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वीडी के हटाए गए संगठन मंत्री वापसी के संकेत, MP भाजपा कार्यकारिणी में बड़ा बदलाव संभव

भोपाल  मध्यप्रदेश बीजेपी की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा का काम अब लगभग पूरा हो चुका है। अब जल्द टीम का ऐलान होगा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर प्रदेश पदाधिकारियों के नामों पर चर्चा की और लिस्ट तैयार की। अब यह लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि जल्द इस लिस्ट पर केंद्रीय नेतृत्व की ओर से फाइनल मुहर लग जाएगी।  हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष बने लगभग 100 दिन पूरे होने वाले हैं। उन्हें 2 जुलाई को अध्यक्ष बनाया गया था और तब से वे पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा की टीम के साथ काम कर रहे हैं। पिछले तीन महीनों से वे लगातार कार्यकर्ताओं से मिलकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी दिवाली से पहले घोषित हो सकती है। इसके बाद एमपी बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी बैठक होगी।  हेमंत खंडेलवाल की टीम में होंगे 60 फीसदी नए चेहरे वीडी शर्मा मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और उन्होंने 5 साल 4 महीने 17 दिन तक इस पद पर काम किया। उन्हें 15 फरवरी 2020 को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। कोरोना के कारण उनका कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया गया था, फिर संगठन चुनाव में देरी के कारण उनका कार्यकाल बढ़ता गया। वीडी शर्मा की टीम में रहे 8 पदाधिकारी अब सांसद बन चुके हैं, जबकि 8 अन्य विधायक बन चुके हैं।  वीडी की टीम में रहे 60% चेहरे बाहर होंगे वीडी शर्मा मध्य प्रदेश भाजपा के 5 साल 4 महीने 17 दिन तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। उन्हें 15 फरवरी 2020 को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। कोरोना संकट के चलते उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया था। फिर संगठन चुनाव में हुई देरी के कारण उनका कार्यकाल अघोषित रूप से बढ़ता गया। वीडी शर्मा के साथ प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल रहे 8 पदाधिकारी सांसद और 8 पदाधिकारी विधायक बन चुके हैं। किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी सांसद और मंत्री बन गए हैं। नई कार्यकारिणी में टीम वीडी में शामिल रहे पदाधिकारियों में से 60% चेहरे बदले जाएंगे। पुराने संगठन मंत्रियों की वापसी संभव सितंबर 2021 में बीजेपी ने संभागीय संगठन मंत्रियों को हटा दिया था। बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शैलेंद्र बरुआ (जबलपुर और होशंगाबाद), आशुतोष तिवारी (भोपाल और ग्वालियर), जितेंद्र लिटोरिया (उज्जैन), श्याम महाजन (रीवा और शहडोल), जयपाल चावड़ा (इंदौर) और केशव सिंह भदौरिया (सागर और चंबल) को संभागीय संगठन मंत्री पद से हटाकर प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य बनाया था। इन संगठन मंत्रियों में केशव भदौरिया को छोड़कर 5 नेताओं को राज्य सरकार ने मंत्री का दर्जा देकर निगम मंडलों में एडजस्ट किया था। अब बीजेपी की नई प्रदेश कार्यकारिणी में इन पुराने संगठन मंत्रियों की वापसी हो सकती है। इस बार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम में करीब 60% नए चेहरे होंगे। इसके अलावा किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा और महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी अब सांसद और मंत्री