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छिंदवाड़ा में मानवीय चेहरा: छात्रा की मदद को आगे आए थाना इंचार्ज, एक्सीडेंट में टूटी साइकिल की जगह दिलाई नई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में एक पुलिस अधिकारी का मानवीय चेहरा सामने आया है. 12वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा की साइकिल को एक स्कार्पियो वाहन ने टक्कर मार दी. इस हादसे में साइकिल बुरी तरह तहस नहस हो गई. इससे दुखी छात्रा शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंची और उसने पुलिस को पूरी घटना बताई.  दरअसल, छात्रा बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और वह साइकिल से ही रोज स्कूल आना-जाना करती है. उसने कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे को बताया कि कार की टक्कर से साइकिल टूट गई है, अब वह सुधरेगी भी नहीं, ऐसे में स्कूल कैसे जाऊंगी?  छात्रा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए, यह देखते हुए टीआई आशीष धुर्वे ने अविभावक बनकर एक नई साइकिल छात्रा को दिला दी. बच्ची नई साइकिल मिलने से खुश हो गई.  सिटी कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया, ''ये छोटी बच्ची स्कूल आती है. इसकी साइकिल को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी. साइकिल पीछे से टूट गई थी. मेरे पास आई. बोली कि साइकिल टूट गई है, अब कैसे स्कूल आना जाना करूंगी? मेरा परिवार बहुत गरीब है.यह सुनकर मैंने एक साइकिल खरीदकर दे दी ताकि उसका स्कूल न छूट जाए. नई साइकिल पाकर बच्ची बेहद खुश है और अब वह अपनी पढ़ाई जारी रख पाएगी.''

भोपाल-इंदौर में बढ़ी ठंड, मानसून गया पर बारिश अभी बाकी; दक्षिण MP में अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के साथ ही रात और सुबह के समय मौसम में ठंडक का एहसास हो रहा है. मौसम साफ बने रहने के साथ ही यहां कई जगहों पर तापमान 15 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है. इसमें राजगढ़, इंदौर, छतरपुर, भोपाल और खंडवा जैसे जिले शामिल है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों के बाद मौसम में बदलाव के साथ ही कुछ जगहों पर बारिश का दौर देखा जाएगा. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस बार कड़ाके की ठंड का दौर कब से देखा जाएगा. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन ने मानसून की विदाई से पहले ही कई शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट के सवाल पर कहा कि अक्टूबर की शुरुआत में भी भारी बारिश का दौर प्रदेश के कई जिलों में देखा गया. हालांकि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के सभी जिलों खासतौर पर पश्चिम मध्य प्रदेश से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है. ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. इसके पीछे का मुख्य कारण मौसम साफ होना रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के सभी संभागों से बदल छटने के साथ ही न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है. हालांकि यह कहना अभी मुश्किल है कि प्रदेश में ठंड का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि धीरे-धीरे हम ठंड के मौसम की ओर रुख कर रहे हैं. मगर प्रदेश में ठंड का दौर सामान्य रूप से नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ही शुरू होता है. प्रदेश में अभी जो ठंड का एहसास हो रहा है, उसके पीछे की मुख्य वजह लोकल सिस्टम और उत्तरी हवाओं का रुख भी है. एक बार फिर बदलेगा प्रदेश का मौसम मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में एक बार फिर प्रदेश का मौसम बदलेगा ऐसे में कई जगहों पर बादल जाने के साथ ही बारिश का दौर भी देखा जाएगा, जिसके चलते तापमान में इजाफा होने की संभावना है. खास तौर पर रात के तापमान में सामान्य से हल्की उछाल देखी जा सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में मानसून प्रदेश से विदाई ले चुका है. वही सिस्टम की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है. हालांकि इसका असर प्रदेश में दिखाई देने की संभावना कम है, लेकिन लोकल सिस्टम के चलते अगले 24 घंटे के बाद प्रदेश के कुछ शहरों में बारिश का दौर देखा जाएगा. हवा का रुख बदला, रातें हुई ठंडी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, दक्षिणी हिस्से के जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन इसके बाद कई जिलों में बूंदाबांदी होने के आसार है। इस बीच प्रदेश में रातें ठंडी हो गई है। हवा का रुख बदलने से ऐसा हो रहा है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवा चल रही है और मध्यप्रदेश में ठंडक बढ़ा रही है। रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के नीचे आ गया। इंदौर-राजगढ़ में 14.6 डिग्री, भोपाल में 15.8 डिग्री, उज्जैन में 17.3 डिग्री, ग्वालियर में 21.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह बैतूल में 17.2 डिग्री, धार में 16.9 डिग्री, गुना में 18.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.9 डिग्री, खंडवा में 16.4 डिग्री, खरगोन में 17 डिग्री, पचमढ़ी में 17.8 डिग्री, रतलाम में 17.2 डिग्री, शिवपुरी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.8 डिग्री, नौगांव में 15.3 डिग्री, टीकमगढ़, रीवा-सागर में 18 डिग्री रहा। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: खजुराहो (छतरपुर) – 34.2°C (सबसे ज्यादा), ग्वालियर – 32.7°C, नर्मदापुरम – 32.6°C, धार/गुना – 32.5°C, टीकमगढ़ – 32.2°C न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 14.6°C (सबसे कम), नौगांव (छतरपुर) – 15.3°C, भोपाल – 15.8°C, नरसिंहगढ़ (राजगढ़) – 16.3°C, खंडवा – 16.4°C, कैसा रहा बड़े शहरों का पारा ग्वालियर – 32.7°C उज्जैन – 32°C इंदौर – 31°C जबलपुर – 30.4°C भोपाल – 29.6°C

टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि में भारत-अमेरिका की वायुसेनाएं आमने-सामने, ग्वालियर एयरबेस बना रणक्षेत्र

 ग्वालियर  टैरिफ वॉर के चलते भार और अमेरिका के बीच जारी तनाव के हालातों में एक बार फिर दोनों देशों की वायुसेनाएं के साथ युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं। देश के महत्वपूर्ण एयरबेस में शामिल मध्य प्रदेश के ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरबेस पर अमेरिकी और भारतीय वायुसेना के विमान अपने-अपने युद्ध कौशल दिखाएंगे। अमेरिकी वायुसेना की टीम इस युद्धाभ्यास के लिए ग्वालियर पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि, मंगलवार यानी आज से ये युद्धाभ्यास शुरू होगा। इसमें पर्यवेक्षक के रूप में जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल होंगे। 2004 में भी ग्वालियर एयरबेस पर अमेरिकी वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास किया गया था। वहीं कुछ दिनों पहले ही अलास्का में भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास हो चुका है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है युद्धाभ्यास! आपको बताते चलें कि, हालही में दुनियाभर में भारत और अमेरिका के संबंध चर्चा में रहे हैं। इसको देखते हुए दोनों देशों के बीच लगातार युद्धाभ्यास सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाएं अधिक से अधिक रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय कोर्सेस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वस्तरीय बनें उच्च शिक्षा के सभी संस्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाएं अधिक से अधिक रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय कोर्सेस अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से प्रारंभ करें कृषि संकाय विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक विषय प्रारंभ करने संबंधी बैठक में दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उच्च शिक्षा गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोजगारपरक नवीन विषय प्रारंभ करने के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पशुपालन  उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण  मनीष सिंह सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, उच्च शिक्षाविद् एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कृषि संकाय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में बीटेक में डेयरी टेक्नॉलाजी का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों में इन कोर्सेस का प्रचार करें जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस विषय की पढ़ाई के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में बड़ा स्कोप है, इसलिए विश्वविद्यालयों में इसके पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी समग्र अध्ययन कराया जाए। इसके लिए इस विश्वविद्यालय को आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय बनाने पर भी गंभीरता से विचार कर निर्णय के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि पाणिनी विश्वविद्यालय को आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने से इस विश्वविद्यालय का परिधि क्षेत्र बढ़ेगा और प्रदेश के करीब 50 से अधिक आयुर्वेदिक महाविद्यालय इसके दायरे में आ जाएंगे। यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की भर्तियों को टाईम-फ्रेम में लाएं और जल्द से जल्द सभी प्रकार की भर्तियां एवं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 364 पद भरे हुए हैं और इन्हीं श्रेणी के 1585 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ली। अपर मख्य सचिव  राजन ने बताया कि सत्र 2025-26 में नर्सिंग कॉउंसिल द्वारा प्रवेश प्रकिया आरम्भ कर दी गई है। पैरामेडिकल कॉउंसिल द्वारा सत्र 2025-26 की मान्यता संबंधी प्रक्रिया एक माह में प्रारम्भ करने की बात कही गई है। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को एनओसी उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय स्तर पर एवं मान्यता क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ग्राम कल्याणपुरा में 70 एकड़ भूमि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित की जा चुकी है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा जिला अस्पताल झाबुआ में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हास्पिटल के रूप में अनुमति देने के लिए आवेदन कर दिया गया है। सभी विश्वविद्यालय अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं को निर्देशित किया कि वे सभी अपने विश्वविद्यालयों का अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कुलगुरू अपने विश्वविद्यालयों में कृषि, उद्यानिकी, फ्लोरीकल्चर, टूरिज्म, माइनिंग, विमानन, दुग्ध उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए पशुपालन (एनिमल हस्बेंड्री) जैसे रोजगारपरक विषय एवं डिग्री पाठ्यक्रम प्रारंभ करें। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देने के अलावा उनकी उद्यमशीलता को भी प्रोत्साहित करें। कृषि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रवृत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय यह बताएं कि उन्होंने कितने रोजगारपरक विषय खोले हैं, उनमें कितने विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और विश्वविद्यालयों ने अपने स्तर पर कितने विद्यार्थियों को रोजगार/प्लेसमेंट उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक प्रक्षेत्रों की जरूरतों को समझें और उनकी जरूरत के अनुसार अपने यहां नए-नए एडवांस कोर्सेस प्रारंभ करें। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही अध्ययन के साथ-साथ रोजगार भी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में बीबीए एविएशन का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें करीब 30 बच्चों ने प्रवेश लिया है। इसके अतिरिक्त बीएसी एविएशन पाठ्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन और चित्रकूट विश्वविद्यालय, चित्रकूट में प्रारंभ किया गया है। अपर मुख्य सचिव  राजन ने बताया कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। सौ नए शोध केंद्रो की स्थापना की जानी है। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना कर दी गई है। शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का भ्रमण कराने की योजना को महाविद्यालयों के वार्षिक कैलेण्डर में नियमित गतिविधि के रूप में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि नैक की तर्ज पर राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (सैक) का गठन हो गया है। वर्तमान वित्त वर्ष से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में सभी रिक्त पदों पर भर्ती एवं … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदान करेंगे स्वच्छता सम्मान

