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विकास का नया रोडमैप: पंजाब में फिनलैंड और नीदरलैंड मॉडल लागू करने की योजना

चंडीगढ़. वैश्विक स्तर की तकनीक और नीतियों को अपनाकर पंजाब को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। हाल ही में यूरोपीय देशों के दौरे से लौटे प्रतिनिधिमंडल के अनुभवों के आधार पर सरकार अब खेती, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्रों में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस का मकसद कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर शिक्षा गुणवत्ता और राज्य में निवेश को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने मंगलवार पत्रकारों से बातचीत में बताया कि फिनलैंड और नीदरलैंड में आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को पूरी तरह बदल दिया गया है। पालीहाउस और ग्लास हाउस जैसी तकनीकों से एक स्क्वेयर मीटर में उत्पादन 5-6 किलो से बढ़कर 80-100 किलो तक पहुंच गया है, जबकि पानी की खपत बेहद कम और केमिकल का इस्तेमाल लगभग खत्म हो चुका है। सरकार अब इस मॉडल को पंजाब में भी बड़े स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है। शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड का मॉडल विशेष रूप से प्रभावी शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड का मॉडल विशेष रूप से प्रभावी पाया गया, जहां शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी टीचर ट्रेनिंग और स्कूल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जानकारी दी कि जिन विद्यार्थियों ने हाल ही में ‘जेईई मेन’ (जेईई) परीक्षा पास की है, उन्हें बुधवार को मोहाली स्थित विकास भवन में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहेंगे और छात्रों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाएंगे। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों के साथ सार्थक बातचीत हुई है। एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की अच्छी संभावनाएं बनी हैं। कुछ कंपनियों ने पंजाब में प्लांट लगाने में रुचि भी दिखाई कुछ कंपनियों ने पंजाब में प्लांट लगाने में रुचि भी दिखाई है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार तेज मंजूरी प्रक्रियाऔर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। इसके अलावा 18 मई को अगला डेलिगेशन विदेश भेजा जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। अब तक 200 से अधिक लोग ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से पंजाब में आधुनिक खेती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: फिनलैंड मॉडल पर होगा जल प्रबंधन