बन गए हैं। सितंबर 2021 में बीजेपी ने अपने संभागीय संगठन मंत्रियों को हटा दिया था। उस समय बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शैलेंद्र बरुआ (जबलपुर और होशंगाबाद), आशुतोष तिवारी (भोपाल और ग्वालियर), जितेंद्र लिटोरिया (उज्जैन), श्याम महाजन (रीवा और शहडोल), जयपाल चावड़ा (इंदौर) और केशव सिंह भदौरिया (सागर और चंबल) को हटाकर उन्हें प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बना दिया था। इनमें से पांच नेताओं को राज्य सरकार ने मंत्री का दर्जा देकर निगम मंडलों में जगह दी थी, लेकिन केशव भदौरिया को इसमें शामिल नहीं किया गया था। अब बीजेपी की नई टीम में इन पुराने मंत्रियों की फिर से वापसी हो सकती है। मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी में इतने नेता मध्यप्रदेश बीजेपी की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी के प्रदेश उपाध्यक्ष में एक मंत्री, तीन सांसद और दो विधायक हैं। वहीं, प्रदेश महामंत्री में दो विधायक और एक सांसद हैं। साथ ही, प्रदेश मंत्री में दो सांसद और एक विधायक है। वहीं, संयुक्त कोषाध्यक्ष में अनिल जैन कालूहेड़ा से विधायक हैं।    पद (Post) नाम (Name) पद/कार्यक्षेत्र (Designation/Field) प्रदेश उपाध्यक्ष (State Vice President) नागर सिंह चौहान कैबिनेट मंत्री   आलोक शर्मा सांसद (भोपाल)   संध्या राय सांसद (भिंड)   सुमित्रा वाल्मीकि राज्यसभा सांसद   ललिता यादव विधायक   चिंतामणि मालवीय विधायक   चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी पूर्व विधायक (मेहगांव)   कांत देव सिंह     सीमा सिंह जादौन     जीतू जिराती पूर्व विधायक   बहादुर सिंह चौहान पूर्व विधायक   पंकज जोशी     श्याम महाजन     बृजराज सिंह चौहान पूर्व विधायक — — — प्रदेश महामंत्री (State General Secretary) कविता पाटीदार राज्यसभा सांसद   भगवानदास सबनानी विधायक   हरिशंकर खटीक विधायक   शरलेन्दु तिवारी पूर्व विधायक   रणवीर सिंह रावत पूर्व विधायक — — — प्रदेश मंत्री (State Secretary) लता वानखेड़े सांसद (सागर)   आशीष दुबे सांसद (जबलपुर)   मनीषा सिंह विधायक   रजनीश अग्रवाल     प्रभुदयाल कुशवाहा     राजेश पांडेय     नंदिनी मरावी पूर्व विधायक   राहुल कोठारी     संगीता सोनी     जयदीप पटेल     केशव सिंह भदौरिया     क्षितिज भट्ट     योगेश पाराशर   — — — कोषाध्यक्ष (Treasurer) अखिलेश जैन CA संयुक्त कोषाध्यक्ष (Joint Treasurer) अनिल जैन कालूहेड़ा विधायक प्रदेश कार्यालय मंत्री (State Office Secretary) राघवेन्द्र शर्मा   कार्यकारिणी के साथ-साथ मोर्चों के भी बदलेंगे अध्यक्ष  बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में जगह पाने के लिए नेताओं ने बड़े नेताओं से सिफारिशें करवाई हैं। सबसे ज्यादा कोशिश प्रदेश महामंत्री बनने के लिए की गई है। इसके अलावा, प्रदेश कार्यालय प्रभारी और कार्यालय मंत्री के लिए भी नेताओं ने नए प्रदेश अध्यक्ष से कई बार मुलाकात की है। बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ मोर्चों के अध्यक्ष भी बदलेंगे। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह अब मध्यप्रदेश सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री बन गए हैं। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दर्शन सिंह होशंगाबाद से सांसद बन गए हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया राज्यसभा सांसद बन चुकी हैं। इन बदलावों के साथ-साथ युवा मोर्चा, एससी मोर्चा और एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बदले जाएंगे।      