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आज भोपाल के रवीन्द्र भवन हंसध्वनि सभागार में 5वां राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 1 बजे समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नगरीय निकायों को स्वच्छता सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना के अंतर्गत 5 हजार 364 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इन कार्यों में जल-प्रदाय, सीवरेज परियोजनाएं, हरित क्षेत्र विकास और मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास के विभिन्न कार्य शामिल हैं। समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी मौजूद रहेंगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि कार्यक्रम में स्वच्छता पखवाड़ा पर आधारित विशेष फिल्म एवं स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के डिजिटल पोस्टर का लोकार्पण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रदेश के शहरी विकास के रोडमेप की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। कार्यशाला के विषय कार्यशाला में सुबह 9 बजे से समानान्तर सत्र के रूप में चर्चा होगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भोंडवे का प्रारंभिक उद्धबोधन प्रदेश में लीगेसी वेस्ट, वायु गुणवत्ता और शहरी स्वच्छता की चुनौतियां विषय पर होगा। कार्यशाला में समानान्तर सत्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से नर्मदा बेसिन, धार्मिक और पर्यटन महत्व के शहरों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की चुनौतियां विषय रहेगा। इस सत्र में महापौर उज्जैन श्री मुकेश टटवाल, जबलपुर महापौर श्री जगत बहादुर सिंह, एमडी पर्यटन विकास निगम श्री इलैया राजा और डारेक्टर रेंस्पांसिबल ट्यूरिज्म मिशन श्री डीपी सिंह शामिल होंगे। एक अन्य सत्र में शहरों में लीगेसी अपशिष्ट की वर्तमान स्थिति एवं चुनौती विषय पर इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, छिंदवाड़ा महापौर श्री विक्रम सिंह अहाके, ग्वालियर महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, आयुक्त नगर निगम इंदौर श्री दिलीप कुमार यादव, आयुक्त ग्वालियर श्री संघ प्रिय और सचिव मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विचार व्यक्त करेंगे। समानान्तर सत्र में ही शहरों की कार्य योजना का प्रस्तुतिकरण, शहरों की सफाई, सौंदर्यीकरण और छोटे शहरों में विकास की संभावनाएं विषय पर महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त उज्जैन श्री अभिलाष मिश्रा, आयुक्त भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन, आयुक्त सागर श्री राजकुमार खत्री अपने विचार व्यक्त करेंगे। सफाई मित्रों से संवाद नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों की कुशलता वृद्धि के संबंध में नगर निगम महापौर, आयुक्तों और संबंधित विषय-विशेषज्ञों के बीच संवाद होगा। इस सत्र में सफाई मित्रों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी।  

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अंतर्गत विकासखंड मोहगांव में कार्यक्रम

मंडला/जबलपुर आदिवासी बाहुल्य जिले की महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना मोहगांव अंतर्गत बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल गिठार ,पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलगांव, शासकीय उच्चतर माध्यमिक  शाला मुनु  एवं हायर सेकेंडरी स्कूल सिंगारपुर में  माहवारी स्वच्छता प्रबंधन , व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व , एनीमिया की पहचान, सुरक्षित स्तनपान एवं विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य पर समय अनुकूल गतिविधि विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।  कार्यक्रम में शाला के शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित हुई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम अंतर्गत समस्त बालिकाओं को सेनेटरी नैपकिन वितरण किए गए एवं सेनेटरी नैपकिन के उपयोग को बढ़ावा देने एवं सेनेटरी नैपकिन के निपटान के संबंध में बालिकाओं को जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास परियोजना मोहगांव की पर्यवेक्षक श्रीमती विनीता यादव, श्री मति संगीता मरावी , श्री मति नीतू उनके,  श्रीमती अंजना कोष्टा के द्वारा किया गया।

मोहगाँव ब्लॉक के सिंगारपुर की महिलाओं ने उठाया शराबबंदी का बीड़ा शराब बनाने और पीने वालो से लिया जायेगा जुर्माना

मंडला/जबलपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकासखंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगारपुर में 12 अक्टूबर रविवार को महिलाओं ने शराबबंदी को लेकर जागरूकता बैठक आयोजित गई, जिसमें महिला पुरुष नवयुवक सभी वर्गों के लोगों ने बैठक में शामिल होकर ग्राम में पूर्णरुप से शराब बंद करने की सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि ग्राम में शराब पीने वाले पर 20 हजार का जुर्माना, शराब बनाने वाले पर 10 हजार जुर्माना और जानकारी देने वाले को 5 हजार का इनाम दिया जाएगा। संपूर्ण ग्राम में नशा मुक्ति अभियान की रैली निकाली गई, जिसमें महिला- पुरुष, युवा और छोटे छोटे बच्चे भी बढचढ कर हिस्सा लिये।

