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पंजाब बनेगा संकटमोचक, देशभर में भेजेगा अनाज, सीएम का दावा- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

चंडीगढ़  वैश्विक हालात और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आएगा और राज्य के गोदामों में पड़ा गेहूं-चावल देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़े तो स्पेशल ट्रेनें चलाए। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, पंजाब ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और इसे तुरंत उठाया जाए ताकि नई फसल की खरीद में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास करीब 171 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक मौजूद है, जिसे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देशभर में भेजा जा सकता है। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्पेशल ट्रेनों के जरिए तेजी से उठान जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचेगी। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया सीएम मान ने पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। फिलहाल पंजाब में 12 दिन का पेट्रोल, 14 दिन का डीजल और 6 दिन का एलपीजी स्टाक उपलब्ध है, जो सामान्य जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर घरों में ईंधन स्टोर न करें, यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि घटाने की मांग केंद्र से की गई है। साथ ही उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगाने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने की बात भी रखी गई। सीएम ने कहा कि पंजाब एक बार्डर स्टेट है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मिलना चाहिए। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक स्थिति नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अपुष्ट खबरों से बचा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिमांड (पंजाब की प्रमुख मांगें)     स्पेशल ट्रेनों से तुरंत अनाज उठान     पेट्रोलियम सप्लाई बाधित न हो, केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करे     गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि कम हो     बार्डर स्टेट होने के कारण पंजाब को प्राथमिकता     उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगे सप्लाई व स्टाक     पेट्रोल: 12 दिन का स्टॉक     डीजल: 14 दिन का स्टॉक     एलपीजी: 6 दिन का स्टॉक     गेहूं: 171 लाख मीट्रिक टन     चावल: 139 लाख मीट्रिक टन     कवरड स्टोरेज क्षमता: 155 लाख मीट्रिक टन     27 मार्च तक 1497 चेकिंग, 301 LPG सिलेंडर जब्त  

CM हिमंत का बयान: 99% हिंदू कांग्रेस छोड़ने को तैयार, हम ‘मियां’ समुदाय की कमर तोड़ देंगे

