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पीडीए की एकता पर अखिलेश यादव का बयान: जाति ही हमारी ताकत, भाजपा घबराई

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जाति हमारा इमोशनल कनेक्ट है। पिछड़ों को जाति के आधार पर आरक्षण दिया गया है। मंडल कमीशन की प्रस्तावना में ये बात आई कि हम जाति के आधार पर पिछड़े हैं तो हमें आरक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि भाजपा पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की एकता से घबरा गई है। जबसे हमने अलग-अलग विभागों में पीडीए की तैनाती के आंकड़े जारी किए हैं तब से भाजपा घबरा गई और लोगों को अपमानित कर रही है। अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे जिसमें उन्होंने योगी सरकार के आदेश कि एफआईआर, अरेस्ट वारंट या किसी भी दस्तावेज पर जाति नहीं लिखी जाएगी के आदेश पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हरिजन एक्ट तो जाति पर ही बना है। जिन लोगों ने गंगाजल से मकान को धुलवाया उन पर कार्रवाई हुई क्या? मैं जिस मंदिर में गया था उसके पंडित के मना करने पर भी भाजपा के लोगों ने मंदिर को धुलवाया। उन्हें बताना चाहिए कि ऐसा क्यों किया? पीडीए को अब समाजवादी पार्टी पर भरोसा है। भाजपा ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़े अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में भाजपा ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विधायक मंच से बोल रहे हैं कि 10 प्रतिशत कमीशन है उस पर बोलेंगे नहीं और हमें क्रीम, पाउडर और शैंपू में उलझा रहे हैं। हम भी बाजार जाएंगे। कहा कि जो लोग ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं उन्हीं से बात की जा रही है। अखिलेश यादव ने सपा में शामिल होने वाले सुधीर चौहान, पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह, विद्यासागर और लालजी भारती (बसपा से आए हैं) का स्वागत किया। किसानों के साथ अन्याय की कीमत पर विकास का समर्थन नहीं करते अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग षडयंत्र करते हैं और किसानों से उनकी जमीन जबरदस्ती ले लेते हैं। किसानों से धोखा करने का रास्ता विकास का रास्ता नहीं हो सकता है। ये लोग जो कानून हैं उन कानून की परवाह ना कर करके, दबाव बनाकर,  झूठे मुकदमें लगाकर, जमीन छीनने का काम करते हैं और ये सिलसिला चल रहा है। हम लोग इसका विरोध करते हैं और जब हमारी सरकार आएगी तो किसानों को सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा दिया जाएगा। किसानों के साथ अन्याय की कीमत पर विकास को सही नहीं ठहराया जा सकता। 

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने प्रियंका गांधी के बिहार दौरे पर साधा निशाना बोले – ‘बस टहलने आई हैं’

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी राज्य का दौरा करेंगी। भाजपा ने प्रियंका के आगामी बिहार दौरे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ ‘टहलने’ के लिए बिहार आ रही हैं। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा, प्रियंका गांधी यहां ‘टहलने’ आएं, अब बिहार ने बहुत तरक्की कर ली है। कांग्रेस के ‘जमाने’ में बिहार की हालत ऐसी थी कि गाड़ियां-मोटरसाइकिल यहां बहुत कम थीं, फिर भी पटना में भयंकर ट्रैफिक जाम लगता था। अब वे जब आएंगी तो बेहतरीन फ्लाइओवर ट्रैफिक सुविधाओं से युक्त बिहार देखेंगी, जिसे देखकर उन्हें अच्छा लगेगा। सांसद जायसवाल ने प्रियंका को सलाह देते हुए कहा, “मैं उनसे यही कहूंगा कि वे बापू सभागार जरूर जाएं, जहां नीतीश कुमार ने देश का सबसे बड़ा इंडोर ऑडिटोरियम बनवाया है, वहां जाकर वे नीतीश सरकार की तरक्की देखें। उन्हें पटना म्यूजियम भी घूमना चाहिए। बिहार पर्यटन का शानदार स्थल बन गया है। प्रियंका अभी एक दिन के लिए आ रही हैं, तो पटना घूमकर ही वापस लौटें।” बिहार में महागठबंधन द्वारा ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ पेश किए जाने पर सांसद जायसवाल ने हमला बोला। उन्होंने कहा, घोषणापत्र बिहार के सभी नागरिकों के लिए होता है, जिसे संपूर्ण समाज के लिए एक साथ जारी किया जाता है। लेकिन, जिन लोगों की दिलचस्पी समाज को बांटने और विभाजन में हो, जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया, वे ही अलग-अलग फर्जी घोषणापत्र जारी करते हैं, जिसमें झूठी बातें लिखी होती हैं। संजय जायसवाल ने बिहार की महिलाओं के लिए शुक्रवार के दिन को खास बताया। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार’ योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, शुक्रवार का दिन बहुत खास है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिलकर हर परिवार की हर महिला को 10,000 रुपए देंगे। पहले ही दिन इस योजना से 70 लाख परिवारों को फायदा होगा। एनडीए सरकार जो कहती है, उसे पूरा जरूर करती है।  

धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी गई बिहार की जिम्मेदारी, BJP ने बनाया चुनाव प्रभारी

नई दिल्ली बिहार चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपनी चाल चल दी है. भारतीय जनता पार्टी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे अहम सियासी राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है. भाजपा ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार का चुनाव प्रभारी बनाया है. यह नियुक्ति बिहार में एनडीए की मजबूती को बढ़ावा देने के लिए अहम मानी जा रही है. बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव है. धर्मेंद्र प्रधान के साथ सह-प्रभारी के रूप में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और गुजरात BJP के पूर्व अध्यक्ष सीआर पाटिल को नियुक्त किया गया है. भाजपा के लिए धर्मेंद्र प्रधान का चयन इसलिए खास है क्योंकि वे ओडिशा से आते हैं और पहले भी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. भाजपा सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान की रणनीतिक क्षमता और संगठनात्मक कौशल बिहार में तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन को चुनौती देने में कारगर साबित होगा. हालांकि, बिहार में NDA पहले से सत्ता में है, मगर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की यात्राओं से माहौल थोड़ा बदला है. ऐसे में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. यही वजह है कि अच्छा-खासा सियासी अनुभव रखने वाले धर्मेंद्र प्रधान को बिहार फतह करने की जिम्मेदारी दी गई है. बंगाल में किसे कमान? पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब सह-प्रभारी होंगे. पश्चिम बंगाल में टीएमसी की मजबूत पकड़ को तोड़ने के लिए BJP की यह रणनीति अगम है. वैसे भी अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं. 2026 में होने वाले चुनावों में भूपेंद्र यादव की भूमिका अहम होगी. भूपेंद्र यादव के पास भी अच्छा खासा संगठनात्मक अनुभव है. वहीं, बिप्लब देब का अनुभव पूर्वोत्तर राज्यों से बंगाल की राजनीति को मजबूत करेगा. तमिलनाडु का प्रभारी कौन? तमिलनाडु के लिए BJP ने ओडिशा से सांसद बैजयंत पांडा को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि महाराष्ट्र से सांसद मुरलीधर मोहोल सह-प्रभारी होंगे. पश्चिम बंगाल की तरह तमिलनाडु में भी साल 2026 में विाधानसभा चुनाव हैं. अगले साल होने वाले चुनाव के लिए भाजपा DMK-AIADMK के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर काम कर रही है. पांडा की नियुक्ति दक्षिण भारत में भाजपा की विस्तार योजना का हिस्सा है. हाल ही में BJP की कोर कमिटी मीटिंग में 2026 चुनाव रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें जिला स्तर के प्रभारियों की नियुक्ति और गठबंधन वार्ता शामिल थी.

पंडित दीनदयाल जी की 109 वीं जयंती पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि सभा का आयोजन

रायपुर  जवाहर नगर मंडल द्वारा 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 109 वीं जयंती मंडल के वार्डो में बूथ स्तर पर मनाई गई। इस अवसर पर आज सुबह 10 बजे तात्यापारा वार्ड क्र 36 स्थित श्री दुलार धर्म शाला बढ़ई पारा मुख्य मार्ग पर पंडित दीनदयाल जी की छायाचित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें जवाहर मंडल के पदाधिकारी,कार्यकर्ता गण,एवं वार्ड वासी शामिल होकर सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष जी को याद कर पुष्पांजलि अर्पित की। जयंती के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व साभापति,लौह शिल्पकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि पंडित दीनदयाल का मूल मंत्र कार्यकर्ताओं का सम्मान था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मक मानववाद के संस्थापक थे। जनसंघ की संस्थापक सदस्य में एक थे। वह जनसंघ के महासचिव और अध्यक्ष भी बनाए गए। तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से लौह शिल्पकार मंडल के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा,इंदिरा गांधीं वार्ड के पार्षद एवं mic सदस्य श्री अवतार सिंह बागल,पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राजेश पांडे, जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष श्री संदीप जंघेल,भाजपा जिला से असगर अली,मनोज विश्वकर्मा मंडल महामंत्री श्री रमेश शर्मा,गीता रेड्डी,रिखी राम श्रीवास,कान्हा सिंह ठाकुर,सूरज शर्मा,शंकर शर्मा,नीलू तलमेल,दिनेश अग्रवाल,संतोष निहाल,राहुल विश्वकर्मा,पूनम सोनी,प्रियंका साहू,सरोज गुरुगोसाई,विजय सोनी,दीप लक्ष्मी साहू,कुशल गेडेकर,मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन के साथ दर्जनों मोहल्ला वासी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सीट शेयरिंग पर सस्पेंस खत्म, JDU निभाएगी बिहार में बड़े भाई की भूमिका

  पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला लगभग तय है. कहा जा रहा है कि JDU 102 सीटों पर, भाजपा 101 और चिराग की पार्टी एलजेपी (आर) 20 (बाद में 1 एक एमएलसी , एक राज्यसभा मिल सकता है) सीटों पर चुनाव लड़ेगी, हम-RLM को 10-10 सीटें. मिल सकती हैं. कहा जा रहा है कि इसमें एक दो सीट घट या बढ़ सकता है कुछ सीटों की अदला बदली हो सकती हैं. हाल ही में मंत्री संतोष सुमन ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि बस दस दिनों में सीटों का बंटवारा हो जाएगा. चिराग पासवान के सम्मानजनक सीटों की डिमांड और गठबंधन में रहने के सवाल पर कहा कि सबको सम्मानजनक सीटें मिलेंगी. किसी के नाराज होने की बात नहीं है. पटना में होने वाली कांग्रेस की बैठक पर संतोष सुमन ने कहा कि- कांग्रेस को समझ में आ गया है कि पिछलग्गू बनने से काम नहीं चलेगा. क्रेडिट मिलेगा तो एक ही पार्टी को मिलेगा. अगर चिंतन करने के बाद कांग्रेस को सद्बुद्धि आई है तो मैं उनका स्वागत करता हूं. कांग्रेस बहुत बड़ी पार्टी रही है और मुझे लगता है कि पहली बार उनकी बैठक हो रही है. उनके बड़े-बड़े नेता आएंगे. ज्यादा सीटों की डिमांड बता दें कि, बता दें कि, बीते दिनों केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी मुखिया जीतनराम मांझी ने ज्यादा सीटों की डिमांड की थी. जिसमें उन्होंने हम पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में रजिस्टर्ड कराने का हवाला देते हुए सीटों की मांग की थी. उनके साथ ही एनडीए के अन्य घटक दलों में भी सीटों की डिमांड को लेकर खींचतान थी. ऐसे में हर किसी की नजर सीटों के बंटवारे पर टिकी हुई है. जिस पर एनडीए जल्द ही औपचारिक घोषणा कर सकता है. पिछला चुनाव साल 2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल जेडीयू ने कुल 243 विधानसभा सीटों में 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. इस चुनाव में भी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की अहम भूमिका में थी. तब जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (सेक्युलर) को सात सीटें मिली थी. बीजेपी के साथ गठबंधन में रही मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे.  

