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टाइगर स्ट्राइक फोर्स के सरोठिया को global अवॉर्ड, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया देश का मान

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश के  सरोठिया को मिला अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड उत्कृष्ट कार्य के लिये यूनाइटेड नेशन ने किया पुरस्कृत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन विभाग द्वारा वन, वन्य-जीव एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नये आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। वन विभाग के अंतर्गत गठित स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश के उप वन संरक्षक (भावसे)  रितेश सरोठिया को वन एवं वन्य-जीव अपराध की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये यूनाइटेड नेशन द्वारा 'द एशिया एनवायरमेंटल इन्फोर्समेंट रिकगनिशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को बैंकाक (थाईलेंड) में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। यूनाइटेड नेशन द्वारा उक्त अवॉर्ड उन व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो देश से सीमापार अपराध अन्वेषण में राष्ट्रीय कानूनों के प्रवर्तन में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं। इसमें वन्य-जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, खनिजों और रेत का अवैध व्यापार परिवहन, अपशिष्ट रसायनों, कीटनाशक का अवैध व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थ और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये दिया जाता है। अवॉर्ड चयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी, जिसमें प्रतिष्ठित संस्थाओं में यूएनईपी, इंटरपोल, यूएनओडीसी, वर्ल्ड बैंक, एसआईटीईएस और यूएनडीपी के प्रतिनिधि द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद दिया जाता है। इस वर्ष के अवॉर्ड में वन्य-जीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रूप से नियंत्रण के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारत चीन, इंडोनेशिया और सिंगापुर की कुल 7 कानून प्रवर्तन संस्था/अधिकारियों को विभिन्न श्रेणी में सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश के स्टेट टाइगर फोर्स के प्रभारी  सरोठिया ने अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव संगठित गिरोहों, जिनका नेटवर्क भारत, चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार में फैला है के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की। उन्होंने कई कानून प्रवर्तन संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर वन अपराधों में लिप्त सरगनाओं को गिरफ्तार किया।  सरोठिया ने सरगनाओं के विरुद्ध दर्ज प्रकरण का वैज्ञानिक अन्वेषण कर उन्हें सजा दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।  सरोठिया को वन, वन्य-जीव कानून प्रवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिये सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख एवं वन संरक्षक वन्य-जीव के सतत मार्गदर्शन में कार्य करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा  सरोठिया के नेतृत्व में विगत कुछ वर्षों में वन एवं वन्य-जीव अपराधों में लिप्त राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर लगभग 1500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस इकाई द्वारा किये गये वन्य-प्राणी संरक्षण कार्य की सराहना न केवल प्रदेश, देश बल्कि देश के बाहर भी की गयी है। इंटरपोल द्वारा 4 बार मध्यप्रदेश एसटीएफ की प्रशंसा की गयी। इससे पूर्व भी  सरोठिया को 3 बार अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।  