‘बेटे को बढ़ाएं या बेटी को दें चांस’ – भाजपा ने लालू यादव पर साधा निशाना

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने सोमवार 6 अक्टूबर को घोषणा की कि बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा। त्रिवेदी ने कहा कि लालू यादव 'अपने बेटों और बेटियों के बीच दुविधा में हैं' और परिवार में 'संकट' की स्थिति है। उन्होंने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में तेजस्वी यादव की दावेदारी पर भी सवाल उठाया। त्रिवेदी ने कहा, 'वे खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पेश कर रहे हैं, लेकिन उनके गठबंधन के लोग ऐसा नहीं कह रहे। उन्होंने कई बार राहुल गांधी को प्रधानमंत्री कहा, लेकिन राहुल गांधी ने उन्हें (सीएम उम्मीदवार) नहीं कहा। अब स्थिति परिवार के भीतर भी अलग है।' त्रिवेदी ने बिहार में एनडीए की जीत का दावा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा, 'बिहार और पूरे देश की जनता देख रही है कि केंद्र में पीएम मोदी और राज्य में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में किस तरह सकारात्मक दिशा में बदलाव आया है।' भाजपा नेता ने कहा कि इसलिए हमें विश्वास है कि भाजपा-एनडीए के पक्ष में मजबूत और प्रभावी जनादेश मिलेगा। चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण में 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होगा। पटना सहित केंद्रीय और उत्तरी बिहार के जिले पहले चरण में मतदान करेंगे, जबकि सीमांचल और नेपाल सीमा से लगे जिले दूसरे चरण में मतदान करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार बिहार में 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 14 लाख पहली बार वोट डालेंगे। चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो, एनडीए की अगुवाई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी यादव कर रहे हैं।

UP चीफ़ की कुर्सी से पहलेः BJP क्या करेगी बड़ा बदलाव — किस नाम की हो रही है चर्चा?

लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पार्टी प्रमुख को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि भाजपा यूपी से पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है। फिलहाल, इसपर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अटकलें ये भी हैं कि भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नया कप्तान नियुक्त कर सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रीय और यूपी अध्यक्ष के लिए विचार विमर्श का दौर पूरा हो गया है। आने वाले दिनों में भाजपा दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक और त्रिपुरा के अध्यक्षों का ऐलान कर सकती है। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद यूपी भाजपा को नया कप्तान मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी नेतृत्व को फैसला लेना है कि वह ओबीसी चेहरे के साथ जाएगी या ब्राह्मण नेता का चुनाव करेगी। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यूपी अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है। दोनों ही नियुक्तियों के लिए भाजपा पहले RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को विश्वास में लेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के संबंध में 80 से ज्यादा भाजपा नेताओं से सुझाव मांगे गए हैं। इनमें कुछ सक्रिय और कुछ दिग्गज नेता शामिल हैं। फिलहाल, जगत प्रकाश नड्डा भाजपा की कमान संभाल रहे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के अंदर जारी चर्चाओं में दो नेताओं का नाम सामने आ रहा है, जो बड़े स्तर पर भाजपा में चुनाव की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। साथ ही एक पूर्व मुख्यमंत्री के नाम की भी चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि दक्षिण भारतीय राज्य से आने वाले एक केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि वह खुद को पद के लिए सक्षम नहीं मानते हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष 60 साल के आसपास का होना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि सरकार और संगठन दो अलग चीजें हैं। सरकार में संघ दखल नहीं देगा, लेकिन संगठन संघ परिवार का हिस्सा है और एक योग्य संगठक की जरूरत है।

घाटशिला उपचुनाव पर भाजपा की नज़र , मरांडी का बयान- यह सिर्फ चुनाव नहीं, यह राज्य की दिशा तय करेगा

रांची झारखंड के घाटशिला में होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर बीते रविवार को नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी घाटशिला पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया। इस दौरान भाजपा के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू भी मौजूद रहे। बैठक में विधानसभा स्तर के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए और संगठन मजबूत करने की रूपरेखा तय की गई। बैठक को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि घाटशिला उपचुनाव झारखंड की जनता के लिए बेहद अहम है। यह चुनाव सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि पूरे राज्य को अपराध, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट से मुक्त करने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड को एक सुरक्षित और पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय आ गया है जब जनता को इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ एकजुट होना होगा। मरांडी ने बताया कि भाजपा ने पंचायत स्तर से लेकर बूथ स्तर तक तैयारी शुरू कर दी है। घाटशिला के सभी सात मंडलों में पार्टी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर कार्यकर्ता संगठन की मजबूती में अपनी भूमिका निभा सके। मरांडी ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे चुनावी मशीनरी मजबूत बनेगी और घर-घर भाजपा का संदेश पहुंचेगा। उम्मीदवार चयन के सवाल पर मरांडी ने स्पष्ट किया कि भाजपा व्यक्ति आधारित नहीं, बल्कि विचार और संगठन आधारित पार्टी है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति करेगी और एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद सभी कार्यकर्ता उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। मरांडी ने दावा किया कि भाजपा की लड़ाई सत्ता की लालसा के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचारमुक्त, समृद्ध और सुरक्षित झारखंड की दिशा में नई शुरुआत के लिए है।  

