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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा नेशनल पार्क का किया भ्रमण

  चाय बागान में श्रमिकों और बहनों से किया आत्मीय संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम प्रवास के दौरान रविवार को विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और चाय बागान का भ्रमण किया। उन्होंने बागान में चाय उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन कर स्थानीय किसानों और श्रमिक बहनों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाय उद्योग असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। परिश्रम, अपनत्व एवं सादगी की धरती असम और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में भी परस्पर सहयोग, विश्वास और साझेदारी को बढ़ाने के लिए विशेष पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण की मनमोहक झलक देखी एवं हाथियों को स्नेह से गन्ना खिलाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन के लिये नवाचारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उद्यान भ्रमण के दौरान अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। उल्लेखनीय है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे सहित पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया। यह उद्यान हाथियों, जंगली भैंसों, दलदली हिरणों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों का आश्रय स्थल है। यह उद्यान वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी विख्यात है।

बैतूल में दो मासूमों की मौत, जहरीले सिरप से बढ़ता जा रहा संकट

बैतूल मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्च्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में अन्य 11 बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैतूल जिले में पहला मामला निहाल (2 वर्ष) पुत्र निखिलेश धुर्वे, निवासी जामुन बिछुआ का है। तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को बैतूल और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला कबीर (3 वर्ष 11 माह) पुत्र कैलाश यादव, निवासी राम नगर ढाना कलमेश्वरा का है। उसने भी इसी डॉक्टर से इलाज कराया था और 8 सितंबर को उसकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के इलाज का समय अलग-अलग था, पर डॉक्टर एक ही निकला। परिजनों ने शक जताया है कि कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की हालत बिगड़ी थी। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दवा प्रतिबंधित थी या नहीं। दोनों मामलों में पोस्टमॉर्टम नहीं होने के कारण वास्तविक कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि आमला विकासखंड के जामुन बिछुआ और कमलेश्वरा गांव में दो बच्चों की मृत्यु हुई है। दोनों का इलाज परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। मामले की जांच की जा रही है, और परिजनों से चर्चा के बाद इलाज से जुड़े दस्तावेज एकत्रित किए जाएंगे। अभी यह साफ नहीं है कि दोनों बच्चों को कफ सिरप दिया गया था या नहीं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप साहू ने बताया कि निहाल को गंभीर किडनी फेल्योर की समस्या थी और उसे भोपाल रेफर किया गया था। मृतक निहाल के पिता निखिलेश धुर्वे ने कहा कि परासिया के डॉक्टर ने जो दवा दी थी, उसे देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ी और वह नहीं बच पाया। उन्होंने कहा कि अब वे चाहते हैं कि प्रशासन सच्चाई सामने लाए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं, इलाज के तरीके और सिरप की जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अदम्य शौर्य और साहस की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अपनी वीरता, दृढ़ता और साहस से अमर शौर्य गाथा लिखने वाली, नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना रानी दुर्गावती का मातृभूमि व स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुगलों के विरुद्ध संघर्ष और उनका बलिदान हम सबके लिए सदैव प्रेरणास्पद रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आसाम के वन्य जीव कन्वेंशन सेंटर का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को आसाम राज्य के कोहोरा स्थित वन्य जीव कन्वेंशन सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने सेंटर में वन्य जीवों के संधारण एवं प्रजाति संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “वन्य जीव हमारी धरोहर हैं। ये धरती की खुशहाली का प्रतीक हैं। मध्यप्रदेश में भी वन्य जीव संरक्षण के लिए अनेक नवाचार और प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस कन्वेंशन सेंटर कम म्यूजियम की पहचान न केवल वन्य जीव संरक्षण कार्यों से, बल्कि अवैध शिकार और वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर रोकथाम के लिए किए गए ठोस कदमों से भी जुड़ी है। यहाँ 22 सितंबर 2021 को विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर यहां राज्यभर से बरामद 2,479 गैंडों के सींगों का औपचारिक दहन किया गया था। यह कदम आसाम की वन्यजीव संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। इन सींगों के विनाश से पहले चुनिंदा सींगों के नमूने सावधानीपूर्वक सुरक्षित किए गए थे, ताकि भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों में उनका उपयोग किया जा सके। जुलाई 2025 में इन नमूनों की संख्या बढ़कर 2,573 हो गई, जिन्हें डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भेजा गया था। इस सेंटर में हुई यह वैज्ञानिक पहल इसीलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जब्त किए गए सींगों की उत्पत्ति का पता लगाने, उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि करने और वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध फोरेंसिक जांच को मजबूती देने में सहायक सिद्ध हो रही है। इससे गैंडा प्रजाति के संरक्षण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पूरी पारदर्शिता के साथ प्रभावी कार्यवाही को अंजाम देने के लिए सशक्त आधार (इथिकल बेसिस) भी मिल रहे हैं।

