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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश में टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान

निवेशकों और फिल्मी हस्तियों के साथ मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से शनिवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के अवसर पर पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों, प्रमुख फिल्म निर्माताओं और प्रसिद्ध अभिनेताओं के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस वन-टू-वन चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और मध्यप्रदेश को एक प्रमुख फिल्म-शूटिंग गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना है। इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग के विभिन्न दिग्गजों के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फिल्म जगत से प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुश्री एकता कपूर, जाने-माने अभिनेता श्री गजराज राव और श्री रघुवीर यादव ने भेंट की। स्पेनिश फिल्म कमीशन से सुश्री लारा मोलिना एवं फिल्म निर्माता श्रीमती अन्ना सौरा ने भी चर्चा में भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार राज्य को पर्यटन और फिल्म निर्माण के लिए देश का सबसे आकर्षक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थीं। होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के कई बड़े नामों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इनमें इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के ईवीपी श्री परवीन चंदर कुमार, जेट सर्व एविएशन के श्री राम ओला, एटमॉस्फियर कोर के प्रबंध निदेशक श्री सौभाग्य मोहापात्रा, पोस्ट कार्ड होटल्स के सह-संस्थापक श्री अनिरुद्ध कांडपाल, ट्रेज़र ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री विनायक कलानी, एमआरवीएच रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के निदेशक श्री जीतेंद्र सिंह, द मालवा क्लब एंड रिज़ॉर्ट के संस्थापक श्री सुमरध्वज ब्रह्मभट्ट, सेरेनडिपिटी लेक्स एंड रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक डॉ. सुश्रुत सुधीर बाबुलकर, और ऑर्बिट रिज़ॉर्ट्स के श्री संदीप खन्ना और श्री मनोज सिंह शामिल थे। मध्यप्रदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ ट्रैवल वेडिंग प्लानिंग और इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। इस समूह में पर्यटन फ्यूचर्स के श्री नवीन कुंडू, यात्रा डॉट कॉम के श्री राकेश कुमार राणा, इंडियन गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन (IGTA) के श्री राजन सहगल, प्रसिद्ध शेफ मंजीत गिल, लाफ्लोरेंस वेडिंग के श्री विक्रमजीत शर्मा, वेडिंग एंड ट्रैवल जर्नलिस्ट सुश्री श्रुति सिंह, ईएसएल इवेंट्स की सुश्री एकता सहगल लुल्ला, वेडिंग चैप्टर्स की सुश्री ईशा अग्रवाल, कर्ली टेल्स डिजिटल मीडिया प्रा. लि. के श्री समर ओम प्रकाश वर्मा, डिलिजेंस सॉल्यूशन्स प्रा. लि. के श्री अनुज मदान, ज़ू मीडिया के श्री प्रतीक गुप्ता, इंडियन एग्ज़ीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन के श्री सूरज धवन और लोटस एग्ज़ीबिशन्स एंड मार्केटिंग सर्विसेज के श्री राजीव मल्होत्रा ने भेंट की।  

दीक्षांत समारोह में 37 पीएचडी, 540 स्नातक, 222 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने प्राप्त की उपाधि