चंडीगढ़  पिछले वर्ष मानसून के दौरान पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने इस बार सुरक्षा प्रबंधों को समय से पहले ही पुख्ता करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए बाढ़ रोकथाम और राहत ढांचे को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक 'एम्फीबियस मशीनों' की खरीद को हरी झंडी दे दी। ये मशीनें जल और थल दोनों जगह काम करने में सक्षम हैं, जिससे ड्रेनों और नहरों की सफाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरों की गहराई से सफाई के लिए इन मशीनों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ये मशीनें बहते पानी में भी काम कर सकती हैं और गहराई तक गाद निकालने में सक्षम हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में राहत कार्य सुचारू रूप से किए जा सकेंगे। उन्होंने जल संसाधन विभाग को इन मशीनों की खरीद के लिए तुरंत विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। फिनलैंड की तर्ज पर होगा जल प्रबंधन मुख्यमंत्री ने बैठक में साझा किया कि हाल ही में अपनी फिनलैंड यात्रा के दौरान उन्होंने इन मशीनों की कार्यक्षमता को स्वयं देखा था, जहां इनका उपयोग जल निकायों के रखरखाव के लिए बहुत प्रभावी ढंग से किया जाता है। पंजाब में भी अब इनका इस्तेमाल नहरों, ड्रेनों और तालाबों की सफाई के लिए किया जाएगा। पानी के प्रबंधन पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 26 अप्रैल को भाखड़ा बांध का जल स्तर 1594 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 1680 फीट है। 1 जून से शुरू होने वाली धान की बुवाई को देखते हुए मानसून से पहले जल प्रबंधन की सटीक रणनीति बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मई तक राज्य की सभी नई और पुरानी नहरों के पुनरुद्धार का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। रोपड़ के संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रोपड़ जिले के उन 20 गांवों का जिक्र किया जो पिछले साल बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में स्टड और स्पर जैसे सुरक्षा ढांचे बनाने का काम प्राथमिकता पर किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को स्वां नदी के चैनलाइजेशन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए भी कहा, ताकि इसका उपयोग सिंचाई के साथ-साथ पर्यटन के लिए भी किया जा सके। बैठक में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, बरिंदर कुमार गोयल, सांसद मालविंदर सिंह कंग और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शंभू-अंबाला रेलवे ट्रैक ब्लास्ट केस: पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पटियाला मंगलवार बाद दोपहर पटियाला के पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डीआईजी पटियाला रेंज कुलदीप सिंह चाहल और एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी (हेडक्वार्टर) वैभव चौधरी, डीएसपी सुखअमृत सिंह रंधावा, सीआईए पटियाला इंचार्ज प्रदीप बाजवा, सीआईए समाना इंचार्ज अंकुरदीप सिंह, थाना कोतवाली पटियाला के एसएचओ इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह काहलो तथा स्पेशल सेल राजपुरा के इंचार्ज एसआई मनप्रीत सिंह की टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने अत्यंत पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों प्रदीप सिंह खालसा पुत्र निर्मल सिंह निवासी वार्ड नंबर 1, डॉक्टर निसान सिंह वाली गली, सिद्धू अस्पताल के पीछे, मानसा, कुलविंदर सिंह बग्गा पुत्र सीरा सिंह निवासी बप्पियाना जिला मानसा, सतनाम सिंह सत्ता पुत्र लखविंदर सिंह निवासी पंजवड़ जिला तरनतारन; तथा गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी बाबा बिधी चंद नगर, मुरादपुर खुर्द, गोइंदवाल, थाना सिटी तरनतारन को गिरफ्तार किया। डीआईजी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जो उन्होंने सीमा पार बैठे अपने आतंकी हैंडलरों की मदद से हासिल किया था। बरामद सामग्री में एक बम, 2 पिस्तौल सहित जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने में प्रयुक्त सामग्री तथा मलेशिया में बैठे हैंडलरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर “चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए” नामक संगठन चला रहा था। वह विदेश में मलेशिया स्थित खालिस्तानी उग्रवादी समूहों और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। उन्होंने बताया कि इनका मकसद पंजाब में आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर शांति भंग करना और दहशत का माहौल पैदा करना था, जिसके लिए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा इन्हें भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार मुहैया कराए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। डीआईजी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सोमवार की रात करीब 8:55 बजे इनके साथियों ने शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर बम विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में थाना जीआरपी पटियाला में मुकदमा नंबर 11 दिनांक 28.04.2026, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 तथा रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत दर्ज किया गया था। डीआईजी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मॉड्यूल का सरगना प्रदीप सिंह खालसा अपने साथियों के साथ पंजाब के प्रमुख रेलवे मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके कर राज्य में उग्रवाद को पुनर्जीवित करना चाहता है। इस संबंध में थाना कोतवाली पटियाला में बीएनएस की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धाराएं 3, 4, 5, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 की धाराएं 13, 16, 18, 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीआईजी ने बताया कि पुलिस टीमों ने प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को मंगलवार को पटियाला में बड़ी नदी बांध रोड के पास कूड़े के ढेर के निकट से गिरफ्तार किया और उनके पास से हथियार व गोला-बारूद बरामद किया। डीआईजी ने कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थकों से उनके संबंधों और विदेशी फंडिंग की गहराई से जांच की जा सके। एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि इस आतंकी मॉड्यूल की गिरफ्तारी से पंजाब में संभावित बड़ी वारदातों को रोका गया है, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।  

ट्रैक ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा: आतंकी जगरूप की मौत, पुलिस जांच तेज