बगावत खत्म! गुरुग्राम के 7 पार्षद BJP में शामिल, जिलाध्यक्ष को किया दरकिनार

गुरुग्राम  गुरुग्राम में पूर्व डिप्टी मेयर परमिंद्र कटारिया समेत सात पार्षदों को BJP जॉइन करा राव इंद्रजीत ने विरोधियों को पटकनी दी है। गुरुग्राम में नगर निगम चुनाव में भाजपा से बागी होकर जीतने वाले 7 पार्षदों ने फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनमें से पांच पार्षद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कट्‌टर समर्थक माने जाते हैं। चंडीगढ़ में कबीर कुटीर में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई वापसी।  इस घटना ने गुरुग्राम नगर निगम की सियासत में नए समीकरण बनाए हैं और राव इंद्रजीत की स्थिति को और मजबूत किया है। वापसी करने वाले पार्षदों में वार्ड 35 से परमिंद्र कटारिया, प्रदीप परम, वार्ड 10 से महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव, पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत भारद्वाज और गगनदीप किरोड़ के नाम शामिल हैं। इनमें से भाजपा ने परमिंद्र कटारिया, महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव और गगनदीप किरोड़ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर रखा था। निष्कासन को दरकिनार कर अब इन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष को खबर नहीं चौंकाने वाली बात ये है कि जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी को कानोंकान खबर नहीं चली और रविवार शाम को चंडीगढ़ में ज्वाइन करने के बाद सोमवार सुबह उन्हें इस बारे में पता चला। उन्होंने स्वीकार किया कि मुझे नहीं पता कि कब पार्टी ज्वाइन करने चंडीगढ़ पहुंचे। इस बारे में उनसे कोई चर्चा भी नहीं हुई। यह जिलाध्यक्ष के लिए भी एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित थे परमिंद्र कटारिया पहले डिप्टी मेयर रह चुके हैं, उनकी ज्वाइनिंग को लेकर चर्चा ज्यादा हैं। कटारिया को राव इंद्रजीत भाजपा से टिकट नहीं दिला पाए थे, जिसके चलते उन्होंने बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। निगम चुनाव के वक्त कटारिया को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था। अब राव इंद्रजीत की बढ़ती राजनीतिक ताकत को देखते हुए इन पार्षदों को गुपचुप तरीके से फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कब्जे की रणनीति भाजपा के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यह वापसी गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर कब्जा करने की रणनीति का हिस्सा है। इन पदों के लिए लॉबिंग जोरों पर है, और राव इंद्रजीत के खेमे की यह रणनीति उनके प्रभाव को और बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब राव नरबीर खेमा सक्रिय हुआ वहीं सात पार्षदों की भाजपा में ज्वाइनिंग के बाद कैबिनेट मंत्री राव नरबीर खेमा भी सक्रिय हो गया है। इस बीच राव इंद्रजीत की बढ़ती ताकत को देखकर राव नरबीर सिंह का खेमा भी सक्रिय हो गया है। आज एक गुप्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें नरबीर खेमा भी अपनी रणनीति तैयार करेगा। ताकि नगर निगम में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके। यह राजनीतिक उलटफेर गुरुग्राम की सियासत में दोनों खेमों के बीच एक नया टकराव पैदा कर सकता है। कभी पार्टी से दूर नहीं गए: कटारिया इस बारे में जब पूर्व डिप्टी मेयर और निर्दलीय पार्षद परमिंदर कटारिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे 32 साल से भाजपा से जुड़े हैं और 80 फीसदी कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा एक्सपीरियंस हैं। मैंने कभी पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं किया। जब मैंने अपने वार्ड के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया तो उन्होंने मुझे पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा वोटों से जिताया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी पार्टी के साथ थे और आज भी पूरे दिल से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे भाजपा से दूर नहीं गए। यहां से वे 4464 वोटों से जीते हैं, जो कि पूरे प्रदेश में पार्षदों में सबसे ज्यादा अंतर है। जिले में 58 कार्यकर्ता हुए थे निष्कासित नगर निगम गुरुग्राम-वार्ड एक से साहब राम (लीलू सरपंच), इंद्रजीत यादव, वार्ड-2 से रिम्पल यादव, पूर्व मेयर विमल यादव, वार्ड-3 से राकेश यादव, राहुल यादव, वार्ड-7 से संदीप मेहलावत, नवीन दहिया व दिनेश दहिया हैं। वार्ड-8 से दीपक कटारिया, पूर्व पार्षद लखपत कटारिया व पूर्व पार्षद संजय प्रधान, वार्ड-9 से अवनीश राघव खांडसा जिला सचिव, वार्ड-10 से महावीर यादव, वार्ड-11 से अजय नंबरदार, वार्ड-12 से गगनदीप किल्होड़ व रूचि किल्होड़ है। वार्ड-13 से श्रेयस जैन व अश्विनी शर्मा, वार्ड-14 से प्रमोद यादव व सचिन तंवर, वार्ड-15 राकेश यादव फाजिलपुर, प्रवीण लता व नीरज यादव (मंडल उपाध्यक्ष) शामिल हैं। जबकि, वार्ड-17 से प्रेम गैराठी, वार्ड-19 बीनू चाहर महिला मोर्चा, वार्ड-20 से मंगल सिंह ग्वाल पहाड़ी, वार्ड-21 से पूर्व मंडल महामंत्री अशोक डबास, अशोक पहलवान, मीनाक्षी व रिंकू हैं। वार्ड-23 से पूर्व पार्षद रमा रानी राठी, कुनाल यादव, दीपक यादव व पंकज यादव। वार्ड-24 से सज्जन यादव, बरखा शर्मा व दीपक शर्मा। वार्ड-28 से महेश कुमार, वार्ड-32 से पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र बजाज व ज्योत्स्ना बजाज, वार्ड-34 से पूर्व पार्षद योगेन्द्र सारवान, वार्ड-35 से पूर्व डिप्टी मेयर परमिन्द्र कटारिया और वार्ड-36 से भगत कटारिया का नाम शामिल है। मानेसर नगर निगम- वार्ड एक से राघव सैनी, वार्ड-दो से स्नेहलता व नरेन्द्र चौहान, वार्ड-6 से अजित यादव मंडल सचिव व जयपाल यादव जिला कार्यकारिणी, वार्ड-7 से अजित प्रजापति, विक्रम प्रजापति व जसबीर धनकड़, वार्ड-12 से प्रवीण यादव मानेसर आपदा प्रबंधक प्रदेश कार्यकारिणी, वार्ड-15 से हरी सिंह नखडोला एससी मोर्चा पूर्व अध्यक्ष व पिंकी नखडोला, वार्ड-16 प्रवीण नौरंगपुर उपाध्यक्ष मानेसर मंडल और वार्ड-17 दयाराम चेयरमैन एसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष है। पटौदी- जिला कार्यकारिणी सदस्य सुनील दोचानिया का नाम भी निष्कासित कार्यकर्ताओं की सूची में शामिल था।

