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ईडी ने इंदौर कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष को बनाया मुख्य आरोपी, 404 करोड़ के अवैध कारोबार में चार्जशीट दायर

इंदौर : शहर कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जीशीट फाइल कर दी है. 2024 में ईडी ने कांग्रेस नेता विशाल अग्निहोत्री और उसके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी. इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय को तकरीबन 404.46 करोड़ रु की अवैध ट्रेडिंग का पता चला था. इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर मामले में विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री को मुख्य आरोपी बनाया है. अब इस पूरे मामले की स्पेशल कोर्ट के द्वारा सुनवाई की जाएगी. क्या है 404 करोड़ का ट्रेडिंग घपला? ईडी द्वारा शिकायत के आधार पर 2024 में विशाल अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी छापेमार कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई में भारी मात्रा में कैश, रियल एस्टेट प्रॉपर्टी, करोड़ों की विदेशी घड़ियां व कारोबार से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिन्हें अवैध कारोबार के पैसों से खरीदा गया था. ईडी को डिब्बा कारोबारी विशाल अग्निहोत्री की क्रिप्टो करेंसी से संबंधित खुफिया जानकारियां भी मिली थीं. जिसके बाद विशाल के सहयोगी तरुण श्रीवास्तव, श्रीनिवास रामासामी सहित अन्य आरोपियों के ठिकानों पर भी ईडी ने रेड मारी थी. छापेमार कार्रवाई के दौरान अवैध सट्टा संचालित करने, अवैध ट्रेडिंग, अवैध वेबसाइट्स चलाने व देश के बाहर अवैध व्यापार करने की भी जानकारियां ईडी की टीम को मिली. इसके बाद 404 करोड़ रुपए की अवैध ट्रेडिंग का राज खुला. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर करोड़ों का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले में कई एंगल से जांच पड़ताल कर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री उसके सहयोगी तरुण श्रीवास्तव और श्री निवास रामासामी को बनया गया है. चार्जशीट में भी ईडी ने इस बात का उल्लेख किया है कि विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के माध्यम से ही एक कमोडिटी एक्सचेंज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था और इसमें लोगों को ठगा जा रहा था. ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री और उसके सिंडिकेट के तकरीबन 58.39 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर करोड़ों का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले में कई एंगल से जांच पड़ताल कर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री उसके सहयोगी तरुण श्रीवास्तव और श्री निवास रामासामी को बनया गया है. चार्जशीट में भी ईडी ने इस बात का उल्लेख किया है कि विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के माध्यम से ही एक कमोडिटी एक्सचेंज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था और इसमें लोगों को ठगा जा रहा था. ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री और उसके सिंडिकेट के तकरीबन 58.39 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है. वहीं, आरोपियों द्वारा फर्जी तरीके से सिंडिकेट वी मनी, लोटस बुक, 8स्टॉक हाइट और 11 स्टार जैसे अवैध ऑनलाइन पोर्टल बनाए गए थे. इन अवैध प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जाात था, जिसमें करोड़ों का खेल हुआ. ईडी ने प्रेस रिलीज से दी जानकारी आरोपियों के तार इंदौर से अहमदाबाद, मुंबई, चैन्नई होते हुए दुबई से भी जुड़े बताए जा रहे हैं. इस पूरे मामले में ईडी आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में चार्ज शीट जारी कर दी है. ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर चार्जशीट और पूरी कार्रवाई की जानकारी मीडिया से साझा की है. जल्द ही स्पेशल कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई शुरू हो सकती है.

शादी के 21 दिन बाद सीएम मोहन यादव के बेटे-बहू नर्मदा परिक्रमा पर, यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू

 खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा के ओंकारेश्वर से सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे और बहू ने नर्मदा परिक्रमा शुरू की हैं। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर नवविवाहित डॉ. अभिमन्यु यादव और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने मां नर्मदा की परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। परिजन के साथ भगवान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।  उज्जैन में हुआ था विवाह पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में डॉ. अभिमन्यु का विवाह खरगोन जिले की डॉ. इशिता से हुआ था। नवविवाहित जोड़ा अब सीधे आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ा है। पूरा परिवार साथ नर्मदा परिक्रमा में अभिमन्यु-इशिता के साथ उनकी बड़ी बहन डॉ. आकांक्षा यादव, जीजा जी और बड़े भाई वैभव यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हैं। पूरा परिवार मिलकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहा है। 15 दिन में पूरी होगी यात्रा – जानिए पूरा रूट ओंकारेश्वर से शुरू हुई यह नर्मदा परिक्रमा महेश्वर, बड़वानी, राजपीपला-गरुड़ेश्वर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र), भरूच होते हुए नर्मदा सागर संगम यानी खंभात की खाड़ी तक जाएगी। करीब 15 दिन में यात्रा पूरी होने की उम्मीद है। हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के बाद धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया। जिसे पूरा करने के लिए नवदंपति रवाना हुए। यह यात्रा 15 दिन में पूरी होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के बड़े बेटे-बहू और बेटी-दामाद भी साथ में मौजूद हैं। विवाह की कुछ खास बातें पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में डॉ मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और इशिता की शादी की रस्में सामूहिक सम्मेलन में संपन्न हुईं थीं। वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़कर वरमाला की रस्म कराई थी। सामूहिक विवाह समारोह में अभिमन्यु इशिता के साथ 22 जोड़ों ने फेरे लिए थे सामूहिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेलए मंत्री तुलसी सिलावट कथावाचक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित कई हस्तियां पहुंची थीं। 

भोपाल में बच्चों ने सांता क्लॉज बनकर बाँटी खुशियाँ

भोपाल  सैपलिंग्स एवं स्वामी विवेकानंद इंग्लिश स्कूल द्वारा भोजपुर रोड समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के साथ साझा करने और देखभाल की भावना को साकार करते हुए एक सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय ने निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति के बच्चों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटी। निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति एक सामाजिक संगठन है, जो भोपाल में वंचित बच्चों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। वर्तमान में संस्था शहर के तीन विभिन्न केंद्रों पर 250 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत सैपलिंग्स भोजपुर रोड द्वारा निर्माण संस्था के बच्चों को स्टेशनरी सामग्री, कपड़े, ऊनी वस्त्र, खिलौने एवं जूते वितरित किए गए। निर्माण संस्था के संस्थापक श्री नरेश मोटवानी और समाज सेविका मीता वाधवा जी के मार्गदर्शन में इंदुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण एवं प्रभा इंदुरिया ने बच्चों को उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान सैपलिंग्स भोजपुर रोड के बच्चे सांता क्लॉज बनकर आए और उन्होंने सभी बच्चों को उपहार बाँटे। सांता क्लॉज के आगमन से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बन गया। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों ने एनजीओ के बच्चों के साथ मिलकर एक आनंदमय पार्टी का आयोजन किया, जिसमें Sharing & Caring की भावना को बढ़ावा दिया गया। बच्चों ने मिलकर खेलकूद किया और आपसी प्रेम व समानता का संदेश दिया। यह पहल बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, करुणा और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

सीनियर्स की टॉर्चर की शिकायत पर इंदौर डेंटल कॉलेज में 3 छात्राओं को सस्पेंड किया गया

इंदौर  एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला अभी थमा ही नहीं था कि दूसरा मामला इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज से सामने आया है. यहां पर एमडीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने यूजीसी को रैगिंग के संबंध में शिकायत की, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बड़ा एक्शन लिया है. शासकीय डेंटल कॉलेज प्रबंधन द्वारा जांच कर तीन सीनियर छात्राओं को सस्पेंड कर दिया गया है. इस तरह रैगिंग कर रही थीं सीनियर छात्राएं शासकीय डेंटल कॉलेज एमडीएस प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा यूजीसी को रैगिंग के संबंध में एक मेल भेजा गया था. इस मेल में उन्होंने जानकारी दी कि कॉलेज की ही डेंटल की सीनियर छात्राएं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं. वह उनसे डिपार्टमेंट खोलने का काम करवाती हैं और शाम को छुट्टी होने के बाद भी काफी देर तक कॉलेज में ही बिठाए रखती हैं. साथ ही जब खाना खाने की बारी आती है तो सीनियर के द्वारा बाद में खाने का दबाव बनाया जाता है. यूजीसी के दखल के बाद कॉलेज प्रबंधन का एक्शन जैसे ही यूजीसी को पूरे मामले की जानकारी लगी तो अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन को इस पूरे मामले से अवगत करवाया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने जूनियर छात्राओं की शिकायत पर रैगिंग की आरोपी तीन छात्राओं की जांच पड़ताल शुरू की. जांच पड़ताल के दौरान सीनियर छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन को यह जवाब दिया कि उन्होंने सिर्फ अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की हरकत की थी. इस पर कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को बताया कि अनुशासन बनाने के लिए इस तरह का दबाव बनाना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है. डेंटल फर्स्ट ईयर में केवल 6 छात्र शासकीय डेंटल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर अलका गुप्ता ने बताया, '' रैगिंग से संबंधित शिकायत कॉलेज की जूनियर छात्राओं द्वारा यूजीसी को की गई थी. उसी के बाद जांच कर तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भी यूजीसी को दे दी गई है.'' इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज के एमडीएस प्रथम वर्ष की बैच में 6 ही छात्र हैं, जिसमें एक छात्र और 5 छात्राएं हैं और इन्हीं लोगों ने तीन सीनियर छात्राओं की रैगिंग को लेकर शिकायत की थी.