तरनतारन. गत रात शंभू बार्डर समीप रेलवे लाइन पर ब्लास्ट हुआ। इस दौरान ट्रैक उड़ाने दौरान एक आतंकी के शरीर के चीथड़े उड़ गए। जिसकी पहचान पंजाब के जिला तरनतारन के गांव पंजवड़ निवासी जगरुप सिंह उर्फ जूपा के तौर पर हुई है। आतंकियों की पुश्तभूमि के तौर पर जाने जाते गांव पंजवड़ के लोग हैरान नजर आए। हालांकि खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल लिया है। आटा चक्की चलाने वाले जगरुप सिंह जूपा की आयु करीब 33 वर्ष बताई जाती है। विधानसभा उपचुनाव के दौरान जूपा पर दर्ज हुआ था मामला तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान जूपा के खिलाफ पोस्टर फाड़ने बाबत एक शिकायत थाना झब्बाल में दर्ज हुई थी। इसके अलावा जूपा के खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। मंगलवार को जब पता चला कि रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट के दौरान जूपा की मौत हुई है तो गांव के लोग हैरान रह गए। दो बेटियों का बाप जूपा अक्सर निहंग वेष में रहता था। ग्रामीण पाल सिंह, मेजर सिंह, सेवक सिंह ने बताया कि विवाहित जगरुप सिंह आतंकियों से जुड़ा होगा, इस बाबत सोचा भी नहीं था। खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ की गत वर्ष पाकिस्तान में बाइक सवारों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गांव पंजवड़ से संबंधित कई और भी आतंकी रह चुके हैं। जगरुप सिंह जूपा के परिवार बाबत पुलिस द्वारा रिकार्ड खंगाला जा रहा है। तरनतारन के एसएसपी सुरिंदर लांबा कहते हैं कि जूपा के परिवार से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की गहनता से जांच के बाद जो भी रिपोर्ट सामने आएगी, उसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। जूपा दो दिन पहले ही गांव में घूमता देखा गया था रेलवे लाइन पर ब्लास्ट के मामले में तरनतारन पुलिस द्वारा खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पांच संदिग्ध लोगों को राउंडअप कर लिया है। माना जा रहा है कि ब्लास्ट मामले में इन लोगों से आतंकी गुट से संबंधित अहम जानकारी मिल सकती है। जूपा दो दिन पहले ही गांव में घूमता देखा गया था। सब डिवीजन तरनतारन के डीएसपी सुखबीर सिंह के नेतृत्व में उक्त लोगों से पूछताछ की जा रही है। डीजीपी रेलवे शशि प्रभा मौके पर पहुंची शंभू के नजदीक रेलवे लाइन पर बम विस्फोट की घटना के बाद स्पेशल डीजीपी रेलवे शशि प्रभा मौके पर पहुंची है जिन्होंने कहा कि हमला करने वाला आतंकी जगरूप सिंह के संबंधी कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इस फुटेज में जगरूप सिंह अमृतसर रेलवे स्टेशन पर पार्किंग में अपनी बाइक पार्क करता दिखाई देता है। डीजीपी शशि प्रभा ने माना कि इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान के हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना में कई लोग शामिल हो सकते हैं, जांच शुरू कर दी गई है जल्द ही पूरा मामला हल हो जाएगा। शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने वाला धमाके में मारा गया। आरोपित ने यह धमाका सोमवार रात राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर किया था। एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि धमाके में मरने वाला व्यक्ति जगरूप सिंह तरनतारन के गांव पंजवड़ का रहने वाला था। उसके शव के टुकड़े करीब 100 मीटर के दायरे में बिखरे मिले थे। मौके से एक सिम मिला है, जिसकी जांच में धमाके के राज खुल सकते हैं। उधर, आतंकियों की पृष्ठिभूमि के तौर पर जाने जाते गांव पंजवड़ में खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने डेरा डाल लिया है। खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ इसी गांव का था। इस मामले में पांच संदिग्ध लोगों को राउंडअप करने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। टुकड़ों में मिली लाश वहीं राजपुरा सिविल अस्पताल में टुकड़ों में बंटी डेड बॉडी जीआरपी द्वारा शवगृह में रखवाइ गयी है। इसके संबंध में पूछा गया कि वह डेड बॉडी जगरूप कि हैं तो उन्होंने बताया कि इसपर हम जांच कर रहे हैं कि वह बॉडी किसकी है। लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह खबर मिली है कि राजपुरा मे पड़ी बॉडी जगरूप सिंह की ही है। उसने नीले रंग की पगड़ी पहनी हुई थी जोकि कई टुकड़ों में राजपुरा सिविल अस्पताल में लाई गयी है। ब्लास्ट में टुकड़ों में आयी लाश की राजपुरा सिविल अस्पताल में डेड बॉडी आने की पुष्टि smo द्वारा भी कर दी गई है. परंतु उन्होंने बताया कि हमे इसकी पहचान नहीं पता।

