samacharsecretary.com

UPI पेमेंट में पिन डालने की परेशानी खत्म, अब ऐसे करें पेमेंट—पूरी जानकारी जानें

  नई दिल्‍ली  भारत के यूपीआई इकोसिस्‍टम में आए दिन बदलाव होता रहा है, जिस कारण यूपीआई का दायरा बढ़ता जा रहा है. अब एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है. ICICI बैंक, फोनपे और क्रेड जैसे फिनटेक प्लेटफॉर्म ऐसे फीचर्स पेश कर रहे हैं, जिसके तहत यूजर्स बिना यूपीआई पिन डाले UPI पेमेंट कर सकते हैं।  नए फीचर्स यूजर्स को यूपीआई पिन की जगह फिंगरप्रिंट या फेस की पहचान का उपयोग करके पेमेंट करने की मंजूरी देते हैं. इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को तेज, अधिक आसान और सुरक्षित बनाना है. खासकर डेली पेमेंट के लिए।  क्‍या है ये नया फीचर?  बायोमेट्रिक UPI अथेंटिफिकेशन से छोटे लेन-देन के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है. इसके बजाय, यूजर्स फिंगरप्रिंट स्कैन या चेहरे की पहचान जैसी चीजों का उपयोग करके पेमेंट कर सकते हैं. हालांकि, नियामक मानदंडों के अनुसार, यह सुविधा ₹5,000 तक के लेनदेन के लिए सीमित है. इससे अधिक राशि के लिए, पिन-दर्ज करना अनिवार्य होगा।  ICICI बैंक ने किया रोलआउट ICICI बैंक ने अपने iMobile ऐप पर यह फीचर शुरू कर दिया है, जिससे कस्‍टमर्स बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल करके पर्सनल लेन-देन, QR कोड बेस्‍ड पेमेंट और ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं. यह फ़ीचर ऐप के अपडेटेड वर्ज़न (Android वर्ज़न 30+ और iOS 28.2+) पर उपलब्ध है और यह नए डेटा को इकट्ठा करने के बजाय यूज़र के डिवाइस पर पहले से सेफ स्टोर किए गए बायोमेट्रिक डेटा पर निर्भर करता है. ये फीचर ऐसा है, जिसके तहत आप जब चाहे बायोमेट्रिक अथेंटिफिकेशन को चालू या बंद कर सकते हैं. जरूरत पड़ी तो पिन अथेंटिफिकेशन फिर से शुरू कर सकते हैं।  PhonePe और CRED PhonePe ने UPI पेमेंट के लिए बायोमेट्रिक अथेंटिफिकेशन भी शुरू किया है, जिससे एक टच में पेमेंट का अनुभव मिलता है. यह सुविधा पिन भूल जाने और गलत इनपुट जैसी आम समस्याओं में काम आती है. स्मार्टफोन की अंतर्निहित सुरक्षा का लाभ उठाते हुए, यह भीड़भाड़ वाले स्थानों में पिन लीक होने जैसे रिस्‍क को कम करता है।  महत्वपूर्ण बात यह है कि PhonePe यूजर्स को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन फेल होने की स्थिति में पिन अथेंटिफिकेशन का विकल्प देता है. यह सुविधा व्यापारी भुगतान, क्यूआर स्कैन और यहां तक ​​कि बैलेंस चेक समेत कई उपयोगों में काम करती है. CRED ने NPCI के साथ साझेदारी में इसी तरह की बायोमेट्रिक UPI सुविधा शुरू की है, जो निर्बाध और सुरक्षित भुगतान की दिशा में व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार का संकेत देती है। 

महाकाल मंदिर का लड्डू अब बनेगा हाईटेक मशीन से, 40 करोड़ का टेंडर जारी, गड़बड़ी पर लगेगा 50 लाख तक जुर्माना

