samacharsecretary.com

प्रीतम कुमार बर्मन बने प्रदेश अध्यक्ष, पत्रकार जगत में हर्ष

मंडला अधिमान पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी जी ने संगठन की मजबूती और विस्तार को देखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समिति ने अपनी कार्यकुशलता और संगठन के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले मंडला जिला अध्यक्ष प्रीतम कुमार बर्मन को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद पर पदोन्नत (Promote) किया है। ज्ञात हो कि प्रीतम बर्मन जी लंबे समय से मंडला में जिला अध्यक्ष के रूप में पत्रकारों के हितों की रक्षा और संगठन की गतिविधियों को सक्रियता से संचालित कर रहे थे। उनकी इसी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए समिति ने अब उन्हें पूरे प्रदेश की कमान सौंपी है। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी ने बधाई शुभकामनाएँ प्रेषित की एवम् मध्य प्रदेश शासन के वर्तमान राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल जी ने भी सम्मान पूर्वक राम जी की प्रतिमा भेट की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ प्रभावी पालन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन 375 करोड़ रुपए की राशि 600 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के खातों की अंतरित सोमवार को मुख्यमंत्री ने 250 इकाइयों को किए थे 169.50 करोड़ अंतरित एमएसएमई मंत्री काश्यप ने मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए किया आभार व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपए की राशि आज ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी।एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया । एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।  

मध्यप्रदेश पुलिस में बैंड के 679 आरक्षक पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। इन पदों पर नियुक्ति हेतु इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी दिनांक 05 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन हेतु एमपी ऑनलाइन की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट mppolice.gov.in पर भी उपलब्ध है, जहाँ भर्ती से संबंधित नियम, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक निर्देश देखे जा सकते हैं। 

कटनी डायल-112 की टीम ने पलटी बस के घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया

कटनी के डायल-112हीरोज: अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, घायलों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल कटनी कटनी जिले के थाना कुठला क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस में घायल यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित राहत कार्य से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 30 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुठला क्षेत्र अंतर्गत लंतरा के पास यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई है, जिसमें लगभग 08 यात्री घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कुठला थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112एफआरव्ही वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक दुर्गेश एवं पायलट दीपक कुमार ने पाया कि दुर्घटना में 08 यात्री घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन एवं चिकित्सा वाहनों की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, कुठला पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं सहायता प्रदान करने हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

पुलिस मुख्यालय परिवार ने नौसेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी भावपूर्ण विदाई

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा नौसेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई पुलिस महानिदेशक ने सभी को स्‍मृतिचिन्‍ह भेंट किए भोपाल पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह मार्चमें सेवानिवृत्‍तनौकर्मचारियों कोपुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा नेमंगलवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍नस्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंसहॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशकआदर्श कटियार, अनिल कुमार, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद,पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक तरूण नायक एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍तमानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा रामनिवास यादव, कार्यवाहक सहायक अधीक्षक प्रशासन शाखा दिनेश पाटिल, कार्यवाहक सूबेदार (एम) एससीआरबी चन्‍द्रप्रकाश शर्मा, कार्यवाहक सूबेदार (एम) शिकायत शाखा महेश जयसिंघानी, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रबंध शाखा प्रकाश तोलानी, सहायक उप निरीक्षक महिला सुरक्षा शाखा विजय सिंह ठाकुर, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्रीमती शोभा शर्मा, प्रधान आरक्षक एससीआरबी गणपत राव शिन्‍दे तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अजाक शाखा शिवशंकर भदौरिया को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से शिक्षा में आ रही है सशक्तिकरण