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि वंचित समुदाय के उन्नति का मार्ग प्रशस्त करना भी है। उन्होंने उपाधि धारकों से कहा कि नानाजी द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय में अध्ययन करने का मौका आप सभी विद्यार्थियों को सौभाग्य के रूप में मिला है। उनके बौद्धिक विचारों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन की दिशा तय करें और सुखी तथा समृद्ध जीवन की ओर अग्रसर हों। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री पटेल ने दीक्षांत समारोह मे नानाजी के कार्यों का स्मरण किया। राज्यपाल श्री पटेल चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के 13 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 37 छात्रों को शोध उपाधि, 35 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक और 01 विद्यार्थी को नानाजी मेडल प्रदान किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की थीम पर आधारित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित ग्राम जीवन प्रदर्शिनी , गांव से गगन तक और डीआरआई की कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई नानाजी देशमुख के जीवन पर केन्द्रित चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर राज्यपाल ने राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा नव निर्मित किसान भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया।उनके समक्ष विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से कहा है कि समृद्धि और सफलता के शिखर पर पहुंचने पर भी ये याद रखें कि आपको इस मुकाम तक पहुंचाने वाले आपके माता-पिता, शिक्षक, समाज और देश को कभी नही भूलें। उन्होंने कहा कि जैसे चित्रकूट के कण-कण में नानाजी की उदारता और उनकी संकल्प शक्ति के दर्शन होते हैं वैसे ही आपको अपने कार्यों से अपनी और विश्वविद्यालय की कीर्ति दूर-दूर तक पहुंचानी चाहिए। विकसित भारत में हमारा जीवन कैसा हो इसके लिए जो शिक्षा ग्रहण की है उसका सदुपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करते हुए सभी का जीवन समृद्ध और सुखमय बनाये। उपाधि और पदक के साथ नानाजी के आदर्शों को भी साथ ले जाएं : श्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने विद्यार्थियों से कहा कि उपाधि और पदक के साथ विश्वविद्यालय की नींव रखने वाले राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख के आदर्शों को साथ ले जाएं। नानाजी देशमुख ने समाज के परिवर्तन के लिए कर्मभूमि चित्रकूट मे विश्वविद्यालय की स्थापना की है। विश्वविद्यालय से दीक्षित छात्र ,छात्रा को कृषि,स्वास्थ्य, विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार करते हुए समाज की चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने चाहिए। वर्ष 2047 में विकसित भारत बनाने के प्रयासों में उद्योगपति, किसान, युवाओं सभी की भूमिका है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने अनेक चुनौतियां भारत के सामने खडी की लेकिन हमारा दर्शन वसुधैव कुटुम्बकम का है। उन्होने छात्र-छात्राओं से कहा कि सत्य निष्ठा और परिश्रम से की गई पढाई हमारी अथवा हमारे परिवार की नहीं बल्कि देश की संपत्ति है। उच्च शिक्षा मंत्री ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय को देश भर में अव्वल रहने की शुभकामनायें देते हुए सरकार की ओर से निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि विद्यार्थी के लिए यशस्वी और सार्थक जीवन का अर्थ है कि वह व्यवसायी जीवन में सफलता प्राप्त करे | स्वयं के परिवार का पालन करते हुए समाज मे योगदान के लिए सक्षम बनें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख ने 75 वर्ष की आयु में चित्रकूट आकर यहां के समाज और वंचित समुदाय के साथ संवेदना के साथ जुडकर चित्रकूट को अपनी कर्मभूमि बनाया। विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो0 भरत मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन और प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलगुरू ने उपाधि धारकों को दीक्षांत शपथ भी दिलाई। राज्यपाल श्री पटेल ने किये मां शारदा देवी के दर्शन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने शनिवार को मैहर जिले के प्रवास के दौरान मां शारदा देवी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश वासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मैहर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे ।  

देश में प्राचीन काल से रही है न्याय देने की परम्परा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