कोहरे का असर रेल ट्रांसपोर्ट पर, MP-मुंबई स्पेशल ट्रेनें लेट, यात्री परेशान

भोपाल  कोहरे का असर आम जनजीवन के अलावा रेल यातायात पर नजर आ रहा है। दिल्ली, नागपुर, जबलपुर और मुंबई की तरफ से आने वाली ट्रेनें अपने समय से लेट चल रही है। सोमवार को 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (Chhattisgarh Express) अपने निर्धारित समय से 1 घंटे की देरी से इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके अलावा 22533 यशवंतपुर सुपर फास्ट (Yesvantpur Superfast) 2 घंटे लेट चली। 12715 सचखंड एक्सप्रेस (Sachkhand Express) अपने तय समय से तीन घंटे की देरी से इटारसी स्टेशन पर पहुंची। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट इधर, ठंड बढ़ने के साथ ही शहर में सुबह सूर्यउदय के समय घना कोहरा छाया रहा। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। नगरपालिका ने शहर के जयस्तंभचौक, रेलवे स्टेशन के सामने रेन बसेरा के पास सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए हैं। जिससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। रीवा-मुंबई के बीच चलेंगी दो स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रीवा और मुंबई (सीएसएमटी) के बीच दो-दो ट्रिप स्पेशल ट्रेनें (Rewa-CSMT Special Trains) चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें इटारसी होकर गुजरेंगी, जिससे नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीआरओ रेलवे ने बताया कि रीवा से सीएसएमटी के लिए स्पेशल ट्रेन गुरुवार 1 जनवरी और 8 जनवरी को रवाना होगी। वापसी में सीएसएमटी से रीवा के लिए यह ट्रेन शुक्रवार 2 जनवरी और 9 जनवरी को चलाई जाएगी। 02187 रीवा-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन रीवा से दोपहर 3.50 बजे प्रस्थान करेगी।

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक साथ बनेंगे 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर

सागर  बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सागर विधायक शैलेंद्र जैन के सतत प्रयासों से अस्पताल परिसर में एक साथ 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में 10 अलग-अलग विधाओं के ऑपरेशन संभव हो सकेंगे। 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण विधायक जैन ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 60,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में आधुनिक स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि से अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी उन्होंने कहा कि यह परियोजना सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। विधायक जैन ने बताया कि वर्तमान में ऑपरेशन थिएटर की कमी के कारण कई मरीजों को अपने ऑपरेशन के लिए कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। 10 नए मॉड्यूलर ओटी के निर्माण से न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी बेहतर और सुगम कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ इससे विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। मंगलवार को विधायक जैन ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर के साथ निर्माणाधीन ऑपरेशन थिएटर भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए ठेकेदार को कार्य शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, चिकित्सक एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के हजारों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

भोपाल में रोड विस्तार के लिए 7 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई, NHAI के दावे पर उठे सवाल