किसान आंदोलन पोस्ट विवाद: कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि केस में सुनवाई आगे बढ़ी

बठिंडा बठिंडा अदालत में मानहानि के एक मामले में सांसद कंगना रनोट पेशी हुईं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मई की तारीख तय की है। इस दौरान कंगना के पासपोर्ट जब्त करने के मुद्दे पर भी बहस हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना को आज बठिंडा हालांकि, सुरजीत सिंह फूल खराब सेहत के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो सके। माता महिंदर कौर के वकील रघुवीर सिंह बहनीवाल ने बताया कि कंगना रनोट के वकील ने पहले सुरजीत सिंह की गवाही कराने की बात कही थी। सुरजीत सिंह की अनुपस्थिति के कारण, कंगना रनोट के वकील ने माता महिंदर कौर और एक अन्य गवाह से सवाल-जवाब के लिए अगली तारीख मांगी। किसान आंदोलन से जुड़ा है मामला यह मामला किसान आंदोलन से जुड़ा है। दिल्ली में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के दौरान, बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया निवासी बेबे महिंदर कौर ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर महिंदर कौर के खिलाफ एक पोस्ट डाली थी। महिलाएं धरने पर 100-100 रुपये लेकर आती हैं इस पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि ऐसी महिलाएं धरने पर 100-100 रुपये लेकर आती हैं। इसके बाद से महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कुछ समय पहले कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट में इस केस को खत्म करने की अपील की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए उन्हें बठिंडा कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था।  

भगवंत मान सरकार का बड़ा प्लान: फिनलैंड-नीदरलैंड मॉडल से बदलेगा पंजाब

 चंडीगढ़  वैश्विक स्तर की तकनीक और नीतियों को अपनाकर पंजाब को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। हाल ही में यूरोपीय देशों के दौरे से लौटे प्रतिनिधिमंडल के अनुभवों के आधार पर सरकार अब खेती, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्रों में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस का मकसद कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर शिक्षा गुणवत्ता और राज्य में निवेश को आकर्षित करना। मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने मंगलवार पत्रकारों से बातचीत में बताया कि फिनलैंड और नीदरलैंड में आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को पूरी तरह बदल दिया गया है। पालीहाउस और ग्लास हाउस जैसी तकनीकों से एक स्क्वेयर मीटर में उत्पादन 5-6 किलो से बढ़कर 80-100 किलो तक पहुंच गया है, जबकि पानी की खपत बेहद कम और केमिकल का इस्तेमाल लगभग खत्म हो चुका है। सरकार अब इस मॉडल को पंजाब में भी बड़े स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है। शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड का मॉडल विशेष रूप से प्रभावी शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड का मॉडल विशेष रूप से प्रभावी पाया गया, जहां शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी टीचर ट्रेनिंग और स्कूल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जानकारी दी कि जिन विद्यार्थियों ने हाल ही में ‘जेईई मेन’ (जेईई) परीक्षा पास की है, उन्हें बुधवार को मोहाली स्थित विकास भवन में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहेंगे और छात्रों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाएंगे। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि दौरे के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों के साथ सार्थक बातचीत हुई है। एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की अच्छी संभावनाएं बनी हैं। कुछ कंपनियों ने पंजाब में प्लांट लगाने में रुचि भी दिखाई कुछ कंपनियों ने पंजाब में प्लांट लगाने में रुचि भी दिखाई है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार तेज मंजूरी प्रक्रियाऔर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। इसके अलावा 18 मई को अगला डेलिगेशन विदेश भेजा जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। अब तक 200 से अधिक लोग ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से पंजाब में आधुनिक खेती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