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से सशक्त हो रही शिक्षा रामपुर शासकीय विद्यालय के 500+ विद्यार्थियों के लिए किया आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) नीति के अंतर्गत प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाते हुए जबलपुर मुख्यालय के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में शिक्षा उन्नयन के लिये महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत पावर जनरेटिंग कंपनी ने हेल्थ फाउंडेशन के माध्यम से शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में शैक्षणिक संसाधनों एवं आवश्यक उपकरणों का वितरण किया, जिससे 500 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और बेहतर शैक्षणिक वातावरण व उन्नत शिक्षण सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत् शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर को साइंस लैब की स्थापना के लिये उपकरण, विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था, खेल सामग्री(स्पोर्ट्स किट), स्मार्ट बोर्ड, पाठ्य-पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधन प्रदान कर उनकी सीखने की क्षमता को सुदृढ़ बनाना है। कंपनी का मानना है कि शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला है और इस दिशा में किए गए प्रयास दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करेंगे। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रतिबद्धता शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, पावर जनरेटिंग कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कश्यप, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ट्रेनिंग अशोक कुमार तिवारी व महाप्रबंधक खुशबू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में विद्यालय को सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर पावर जनरेटिंग कंपनी के उपस्थित अधिकारियों ने CSR के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। क्या है कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का तात्पर्य कंपनियों द्वारा समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। यह एक स्व-विनियमन मॉडल है, जो यह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय कल्याण के प्रति जवाबदेह बने रहें। भारत कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के तहत CSR व्यय को अनिवार्य बनाकर देश ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने इन गतिविधियों के अंतर्गत जबलपुर के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में ऐसी ही आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर शिक्षा उन्नयन में सक्रिय योगदान दिया है।  

जनगणना के 33 सवालों में गलती पर क्या होगा? पहला चरण आज 1 अप्रैल से शुरू हो रहा

भोपाल  डिजिटल जनगणना का पहला चरण आज यानी 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना कहा जा रहा है और इस बार ये दो चरणों में होगी. पहली बार जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी और पहली बार 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।  पहले चरण में मकानों की गणना होगी और उसमें 33 सवाल पूछे जाएंगे. ऐसे में इन सभी सवालों का सही जवाब देना जरूरी है और अगर कोई नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि अगर कोई गलत जानकारी देता है या फिर किसी सवाल का जवाब नहीं देता है तो क्या कार्रवाई की जा सकती है? गलत जानकारी दी तो क्या होगा? जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या अपनी जानकारी के अनुसार सवालों का जवाब देने से मना करता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाता है. इसके लिए 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही, धारा 8 के अनुसार हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जनगणना अधिकारी को सही और सटीक जानकारी दे. ऐसे में आपसे जो सवाल पूछा जाए उसका सही जवाब देना जरूरी है।  अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान कुछ मामलों में अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान है, जिसमें 1,000 रुपये के जुर्माने से लेकर तीन साल की कैद या दोनों तक शामिल है. सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई भी जनगणना अधिकारी, या कोई भी व्यक्ति जिसे जनगणना करने में सहायता करने का कानूनी दायित्व सौंपा गया है… वो अधिनियम के तहत सौंपे गए कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है…या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही कोई जनगणना अधिकारी जानबूझकर आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछता है तो उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है।  कौन से 33 सवाल पूछे जाएंगे? घर की बनावट: घर के फर्श, दीवार और छत में किस सामग्री (मटेरियल) का इस्तेमाल हुआ है?  परिवार का मुखिया: घर के मुखिया का नाम, लिंग और वह किस समुदाय (SC, ST या अन्य) से ताल्लुक रखते हैं?  सुविधाएं और वाहन: घर में पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं कैसी हैं? आपके पास किस तरह के वाहन (साइकिल, स्कूटर, कार आदि) हैं?  खान-पान: परिवार में मुख्य रूप से किस अनाज का सेवन किया जाता है?  शादीशुदा जोड़े: घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं? (यहीं ल‍िव-इन कपल्स वाला नियम लागू होगा).  घर की स्थिति: मकान नंबर, बिल्डिंग नंबर और घर का मालिकाना हक (अपना या किराए का) क्या है? किस राज्य में कब से कब तक होगी जनगणना? दो चरण में होगी जनगणना पहला चरण– मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरा चरण– जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी. कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में ये सितंबर 2026 में करवाई जाएगी. CCPA के अनुसार, इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी. भारत की पिछली जनगणना साल 2011 में हुई थी. जनगणना 2027 सीरीज की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। 

प्रदेश में पेट्रोल पंपों की जांच शुरू, अनावश्यक बंदी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

