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सीएम ने भोपाल में ‘संध्या छाया’ वृद्धाश्रम का लोकार्पण, 327 करोड़ की पेंशन राशि का वितरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल की पत्रकार कॉलोनी में नव-निर्मित सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 के विजेताओं को सम्मानित किया और सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 327 करोड़ की राशि अंतरित की. लोकार्पण समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है. वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन के लिए सरकार लगातार नई पहल कर रही है. परिसर में प्रेयर हॉल, लाइब्रेरी भवन में वातानुकूलित कमरें, टीवी, फ्रिज, गर्म और ठंडा पानी, निजी बालकनी की व्यवस्था हर कमरे में है. खासबात यह है कि संध्या छाया में डॉक्टर परामर्श की भी सुविधा है. भवन में फिजियोथेरिपी सेंटर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुविधा भी दी गई है. परिसर में प्रेयर हॉल, लाइब्रेरी, और ओपन मेस हॉल भी बनाया गया है. इस सशुल्क वृद्धाश्रम के संचालन की जिम्मेदारी सेवा भारती को सौंपी गई है. सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम आश्रम में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सांध्य छाया के संचालन में सामाजिक भागीदारी दर्ज कराते हुए सेवा भारती मध्य भारत को इसके संचालन का जिम्मा दो वर्षों के लिए दिया गया है. वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठजन को प्रतिमाह कमरे के आकार के अनुसार पृथक-पृथक राशि देनी होगी. एक नजर में कमरों का किराया एक डबल बेड 60 स्का. मीटर कमरा- 39,490 रुपए, डबल बेड 90 स्का. मीटर 43,490 रुपए, डबल बेड 56.5 स्का. मीटर 38,490 रुपए, सिंगल बेड 49.2 स्का. मीटर 49,990 रुपए, सिंगल बेड 35 स्का. मीटर 47,990 रुपए तथा सिंगल बेड 33.5 स्का. मीटर 45,990 रुपए प्रतिमाह चार्ज देना होगा.  

राज्यपाल पटेल का बयान: विविधता में एकता से सशक्त होता है भारत

विविधता में एकता से सशक्त होता भारत : राज्यपाल  पटेल राज्यों की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का उत्सव  लोकभवन में मना चार राज्यों का संयुक्त स्थापना दिवस समारोह भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल प्रशासनिक इकाइयों के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि भारत की संघीय संरचना, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय अखंडता के उत्सव का पावन प्रसंग है। उन्होंने “विविधता में एकता” को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” का संकल्प इसी भावना की जीवंत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल श्री पटेल मणिपुर, मेघालय और उत्तर प्रदेश राज्यों के संयुक्त स्‍थापना दिवस समारोह को शनिवार को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यों के स्‍थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल को निदेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडेय ने चित्रकार दोरेन सिंह द्वारा निर्मित केनवास पेंटिंग “पुंग चोलम ऑफ मणिपुर” भेंट की। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” अभियान ने देश की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व के आयोजन में देश के सभी राज्यों की संस्कृतियों को एक मंच पर लाया जाता है। एकता नगर गुजरात में हुए गत वर्ष के समारोह में 11 नवम्बर को मध्यप्रदेश, मणिपुर एवं मेघालय का संयुक्त समारोह आयोजित हुआ था। इसमें राज्यों के राज्यपाल एवं मंत्री शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का यह संयुक्त आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद हमारी आत्मा, चेतना और संस्कार एक हैं। उत्तर भारत की आध्यात्मिक चेतना, पूर्वोत्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और पश्चिमी भारत की समुद्री विरासत का संगम भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त और प्रेरक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्यपाल श्री पटेल ने स्थापना दिवस को क्षेत्रीय अस्मिताओं के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प का विशेष प्रसंग बताया। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गौरव के रूप में अपनाने और “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया। राज्यों के संयुक्त स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्यमंत्री, जेल विभाग श्री दारा सिंह ने मध्यप्रदेश में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए बधाई दी। उन्होंने मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश की लोक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा लगा मानो वे स्वयं उन राज्यों में पहुँच गए हों। उन्होंने बताया कि देश के 50% एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं, तीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं और अयोध्या में चौथा बन रहा है। नोएडा मोबाइल निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने लोकभवन में समारोह आयोजन के लिए राज्यपाल के प्रति आभार ज्ञापित किया। राज्यों के संयुक्त समारोह में मणिपुर के राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला और मेघालय के राज्यपाल श्री सी.एच. विजयशंकर के वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया। मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों की संस्कृति, सभ्यता और विकास को दर्शाती लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। मणिपुर राज्य की ओर से "दि गोल्डन लैंड ऑफ लियंगमई" लोक गीत की प्रस्तुति दी गई। गीत के माध्यम से लियंगमई जनजाति, अपनी पूर्वजों की भूमि को 'स्वर्ण भूमि' के रूप में सराहा गया। लोक नृत्य “थोगल जागोई” की प्रस्तुति दी गई। मेघालय राज्य की ओर से लोक गीत "पोर तमास" गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसमें पारंपरिक वाद्यों की गूंज के संगम में अद्भूत समा बांध दिया। उत्तर प्रदेश राज्य की प्रस्तुति में प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के लोक गीतों छठ पूजा, कजरी, जट-जटिन, रासलीला, होरी और फगुआ के मोतियों को एक माला में पिरोते हुए राज्य की सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का संचालन आभा शुक्ला ने किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, स्‍थापना दिवस समारोह से संबंधित राज्यों के मध्यप्रदेश वासी उपस्थित थे।  

गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल: उत्साह और उमंग से भरा माहौल

उत्साह और उमंग से भरपूर रही गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने लिया जायजा हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनेगा गौरवशाली 77 वां गणतंत्र दिवस भोपाल मध्यप्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। मुख्य समारोह 26 जनवरी को प्रदेश के राज्यपाल  मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में लाल परेड मैदान भोपाल में प्रात: 9 बजे आयोजित होगा। गणतंत्र दिवस समारोह में निकलने वाली संयुक्त परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास शनिवार को लाल परेड मैदान पर किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने परेड एवं समारोह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल के दौरान सातवीं बटालियन के प्रधान आरक्षक  राजमणि सिंह बघेल ने प्रतीक स्वरूप मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई और ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड की सलामी ली। हर्ष फायर के बीच पुलिस बैंड ने निरीक्षक  सुनील कटारे के निर्देशन में "जन गण मन" की धुन बजाई। मुख्य अतिथि के संदेश का प्रतीक स्वरूप वाचन भी किया गया। हर्ष फायर के बाद पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच आकर्षक संयुक्त परेड निकाली गई। परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी  आयुष जाखड़ ने किया। परेड टू आई सी का दायित्व एसडीओपी सैलाना जिला रतलाम मती नीलम बघेल ने निभाया। संयुक्त परेड में बिहार विशेष सशस्‍त्र पुलिस, अश्वारोही दल व श्वान दस्ते सहित 23 टुकड़ियां शामिल थीं। संयुक्त परेड में शामिल बिहार विशेष सशस्‍त्र पुलिस-1 गोरखा बटालियन की टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  अशोक कुमार गिरी ने किया। इसी तरह हॉकफोर्स प्‍लाटून का नेतृत्‍व उप निरीक्षक  सोबरन सिंह, केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी नेतृत्‍व निरीक्षक  रामाश्रेय पासवान, आईटीबीपी बल की टुकड़ी का नेतृत्‍व निरीक्षक  रामकुमार मा‍लवीय, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  संदीप तिवारी, मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल 01 की टुकड़ी का नेतृत्व 23वीं वाहिनी भोपाल के निरीक्षक  राजेश यादव, जिला बल महिला टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक मती सरोज ठाकुर, एस.टी.एफ टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह, जिला बल पुरुष प्लाटून का नेतृत्व निरीक्षक  नरबद सिंह, मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल 02 की टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  विजय चौधरी, जेल विभाग पुरूष टुकड़ी का नेतृत्‍व सहायक जेल अधीक्षक  हेमंत रावत, मध्यप्रदेश होमगार्ड टुकड़ी का नेतृत्व पीसी  धर्मेन्‍द्र सिंह भदौरिया, भूतपूर्व सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व सेवानिवृत्त कर्नल  राजीव खत्री, एन.सी.सी. बॉयज टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर मो.तौकीर, गाइड गर्ल्स टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर कुमारी माधुरी पर्ते, स्काउट्स (बॉयज) टुकड़ी का नेतृत्व  सादिक अली, पुलिस बॉयज टुकड़ी का नेतृत्‍व  आदित्‍य उईके, शौर्य दल प्लाटून का नेतृत्व कुमारी नीलम परमार, राष्‍ट्रीय सेवा योजना प्‍लाटून का नेतृत्‍व  प्रियांश बघेल, एनसीसी गर्ल्‍स प्‍लाटून टुकड़ी का नेतृत्‍व सीनियर अंडर ऑफिसर कुमारी संस्‍कृति यादव, मध्‍यप्रदेश पुलिस बैंड का नेतृत्व निरीक्षक  सुनील कटारे, श्वान दल का नेतृत्व उप निरीक्षक  चंद्र सिंह उइके एवं अश्वारोही दल का नेतृत्व निरीक्षक  राकेश कुमार गौड़ ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की फाइनल रिहर्सल भी हुई संयुक्त परेड के पश्चात विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों एवं संस्कृति विभाग के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सागर पब्लिक स्‍कूल, कटारा एक्‍सटेंशन भोपाल के 150 विद्यार्थियों ने ए‍क भारत, श्रेष्‍ठ भारत थीम” गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं सेंट पॉल कोएड स्‍कूल, आनंद नगर के 200 विद्यार्थियों ने नृत्य की प्रस्तुति दी। रिहर्सल के दौरान संयुक्त रूप से 05 शासकीय स्कूलों के 160 विद्यार्थियों ने वीर-बेटियों की गाथा पर केन्द्रित नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के लोकनृत्यों और लोकगीतों की भी सुमधुर प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें बधाई लोकनृत्‍य, गणगौर और मटकी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कलाकारों ने प्रस्तुति देकर सभी उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणतंत्र दिवस की परेड में 22 विभागों की झांकियों होगी सम्मिलित गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान उद्यानिकी विभाग, आयुष विभाग, उच्‍च शिक्षा विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग एवं म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, खेल और युवा कल्‍याण विभाग, गृह विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, जेल विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पर्यटन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास विभाग, मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा शिक्षा विभाग, वन विभाग, स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम विभाग की झांकियां सम्मिलित होगी। इनकी रही उपस्थिति फुल ड्रेस अभ्यास परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ  चंचल शेखर, भोपाल पुलिस कमिश्नर  हरिनारायणचारी मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

IPS अभिषेक तिवारी ने छोड़ी पुलिस सेवा, President Gallantry Medal से सम्मानित होने के बावजूद इस्तीफा