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में मिलने वाला लड्डू प्रसाद अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रहा है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए मंदिर समिति ने अत्याधुनिक मशीनों से लड्डू तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खास बात यह है कि महाकाल मंदिर देश का पहला ऐसा मंदिर है जिसके लड्डू प्रसाद को FSSAI की 5 स्टार रेटिंग मिल चुकी है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु लड्डू प्रसाद ग्रहण करते हैं। सामान्य दिनों में करीब 50 क्विंटल और विशेष पर्वों पर 100 क्विंटल तक लड्डू प्रसाद की खपत होती है। बढ़ती मांग और आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति अब आधुनिक तकनीक के जरिए प्रसाद निर्माण को नई दिशा देने जा रही है। मंदिर समिति ने करीब 40 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। जिसके तहत फुली ऑटोमेटिक मशीनों के माध्यम से लड्डू प्रसाद तैयार किया जाएगा। नई यूनिट त्रिवेणी संग्रहालय के पास बने अन्नक्षेत्र परिसर में स्थापित की गई है। जिसका निर्माण लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। मंदिर समिति के अनुसार मशीनों के उपयोग से लड्डुओं की एक जैसी सिकाई होगी। गुणवत्ता में एकरूपता आएगी और उत्पादन क्षमता भी कई गुना बढ़ेगी। इससे सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर और स्वच्छ प्रसाद उपलब्ध कराया जा सकेगा। उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि टेंडर में गुणवत्ता को लेकर सख्त नियम तय किए गए हैं। आवेदन वही फर्म कर सकेगी जिसके पास कम से कम 3 साल का खाद्य निर्माण अनुभव हो। साथ ही FSSAI और ISO 22000 प्रमाणन अनिवार्य होगा। लड्डुओं की शेल्फ लाइफ कम से कम 15 दिन रखना भी जरूरी किया गया है। वहीं गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर 25 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। घटिया सामग्री उपयोग करने पर 5 लाख और वजन कम पाए जाने पर 2 लाख रुपए तक की पेनल्टी का प्रावधान रखा गया है। मंदिर समिति का कहना है कि प्रसाद की शुद्धता और स्वाद बनाए रखने के लिए शुद्ध घी, रागी, चना दाल, काजू-किशमिश सहित तय मानकों के अनुसार सामग्री का उपयोग किया जाएगा। धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक के इस संगम को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में एक बड़े नवाचार के रूप में देखा जा रहा है।

सुपर अल नीनो’ के कारण 140 साल का गर्मी का रिकॉर्ड टूटेगा! क्या होगा इस बार अलग?