 भोपाल प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब पेट्रोल पंपों को भी जांच के दायरे में लाया गया है और बिना कारण बंद रखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की जा चुकी है। इस दौरान 2,933 गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं और नौ मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 391 पेट्रोल पंपों की जांच में एक प्रकरण दर्ज किया गया है। पेट्रोल पंप बंद रखने पर सख्ती मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी की जाए। यदि कोई पंप बिना उचित कारण बंद पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों को विशेष रूप से इस पर नजर रखने को कहा गया है। ईंधन का पर्याप्त भंडार सरकार के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। देश में कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट घरेलू और व्यावसायिक गैस की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय तक संचालन कर रहे हैं। पीएनजी कनेक्शन के लिए कंट्रोल रूम प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस कंपनियों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। यहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें और मांग दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। उपभोक्ताओं को राहत का दावा सरकार का कहना है कि सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन से उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

1 अप्रैल से MP में बिजली और प्रॉपर्टी महंगी, आम आदमी की जेब पर होगा असर

भोपाल नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। बिजली बिल में बढ़ोतरी, प्रॉपर्टी खरीदना महंगा होना और रेलवे रिजर्वेशन के नियमों में बदलाव जैसे फैसले सीधे आम आदमी के खर्च को प्रभावित करेंगे। वहीं, कचरा प्रबंधन के नए नियमों के तहत लापरवाही पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है। सरकार और प्रशासन का कहना है कि ये बदलाव व्यवस्था सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किए जा रहे हैं, लेकिन इससे आम नागरिकों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और शहरी आबादी पर इन फैसलों का व्यापक असर देखने को मिलेगा। बिजली बिल में बढ़ोतरी नए नियमों के तहत बिजली की दरों में औसतन पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी स्लैब के अनुसार अलग-अलग होगी। जानकारी के अनुसार 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को करीब 80 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि 400 यूनिट तक खपत करने वालों का बिल 150 रुपये तक बढ़ सकता है। इससे गर्मी के मौसम में पहले से ही बढ़ी बिजली खपत के बीच उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा प्रॉपर्टी से जुड़ी कलेक्टर गाइडलाइन में करीब 12 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर जमीन और मकान खरीदने वालों पर पड़ेगा। नई दरें लागू होने के बाद रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ेगा, जिससे घर खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी अधिक प्रभाव डाल सकती है। कचरा प्रबंधन के नए नियम शहरों में अब कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य किया जा रहा है। गीला, सूखा और अन्य प्रकार के कचरे को अलग नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम ने इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं, जिनके तहत घरों, होटलों और संस्थानों को कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करना होगा। इससे साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। रेलवे रिजर्वेशन नियमों में बदलाव रेलवे रिजर्वेशन के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब वेटिंग टिकट और कंफर्मेशन से जुड़े नियमों को और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही टिकट कैंसिलेशन और रिफंड प्रक्रिया में भी सुधार किया गया है, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। नए नियमों के लागू होने से यात्रा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। आयकर प्रणाली में सुधार आयकर कानून को सरल बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें टैक्स भुगतान और रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को आसान किया गया है। डिजिटल माध्यमों के जरिए भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और समय की बचत होगी। आम आदमी पर सीधा असर इन सभी बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन और बजट पर पड़ेगा। जहां एक ओर खर्च बढ़ेंगे, वहीं कुछ क्षेत्रों में सुविधाएं भी बेहतर होंगी। ऐसे में लोगों को अपने खर्च और योजनाओं में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है।

प्रवेश उत्सव की शुरुआत: आज से स्कूलों में तिलक और मुफ्त किताबें वितरण

भोपाल  जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आज 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत प्रवेश उत्सव के साथ होगी। कलेक्टर संदीप जीआर ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा आने वाले विद्यार्थियों और पालकों का तिलक लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों को विशेष आमंत्रण देकर विद्यालयों से जोड़ा जाए। सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना है।स्कूल चलें हम अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रवेश उत्सव आयोजित होगा। शिक्षा पोर्टल 3.0 पर कक्षा उन्नयन की प्रक्रिया पूरी कर कक्षा 2 से 8 और 9 से 11 तक विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यक्रम और विशेष भोज का आयोजन भी किया जाएगा। बालसभा में अभिभावकों को नामांकन, उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल और निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण होगा । राज्य स्तरीय आयोजन "स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम "स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।