भोपाल मध्यप्रदेश कैडर के 2013 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने भारतीय पुलिस सेवा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। गृह विभाग को सौंपे गए इस्तीफे में उन्होंने कारण व्यक्तिगत बताया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब वे आईटी सेक्टर में अपना भविष्य तलाशने जा रहे हैं। अपने आगामी टेक्नोलॉजी आधारित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया है। इंजीनियरिंग से IPS तक का सफर सिवनी जिले के मूल निवासी अभिषेक तिवारी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद फाइनेंस में पीजी डिप्लोमा (मैनेजमेंट) किया। वर्ष 2012 में यूपीएससी परीक्षा पास कर वे 2013 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। सेवा के दौरान उन्होंने प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी जिम्मेदारी संभाली। राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित आईपीएस अभिषेक तिवारी को उनके साहसिक और प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक (President Gallantry Medal) से सम्मानित किया जा चुका है। बालाघाट में एसपी रहते हुए 2019 और 2020 में उन्होंने कई सफल नक्सल ऑपरेशनों को अंजाम दिया, जिससे क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर बड़ा अंकुश लगा। एनटीआरओ प्रतिनियुक्ति और सागर घटना मार्च 2024 में अभिषेक तिवारी को नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (NTRO) में प्रतिनियुक्ति मिली थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते केंद्र में कार्यभार ग्रहण नहीं हो सका। चुनाव के बाद भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान जुलाई–अगस्त 2024 में, जब वे सागर एसपी पद पर थे और विदेश प्रवास पर थे, तब दीवार गिरने की घटना में नौ बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद उन्हें सागर से हटाया गया और वे प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले गए। अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई पारी बालाघाट, रतलाम और सागर जैसे जिलों में सेवाएं दे चुके अभिषेक तिवारी अब आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनका यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और युवा अफसरों के बीच एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

मध्य प्रदेश में 26 जिलों में सर्च ऑपरेशन, पुलिस ने 3278 बांग्लादेशी संदिग्धों को चिह्नित किया

भोपाल:  मध्य प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा बड़ा अभियान छेड़ दिया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य के 26 जिलों में चलाए जा रहे इस विशेष सर्च ऑपरेशन में अब तक 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। खुफिया इनपुट और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अवैध पाए गए 31 घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। धार बना कार्रवाई का केंद्र इस विशेष अभियान में सबसे बड़ी सफलता धार जिले में मिली है, जहां से सर्वाधिक 13 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया। इसके अलावा ग्वालियर से 10, जबलपुर से 3 और भोपाल-इंदौर जैसे महानगरों से भी अवैध नागरिकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वर्तमान में चिह्नित किए गए अन्य संदिग्धों की वैध नागरिकता की पुष्टि की जा रही है, जिसके बाद उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैतूल में शरणार्थियों का बड़ा डेरा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 5 जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। इनमें अकेले बैतूल जिले में 5,669 परिवार निवासरत हैं। इसके अलावा पन्ना, मंदसौर, इंदौर और देवास में भी बड़ी संख्या में शरणार्थी सदस्य रह रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट 26 जनवरी से पहले आतंकी साजिशों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी संदिग्ध तत्व राज्य की सुरक्षा में सेंध न लगा पाए। फर्जी पहचान पत्र बनाकर छिपे बैठे लोगों की धरपकड़ के लिए अब प्रदेशव्यापी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। आकाश सिकरवार