MP में भी लागू होगा ‘SIR’ अभियान: चुनाव आयोग की निगरानी में 5.75 लाख वोटर संदेह के घेरे में

रीवा निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम  की शुरुआत हो गई है। इसमें 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं का मिलान किया जाएगा। जिन मतदाताओं के माता-पिता के नाम उस समय की वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं थे, उनका सत्यापन किया जाएगा और उनसे जरूरी दस्तावेज मांगे जाएंगे। रीवा और मऊगंज जिले की प्रारंभिक रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। कुल 5,72,250 मतदाता इस जांच के दायरे में आएंगे। घर-घर जाकर होगी जांच निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2014 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। रीवा जिले में 1463 और मऊगंज जिले में 518 पोलिंग बूथ शामिल हैं। 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केन्द्रों को विभाजित किया जा रहा है, जिससे दोनों जिलों में करीब 350 नए बूथ बढ़ जाएंगे। कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे जिन परिवारों के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें अपना नाम लिस्ट में बनाए रखने के लिए 2–3 दस्तावेज देने होंगे। जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें पिता से संबंध प्रमाणपत्र के साथ कोई एक मान्य दस्तावेज देना होगा। इसके लिए आपको पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST), आधार कार्ड, पारिवारिक रजिस्टर, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक या सरकारी पहचान पत्र, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, पेंशन आदेश आदि देना होगा। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में बढ़े मतदाता? आयोग को भेजी रिपोर्ट के अनुसार शहरी रीवा विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 11,239 कम हुई है। वहीं ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता तेजी से बढ़े हैं जैसे…     त्योंथर: +37,287     मनगवां: +93,659     गुढ़: +50,605     सिरमौर: +36,321     मऊगंज: +59,468     देवतालाब: +78,308     2008 में अस्तित्व में आई सेमरिया विधानसभा में अब 2,27,841 मतदाता हैं। BLO का काम हुआ और कठिन पुनरीक्षण कार्य से बूथ लेवल ऑफिसरों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वर्तमान में वे नगरीय निकायों की वोटर लिस्ट तैयार करने में भी लगे हैं, जिससे शिक्षक BLOs का शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। जल्द ही आयोग की ओर से डोर-टू-डोर सर्वे की विस्तृत कार्ययोजना जारी की जाएगी। जिला उप निर्वाचन अधिकारी सुधीर बेक का बयान निर्वाचक नामावली के गहन पुनरीक्षण में 2003 की सूची से संबंधित मतदाताओं एवं उनके माता-पिता के नामों का मिलान किया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी आयोग को भेज दी गई है, आगे के निर्देशानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।  

भोपाल की सड़कें बनीं जानलेवा, ट्रैफिक पुलिस ने बताए 16 हादसे वाले पॉइंट, 5 स्थान बेहद संवेदनशील