नई दिल्ली गर्मियों का मौसम आते ही हम सभी चिलचिलाती धूप और पसीने से परेशान होने लगते हैं। लेकिन, इस बार की गर्मी कोई आम गर्मी नहीं होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस बार 'सुपर अल नीनो' के कारण गर्मी अपने पिछले 140 सालों के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है और दुनिया के कई हिस्सों में चरम मौसम की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। आखिर यह 'सुपर अल नीनो' कैसे असर करता है? यह इतना खतरनाक क्यों माना जा रहा है? और भारत सहित पूरी दुनिया पर इसका क्या असर पड़ने वाला है? आइए समझते हैं। अल नीनो (El Niño) क्या है?     स्पेनिश भाषा में 'अल नीनो' का मतलब 'छोटा लड़का' होता है, लेकिन मौसम विज्ञान में इसका असर बहुत विशाल है।     यह प्रशांत महासागर से जुड़ी एक मौसमी घटना है।     सामान्य परिस्थितियों में, समुद्र की सतह का गर्म पानी एशिया और ऑस्ट्रेलिया की तरफ बहता है।     लेकिन, अल नीनो के दौरान यह चक्र उलटा या कमजोर पड़ जाता है। भूमध्य रेखा के पास प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और यह गर्म पानी दक्षिण अमेरिका की तरफ बहने लगता है।     समुद्र के इस बढ़ते तापमान का असर पूरी दुनिया के मौसम चक्र (हवाओं, बारिश और तापमान) पर पड़ता है। फिर यह 'सुपर अल नीनो' क्या है? जब प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से थोड़ा बढ़ता है, तो उसे 'अल नीनो' कहते हैं। लेकिन जब यह तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह घटना बेहद उग्र हो जाती है। इसे ही वैज्ञानिकों ने 'सुपर अल नीनो' का नाम दिया है। मुख्य कारण: जब ग्लोबल वार्मिंग (ग्रीनहाउस गैसों के कारण लगातार बढ़ती पृथ्वी की गर्मी) और अल नीनो दोनों आपस में मिल जाते हैं, तो यह एक 'डबल अटैक' बन जाता है। यही वजह है कि वैज्ञानिक 140 साल से भी ज्यादा समय के बाद ऐसी भयंकर गर्मी की भविष्यवाणी कर रहे हैं। यह स्थिति बेहद दुर्लभ होती है- 1950 के बाद केवल कुछ बार ही ऐसा हुआ है। जैसे 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में भी कुछ असर देखने को मिला था। इस बार वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नीनो 3.4 क्षेत्र में तापमान वृद्धि 2°C से ज्यादा पहुंच सकती है। न्यूयॉर्क के एट अल्बानी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पॉल राउंडी का कहना है कि 'पिछले 140 साल में सबसे मजबूत एल नीनो बनने की वास्तविक संभावना है।' 140 साल पुराना खतरा? तापमान जितना ज्यादा बढ़ता है, अल नीनो के असर के और भी ज्यादा तेज होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। अल्बानी में स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क में वायुमंडलीय और पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. पॉल राउंडी ने लिखा कि '140 सालों में सबसे मजबूत अल नीनो घटना होने की वास्तविक संभावना है।' मियामी विश्वविद्यालय के एसोसिएट वैज्ञानिक डॉ. एंडी हेजल्टन ने लिखा कि सभी मॉडल और अवलोकन एक ही दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं: इस साल एक बहुत मजबूत अल नीनो आएगा, जिसका वैश्विक जलवायु पर काफी असर पड़ेगा। इस बार ऐसा क्या होने वाला है? सुपर अल नीनो का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं है; यह एक चेन रिएक्शन की तरह काम करता है। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार होंगे- रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भीषण लू ग्लोबल वार्मिंग पहले से ही धरती को गर्म कर रही है। 'सुपर अल नीनो' इस आग में घी का काम करेगा। भारत के कई हिस्सों, खासकर उत्तर और मध्य भारत में, दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर जा सकता है। भीषण लू (हीटवेव) का दौर लंबा और ज्यादा जानलेवा हो सकता है। मॉनसून पर ब्रेक- सूखे का खतरा भारत की पूरी कृषि व्यवस्था मॉनसून पर निर्भर है। अल नीनो का भारतीय मानसून से सीधा और उल्टा रिश्ता है।     जब भी अल नीनो मजबूत होता है, भारत में मॉनसून कमजोर पड़ जाता है।     इस साल बारिश कम होने और कई राज्यों में सूखे जैसे हालात पैदा होने की गहरी आशंका है। खेती और महंगाई पर सीधा असर बारिश कम होने और भयंकर गर्मी पड़ने से:     धान और गन्ने जैसी फसलों की पैदावार गिर सकती है।     खाद्य पदार्थों की कमी के कारण महंगाई आसमान छू सकती है।     पीने के पानी का संकट गहरा सकता है क्योंकि नदियां और डैम सूखने लगेंगे। दुनिया भर में चरम मौसम अल नीनो सिर्फ भारत को नहीं रुलाएगा। इसके कारण:     दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।     ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में भयंकर सूखा और जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। क्यों इस बार ‘सुपर’ एल नीनो की बात हो रही है? अप्रैल 2026 तक स्थिति ENSO-neutral यानी न तो एल नीनो, न ला नीना वाली है, लेकिन प्रशांत महासागर के नीचे के पानी में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। यूरोपीय मॉडल NOAA, ECMWF और अन्य संस्थानों के पूर्वानुमान बताते हैं कि मई-जुलाई 2026 से एल नीनो उभर सकता है और सर्दियों (2026-27) तक मजबूत रहेगा। कुछ मॉडल बहुत मजबूत या सुपर स्तर का संकेत दे रहे हैं। 2024 पहले ही रिकॉर्ड गर्म साल था। मजबूत एल नीनो के साथ 2026 या 2027 नए रिकॉर्ड बना सकते हैं। कुछ अनुमान कहते हैं कि तापमान अस्थायी रूप से 1.5°C या उससे भी ज्यादा (कुछ मामलों में 2°C तक) पूर्व-औद्योगिक स्तर से ऊपर जा सकता है।