सांसद मुर्मू पर पथराव से हमला, भाजपा प्रतिनिधिमंडल पर पश्चिम बंगाल में बरसी हिंसा

जलपाईगुड़ी पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भारतीय जनता पार्टी सांसद खागेन मुर्मू पथराव में घायल हो गए हैं। खास बात है कि भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बाद भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल पहुंचा था। पार्टी ने राज्य में सत्तारूढ़ TMC यानी तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं और कहा है कि राहत कार्य करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया जा रहा है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने लिखा, 'बंगाल में टीएमसी का जंगल राज। भाजपा सांसद खगेन मुर्मू एक सम्मानित आदिवासी नेता हैं और वह उत्तर मालदा से दो बार सांसद रहे हैं। जब वह भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद जलपाईगुड़ी के दुआर क्षेत्र में मौजूद नगरकाटा जा रहे थे, तो टीएमसी के गुंडों ने उनपर हमला कर दिया।' उन्होंने लिखा, 'ममता बनर्जी कोलकाता कार्निवल में डांस कर रही हैं, तो वहीं टीएमसी और राज्य प्रशासन गायब है। असल में लोगों की मदद कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर राहत कार्य करने के लिए हमले किए जा रहे हैं। यह टीएमसी का बंगाल है, जहां क्रूरता का राज है और दया को सजा मिलती है।' उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटने गए बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू और विधायक डॉ. शंकर घोष पर हमले की खबर है. बीजेपी नेताओं ने इस हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडों का हाथ होने का आरोप लगाया है. बीजेपी विधायक डॉ. शंकर घोष ने आरोप लगाया कि नागराकाटा में राहत सामग्री बांटने के दौरान भीड़ ने पत्थरबाजी कर दी, जिसमें मालदा उत्तर के सांसद खगेन मुर्मू के सिर पर चोट लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. बीजेपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान पुलिस मौजूद थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फोन कर मुर्मू का हालचाल जाना है. सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को घेरा इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने केंद्र सरकार और राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है. बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ममता बनर्जी घबराई हुई हैं. जब उत्तर बंगाल बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी झेल रहा था, तब वह कोलकाता कार्निवाल में सेलिब्रिटीज के साथ नाच रही थीं. जनता ने उनके इस अमानवीय व्यवहार को नापसंद किया है. अब उन्होंने ‘स्पेशल कम्युनिटी’ के गुंडों को बीजेपी सांसदों और विधायकों पर हमला करने के लिए उकसाया है ताकि वे राहत कार्य न कर सकें. सांसद खगेन मुर्मू पर नागराकाटा में बर्बरतापूर्वक हमला किया गया.’ वहीं प्रदीप भंडारी ने इसे ‘टीएमसी का आतंक’ करार देते हुए कहा कि ‘ममता बनर्जी जहां कोलकाता कार्निवाल में व्यस्त थीं, वहीं बीजेपी नेता और कार्यकर्ता राहत पहुंचाने निकले और उन पर हमला कर दिया गया.’ इस हमले के बावजूद बीजपी नेताओं ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है. उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. यहां अचानक बाढ़ और भूस्खलन से जानमाल का खासा नुकसान हुआ है. उत्तर बंगाल में वर्षा जनित आपदा में 22 लोगों की जान जा चुकी है.

कांग्रेस पर मंत्री नेताम का हमला: विजय रथ को रोकने में किसी में दम नहीं

रायपुर कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की दावेदारी को लेकर मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि सब घोड़े एक जगह जमा हो गए हैं. सभी घोड़े की स्थिति खराब है. कांग्रेस का कोई भी घोड़ा टिकने वाला नहीं है. भाजपा का रथ बहुत तेजी के आगे बढ़ रहा. जिसे रोकने का किसी में ना ही दुस्साहस है और ना ही क्षमता. धान खरीदी को लेकर मंत्री नेताम का बड़ा बयान छत्तीसगढ़ में जल्द ही धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होगी. सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करेगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है. इसके बाद धान खरीदी की शुरुआत करेंगे. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सहयोग केंद्र की शुरूआत मंत्री रामविचार नेताम ने आज फिर से ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की शुरूआत को लेकर कहा कि पहले की सरकार में भी सहयोग केंद्र खोले गए थे. यहां बारी-बारी से मंत्रियों की ड्यूटी लगती है. कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को रखते हैं. सहयोग के माध्यम से निराकरण किया जाता है.

