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त्री हों या विधायक, सब पर गिरेगी गाज! बिहार BJP में गुजरात मॉडल की एंट्री

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है. दोनों प्रमुख गठबंधनों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती एंटी इनकंबेंसी से निबटना है. जनता के बीच लंबे समय से जीत रहे विधायकों और मंत्रियों को लेकर बेहद नाराजगी है. इस चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए भाजपा बिहार में गुजरात मॉडल लागू करने जा रही है. गुजरात की तरह बिहार में भी मौजूदा कई मंत्रियों और विधायकों का टिकट काटा जायेगा. ऐसे करीब 30 विधायकों की सूची तैयार की गयी है, जिन्हें पार्टी इस बार बेटिकट कर सकती है. वोटरों की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा का प्रदर्शन संतोषप्रद रहा था. नीतीश कुमार की कम सीटें आने के बाद भी बिहार में एनडीए की सरकार बनी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए पांचवीं बार चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहा है. भाजपा के पास अभी 80 विधायक हैं, जिनमें 22 मंत्री हैं. कई सीटों पर इस बार स्थानीय विधायक के प्रति विरोधी लहर पहले के मुकाबले मजबूत है. भाजपा ऐसे विधायकों की जगह नये चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है. वैसे जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए ऐसा करना आसान नहीं है. बिहार में भाजपा एक वरीय नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि सरकार की योजनाओं के कारण जनता में पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी नहीं है, लेकिन स्थानीय विधायकों से जनता नाराज है. मौजूदा विधायकों के प्रति मतदाताओं की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बन सकती है. गुजरात की तरह कई कद्दावर नेता होंगे बेटिकट पार्टी का जनाधार बढ़ाने और एंटी इनकंबेंसी को साधने के लिए अमित शाह लगातार बिहार की टीम के साथ विचार मंथन कर रहे हैं. उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने से पहले एक फार्मूले पर काम किया जा रहा है. पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा बिहार में भी गुजरात मॉडल लागू कर सकती है. भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में इसपर गंभीरता से विचार-विर्मश हुआ है. भाजपा ने 2022 में गुजरात चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की सूची में बड़ा बदलाव किया था. उसी तर्ज पर बिहार में भी एक व्यापक फेरबदल किया जा सकता है. लगातार सातवीं बार गुजरात जीतने के लिए भाजपा ने पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया था. साथ ही अपने 108 मौजूदा विधायकों में से 45 का टिकट काट दिया था, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल थे. बिहार में भी भाजपा इसी रास्ते सत्ता में वापसी का प्लान बना रही है.

छत्तीसगढ़ नंबर-1 ऑनलाइन सट्टे में, सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज

रायपुर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने रिपोर्ट-2023 पेश किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ ऑनलाइन जुआ-सट्टा मामले में देश में पहले स्थान पर है. प्रदेश में कुल 52 मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. आंकड़े सामने आने के बाद सियासत शुरू हो गई है. भाजपा नेता केदार गुप्ता ने इसका ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ा. वहीं इस बयान पर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने भी पलटवार किया है. भूपेश सरकार में जमी ऑनलाइन सट्टा की जड़ें : भाजपा नेता केदार गुप्ता भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में ऑनलाइन सट्टेबाजी में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर आने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के समय में ऑनलाइन जुआं-सट्टा की जड़े जमीं हुई थी. लेकिन जब से भाजपा सरकार बनी है, उसकी जड़ें उखाड़ रही है. यह भी बोले कि ये ग्राफ जल्द नीचे जाएगा. केंद्र सरकर इसे बंद करें : कांग्रेस नेता विनोद तिवारी इधर, भाजपा नेता केदार गुप्ता के बयान का कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रवक्ता विनोद तिवारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जो ऑनलाइन सट्टा एप चल रहा है, वो सेंट्रल गवर्मेंट की अधीन है. केंद्र सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए. भूपेश सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में 6 से 7 सौ लोगों पर कार्रवाई भी हुई. साथ ही उन्होंने ऑनलाइन सट्टा को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था. उसके बाद भी ये कारोबार खुलेआम चल रहा है. इसको केंद्र सरकार को बंद ही कर देना चाहिए. उससे कमाई ही क्यों कर रहे हैं.

तमिलनाडु में सनसनी: स्टालिन आवास और BJP कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी

 चेन्नई तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार को एक के बाद एक बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के अलवरपेट स्थित निजी आवास को निशाना बनाते हुए एक अज्ञात ईमेल से बम विस्फोट की धमकी भेजी गई, जिसके बाद पुलिस और बम-निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके की तलाशी ली। इसी तरह, राज्य बीजेपी मुख्यालय (टी नगर) और दक्षिण भारतीय अभिनेत्री तृशा के तेयनम्पेट स्थित घर को भी धमकी मिली। धमकी में चेन्नई राज भवन को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने सभी स्थलों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बीते एक महीने में मुख्यमंत्री स्टालिन को लगातार कई बार धमकी मिल चुकी है। 15 अगस्त को ध्वजारोहण समारोह से पहले भी उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस मामले में एक व्यक्ति गणेश को गिरफ्तार किया गया था। जुलाई में भी चेन्नई पुलिस नियंत्रण कक्ष को एक कॉल मिली थी, जिसमें फोन करने वाले विनोथकुमार ने दावा किया था कि सीएम आवास पर बम लगाया गया है। हालांकि, वह धमकी भी झूठी निकली। 2024 में भी स्टालिन को लेकर बड़ा हड़कंप मचा था, जब उनके अमेरिका जाने वाले विमान पर बम की ईमेल धमकी आई थी। चेन्नई एयरपोर्ट पर कड़ी जांच के बाद उस मामले को भी फर्जी घोषित किया गया। अगस्त 2023 में एक युवक को सीएम आवास पर बम लगाने की झूठी धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, TVK प्रमुख और अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय के घर पर भी बीते सप्ताह बम धमकी का मामला सामने आया। यह धमकी उस वक्त आई जब करूर में विजय की राजनीतिक रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई थी। शनिवार रात विजय जब चेन्नई स्थित अपने नीलांकरई आवास लौटे तो उनके घर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ जवान भी तैनात किए गए हैं। लगातार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। फिलहाल सभी धमकियों की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर भाजपा की तीखी टिप्पणी: ‘कलयुग का रावण’

पटना  बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल से बृहस्पतिवार को एक पोस्टर साझा किया गया, जिसमें दोनों नेताओं को ‘कलयुग का रावण' बताया गया है। पोस्टर में लिखा गया है, “मातृशक्ति के अपमान का प्रतीक रावण आज भी मौजूद है, बस चेहरा बदल गया है। जनता अपने मत से इस रावण का अंत तय करेगी।”   साझा किए गए पोस्टर में एक तरफ त्रेता युग के रावण की तस्वीर लगाई गई है और कैप्शन में लिखा गया है, “जिसने मां जानकी का अपहरण किया, उनका अपमान किया।” दूसरी ओर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तस्वीर के साथ उल्लेख किया गया है, “कलयुग के रावण। जिनके मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां का अपमान किया गया।” राजद ने भी अपने सोशल साइट हैंडल ‘एक्स' पर विजयादशमी के बहाने राजग सरकार पर हमला किया और लिखा है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अफसरशाही, अहंकार, भ्रष्टाचार और झूठे सरकारी प्रचार के ‘‘रावण'' का अंत हो जाएगा। पार्टी ने ‘एक्स' पर लिखा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बनने वाली सरकार राज्य में तुरंत जनकल्याण, नौकरी और रोजगार की दिशा में काम करेगी। राजद ने कहा कि ‘‘तेजस्वी की सरकार'' ही ऐसी सरकार होगी जो सचमुच जनता के सरोकारों और कल्याण के लिए समर्पित होगी।   

बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय मल्होत्रा के निधन पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीनियर नेता और दिल्ली बीजेपी के पहले अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का आज सुबह 94 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया है. दिल्ली के AIIMS में विजय मल्होत्रा का इलाज चल रहा था और आज सुबह करीब 6 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके घर जाकर श्रद्धांजलि दी.दिवंगत बीजेपी नेता विजय मल्होत्रा को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचे PM मोदी. दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रो. मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पित रहा. उन्होंने जनसंघ के वक्त से ही दिल्ली में संघ की विचारधारा के विस्तार के लिए बहुत काम किया. उनकी जिंदगी सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणा देती रही है और देती रहेगी. दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा द्वारा जारी बयान के मुताबिक, प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पण की मिसाल रहा है. उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया. उनका निधन आज सुबह हुआ. दिल्ली में बीजेपी को किया मजबूत प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने दिल्ली में संघ की विचारधारा के विस्तार के लिए जनसंघ काल से ही बहुत काम किया. उनकी कोशिशों की वजह से ही दिल्ली में पार्टी को मजबूत बनाने में मदद मिली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विजय कुमार मल्होत्रा ​​जी एक शानदार नेता थे, जिन्हें जन मुद्दों की गहरी समझ थी. उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें संसदीय मामलों में उनके हस्तक्षेप के लिए भी याद किया जाता है. उनके निधन से दुःख हुआ. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना." केंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और बीजेपी तक संगठन को आकार और विस्तार देने में अहम भूमिका निभाने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है. दिल्ली भाजपा में अध्यक्ष हों, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष या एक जन प्रतिनिधि, विजय कुमार मल्होत्रा जी ने हर भूमिका में देश और दिल्लीवासियों की सेवा की. उनसे हुई प्रत्येक भेंट में संगठन संबंधी कई बारीक बातें जानने को मिलीं. शोक की इस घड़ी में पूरा भाजपा परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें."  केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "विजय कुमार मल्होत्रा ​​जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं. वे दिल्ली बीजेपी के एक मज़बूत स्तंभ थे. संसदीय कार्यों में उनके सहयोग को मैं हमेशा याद रखूंगा. मैं उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं."  इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "भारतीय जनता पार्टी के सीनियर सदस्य विजय कुमार मल्होत्रा जी का निधन अत्यंत दुःखद है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें." 

प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री को बिहार के 12 जिलों में 58 विधानसभा क्षेत्रों की देखरेख

भोपाल  बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने कमर कस ली है। ⁠मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को बिहार चुनाव में बड़ी ज़िम्मेदारी मिली है। वीडी शर्मा पटना जोन की 8 लोकसभा और 42 विधानसभा सीट का कमान संभालेंगे। पटना में वीडी शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी दरअसल, बीजेपी ने एमपी की तर्ज पर बिहार में बूथ मैनेजमेंट का प्लान बनाया है। जिसमें वीडी शर्मा की भूमिका अहम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद वीडी शर्मा ने पटना में मोर्चा संभाल लिया है। उनका बूथ मैनेजमेंट और शक्ति केंद्रों पर फोकस रहेगा। बेगूसराय सीट पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ⁠विष्णुदत्त शर्मा ने जिम्मेदारी मिलते ही बिहार की मुंगेर और बेगूसराय लोकसभा सीट के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक ली। जिसमें विधानसभा का हाल जाना। वहीं वीडी शर्मा ने ⁠बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से भी बिहार चुनाव पर चर्चा की। वीडी शर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरने के लिये प्रोत्साहित किया। बैठक में महिला कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं। देवरिया के विधायक साथ में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान विष्णुदत्त शर्मा के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, हरियाणा के पूर्व मंत्री हसीन जी यूपी से देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे। बता दें कि वीडी शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी ने एमपी विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। वहीं लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने 29 सीटों पर बाजी मार ली। अब वे सिर्फ सांसद हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मप्र के दिग्गज नेताओं की बीजेपी ने तैनाती की है। मप्र भाजपा के प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह को बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए बिहार को 5 जोन में बांटा है। महेन्द्र और हितानंद 12 जिलों की 58 सीटें कवर करेंगे एमपी बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मिथिला और तिरहुत जोन में करीब 12 जिलों की 58 विधानसभा सीटें और 10 लोकसभाएं शामिल हैं। इन इलाकों में यूपी के दिग्गज नेताओं को एक-एक लोकसभा में तैनात किया गया है। जामवाल की सारण और चंपारण में ड्यूटी बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल को सारण और चंपारण क्षेत्र की करीब 45 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। एमपी के 6 दिग्गजों की इन क्षेत्रों में तैनाती बीजेपी ने मप्र के 6 बडे़ नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग इलाकों में तैनाती की है। इनमें बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा को पटना और बेगूसराय क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। खेल मंत्री विश्वास सारंग को सिवान, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को गोपालगंज, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया को गया, खरगोन सांसद गजेन्द्र पटेल को खगड़िया, पूर्व सांसद डॉ केपी यादव को समस्तीपुर में भेजा गया है।

पटना से दिल्ली तक BJP में हलचल, 18 से अधिक MLA के टिकट पर भारी विवाद

पटना  बिहार में एनडीए आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Elections) की तैयारी में जोरों से लगा है। इस बीच, सत्ता के गलियारे से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। इस बार भाजपा (BJP) के 18 से ज्यादा विधायकों के टिकट पर संकट मंडरा रहा है। पार्टी सूत्रों ने बिहार में कई भाजपा विधायकों के टिकट (BJP Ticket Strategy) कटने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि भाजपा चुनाव में इस बार ऐसे विधायकों को मैदान में उतारने से बच रही है, जिनके खिलाफ क्षेत्र में विरोध की भावना है। 6 अक्टूबर के बाद हो सकती है उम्मीदवारों की घोषणा साथ ही यह जानकारी भी सामने आ रही है कि पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार कर ली है। जिसकी औपचारिक घोषणा 6 अक्टूबर के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बाद होने की संभावना है। बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का हवाला हुए 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह ने 145-150 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर विस्तार से चर्चा की है। इनमें बेतिया, समस्तीपुर, अररिया और सीमांचल क्षेत्र की कई सीटें शामिल हैं। बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा सीवान, सोनपुर, राघोपुर, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, भागलपुर, दानापुर और मनेर सहित लगभग 35 क्षेत्रों में मामूली अंतर से हारी थी। मनेर सीट से निखिल को मिल सकता है टिकट राघोपुर से फिलहाल बिहार में विपक्ष के नेता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव विधायक हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मनेर सीट से निखिल आनंद को चुनाव लड़ाने की तैयारी है। वह भाजपा के राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महासचिव हैं। पिछले चुनाव में भी भाजपा ने निखिल को इस सीट से उतारा था। नए चेहरों का मिल सकता है मौका फिलहाल मनेर सीट से राजद के भाई बीरेंद्र विधायक हैं। निखिल भाजपा का टिकट मिलने से पहले ही क्षेत्र में लगातार जन-संपर्क अभियान चला रहे हैं। वहीं, भाजपा के अंदर यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में जिन मौजूदा विधायकों के खिलाक लहर, उनकी जगह पर पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा इस बार नारी-शक्ति और युवा-शक्ति को ध्यान में रखते हुए टिकटों का बंटवारा कर सकती है। बिहार में अधिकांश सीटों पर महिलाओं और युवाओं को भाजपा कैंडिडेट बना सकती है। बिहार चुनाव के लिए ये है रणनीति भाजपा सूत्रों का यह भी दावा है कि इस बार बिहार चुनाव में भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव मॉडल को फॉलो कर सकती है। राज्य चुनाव में भाजपा इस बार मौजूदा और पूर्व सांसदों को भी मैदान में उतारने का विचार कर रही है। सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राम कृपाल यादव व आरके सिंह जैसे पूर्व सांसदों को इस बार विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। मंगल पांडे सहित राज्य के कई मंत्रियों को भी उनके क्षेत्र से मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है।

भाजपा पंजाब में विवाद: बड़े नेता के भाई पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

लुधियाना  थाना पीएयू की पुलिस ने बीजेपी के पूर्व प्रधान राजेंद्र भंडारी के भाई सहित तीन लोगों के खिलाफ साजिश तहत धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी अमरीक सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई शिकायतकर्ता संजीव गर्ग पुत्र धर्मपाल गर्ग वासी संत नगर कॉलेज रोड ने शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि संजीव गर्ग ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उपेंद्र जीत कौर वासी सराभा नगर, शशि इंदर सिंह वासी शास्त्री नगर और राजकुमार भंडारी वासी बी.आर.एस. नगर ने साजिश तहित धोखाधड़ी करते हुए प्लाट की गलत रजिस्ट्री करवाई है। इसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की गई और जांच करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

रामशंकर कठेरिया का सियासी कनेक्शन, BJP की दलित नेता पर नजर: यूपी अध्यक्ष पद की संभावनाएं