भोपाल देश में विकास बनाम पर्यावरण की बहस अभी थमी भी नहीं थी कि अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक और चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आ रही है. झीलों और हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले भोपाल में अब विकास के नाम पर हज़ारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने वाली है. मामला शहर के बीचोबीच स्थित अयोध्या बायपास का है, जहां सड़क चौड़ीकरण की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है. जिस विकास की बात की जा रही है, उसकी कीमत भोपाल की हरियाली को चुकानी पड़ रही है. अयोध्या बायपास, जो भोपाल के सबसे व्यस्त और अहम मार्गों में से एक है, अब फोर लेन से सिक्स लेन बनने जा रहा है. इसके साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी तैयार की जाएगीए जिसके बाद यह सड़क 10 लेन की हो जाएगी. इस परियोजना के तहत हजारों पेड़ों की कटाई होनी है. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पर्यावरणविदों, प्रकृति प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी फैल गई. सवाल उठने लगे कि क्या ट्रैफिक समाधान का यही एकमात्र रास्ता है, और क्या हर बार विकास की कीमत पेड़ों को चुकानी पड़ेगी? इस पूरे प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI के पास है. एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर देवांश नुवल का तर्क है कि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ेगा और सड़क चौड़ीकरण से जाम की समस्या से राहत मिलेगी.  मामला NGT तक पहुंचा और NGT के निर्देश पर एक विशेष समिति का गठन किया गया, जिसने पूरे प्रोजेक्ट और पेड़ों की स्थिति की जांच की. जांच के बाद समिति ने 10 हजार की बजाय 7,871 पेड़ों की कटाई को सशर्त मंजूरी दी. इन शर्तों के मुताबिक, काटे जाने वाले हर एक पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएंगे. यानी लगभग 80 हज़ार पौधरोपण का दावा किया गया है. NHAI का कहना है कि पौधरोपण सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी निगरानी भी की जाएगी और पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञ इन दावों पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि वर्षों पुराने, बड़े और छायादार पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती. एक पेड़ बनने में दशकों लगते हैं और उसका पर्यावरणीय योगदान किसी नए पौधे से तुरंत पूरा नहीं हो सकता. भोपाल के रहने वाने नितिन सक्सेना ने इन पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी में याचिका भी लगाई लेकिन पेड़ों की कटाई को रोक नहीं पाए विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन उसकी कीमत भी कम नहीं. आज सड़कें चौड़ी होंगी, ट्रैफिक सुगम होगा, लेकिन क्या कल शहर सांस ले पाएगा? कागजों पर दस गुना पौधरोपण के वादे हैं, मगर जमीन पर गिरते पुराने पेड़ उस भरोसे को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं. भोपाल, जो कभी हरियाली की पहचान था, अब एक अहम मोड़ पर खड़ा है जहां फैसला सिर्फ सड़क का नहीं, आने वाली पीढ़ियों की सांसों का भी है

इंदौर में न्यूनतम 8°C, भोपाल 9.8°C, MP में घना कोहरा और पचमढ़ी में पारा 4°C से नीचे

