू कर दी। सीबीआई की कार्रवाई सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं है। मोहाली के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुम्मन के संगरूर जिले के घराचों गांव स्थित घर पर भी सीबीआई की रेड जारी है। अरविंद केजरीवाल का भी सामने आ गया बयान इस मामले पर आप नेता केजरीवाल ने भी अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा, "चुनाव से दो महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर CBI की रेड बीजेपी कि बौखलाहट का नतीजा है। जब से सेंटर में बीजेपी की सरकार आई है उसने पंजाबियों के साथ हमेशा ही धक्का किया है चाहें किसान आंदोलन हो, पंजाब के पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो। और अब तो उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ भी धक्का कर रही। बीजेपी चुनाव लड़के पंजाब में जीत नहीं सकती तो ED-CBI के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन पंजाबियों ने अपना मन बना लिया है और बीजेपी के CBI रेड का जवाब आने वाले चुनाव ने भगवंत मान को 100+ सीटों से जीता कर दोबारा मुख्यमंत्री बनाकर देंगे।" 6 के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिली रिपोर्ट के आधार पर CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD और उसके साथियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की है। आरोप है कि आरोपी पैसे के बदले अधिकारियों, जिसमें IAS और IPS अधिकारी भी शामिल हैं, की पोस्टिंग और विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करते थे। इसके अलावा नीति बनाने, प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर की शर्तें, लाइसेंस, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (Land Use Conversion), संपत्ति विवाद और राजस्व व जमीन से जुड़े मामलों में भी दखल देने के आरोप हैं। CBI के मुताबिक, आरोपी सरकारी कर्मचारियों पर यह भी आरोप है कि वे सरकार की ओर से आदेश और नीतियां जारी होने से पहले उनके ड्राफ्ट निजी लोगों को उपलब्ध कराते थे। इस मामले में CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आर.एस. नागरा और अज्ञात सरकारी अधिकारियों व निजी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में दो सरकारी कर्मचारियों के अलावा बिचौलियों और अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है। FIR दर्ज करने के बाद CBI ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में कुल 8 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों से जुड़े ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। CBI इन सामानों की जांच कर रही है ताकि रिश्वतखोरी और अनियमितताओं से जुड़े सबूत जुटाए जा सकें। मामले में आगे की जांच जारी है।