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू किया, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन की ओर बढ़ाया कदम : ऊर्जा मंत्री तोमर 110 मेगावाट की सौर परियोजनाएं स्थापित होंगी तीन ताप विद्युत गृहों में फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत सौर और ताप विद्युत का संयोजन 24*7 विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने पारम्परिक ऊर्जा के साथ अब गैर वैकल्प‍िक ऊर्जा उत्पादन की ओर भी कदम बढाया है। पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 110 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि यह परियोजनाएं मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के तीन प्रमुख ताप विद्युत गृहों सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (40 मेगावाट), अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (40 मेगावाट) और संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर (30 मेगावाट) में स्थापित होंगी। रणनीतिक स्थापना एवं फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत संचालन पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने अपने स्थापित ताप विद्युत गृहों में ही सौर संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे उपलब्ध संसाधनों, अधोसंरचना और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस रणनीति से परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, लागत में कमी व संचालन दक्षता में वृद्धि होने की संभावना है। गौरतलब है कि इन संयंत्रों से उत्पादित विद्युत का संचालन केंद्र सरकार की फ्लेक्सीबिलिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा। यह योजना सौर ऊर्जा को तापीय या जल विद्युत के साथ जोड़कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस समेकित मॉडल के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा की अनियमितता को संतुलित करते हुए ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप पहल वर्ष 2021 में आयोजित COP-26 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘पंचामृत’ लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें वर्ष 2030 तक देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को नवकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड का यह प्रयास राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देगा। पॉवर जनरेटिंग कंपनी पूर्व में मंदसौर जिले के रातागुराड़िया में 7 मेगावाट का सौर संयंत्र स्थापित कर इस दिशा में शुरुआत कर चुकी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कंपनी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने हमेशा राज्य को विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की है और अपनी दक्षता से राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी कंपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी और यह परियोजना राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उत्कृष्टता की परंपरा को बरकरार रखेंगे प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने वर्षों से उत्कृष्ट संचालन और तकनीकी दक्षता के बल पर देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से सतत विकास सुनिश्चित करना है, साथ ही अपनी उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखना है।” मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की यह पहल न केवल राज्य में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि वितरण कंपनियों को स्थायी हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में भी सहायक साबित होगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हुए एक संतुलित और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली का निर्माण करेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले माह ही मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित किया है। इसके अंतर्गत नगरीय निकायों में सामूहिक रूप से लगने वाले प्रस्तावित प्लांट्स के लिए कंपनी मुख्य सलाहकार की भूमिका अदा करेगी। इस तरह के कदम राज्य को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे। 

राघव चड्ढा की एंट्री के बावजूद पंजाब में BJP को फायदा नहीं, जानें क्या है वजह

लुधियाना  आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसको लेकर राज्य सभा सचिवालय ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। इसी के साथ उच्च सदन में भाजपा की ताकत भी बढ़ी है और सांसदों की संख्या 113 हो गई है। जिन सात सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा है, उनमें से 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं और स्वाती मालिवाल दिल्ली से है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राज्य सभा सांसदों का बीजेपी में जाना अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, दिल्ली हारने के बाद अब आम आदमी पार्टी की पंजाब में ही सरकार है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव हारने के बाद पूरा ध्यान पंजाब पर लगा दिया है। AAP के बागी सांसदों के शामिल होने से बीजेपी खुश नजर आ रही है। दरअसल, राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने विधासनभा चुनाव 2022 में AAP की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। जो सांसद बीजेपी में शामिल हुए हैं उनमें- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल शामिल है।  क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा?  AAP के सातों राज्य सभा सांसदों के विलय के बाद उच्च सदन में भले ही बीजेपी का संख्या बल बढ़ा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर फायदा कम होता नजर आ रहा है। अपनी रणनीति से 2022 में राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने AAP को जीत दिलाई हो, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नेताओं का कोई जनाधार नहीं है। ऐसे में बीजेपी के लिए इनका कितना उपयोगी साबित होना संभव है, यह आने वाला समय बताएगा। पंजाब में चड्ढा का इस्तेमाल करेगी बीजेपी वहीं पंजाब में बीजेपी अब राघव चड्ढा का इस्तेमाल करेगी, क्योंकि प्रदेश में कायदे से पार्टी अपनी उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा पाई है। इसके अलावा बीजेपी पर पंजाब में किसान विरोधी होने का आरोप भी लगता है। खासकर केंद्र के कृषि कानूनों के विवाद के बाद। संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने बीजेपी पर किसानों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसलिए अकाली दल भी अब बीजेपी के साथ नहीं है। चड्ढा के सामने भी होगी चुनौती राघव चड्ढा AAP की तरफ से राज्य सभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन अब बीजेपी में जाने के बाद उनके सामने कई चुनौतियां होगी। दरअसल, इससे पहले तक वे बीजेपी के मुखर विरोधी रहे है और कई मौके पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। खासतौर पर कृषि कानूनों को लेकर। ऐसे में प्रदेश की जनता और बीजेपी में अपनी जगह कैसे बनाते है, यह आने वाला समय बताएगा। उन्हें न केवल पार्टी की विचारधारा के साथ तालमेल बैठाना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा भी जीतना होगा। 