रीवा हवाई कनेक्टिविटी: दिवाली से पहले फ्लाइट से पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट

रीवा मध्य प्रदेश के साथ विंध्य क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की जनता को दीवाली से पहले एक और बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। अब रीवा एयरपोर्ट से रीवा भोपाल के साथ-साथ रीवा से इंदौर के लिए इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट प्रतिदिन शुरू होने जा रही है। इनकी मदद से विंध्य के यात्री अब भारत के महानगरों का सफर आसानी से तय कर सकेंगे। इसके लिए इंडिगो कंपनी रीवा सहित नवी मुंबई में अपना सब स्टेशन शुरू करने जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार संभवत अक्टूबर माह के अंत में कनेक्टिंग इंडिगो फ्लाइट की शुरुआत रीवा से हो जाएगी। हवाई यातायात का विंटर शेड्यूल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इस विंटर शेड्यूल में रीवा से दिल्ली व मुंबई फ्लाइट का भी जिक्र किया गया है। 8 अक्टूबर के बाद नई उड़ान नवी मुंबई के लिए प्रारंभ होगी। इसके साथ ही इंदौर से कनेक्टिंग फ्लाइट रीवा से जाने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। यहां के लिए रहेगी कनेक्टिंग फ्लाइट बता दें कि ऐसे 12 शहर हैं जिन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट रीवा से इंदौर जाने वाले यात्रियों को मिलेगी। इससे रीवा जल्द ही देश के सभी प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा। रीवा के लोगों के लिए रीवा-पुणे, रीवा-हैदराबाद, रीवा-बैंगलोर, रीवा-गोवा, दिल्ली और मुंबई जाना बेहद सुलभ और आसान हो जाएगा। फ्लाइट शुरू होने से बढ़ेगा निवेश इस संदर्भ में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश के डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि रीवा इंदौर के बीच शुरू होने वाली इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट से जहां विंध्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर रीवा को मेडिकल हब बनाए जाने का सपना भी साकार हो सकेगा। विंध्यवासियों के लिए यह एक सौगात है। टूरिज्म इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट इन कनेक्टिंग फ्लाइट के चालू होने से रीवा में टूरिज्म इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा। विंध्य क्षेत्र के रीवा में घूमने के लिए कई प्राकृतिक जगहें,जिनमें झरना, नदी शामिल है। इसके साथ ही व्हाइट टाइगर सफारी, कई प्राचीन मंदिर है। फ्लाइट शुरू होने से बाहरी लोगों को यहां पहुंचना आसान हो जाएगा। बता दें अभी तक रीवा एयरपोर्ट से फ्लाइट ओला कंपनी का एक ही विमान भोपाल के लिए उड़ान भरता था। इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू हो जाने से आप रीवा से इंदौर सहित अन्य महानगरों से रीवा सीधे जुड़ सकेंगे।

मिशन शक्ति 5.0: सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में मिशन शक्ति 5.0 के तहत यूपी पुलिस ने चलाया विशेष अभियान

