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अमित शाह ने नीतीश के RS नामांकन की सराहना की, नॉमिनेशन के बाद CM हाउस में मुलाकात

पटना  नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामांकन दाखिल कर दिया है. सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि पिछले दो दशक से ज्यादा समय से राज्यसभा जाना चाह रहा हूं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जो नई सरकार बनेगी, उसे पूरा मार्गदर्शन रहेगा. इन सबके बीच पटना में भारी बवाल की स्थिति बन गई है. मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में जेडीयू के कार्यकर्ता जमा हो गए हैं. जेडीयू कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना अपनी पार्टी के नेताओं को भी करना पड़ रहा है. जेडीयू एमएलसी संजय गांधी को वहां से भागना पड़ा. वहीं, बीजेपी कोटे से मंत्री सुरेंद्र मेहता की गाड़ी जेडीयू समर्थकों ने रोक दी. नीतीश की अमित शाह ने दिल खोलकर की तारीफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. ऐसे में उन्होंने पटना पहुंचकर नामांकन भरा. इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. नीतीश कुमार के सियासी सफर पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा, "नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में बिहार को जंगल राज से मुक्त करने का काम किया. बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा. इनके दामन पर कोई दाग नहीं है. नॉमिनेशन के बाद CM हाउस पहुंचे नीतीश, शाह ने की मीटिंग नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन कर दिया है. नॉमिनेशन के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए हैं. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह स्टेट गेस्ट हाउस में बीजेपी और जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ की मीटिंग . तेजस्वी बोले- सबको पता था, बीजेपी यही करेगी तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा कि पहले से ही कह रहा था कि उनको बीजेपी ने हाईजैक कर लिया है. उनके साथ जो हो रहा है, सबको पता था कि यही होगा. हम लोग अगर वहां होते, तो उनको ये दिन नहीं देखना पड़ता. उनके साथ सहानुभूति है. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता ने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए कहा कि चुनाव में नारा दिया 25 से 30, फिर से नीतीश और अभी देखिए. पटना के जेडीयू दफ्तर में तोड़फोड़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की बात पर जेडीयू समर्थक भड़क उठे. भड़के जेडीयू समर्थकों ने पटना के जेडीयू दफ्तर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. 'मैं राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं…', नीतीश ने किया ऐलान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सक्रिय राजनीति में अपने अगले कदम का खुलासा कर दिया है. उन्होंने राज्यसभा सदस्य बनने की ख्वाहिश जताते हुए साफ कर दिया है कि वे अब दिल्ली की राह पकड़ेंगे और बिहार की नई सरकार को अपना मार्गदर्शन देंगे.

मध्यप्रदेश में गिद्धों का बढ़ता आंकड़ा, पन्ना और वन विहार में अलग-अलग प्रजातियां; सिर्फ एक दशक में दोगुना