गुवाहाटी असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक बयानबाजी और दल-बदल का दौर तेज हो गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि कांग्रेस पार्टी के 99 प्रतिशत हिंदू सदस्य पार्टी छोड़ना चाहते हैं। कांग्रेस बन जाएगी 'एक समुदाय की पार्टी' समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में सीएम शर्मा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ कांग्रेस के भविष्य पर कई बड़े दावे किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के विघटन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 99 प्रतिशत हिंदू कांग्रेस छोड़ना चाहते हैं। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस केवल एक ही समुदाय की पार्टी बनकर रह जाएगी। कांग्रेस में मची है भगदड़ सीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव से ठीक पहले असम में कांग्रेस को लगातार बड़े झटके लग रहे हैं। पार्टी के कई दिग्गज नेता हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए हैं। इनमें कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा, कांग्रेस के टिकट पर पिछला चुनाव जीतने वाले विधायक- कमलाख्या डे पुरकायस्थ, शशिकांत दास, बसंत दास, सुशांत बोरगोहेन और रूपज्योति कुर्मी भी पार्टी छोड़ चुके हैं। विकास और 1.65 लाख नौकरियों का दावा अपनी सरकार के काम की तारीफ करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि असम में बड़े राज्यों की तर्ज पर व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने इस साल रिकॉर्ड तोड़ जीत के साथ भाजपा की सत्ता में वापसी का विश्वास जताया। उन्होंने कहा- हमने पिछले 5 सालों में 1.65 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी हैं। यही कारण है कि राज्य में चुनाव एक 'उत्सवी माहौल' में संपन्न हो रहे हैं। घुसपैठ और 'पाकिस्तान-बांग्लादेश' वाला बयान शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि असम में घुसपैठ अभी भी एक बड़ा मुद्दा है। हालांकि, उन्होंने कहा- हम 9 अप्रैल के चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जनता भाजपा को सत्ता में वापस लाने के लिए उत्साहित है। मैं चुनाव जीतूंगा और जो काम हमें करने हैं, वो हमारे घोषणापत्र में शामिल होंगे। भाजपा सत्ता में लौटी तो असम में बांग्लादेशी ‘मियां’ समुदाय की कमर तोड़ देगी : हिमंत असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने  कहा कि अगर अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में वापस आता है, तो उनकी सरकार राज्य में बांग्लादेशी 'मियां' समुदाय की 'कमर तोड़ देगी।' उन्होंने कहा कि सरकार एक 'मजबूत असमिया समाज' के निर्माण के लिए काम करेगी और अवैध प्रवासी मूल निवासियों को चुनौती नहीं दे सकेंगे। लखीमपुर जिले के ढाकुआखाना में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, 'हमने राज्य के मूल निवासियों के लिए बहुत मेहनत की है। जो लोग बांग्लादेश से आकर असम की जमीन और घरों पर अतिक्रमण कर रहे थे, हमने राजनीतिक रूप से उनके हाथ-पैर तोड़ दिए।' उन्होंने कहा, 'इस बार हम बांग्लादेशी मियाओं की कमर तोड़ देंगे, ताकि वे असमिया लोगों के लिए चुनौती बनने की हिम्मत न कर सकें।' 'मियां' मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है, और गैर-बांग्ला भाषी लोग आम तौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं। इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि 'बांग्लादेशी' लोग कांग्रेस को वोट देंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- कांग्रेस में कौन जाना चाहता है? कांग्रेस भारत में अपनी सरकार नहीं बना सकती; वह पाकिस्तान या बांग्लादेश में सरकार बना सकती है। ऐसे में मैं कांग्रेस में कैसे जा सकता हूं? जब उनसे असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया और कहा- मैं उन्हें मुफ्त की पब्लिसिटी (मुफ्त प्रचार) नहीं देना चाहता। कांग्रेस का पलटवार: डीके शिवकुमार ने दिया जवाब असम के मुख्यमंत्री की इन टिप्पणियों पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शिवकुमार ने हिमंत बिस्वा सरमा पर लोगों का 'ध्रुवीकरण' करने का आरोप लगाया। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई का बचाव करते हुए शिवकुमार ने कहा- वह (सरमा) मेरे पीसीसी (PCC) अध्यक्ष के बारे में बोल रहे हैं। गौरव गोगोई के पिता (तरुण गोगोई) मुख्यमंत्री रहे हैं और वह खुद मौजूदा सांसद हैं। हिमंत उनसे डरे हुए हैं, इसीलिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में कोई बांग्लादेशी नहीं है।

Naxalism Debate: संसद में 30 को होगी चर्चा, बस्तर में 96% इलाका नक्सल प्रभाव से आजाद