कोलार लिफ्ट परियोजना से 44 गांव होंगे लाभान्वित, बिलकिसगंज क्षेत्र को बड़ी सौगात

कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में बिलकिसगंज के नजदीकी 44 गांव शामिल होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोलर पंप के माध्यम से बिजली बिल की चिंता से किसानों को मुक्त करेगी सरकार इछावर नगर परिषद को विकास कार्यों के लिए अनुदान देने की घोषणा सीहोर जिले के दो लाख से अधिक किसानों के खाते में 118 करोड़ से अधिक की फसल क्षति राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर में किया 69 करोड़ रूपये से अधिक के विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज धनतेरस के शुभ अवसर पर किसानों को चिंता मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा राहत राशि प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है। किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी राहत राशि दी जा रही है और बीमा राशि मिलना बाकी है। राज्य सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले। सरकार फसलों का निरंतर समर्थन मूल्य भी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को पीला मोजेक, कीट व्याधि एवं अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन फसल क्षति से प्रभावित सीहोर जिले के 2,05,977 किसानों के खाते में 118 करोड़ 41 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के 69 करोड़ 38 लाख 36 हजार रूपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सीमा पर जवान और खेत में किसान अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं। सरकार के लिए दोनों का ही सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई सुविधा हो या किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना हमारी सरकार हर मामले में संवेदनशील है। प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था और हमारी सरकार आने के बाद सिंचाई का रकबा 53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सोयाबीन किसानों को भी फसल का उचित दाम दिला रही है। अब कोदो-कुटकी भी सरकार खरीद रही है। राज्य सरकार अगले वर्ष 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों और जवानों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए विशेष प्रयास किया है। किसानों का जीवन सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही है। स्कूली बच्चों को किताबें और ड्रेस नि:शुल्क दी जा रही है। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को हर माह लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। दीपावली के बाद अब भाई दूज पर भी 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। अगले महीने से हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पहले 5 लाख रुपए तक के 5 हॉर्स पावर के पंप के लिए किसानों को 2 लाख रुपए खुद से लगाने पड़ते थे, अब सरकार इस पर 90 प्रतिशत का अनुदान दे रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों को 32 लाख सोलर पंप प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रदेश में लगातार इंडस्ट्री समिट की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के शरबती गेहूं की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "सबका साथ, सबका विकास" के आधार पर हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग का जीवन बेहतर से बेहतर हो और वह विकास में भागीदारी कर सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए सरकार इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से निरंतर औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश सक्षम बने और सभी क्षेत्रों में देश में नंबर वन बने यही हमारा लक्ष्य है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश निरंतर तरक्की कर रहा है। हमारी सरकार निरंतर समाज के प्रत्येक वर्ग को खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार द्वारा गरीबों, किसानों, महिलाओं और बच्चों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री की घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा के अनुरोध पर कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में इछावर क्षेत्र के बिलकिसगंज सहित 44 ग्रामों को शामिल करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने इछावर नगर परिषद में विकास कार्यों के लिए विशेष निधि से अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागों और स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी पर स्टॉल्स का भी अवलोकन किया तथा स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए पोषक उत्पादों की सराहना की। किसानों के खाते में राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले की आठ तहसीलों में पीला मोजेक एवं कीट व्याधि से प्रभावित 1,87,140 किसानों के खाते में 101 करोड़ 70 लाख 90 हजार 999 रूपये की अंतरित की। इसी प्रकार उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित 02 तहसीलो के 18, 837 सोयाबीन उत्पादक किसानों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 36 हजार रूपये की राहत राशि अंतरित की। उल्लेखनीय है कि भैरूंदा एवं बुधनी के किसानों की फसल अतिवृष्टि से तथा आष्टा, जावर, रेहटी, इछावर, श्यामपुर, दोराहा, सीहोर ग्रामीण तथा सीहोर नगर के किसानों की फसल पीला मोजक एवं कीट व्याधि से खराब हुई थी। उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। प्रदर्शनी में सीताफल, … Read more

स्वच्छता और जल संरक्षण ही सच्ची सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान धनवंतरी ने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनवंतरी पूजन में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण चिकित्सा विज्ञान के साथ ही पर्यावरण की शुद्धता से संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा जल, वायु और भूमि प्रदूषणमुक्त नहीं होंगे, तब तक किसी भी चिकित्सा पद्धति के परिणाम स्थायी नहीं हो सकते। उन्होंने छात्रों और चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे चिकित्सा के साथ-साथ स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के ग्राम गादिया-बिलकिसगंज स्थित मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनतेरस के अवसर पर शनिवार को आयोजित धनवंतरी पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जल से हम सभी के जीवन की उत्पत्ति हुई है, वैसे ही जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य का आधार भी जल से ही जुड़ा है। भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और उन्होंने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी आयुर्वेद के प्रथम आचार्य माने जाते हैं, जिन्होंने मानवता को स्वस्थ और दीर्घायु रहने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल धन-संपदा की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें शरीर, मन और आत्मा की पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं न कि प्रतिस्पर्धी। एलोपैथी जहां त्वरित राहत देती है, वहीं आयुर्वेद शरीर की जड़ों से रोगों को खत्म करता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी का संदेश केवल औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संदेश है कि “स्वास्थ्य ही जीवन का सच्चा धन है।” उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने हमें यह सिखाया है कि भोजन, दिनचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने से रोग अपने आप दूर रहते हैं। भगवान धनवंतरी के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पूर्व थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि दोनों की श्रेष्ठता समाज के हित में उपयोगी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस का यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि – शरीर, मन और प्रकृति तीनों का संतुलन ही सच्चा धन है। इस अवसर पर कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, श्री सन्नी महाजन, मानसरोवर कॉलेज की चांसलर श्रीमती मंजुला तिवारी एवं श्री गौरव तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं छात्र उपस्थित थे।  

साफ-सुथरे मोहल्ले की ओर बढ़ाएं कदम, जीतें 1 लाख रुपए का पुरस्कार!