न्याय पाना हर नागरिक का मौलिक अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश में प्राचीन काल से रही है न्याय देने की परम्परा समानता, पारदर्शिता, विनम्रता और सबको समय पर न्याय दिलाना ही है न्यायपालिका की मूल आत्मा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में किया विधि विशेषज्ञों की अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ उच्चतम न्यायलय के न्यायमूर्तिगणों और विधि-विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि न्याय पाना देश के हर नागरिक का मौलिक, बुनियादी, मानवीय, नागरिक और संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि भारत की संघीय शासन व्यवस्था का आधार ही सबके जीवन, भोजन और स्वास्थ्य के अधिकारों की समान रूप से न्यायपूर्ण रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य का पहला दायित्व है कि देश का कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे। न्याय और सुशासन न केवल राष्ट्र और समाज को मजबूत करते हैं, बल्कि शासन व्यवस्था को जवाबदेह भी बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का नया दौर न्याय का पथ गौरवान्वित करने वाला है। उच्चतम न्यायालय द्वारा बीते कुछ सालों में दिए गए कई निर्णयों ने देश को नई दिशा दी है। इससे न्याय व्यवस्था पर हमारी आस्था को और बल मिला है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि युग बदले, दौर बदले, परंतु न्याय की आत्मा हमेशा वही रहेगी। समानता, पारदर्शिता, विनम्रता और सबको समय पर न्याय दिलाना ही न्यायपालिका की मूल आत्मा रही है और आगे भी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा है हमारे देश में न्याय की प्राचीन परंपरा रही है। न्याय देने की स्थापित व्यवस्था को और बेहतर बनाना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब तो न्याय की देवी की आंखों की पट्ठी भी खोल दी गई है। इसका आशय यह है कि अब न्याय की देवी खुली आंखों से न्याय कर सकेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित "इवोल्विंग होराइजन्स: नेविगेटिंग कॉम्प्लेक्सिटी एंड इनोवेशन इन कमर्शियल एंड आर्बिट्रेशन लॉ इन द डिजिटल वर्ल्ड" विषय पर आयोजित विधि विशेषज्ञों की अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस) के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्चतम न्यायलय के न्यायमूर्तिगणों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस संगोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए इंदौर पधारे उच्चतम न्यायालय के सभी सम्मानीय न्यायमूर्तियों और देश-विदेश से आए विधि विशेषज्ञों, न्यायविदों तथा विद्यार्थियों का आभार जताते हुए कहा कि देश के सबसे स्वच्छतम शहर में न्याय प्रणाली के मंथन पर ऐसी विद्वत सभाओं का आयोजन हमें नई उम्मीद देता है, साथ ही और बेहतर करने की प्रेरणा भी देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार न्याय प्रणाली को और अधिक सुलभ, सरल और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। राज्य में प्रादेशिक और जिला स्तर के न्यायालयों की सुदृढ़ स्थापना के साथ-साथ मध्यप्रदेश में ग्राम न्यायालयों की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय न्याय परम्परा का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। हम सम्राट वीर विक्रमादित्य को कैसे भूल सकते हैं, जिन्होंने अपने बाल्यकाल से ही तत्समय भारत देश में न्याय और सुशासन की व्यवस्था का सूत्रपात किया था। हम उन्हीं के बताए मार्ग पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में कानून के क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं, जिससे नागरिकों को अधिक अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ दायित्वों का पालन भी आवश्यक है उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली जितनी सहज और सरल होगी, नागरिक को उतनी ही जल्दी न्याय मिलेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को सुगमता से न्याय मिले और उसकी आस्था न्यायिक व्यवस्था पर सदैव बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष ज़ोर देकर कहा कि आज के तेज़ी से विकसित होते तकनीकी युग में, न्यायपालिका को निरंतर मूल्यांकन और अनुकूलन उपायों पर काम करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि न्याय प्रदान करना नवाचार में बाधा डाले बिना निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे। इससे भारत की अर्थव्यवस्था का विकास हो सके और साथ ही व्यापार करने में आसानी भी सुनिश्चित हो। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी ने कहा कि न्यायपालिका का लक्ष्य कानून का पुनर्निर्माण करना नहीं है, बल्कि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के विचार को सीमित किए बिना निष्पक्षता की सीमाओं का विस्तार करना है। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक अर्थव्यवस्था में, डेटा पर नियंत्रण केवल फर्मों या कंपनियों के स्वामित्व से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, और इसलिए, आर्थिक विकास को बाधित किए बिना पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कानूनी पेशा तकनीकी प्रगति का अपवाद नहीं रह सकता। प्रौद्योगिकी-संचालित और स्वचालित अनुबंधों के उदय के साथ, न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तकनीकी विकास के कारण न्याय से समझौता न हो और इन प्रगति के साथ विकसित होना चाहिए। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  राजेश बिंदल ने कहा कि जैसे-जैसे व्यापार का विस्तार होता है, विवाद स्वाभाविक रूप से बढ़ते हैं और इसका समाधान न्यायपालिका में ही निहित है। चूँकि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, इसलिए हमारी मानसिकता में बदलाव लाने और सभी हितधारकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपयोगी तो है, लेकिन यह पेटेंट और पंजीकरण जैसे क्षेत्रों में नई चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करता है। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  अरविंद कुमार ने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का केवल एक भागीदार ही नहीं, बल्कि एक निर्माता भी है। न्याय से समझौता किए बिना, व्यापार में सुगमता और नवाचार को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने न्यायनिर्णयन से सहयोग और मध्यस्थता से नवाचार की ओर बदलाव पर ज़ोर दिया और कानूनी बिरादरी के लिए तदनुसार अनुकूलन की आवश्यकता पर बल दिया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  संजीव सचदेवा ने "विकसित होते क्षितिज: डिजिटल दुनिया में वाणिज्यिक और मध्यस्थता कानून में जटिलता और नवाचार को नेविगेट करना" विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  जे.के. माहेश्वरी, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण और अन्य न्यायाधीशगणों और विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत … Read more