पंजाब के बरनाला में हाई अलर्ट, ट्राइडेंट प्लांट के नजदीक संदिग्ध चाइनीज ड्रोन गिरा

बरनाला. जिले के ट्राइडेंट ग्रुप के धौला प्लांट में मंगलवार की सुबह एक रहस्यमयी ड्रोन गिरने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई इस घटना ने न केवल प्लांट प्रबंधन को चौकन्ना कर दिया बल्कि जिला पुलिस भी तत्काल हरकत में आ गई। इस घटना को इसलिए भी अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इससे महज कुछ दिन पहले ही ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक राजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। मंगलवार सुबह लगभग 5:30 बजे ट्राइडेंट ग्रुप के धौला प्लांट की पेपर डिवीजन के वुड फाइबर लाइन क्षेत्र में कर्मचारी अपनी नियमित ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी नजर आसमान से नीचे गिरती एक अनजान वस्तु पर पड़ी। कर्मचारियों ने फौरन अपने शिफ्ट इंचार्ज को इसकी सूचना दी। शिफ्ट इंचार्ज ने प्लांट के एडमिन हेड रूपिंदर गुप्ता ने तुरंत मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम को दी। डीएसपी तपा जसकरण सिंह और थाना रूड़ेके के प्रभारी इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह सहित साइबर क्राइम की विशेष टीम जांच में जुट गई हैं। चाइनीज ड्रोन होने का शक, फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि पहली नजर में यह ड्रोन चाइनीज निर्मित प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इस किस्म के साधारण ड्रोन आमतौर पर अमेजॉन जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दो से तीन हजार रुपये में आसानी से उपलब्ध होते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता और सतर्कता से ले रही है। उन्होंने बताया कि इस ड्रोन को ड्रोन फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा जहां इसकी विस्तृत तकनीकी जांच होगी। फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रोन में कैमरा या कोई अन्य उपकरण लगा था या नहीं और इसे किस उद्देश्य के लिए उड़ाया जा रहा था। राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ कर देखा जा रहा है मामला ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक राजेंद्र गुप्ता ने महज कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इस राजनीतिक पाला बदल के ठीक दो दिन बाद उनकी फैक्ट्री परिसर में एक अज्ञात ड्रोन का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

बिल्डिंग नियमों में यू-टर्न, पंजाब सरकार ने 2025 के यूनिफाइड रूल्स किए खत्म

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स 2025 को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 15 दिसंबर 2025 को लागू किए गए इन नियमों को अब निरस्त कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद पहले से लागू नियम फिर प्रभावी हो गए हैं। इनमें पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग रूल्स 2021 और पंजाब म्यूनिसिपल बिल्डिंग बायलाज 2018 शामिल हैं। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये नियम ऐसे लागू होंगे जैसे यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स कभी लागू ही नहीं हुए थे। सरकार ने यह भी कहा है कि इस बदलाव को लागू करने में यदि किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो उसे दूर करने के लिए अलग से आदेश जारी किए जा सकेंगे। यह अधिसूचना राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी की गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से शहरी विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स और बिल्डिंग मंजूरियों की प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ेगा।