इंदौर  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) में खुशियों वाली जगमग दिवाली पर शहर में एक बार फिर रंगारंग सजावट होगी। गली-नुक्कड़ से लेकर महू छावनी परिषद क्षेत्र के मोहल्लों-कॉलोनियों में रंग-बिरंगी रांगोली और जगमगाती रोशनी का अनूठा नजारा देखने को मिलेगा। दरअसल, शहर में इस साल 21 अक्टूबर को धोक पड़वा पर्व पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। कोविड के दौर के बाद दीपावली के जगमग उजास को नई रंगत देने के लिए शहर में रंगोत्सव समिति द्वारा रंगोली प्रतियोगिता (Rangoli Competition) की शुरुआत की गई। इसमें शहर की गलियों में न्यूनतम 16 वर्गफीट से लेकर करीब 500 वर्गफीट तक की आकर्षक रांगोली सजाई जाती थी।  समिति के संयोजक ने दी जानकारी समिति के संयोजक सुचित बंसल ने बताया कि इस साल यह महोत्सव एक नया स्वरुप लेने जा रहा है। इसमें रंगोली के साथ ही गली-मोहल्लो और कॉलोनियों की सजावट (Diwali Decoration) भी शामिल की गई। प्रतिभागियों को न्यूनतम 70 से 80 फीट का दायरा चुनना होगा। इसमें रंगोली के साथ ही निर्धारित एरिया को अलग-अलग तरीके से सजाना होगा। इसमें रंग-बिरंगी लाइटिंग सहित आकर्षक सजावट आइटमों का उपयोग किया जा सकेगा।     अनेकता में एकता की दिखेगी झलक इस अनूठे महोत्सव में अलग-अलग राज्यों की संस्कृति के साथ ही पारंपरिक, धार्मिक और पौराणिक महत्वों की झलक दिखेगी। बंसल ने बताया कि प्रतिभागी पंजाबी, साउथ इंडियन, गुजराती सहित धार्मिक, सांस्कृतिक थीम पर सजावट कर सकते हैं।   पारदर्शिता : अन्य शहरों के निर्णायक करेंगे फैसला स्पर्धा के विजेता का फैसला निर्णायक दल करेगा। इसके लिए करीब 5 से 6 निर्णायकों की पैनल बनाई जाएगी। प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्णायक अन्य शहरों से बुलाएंजाएंगे। जो धोक पड़वा पर सुबह 11 बजे से निरीक्षण शुरु करेगी।   2023 में बनाया हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड रंगोत्सव की अनूठी परंपरा ने वर्ष 2023 में शहर का नाम हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाया। बंसल ने बताया कि साल 2023 में करीब 325 प्रतिभागियों ‌द्वारा सबसे लंबी रंगोली बनाई गई। जिन्हें हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। स्पर्ध में पहला स्थान राधिका तायल ने पाया था। जिन्हें 51 हजार रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया था।  तिथियों में असमंजस से बीते साल रही अड़चन बीते साल दीपावली पर अमावस्या की दो तिथियां होने के कारण धोक पड़वा को लेकर असमंजस बना था। बंसल ने बताया कि इसके कारण बीते साल रंगोत्सव का आयोजन नहीं हुआ था। इसके पहले गोपाल मंदिर से अग्रसेन चौराहा और ड्रीमलैंड से हरिफाटक तक रंगोली स्पर्धा होती थी। अब इसका दायरा संपूर्ण छावनी परिषद किया गया है।  सर्वश्रेष्ठ सजावट को मिलेगा एक लाख का इनाम स्पर्धा में एक व्यक्ति के साथ ही समूह बनाकर भी भाग लिया जा सकता है। बंसल ने बताया कि सर्वश्रेष्ठ सजावट करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपए का इनाम प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा दूसरे विजेता को 51 हजार, तीसरे को 21 हजार और 11-11 हजार के पांच सांत्वना पुरस्कार भी देंगे।   25-75 के फार्मूले पर होगी सजावट स्पर्धा में इस साल 25-75 का फार्मूला अपनाया जा रहा है। बंसल के अनुसार इस साल प्रतिभागियों को 25 प्रतिशत अंक रांगोली बनाने 75 प्रतिशत अंक क्षेत्र को सजावट पर मिलेंगे। इसमें स्वागत द्वार, वंदन द्वार, कॉरपेट सहित विद्युत साज-सज्जा भी की जा सकती है।  