कफ सिरप की बिक्री पर बैन, बच्चों की मौत से दहशत में मेडिकल स्टोर वाले

इंदौर  शहर में जेनेरिक कफ सिरप की बिक्री में भारी गिरावट आई है। बच्चों की मौत की खबरों के बाद लोगों ने इन दवाओं से दूरी बना ली है। इस वजह से कई आम कफ सिरप की मांग लगभग खत्म हो गई है। इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक, जेनेरिक कफ सिरप की मांग बहुत कम हो गई है। वहीं, मौसमी सर्दी-खांसी के कारण ब्रांडेड कफ सिरप की बिक्री में थोड़ी कमी आई है। कई माता-पिता अब दवाइयों की जगह घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं। बोतलों पर लग रही वार्निंग राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इन दवाओं पर एक खास चेतावनी लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस चेतावनी में लिखा है, 'चार साल से कम उम्र के बच्चों को न दें।' FDA ने 4 अक्टूबर को एक पत्र जारी कर यह भी कहा है कि इन दवाओं को डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेचा जा सकता। माल वापस कर रहे दुकानदार दवा बाजार के एक थोक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'छोटे दुकानदार कम मांग के कारण बिना बिका माल वापस कर रहे हैं। डॉक्टर भी जब तक बहुत जरूरी न हो, कफ सिरप नहीं लिख रहे हैं।' बिना पर्चे के नहीं मिल रही कफ सिरप केमिस्ट भी डॉक्टर के पर्चे के बिना कोई भी कफ सिरप नहीं बेच रहे हैं। अशोकनगर केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव शरद गुप्ता ने कहा, 'हमने FDA के निर्देशों के अनुसार क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले सभी सिरप पैक कर दिए हैं और अपने वितरकों को वापस भेज रहे हैं।'  

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बदलेगी किसानी की तस्वीर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने इंदौर में 30 लाख टन क्षमता के अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का शुभारंभ किया प्रधानमंत्री  मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पी एम कृषि धन-धान्य कृषि योजना कृषि विकास के क्षेत्र में नया अध्याय लिखेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव शनिवार को इंदौर से केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित 'अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण" कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया और इंदौर में 30 लाख टन क्षमता के अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ भी किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य सहकारी संघों को पैक्स से जोड़े जाने को भी ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी के संबोधन का ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से वर्चुअली श्रवण किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री  लखन पटेल, विधायकगण  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  मनोज पटेल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के एमडी डॉ. संजय गोवानी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशभर के किसानों के लिए दो बड़ी योजना – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्म-निर्भरता मिशन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना देश के कृषि विकास और इससे जुड़े सेक्टर्स में आमूल-चूल परिवर्तन लाने की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 10 हजार एफपीओ के अंतर्गत 50 लाख किसान सदस्यता ले चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन में एक लाख किसानों का प्रमाणन, 4275 मैत्रीय का प्रमाणन, कंप्युटराइजेशन में 10 हजार से अधिक बहुउद्देशीय पैक्स को मंजूरी, डेयरी, मत्यपालन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण जैसे कई प्रकार के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश के इंदौर में 30लाख टन की क्षमता और 79 करोड़ रुपये की लागत वाले आत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण सयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ भी किया है। साथ ही प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को पैक्स से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी का आभार माना। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से जहां कम उपज वाले देश के 100 जिलों में पैदावार बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलेगा, वहीं दालों के उत्पादन में भी तेजी आएगी। इस विशेष कार्यक्रम में कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स की करीब 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे न केवल देश के किसान भाई-बहनों के जीवन में नई खुशहाली आएगी, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी और मजबूत होगा। वर्चुअल कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर जिले के किसानों द्वारा आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया।  

चंद्रशेखर रावण पर गंभीर आरोप, डॉ. रोहिणी घावरी ने की खुलकर बातें, शराब को लेकर भी विवाद

