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Wall Street Journal में मोहन भागवत का विज्ञापन छाया, हिंदू अमेरिकी नेताओं ने कहा- बढ़ा गौरव

वॉशिंगटन   हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने  'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत वाले एक पूरे पेज के पेड विज्ञापन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता के प्रति सम्मान का संदेश देने वाले इस विज्ञापन ने समुदाय को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराया। यह पेड विज्ञापन अखबार के 3 सितंबर के अंक के पेज ए5 पर छपा था। इसमें भागवत की एक तस्वीर और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में उनके भाषण का एक संदेश शामिल था। विज्ञापन में भागवत के हवाले से कहा गया, "हमें अपनी एकता और विविधता का जश्न मनाना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और उसे स्वीकार करना चाहिए। भारत की सभ्यतागत सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। भारत इस विविधता का जीता-जागता उदाहरण है।" विज्ञापन में भागवत को भारत में 'दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के तौर पर बताया गया है। इसमें बताया गया कि न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस' इवेंट में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पेज पर छपी जानकारी के अनुसार, इस विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया था। जाने-माने कम्युनिटी लीडर और बिजनेसमैन रमेश भूताडा ने कहा कि यह विज्ञापन हिंदू अमेरिकियों के लिए गर्व की बात है। भूताडा ने कहा, "वॉल स्ट्रीट जर्नल में पूरे पेज का विज्ञापन देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह हिंदू धर्म की असली भावना को दिखाता है और सभी हिंदू अमेरिकियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराता है।" एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने कहा, "अमेरिका में हिंदू समुदाय ने साफ तौर पर यह दिखाया है कि वे इंसानियत की सामूहिक तरक्की के लिए दूसरे सभी समुदायों के साथ बातचीत और सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बहुत जरूरी है कि हम इस प्रतिबद्धता को असल कामों में बदलें। हम पूरी लगन के साथ ऐसा करेंगे।" उन्होंने कहा, "हम 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने इस संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए इतना प्रतिष्ठित मंच दिया।" इस विज्ञापन में भागवत की बातों को 'सबकी एकता' (यूनिवर्सल वननेस) के व्यापक विचार से जोड़ा गया था। इसका मुख्य संदेश विविधता का सम्मान करना और भारतीय सभ्यता के 'वसुधैव कुटुंबकम्' के विचार पर ज़ोर देना था। संस्कृत के इस वाक्यांश का आम तौर पर अर्थ होता है, "पूरी दुनिया एक परिवार है।" भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक यानी प्रमुख हैं। यह एक हिंदू स्वयंसेवी संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी। संगठन 2025 में अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है और भारत में इसकी स्थानीय शाखाओं और इससे जुड़े संगठनों का एक बड़ा नेटवर्क है। 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए कार्यक्रम में पूरे अमेरिका से हिंदू-अमेरिकी और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह कार्यक्रम सबकी एकता, सामुदायिक सहयोग और अलग-अलग तरह के समाजों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने में भारतीय सभ्यता के मूल्यों की भूमिका पर केंद्रित था।

हिमांशु ने रचा इतिहास, कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाला जिले का पहला छात्र बना; विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

रायपुर : कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र हिमांशु को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फोन कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन ने मेडिकल कॉलेज के प्रथम सत्र में लिया प्रवेश, बना गौरव का अवसर 50 सीटों के साथ इसी सत्र से शुरू हुआ कवर्धा मेडिकल कॉलेज रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र सहसपुर लोहारा निवासी हिमांशु देवांगन से महानदी भवन नवा रायपुर से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कवर्धा मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हो रही है और संयोग से कॉलेज के प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र कवर्धा जिले का ही निवासी है। जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि कवर्धा में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत जिले के ही प्रतिभावान विद्यार्थी के प्रवेश के साथ हुई है। *हिमांशु देवांगन ने नीट की तैयारी के लिए भिलाई में कोचिंग ली*           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने छात्र से बातचीत के दौरान उसकी स्कूली शिक्षा, नीट परीक्षा की तैयारी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए हुई काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। हिमांशु ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं तथा नीट परीक्षा में 512 अंक हासिल किए। नीट की तैयारी के लिए उसने भिलाई में कोचिंग भी ली। बातचीत के दौरान छात्र ने मेडिकल शिक्षा को लेकर अपनी रुचि और आगे की पढ़ाई के संबंध में भी जानकारी साझा की। *मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि*        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने हिमांशु का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब पूरी लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और उपलब्धियों से माता-पिता एवं परिवार के सपनों को पूरा करने के साथ जिले का नाम भी रोशन करें। उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके। *उप मुख्यमंत्री की विशेष पहल से इसी सत्र में शुरू हो रहा मेडिकल कॉलेज*         उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से कवर्धा मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ प्रारंभ हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से कवर्धा जिले और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर उपलब्ध हुआ है। अब विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और जिले में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज के पहले सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र भी कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा का रहने वाला है। यह जिले के लिए गर्व की बात है कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत जिले के ही विद्यार्थी के प्रवेश से हुई है।