इलाज का झांसा देकर फॉर्महाउस ले गया ‘डॉक्टर’, महिला से की शर्मनाक हरकत – केस दर्ज

सिंगरौली मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि आरोपी रामप्रकाश पांडेय, जो लान संचालक है, ने खुद को चिकित्सक बताकर उसे अपने पास बुलाया और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने एक अंजान मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था, जो आरोपी का था। आरोपी ने खुद को चिकित्सक बताया और महिला को लगातार परामर्श देता रहा। 24 सितंबर को वह इलाज के बहाने महिला को सोनभद्र के घोरावल के पास से अपनी बाइक पर बैठाकर लान ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह घर पहुंची और घटना की जानकारी अपने पति को दी। पहले सिंगरौली में मुकदमा दर्ज कराने की कोशिशें असफल रहीं, इसके बाद उसने इलिया थाने में तहरीर दी। थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर पर आरोपी रामप्रकाश पांडेय के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। 

मध्यप्रदेश का अन्नदाता अब बन रहा है ऊर्जादाता: मुख्यमंत्री डॉ यादव

किसान हमारी अर्थव्यवस्था की हैं रीढ़: मुख्यमंत्री डॉ यादव मध्यप्रदेश का अन्नदाता अब बन रहा है ऊर्जादाता किसानों का कल्याण सर्वोपरि, किसान हित में करेंगे सभी प्रयास सूखे खेत को पानी मिल जाये तो फसल हो जाती है सोना हम हर खेत तक पहुंचायेंगे पानी किसानों की खुशहाली ही हमारे विकास का है मुख्य आधार मुख्यमंत्री ने सोलर पंप स्थापना के लिये की किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा विद्युत पंप से एक स्टेप अधिक पॉवर केपिसिटी का दिया जायेगा सोलर पंप सोयाबीन पर भावांतर भुगतान के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास में हुआ किसान आभार सम्मेलन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के 3 हजार से अधिक किसान हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे किसान भाई ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। सरकार का हर निर्णय किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। किसानो की भलाई के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर संभव तरीके से किसानों की आय बढ़ाकर उनकी माली हालत मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। भावांतर योजना किसानों को खुले बाजार में फसलों की कीमतों के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देती है। यह योजना किसान हित में सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में 'सोयाबीन पर भावांतर भुगतान के उपलक्ष्य में' आयोजित किसान आभार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूखे खेत को अगर पानी दे दिया जाये, तो फसल सोना हो जाती है, हम प्रदेश के हर खेत तक पानी पहुंचायेंगे। मध्यप्रदेश के अन्नदाता अब ऊर्जादाता बन रहे हैं। किसान भाई अपने खेतों में सोलर पंप जरूर लगाएं। सोलर पंप लगाने से बिजली के अस्थाई कनेक्शन के खर्च से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सोलर पॉवर पंप स्थापना के लिये किसानों को अब 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। पहले 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को विद्युत पंप से एक स्टेप अधिक पॉवर केपिसिटी का सोलर पॉवर पंप दिया जायेगा अर्थात् 3 HP वाले किसान को 5 HP का सोलर पॉवर पंप और 5 HP वाले किसान को 7.5 HP का सोलर पॉवर पंप दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने किसान आभार सम्मेलन में पारम्परिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को 5-5 हजार रूपए देने की घोषणा भी की। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन तथा भगवान हलधर बलराम एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मेलन की विधिवत् शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाइयों की मेहनत से ही प्रदेश की जीडीपी में कृषि 39 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। किसान भाई सच्चे अर्थों में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, फलों और सब्जियों के उत्पादन की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। प्लांट बेस्ड प्रोटीन के उत्पादन के मामले में भी हम कम नहीं हैं। संतरा, मसाले, लहसुन, अदरक और धनिया उत्पादन में मध्यप्रदेश नंबर वन है। मटर, प्याज, मिर्च, अमरूद उत्पादन में दूसरे तथा फूल, औषधीय एवं सुंगधित पौधों के मामले में तीसरे स्थान पर मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश सोयाबीन स्टेट, मिलेट्स स्टेट, मसाला स्टेट, लहसुन स्टेट और संतरा स्टेट के रूप में प्रसिद्ध होकर देश का फूड बास्केट कहलाने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती-किसानी के लिए जल अमृततुल्य होता है। इसीलिए जल-संरक्षण के हर जरूरी उपाय कर जल अवश्य बचायें। हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी अंचलों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 3 बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ किया है। राजस्थान के साथ पार्वती-काली सिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो से बुंदेलखंड और चंबल, उत्तरप्रदेश के साथ केन-बेतवा से बुंदेलखंड और महाराष्ट्र के साथ ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना से हम प्रदेश के सभी अंचलों में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध कराने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान धरती माता के वास्तविक पुत्र हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश में 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। मां नर्मदा प्रदेश के किसानों के लिए वरदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अनुदान पर सोलर पंप प्रदान कर रही है। किसान को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप दे रहे हैं। किसानों को 32 लाख सोलर पंप दिए जा रहे हैं। किसान 5 हॉर्स पावर तक के सोलर पंप लगाएं। बिजली का खर्च बढ़ाएं और अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचें। हमारी सरकार आने पर प्रदेश में अब 52 लाख हेक्टेयर रकबा सिंचित हुआ है। नदी जोड़ो योजना के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों की फसल को पानी मिल जाए, फसल सोने की हो जाती है। राज्य सरकार ने सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है। किसानों को उनकी फसल का समुचित दाम मिले, इसके लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स भी स्थापित की जा रही हैं, जिससे अधिक उत्पादन होने पर किसान भाइयों को फसल फेकनी न पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले फसल का सीजन निकल जाने पर मुआवजे की राशि भेजी जाती थी। लेकिन अब राज्य सरकार ने सोयाबीन की फसल काटने से पहले ही राशि बांटना शुरू कर दिया है। किसानों की परेशानी किसान का बेटा ही समझ सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों के लिए भावांतर योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान भाई पवित्र मन से दूसरों का पेट भरने के लिए अन्न उगाते हैं। पुरानी सरकारों ने मां नर्मदा के जल का उपयोग नहीं किया। आज वही नर्मदा सिंचाई, पेयजल और उद्योगों को पानी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी गोपालक किसान धूमधाम से गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाएं। राज्य सरकार शासकीय स्तर पर गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाएगी। प्रदेश में प्रभु राम के ओरछा धाम को भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ भी विकसित कर रहे हैं। भगवान कृष्ण से जुड़े हर स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। किसान भाई … Read more

मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद कड़े कदम, 24 जिलों में गुणवत्ता सलाहकार नियुक्ति की घोषणा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाल ही में कफ सीरप से हुई बच्चों की मौत के बाद सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्य प्रदेश अब राज्य के 24 जिलों में जिला गुणवत्ता सलाहकार नियुक्त करने जा रहा है। इन पदों पर ऐसे विशेषज्ञ रखे जाएंगे जो सरकारी अस्पतालों की सेवाओं, दवाओं और उपकरणों के गुणवत्ता की निगरानी करेंगे। एनएचएम के अनुसार, इन सलाहकारों का चयन ऐसे उम्मीदवारों में से होगा, जिनके पास हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थ मैनेजमेंट या पब्लिक हेल्थ से संबंधित डिग्री या अनुभव होगा। ये लोग जिला स्तर पर अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे, उपचार सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करेंगे और लापरवाही या कमियों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। साथ ही वे सुधारात्मक कार्ययोजना बनाकर उसे लागू कराने में भी भूमिका निभाएंगे। जिम्मेदारी और निगरानी का बढ़ेगा दायरा जिला गुणवत्ता सलाहकार अस्पतालों में स्वच्छता, दवा वितरण, मरीजों के प्रति व्यवहार, रिकार्ड प्रबंधन और आपात सेवाओं जैसे बिंदुओं पर नजर रखेंगे। इसके अलावा वे यह भी देखेंगे कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुसार सेवाएं दी जा रही हैं या नहीं। एनएचएम इनकी रिपोर्ट के आधार पर समय-समय पर अस्पतालों की रैंकिंग और सुधार योजनाएं तय करेगा। उम्र सीमा और आरक्षण प्रविधान इसमें आवेदक की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को शासन के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। कुल 24 पदों में से 13 अनारक्षित, पांच ओबीसी, तीन एससी और दो एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। एक पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की पहल     मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए यह पहल की गई है। जिला गुणवत्ता सलाहकार अस्पतालों के निरीक्षण और सुधार कार्यों की निगरानी करेंगे। इससे मरीजों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। – अपर मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश।  