लखनऊ  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में लगातार देरी हो रही है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य में अध्यक्ष का चुनाव पहले होगा और उसके बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पर मुहर लगेगी। इस बीच यूपी भाजपा अध्यक्ष को लेकर भी कयास जोरों पर हैं। शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस मसले पर कुछ भी कहा नहीं जा रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच कई नामों पर चर्चा है। चर्चा है कि पार्टी की ओर से किसी ब्राह्मण, ओबीसी या फिर दलित नेता के नाम पर मुहर लग सकती है। लेकिन पूरा जोर इस बात पर है कि ऐसे लीडर पर सहमति बनाई जाए, जो वैचारिक रूप से मजबूत हो और आरएसएस के बैकग्राउंड वाला हो। ऐसे ही एक नेता रामशंकर कठेरिया का नाम भी फिलहाल चर्चा में है। उनकी दावेदारी इसलिए मजबूत मानी जा रही है क्योंकि वह यूपी में गुटबाजी से परे हैं और इटावा के रहने वाले दलित नेता हैं। वह इटावा के सांसद रहे हैं और फिलहाल किसी अहम जिम्मेदारी से दूर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत किया जा सकता है। उनके पक्ष में यह है कि वह इटावा के ही रहने वाले हैं, जहां से समाजवादी पार्टी का उभार हुआ था। इटावा, मैनपुरी, एटा समेत आसपास के कई जिलों को सपा का गढ़ माना जाता है। इसलिए यदि वह यादव बेल्ट में संगठन को मजबूत करते हैं तो बड़ी सफलता होगी। इसके अलावा पूरे प्रदेश में नैरेटिव को मजबूत करने में भी सफलता मिलेगी। सपा की ओर से पीडीए का दांव चला जा रहा है। लोहियावादियों और आंबेडकरवादियों को वह साथ लाना चाहती है। ऐसी स्थिति में भाजपा चाहेगी कि दलित लीडर को मौका देकर सपा के प्रचार को कमजोर किया जाए। कठेरिया के पक्ष में यह बात भी है कि वह 13 सालों तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। दलित चेतना पर उनका लंबा अध्ययन रहा है और वह हिंदी के प्रोफेसर के तौर पर आगरा में पढ़ा चुके हैं। इस तरह इटावा से लेकर आगरा तक वह मजबूत उपस्थिति रखते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्वी यूपी से हैं तो वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य प्रयाग क्षेत्र से आते हैं। इसके अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लखनऊ का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस लिहाज से कठेरिया को बनाकर भाजपा यादव बेल्ट में सेंध मारना चाहेगी। उनके पास संगठन का अनुभव भी है क्योंकि वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भी वह थे। फिलहाल उनके अनुभव के लिहाज से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर उन्हें बिठा सकती है।

रीवा में BJP ने बनाई नई टीम, ब्राह्मण नेतृत्व को बढ़ावा, महिलाओं को मिली जगह

रीवा  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपनी कार्यकारिणी की घोषणा कर रही है। 62 संगठनात्मक जिलों में से अब तक 30 से ज्यादा जिलों की कार्यकारिणी घोषित हो चुकी है। अब रीवा के लिए अपनी नई जिला स्तरीय नेतृत्व टीम को घोषित कर दिया है। यह कदम आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। चुनौतियों के पहले संगठनात्मक ताकत को मजबूत किया जा सके। इन नियुक्तियों को बीजेपी प्रेदश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंजूरी दी। इसकी औपचारिक घोषणा रीवा बीजेपी के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने की। उन्होंने बताया कि यह टीम अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों का मिश्रण है, जिसका मकसद जिले में पार्टी की पकड़ और मजबूत करना है। इनको मिली जिम्मेदारी पार्टी ने एक बयान में कहा कि इस घोषणा में सात जिला उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, सात सचिव और दो वित्त संबंधी पद शामिल हैं। उपाध्यक्षों में प्रबोध व्यास, मनीषा पाठक, अशोक सिंह गहरवार, शरद साहू, राजेश प्रताप सिंह, मनीष चंद्र शुक्ला और संध्या कोल (गौटिया) को जिम्मेदारी दी गई है। ये बनाए गए महासचिव नियुक्त महासचिवों में उमाशंकर पटेल, विवेक गौतम और जीवनलाल साकेत शामिल हैं। वहीं, सचिवों में कल्पना पटेल, रविराज विश्वकर्मा, प्रणेश ओझा, गीता मांझी, बृजेंद्र गौतम, सुमन शुक्ला और बाबूलाल यादव शामिल हैं। वित्त विभाग में वासुदेव थारवानी को जिला कोषाध्यक्ष और अलकनरायन केशरवानी को सहायक कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 5 महिलाओं को भी मिली जिम्मेदारी इस कार्यकारिणी में पांच महिला नेताओं मनीषा पाठक, संध्या कोल, कल्पना पटेल, गीता मांझी और सुमन शुक्ला को भी शामिल किया गया है। इससे साफ होता है कि भाजपा महिला नेतृत्व और लैंगिक संतुलन पर जोर दे रही है। जिला अध्यक्ष ने किया संबोधित जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि नई टीम का गठन प्रदेश नेतृत्व की सहमति से किया गया है। उम्मीद है कि नई कार्यकारिणी अनुशासन बनाए रखते हुए पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और संगठन की पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त पदाधिकारी पार्टी के मूल्यों को बनाए रखेंगे और क्षेत्र में पार्टी के विकास में सार्थक योगदान देंगे। नई टीम का गठन ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ रही है। भाजपा का यह कदम आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर अपनी संगठनात्मक तैयारी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।