भोपाल  उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में दिखने लगा है। प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ रही है और बुधवार रात से सर्दी और तीखी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले 24 घंटे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पचमढ़ी और शहडोल का कल्याणपुर ऐसे इलाके हैं, जहां रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इधर, प्रदेश के उत्तरी हिस्से घने कोहरे की चपेट में हैं। ग्वालियर, रीवा और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर तक सिमट गई है, जिससे हालात जीरो विजन जैसे हो गए हैं। दमोह, खजुराहो, नौगांव, मुरैना, सीधी, दतिया, इंदौर, भोपाल, राजगढ़, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह 6 से 8 बजे के बीच घना कोहरा छाया रहा। बुधवार सुबह भी कई जिलों में यही स्थिति देखने को मिली। कम विजिबिलिटी के कारण कई जगह सड़कों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। जानिए आपके शहर में मौसम की स्थिति क्या है और आने वाले तीन दिनों में ठंड-कुहासे का क्या असर रहेगा।  आज का मौसम कैसा रहा? बुधवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, राजगढ़, रायसेन और विदिशा में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया।मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिनों में कोहरे का असर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन ठंड और तेज होगी। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान के मामले में नौगांव (छतरपुर) प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा, जहां रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 7.4, मलाजखंड में 7.6, रीवा में 8.2 और उमरिया में 8.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कई शहरों में कोहरे का असर बुधवार सुबह कुछ शहरों में कोहरे से राहत जरूर मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर और नौगांव में घने कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। कई जगह विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।   पचमढ़ी में इस सीजन की सबसे ठंडी रात प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस सीजन पहली बार न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मंगलवार रात यहां तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर भी असर पड़ सकता है। एमपी में सबसे ठंडा पचमढ़ी शहर रात का तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 3.8 राजगढ़ 7.4 नौगांव (छतरपुर) 7.0 मलाजखंड (बालाघाट) 7.6 रीवा 8.2 उमरिया 8.3 रायसेन 9.0 छिंदवाड़ा 9.0 मंडला 9.0 खजुराहो (छतरपुर) 9.2 टीकमगढ़ 9.8 बैतूल 10.0 खंडवा 10.0 खरगोन 10.2 सतना 10.2 नरसिंहपुर 10.4 रतलाम 10.5 दमोह 10.6 धार 10.9 दतिया 11.1 गुना 11.4 सिवनी 11.4 सीधी 11.4 श्योपुर 12.0 सागर 12.4 नर्मदापुरम 13.5 कई शहरों में घना कोहरा बुधवार सुबह कुछ जगहों पर कोहरे से हल्की राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर और नौगांव में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही। आज कैसा है मौसम? घना कोहरा: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल मध्यम कोहरा: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, राजगढ़, रायसेन, विदिशा अगले कुछ दिनों का मौसम अपडेट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, अगले 2 दिन कोहरे का असर कुछ कम रहेगा, लेकिन ठंड और तेज होगी। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिनों तक मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। नवंबर-दिसंबर में टूटा ठंड का रिकॉर्ड इस बार नवंबर और दिसंबर में ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर महीने में 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे ज्यादा है। 17 नवंबर की रात भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल का रिकॉर्ड टूटा इंदौर में भी इस बार ठंड ने रिकॉर्ड बनाया। यहां तापमान 6.4 डिग्री तक गिर गया, जो पिछले 25 सालों में सबसे कम है। दिसंबर में भोपाल और इंदौर दोनों जगह पारा 5 डिग्री से नीचे जा चुका है। दिसंबर-जनवरी क्यों होते हैं सबसे ठंडे? मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह दिसंबर और जनवरी में सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। इन महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं आती हैं और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय रहते हैं, जिससे ठंड और बढ़ जाती है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग: बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का असर सागर और रीवा संभाग: तेज ठंड और शीतलहर भोपाल संभाग: सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा में ठंड का जोर सागर संभाग: निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना रीवा संभाग: मऊगंज, सीधी, सिंगरौली जबलपुर संभाग: मंडला, डिंडौरी इंदौर संभाग: इंदौर, धार, झाबुआ एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक लेट घने कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस रोजाना 4 से 5 घंटे लेट हो रही है, जबकि शताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस भी प्रभावित हैं। तापमान की बात करें तो प्रदेश के बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री, इंदौर का 6.4 डिग्री, ग्वालियर का 8.5 डिग्री, उज्जैन का 9.8 डिग्री और जबलपुर का 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 4.2 डिग्री पर पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 4.6 डिग्री, मंदसौर में 5.7 डिग्री, … Read more

भोपाल: संस्कार पब्लिक स्कूल में EPS 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की राष्ट्रीय नेतृत्व बैठक आयोजित

भोपाल  EPS 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति भोपाल के संस्कार पब्लिक स्कूल संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ भोपाल में 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता. महेन्द्र शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा की गई जिसमें भोपाल सीहोर विदिशा जबलपुर पिपरिया से बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित थे बैठक में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर श्री अशोक राऊत राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री बीएस नारखेडे महिला फ्रंट की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती सरिता नारखेडे अल्प प्रवास पर भोपाल पधारे बैठक को संबोधित करते हमारे चार सूत्रीय मांगों का निराकरण अब शीघ्र होने जा रहा है पहले प्रमुख मांग न्यूनतम पेंशन 7500 प्लस महंगाई भत्ता दूसरी मांग पेंशन धारक पति पत्नी को निशुल्क अच्छी चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए तीसरी मांग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 4 अक्टूबर 2016 और 4 नवंबर 2022 के अनुसार पेंशनरों को बिना किसी भेदभाव के उच्च पेंशन का लाभ दिया जाए. चौथी मांग 1995 के पूर्व 63सेवानिवृत कर्मचारियों को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए रुपए 5000 मासिक पेंशन दी जाए.उन्होंने अपने संबोधन में यह बताया कि राष्ट्रीय संघर्ष समिति उक्त मांगों के लिए 10 वर्षों से आंदोलन र त है राष्ट्रीय नेतृत्व संगठन द्वारा समय-समय पर माननीय प्रधानमंत्री महोदय माननीय श्रम मंत्री महोदय वित्त मंत्री ईपीएफओ से चर्चा कर पेंशनरों को बहुत ही कम पेंशन मिल रही है जिसमें उनका गुजारा होना असंभव है पेंशनर धन के अभाव में गंभीर बीमारियों का इलाज करने में असमर्थ है और पेंशन बढ़ाने की आस में वह धीरे-धीरे स्वर्गवासी हो रहे हैं राष्ट्रीय नेतृत्व संगठन को माननीय श्रम मंत्री महोदय द्वारा शीघ्र ही उक्त मांगों का अब शीघ्र ही  निराकरण करने को कहा है. अगर अब केंद्र सरकार श्रम मंत्री इस अवसर पर ईपीएफओ द्वारा हमारी मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो हमें तीव्र आंदोलन करना होगा इसके लिए पेंशनरों को तैयार रहने हेतु कहा गया है इस अवसर महेंद्र शर्मा ने कहा की अल्प पेंशन में  गुजारा मुश्किल है.  सरकार हमको गरीबी रेखा में भी नहीं मानती बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनर निगम मंडल के वरिष्ठ कर्मचारी नेता गण उपस्थित थे.