पीएम आवास योजना में प्रदेश के 49 लाख परिवारों को मिला अपना घर

खुद के घर की खुशी से बढ़कर कुछ नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सबको आवास देना ही हमारा लक्ष्य आवास हितग्राहियों के लिये है यह विशेष दीवाली पीएम आवास योजना में प्रदेश के 49 लाख परिवारों को मिला अपना घर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम आवास योजना के अंतर्गत नीमच में तैयार 348 एएचपी आवास कॉलोनी का किया वर्चुअल लोर्कापण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपना घर हर किसी का सपना होता है। अपने घर की खुशी से बढ़कर और कुछ नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 4 करोड़ से अधिक लोगों को उनका मकान बनाकर दिया है। प्रधानमंत्री का खुद का कोई घर नहीं है, लेकिन देश के सभी नागरिकों को मकान देना उन्होंने अपना लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीमच के 348 परिवार अपने सालों पुराने सपने को हकीकत में बदलते देख रहे हैं। यह दिवाली उनके जीवन की सबसे सुंदर दीपावली बनकर आई है, क्योंकि इस बार सभी अपने घर में में दिवाली मनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से नगर पालिका नीमच द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट के तहत निर्मित आवासों की सुंदर कॉलोनी का वर्चुअल लोकार्पण कर हितग्राहियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 348 परिवारों को गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए घर के लाभार्थियों से संवाद कर सभी को धनतेरस के दिन मिले नये आवास और पंच दिवसीय दीपोत्सव की मंगलकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि जब गरीब का घर रोशन होता है, तभी देश में सच्ची दीपावली होती है। आज मध्यप्रदेश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। लक्ष्मी-गणेश की कृपा से मध्यप्रदेश जन-कल्याण और विकास की दीपावली मना रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी नीयत साफ है, हमारी नीतियां गरीबों को सशक्त करने की हैं एक दौर वो भी था जब गरीबों के नाम पर योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन उनका लाभ कई पुश्तों के बाद भी गरीब को नहीं मिल पाता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से हितग्राहियों को छत ही नहीं, स्वाभिमान और सुरक्षा दोनों मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 योजना के तहत हम 10 लाख आवास बनाएंगे। हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पीएम आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट अवॉर्ड की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। नीमच तो हमेशा से ही इस मामले में अव्वल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही नीमच जिले में 134 करोड़ की लागत से पीएम आवास के 348 घरों की चाबियां सौंपी जा रही हैं। जिसमें 144 मकान EWS के, 144 मकान LIG और 60 मकान MIG के शामिल हैं। साथ ही 33 कमर्शियल प्लॉट भी हैं। आज जो मल्टी स्टोरी आवास प्रदान किए जा रहे हैं, यह सिर्फ मकान नहीं, बल्कि एक पूरा परिसर विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां चमचमाती सड़कें, व्यवस्थित नालियां, ओवरहेड टैंक और सीवरेज पंपिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई है। स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा के लिए गेट और बाउंड्री वॉल बनाई गई हैं। बच्चों के खेलने के लिए पार्क की स्थापना की गई है। कैंपस में हेल्थ केयर सेंटर (प्राथमिक उपचार केन्द्र), बस स्टॉप, फायर सुविधा भी है। यहां स्कूल बनाने के लिए भूमि भी आरक्षित की गई है। यानी हर ज़रूरत का पूरा ध्यान रखा गया है। यह समेकित परियोजना एक सच्चे मायनों में सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य की नींव रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश में हर गरीब के पास पक्का मकान हो। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से शहरी गरीबों को पक्के घर देने की दिशा में मिशन मोड पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पीएम आवास योजना के तहत अब तक 49 लाख से अधिक परिवारों का अपने घर का सपना पूरा हुआ है। 40 लाख से अधिक ग्रामीण और 8 लाख से अधिक शहरी परिवारों को अपनी छत मिली है। हमारे गांव और शहर दोनों एक साथ मुस्कुरा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच में बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज बनेगा और हवाई सेवाओं से भी जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि नीमच की भादवा माता मध्यप्रदेश की वैष्णो देवी हैं। भादवा माता मंदिर के विकास के लिए भी सभी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बहनें हमारा मान हैं। बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की राशि पहुंच गई है, भाईदूज से 250 रुपए अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाइयों को भी हमने भावांतर योजना का उपहार दिया है। अब हमारी सरकार कोदो-कुटकी का उपार्जन भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश दीयों की दिवाली भी मना रहा है और दिलों की दिवाली भी मना रहा है। आज दोहरी खुशी का मौका है, त्यौहार की खुशी के साथ-साथ अपने घर का सपना साकार हुआ है। मुख्यमंत्री ने नव गृह प्रवेश करने वाले सभी हितग्राहियों की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम को नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आज नगर पालिका क्षेत्र नीमच में 348 घरों की पीएम आवास कॉलोनी सहित नीमच विधानसभा क्षेत्र की 25 ग्राम पंचायतों को स्वच्छता रथ भी दिए गए हैं। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सु निर्मला भूरिया ने वर्चुअली सहभागिता की। नीमच में हुए कार्यक्रम में मंदसौर-नीमच सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा, विधायक माधव मारू, जिलाध्यक्ष मती खंडेलवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में नीमच की नगर पालिका अध्यक्ष मती स्वाति चोपड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया।  