भोपाल राजधानी में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच, शहर में सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई और 75 घायल हुए। यह आंकड़ा सिर्फ मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके का है, जो शहर के सबसे खतरनाक ब्लैकस्पॉट 'ग्यारह मील' के पास स्थित है। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन का इलाका आंकड़ों के मुताबिक, मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके में 114 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई और 75 लोग घायल हुए। इसके बाद कोह-ए-फिजा का नंबर आता है, जहां 132 हादसों में 16 लोगों की जान गई और 102 घायल हुए। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन इलाका है, जहां 100 हादसों में 15 लोगों की मौत हुई और 93 घायल हुए। कहां हुईं सबसे ज्यादा मौत पूरे शहर की बात करें तो, जोन-4 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस जोन में 479 हादसों में 60 लोगों की जान गई और 372 लोग घायल हुए। जोन-4 में कोलार, चुनाभट्टी, निशातपुरा, छोला, गांधी नगर, खुजरी और बैरागढ़ पुलिस स्टेशन इलाके आते हैं। जोन-2 में 667 हादसों में 47 मौतें और 480 घायल हुए। जोन-1 में 461 हादसों में 24 मौतें और 379 घायल हुए। वहीं, जोन-3 में 319 हादसों में 26 मौतें और 242 घायल हुए। मिसरोद सबसे खतरनाक स्पॉट मिसरोद इलाका भोपाल-होशंगाबाद हाईवे पर पड़ता है और यहां ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक अधिकारी बताते हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और सड़क नियमों का पालन न करना हादसों के मुख्य कारण हैं। अतिरिक्त डीसीपी (ट्रैफिक) बसंत कौल ने बताया कि मिसरोद में होशंगाबाद रोड और जोन-4 में इंदौर रोड पर हादसे ज्यादा होते हैं। रात में ज्यादा हादसे रात में भारी वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर आते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात पार्टी करने वाले युवा भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और हेलमेट व सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे रात में होने वाले हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कौल ने यह भी कहा कि पुलिस, लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, खासकर जोन-4 के हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए। ट्रैफिक पुलिस ने ढूंढे 16 ब्लैक स्पॉट भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही शहर में 16 'ब्लैक स्पॉट्स' (ज्यादा हादसे वाली जगहें) की पहचान की थी। यह पहचान पिछले तीन सालों (2022-2024) के हादसों के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। हालांकि, इन जगहों पर इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए बार-बार सिफारिशें की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सिर्फ अस्थायी समाधान किए गए, जबकि असली समस्या जस की तस बनी हुई है।  

भोपाल में हवा हुई ज़हरीली: AQI 39 से बढ़कर 128, एक्सपर्ट बोले- हालात और बिगड़ सकते हैं

भोपाल  सांस और हार्ट के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है। शहर की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है। सात दिन में प्रदूषण तीन गुना बढ़ गया है। हवा में धूल के साथ ओजोन गैस की मात्रा अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आंकड़ों में यह बात सामने आई है। टीटी नगर में इसका असर सबसे अधिक है। हवा की गुणवत्ता जांचने शहर में सात स्थानों पर जांच हो रही है। इनमें तीन रियल टाइम मॉनिटरिंग हैं। एयर क्वालिटी रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को एक्यूआइ औसत 128 मापा गया है, जबकि 6 अक्टूबर को यह 39 था। इसमें पीएम 10 और ओजोन बड़ा कारण रहा। टीटी नगर, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स क्षेत्र में रियल टाइम जांच में हवा की यह रिपोर्ट सामने आई। ये हैं नुकसान -हवा में धूल-धुएं के बढ़ने से सबसे पहले नाक, गला और आंखों में जलन -फेफड़ों में सूजन की समस्या -कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वालों को दिक्कत -हृदय पर तनाव बढ़ेगा ऐसे करें बचाव -सामान्य मास्क की जगह 95 मास्क का इस्तेमाल करें। -सुबह के समय धूल के कण अधिक होते हैं, इसलिए बचें। -इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए ताज़े फल और पानी ज्यादा पीएं। एक्सपर्ट बोले अभी और बिगड़ेगी स्थिति पर्यावरणविद् एसके दुबे के मुताबिक शहर में धूल उड़ है। टूटी सड़कें बड़ा कारण है, वहीं कचरा जलाने के मामले बढ़े हैं। यह ओजोन का स्तर बढऩे का कारण है। सर्दी बढ़ने के साथ हवा का प्रदूषण अभी और बढ़ेगा। एक्यूआर का स्तर बढ़ रहा है। धूल इसका प्रमुख कारण है। मौसम खुलने से धूल और धुंआ का स्तर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में पीएम 10 सहित वाहनों का धुआं एक्यूआइ बढ़ा रहा है। सर्दी बढऩे के साथ यह स्तर और बढ़ेगा। ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड