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भोपाल मेट्रो ट्रायल सफल, CMRS टीम ने की जांच; दिवाली से पहले शुरू हो सकती है सेवा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो को जल्द से जल्द दौड़ाए जाने की कवायद तेज हो गई हैं। आम यात्रियों के लिए कमर्शियल ट्रेवलिंग शुरू करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने खुद यात्रा करके सुरक्षा मानकों की जांच की।  सीएमआरएस कमिश्नर जनक कुमार गर्ग सुभाषनगर स्थित मेट्रो डिपो पहुंचें। सीएमआरएस कमिश्नर ने टीम के साथ यहां पर करीब 3 घंटे तक निरीक्षण किया और मेट्रो में सवार हुए। उनके साथ मेट्रो एमडी एस कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे। इस दौरान गर्ग ने प्राथमिकता में शामिल कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट तक सफर किया। यह रूट सुभाष नगर से एम्स तक का है। इस निरीक्षण के दौरान वे और उनकी टीम सुभाषनगर स्टेशन पर करीब 30 मिनट और एम्स स्टेशन पर सवा घंटे रुकी। क्या हैं सीएमआरएस दरअसल, किसी भी रेल लाइन या मेट्रो रेल को आम लोगों के लिए प्रारंभ करने से पूर्व सीएमआरएस की जांच आवश्यक होती है। इस टीम की जांच में 'हरी झंडी' मिलने के बाद आम लोगों के लिए मेट्रो दौड़ना यानी कमर्शियल सफर की शुरुआत होती है। इस जांच टीम के अफसर ट्रैक के नट-बोल्ट, सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो सहित सुरक्षा के लिहाज से हर पक्ष की बारीकी से जांच की जाती है। टीम के लौटने के बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही भोपाल में मेट्रो रन प्रारंभ होगा। पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी बताया जा रहा है कि इस महीने के अंत तक सीएमआरएस की 'ओके' रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। पूरी संभावना है कि वे भोपाल मेट्रो में सफर भी करें। आपको बता दें कि 31 मई को मोदी ने इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी।     सीएमआरएस की टीम ने 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई     अचानक ब्रेक लगाकर की सुरक्षा जांच, कंट्रोल रूम का रिस्पांस जांचा     मेट्रो मेन लाइन, स्टेशन का निरीक्षण बाकी, सप्ताहभर बाद फिर जांच 2010 का सपना होगा साकार मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग के नेतृत्व में टीम ने सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो को 90 किमी प्रतिघंटे की फुल स्पीड में दौड़ाया। सीएमआरएस सर्टिफिकेट मिलते ही मेट्रो यात्रियों को लेकर दौडने को तैयार हो जाएगी। 2010 से ही शहरवासियों को मेट्रो में सवारी का दिखाया जा रहा सपना अब पूरा होने को है। निरीक्षण के बाद टीम शाम को रवाना हो गई। अभी मेन लाइन, स्टेशन की जांच बोटगी। टीम ने अत्याधुनिक ट्रेन सेट। सिस्टम के अलावा नट बोल्ट, स्टेशन, सिग्नल आदि की जांच की। मेट्रो के दूसरे फेस में भी काम तेज भोपाल मेट्रो का उद्देश्य यात्रियों के सफर को आसान बनाना है। साथ ही शहर को एक आधुनिक, कुशल शहरी केंद्र के रूप में आकार देना है। भोपाल मेट्रो के पहले चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण को लेकर काम तेजी से चल रहा है। इसका दूसरा चरण भदभदा चौराहे से रत्नागिरी चौराहे तक लगभग 15 किमी लंबा होगा। इसमें 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पर भी तेजी से काम चल रहा है। सितंबर में सीएमआरएस का निरीक्षण गुरुवार को सीएमआरएस की टीम ने तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन यानी रोलिंग स्टॉक में यात्री सुरक्षा, सुविधा और ऊर्जा दक्षता की जांच की। इसमें सीसीटीवी की निगरानी, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, वातानुकूलित कोच, चार्जिग पॉइंट और वास्तविक समय यात्री सूचना प्रणाली की सुविधा को जांचा गया। इनकी टेस्टिंग की गयी। तीन माह में दो बड़ी जांच जुलाई में आयी थी आरडीएसओ की टीम 9 जुलाई से 21 जुलाई तक 13 दिन मेट्रो ट्रेन के ऑसिलेशन और इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस का लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन यानी आरडीएसओ ने परीक्षण किया था। टीम ने 90 किमी प्रतिघंटा पर ट्रेन दौड़ाई थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाया हर स्टेशन, ट्रैक के बीच मेट्रों के ऑसिलेशन यानि कंपन को मापा गया था। उस समय परीक्षण में मेट्रो की राइड क्वालिटी, स्थिरता, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, और सम्पूर्ण रोलिंग स्टॉक का मूल्यांकन रिकॉर्ड किया गया था। परीक्षण से रोलिंग स्टॉक यानी ट्रेन की सुरक्षा. विश्वसनीयता और दक्षता के उच्चतम मानकों की स्थिति पता चलती है। तकनीकी सवाल-जवाब भी हुए सीएमआरएस टीम ने मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियर्स से मेट्रो ऑपरेशन के तकनीकी पक्षों से जुड़े सवाल जवाब किए। सुरक्षा प्रोटोकॉल क्या होता है? स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स, रोलिंग स्टॉक की तैयारियों के साथ ही ऑपरेशन के लिए डिपो के सिस्टम से जुड़े सवाल जवाब किए गए। इसका बकायदा प्रजेंटेशन भी लिया गया। इस अवसर पर एमडी मेट्रो एस कृष्ण चैतन्य, निदेशक सिस्टम अरुण कुमार श्रीवास्तव, निदेशक प्रोजेक्ट अजय गुप्ता व अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे। ऑपरेशन कंट्रोल को परखा सुभाष नगर डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को देखा गया। ट्रेन संचालन, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा प्रणालियों की केंद्रीकृत निगरानी. डिपो में मेंटेनेंस बे, स्टेबलिंग लाइन, रिपेयर बे के साथ आग लगने की स्थितियों की पहचान कर अग्निशमन सहित अन्य सुरक्षा प्रणालियों को परखा गया। तेज रफ्तार में ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम की जांच सीएमआरएस ने डिपो में मेट्रो के रैक की जांच करने के दौरान ड्राइवर से इसे एम्स तक ले चलने का कहा। मेट्रो ट्रेन डिपो से सुभाष नगर स्टेशन पहुंची और 90 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाने का आदेश दिया। तेज रफ्तार ट्रेन देखकर आंबेडकर ब्रिज से गुजरने वाले रूककर देखने लगे। ट्रेन तेज गति से दौड़ी और फिर अचानक रूक गयी। कभी मध्यम गति में चली। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से एक घंटे तक पांच रैक को इसी तरह दौड़ाया गया। ऐसा रैक की गति और इसके ब्रेकिंग सिस्टम की जांच के लिए किया की टीम ने भी इसी तरह ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की थी। मेट्रो के अंदर से ही सीएमआरएस जनक कुमार ने वहां दर्ज आपातकालीन नंबर पर कॉल किया। कंट्रोल रूम में इसे किसी तरह अटेंड किया जाता है। कॉल लगता भी है या नहीं इसे देखा।

हाथी महोत्सव: हाथियों का होगा श्रृंगार, मिलेगा मनपसंद खाना

भोपाल  मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हाथियों की पूजा कर उन्हें उनके पसंद का भोजन दिया जा रहा है। उन्हें सजाकर आसपास रहने वाले लोगों के सामने दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही हाथियों के सामाजिक व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की ट्रैकिंग, गश्त और रेस्क्यू में हाथियों की अहम भूमिका है। आयोजन का उद्देश्य बांधवगढ़ में जंगली हाथियों के लगातार निवास करने के कारण जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाना तथा हाथियों की सेवा, देखभाल और संरक्षण की भावना बढ़ाना है। शहडोल के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 25 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रामा हाथी कैम्प, ताला, बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों को पूरी तरह से विश्राम दिये जाने के साथ ही उनके मन-पसंद व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा इस बार हाथी महोत्सव को हाथियों के पुनर्जीवन के लिए समर्पित किया है। कैंप में कुल 15 हाथी हैं, जिनमें 9 नर तथा 6 मादा शामिल हैं। कैंप में गौतम नाम का हाथी सबसे बुजुर्ग है, जिसकी उम्र 79 वर्ष है, वह रिटायर हो चुका है, जबकि कैंप में सबसे छोटा हाथी गंगा है, जिसकी उम्र मात्र एक साल है। हाथी महोत्सव के पहले दिन हाथियों को सुबह-सुबह चरण गंगा नदी में स्नान कराया गया। जहां पानी में हाथी मस्ती करते हैं। कैंप में वापस लाकर नीम एवं आरंडी के तेल से उनकी मालिश की जाती है। वन्य-जीव विशेषज्ञ डॉक्टर्स डीवार्मिंग, पैर एवं दाँतों की देखभाल करते हैं। इस दौरान हाथियों को चंदन लगाकर सजाया गया। उन्हें पसंदीदा भोजन गन्ना, नाशपाती, नारियल, गुड़, मक्का, केला, सेव, अमरूद तथा रोटी परोसी जाती है। डॉक्टर द्वारा उनकी डाइट तय की जाती है, जिसमें खनिज आहार, पारंपरिक भोजन और ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। भोजन के उपरांत दोपहर से शाम तक के लिए इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाता है। इस दौरान वे कीचड़ स्नान, तालाब में जल क्रीड़ा तथा वन भ्रमण का आनंद लेते हैं। हाथी महोत्सव में आम नागरिकों के लिए पार्क सीमा में आवाजाही की अनुमति रहती है। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग इनकी पूजा एवं भोजन खिलाकर दर्शन करते है। हाथी महोत्सव में कैंप में रहने वाले हाथियों को ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सम्मान मिलता है। हाथियों के महावत और उनके हेल्पर का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। हाथियों को लेकर आगे आने वाली चुनौतियों, वर्तमान और भविष्य के बदलाव को लेकर उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। संजय टाइगर रिजर्व सीधी में हाथी रिजुवनेशन कैंप हाथी महोत्सव-2025 का भव्य आयोजन सीधी में खैरीझील हाथी कैम्प परिसर में किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा हाथियों की पूजा एवं फल अर्पित कर किया गया। उन्होंने महावतों और चारा कटरों को टॉर्च, मच्छरदानी और बैग वितरित किए।  हाथियों के स्वास्थ्य संवर्धन और देखभाल के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। आयोजन में हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी शामिल हैं। इस दौरान हाथियों को नियमित आहार के साथ केला, सेव, पपीता, गन्ना, नारियल आदि विशेष फल खिलाए जाएंगे। हाथियों की टस्क ट्रिमिंग, नाखून काटना, नीम तेल से पैरों की मालिश तथा स्वास्थ्य परीक्षण जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। महावतों एवं चारा कटरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा परिचर्चा एवं खेल-कूद कार्यक्रम किये जा रहे हैं। कैंप में हाथियों को कार्य से पूर्णतः मुक्त रखा जा रहा है। 

सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को मिलेगा उनकी उपज का वाजिब दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम बनाया जाएगा मुख्यमंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरुआत 215 करोड़ लागत के विकास कार्यों की दी सौगात मुख्यमंत्री सागर के जैसीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जहां भी सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि अथवा रोग के कारण खराब हुई है, ऐसे सभी क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सर्वे के बाद किसानों को सोयाबीन की फसल की क्षति का समुचित मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सोयाबीन की फसल का एमएसपी 5328 रूपये निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी यही रेट दिया जाएगा। किसी भी किसान को घाटा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धान पर भी बोनस बढ़ाया गया है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना से उनके खाते में बोनस का पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो भावान्तर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों की जिदंगी बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि दी जा रही है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के जीवन में खुशियां लाने के लिए लाड़ली बहनों को दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रूपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास योजनाएं चलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पास धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगभग 215 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के साथ ही पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में किसानों को गाय पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला खोलने पर किसानों को लभगग 40 लाख रूपये की राशि मुहैया कराई जा रही है। इसमें 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वह गोपाल है, मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है। भगवान कृष्ण हो या भगवान राम इनके जीवन का एक-एक प्रसंग हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का एक नाम दीनदयाल भी है, दीनदयाल यानि गरीब से गरीब आदमी की चिंता करने वाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी गरीबों की चिंता कर रही है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। भगवान कृष्ण ने गाय और मोर पंख का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गौवंश हत्या को प्रतिबंधित करने का सख्त कानून बनाया है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने गाय के संरक्षण के लिए प्रति गाय 40 रूपये प्रतिदिन तक का खर्च बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं बुंदेलखंड की धरती पर आया हूं तो मुझे अत्यंत गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की यह धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश भक्ति की मिसाल पेश की है।समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता संकल्प कार्यक्रम एवं सिंगल विंडो पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से गैस कनेक्शन घर-घर तक मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत आज जैसीनगर से हो रही है। जैसीनगर का नाम जयशिवनगर और नगर परिषद बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और जैसीनगर का नाम जयशिवनगर रखने की घोषणा की। साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं जैसीनगर में महाविद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कर उसका नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के रखने, जैसीनगर में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल बनाने और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मसुरयाही-तोडा मार्ग लगभग 25 कि.मी. के निर्माण की भी घोषणा की। सागर की श्रद्धांजलि योजना प्रदेश के लिए बनेगी मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। उन्होंने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी और आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत 100 से अधिक लाभान्वित ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना न केवल सागर के लिए बल्कि संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। इस योजना को प्रदेश में लागू कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खेला शतरंज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सफेद मोहरे को चुना और खेलना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अच्छी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन मंदिर में की पूजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर के गोवर्धन टोरी पर स्थित गोवर्धन मंदिर पहुंचकर भगवान गोवर्धन की पूजा कर आरती उतारी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की सराहना मुख्यमंत्री … Read more

किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावान्तर योजना लागू की जा रही है। किसानों को किसी भी हालत में घाटा नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की है। किसान संघों के सुझाव पर राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष सोयाबीन के किसानों को भावान्तर का लाभ दिया जाएगा। भावांतर योजना में पंजीयन होगा आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे सरकार देगी। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना में किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। ऐसे होगा क्षतिपूर्ति का आकलन यदि मंडी में औसत गुणवत्ता की कृषि उपज का विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक हो तो किसान को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यदि मंडी में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से भी कम हो तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत मॉडल भाव के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसानों के साथ सदैव खड़ी है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में भी फसलों की क्षति पर किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। किसान हितैषी निर्णय पहले भी लिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित किसानों को भी सहायता दी गई। सकंट की घड़ी में किसानों के साथ सरकार सदैव खड़ी है। पीले मोजेक से हुए नुकसान के लिए भी सर्वे करवाया जा रहा है। किसानों को प्रभावित फसलों के लिये आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी।  