एम्स से सुभाष नगर तक भोपाल मेट्रो का CMRs निरीक्षण खत्म, जल्द दौड़ेगी मेट्रो

भोपाल  अक्टूबर में भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर संचालन का जो लक्ष्य रखा गया था, अब वह पूरा होने के करीब है। मेट्रो प्रबंधन ने संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली से आई कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम द्वारा दूसरे चरण का निरीक्षण पूरा करा लिया है। सीएमआरएस की तीन सदस्यीय टीम ने 15 और 16 अक्टूबर को एम्स से सुभाष नगर स्टेशन तक प्रायोरिटी कॉरिडोर का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य लाइन, ट्रैक, विद्युत और यांत्रिक (ई एंड एम) सिस्टम, स्टेशन भवन और परिचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। यह भोपाल मेट्रो की अंतिम परीक्षा मानी जा रही है। अब सिर्फ ‘ओके टू रन’ रिपोर्ट का इंतजार है। इससे पहले 25 सितंबर को मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) और उनकी टीम ने डिपो और रोलिंग स्टॉक का परीक्षण किया था। वहीं इस बार सीएमआरएस टीम ने सभी स्टेशनों पर सुरक्षा और तकनीकी मानकों की समीक्षा की ताकि संचालन शुरू होने से पहले सभी सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और मानक अनुरूप हों। CMRS की दूसरी जांच में डिपो से AIIMS Bhopal तक के आठ मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इस जांच में यात्रियों के लिए सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया। इसमें स्टेशन के आने-जाने के रास्ते, लिफ्ट, एस्केलेटर, शौचालय, कंट्रोल रूम, आग से सुरक्षा के इंतजाम, ट्रैक और बिजली की व्यवस्था, टेलीकॉम नेटवर्क और सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल हैं। स्टेशनों की सुंदरता बढ़ाने के कामों को भी देखा गया। CMRS की दूसरी जांच का यह हिस्सा प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्से को कवर करेगा। यह हिस्सा सुभाश नगर डिपो को AIIMS Bhopal से जोड़ता है। इस खंड में आठ मेट्रो स्टेशन हैं और यह शुरुआती यात्री सेवा का मुख्य आधार बनेगा। MPMRCL के अधिकारियों ने बताया कि CMRS की यह जांच मेट्रो के संचालन की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि जांच में हर छोटी-बड़ी चीज़ का बारीकी से मुआयना किया जा रहा है। स्टेशन के अंदर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्थाएं, यात्रियों के लिए आरामदायक माहौल और आपातकालीन स्थिति से निपटने के इंतजामों को परखा जा रहा है। यह भी बताया गया कि मेट्रो के ट्रैक और बिजली की सप्लाई की जांच भी की जा रही है ताकि संचालन के दौरान कोई दिक्कत न आए। टेलीकॉम नेटवर्क की जांच यह सुनिश्चित करेगी कि यात्रियों को संचार की कोई समस्या न हो। इस पूरे प्रोजेक्ट में MPMRCL के अधिकारी पूरी मेहनत से लगे हुए हैं ताकि भोपालवासी जल्द से जल्द इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठा सकें। दिवाली के बाद होगा अंतिम निरीक्षण मेट्रो प्रबंधन के अनुसार अब अगला कदम सीसीआरएस द्वारा अंतिम निरीक्षण है। उनकी स्वीकृति मिलने पर ही भोपाल मेट्रो को ‘ओके टू रन’ रिपोर्ट जारी होगी। रिपोर्ट मिलते ही राजधानी के लोगों का लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हो जाएगा और भोपाल मेट्रो अपने पहले चरण में एम्स से सुभाष नगर तक दौड़ने लगेगी।  