इंदौर  उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर इंदौर की पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने उत्पीड़न, धोखेबाजी और कई दलित लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. रोहिणी का कहना है कि चंद्रशेखर ने शादी का झांसा देकर उनके साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए और उन्हें धोखे में रखा। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पास चंद्रशेखर के खिलाफ वीडियो के रूप में पुख्ता सबूत हैं, जिसमें वे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और इसकी सुप्रीमो मायावती के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 'अन्याय के खिलाफ है मेरी लड़ाई' डॉ. रोहिणी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह जून से ही चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर उन्होंने वकील की सलाह पर दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि वह किसी राजनीतिक दल के इशारे पर यह सब कर रही हैं। रोहिणी ने कहा, "मेरी लड़ाई किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ है। अगर किसी को लगता है कि मैं किसी के कहने पर काम कर रही हूं, तो वे इसे सबूतों के साथ समाज के सामने साबित करें।" जबकि रोहिणी का कहना है कि मैंने समाज को जागरूक करने के लिए वीडियो शेयर किया था। बताया था कि लीडर्स समाज को झूठा संदेश देते हैं। एक तरफ तो आप प्रेरित करते हो कि शराब नहीं पीना चाहिए। मैंने वही दिखाया जो सच है। रात को 1 बजे ग्रीन टी कौन पीता है। आप एल्कोहोलिक हो तो झूठ मत बोलो। कई दलित लड़कियों के शोषण का आरोप रोहिणी ने दावा किया कि चंद्रशेखर ने उनके अलावा भी कई दलित लड़कियों का शोषण किया है। उन्होंने कहा, "मेरी कुछ ऐसी लड़कियों से बात हुई है, जिन्हें मेरी तरह ही शादी का झांसा देकर रिश्ते में रखा गया और बाद में छोड़ दिया गया।" उन्होंने 2017 के एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें सहारनपुर की एक जाटव लड़की ने चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन गरीब होने के कारण उसकी आवाज दबा दी गई। शादी और निजी संबंधों पर बड़ा खुलासा डॉ. घावरी ने चंद्रशेखर की शादी को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर ने अपनी शादी की बात छिपाई थी और इसे एक 'कॉन्ट्रैक्चुअल मैरिज' बताया था, जिससे वह जल्द छुटकारा पाना चाहते थे। रोहिणी के अनुसार, चंद्रशेखर की मां ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके बेटे की शादी नहीं हुई है, जबकि चंद्रशेखर को एक बेटा भी है। मायावती के लिए कहे अपशब्द रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, "मेरे पास ऐसे वीडियो हैं, जिन्हें मैं जांच एजेंसियों को देने के लिए तैयार हूं। वह (चंद्रशेखर) नहीं चाहते थे कि कोई और दलित लीडरशिप में आगे बढ़े और इसीलिए वे मायावती जी की छवि खराब करने की कोशिश करते थे।"  

पहाड़ों में बर्फबारी से ठंड बढ़ी, मानसून अभी तक नहीं लौटा; मध्य प्रदेश में पारा लुढ़का