गेटमैन की कमी बनी चुनौती, सरपंच रोज संभालते हैं रेलवे फाटक और देते हैं हरी झंडी

होशियारपुर. पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव बसियाला में रेलवे फाटक पर कोई कर्मचारी नहीं है। लेकिन दिन में दो बार जब ट्रेन आती है, वहां एक शख्स मौजूद होता है- गांव का सरपंच गुरदेव सिंह। गढ़शंकर तहसील के बसियाला गांव से गुजरने वाली रेलवे लाइन से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। यह रास्ता राहों से जैजों दोआबा को जोड़ता है। इस क्रॉसिंग पर फाटक है, पर उसे चलाने वाला सिस्टम नहीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रेलवे ने पहले इस रास्ते को बंद कर दिया था। विरोध के बाद रास्ता खोल दिया गया, लेकिन रेलवे ने फाटक नहीं लगाया। तब गांव वालों ने चंदा कर फाटक लगवाया। ग्रामीणों ने रेल अधिकारियों को फाटक पर कर्मचारी तैनात करने के आवेदन दिए, नेताओं से भी मांग की। लेकिन कोई नियुक्ति नहीं हुई। इसलिए अब सरपंच गुरदेव सिंह रोज ट्रेन के समय से पहले फाटक पर पहुंचते हैं। उसे बंद करते हैं और हाथ में हरी झंडी लेकर ट्रेन को गुजरने का संकेत देते हैं। यह उनकी आधिकारिक ड्यूटी नहीं है, लेकिन वे इसे नैतिक ड्यूटी मानते हैं। कोई तैयार नहीं हुआ- सरपंच डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। मैं अपनी दुकान छोड़कर दिन में दो बार यहां आता हूं। आने से पहले फोन पर मुबारकपुर के रेलवे स्टाफ से ट्रेन के आने का पता करता हूं। हम गांव वालों ने एक व्यक्ति को 10 हजार रुपए महीने पर रखा था। वह काम छोड़ गया। उसके बाद से यह जिम्मेदारी मैंने खुद ले ली।

रिकॉर्ड गेहूं खरीद: पंजाब में 100 LMT पार, ₹21,000 करोड़ से अधिक की पेमेंट जारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद दोनों ही 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के आंकड़े को पार कर गए हैं। अब तक 1,03,49,917.17 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 1,00,15,024.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के कुशल नेतृत्व में विभाग द्वारा राज्यभर की मंडियों में बारदाना, पीने के साफ पानी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके कारण गेहूं की आवक, खरीद और लिफ्टिंग में तेजी आई है तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसान, आढ़ती और मजदूरों सहित सभी हितधारकों के हितों की रक्षा हुई है। किसानों को किए गए भुगतान के संबंध में, 48 घंटे के भीतर खरीदी गई गेहूं के लिए 21,422.09 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। आज यहां अनाज भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद 100 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई है और वर्तमान समय में मंडियों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों को अदायगी के संबंध में उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में 22,815 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है। अब तक 6,28,674 किसान अपनी उपज मंडियों में ला चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि उठाई भी तेजी से की जा रही है और 47.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की उठाई हो चुकी है, जो कि 72 घंटों के नियमों के अनुसार 56.6 प्रतिशत है। इसके अलावा सुचारू और निर्विघ्न खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में कुल 2885 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और इनमें से 1864 नियमित किए गए हैं जबकि 1021 अस्थायी हैं। मंत्री ने आगे बताया कि इस बार उपज बहुत ज्यादा रही है, जिसके कारण पंजाब में बंपर फसल हुई है। इससे 124 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में बहुत मदद मिलेगी। अधिक जानकारी देते हुए कटारूचक्क ने बताया कि वह नियमित अंतरालों पर राज्य भर की मंडियों का दौरा कर रहे हैं और किसी भी किसान ने मंडियों में किए गए प्रबंधों के बारे में कोई शिकायत नहीं की है। इसके साथ ही बारदाने, साफ-सफाई, पीने का पानी और लकड़ी के क्रेट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।