नवरात्रि पर मांस बेचने व काटने-पकाने पर रोक लगे, दिल्ली BJP विधायक ने उठाई मांग

नई दिल्ली  देशभर में त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि भी जल्द ही शुरू होने वाले हैं। ऐसे में एक बार फिर खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगने की मांग उठाई जा रही है। दिल्ली में ये मांग बीजेपी विधायक अजय महावर ने की है। उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान 9 दिनों का समय सनातन धर्म बहुत पवित्र समय होता है। ऐसे में खुले में मीट की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि इसके लिए सोमवार को एक पत्र भी लिखेंगे। उन्होंने आगे कहा, किसी को अपना रेस्टोरेंट चलाना होतो वह शीशे के अंदर पका सकता है, हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन खुले में मांस काटने-पकाने और बेचने पर पाबंदी होनी चाहिए। इससे पहले सावन मास में कांवड़ यात्रा के दौरान भी इस तरह की मांग करते हुए पत्र लिखा गया था। इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिवाली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर संतुलित रुख अपनाने का आह्वान कियाथा । सिरसा ने कहा था कि लोगों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना त्योहार मनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिवाली न केवल एक धार्मिक त्योहार है, बल्कि लाखों लोगों के लिए एक भावनात्मक अवसर भी है, जो अपनी परंपराओं और संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार उत्सव और खुशी का समय है, जो लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि जब पूरा देश पटाखे फोड़कर इस अवसर का जश्न मनाता है, तो अकेले राष्ट्रीय राजधानी में पूर्ण प्रतिबंध का सामना करना कोई मायने नहीं रखता।

गरबा में गैर-हिंदू युवाओं की एंट्री पर सख्त रामेश्वर शर्मा, कहा – अगर आना है तो माता-पिता को भी लाएं साथ

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की 'सनातनी क्रांति' शुरू हो गई है. गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बेन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक तक सामने आ गए है. हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके. दरअसल, प्रदेश में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'धर्म जिहाद' की खबरों के बीच अब हिंदू संगठन और भाजपा के विधायक 'गरबा जिहाद' रोकने की बात कर रहे हैं. नवरात्रि के पहले ही गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एमपी में अब जमकर राजनीति शुरू हो गई है. हिंदू संगठन सख्त विरोध कर रहे हैं किसी भी कीमत पर गैर हिंदुओं को पंडालों में प्रवेश न दिया जाए नवरात्रि और गरबा में दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ''गरबे में गैर हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, अगर आना है तो अपनी मां को अपनी अम्मी, बहन, मौसी, अब्बा और चच्चा को लेकर आओ. देवी का प्रसाद खाओ. आशीर्वाद लो और हिंदू धर्म स्वीकार करो.'' नवरात्रि का पर्व आने वाला है. 22 सितंबर से यह पर्व शुरू होगा. हिंदू मां दुर्गा के 9 रूपों की उपासना करते हैं. नवरात्रि पर गरबे का बड़ा महत्व होता है. जगह-जगह गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है लेकिन राजधानी भोपाल में इसपर एक अलग ही तरह का विवाद छिड़ा हुआ है. गरबे में भाईजान की एंट्री को लेकर एक तरफ हिंदू संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि कोई भी गैर-हिंदू गरबे में दिखाई दिया, तो उसे बजरंग दल की शैली में जवाब दिया जाएगा. वहीं भाजपा नेता भी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह सनातन का पर्व है. मां शक्ति की उपासना की जाती है. इस्लाम को मानने वाले मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. वे लोग हमारे त्योहारों में आते ही क्यों हैं और अगर आना हैं, तो सनातन अपना लो, जनेऊ धारण करो. इतना ही नहीं, भाजपा विधायक ने आगे कहा कि चार-पांच पीढ़ी ऊपर देखेंगे, तो इनके पूर्वज भी सनातनी ही निकलेंगे. 'मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है?' वहीं, 'भाईजान' की एंट्री पर पाबंदी लगाने के बयानों के बाद कांग्रेस के मुस्लिम विधायक भी सामने आए. भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ''मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है? उसे नहीं जाना चाहिए. बाकी बीजेपी को हर त्योहार से पहले विवाद खड़ा करने की आदत है.  नवरात्रि से पहले मध्य प्रदेश की सियासत में गरबा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी नेताओं ने गरबा पंडालों में दूसरे धर्म के लोगों पर बैन लगाने की मांग की है. भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने पंडालों में भाईजान की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही, तो इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि आयोजक गरबा पंडालों में एंट्री से पहले आईडी चेक करें. विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नवरात्रि पर घर वापसी अभियान चला रहे हैं. हम तो अब सनातन का प्रचार-प्रसार तेजी से बढ़ा रहे हैं. गरबे में कोई भी आए, आपत्ति नहीं है. जो लोग ईसाई, मुसलमान बन गए हैं, अगर वे सनातन धर्म में वापसी करते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है. अकेले लड़के क्यों आ रहे हैं, अपनी बहन, अब्बा-अम्मी को भी लेकर आएं. वे आएं, उन्हें गंगाजल पिलवाएंगे. जय श्रीराम, जय गुरुनानक के नारे लगवाएंगे. दुर्गा जी की आरती करवाएंगे. तिलक लगाएंगे. कब तक दूर-दूर रहेंगे, आ जाएं सभी लोग, सनातन में उनका स्वागत है. वहीं गरबा को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी नेता त्योहारों से पहले जान-बूझकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं. भाजपा के लोग माहौल खराब करने के लिए बयानबाजी करते हैं. जब मुस्लिम गरबे में जाता ही नहीं है, उसका गरबे से कोई लेना-देना ही नहीं है, नवरात्रि मनाता ही नहीं है, तो फिर क्यों हम धर्म परिवर्तन कर लें. बीजेपी अभियान चलाए, परिचय पत्र चेक करें, आधार चेक करें. सरकार आपकी है, कानून आपका है, अगर कोई जान-बूझकर ऐसा करता है और गरबा कार्यक्रम में घुसता है, तो उसपर कार्रवाई कीजिए. माहौल बनाने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जाती है. हमारा गरबे से कोई लेना-देना नहीं है. मुस्लिम समाज को कोई समिति आमंत्रण नहीं भेजती है. मुस्लिमों को भी गरबे में नहीं जाना चाहिए. जबा मना है, तो नहीं जाना चाहिए. बताते चलें कि खंडवा में इस बार नवरात्रि पर गरबा कार्यक्रमों में न फिल्मी गाने बजेंगे और न ही महिलाएं बैकलेस ड्रेस पहन सकती हैं. गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर भी बैन लगाया गया है. आयोजक खुद सुरक्षा इंतजाम करेंगे. संस्कृति, देशभक्ति और नारी शक्ति पर फोकस रहेगा. हिंदू संगठनों ने कहा कि अगर सनातन धर्म के त्योहारों का मजाक बना, तो जिसकी करनी होगी, वही भुगतेगा.  