एंटी रोमिया स्क्वायड ने 1 लाख से अधिक मंदिर, बाजार, मॉल, पार्कों और भीड़ भाड़ वाले स्थानों की गहन जांच की 37 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा, सकुशल संपन्न हुआ नवरात्रि पर्व    लखनऊ, प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के साथ सुरक्षा का माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के पहले दिन मिशन शक्ति 5.0 अभियान की शुरुआत की, जो अभी भी पूरे प्रदेश में चल रहा है। इसी के तहत यूपी पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और जनसहभागिता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। एंटी रोमियो स्क्वायड ने करीब 10 लोग लोगों की जांच, ढाई हजार अभियोग किये गये पंजीकृत मिशन शक्ति अभियान की नोडल ऑफिसर एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एन्टी रोमियो स्क्वायड ने सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, बाजारों, मॉल, पार्क और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई। इस दौरान 1,08,292  मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों की गहन जांच की गई। अभियान में 9,77,269 व्यक्तियों की जांच की गई, जिनमें संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं के प्रति अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कुल 2,542 अभियोग  पंजीकृत किए गए। वहीं, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 3,972 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 3,13,924 लोगों को चेतावनी दी गई और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। प्रदेश भर में 53,237 निरोधात्मक कार्रवाइयां  की गयीं। ऐसे में एन्टी रोमियो स्क्वायड द्वारा यह अभियान न केवल नवरात्रि के दौरान सुरक्षा का प्रतीक बना, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देने में भी सफल रहा। 37 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा प्रदेश भर में नवरात्रि पर्व के अवसर पर 55,377 पंडालों की स्थापना की गई। सभी पंडालों का पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इस दौरान 4,947 रामलीला व मेला स्थलों का भी भ्रमण किया गया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। योगी सरकार की सख्त निगरानी के चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। एन्टी रोमियो स्क्वाड, पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त मुस्तैदी ने सुनिश्चित किया कि महिलाओं और बालिकाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नवरात्रि के दौरान मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कुल 37,337 अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। इनमें 411 राजपत्रित अधिकारी, 7,999 निरीक्षक/उपनिरीक्षक, 22,547 मुख्य आरक्षी /आरक्षी और 6,380 होमगार्ड/पीआरडी/ एसपीओ आदि शामिल थे, जिन्होंने निरंतर गश्त और निगरानी कर सुरक्षा का वातावरण बनाए रखा। इस सघन तैनाती से पूरे प्रदेश में नवरात्रि और रामलीला पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए। श्रद्धालु परिवारों ने न केवल त्योहार का आनंद लिया, बल्कि महिलाओं ने भी निर्भीक होकर मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। पूरे प्रदेश में डेढ़ करोड़ से अधिक वितरित किये गये फोल्डर, पंफलेट और पेस्टिंग स्टीकर अभियान की नोडल ऑफिसर ने बताया कि नवरात्र में 39,911 मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिला चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें 20,54,308 लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 13,53,903 महिला और 7,00,405 पुरुष शामिल हैं। वहीं महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन मुख्यालय द्वारा योगी सरकार की योजनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किये जा रहे सराहनीय कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 1,56,91,080 फोल्डर, पंफलेट और पेस्टिंग स्टीकर वितरित किये गये।

दबंगों ने भाजपा नेता को पीटा, बाल पकड़कर खींचा, पिछले तीन दिन में दूसरी घटना

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एकबार फिर दबंगई का मामला सामने आया है। इसबार दबंगों ने भाजपा नेत्री से मारपीट की है। बाल पकड़कर सड़क पर खसीटा भी है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एक अन्य ब्राह्मण परिवार को पीटा था दरअसल घटना सुखीसेवनिया थाना क्षेत्र के ओमकारा सेवनिया की सिद्ध कॉलोनी की है। दबंग गुर्जर परिवार ब्राह्मण समाज के लोगों को मंदिर जाने से रोकता है। इससे 3 दिन पहले भी एक अन्य ब्राह्मण परिवार को गुर्जर परिवार ने पीटा था। बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा दबंगों ने बिलखिरिया मंडल BJP की महामंत्री शकुन शर्मा के साथ जमकर मारपीट की है। परिवार की महिला पीड़ित का बाल पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि शिव मंदिर में कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। किसी पक्ष द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने की जानकारी नहीं है।