MP में मतदाता सूची की सफाई: 22 साल बाद विशेष गहन पुनरीक्षण, 42.74 लाख नाम हटाए गए

भोपाल  मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए 22 साल बाद हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण में मंगलवार को सभी 71,930 मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया गया। अलग-अलग श्रेणियों में 42,74,160 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें अधिकतर शहरी क्षेत्रों के हैं। इनमें 22,78,393 वे मतदाता सर्वाधिक शामिल है, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं। अब प्रदेश में 23 दिसंबर 2025 की स्थिति में 5,31,31,983 मतदाता रह गए हैं। इनमें 8,65,832 वे मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने गणना पत्रक अधूरे जमा किए हैं। उन्हें पत्रक में सुधार का मौका दिया गया है।  राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 निर्वाचकों में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं। इसमें 8 लाख 65 हजार ‘नो-मैपिंग’ वाले मतदाता भी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को पांच श्रेणियों (कैटेगरी) में विभाजित कर आंकड़े जारी किए हैं। इनमें नो-मैपिंग कैटेगरी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर चारों महानगर शीर्ष पर हैं। इंदौर में हटाए गए 4 लाख से ज्यादा नाम इंदौर जिले की मतदाता सूची में एसआईआर के बाद मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। पहले जिले में कुल 28 लाख 67 हजार 268 मतदाता थे। सत्यापन के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 24 लाख 16 हजार रह गई। 4 लाख 51 हजार 218 मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो पाया। इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की स्थिति में है। तारीख दो बार बढ़ने से 75 हजार 467 मतदाताओं को राहत मिली है। दोबारा सत्यापन के बाद ये मतदाता सूची में बने रह सके। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, 84.26 फीसद सत्यापन पूरा हो चुका है, शेष 15.74 फीसद मतदाताओं के नाम हटना तय माना जा रहा है। गोविंदपुरा में 97 हजार और नरेला में 81 हजार वोटरों के नाम सूची से हटाए भोपाल की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में वोटर कटने के आंकड़े असमान रहे हैं. सबसे ज्यादा असर गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्र में देखा गया है. गोविंदपुरा में जहां 97 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम सूची से हटाए गए हैं, वहीं नरेला में 81 हजार से अधिक मतदाता कम हुए हैं. इसके अलावा भोपाल मध्य, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम, हुजूर और बैरसिया विधानसभा क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटे हैं. खंडवा में 86193 मतदाताओं के नाम कटे खंडवा जिले में में एसईआर के पहले चरण का काम पूरा हो गया है। 27 अक्टूबर 2025 को यहां की चारों विधानसभाओं में 10 लाख 29 हजार 806 मतदाता थे। लेकिन, अब सर्वे के बाद 9 लाख 43 हजार 613 मतदाता शेष हैं। यानी 86 हजार 193 मतदाता कम दर्ज हुए। सबसे ज्यादा परमानेंट शिफ्टेड 50 हजार 784 मतदाता है। 18 हजार 956 मतदाता मृत पाए गए। 