‘कोई खान मुंबई का मेयर न बने…’ BMC चुनाव से पहले अमित साटम का विवादित बयान

मुंबई  मुंबई में निकाय चुनाव नजदीक आते-आते सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है. बीजेपी के नवनियुक्त मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने इस बीच एक विवादित बयान दिया है, जो काफी सुर्खियों में है. एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय का हवाला देते हुए अमित साटम ने कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव शहर की सुरक्षा को लेकर हैं और कोई 'खान' मुंबई का मेयर नहीं बनना चाहिए. मुंबई बीजेपी अध्यक्ष साटम का यह बयान विजय संकल्प रैली के दौरान आया, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी हिस्सा लिया. बीएमसी चुनावों से पहले बयान पिछले महीने मुंबई अध्यक्ष नियुक्त किए गए अमित साटम ने कहा, 'लड़ाई मुंबई को सुरक्षित रखने की है. अंतरराष्ट्रीय देशों में घुसपैठ हो रही है और उनके रंग बदल रहे हैं. कुछ शहरों के मेयरों के सरनेम देखिए. क्या हम मुंबई में भी यही पैटर्न चाहते हैं?' अमित साटम के इस बयान को लंदन और अन्य पश्चिमी देशों में चल रहे एंटी इमिग्रेशन प्रोटेस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है. साटम का 'सरनेम' वाला बयान संभवतः लंदन के मेयर सादिक खान की ओर इशारा करता है, जिनकी जड़ें पाकिस्तान में हैं. अपनी तीखी टिप्पणी जारी रखते हुए साटम ने आगे कहा, 'वर्सोवा-मालवणी स्टाइल हर जगह फैल सकती है. मुंबईकरों के दरवाजे पर एक बांग्लादेशी होगा. कल हर वार्ड में एक हारून खान चुना जा सकता है और कोई खान मुंबई का मेयर बन सकता है. ऐसा मत होने दीजिए.' मुंबई के वर्सोवा और मालवणी में मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी है. यह टिप्पणी अवैध बांग्लादेशियों पर राज्यव्यापी कार्रवाई के बीच आई है, जो बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के लिए एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है. साटम ने ज़ोर देकर कहा कि बीजेपी की लड़ाई सिर्फ़ राजनीतिक नहीं, बल्कि विकास और सुरक्षा की है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से हर घर तक पहुंचने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि महायुति का कोई महापौर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का कार्यभार संभाले. एशिया की सबसे अमीर निगम कही जाने वाली बीएमसी 2022 से चुनावों का इंतजार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र में लंबे समय से लंबित स्थानीय निकाय चुनाव कराने की अंतिम समय सीमा 31 जनवरी, 2026 तय की है. फडणवीस ने ठाकरे पर हमला बोला अपने संबोधन में मुख्यमंत्री फडणवीस ने याद दिलाया कि कैसे 2017 के नगर निकाय चुनावों के बाद मुंबई में अपना मेयर बनाने के लिए पर्याप्त संख्या होने के बावजूद बीजेपी ने शिवसेना को मेयर का पद दे दिया था. फडणवीस ने कहा, 'हमारी जीत को रोका नहीं जा सकता. पिछली बार बीएमसी में हम सिर्फ़ दो सीटें पीछे रह गए थे. तब एकनाथ शिंदे और मिलिंद नार्वेकर ने मुझे बताया था कि उद्धव ठाकरे नाराज़ हैं. हमने महापौर का पद शिवसेना को दिया, बड़ा दिल रखा.' मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, '2019 में उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया. 2022 में हमें अपनी सरकार वापस मिल गई और 2024 में हमें पूर्ण बहुमत मिला. इस बार मुंबई को महायुति का मेयर मिलेगा.' कौन हैं अमित साटम पिछली महीने अगस्त में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आशीष शेलार की जगह अमित साटम को मुंबई बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था. वह अंधेरी वेस्ट से विधायक हैं और बीएमसी पार्षद भी रह चुके हैं. अमित साटम अपनी साफगोई और आक्रामक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा में कई बार विपक्ष पर तीखे हमले किए हैं. मुंबई के स्थानीय मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. इससे पहले उन्होंने संगठन में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं.  अमित साटम की नियुक्ति से बीजेपी को निकाय चुनाव में जीत की उम्मीद है. उनकी नियुक्ति का ऐलान करते वक्त सीएम फडणवीस ने भरोसा जताया कि साटम की अगुवाई में बीजेपी और महायुति को बड़ी सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा कि साटम न सिर्फ संगठन में काम करने का अनुभव रखते हैं, बल्कि मुंबई की समस्याओं और उनके समाधान की दिशा में भी एक्टिव रोल निभाते आए हैं. 