जबलपुर को मिलेगा मेट्रोपॉलिटन दर्जा, CM मोहन यादव ने दी सौगात

जबलपुर  स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर को इसी वर्ष मेट्रोपॉलिटन सिटी (Jabalpur Metropolitan City) बनाने का बड़ा ऐलान किया। होटल कल्चुरी में उद्योगपतियों और व्यापारियों से संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और भोपाल में मेट्रोपॉलिटन सिटी की शुरुआत हो चुकी है और प्रदेश के चार बड़े महानगरों में शामिल जबलपुर को इससे अलग नहीं रखा जा सकता। जबलपुर के विकास का मास्टर प्लान तैयार- सीएम मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें शहर से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी नगरों को शामिल किया जाएगा। इससे औद्योगिक, व्यावसायिक और आधारभूत ढांचे का समन्वित विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जबलपुर तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां फूड सेक्टर व गारमेंट उद्योग को जल्द बड़ी सौगात नदी दी जाएगी। पर्यटन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं है, जिन पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर के विकास को लेकर अपने विचार रखे। इससे पहले महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रवि गुप्ता सहित व्यापारिक संगठनों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। इस अवसर पर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व उद्योगपति मौजूद रहे। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मुख्यमंत्री ने बताया कि दावोस में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया, जिसमें फोकस भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा। भारत सरकार के साथ 10 राज्यों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। पवन और सोलर ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश में 2.10 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह सबसे सस्ती है। 118 हिन्दू व 3 मुस्लिम जोड़ों का विवाह-निकाह सदर गैरीसन ग्राउंड में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के अंतर्गत 121 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। इनमें 118 हिन्दू और 3 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवदंपतियों और उनके परिजन पर फूल बरसाकर आशीर्वाद दिया तथा एक जोड़े को 51 हजार रुपए का सांकेतिक चेक प्रदान किया। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। मंत्री राकेश सिंह ने सभी जोड़ों को एक-एक फ्रिज भेंट किया। आयोजन में नगर निगम का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अभिलाष पांडे, अशोक रोहाणी, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, अश्विनी परांजपे, स्वामी राघवदेवाचार्य, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। गौरीघाट तक किया रोड-शो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (Union Minister JP Nadda) ने झंडा चौक से गौरीघाट तक रोड-शो किया। इस दौरन लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। रोड-शो में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे और विधायक और भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए। शहर प्रवास के दौरान नड्डा एवं मुख्यमंत्री उजारपुरवा स्थित जल मंदिर (बावड़ी) देखने गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  सरस्वती घाट पर आयोजित दादा गुरु के प्रकटोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने सनातन संस्कृति, मां नर्मदा की महिमा और विज्ञान व अध्यात्म पर विचार रखे। इस मौके पर प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, विधायक अशोक रोहाणी मौजूद थे।