मौसम अपडेट: इन जिलों में आज होगी झमाझम बारिश, सावधान रहें

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में 15, रीवा में नौ, भोपाल में छह, सतना में चार, बैतूल एवं दतिया में तीन और सीधी में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस तापमान श्योपुर में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को भी रीवा, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। हालांकि एक सप्ताह बाद मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। कब होगा मौसम साफ मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पश्चिमी झारखंड, दक्षिणी बिहार एवं दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना है। इसके रविवार तक बिहार में पहुंचने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से लेकर विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। अरब सागर में बना गहरा अवदाब चक्रवाती तूफान शक्ति में परिवर्तित हो गया है। यह पश्चिम-मध्य अरब सागर की तरफ बढ़ रहा है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इस तरह की स्थिति तीन-चार दिन तक बनी रह सकती है। उसके बाद मौसम के साफ होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में बना तूफान काफी दूर जा रहा है। उधर, गहरा कम दबाव का क्षेत्र भी बिहार की तरफ बढ़ रहा है। इस वजह से अब धीरे-धीरे वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। हालांकि अभी तीन-चार दिन तक बादल बने रहने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है। 10 अक्टूबर के आसपास राजस्थान में एक प्रति चक्रवात के बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से 10 अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। इंदौर में 24 घंटे में चार इंच से अधिक वर्षा उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक इंदौर में 114.6 (4.48 इंच), सीधी में 68.2, रीवा में 40, सतना में 27, जबलपुर में 19.8, उज्जैन में 10.6 मिमी. वर्षा हुई।

हेलमेट नियम : इंदौर में बिना हेलमेट मिलने लगा पेट्रोल, आदेश की अवधि पूरी

इंदौर इंदौर जिले में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता का आदेश अब समाप्त हो गया है। यह आदेश 30 जुलाई को जारी किया गया था और एक अगस्त से 29 सितंबर के लिए लागू किया गया था, लेकिन अब इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। नए कलेक्टर ने इस आदेश को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते अब प्रशासन हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर देगा। पेट्रोल पंपों पर हेलमेट न पहनने वालों को ईंधन देने की सख्ती अब समाप्त हो गई है। पहले, जब यह आदेश लागू था, तो पेट्रोल पंपों पर हेलमेट न पहनने वाले चालकों की कतारें लग गई थीं। लोग हेलमेट मांगकर या खरीदकर ईंधन लेने आते थे। इस आदेश का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, क्योंकि सड़क हादसों में सिर में चोट लगने से मृत्यु का मुख्य कारण बनता है। सुप्रीम कोर्ट की समिति ने दिया था सुझाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने 29 जुलाई को इंदौर में आयोजित एक बैठक में हेलमेट की अनिवार्यता की बात की थी। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने पेट्रोल पंप संचालकों के लिए आदेश जारी किया था कि वे हेलमेट न पहनने वाले चालकों को ईंधन न दें। इस आदेश के बाद कई पंपों पर कार्रवाई की गई और बगैर हेलमेट के पेट्रोल देने पर पांच पंपों को सील किया गया था। हालांकि अब प्रशासन ने इस सख्ती को समाप्त कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि अब लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत लोगों को हेलमेट पहनने के लाभ और इसका महत्व बताया जाएगा। हेलमेट को लेकर विवाद भी हुए सरकारी आदेश की अवधि के दौरान हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर कुछ विवाद भी हुए हैं। चंदन नगर क्षेत्र में लक्की पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने पर एक युवक ने पंप कर्मचारी के साथ मारपीट की थी। इसी तरह छोटा बांगड़दा क्षेत्र में भी एक युवक ने कर्मचारियों से हाथापाई की और माचिस की जलती हुई तीली फेंकी थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस में शिकायतें दर्ज की गई थीं। सरकारी कार्यालयों में भी की गई थी सख्ती सरकारी कार्यालयों में भी हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर सख्ती की गई थी। कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालयों में हेलमेट पहनकर आने वाले कर्मचारियों को गुलाब के फूल दिए जाते थे, जबकि बिना हेलमेट आने वालों को कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाता था। हालांकि, अब इस सख्ती को भी समाप्त कर दिया गया है। इस प्रकार, इंदौर में हेलमेट की अनिवार्यता समाप्त होने के बाद अब प्रशासन ने जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया है। यह कदम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और हेलमेट पहनने को अपनी आदत बना लें। इस बदलाव के साथ यह देखना होगा कि क्या लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे या फिर प्रशासन को फिर से सख्ती बरतने की आवश्यकता पड़ेगी। सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है। जागरुक किया जाएगा     पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरवाने के लिए हेलमेट होने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। सभी पंपों पर अब लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। – शिवम वर्मा, कलेक्टर