आधी रात इंदौर में फायरिंग: अर्जुन जोशी घायल, प्रेमिका के घर के बाहर चली गोली

 इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महिला नेता के बेटे को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने का मामला सामने आया है। 31 वर्षीय घायल युवक अर्जुन जोशी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अर्जुन की मां ममता नारायण जोशी पार्षद का चुनाव लड़ चुकी हैं। पुलिस के अनुसार, अर्जुन जोशी शुक्रवार रात खजराना थाना क्षेत्र में अपनी प्रेमिका से मिलने गया था, जहां किसी बात को लेकर प्रेमिका के पिता और उसके बीच कहासुनी के बाद गोली चल गई। घायल अर्जुन ने आरोप लगाया है कि उसकी प्रेमिका के पिता ने ही उस पर हमला कर गोली चलाई है। हालांकि, पुलिस को शुरुआती जांच में यह मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि प्रेम प्रसंग के चलते दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। वहीं अर्जुन जोशी ने भी प्रेमिका के घर में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए प्रेमिका और उसके पिता से मारपीट की है। इसको लेकर दूसरा पक्ष भी शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। अर्जुन पर प्रेमिका के घर जाकर तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप खजराना पुलिस के अनुसार, अर्जुन जोशी शुक्रवार आधी रात को अपनी प्रेमिका के घर मिलने पहुंचा था। यहां उसने पहले झगड़ा किया और प्रेमिका को धमकाया, फिर लड़की के पिता पर भी हमला करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, घर में जमकर तोड़फोड़ और मारपीट भी की गई। इसी बीच, हंगामा इतना बढ़ गया कि अचानक गोली चल गई और अर्जुन जख्मी हो गया। अर्जुन ने अपनी प्रेमिका के पिता पर उसे गोली मारने का आरोप लगाया है। हालांकि, गोली कैसे लगी इसकी अभी जांच जारी है। अब तक जांच में सामने आया है कि अर्जुन की प्रेमिका के पिता की पिस्टल से गोली चली है। पुलिस इसकी जांच कर रहे है पिस्टल लाइसेंसी है या अवैध। फिलहाल अर्जुन जोशी का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। टीआई मनोज सेंधव ने बताया कि मामला संदिग्ध है। दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, अर्जुन ने भी प्रेमिका के घर तोड़फोड़ और मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। जांच के बाद ही तय होगा कि गोली किसने चलाई। असफल मॉडलिंग करियर और बिगड़ैल रवैया अर्जुन जोशी के बारे में जानकारी मिली है कि कुछ साल पहले वह मॉडलिंग का सपना लेकर मुंबई गया था, लेकिन वहां से उसे निराशा हाथ लगी। नाकाम होने पर वह इंदौर वापस लौट आया और यहां आकर दबंगई करने में लग गया। उसका नाम पहले भी कई विवादों में आ चुका है। उसके परिवार में कई लोगों के पास भी लाइसेंसी हथियार हैं। लूट का आरोपी रहा है छोटा भाई घायल अर्जुन जोशी का भाई कान्हा जोशी लूट का आरोपी रहा है। इस मामले में उसे जेल की हवा भी खाना पड़ी थी। इसके अलावा कान्हा जोशी कांग्रेस के पूर्व कद्दावर मंत्री के पोते से भी झगड़ा कर चुका है। पलासिया क्षेत्र के आनंद बाजार में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। हालांकि, बाद में इस मामले में राजीनामा हो गया था।