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार गिद्धों की संख्या 14 हजार के पार पहुंच गई है। वन विभाग द्वारा तीन दिन तक किए गए सर्वे में यह आंकड़े सामने आए हैं। अंतिम रिपोर्ट जारी होने के बाद संख्या में और बढ़ोतरी संभव है। पिछली गणना में प्रदेश में 12,981 गिद्ध दर्ज किए गए थे। पन्ना क्षेत्र में लाल सिर वाले गिद्ध और भोपाल स्थित वन विहार नेशनल पार्क में सफेद पीठ वाले गिद्ध पाए गए हैं। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में गिद्धों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। मध्य प्रदेश पहले से ‘चीता, टाइगर और तेंदुआ स्टेट’ के रूप में पहचाना जाता है। अब गिद्धों की बढ़ती संख्या ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धि को और मजबूत किया है। 20 से 22 फरवरी के बीच हुए सर्वे में करीब 7 प्रजातियों की पहचान हुई है। इनमें भारतीय गिद्ध, सिनेरियस गिद्ध, मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजर) और हिमालयन ग्रिफॉन प्रमुख हैं। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले के हलाली डैम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्धों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा था। इन पक्षियों पर अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं, जिससे वन विभाग उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। 2016 से लगातार बढ़ रहे आंकड़े प्रदेश में गिद्धों की गणना वर्ष 2016 से शुरू हुई थी। तब 7,028 गिद्ध दर्ज किए गए थे। इसके बाद संख्या लगातार बढ़ती रही—     2019: 8,397     2021: 9,446     2024: 10,845     2025: 12,981 अब 2026 में यह आंकड़ा 14 हजार से अधिक पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 4 स्थानीय और 3 प्रवासी हैं। शीत ऋतु के अंतिम चरण में गणना करना सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इस समय स्थानीय और प्रवासी दोनों प्रजातियां एक साथ मिल जाती हैं। इंदौर और भोपाल में भी इजाफा इंदौर वन मंडल में पिछली बार 86 गिद्ध गिने गए थे, जो इस बार बढ़कर 156 हो गए हैं। वहीं, Van Vihar National Park के गिद्ध संरक्षण केंद्र में सफेद पीठ वाले गिद्धों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। कभी विलुप्ति की कगार पर थे विशेषज्ञों के अनुसार, गिद्ध स्वभाव से संवेदनशील और कम प्रजनन दर वाले पक्षी होते हैं। एक समय प्रदेश समेत देशभर में इनकी संख्या तेजी से घट रही थी और ये विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए थे। लेकिन संरक्षण प्रयासों के चलते अब स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रदेश में ऐसे बढ़ी गिद्धों की संख्या जानकारी के अनुसार, प्रदेश में गिद्धों की गणना की शुरुआत वर्ष 2016 से की गई थी। प्रदेश में गिद्धों की कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें से 4 प्रजातियां स्थानीय एवं 3 प्रजाति प्रवासी हैं। गिद्धों की गणना करने के लिए शीत ऋतु का अंतिम समय सही रहता है। इस दौरान स्थानीय एवं प्रवासी गिद्धों की गणना आसानी से हो जाती है। वर्ष 2019 की गणना में गिद्धों की संख्या 8 हजार 397, वर्ष 2021 में 9 हजार 446, वर्ष 2024 में 10 हजार 845 और 2025 में 12 हजार 981 हो गई थी। इस बार हुई गणना में यह संख्या 14 हजार से ज्यादा पहुंच सकती है। इंदौर में भी बढ़ी संख्या इंदौर वन मंडल में पिछली बार 86 गिद्ध मिले थे, जो इस बार 156 काउंट किए गए हैं। वन विहार के गिद्ध संरक्षण केंद्र में सफेद पीठ वाले गिद्धों की संख्या में इजाफा हुआ है। कभी विलुप्त होने की कगार पर थे गिद्ध एक्सपर्ट के मुताबिक, गिद्ध जल्दी अपना साथी या मैटिंग पेयर नहीं बनाते हैं। यह पक्षी असल में नर्वस किस्म का जीव है। इस मामले में शर्मिला कहा जा सकता है। गिद्ध कभी विलुप्त होने की कगार पर थे। मप्र सहित देशभर में 'धरती के सफाई दूत' की संख्या बुरी तरह घटती जा रही थी, लेकिन अब प्रदेश में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। वन विहार में 3 साल पहले हरियाणा से लाए गए थे गिद्ध भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में करीब तीन साल पहले हरियाणा से सफेद पीठ वाले 20 गिद्ध लाए गए थे। 1100 किलोमीटर की यात्रा करके यह भोपाल पहुंचे थे। वर्तमान में यह गिद्ध संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र की एवरी में है। 20 व्हाइट रम वल्चर (सफेद पीठ वाले गिद्ध) में 5 नर और 5 मादा, 10 सब एडल्ट गिद्ध थे। अंडे से जीवित निकलने का सक्सेस रेट 50% गिद्ध साल में एक ही बार अंडे देते हैं। साइज में यह मुर्गी के अंडे से तीन गुना बड़े होते हैं। मई-जून से अक्टूबर के दौरान मैटिंग सीजन और अंडे देने का समय होता है। अंडे से बच्चे जीवित निकलने का सक्सेस रेट 50% माना जाता है। यही वजह है कि आधे अंडे विकसित नहीं होते हैं। अंडे से 55 दिन में बच्चा निकलता है। चार महीने बच्चा घोंसले में रहता है। फिर वह उड़ने के लिए तैयार हो जाता है। संरक्षण प्रयासों का असर भोपाल के केरवा डैम में 2014 में गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना के साथ संरक्षण अभियान शुरू हुआ। मार्च 2017 में यहां सफेद पीठ वाले गिद्ध का पहला सफल प्रजनन दर्ज किया गया। इसके अलावा पन्ना, रायसेन (हलाली डैम), शिवपुरी और गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी विशेष संरक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वन विभाग गिद्धों को प्राकृतिक आवास में छोड़ने से पहले उन पर जीपीएस ट्रैकर लगाता है, ताकि उनकी सुरक्षा और गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जा सके। प्रदेश में गिद्धों की बढ़ती संख्या वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 2014 में शुरू हुए थे संरक्षण के प्रयास भोपाल के केरवा डैम में गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना के साथ वर्ष 2014 में गिद्धों के संरक्षण के प्रयास शुरू हुए थे। मार्च 2017 में यहां पहले सफल प्रजनन के रूप में सफेद पीठ वाले गिद्ध का चूजा पैदा हुआ था। यहां सफेद पीठ वाले (Oriental White-backed) और लंबी चोंच वाले (Long-billed) गिद्धों का प्रजनन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गिद्धों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के लिए पन्ना (पवई), रायसेन (हलाली डैम), शिवपुरी और गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। 2016 में पहली बार हुई थी गणना मध्य … Read more