दिवाली से पहले भोपाल में पटाखा गन हादसा: आंख डैमेज, एम्स ने दी सावधानी बरतने की सलाह

भोपाल भोपाल में पटाखा गन से 11 साल के बच्चे की आंख की पलक जल गई। पुतली पर सफेदी (ल्यूकोकोरिया) छा गई। इस साल दिवाली का यह पहला केस गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के नेत्र विभाग में पहुंचा है। अब बच्चे की आंख बचाने के लिए शनिवार को सर्जरी की जाएगी। बच्चा पटाखा गन लोड करने के बाद चेक कर रहा था। ऊस वक्त गन चल गई, जिससे पटाखा उसकी आंख में लग गया। GMC के नेत्र विभाग के मुताबिक बच्चे को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। सभी जांचें पूरी कर ली गई हैं। रिपोर्ट आने के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस कुबरे सर्जरी करेंगे।दूसरी ओर, भोपाल एम्स ने दिवाली को लेकर एडवाइजरी जारी की है। जिसमें बताया है कि इस त्योहार पटाखे फोड़ते वक्त क्या करना चाहिए और किससे बचना है। बता दें, पिछली दिवाली पर ऐसे ही हादसों में 52 लोग झुलसे थे। पिछली दिवाली पर 91 वर्षीय बुजुर्ग की साड़ी में दीये से आग लग गई थी। 70% झुलसने के बाद उन्हें एम्स भोपाल लाए थे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, जलने के 15 मरीज एम्स, 13 जेपी और 24 हमीदिया पहुंचे थे। 6 मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ी थी। आंखों के सबसे ज्यादा मरीज दिवाली पर सबसे ज्यादा मरीज आंखों की चोटों के साथ अस्पताल पहुंचते हैं। बीते साल एम्स में 14 साल के बच्चे और 29 वर्षीय युवक की आंखों की रोशनी चली गई थी। वहीं, हमीदिया में दो मरीज 50% से ज्यादा झुलसे थे। उनका इलाज बर्न एंड प्लास्टिक विभाग में हुआ था और करीब 20 दिन बाद डिस्चार्ज किया गया। एम्स ने जारी की एडवाइजरी एम्स भोपाल ने कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक कल्याण का अवसर है। इस अवसर पर एम्स के बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने जरूरी सावधानियां साझा की हैं। केमिकल और थर्मल इंजरी के साथ आते हैं मरीज गांधी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की विशेषज्ञ डॉ. अदिति दुबे ने बताया कि दिवाली पर बर्न से संबंधित कई इंजरी आती हैं। मुख्य रूप से ये केमिकल और थर्मल दो प्रकार की होती हैं। केमिकल इंजरी में आंखों में चूना या सफाई और रंगरोगन में उपयोग होने वाली सामग्री चली जाती है। वहीं, थर्मल इंजरी के अधिकतर केस पटाखों से जलने के होते हैं। डॉ. दुबे ने कहा कि पटाखों से लगने वाली चोटें लंबे समय तक दिक्कत देती हैं, क्योंकि विस्फोट से पहले थर्मल बर्न होता है और उसके बाद उसमें मौजूद केमिकल से हुआ नुकसान देर तक असर दिखाता है। हर साल की तरह इस बार भी नेत्र विभाग पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से जले तो सीधे अस्पताल पहुँचे। आंखों में समय रहते इलाज मिलने से रोशनी बचने की संभावना अधिक रहती है।