टिकट बंटवारे में बदलाव, BJP इन वर्तमान विधायकों को सकती है अलविदा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव समिति की लगातार दो दिन बैठक हुई, जिसमें चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बढ़िया प्रदर्शन न करने वाले या विवादों में घिरे मौजूदा विधायकों के टिकट पर कैंची चलना तय माना जा रहा है। उन विधायकों को टिकट नहीं देने की चर्चाएं जोरों पर है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री एवं बिहार चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने की। बैठक में उनके कैबिनेट सहयोगी एवं चुनावों के सह-प्रभारी सीआर पाटिल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी मौजूद थे। बिहार विधानसभा चुनाव में नए चेहरों को मिलेगा मौका भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चर्चा ‘‘हमारी बची हुई मौजूदा सीटों के साथ-साथ पिछली बार हारी हुई सीटों'' पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा था कि ‘‘जिन उम्मीदवारों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और जिनका कोई मजबूत विरोधी नहीं है, उन्हें दूसरी बार मौका दिया जा सकता है, लेकिन बाकी को नए चेहरों से बदलना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक,  कमजोर प्रदर्शन करने वाले या विवादों में घिरे 20 से अधिक विधायकों का टिकट काटा जा सकता है। बताया जा रहा है कि रामनगर से भागीरथी देवी, छपरा से विधायक डॉ. सीएन गुप्ता, लोरिया के विनय बिहारी , आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, नरकटियागंज की रश्मि वर्मा, अलीपुर के मिश्रा लाल यादव जैसे कुछ अन्य विधायकों के टिकटें कटना तय माना जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के कई राजनीतिक दिग्गजों के भविष्य पर सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है! पार्टी द्वारा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी सर्वे करवाया गया। जिन विधायकों को लेकर लोगों ने अच्छा फीडबैक दिया है, पार्टी उनको ही दोबारा मौका देने का फैसला किया है। वहीं कमजोर प्रदर्शन वाले विधायकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। आज होगा चुनाव की तारीखों का ऐलान बता दें कि पार्टी ने 2020 के चुनावों में 110 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 75 पर जीत हासिल की थी, और अन्य दलों के दलबदल और उपचुनावों में जीत के कारण पिछले कुछ वर्षों में इसकी ताकत बढ़ी है। जानकारी हो कि निर्वाचन आयोग सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। निर्वाचन आयोग शाम चार बजे संवाददाता सम्मेलन करेगा। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

मैथिली ठाकुर की राजनीतिक संभावनाएँ: BJP नेता विनोद तावड़े से की मुलाकात

पटना बिहार को लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर चर्चा है कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। यह चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे। विनोद तावड़े और नित्यानंद राय के साथ जब से उनकी तस्वीर सामने आई है चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा कि वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं! मैथिली ठाकुर ने क्या कहा? विनोद तावड़े के इस पोस्ट से संकेत मिल रहा है कि मैथिली चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली ठाकुर ने भी एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, "जो लोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनके साथ हर बातचीत मुझे दूर दृष्टि और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारी हूं. श्री नित्यानंद राय जी एवं श्री विनोद श्रीधर तावड़े जी।" कौन हैं मैथिली ठाकुर? मैथिली ठाकुर मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मैथिली ठाकुर को बिहार का 'स्टेट आइकॉन' भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ठाकुर को 2021 के लिए बिहार के लोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया था। मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षित की गई हैं।  

सालभर बाद भाजपा-केंद्र संबंधों में नया अध्याय, उपमुख्यमंत्री साव ने बताया संवाद अहम