रायपुर/जगदलपुर. पांच दशकों से भी अधिक समय से बस्तर के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रहा नक्सलवाद आज समाप्ति की है. यह नराकात्मक विनाशकारी विचारधारा ने न केवल बस्तर के विकास को अवरुद्ध किया, बल्कि निर्दोष आदिवासियों की जान भी ली. लेकिन मजबूत राजनीतिक इरादे की बदौलत आज बस्तर का 96 प्रतिशत क्षेत्र नक्सली गतिविधियों से मुक्त हो चुका है. विषय पर 30 मार्च को लोकसभा में अहम चर्चा होगी. 1967 में जो चिंगारी बंगाल के नक्सलबाड़ी में फूटी थी, उसने आने वाले दशकों में बस्तर के जंगलों को आग में बदल दिया, इस आग ने हजारों जिंदगियां लीं, अनगिनत घर उजाड़े, और एक पूरे क्षेत्र को बदल कर रख दिया. लेकिन बस्तर ओलम्पिक 2024 के मंच से देश के गृहमंत्री अमित शाह ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने इस कहानी को एक तय समयसीमा दे दी, उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा, यह पहली बार था जब इस लंबे संघर्ष के अंत की एक तारीख सामने आई, एक ऐसा वादा, जो सिर्फ शब्द नहीं बल्कि दशकों से चली आ रही इस लड़ाई का निष्कर्ष माना जा रहा है. अब जब 31 मार्च 2026 की तारीख जब करीब है, तो माहौल बदल चुका है. वो घोषणा सच्चाई में बदलती नजर आ रही है. इन 2 वर्षों में कुल 3000 नक्सली मुख्यधारा में जुड़ जाते हैं, 2000 नक्सली गिरफ्तार कर लिए जाते हैं, अभियान इतना तेज होता है कि 500 से अधिक नक्सली ढेर कर दिए जाते हैं, जिसमें नक्सलियों का महासचिव भी शामिल रहता है. कुल मिलाकर 5000 से अधिक नक्सली कम हो गए, हालांकि, नक्सल के इतिहास में 1987 से 2026 तक 1416 जवान शहीद हुए है. जबकि 1277 आईडी ब्लास्ट हुए, जिसमें 443 जवान शहीद और 915 जवान घायल हुए हैं. इसके अलावा 4580 आईडी बरामद की गई है. छत्तीसगढ़ सरकार के आंकड़ों के अनुसार, आज बस्तर संभाग के पांच जिलों में से दंंतेवाड़ा में अब महज एक नक्सली सक्रिय है, वहीं नारायणपुर में दो, सुकमा में 5, बीजापुर में 11 और कांकेर में गिनती के 19 नक्सली सक्रिय है. हालांकि, तय संकल्प में सशस्त्र नक्सलवाद का खत्मा तो हो गया है, लेकिन अभी भी सबसे बड़ा चुनौती जवानों के लिए जंगलों में बिछी बारूद है. समय के साथ यह भी खोजकर निकाल लिए जाएंगे, और नष्ट कर दिए जाएंगे. गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि अब हम बस्तर के प्रत्येक गांव को ODF की तरह IED फ्री गांव बनाएंगे. अब बस्तर की आग बुझ गई, और बस्तर के जंगल, जो कभी डर का दूसरा नाम थे, एक बार फिर अपनी असली पहचान, अपनी शांति, और अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाएंगे. अब बस्तर अपनी खूबसूरती के लिए पहचाने जाएगा. संसद में 30 मार्च को होगी चर्चा नक्सलमुक्त भारत के लिए निर्धारित मार्च 2026 की समय सीमा से पहले लोकसभा में नक्सलवाद उन्मूलन पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी. लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों पर चर्चा के लिए 30 मार्च का समय आवंटित किया गया है. चर्चा की शुरुआत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे.

CM ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को निर्देश

पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को दिए निर्देश पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता—अफवाहों से दूर रहने की अपील आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी करवाई के निर्देश आमजनों की सुविधा के लिए बनाया गया है राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम:1800-233-3663 पर कॉल कर ले सकते है सही जानकारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोविड जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है तथा उच्च स्तरीय समिति द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और कलेक्टर नियमित समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण एवं आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है। उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों अथवा कालाबाजारी की सूचना  1800-233-3663 पर दे सकते हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन को सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति से संबंधित समाचारों पर सतत निगरानी रखी जाए। भ्रामक खबरों से भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः ऐसी खबरों का तत्काल संज्ञान लेकर वास्तविक जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी रखने और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को समय पर मिलेगा खाद वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई। महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। राज्यभर में सतत कार्रवाई—3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थलों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की कोई पुष्टि नहीं हुई। हालांकि जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया तथा 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री साय ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही निर्देश दिए गए कि पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को उपलब्ध न कराया जाए। केवल अधिकृत मोबाइल टावर एवं जेनसेट संचालित आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही कंटेनर में ईंधन उपलब्ध कराया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्त, आईजी एवं जिला कलेक्टर भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल, डीजल एवं गैस डिवीजन के अधिकारी उपस्थित थे।

CM का बयान: पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक, स्टोर न करें

अमृतसर  फगवाड़ा में आम जनता को लगभग सभी पैट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की भांति ही पैट्रोल और डीजल मिल रहा है।  आज जब शहर के प्रमुख पैट्रोल पंपों का दौरा किया गया तो सभी पंपों पर लोगों को सरलता के साथ पैट्रोल और डीजल वाहनों में भरवाते हुए पाया। लोगों ने भी पैट्रोल पंपों पर मिल रहे तेल पर संतोष जताया हैं। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि पैट्रोल पंपों पर जारी हालात के मध्य वाहनों की लंबी कतारें जरूर लग रही हैं लेकिन यह तो अनेक मौकों पर पहले भी लगती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है।  लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन पैट्रोल और डीजल को लेकर कई तरह की चर्चाओं का दौर सरगर्म रहने और भांति प्रकार की उठ रही अफवाहों के कारण हालात को कुछ का कुछ बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी सजग और सर्तक रहे और सच्चाई पर पहरा देते हुए अफवाहों से बचें। जनता ने जिला कपूरथला पुलिस और प्रशासन से भी पुरजोर मांग की हैं कि वह सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों संबंधी बारीकी से फैक्ट चैक करें जिससे सही और सटीक सूचना आम लोगों तक पहुंच सके।  पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं। मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा। हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए। वहीं ताजा हालात की बात करें तो अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी मची हुई है। कल जालंधर और लुधियाना के 2 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए थे। आज, शनिवार को अमृतसर में भी रानी के बाग वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद पंप मालिकों ने वहां नोटिस लगा दिया। वहीं जालंधर में कल बंद हुआ BMC चौक के पास वाले पंप में तेल आने के बाद इसो फिर खोल दिया गया है। लुधियाना में भारत नगर चौक वाला पंप अभी भी बंद है। इसी बीच मोगा में फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को एडवाइजरी जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगाने को कहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि इससे स्टोरेज और ब्लैकमार्केटिंग पर रोक लगेगी। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने साफ किया कि यह गलत है। डीजल का उपयोग मोटर, पंपों, जनरेटरों, आदि में होता है। इन्हें पेट्रोल पंप पर लाना संभव नहीं है। इससे लोगों में पैनिक बढ़ेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। लुधियाना में भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में कल बंद कर दिया गया। लुधियाना में अब सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वहीं लुधियाना के आजाद पंप के मैनेजर अजय ने बताया कि अभी लोगों को तेल की दिक्कत नहीं है लेकिन हमें पहले जो 2 गाड़ियां क्रेडिट पर यानी उधार मिलती थीं, वह सरकार की तरफ से बंद कर दी गई हैं। अब हमें एडवांस पेमेंट देनी पड़ती है, तभी गाड़ी वहां से चलती है। मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।

मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पूरी दुनिया चिंतित, अफवाहों से बचने की सलाह दी PM मोदी ने