भोपाल  मध्य प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में मानसून विदाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब अधिकांश शहरों में मौसम शुष्क और साफ नजर आ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 36 घंटों में प्रदेश से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा. कुछ जगहों पर केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. वहीं, जोरदार बारिश के बाद अब दिन में चटक धूप खिल रही है और शाम होते ही गुलाबी ठंडक का अहसास होने लगा है. इस बार ठंड की शुरुआत सामान्य से कुछ जल्दी हो गई है और संभावना है कि दीपावली तक लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले लें. 17 साल में अक्टूबर में तेज ठंड राजधानी भोपाल में पारा अक्टूबर में 18 डिग्री तक गिर गया है, जो पिछले 17 वर्षों में पहली बार हुआ है. पचमढ़ी के मुकाबले राजगढ़ और इंदौर शहरों में तापमान अधिक ठंडा महसूस हो रहा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजगढ़ में 14.5 डिग्री, इंदौर में 15.5 डिग्री और खंडवा में 17 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. भोपाल में भी न्यूनतम पारा 18 डिग्री तक गिरा है. गुना में हुई सबसे ज्यादा बारिश मानसून सीजन के दौरान इस साल गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई. मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई. इसके विपरीत, सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल हैं. पहाड़ों की बर्फबारी से बदली हवा का रुख जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर से ठंडा हो गया है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक और बढ़ सकती है। 40 से ज्यादा जिलों से लौट चुका है मानसून राज्य में मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार तक भोपाल, इंदौर, धार, बुरहानपुर, खंडवा, सीहोर, सागर, रायसेन, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम और बैतूल समेत 40 से अधिक जिलों से मानसून विदा हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिंगरौली, सीधी, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों से भी अगले 2 दिन में मानसून की पूरी तरह से विदाई हो जाएगी। पूर्वी जिलों में अभी बनी रहेगी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अभी हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक बालाघाट, मंडला, सिवनी और उमरिया जिलों में बादल छाए रहेंगे। शेष जिलों में मौसम साफ रहेगा। इस सीजन में गुना रहा सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला मानसूनी सीजन के दौरान इस साल गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) शामिल हैं। इंदौर संभाग की स्थिति में हुआ सुधार मानसून की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में बारिश की स्थिति कमजोर थी, लेकिन सितंबर में तेज बारिश ने संतुलन बना दिया। इंदौर में अब सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया है, हालांकि उज्जैन में अभी भी औसत से कम वर्षा हुई है। ग्वालियर-चंबल में जमकर बरसा मानसून ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में इस बार मानसून सक्रिय रहा। यहां के सभी जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी, खासकर छतरपुर, मंडला और उमरिया जिलों में। अक्टूबर में मौसम का पुराना रिकॉर्ड     भोपाल में अक्टूबर का औसत अधिकतम तापमान 32.7°C और न्यूनतम 19.1°C रहता है। वर्ष 2012 में तापमान रिकॉर्ड 38°C तक पहुंच गया था।     इंदौर में 22 अक्टूबर 1999 को रात का तापमान 6.2°C दर्ज हुआ था, जो अब तक का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है।     ग्वालियर में 27 अक्टूबर 1994 को 40.1°C तक तापमान पहुंचा था।     जबलपुर में 30 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 10.5°C रहा था।     उज्जैन में 29 अक्टूबर 1983 को न्यूनतम 8.1°C और 2002 में दिन का तापमान 39°C दर्ज हुआ था। अब गुलाबी ठंड का इंतजार मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले सप्ताह में मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं लगातार सक्रिय हैं। इससे सुबह और देर शाम सर्दी का अहसास और बढ़ जाएगा। तीन दिन तक पूर्वी हिस्से में बूंदाबांदी का अनुमान मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक पूर्वी हिस्से के जिलों में बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश होने के आसार है। शुक्रवार को पूर्वी हिस्से के तीन जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

ग्वालियर में पर्यटन को नया आयाम, नैरोगेज संग्रहालय बनेगा हेरिटेज हब

ग्वालियर  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के निर्देशों के बाद अब ग्वालियर में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सिंधिया के विजन के तहत ग्वालियर का नैरोगेज संग्रहालय (Narrow Gauge Museum) अब एक भव्य “हेरिटेज हब” के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे बोर्ड की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (हेरिटेज) आशिमा मेहरोत्रा और डिप्टी डायरेक्टर (हेरिटेज) राजेश कुमार ने गुरुवार को पुराने एरिया मैनेजर कार्यालय स्थित नैरोगेज संग्रहालय और लोको शेड का गहन निरीक्षण किया।  ग्वालियर का नैरोगेज म्यूजियम बनेगा शानदार हेरिटेज हब निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह संग्रहालय एक अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे संवारकर पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा। इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एडीईएन, एडीईई और एसीएम कार्यालयों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि पूरा परिसर एक समर्पित नैरोगेज म्यूजियम के रूप में विकसित हो सके।  सिंधिया के निर्देशों का असर – तेजी से आगे बढ़ा प्रोजेक्ट केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अफसरों को हाल ही में ग्वालियर म्यूजियम को नागपुर नैरोगेज म्यूजियम की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत अफसरों ने अब प्रोजेक्ट को गति दी है।   सिंधिया के निर्देशों के बाद तय हुई बड़ी योजनाएं  संग्रहालय का विस्तार: पुराने और जर्जर क्वार्टर हटाकर म्यूजियम का विस्तार किया जाएगा।  आधुनिक सुविधाएं: बच्चों के लिए टॉय ट्रेन, डिजिटल स्क्रीन, फोटो गैलरी, कैफेटेरिया और ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।  नई ट्रेनें और स्टॉपेज: ग्वालियर से भोपाल इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने के साथ, संपर्क क्रांति जैसी प्रमुख ट्रेनों का ग्वालियर में स्टॉपेज बढ़ाने की योजना है।  नया रूट: ग्वालियर-इटावा रेल रूट पर भी नई ट्रेन प्रारंभ करने की तैयारी।  निरीक्षण में शामिल अधिकारी इस मौके पर प्रयागराज से आए मुख्य चल शक्ति अभियंता आर.डी. मौर्य, एडीआरएम नंदीश शुक्ला, सीडब्लूएम शिवाजी कदम, सीनियर डीएमई गौरव यादव, एडीईएन अजीत मिश्रा और स्टेशन डायरेक्टर वी.के. भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  ग्वालियर की पहचान को मिलेगा नया रूप! इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ग्वालियर न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाएगा बल्कि यह हेरिटेज टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा। सिंधिया के विजन से शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है — ग्वालियर अब इतिहास और आधुनिकता का संगम बनेगा!