दुनिया में बढ़ा तनाव! ईरान जंग के बीच अमेरिका का Doomsday मिसाइल परीक्षण, धमकी के बाद स्पेन आया लाइन पर

न्यूयॉर्क/ तेहरान मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच मंगलवार रात अमेरिका ने कैलिफोर्निया तट पर एक डूम्सडे बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे 'मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल' लॉन्च की गई, जो हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।  यूएस स्पेस फोर्स के मुताबिक, जीटी 254 के रूप में जाना जाने वाला निहत्था रॉकेट, पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर में मार्शल द्वीप के पास अपने टार्गेट पर जाकर गिरा. फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के मुताबिक, मिसाइल को 'प्रभावशीलता, तत्परता और सटीकता को सत्यापित करने' के लिए दागा गया था।  576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी व्रे ने एक प्रेस रिलीज में कहा, "इससे हमें मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग घटकों के प्रदर्शन का आकलन करने की अनुमति मिली।  जंग की ज़द में पूरा मिडिल ईस्ट पिछले दिनों अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसमें देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तेहरान में मौत हो गई. इसके बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में आ गया है।   खामेनेई की मौत के बाद ईरान की तरफ से लगातार इजरायल और मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी हैं. उधर हिज्बुल्लाह के एक्टिव होने के बाद इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत में हमलों की झड़ी लगा दी है।  राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में ईरान पर हमले तेज करने की कसम खाई और चेतावनी देते हुए कहा कि बड़ा हमला होने वाला है.  धमकी और स्पेन आ गया लाइन पर! मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है. इस बार मामला केवल ईरान, इज़राइल और अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप का प्रमुख देश स्पेन भी इसमें खिंच आया. महज दो दिनों के भीतर स्पेन की सरकार के बयान और रुख में जो बदलाव दिखाई दिया, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आर्थिक दबाव की ताकत को फिर से सामने ला दिया।  पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की. उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध दुनिया के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सांचेज़ के अनुसार, इस तरह की लड़ाई लाखों लोगों की ज़िंदगी को खतरे में डाल सकती है. उन्होंने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा कि स्पेन ऐसी किसी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा जो दुनिया के लिए नुकसानदेह हो और उसके अपने मूल्यों के खिलाफ जाती हो. उनका कहना था कि केवल किसी देश के दबाव या डर से स्पेन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा. लेकिन स्पेन का यह रुख ज्यादा देर तक बिना प्रतिक्रिया के नहीं रहा।  ट्रंप की कड़ी चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत सख्त प्रतिक्रिया दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्पेन अपने यहां मौजूद संयुक्त सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए अमेरिका को नहीं करने देता, तो अमेरिका स्पेन के साथ व्यापारिक संबंध खत्म कर सकता है. ट्रंप के इस बयान को यूरोप में गंभीरता से लिया गया. वजह यह है कि ट्रंप पहले भी कई बार टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों की धमकी देकर दूसरे देशों पर दबाव बनाते रहे हैं. स्पेन ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए अपने ठिकानों का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था. यही फैसला ट्रंप को नागवार गुजरा।  सैन्य अड्डों पर शुरू हुआ विवाद स्पेन के दक्षिण में दो अहम सैन्य अड्डे हैं रोता नौसैनिक अड्डा और मोरॉन वायुसेना अड्डा.इनका इस्तेमाल अमेरिका और स्पेन दोनों करते हैं, लेकिन इन पर नियंत्रण स्पेन का ही है. ट्रंप ने इन अड्डों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अमेरिका चाहे तो उनका इस्तेमाल कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि हम वहां जाकर उनका उपयोग कर सकते हैं, कोई हमें रोक नहीं सकता।  स्पेन का साफ संदेश: युद्ध नहीं ट्रंप की धमकी के बावजूद सांचेज़ ने शुरुआत में अपना रुख बरकरार रखा. उन्होंने कहा कि स्पेन की नीति बहुत स्पष्ट है युद्ध नहीं.उनका कहना था कि अगर ईरान पर हमले बढ़ते हैं तो मध्य पूर्व एक बार फिर लंबे और महंगे युद्ध में फंस सकता है, जैसा पहले इराक और अफगानिस्तान में हुआ था.इन युद्धों ने कई सालों तक क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित किया था और भारी मानवीय व आर्थिक नुकसान हुआ था।  यूरोपीय संघ के नियमों के मुताबिक व्यापार से जुड़े फैसले सामूहिक रूप से किए जाते हैं. इसलिए अगर अमेरिका स्पेन पर व्यापारिक कार्रवाई करता है तो उसका असर पूरे यूरोप पर पड़ सकता है. यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता ओलोफ गिल ने कहा कि यूरोपीय संघ अपने सदस्य देशों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर अपने आर्थिक हितों की रक्षा करेगा।  ऐसे होता है दोनों के बीच व्यापार  आंकड़ों के अनुसार अमेरिका और स्पेन के बीच व्यापार काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन इतना बड़ा भी नहीं कि तुरंत आर्थिक संकट पैदा हो जाए. स्पेन के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ स्पेन के मुताबिक अमेरिका के साथ स्पेन का कुल व्यापार उसके सकल घरेलू उत्पाद का करीब 4.4 प्रतिशत है.स्पेन से अमेरिका को होने वाला निर्यात करीब 16 अरब यूरो का है.इस हिसाब से अमेरिका स्पेन का छठा सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. फिर भी विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका की चेतावनी का असर केवल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक भी होता है।  ट्रंप के बयान के बाद स्पेन के उद्योग और व्यापार जगत में चिंता बढ़ गई. वहां के प्रमुख कारोबारी संगठन सीईओई, सीईपीवाईएमई और एटीए ने कहा कि अमेरिका स्पेन का एक अहम आर्थिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को प्रभावित नहीं होना चाहिए. व्यापारिक संगठनों ने उम्मीद जताई कि दोनों देश बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझा लेंगे।  सरकार की तरफ से संयम बरतने का संदेश स्पेन के मंत्री कार्लोस कुएर्पो ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियों के अलावा अमेरिका की तरफ से कोई नया कदम नहीं उठाया गया है. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय शांत रहने की अपील की।  स्पेन और ट्रंप प्रशासन के बीच यह पहला विवाद नहीं है. पिछले साल स्पेन ने नाटो के उस प्रस्ताव … Read more