 नोएडा लंबे समय से जिस पल का इंतजार था अब वो घड़ी आ गई है. आज जेवर ने नया इतिहास रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. हालांकि, अभी यहां केवल दिन में ही फ्लाइट्स का संचालन होगा और बाद में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से घरेलू सहित इंटरनेशनल उड़ानें शुरू की जाएंगी. फ्लाइट्स का संचालन पूरी तरह से शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाएगा है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन किया है. यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगा।  सुबह करीब 11:30 बजे पीएम मोदी एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया. करीब 12:20 बजे उद्घाटन हुआ, उसके बाद जनसभा को संबोधित किया. इस चरण में एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल कर सकेगा. भविष्य में इसे और बड़ा बनाया जाएगा।  100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से हवाई एयरपोर्ट की संख्या 17 कर दी है. भाजपा सरकार का निरंतर प्रयास रही है कि एयरपोर्ट भी रहे और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे. इस कारण उड़ान योजना शुरू की. इसकी वजह से 1.60 करोड़ लोगों ने सस्ती दरों पर यात्रा की. हाल ही में उड़ान योजना को और विस्तार दिया गया है. इसके लिए 29000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इससे छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना है. यूपी को इससे बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण चिंतित है. कई देशों में खाने-पीने की चीजों, पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे आम परिवारों और किसानों पर इस संकट का असर कम से कम पड़े. उन्होंने कहा कि देशवासी मिलकर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं. लोगों को अफवाहों से बस दूर रहना है।  प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र अब देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इन कॉरिडोर्स से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी बंगाल और गुजरात के समुद्री तटों से बेहतर हुई है. दादरी वह स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर आपस में मिलते हैं।  उन्होंने कहा कि इससे किसानों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा. यहां उगाए गए कृषि उत्पाद और यहां बने औद्योगिक सामान अब जमीन, रेल और हवाई मार्ग से तेजी से दुनिया के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है।  नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने विकास की रफ्तार को थमने नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के कुछ हफ्तों में ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है।  उन्होंने कहा कि नोएडा में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया. उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री देश को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेट्रो और नमो भारत ट्रेन बेहतर कनेक्टिविटी दे रही हैं, और जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का काम करेगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट भविष्य में इतना बड़ा बनेगा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा, जो इसकी क्षमता और महत्व को दिखाता है।  प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने नोएडा को “लूट का एटीएम” बना दिया था, लेकिन आज वही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन बन रहा है।  उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्य संस्कृति का उदाहरण है. उन्होंने याद दिलाया कि इस एयरपोर्ट को 2003 में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में दबा रहा. केंद्र और राज्य की पुरानी सरकारों ने इस पर काम आगे नहीं बढ़ाया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद जब केंद्र में उनकी सरकार आई और बाद में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनी, तब इस प्रोजेक्ट को गति मिली. उन्होंने कहा कि अब यह एयरपोर्ट बनकर तैयार है और शुरू हो चुका है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी गणमान्य अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का उल्लेख किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों, खासकर युवाओं के उत्साह की सराहना की।  उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि यह एयरपोर्ट न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि नए भारत के भविष्य की उड़ान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का भी अवसर मिला था और आज उद्घाटन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों – जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा और बुलंदशहर – के लिए बड़े आर्थिक और विकास के अवसर लेकर आएगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा. यहां से न केवल विमान उड़ेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा।   योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के कारण प्रदेश ने तेजी से विकास की गति पकड़ी … Read more

DMK तमिलनाडु में 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, स्टालिन इस सीट से करेंगे चुनावी संघर्ष

चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके ने सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। सत्ता में बैठी डीएमके 234 में से 164 सीटों पर लड़ेगी, जबकि सहयोगियों के लिए 70 सीटें छोड़ी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कोलाथुर से चुनाव लड़ेंगे। तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में दूसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस को इस चुनाव में 28 सीटें मिली है। तीसरे नंबर पर डीएमडीके है, जो कि 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चौथे नंबर पर वीसीके है, जो 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा सीपीएम और सीपीआई भी पांच-पांच सीटों को हासिल करने में कामयाब रहीं। गठबंधन में शामिल बाकी अन्य पार्टियां भी अपने प्रभुत्व अनुसार चुनाव लड़ेंगी। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डीएमके के खाते में आई 164 सीटों पर उम्मीदवारों का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से चुनाव में हिस्सा लेंगे, वहीं उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयानिधि स्टालिन चेपॉक तिरुवल्लिकेनी से ही चुनावी मैदान में होंगे। इसके अलावा राज्य की कई हाई प्रोफाइल सीटों पर भी उम्मीवारों की घोषणा की गई। इसमें कोयंबटूर दक्षिण से राज्य सरकार में मंत्री सेंथिल बालाजी चुनाव लड़ेंगे। पिछली विधानसभा में वह करूर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। आपको बता दें, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का मुकाबला इस बार दिलचस्प हो गया है। आम तौर पर यहां डीएमके और एआईडीएमके के बीच में ही मुकाबला होता है। इनमें डीएमके के साथ कांग्रेस खड़ी नजर आती है, तो वहीं एआईडीएमके के साथ भाजपा मैदान में होती है। लेकिन इस बार फिल्म अभिनेता से नेता बने विजय भी मैदान में हैं। इससे दोनों ही गठबंधनों की चिंता बढ़ गई है। सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रहे स्टालिन एक बार फिर से कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव जीतने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ, भाजपा के साथ लोकसभा चुनाव की खट्टी-मीठी यादों को भुलाकर एआईडीएमके राज्य में अपनी खोई हुई सत्ता को दोबारा हासिल करने की कोशिश में है।