8 हजार 782 मतदाता डबल वोटर कार्ड वाले और 7548 मतदाताओं का कोई पता नहीं चल पाया है। खंडवा कलेक्ट्रेट में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूचियों के ड्रॉफ्ट पब्लिकेशन को सीडी और अंतरिम प्रकाशन की विधानसभा वार सूचियां दी गई हैं। वहीं, इंदौर ऐसा एकमात्र जिला है जो सभी पांचों कैटेगरी में शामिल है। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया राज्य के सभी 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO), 532 सहायक ERO (AERO) तथा 65,014 मतदान केंद्रों पर तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के समन्वित प्रयासों से पूरी की गई। इस अभियान में स्वयंसेवकों और छह राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने 1.35 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए। 42.74 लाख मतदाता नहीं मिले आयोग के अनुसार अब्सेंट, शिफ्टेड, मृत और डुप्लीकेट कैटेगरी में प्रदेश में कुल 42 लाख 74 हजार 160 मतदाता नहीं मिले। अब इनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनमें कुछ मतदाता ऐसे भी हो सकते हैं जिन्होंने समय सीमा में गणना प्रपत्र जमा नहीं किया या स्वयं पंजीकरण में रुचि नहीं ली। आंकड़ों के अनुसार: 8.46 लाख मतदाता (1.47%) मृत पाए गए 31.51 लाख मतदाता (5.49%) अन्य राज्यों में पंजीकृत पाए गए या तीन बार घर जाने पर अनुपस्थित मिले 2.77 लाख मतदाता (0.48%) के नाम दो स्थानों पर दर्ज पाए गए, जिनमें से अब केवल एक स्थान पर नाम रखा जाएगा नो-मैपिंग कैटेगरी में इंदौर टॉप पर नो-मैपिंग कैटेगरी में कुल 8 लाख 65 हजार मतदाता पाए गए, जो 5.31 करोड़ गणना प्रपत्र जमा करने वाले मतदाताओं में शामिल हैं।  जिलावार स्थिति इस प्रकार है: इंदौर – 1,33,696 भोपाल – 1,16,925 जबलपुर – 69,394 ग्वालियर – 68,540 उज्जैन – लगभग 48,000 क्या है ‘नो-मैपिंग’? चुनाव आयोग द्वारा सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र दिए गए थे, जिसमें उन्हें 2003 की मतदाता सूची के अनुसार अपना वोटर आईडी नंबर या किसी रक्त संबंधी (ब्लड रिलेशन) रिश्तेदार का वोटर आईडी नंबर दर्ज करना था। जिन मतदाताओं की यह जानकारी मेल नहीं खा सकी, उन्हें नो-मैपिंग श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं को अब आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, जिसमें उन्हें 7 दिनों के भीतर आयोग द्वारा मान्य 13 पहचान पत्रों में से किसी एक के माध्यम से अपनी पात्रता सिद्ध करनी होगी। ऐसा न करने पर उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। दो जगह नाम वाले मतदाता: बुरहानपुर सबसे आगे डुप्लीकेट वोटर आईडी मामलों में: बुरहानपुर – 23,544 (पहला स्थान) इंदौर – 22,808 (दूसरा) धार – 14,198 (तीसरा) सबसे कम डुप्लीकेट मतदाता: उमरिया – 968 आगर मालवा – 985 नीमच – 1,036 भोपाल – 14,171 मृत मतदाताओं में जबलपुर टॉप पर मृत पाए गए मतदाताओं की संख्या में: जबलपुर – 51,357 (पहला स्थान) इंदौर – 43,743 (दूसरा) सागर – 36,466  (तीसरा) सबसे कम मृत मतदाता: पांढुर्ना – 4,981 हरदा – 5,303 निवाड़ी – 5,539 अब्सेंट मतदाता में इंदौर टॉप पर – बता दें अब्सेंट मतदाता यानी जिनके पते पर तीन बार जाने के बावजूद वह नहीं मिले।  अब्सेंट पाए गये मतदाताओं की संख्या में: इंदौर- 1, 75, 425 (पहला स्थान) भोपाल-1,01,503  (दूसरा) जबलपुर- 66,678 (तीसरा) सबसे कम अब्सेंट मतदाता:  अलीराजपुर- 672 पाढूंर्ना- 1372 आगर मालवा- 1734  शिफ्टेड मतदाता में भोपाल … Read more