कटनी पुलिस महकमे में shake-up, आदेश के साथ 28 का तबादला

कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ 28 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न आरक्षित केंद्र, पुलिस चौकियों एवं थानों में पदस्थ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। तबादला आदेश के तहत आरक्षित केंद्र कटनी में पदस्थ कई प्रधान आरक्षक, आरक्षक एवं महिला आरक्षक को कोतवाली, यातायात थाना, माधवनगर, बरही, बहोरीबंद, स्लीमनाबाद सहित अन्य थानों एवं पुलिस चौकियों में पदस्थ किया गया है। वहीं कुछ कर्मचारियों को पुलिस चौकी से आरक्षित केंद्र तथा कार्यालय पुलिस उप अधीक्षक/मुख्यालय में भी पदस्थापना दी गई है। आगामी आदेश तक प्रभावशाली रहेगा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह तबादले अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेंगे। संबंधित सभी पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीघ्र नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें। बताया जा रहा है कि इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना तथा पुलिसिंग को प्रभावी बनाना है। इनका हुआ तबादला सूबेदार सोनम उईके रक्षित केन्द्र से थाना यातायात, कार्य. सउनि सतीश भगत रक्षित केन्द्र से चौकी झिंझरी, प्रधान आरक्षक रामनरेश शुक्ला रक्षित केन्द्र से रंगनाथ नगर, प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा रक्षित केन्द्र से थाना कुठला तबादला किया गया। इसी प्रकार प्रधान आरक्षक चंदा ठाकुर को रक्षित केंद्र से थाना विजयराघवगढ़, नीतीश डोंगरे को रक्षित केंद्र से थाना बड़वारा, प्रधान आरक्षक अखिलेश दीक्षित को रक्षित केंद्र से थाना विजयराघवगढ़, प्रधान आरक्षक अवधेश मिश्रा को रक्षित केंद्र से थाना बरही, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह उद्दे को रक्षित केंद्र से थाना बड़वारा, आरक्षक प्रेम शंकर पटेल को रक्षित केंद्र से थाना स्लीमनाबाद, प्रधान आरक्षक सुनीता सिंह को कंट्रोल रूम से थाना एनकेजे भेजा गया है।  संदीप यादव को थाना बरही, तो प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र यादव को रक्षित केंद्र भेजा वहीं प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र यादव को पुलिस चौकी बिलहरी से रक्षित केंद्र, आरक्षक संतोष यादव को रक्षित केंद्र से रीठी, आरती साहू को यातायात, रजनी सिंह को थाना यातायात, नैना कश्यप को बरही, दीक्षा गर्ग को बरही, राजनंदनी मरावी को थाना यातायात, नैंसी गुप्ता को थाना यातायात, संदीप यादव को थाना बरही, प्रियंका शुक्ला को थाना कोतवाली, आदर्श मिश्रा को कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक आजाक से कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, विवेक कुमार को थाना बरही, अनमोल सिंह को थाना कोतवाली, उपेंद्र बहादुर को थाना कोतवाली, श्यामदास कोल को थाना विजयराघवगढ़, राजकुमार अहिरवार को थाना यातायात पदस्थ किया गया है।