1 मई से देश में लागू होंगे 5 बड़े बदलाव, LPG से लेकर Credit Card तक के नियम बदलेंगे!

नई दिल्ली  शुक्रवार 1 मई से नए महीने की शुरुआत हो रही है. नई तारीख के साथ ही देश में तमाम नए फायनेंशियल बदलाव (New Rule Changes From 1st May 2026) भी लागू होते हैं. ये बदलाव आमजन के जीवन और जेब दोनों पर असर डालते हैं. जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक जो 5 नए नियम लागू हो रहे हैं, उनमें एलपीजी सिलेंडर के दाम, क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम भी शामिल हैं. आइये नए नियमों पर डालते हैं एक नजर।  पहला नियम: एलपीजी सिलेंडर के नए रेट होंगे लागू सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के दाम अपडेट करती हैं. इस बार भी 1 मई को ऑयल कंपनियां गैस सिलेंडर के रेट्स में संशोधन करेंगी. अगर दाम बदलते हैं तो उसका साफ असर घर की रसोई से लेकर रेस्टोरेंट-होटलों तक दिखाई देगा. बता दें, इस महीने घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में वृद्धि की गई थी. जानकारी मिली है कि सरकार अब OTP बेस्ड एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी का फैसला ले सकती है।  दूसरा नियम: क्रेडिट कार्ड से संबंधित देश का सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव करने जा रहा है. नए नियम शुक्रवार 1 मई से लागू हैं. बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार बैंक ने लेट पेमेंट चार्ज से लेकर सालाना फीस में बदलाव किया है. शुक्रवार 1 मई से बैंक 100 रुपये से ज्यादा और 500 रुपये तके की बकाए राशि को पर लेट पेमेंट चार्ज को 100 रुपये करने जा रहा है. वहीं, 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की बकाए राशि पर यह चार्ज करीब 500 रुपये हो जाएगा. इसके साथ-साथ कुछ कार्डों पर 499 रुपये की सालाना फीस, जो अभी तक 50 हजार रुपये है, उसे 1 लाख रुपये के सालाना खर्च पर वापस किया जाएगा।  तीसरा नियम: CNG-PNG के दामों में भी बदलाव एलपीजी सिलेंडर के दाम सीएनजी-पीएनजी के दामों में संशोधन किया जाता है. तेल कंपनियां महीने की पहली तारीख को नए रेट्स जारी करती हैं. इस महीने की शुरुआत में इनके दाम दोगुने कर दिए गए थे, लेकिन बाद में इन्हें वापस लेना पड़ा. अगर दाम बढ़ते हैं तो वाहन स्वामियों की जेब को झटका लग सकता है।  चौथा नियम: बैंकों की छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक आने वाले नए महीने मई में बंपर हॉलिडे हैं. दूसरे और चौथे शनिवार के साथ-साथ हर रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहता है. इनके अलावा 1 मई शुक्रवार को लेबर-डे/ महाराष्ट्र दिवस, बकरीद की छुट्टियां रहेंगी. हालांकि अलग-अलग राज्यों में ये छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं. अगर बैंक किसी काम से जाना है को पहले वेबसाइट पर एक नजर जरूर डाल लें, वैसे, सभी बैंकों की ऑनलाइन सेवाएं 24 घंटों चालू रहती हैं।  पांचवा नियम: ऑनलाइन गेम से संबंधित बदलाव मई महीने की पहली तारीख से ऑनलाइन गेम से जुड़े नियम भी बदल जाएंगे. सरकार Online Gaming Rules 2026 को लागू करने जा रही है. इन नए नियमों के तहत ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का गठन किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक ऑनलाइन गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा, इनमें Online Money Games, Online Social Games और E-Sports शामिल हैं. इनके लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जो गेम खेलेगा उसके लेनदेन पर सख्ती से नजर रखी जाएगी।  ATM से कैश निकालना अब महंगा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ATM इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद हर बार कैश निकालने पर 23 रुपये देने होंगे, जो पहले 21 रुपये था. फ्री लिमिट की बात करें तो-      अपने बैंक के ATM पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं.     दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं।  इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा. SBI Credit Card के नए नियम SBI Card से जुड़े ग्राहकों के लिए भी 1 मई से नए नियम लागू होंगे. लेट पेमेंट चार्ज में बदलाव किया गया है।      100 से 500 रुपये तक के बकाया पर 100 रुपये चार्ज लगेगा.     500 से 1000 रुपये तक के बकाया पर 500 रुपये शुल्क देना होगा. इसके अलावा BPCL SBI Credit Card की एनुअल फीस से जुड़ा नियम भी बदला है. अब 1 लाख रुपये सालाना खर्च करने पर फीस रिवर्स होगी, जो पहले 50,000 रुपये पर मिलती थी।  ऑनलाइन गेमिंग के नियम हुए सख्त सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नए नियम लागू किए हैं. इसके तहत एक नई संस्था बनाई जाएगी, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगी. अब गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा गया है- मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स. खासकर पैसे से जुड़े गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा और यूजर्स के लेनदेन पर नजर रखी जाएगी। 

मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड प्रारंभ, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि महाअभियान का भी हुआ शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के दौरान सोलह विभाग समन्वित रूप से किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं। यह एक समग्र पहल है, जिसमें कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य विभागों को जोड़कर किसानों के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला से प्रदेश में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी किसानों के समर्पण भाव के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाते हुए कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन, भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के सशक्तिकरण और उनकी आय वृद्धि के उद्देश्य से कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों की शुरूआत की गई, जिनमें मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि महाअभियान और सीएम किसान हेल्पलाइन शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेल्पलाइन से जुड़कर कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त की और इसकी उपयोगिता का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की सेवा के लिए सीएम किसान हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है। किसान भाई टोल फ्री नम्बर 155253 के माध्यम से इस नवाचारी पहल का लाभ ले सकेंगे। इस हेल्पलाइन से किसानों को त्वरित मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित सभी कृषि कर्मयोगियों से किसान हितैषी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पवित्र और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए कार्य करते हुए नए प्रयोगों के साथ अपने मन के नए अंकुरण और कोमलता को जीवंत रखने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बल पर अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार ने कई असंभव कार्यों को लक्ष्य तक पहुंचाया है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति हो रही है। वर्तमान में किसानों को प्रति लीटर दूध पर पहले की तुलना में 7 से 8 रुपए तक अधिक मूल्य मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अब व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहे है। पहले रबी फसल वर्षा पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब समय बदल रहा है। नहरों और विद्युत सुविधाओं के विस्तार से खेत-खेत तक सिंचाई पहुंच गई है। इसके परिणामस्वरूप किसान अब वर्ष में 2 के स्थान पर 3 फसलें लेने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस वर्ष राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जित कर रही है। राज्य सरकार ने उड़द की फसल पर समर्थन मूल्य के साथ देने की शुरुआत की है। किसानों की अतिरिक्त आय का साधन बना एग्री वेस्ट मैनेजमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान अब एग्री वेस्ट मैनेजमेंट अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। मक्के के डंठल, गेहूं और धान की नरवाई से भूसा बनाकर किसान लाभ कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। इजरायल में सीमित संसाधनों के बावजूद वहां खेती को अत्यंत आधुनिक और लाभकारी बनाया गया है। इजरायल में कम बारिश के बाद भी खेती में तकनीक का उपयोग प्रेरणास्पद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर हैं। कृषक परिवारों से आने वाले युवा डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं, लेकिन खेती को भी लाभ का जरिया बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है। पीकेसी परियोजना के लिए हमारी सरकार के आभारी है राजस्थानवासी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश को तीन-तीन नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई जिले लाभान्वित होने वाले हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार ने लागत की 90 प्रतिशत राशि दी है। पीकेसी परियोजना पर सहमति के लिए राजस्थान के 15 जिलों के लोग मध्यप्रदेश सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दे रहे हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और यहां जलराशी का पर्याप्त भंडार है। प्रधानमंत्री  मोदी ने मां नर्मदा के आशीर्वाद से अपने गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में गुजरात को विकसित और अग्रणी राज्य बनाया। अब हमारी सरकार भी नर्मदा के जल से प्रदेश को समृद्ध बना रही है। आज पानी की बूंद-बूंद को बचाकर खेती-किसानी को आगे बढ़ाने का प्रयास करने की आवश्यकता है। कृषि मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि हर जिले में कृषि मेले आयोजित किये जा रहे हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि कर्मयोगियों के साथ मंथन हो रहा है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की परेशानियों के लिए चिंतित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा है। इस कार्य में सभी कृषि कर्मयोगियों को सहयोग प्राप्त हो रहा है। सचिव कृषि  निशांत वरवड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने लोकसेवकों को कर्मयोगी की संज्ञा दी है। कृषक कल्याण वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन से आज सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में आमंत्रित किया है। इसमें कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, मार्केटिंग फेडरेशन, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं अन्य विभाग शामिल हैं। कार्यशाला में किसानों की समस्याओं … Read more

मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस हादसे में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। लाइफ सेविंग जैकेट की व्यवस्था से बची जानें स्थानीय प्रशासन की सहायता से रेस्क्यू फोर्स सक्रिय है। त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया है। जो नागरिक लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग और क्रूज संचालन का प्रबंधन और पर्यटकों के भ्रमण का दायित्व संभालने वाले व्यक्तियों द्वारा लाइफ सेविंग जैकेट की व्यवस्था से जानें बचाने में सफलता मिली। निरंतर चल रहा बचाव और राहत कार्य उल्लेखनीय है कि जबलपुर में तेज आंधी तूफान के कारण हुए क्रूज हादसे के पश्चात 15 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हादसे में चार व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। शेष व्यक्ति की तलाश और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित एसडीआरएफ एवंअन्य बचाव दल घटना स्थल पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्य में सक्रिय हैं।  

श्रमिकों के कल्याण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री  पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव  संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव  एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में की सुरक्षा बहाल करने की मांग, HC ने केंद्र और पंजाब सरकार को दिया नोटिस

लुधियाना  राज्यसभा सांसद और क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा वापिस बहाल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस भीड़ ने उनके घर के बाहर गद्दार लिखा था, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सहित पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सरकार को आदेश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।  इसके बाद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने शनिवार को हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा प्रदान की. अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा।  हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर 2022 में शुरू हुआ. क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की. मार्च 2022 में AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया. वे बिना विरोध के निर्वाचित हुए और 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली. AAP में उनकी पारी चार सालों की रही. सीएम भगवंत मान को 24 अप्रैल को जब पता चला कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं तो उन्होंने सबसे पहले हरभजन सिंह को फोन लगाया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कई बार कॉल लगाने के बावजूद हरभजन ने सीएम का कॉल नहीं उठाया. हरभजन सिंह आईपीएल के लिए कमेंट्री कर रहे हैं और इस वक्त वे मुंबई में हैं।  अब सुनवाई के दौरान क्या हुआ, पांच प्वाइंटों में जानिए – 1. किस आधार पर सिक्योरिटी वापस ली हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि आखिर किस “थ्रेट परसेप्शन” (खतरे के आकलन) के आधार पर अचानक सुरक्षा वापस ली गई। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सुरक्षा प्रदान करना राज्य का कर्तव्य है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हों। 2. सरकार ने रूटीन प्रक्रिया बताया पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने सुरक्षा वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए इसे रूटीन प्रक्रिया बताया। हालांकि, कोर्ट ने राजनीतिक बदलाव (AAP से BJP में जाने) और उसके तुरंत बाद सुरक्षा हटाए जाने के समय पर सवाल उठाए। 3. केंद्र की तरफ से सिक्योरिटी दी गई कोर्ट को बताया गया कि राज्य पुलिस की सुरक्षा हटने के बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को CRPF का सुरक्षा कवर दिया है, जो फिलहाल उनके जालंधर स्थित निवास पर तैनात है। 4. गद्दार लिखने का संज्ञान भी लिया कोर्ट ने हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों और उनकी दीवार पर “गद्दार” लिखे जाने की घटनाओं का भी संज्ञान लिया। 5. विस्तार से हलफनामा देना होगा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें सुरक्षा समीक्षा की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।