पंजाब में 100 नए मोहल्ला क्लिनिक, केजरीवाल और सीएम मान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में की उपलब्धियों की घोषणा

फतेहगढ़ साहिब  फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद की नई अनाज मंडी में शनिवार को राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की। इस दौरान राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आज से 100 नए मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे पवित्र दिन बताते हुए कहा कि इन क्लिनिकों के जरिए लोगों को उनके घर के पास ही मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री की बेटी नियामत कौर के जन्मदिन का जिक्र करते हुए जनता से आशीर्वाद देने की अपील भी की। चार सालों मूें 881 मोहल्ला क्लिनिक खोले गए केजरीवाल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में 881 मोहल्ला क्लिनिक बनाए जा चुके हैं। अब 109 और क्लिनिक शुरू होने से इनकी संख्या 990 हो जाएगी। आने वाले समय में 400 और क्लिनिक खोलने की योजना है, जिससे यह संख्या करीब 1500 तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इन क्लिनिकों में दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाती और इनकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाती है। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश में उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला और सच हमेशा जीतता है। आम लोगों के मुद्दे पर काम कर रही सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार आम लोगों के मुद्दों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सभाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों के हकों की बात होती है, जबकि विरोधी दल केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लगे रहते हैं। मान ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल व्यक्तिगत हितों की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सरकार की योजनाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।  