स्वयंसेवकों की विशाल रैली: इंदौर में RSS का महा पथ संचलन

इंदौर  एक सदी पूर्व ‘संघे शक्ति कलियुगे’ मंत्र के साथ आरंभ हुई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गौरवशाली यात्रा के एक और प्रसंग का साक्षी आज इंदौर बन रहा है। संघ के एक लाख पचास हजार स्वयंसेवक राष्ट्र प्रथम का भाव लिए पूर्ण गणवेश में कदमताल करते निकल रहे हैं, अलग-अलग इलाकों में यह संचलन शाम तक जारी रहेगा। राष्ट्रवाद, अनुशासन एवं त्याग का अलख जगाते ये पथ संचलन इंदौर के चार जिलों के 34 नगरों से निकाले जा रहे हैं। एक संचलन 30 से 45 मिनट में तय मार्ग पूरा करेगा। समाज में उत्साह, उमंग और ऊर्जा भरने वाला घोष दल भी हर संचलन के साथ होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जहां शताब्दी वर्ष आयोजन हो रहा है वहीं घोष दल भी अपनी यात्रा के 98 वर्ष पूरे कर रहा है। हर संचलन के साथ घोष वादन करते दल भी हैं। संचलन में सह सरकार्यवाह अरुणकुमार के अतिरिक्त मध्य क्षेत्र के कार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध, प्रांत प्रचारक राजमोहन, प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, प्रांत के सहकार्यवाह श्रीनाथ गुप्ता सहित कई बड़े पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। पथ संचलन से पहले उद्बोधन एवं शारीरिक प्रकट कार्यक्रम भी हुए। इसमें समाज के विशिष्टजन के साथ ही अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े लोग एवं मातृशक्तियां भी शामिल हुईं। राष्ट्र जागरण के लिए पढ़ाएंगे ये पांच सोपान     नागरिक अनुशासन में ट्रैफिक नियमों के साथ स्वच्छता, टैक्स चुकाना, अतिक्रमण नहीं करना, समय का पालन, सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण सहित 14 बिंदुओं की सीख देंगे।     घर में सभी जाति वर्ग के बंधुओं से समानता का व्यवहार, अपने घर में महापुरुषों के चित्र एवं उनकी विशेष पर्व में सहभागिता करना है।     प्रति वर्ष एक पौधा लगाना, जल पुनर्भरण करना, घर की डिजाइन ऐसी रखना कि प्रकाश एवं हवा अवरुद्ध न हो, डिस्पोजल, कागज का उपयोग न करना सहित 14 अन्य बिंदु।     स्वदेशी जीवनशैली : वेशभूषा में भारतीय संस्कार, पिज्जा बर्गर की बजाए ताजा भारतीय भोजन खाना, घर में मातृभाषा में संवाद सहित 12 अन्य बिंदु।     परिवार प्रबोधन : त्योहार भारतीय तिथि अनुसार मनाएं, दादा-दादी, नाना-नानी से आत्मीय संवाद सहित अन्य बिंदु।