यूपी की सियासत में आमने-सामने ‘बहुरानियां’, डिंपल यादव के मुकाबले चारू चौधरी ने संभाला मोर्चा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिलाओं पर सभी दलों का फोकस है. सभी राजनीतिक दल भली भांति समझते हैं कि अगर महिलाएं उनके साथ आ गईं तो चुनाव में जीत दर्ज करना बिलकुल आसान हो जाएगा. क्योंकि महिलाएं जाति और धर्म से ऊपर उठकर वोट करती हैं. खास बात यह है कि वह जिस पार्टी का समर्थन करती हैं तो दिल खोलकर. इसी वजह से बीजेपी, सपा, कांग्रेस, आरएलडी समेत तमाम राजनीतिक दल महिलाओं पर डोरे डालने में जुटी हैं।  समाजवादी पार्टी पर हमेशा से गुंडागर्दी फैलाने के आरोप लगते रहे हैं. इस कहा जाता है कि महिलाएं सपा से दूरी बनाती हैं. इस नैरेटिव को बदलने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बार पत्नी डिंपल यादव को प्रमुखता से आगे करते दिख रहे हैं. डिंपल की सक्रियता को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बातें हो रही है, लेकिन इसी बीच जयंत चौधरी ने अपनी पत्नी चारू चौधरी को चुनावी मंच पर लेकर आ गए हैं. अब चारू सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. लोग डिंपल और चारू की तुलना भी करने लगे हैं।  मंच पर पहुंचते ही चारू ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया गुरुवार को सहारनपुर में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की रैली में जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी भी भाषण देने पहुंचीं. चारू ने लिखा हुआ भाषण पढ़ने के बजाय खुद से पूरे कॉन्फिडेंस के साथ भाषण दीं. उनका भाषण भले ही दो मिनट का रहा, लेकिन उसमें ही उन्होंने ऐसी बातें कहीं जो चर्चा का विषय बन गया है. चारू चौधरी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया और कहा- ‘किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वो आपका अपमान करें या आपको सिखाएं और समझाएं. इस तरीके की बयानबाजी सिर्फ उनकी मानसिकता दर्शाता है. उनका अहंकार दर्शाता है. सच तो यह है कि यह लोकतंत्र है. सरकार किसकी बन रही है, कौन आ रहा है, जा रहा है, यह फैसला सिर्फ आप करते हैं।  चारू चौधरी का यह बयान अखिलेश यादव के उस तंज का जवाब था जिसमें, उन्होंने जयंत चौधरी का नाम लिए बगैर कहा था कि जिसको ‘चवन्नी से रुपया बनाया’ वो भी उधर भाग गए. जयंत चौधरी की पत्नी पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच संभालती दिखीं. उन्होंने अपने छोटे भाषण में ही एनडीए के ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशियों को जीत दिलाकर लखनऊ भेजने की अपील की. चारू चौधरी भले ही 2009 से पति जयंत के लिए चुनावी रैलियां और रोडशो करती रही हैं, लेकिन वह एंटरप्रेन्योर भी हैं. वह साउथ दिल्ली में ज्वेलरी और कपड़ों का फैशन ब्रांड शोरूम चलाती हैं. उन्होंने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है और ना ही विधानमंडल या संसद की सदस्य बनी हैं।  डिंपल यादव को आगे कर रहे हैं अखिलेश यादव वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव 2012 उपचुनाव में पहली बार निर्विरोध कन्नौज से सांसद चुनी गई थीं. 2014 के लोकसभा चुनाव में वह दोबारा कन्नौज से चुनाव जीतीं. 2022 में तीसरी बार मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई मैनपुरी सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल यादव सांसद चुनी गईं. 2024 के लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से जीत दर्ज कर वह अभी सांसद हैं।  पिछले दिनों जंतर मंतर पर GEN-Z के आंदोलन में अखिलेश यादव की गैरमौजूदरगी में डिंपल यादव छात्रों की अगुवाई करती दिखीं. इसके बाद छात्रों पर हुए लाठीचार्च के बाद डिंपल जिस तरह से घायल छात्रों के साथ खड़ी दिखीं उसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी इस छवि की काफी तारीफ हुई।  पिछले दिनों सपा प्रमुख आगामी यूपी चुनाव को लेकर महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं करने के लिए मीडिया के सामने आए थे. इस दौरान महिलाओं के लिए घोषणाएं करने की जिम्मेदारी डिंपल यादव को ही दी गई. पत्रकारों के सामने डिंपल यादव ने घोषणा की कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य की महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने डिंपल को पत्रकारों के सवालों का भी जवाब देने के लिए भी प्रोत्साहित करते दिखे. डिंपल ने भी बेहद मजबूती के साथ पत्रकारों के सवालों का मंजे हुए राजनेता की तरह जवाब दिया।  जहां तक डिंपल की एजुकेशन का सवाल है तो वह लखनऊ यूनिर्सिटी से बी कॉम हैं. वहीं चारू दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं. इसके अलावा चारू लंदन से ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स भी कर चुकी हैं. जहां चारू भी पंजाबी फैमिली से होने के बावजूद जाट परिवार की बहू बनी हैं, वहीं डिंपल यादव राजपूत परिवार से होते हुए भी यादव परिवार की दुल्हन हैं. दोनों ने ही नारी सशक्तिकरण का परिचय देते हुए अपनी मर्जी से शादियां की हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव में देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देवियां किस रूप में अपने-अपने दल और गठबंधन के लिए वोट जुटा पाती हैं। 

कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के कुशल संगठक थे : CM डॉ. यादव, जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि

उच्च कोटि के कुशल संगठक थे कुशाभाऊ ठाकरे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लगाया आंवले का पौधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुंचकर यहां स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की आदमकद प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रऋषि कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के रणनीतिकार और कुशल संगठक थे। उन्होंने संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की एक नई पौध तैयार की। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संगठन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती स्मृति में सेंटर परिसर में ही आंवले का पौधा भी लगाया। इस अवसर पर भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व सांसद आलोक संजर, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, जसवंत सिंह हाड़ा अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों ने चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज स्व.कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती भी है। आज मैं जानापाव जा रहा हूं, जहां महर्षि परशुराम जी ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानों के विकास से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रति एक नया वातावरण बना है। वर्ष 2022 तक जहां उज्जैन में लगभग 60-70 लाख श्रद्धालु एवं पर्यटक आते थे, वहीं आज यह संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है, ताकि वहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या बढ़े, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों और इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पर्वों और त्यौहारों के बीच भी हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर से बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।  

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- हमारी आस्था राम-कृष्ण में, बाबर-औरंगजेब में नहीं

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार प्रभु श्री राम, कृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है. उन्होंने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने अयोध्या में आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन जो खुद को अविजित मानते थे वे आज समाप्त हो चुके हैं. सीएम योगी ने चेतावनी दी कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी अपनी आदतों से मजबूर होकर फिर से समाज में विष वमन करने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हौसले बढ़ाने में जुटे हैं।  विरासत और जन आस्था पर योगी का बयान संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योग माया के प्रति अटूट आस्था की वजह से ही विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर मिल सका है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, वे जनता की आस्था को कभी सम्मान नहीं दे पाएंगे. सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जिनकी आस्था आक्रांताओं में है, वे धार्मिक भावनाओं का आदर नहीं कर सकते।  सुरक्षा और खुशहाली पर खतरे का जिक्र मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये तत्व समाज में जहर घोलकर आम जनता की सुरक्षा में सेंध लगाना चाहते हैं. वे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने, बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डालने, किसानों की खुशहाली पर डकैती डालने और उभरते हुए कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  डबल इंजन सरकार का कड़ा संदेश सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों की इन साजिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार इन सभी गलत मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेरेगी. सरकार जनता की सुरक्षा, समृद्धि और विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी।  मुख्यमंत्री ने कहा- 5200 वर्ष पूर्व धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए श्री हरि विष्णु के पूर्ण अवतार के रूप में श्री कृष्ण कन्हैया इसी पवित्र स्थल पर प्रकट हुए थे. अनेक आक्रमणों और आस्था थोपने के प्रयासों के बावजूद सनातन धर्म को कोई मिटा नहीं सका. जिन लोगों ने इसे मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए. आज भी ब्रजभूमि में श्री कृष्ण और राधा रानी की स्मृतियां भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 

लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, बरखेड़ी में की राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर तक लाये भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर डॉ. यादव बाल कन्हैया (लड्डू गोपाल) को अपने सिर पर धारण कर मंदिर लेकर आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी में जन्माष्टमी के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले झांकी (चल) समारोह में भी सहभागिता की और सभी श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी कृपा से प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति का विस्तार हो। बरखेड़ी समारोह में विधायक भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में बारिश से बढ़ी चिंता, सोन नदी उफान पर; CM ने कलेक्टरों को दिए मुस्तैद रहने के निर्देश

भोपाल  एमपी में कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। गुरुवार की शाम से भोपाल और इंदौर में भी बारिश हो रही है। इसे लेकर सीएम मोहन यादव ने प्रभावित जिलों के सभी कलेक्टर्स को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। जुटाकर रखें संसाधन सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टर्स को कहा है कि आवश्यक संसाधनों को पहले से जुटाकर तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि विशेष रूप से आज शाम भारी बारिश की चेतावनी है। साथ ही कल दोपहर में उत्तरी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिृश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। विंध्य में बढ़ीं मुसीबतें वहीं, विंध्य इलाके में लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। सतना, चित्रकूट, रीवा, सीधी और सिंगरौली में नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाणसागर बांध के कई गेट खोले गए हैं। अब तक 27.7 इंच बारिश, सामान्य से पीछे मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक करीब 37.3 इंच बारिश होती है। यानी प्रदेश अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से करीब 3.1 इंच पीछे है। सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत बताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खासकर पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई है। छतरपुर के राजनगर में करीब 195 मिमी, खजुराहो में 178 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई।  9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी और सिंगरौली समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।  कुछ इलाकों में अभी भी बारिश कम प्रदेश में औसत बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है। वहीं बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं है। कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोतों और बांधों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पहले से रखी जाए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि बारिश के दौरान प्रशासन किसी भी स्थिति में इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी रखे और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई करे।  ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया सीधी जिले में सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के 4 सितंबर सुबह 6 बजे के बुलेटिन के मुताबिक सोन नदी कोल्दह ब्रिज और चुरहट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कोल्दह ब्रिज पर सोन नदी का जलस्तर 238.30 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का स्तर 238.25 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 0.05 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि यहां जलस्तर फिलहाल स्थिर है। वहीं, चुरहट में सोन नदी का जलस्तर 245.09 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का स्तर 243 मीटर है। यानी नदी 2.09 मीटर ऊपर बह रही है। राहत की बात यह है कि चुरहट में जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है। कलेक्टरों को लगातार निगरानी रखने को कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा। संबंधित जिलों में अधिकारियों को परिस्थितियों का लगातार आकलन करने और जरूरत के मुताबिक तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश में मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि बारिश के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। कलेक्टर ने अधिकारियों को किया अलर्ट सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को दोनों स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। कलेक्टर ने जिले के अमृत सरोवर, बांध, नदियों और चेक डैम की स्थिति की भी जांच करने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  