रतलाम मौसम अपडेट: दिन का तापमान गिरी, रात बढ़ी, बारिश से फिर लौटेगी सर्दी

भोपाल  भोपाल में वसंत ऋतु ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए है। ठंड के तेवर अब नरम पड़ते नजर आ रहे है और रातें कुछ गर्म होने लगी है। शुक्रवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में 6.2 डिग्री अधिक है। इससे पहले गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस की गई। शुक्रवार सुबह से ही राजधानी में पतझड़ी मौसम का एहसास हुआ। आसमान साफ रहा और दिनभर हवाएं चलती रहीं, लेकिन इनमें पहले जैसी ठंडक नहीं थी। प्रदेश में हवाओं की रफ्तार करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक वहीद खान के अनुसार हवा की दिशा उत्तर से बदलकर दक्षिण-पश्चिम हो गई है। इसी बदलाव के कारण रात के तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला है।  इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के चलते प्रदेश के मौसम में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसी सिस्टम का असर शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में बादलों के रूप में दिखा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दोपहर बाद बादल छाने से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ गई। शनिवार को बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह के वक्त ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्के कोहरे ने सुबह की रफ्तार धीमी कर दी। 26 जनवरी के बाद फिर बदलेगा मौसम, बारिश के आसार सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक और स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस असर डाल सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। दो दिन नहीं पड़ेगी तेज ठंड, कोहरा रहेगा मेहमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक प्रदेश में तेज ठंड के हालात नहीं बनेंगे, हालांकि सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। शुक्रवार को भी सतना, नौगांव, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो और मलाजखंड समेत कई शहरों में कोहरा दर्ज किया गया। भोपाल-इंदौर में पारा 17 पार, कल्याणपुर में कंपकंपी गुरुवार-शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में इस सीजन जनवरी में पहली बार न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। भोपाइसल में 17.4, इंदौर में 17.3, ग्वालियर में 13.5, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शिवपुरी में 8, चित्रकूट में 8.4, कटनी के करौंदी में 8.6, रीवा में 8.4, खजुराहो में 9.4 और मंडला में 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। हल्की बारिश के आसार मौसम का यह मिजाज स्थायी नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

MP में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम विवाद, विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाने पर उठे सवाल

रतलाम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रतलाम में गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए मंत्री विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाए जाने के फैसले ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस निर्णय का तीखा विरोध करते हुए इसे सेना और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। कांग्रेस का कहना है कि जिस मंत्री पर देश की बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, उसे गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय राष्ट्रीय पर्व पर मंच देना गलत संदेश देता है। कांग्रेस का तीखा हमला कांग्रेस प्रदेश विवेक त्रिपाठी ने कहा कि देश की बेटी और भारतीय सेना की बहादुर अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक शब्द बोलने वाले मंत्री को रतलाम में तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न सिर्फ सेना का अपमान है, बल्कि संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों के भी खिलाफ है। क्या था पूरा मामला दरअसल, मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक सार्वजनिक बयान दिया था, जिसे विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने अमर्यादित और अपमानजनक करार दिया। कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी हैं और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े प्रेस ब्रीफिंग में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। बयान सामने आने के बाद देशभर में नाराजगी देखने को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर संज्ञान लिया और मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति को लेकर मध्यप्रदेश सरकार से जवाब तलब किया। कोर्ट ने सरकार को तय समय-सीमा में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा ने किया बचाव वहीं, भाजपा ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने मंत्री के बयान को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 