रायपुर प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और निराकरण को लेकर भाजपा कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में ‘सहयोग केंद्र’ के संचालन करने का निर्णय लिया है. इसकी शुरुआत कल 6 अक्टूबर सोमवार से होगी. पहले दिन राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण करेंगे. इसके लिए कार्यकर्ताओं को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच पंजीयन कराना होगा. पूर्व अनुभव को देखते हुए इस बार भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने को सहयोग केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता : डिप्टी सीएम अरुण साव डिप्टी सीएम अरुण साव ने ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की फिर से शुरूआत होने पर कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता है. हर मंत्री को पार्टी कार्यालय में बारी-बारी से बैठना होगा. उन्होंने बताया कि वह भी 14 अक्टूबर को पार्टी कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे. पत्रकारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी की गई है. यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए संसाधनों के उपयोग के लिए समीक्षा की गई. नई औद्योगिक नीति से निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया गया. साथ ही कृषि और युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्य किया जा रहा है. उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग कोल्ड्रिफ कफ सिरफ के मामले को लेकर सचेत है. एहतियातन कदम उठाए जा रहे है. सरकार के संज्ञान में यह मामला है. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेशों में जो कफ सिरफ की छत्तीसगढ़ में आपूर्ति नहीं है. इसलिए डरने की बात नहीं है. उल्लेखनीय हैं कि वर्ष 2023 में राज्य की सत्ता में चौथी बार भाजपा काबिज हुई. तब प्रदेश भाजपा ने कार्यकर्ताओं की समस्या सुनने और निराकरण करने के लिए मंत्रियों की सहयोग केंद्र में ड्यूटी लगाई. यह सहयोग केंद्र पहले लोकसभा और फिर नगरीय चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रभावित हुआ, अततः अक्टूबर 2024 में इसे बंद कर दिया गया. करीब सालभर बाद फिर कार्यकर्ताओं की मांग पर यह सहयोग केंद्र शुरू किया जा रहा है. पहले चरण में पांच मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है, इसमें 6 अक्टूबर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, 7 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, 8 अक्टूबर को वन मंत्री केदार कश्यप, 9 अक्टूबर को तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और 10 अक्टूबर को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल मौजूद रहेंगे.

क्या बिहार चुनाव के बाद होगा बीजेपी में होगा बदलाव? मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में आजकल बहुत चर्चा हो रही है। पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। अब पार्टी के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि नया अध्यक्ष कब चुना जाएगा और इस महत्वपूर्ण पद पर कौन बैठेगा। उधर बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही होने की संभावना है। हालांकि पहले बीजेपी की तरफ से ऐसे संकेत थे कि बिहार चुनाव से पहले ही नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन अब यह संभव नहीं लग रहा है। दरअसल अब चुनाव आयोग की टीम बिहार में है और आने वाले हफ्ते में चुनाव की घोषणा की उम्मीद है। ऐसे में अब इस पर कोई फैसला मुश्किल लगता है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार और ईसी डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में ईसीआई प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पटना पहुंच गया है। वहीं, इससे पहले चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के आगामी आम चुनाव और कुछ राज्यों के उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात किए जाने वाले सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग का आयोजन किया। बैठक में 287 आईएएस अधिकारी, 58 आईपीएस अधिकारी और आईआरएस, आईआरएएस, आईसीएएस तथा अन्य सेवाओं के 80 अधिकारियों सहित 425 अधिकारियों ने भाग लिया। यह ब्रीफिंग बैठक आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। जेपी नड्डा जनवरी 2020 से हैं अध्यक्ष बीजेपी में इस समय अध्यक्ष पद को लेकर काफी गहमागहमी है। पार्टी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं। उनका कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। जेपी नड्डा जनवरी 2020 से इस पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कार्यकाल 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बढ़ाया गया था। इस विस्तार ने पार्टी के भीतर कई सवाल खड़े किए थे। अब एक बार फिर से यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी अपना नया अध्यक्ष कब चुनेगी। और इस बड़े और महत्वपूर्ण पद पर आखिर किसे मौका मिलेगा। यह फैसला बीजेपी के भविष्य की दिशा तय करेगा। राजनीतिक गलियारों में कई बड़े नेताओं के नाम चल रहे हैं। हर कोई जानना चाहता है कि अगला अध्यक्ष कौन होगा। यह पद बीजेपी में बहुत ताकतवर माना जाता है। इसलिए इस पर सबकी नजर है।