मादक पदार्थ नियंत्रण को लेकर बड़ी पहल, राज्य में बनी नार्को कोऑर्डिनेशन समिति

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति का पुनर्गठन किया गया है। यह समिति राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, उनकी अवैध खेती और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। समिति में गृह, चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय, वन, कृषि, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव शामिल होंगे। साथ ही पुलिस महानिदेशक, एनसीबी, डीआरआई, सीबीएन, ईडी, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, डाक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। यह समिति राज्य में नशे की रोकथाम से जुड़े सभी पहलुओं पर नीति और रणनीति तैयार करेगी। इसके तहत ड्रग्स की तस्करी पर निगरानी, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले अवैध परिवहन को रोकना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा समिति राज्य में फोरेंसिक जांच क्षमता को बढ़ाने, अवैध मादक फसलों की खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम चलाने और केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड के उपयोग की निगरानी भी करेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इस समिति के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर सख्त नियंत्रण किया जा सके और समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार किया जाए। 

MP ट्रैवल मार्ट 2025 का आगाज़ आज, पर्यटन और सिनेमा जगत की हस्तियों का लगेगा जमावड़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। मुख्यमंत्री शुभारंभ से पहले विशिष्ट आमंत्रित डेलीगेट के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स में पर्यटन निवेश और सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसी अवसर पर भारत भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के आसपास पर्यटन अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास करना है। कार्यक्रम में इंडियन एसोसिएशन फॉर टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के प्रेसिडेंट रवि गोसाईं, अभिनेता रघुवीर यादव, हर्षिल टूर एण्ड ट्रेवल्स के प्रवीण शाह, आईएचसीएल के प्रवीण चंदेर कुमार और क्यूरियस जर्नी की मिशेल इमेलमेन सहित 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इसमें 27 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर, 150 घरेलू टूर ऑपरेटर और 355 सेलर्स उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर रायसेन जिले में गोल्फ कोर्स और खंडवा जिले में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए निवेशक विनायक कालानी को लैटर ऑफ अवॉर्ड देंगे। इसके अलावा कर्ली टेल्स, बालाजी टेलीफिल्म और अतावी बर्ड फाउंडेशन के साथ पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति के प्रभाव आकलन रिपोर्ट का विमोचन भी इस कार्यक्रम में किया जाएगा। मध्य प्रदेश में हनुवंतिया, मांडू और तामिया में टेंट सिटी की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिए जाएंगे। ओरछा में टेंट सिटी के संचालन के लिए आगमन संस्था को और हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जेट सर्व एविएशन प्रालि व ट्रांस भारत एविएशन प्रालि को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। फैम ट्रिप्स के माध्यम से देश-विदेश से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने खजुराहो, पन्ना, ओरछा, भीमबेटका, मढ़ई, पचमढ़ी, इंदौर, महेश्वर, मांडू, उज्जैन, जबलपुर, कान्हा, पेंच और भोपाल के पर्यटन स्थलों का अनुभव किया। इन यात्राओं में प्रतिनिधियों ने स्थानीय जीवनशैली, लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण परिवेश से जुड़कर 'अतुल्य मध्य प्रदेश' की असली आत्मा का अनुभव किया। इस भव्य आयोजन से मध्य प्रदेश पर्यटन के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी और राज्य में निवेश के अवसरों में वृद्धि होगी।