ग्वालियर की पीएचडी स्कॉलर डॉ. ललिता ने बनाई नेचुरल क्रीम, डायबिटीज मरीजों के घाव होंगे जल्दी भरने लगे

ग्वालियर:  आमतौर पर शरीर में घाव होने पर उसे भरने में कई दिन लगते हैं और मरीज को डायबिटीज हो तो घाव भरने की गारंटी तक नहीं होती, लेकिन ग्वालियर की डॉ ललिता ने ऐसी नेचुरल क्रीम तैयार की है. जिसे लगाने पर डायबिटिक मरीजों के घाव एक से तीन महीने में भर जाते हैं. नीम, एलोवेरा जैसे औषधीय गुणों वाले प्लांट्स से तैयार इस नेचुरल क्रीम का उन्होंने 200 वालंटियर मरीजों पर सफल ट्रायल किया. अब सस्ते दाम में बिना साइड इफेक्ट वाला अपना हर्बल ऑइंटमेंट वे मार्केट में उतारने की तैयारी में हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को उनकी रिसर्च का फायदा मिल सके. 7 साल की मेहनत और तैयार हुआ पूरी तरह नेचुरल ऑइंटमेंट ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग में गेस्ट फैकल्टी रही पीएचडी स्कॉलर डॉ ललिता कुशवाह ने 7 वर्षों की मेहनत और रिसर्च से एक नेचुरल और हर्बल क्रीम तैयार की है. ये मरहम मुख्यरूप से ऐसे मरीजों के लिए बनाया है, जो डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी में उनके घाव ठीक कर सकता है. डॉ ललिता ने इसे एलोवेरा, नीम, गेंदे के फूल, करक्यूमिन और घमरा जैसे औषधीय पौधों से तैयार किया है. 'फाइटोकेमिकल' बेस्ड है ऑइंटमेंट, कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं  डॉ ललिता कुशवाह ने बताया कि, "उन्होंने इस प्राकृतिक मरहम को मुख्य रूप से डायबिटिक मरीजों के लिए बनाया है. वे कहती हैं कि, उनका ऑइंटमेंट फाइटोकेमिकल (पौधों में पाए जाने वाले प्राकृतिक रसायन) आधारित है. इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है. इससे मरीजों पर इस्तेमाल में किसी तरह की एलर्जी या रिएक्शन का खतरा नहीं होता. आम घाव और डाइबिटिक मरीजों के घाव में क्या फर्क? आमतौर पर जब किसी चोट की वजह से कोई घाव बनता है, तो वह तेजी से हील (ठीक) होता है, लेकिन डायबिटीज के बीमारी होने पर ब्लड शुगर लेवल ज्यादा होने पर जब किसी को कोई घाव या छाले होते हैं, तो वह बहुत धीमी गति से ठीक होते हैं. कई बार कई केसेस में यह ठीक भी नहीं होते और घाव गैंगरीन में तब्दील हो जाता है. जिसका इलाज आसानी से नहीं हो पाता. जिसका नतीजा यह होता है कि, एक छोटा सा घाव डायबिटीज की वजह से इस कदर खराब हो जाता है कि शरीर के उस हिस्से को ही अलग करना पड़ जाता है. एनिमल ट्रायल में 12 दिन में ठीक हुआ डायबिटिक वाउंड ललिता कुशवाह बताती हैं कि, इस ऑइंटमेंट को तैयार करने के बाद इसका ट्रायल भी किया गया था. सबसे