बेहतर सेवाओं की ओर कदम: उच्चदाब उपभोक्ताओं की दिक्कतें अब होंगी दूर

भोपाल  आंधी-बारिश या तूफान जैसी किसी भी परिस्थिति में उच्‍चदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं को हर समय मिलेगी बिजली सेवाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल वृत्‍त के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र, ग्‍वालियर के मानलपुर एवं बिलौआ सहित मुरैना के बांमोर औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत उच्च दाब औद्योगिक उपभोक्ताओं की सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए गठित अतिरिक्त एफओसी की सेवाओं में दिसंबर 2025 तक विस्‍तार करने का निर्णय लिया है। अब उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ने के साथ 24 घंटे/, सातों दिवस गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति करने में भी मदद मिलेगी।     गौरतलब है कि कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम करेगी। औद्योगिक क्षेत्र के उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए गठित एफओसी टीम में कंपनी द्वारा प्रदाय स्मार्ट फोन सहित 6 कुशल तथा 6 अकुशल कर्मचारी सभी साजो-समान और जरूरी उपकरणों से लैस एफओसी वाहन सहित कार्यरत रहेंगे। यह एफओसी टीम 24 घंटे /सातों दिवस उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा कम्पनी के राजस्व वसूली, नए कनेक्शन, विद्युत उपकरणों का रख-रखाव और संधारण के साथ ही उपभोक्ता शिकायतों को दूर करने के लिए त्वरित काम करेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि कंपनी कार्यक्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में इन एफओसी टीमों के विस्‍तार से बिलिंग दक्षता और कलेक्शन एफिशिएंसी तथा एटीएण्डसी हानियों में कमी आएगी और उपभोक्‍ता संतुष्ठि में बढ़ोतरी होगी।  कंपनी औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ ही निम्नदाब उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी लगातार इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और सेवाएं मिल रही हैं। इसी दिशा में कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगी साथ ही विद्युत आपूर्ति के दौरान प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से आने वाले व्यवधानों  को 24 घंटे त्वरित रूप से दूर करेगी। साथ ही कंपनी के राजस्व संग्रहण का काम और बिजली उपकरणों, लाइनों, ट्रांसफार्मरों आदि का उचित रख-रखाव कर उपभोक्ता सेवाओं में विस्तार करेगी।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आमजन और उपभोक्ताओं से अपील की है वे अपने बिजली बिलों का समय पर भुगतान कर निरंतर पेयी कंज्यूमर बने रहें। विद्युत का अनधिकृत उपयोग न करें साथ ही विद्युत चोरी करने वालों की सूचना देकर विद्युत चोरी की रोकथाम में सहयोग करें और कंपनी द्वारा चलाई जा रही इनफॉर्मर स्कीम का लाभ उठाएं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बिलकिसगंज में स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ किए गए सेवा पखवाड़ा एवं स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि अस्पतालों में 2000 विशेष डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। उन्होंने शिविर में दी जा रही चिकित्सा सेवाओं और रक्तदान शिविर का अवलोकन किया तथा रक्तदान करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित भी किया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान  शुक्ल ने चिकित्सकों से योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और प्रबंधन एवं संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण टोकरी भी प्रदान की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचें और विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस अभियान में ईट-राइट, पोषण माह, योग जैसे वेलनेस कार्यक्रम और निक्षय मित्र जैसी पहल भी शामिल हैं। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत रक्तदान शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वास्थ्य शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, विभिन्न प्रकार के कैंसर, एनीमिया और सिकल सेल रोग जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहाँ इस कमी को दूर करने के लिए 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। साथ ही टेलीमेडीसिन प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े और वे डिजिटल माध्यम से सीधे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।  

माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का रिज़ल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का परिणाम जारी कर दिया है। यह परीक्षा मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कुल 9,882 पदों पर शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी अपना परिणाम ई.एस.बी की वेबसाइट http://www.esb.mp.gov.in/ से डाउनलोड या मुद्रित कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चयन परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल 2025 से 29 अप्रैल 2025 तक मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में किया गया था। परीक्षा विभिन्न विषयों हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, खेल, संगीत (गायन-वादन) एवं नृत्य में आयोजित की गई थी। कुल 1,85,065 अभ्यर्थियों ने विभिन्न विषयों में पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,60,360 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।  

छात्राओं के स्वास्थ्य पर जोर: सरोजनी नायडू महाविद्यालय में हुआ बड़ा हेल्थ चेकअप कैंप