चीनी की कीमतों में आई नरमी, एक हफ्ते में करीब 4% सस्ती हुई; दाम अब भी 27% ज्यादा

नई दिल्ली देशभर में चीनी की कीमतों में अब नरमी दिखने लगी है. एक हफ्ते में चीनी का औसत रिटेल भाव 3.85% घटकर ₹62.57 प्रति किलो पर आ गया है. एक हफ्ते पहले यह कीमत ₹65.08 प्रति किलो थी. हालांकि, गिरावट के बावजूद चीनी अब भी महंगी है और इसका रिटेल भाव पिछले महीने के ₹49.33 प्रति किलो के स्तर से करीब 27% ऊपर बना हुआ है।  कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने हाल के दिनों में कई कदम उठाए हैं. इनमें 10 लाख टन चीनी के इंपोर्ट की अनुमति देना भी शामिल है. इसके अलावा बल्क यूजर्स और डीलरों के लिए स्टॉक रखने से जुड़े नियमों को भी सख्त किया गया है. माना जा रहा है कि इन उपायों का असर अब थोक बाजार में दिखाई देने लगा है।  थोक बाजार में भी घटी कीमत उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2 सितंबर को चीनी का औसत थोक भाव ₹57.62 प्रति किलो रहा. एक हफ्ते पहले यह ₹60.39 प्रति किलो था. यानी इस दौरान थोक कीमत में भी करीब ₹2.77 प्रति किलो की कमी आई है. हालांकि, थोक बाजार में कीमत घटने के बावजूद इसका पूरा फायदा रिटेल ग्राहकों को तुरंत नहीं मिल रहा है. इसकी वजह दुकानदारों के पास मौजूद पुराना स्टॉक है. कई रिटेलर्स ने चीनी पहले ही ऊंची कीमत पर खरीदी हुई है. ऐसे में वे उसे तुरंत कम भाव पर बेचकर नुकसान उठाना नहीं चाहते।  दुकानों तक सस्ता स्टॉक पहुंचने में लगेगा समय उद्योग से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, रिटेल कीमतों में बदलाव दिखने में कम से कम 10 दिन लग सकते हैं. आम तौर पर एक दुकानदार के पास चीनी की 10-15 बोरियां स्टॉक में रहती हैं और हर बोरी का वजन करीब 50 किलो होता है. ऐसे में पुराने महंगे स्टॉक के खत्म होने और नए सस्ते स्टॉक की सप्लाई आने के बाद ही रिटेल कीमतों में बड़ी गिरावट दिख सकती है।  उत्पादन घटा फिर भी पर्याप्त स्टॉक की उम्मीद चीनी की कीमतों को लेकर सरकार और चीनी मिलों के बीच भी खींचतान देखने को मिली है. केंद्र ने मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है. सरकार का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. वहीं, 2025-26 मार्केटिंग ईयर के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान पहले के 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है. इसके बावजूद सरकार के सालाना घरेलू खपत के अनुमान के मुकाबले उपलब्धता को लेकर फिलहाल बड़ा संकट नहीं माना जा रहा है. देश में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है।  अगले 10 दिन अहम सरकार की कोशिश एक साथ सप्लाई बढ़ाने और बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर नजर रखने की है. हालिया आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि इन कदमों के बाद थोक और रिटेल, दोनों बाजारों में कीमतों में कुछ नरमी आई है. हालांकि, रिटेल ग्राहकों को इसका पूरा फायदा मिलने में थोड़ा समय लग सकता है. अगर आप घर के लिए चीनी खरीदते हैं, तो आने वाले दिनों में राहत और बढ़ सकती है. नया और सस्ता स्टॉक दुकानों तक पहुंचने के बाद रिटेल कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है. फिलहाल चीनी के दाम एक हफ्ते में जरूर घटे हैं, लेकिन वे अभी भी पिछले महीने के मुकाबले काफी ऊंचे हैं. आने वाले दिनों में नए स्टॉक की सप्लाई और बाजार में मांग के आधार पर कीमतों की अगली दिशा तय होगी। 

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से हाहाकार, शहडोल में नदी उफान पर; पन्ना में डूबा होमगार्ड दफ्तर