पहले इसे सामान्य जानवरों पर टेस्ट किया गया था. इसका रिजल्ट बहुत अच्छा मिला, इसके बाद कुछ टेस्ट में एनिमल्स का ब्लड शुगर बढ़ाया गया और उनके घाव पर जब इसे टेस्ट किया गया तो 400 एमएम स्क्वायर का घाव महज 12 दिनों में हील हो गया. इसके साथ ही अन्य पैरामीटर में भी अच्छे रिजल्ट मिले, इसमें इंफ्लेमेशन रिड्यूस हुआ, स्किन एंड सेल रीजेनरेशन तेज हुआ. कॉलेजिन फास्ट हुआ, ऐसे में कहा जाए तो एनिमल ट्रायल का रिजल्ट बहुत अच्छा मिला. इसी आधार पर फिर ह्यूमन ट्रायल किए गए. 200 मरीजों पर सफल ह्यूमन ट्रायल ह्यूमन ट्रायल के लिए भी हर्बल ऑइंटमेंट अप्लाई कर नॉन डायबिटिक मरीजों के घाव की हीलिंग को डायबिटिक वाउंड्स की हीलिंग से तुलना की गई तो दोनों में ही काफी अच्छे नतीजे मिले. इसके लिए जीआरएमसी कॉलेज की डॉ मनीषा जादौन मेडम ने मरीज उपलब्ध कराए. जीआरएमसी के 200 से ज़्यादा वॉलेंटियर डायबटिक मरीजों पर मेडिकल कॉलेज में जाकर ऑइंटमेंट अप्लाई कर ट्रायल पूरा किया था. 30 से 90 दिनों में ठीक हुआ छोटे से बड़ा घाव टेस्ट रिजल्ट के लिए डायबिटिक मरीजों के घाव तीन कैटेगरी में बांटे गए, क्योंकि घाव कितना बड़ा और गहरा है हीलिंग उस पर निर्भर करती है. छोटे घाव कम समय में जबकी बड़े घाव ठीक होने में ज्यादा समय लगता है. इसलिए इन्हें तीन कैटेगरी में बांटा गया था. स्मॉल वाउंड्स, मीडियम वाउंड्स और मॉडरेट वाउंड्स. जिसमें ऑइंटमेंट लगाने पर स्मॉल वाउंड लगभग 30 दिनों में जबकि उनके आकार के हिसाब से मीडियम और मॉडरेट वाउंड 80 से 90 दिनों के अंदर पूरी तरह ठीक हो गए. जल्द मार्केट में दिखेगा हर्बल ऑइंटमेंट, पेटेंट के लिए भी अप्लाई आगे की प्लानिंग बताते हुए डॉ ललिता कुशवाह ने बताया कि, उनकी कोशिश है की वे अपने इस हर्बल प्रोडक्ट को जल्द से जल्द मार्केट में लेकर आएं, जिससे इसका फायदा समाज और जरूरतमंद मरीजों को मिल सके. उन्होंने अपना हर्बल मरहम तैयार करने के बाद उसके पेटेंट के लिए अप्लाई कर दिया है. जिस पर प्रोसेस चल रही है, पेटेंट मिलने के बाद वे इसे बाजार में भी लॉन्च करेंगी. 'कम से कम दाम में मरीजों को उपलब्ध करा सके दवा डॉ ललिता कहती है कि, जब वे ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में जाती थी, तो वहां वे ऐसे कई मरीजों को देखती थीं. जिनके पास इलाज तक के लिए रुपये नहीं होते थे. इनमें कई मरीज डायबिटीज की वजह से होने वाले शारीरिक समस्याओं से ग्रसित मिलते थे. इसलिए उन्होंने ये फैसला लिया कि, वे ऐसे मरीजों के लिए कम से कम दाम में दवा उपलब्ध कराएंगी. जिससे मरीजों को उसका फायदा मिले, तभी उनकी पीएचडी, रिसर्च और मेहनत सफल हो पाएगी."