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान का मूल किशोरियों और युवतियों का संपूर्ण स्वास्थ्य है। स्वस्थ परिवार की आधारशिला महिलाओं का स्वास्थ्य है। उन्होंने कहा कि हीमोग्लोबिन जांच, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर जीवन के लक्ष्यों को सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएँ, जहाँ जांच, परामर्श और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 4,518 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही, विषय विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गयीं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने छात्राओं से कहा कि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को छुपाने से वे और गंभीर हो सकती हैं। इसलिए बेझिझक होकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या संस्थाओं से परामर्श लेना चाहिए। विधायक भगवानदास सबनानी, माननीय महापौर श्रीमती मालती राय, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना सहित स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में हीमोग्लोबिन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिकल सेल स्क्रीनिंग, क्षय रोग तथा नेत्र रोग की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। छात्राओं ने ‘खुल के पूछो’ कार्यक्रम में पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, त्वचा व सौंदर्य संबंधी प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य खेल, जुम्बा सत्र (थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती) का आयोजन किया गया। कई छात्राओं ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। शिविर में आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी एवं आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। कुल 439 आभा और आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 459 छात्राओं का दंत परीक्षण, 152 को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, 381 को आयुष एवं पोषण सेवाएँ तथा 120 की सिकल सेल टेस्टिंग की गई। साथ ही, 20 यूनिट रक्तदान भी हुआ।  

व्यावहारिक ज्योतिर्विज्ञान डिप्लोमा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अक्टूबर

भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एक वर्षीय व्यवहारिक ज्योतिर्विज्ञान (ज्योतिष) और व्यावहारिक वास्तु शास्त्र डिप्लोमा कोर्स शुरू कर रहा है। डिप्लोमा के लिये एमपी ऑनलाइन के माध्यम से 25 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। आवेदन 30 अक्टूबर 2025 तक किये जा सकेंगे। इसके लिये न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता माध्यमिक शिक्षा मंडल अथवा मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कक्षाएं एक नवम्बर 2025 से ऑनलाइन प्रारंभ की जायेंगी। ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ज्योतिर्विज्ञान कक्षाओं का संचालन सप्ताह में 3 दिवस सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं व्यावहारिक वास्तु शास्त्र कक्षाओं का संचालन सप्ताह में 3 दिवस मंगलवार, गुरूवार, शनिवार को किया जायेगा। ऑनलाइन कक्षाओं का केन्द्र महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल के सेकण्ड स्टॉप स्थित संस्कृत भवन रहेगा। पाठ्यक्रम से संबंधित नियम तैयार कर लिये गये हैं। पाठ्यक्रम विवरण, प्रश्न पत्र एवं अन्य जानकारी संस्थान की वेबसाइट https://www.mpssbhopal.org पर उपलब्ध हैं।  

डब्ल्यूबीएम रोड निर्माण में मिली अनियमितता, भिण्ड प्रशासन ने किया कड़ा एक्शन

 भिण्ड नगर पालिका भिण्ड में डब्ल्यूबीएम (WBM) रोड के निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत लोकायुक्त के माध्यम से नगरीय विकास एवं आवास विभाग को प्राप्त हुई थी। इस शिकायत के आधार पर विभाग द्वारा अधीक्षण यंत्री स्तर पर एक जांच समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री हरीश बाबू शाक्यवार, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेन्द्र तिवारी तथा उपयंत्री अमित कुमार शर्मा को दोषी पाया गया है। दोष सिद्ध होने पर हरीश बाबू शाक्यवार एवं वीरेन्द्र तिवारी की आगामी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। उपयंत्री अमित कुमार शर्मा मूलत: नगर निगम मुरैना के कर्मचारी है अतएव उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिये आयुक्त नगरीय प्रशासन  संकेत भोंडवे द्वारा आयुक्त नगर निगम मुरैना को निर्देशित किया गया है। आयुक्त  भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये विभाग निरंतर सक्रिय है। स्थानीय निकायों में किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।