भोपाल /श्योपुर/सतना मध्य प्रदेश में शुक्रवार को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। इंदौर-सीहोर में सुबह से पानी गिर रहा है। भोपाल में रिमझिम के साथ शाजापुर के अकोदिया और श्योपुर में भी बरसात हो रही है।पन्ना में बारिश का पानी होमगार्ड दफ्तर में घुस गया है। सरकारी रिकॉर्ड, महंगे कंप्यूटर और इमरजेंसी राहत सामग्री खराब हो रही है। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। किनारे बसे लोगों और पर्यटकों को ऐहतियात बरतने के समझाइश दी गई है। ओंकारेश्वर में बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बांध के सभी गेट बंद हैं लेकिन आठों टरबाइन से करीब 1896 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, छतरपुर-पन्ना और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। एमपी-छत्तीसगढ़ का संपर्क टूटा शहडोल जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। जैतपुर तहसील क्षेत्र के कोलमी गांव में बरने नदी का जलस्तर बढ़ने से झींक बिजुरी से छत्तीसगढ़ के केल्हारी का संपर्क टूट गया है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों को नदी पर बने पुल से आवागमन करने से रोक दिया है। यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला एक भीतरी मार्ग है। पुल के ऊपर बह रहा पानी, पुलिस बल तैनात बरने नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। नदी के एक ओर मध्य प्रदेश का जैतपुर थाना क्षेत्र है, जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का केल्हारी थाना क्षेत्र आता है। नदी में पानी बढ़ने के बाद पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। पुल के ऊपर पानी होने की स्थिति में लोगों को इसे पार नहीं करने दिया जा रहा है। बाणसागर से छोड़ा जा रहा पानी लगातार बारिश के बीच बाणसागर बांध का जलस्तर पूर्ण जलभराव स्तर तक पहुंच गया है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज किया गया, जो पूर्ण जलभराव स्तर के बराबर है। बांध से कुल 4241.66 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए आठ रेडियल गेट 2.50 मीटर तक खोले गए हैं। स्पिलवे के आठ गेटों से करीब 4060 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।  अब तक 1078.4 मिलीमीटर बारिश अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले में 2 सितंबर को औसतन 54.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जैतपुर में सबसे अधिक 99 मिलीमीटर, बुढ़ार में 83, चनौढ़ी में 53, ब्यौहारी में 45, सोहागपुर में 38, जयसिंहनगर में 33 और गोहपारू में 29 मिलीमीटर बारिश हुई। दो सितंबर तक जिले में इस वर्ष कुल 1078.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2 सितंबर तक 945 मिलीमीटर औसत बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  28 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने प्रदेश के 28 जिलों में अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिन तक भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग, EOS-05 सफलतापूर्वक ऑर्बिट में तैनात; मिलेगी लगातार निगरानी की ताकत

श्रीहरिकोटा  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ई.ओ.एस.05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और बड़ी उपलब्धि है।  इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ई.ओ.एस.05 को तय और जरूरी ऑर्बिट में सफलतापूर्वक और सही तरीके से पहुंचा दिया है।  रियल-टाइम इमेजरी देने और खेती और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे एरिया में देश की मदद करने के लिए तैयार जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट पेलोड लेकर स्पेसपोर्ट से भारतीय समयानुसार सुबह 2:55 बजे आसमान में उड़ा।  यह प्रक्षेपण जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट पर किया गया, जो भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की ईओएस-05 के रूप में सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (सब-जीटीओ) की ओर 19वीं उड़ान है. मिशन में शामिल इसरो और साइंटिस्ट्स की तारीफ करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, 'अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी छलांग! जीएसएलवी-एफ17/ई.ओ.एस.05 के सफल लॉन्च पर टीम इसरो को बधाई।  ई.ओ.एस.05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है और जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जो विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल बैंड में एडवांस्ड इमेजिंग को सक्षम बनाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूर की सोच वाली लीडरशिप से भारत की स्पेस कैपेबिलिटी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है, जिससे ग्लोबल स्पेस पावर के तौर पर हमारी जगह और मजबूत हो रही है।  इस मिशन ने लोगों का काफी ध्यान खींचा, स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्पेस के शौकीन लोग लॉन्च देखने के लिए श्रीहरिकोटा में इकट्ठा हुए. बारिश के बावजूद लोग रॉकेट को उड़ान भरते देखने के लिए लॉन्च-व्यूइंग एरिया में मौजूद रहे. ई.ओ.एस.05 सैटेलाइट को पृथ्वी के बड़े हिस्सों का बार-बार ऑब्जर्वेशन करने और मौसम, खेती से जुड़े अपडेट वगैरह से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है।  स्पेसक्राफ्ट को जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट से ले जाया गया, जिसके पेलोड फेयरिंग में 4-मीटर डायमीटर का ओगिव कम्पोजिट कॉन्फ़िगरेशन है. इस व्हीकल का मिशन ई.ओ.एस.05 को सब-जीटीओ में रखना है, जिसके बाद सैटेलाइट के अपने ऑपरेशनल ऑर्बिट में पहुंचने की उम्मीद है।  ऐसे कक्षा से उपग्रह को पृथ्वी के बड़े हिस्सों का बार-बार अवलोकन करने और मौसम, खेती से जुड़े अपडेट वगैरह से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है. पिछले जीएसएलवी मिशन, जीएसएलवी-एफ16 ने जुलाई 2025 में नासा -इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च के साथ, इसरो ने एक बार फिर भारत के अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए अपने जीएसएलवी प्लेटफ़ॉर्म की क्षमताओं को दिखाया है।