लुधियाना में ट्रक से 3100 किलो चूरा पोस्त बरामद, 3 लग्जरी गाड़ियां जब्त, आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना जिले में 27 मार्च को नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली। थाना जमालपुर की पुलिस टीम ने एक ट्रक से 3100 किलोग्राम चूरा पोस्त (भुक्की) बरामद किया। यह कार्रवाई जमालपुर चौक और थाना लाडोवाल क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर की गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ट्रक के साथ तीन अन्य लग्जरी वाहनों को भी जब्त कर लिया है और अज्ञात तस्करों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कैसे मिली पुलिस को सूचना पुलिस के अनुसार एसआई दलवीर सिंह अपनी टीम के साथ जमालपुर चौक पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने उन्हें ट्रक में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ होने की सूचना दी। मुखबिर ने ट्रक का नंबर HR64A-5376 बताया और कहा कि उसमें चूरा पोस्त लोड है। उसने यह भी बताया कि तस्करों ने सप्लाई के बाद ट्रक को लाडोवाल क्षेत्र में खड़ा किया हुआ है। ऐसे बिछाया गया जाल जानकारी के अनुसार 27 मार्च को एसआई (SI) दलवीर सिंह पुलिस पार्टी गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में जमालपुर चौक पर मौजूद थी। इसी दौरान एक खास मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि एक ट्रक जिसका नंबर HR64A-5376 है और जिस पर गिल कैच लिखा हुआ है उसमें भारी मात्रा में चूरा पोस्त लोड किया गया है। मुखबिर ने बताया कि तस्करों ने जमालपुर इलाके में सप्लाई देने के बाद ट्रक को थाना लाडोवाल के अंतर्गत आने वाले एक सुनसान इलाके में खड़ा किया हुआ है। छापेमारी और बरामदगी: ट्रक के साथ लग्जरी गाड़ियां भी जब्त पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए ठिकाने पर रेड की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भागने में सफल रहे। जब पुलिस ने वहां खड़े सफेद रंग के ट्रक की तलाशी ली ट्रक के अंदर बोरियों में भर-भरकर चूरा पोस्त रखा गया था। इतना ही नहीं पुलिस ने मौके से तीन और गाड़ियां भी बरामद की हैं जिनका इस्तेमाल नशे की छोटी खेप को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने के लिए किया जाना था। जब्त किए गए वाहनों में महिंद्रा बोलेरो: नंबर PB10CC-3767 इसुजु (ISUZU): नंबर PB11CF-1759 महिंद्रा स्कॉर्पियो: नंबर PB13BS-2020 है NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने ट्रक और तीनों लग्जरी गाड़ियों सहित कुल 31 किलो चूरा पोस्त को कब्जे में लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 15-61-85 NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि मुख्य तस्करों तक पहुंचा जा सके। बड़ा नेटवर्क होने की आशंका इतनी बड़ी मात्रा में नशे की बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा अंतर्राज्यीय गिरोह काम कर रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह नशा कहां से लाया गया था और लुधियाना के किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सुनसान इलाके में बिछाया गया जाल सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंची। यह इलाका काफी सुनसान था, जहां ट्रक खड़ा मिला। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस को मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला, लेकिन ट्रक वहीं खड़ा मिला। ट्रक से भारी मात्रा में नशा बरामद जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें बोरियों में भरा हुआ चूरा पोस्त मिला। जांच के दौरान कुल 3100 किलो नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी ने पुलिस को भी चौंका दिया और इसे हाल के समय की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त पुलिस ने ट्रक के अलावा मौके से तीन अन्य वाहनों को भी कब्जे में लिया। इनमें महिंद्रा बोलेरो (PB10CC-3767), इसुजु (PB11CF-1759) और महिंद्रा स्कॉर्पियो (PB13BS-2020) शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल छोटी-छोटी खेप को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने के लिए किया जाना था। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ और वाहनों को जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 15, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही वाहन मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि मुख्य तस्करों तक पहुंचा जा सके। बड़े नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में नशे की बरामदगी किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह की ओर इशारा करती है। जांच की जा रही है कि यह चूरा पोस्त कहां से आया और लुधियाना के किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

राजगीर दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 31 मार्च को नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

राजगीर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मार्च को बिहार में राजगीर के दौरे पर आएंगी, जहां वह नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। यह अवसर नालंदा विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि नव-निर्मित स्थायी परिसर में आयोजित होने वाला यह पहला दीक्षांत समारोह होगा। इस परिसर का उद्घाटन जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। पुनरुद्धार के बाद यह विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह है; पहला समारोह वर्ष 2016 में आयोजित हुआ था। विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक राष्ट्रपति इस अवसर पर दीक्षांत भाषण देंगी, विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगी तथा मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित भी करेंगी। इसके साथ ही वह विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2,000 सीटों वाले सभागार "विश्वमित्रालय" का उद्घाटन भी करेंगी। कुल 10 PHD उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक किए जाएंगे प्रदान दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के सभी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये विद्यार्थी अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, सर्बिया, घाना, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे सहित विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह में कुल 10 पीएचडी उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाते हैं। इस अवसर पर "मंजिरी" नामक एक विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय के मौजूदा छात्रों द्वारा तैयार की गई है। कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल इसमें प्रथम बैच से लेकर अब तक के पूर्व छात्रों की यात्राओं, अनुभवों और उपलब्धियों को संकलित किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिन के उत्तरार्ध में दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22वें आसियान–भारत शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। करीब नौ वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इस दीक्षांत समारोह में देश-विदेश से आए छात्र, उनके परिजन और कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। प्रमुख अतिथियों में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन शामिल रहेंगे।