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

जन समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता अक्षम्य: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान: सीएम योगी गोरखपुर,  गोरखपुर में जनता के साथ बुधवार दिनभर होली की खुशियां साझा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही अक्षम्य होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठे लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चलकर पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की और सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।  सीएम ने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले और कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी, तापमान सामान्य से 3°C ऊपर; इंदौर-उज्जैन संभाग में रिकॉर्ड हाई, होली पर भोपाल और ग्वालियर-जबलपुर भी गर्म

भोपाल  मार्च का पहला सप्ताह खत्म होते-होते ही मध्यप्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। होली के मौके पर अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे मौसम में गर्मी का अहसास तेज हो गया है। सबसे ज्यादा असर इंदौर और उज्जैन संभाग में देखने को मिला। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी होली के दिन तेज धूप ने लोगों को झुलसाया। प्रदेशभर में आसमान साफ रहा और बारिश या बादलों की कोई स्थिति नहीं बनी, जिससे तापमान तेजी से ऊपर चढ़ा।  मौसम विभाग के अनुसार इंदौर और उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर भी गर्म रहे। अगले चार दिनों में और बढ़ेगा तापमान भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा। दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। 6 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है और बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। होली पर तेज धूप से बढ़ी गर्मी होली के दिन पूरे प्रदेश में तेज धूप रही और कहीं भी बारिश या बादल नहीं दिखाई दिए। इस कारण गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। धार, रतलाम और सागर में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुना, दमोह, खंडवा, टीकमगढ़, खजुराहो, खरगोन, श्योपुर और मंडला में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। रात का तापमान भी बढ़ा प्रदेश में दिन के साथ रातें भी गर्म हो गई हैं। मंगलवार-बुधवार की रात बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे अधिक न्यूनतम तापमान धार में 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अप्रैल-मई में चल सकती है लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च में लू चलने की संभावना कम है, लेकिन अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। इन महीनों में करीब 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। मार्च में तीनों मौसम का असर पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में मार्च के दौरान दिन गर्म और रातें ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। अनुमान है कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक पहुंच सकता है, जबकि रात का तापमान 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। फरवरी में चार बार बदला मौसम इस साल फरवरी में प्रदेश में चार बार मौसम बदला। महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर चला, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश हुई और 19, 20 और 21 फरवरी को भी इसका असर रहा। वहीं 23 और 24 फरवरी को चौथी बार ओले और बारिश दर्ज की गई।

इंदौर के जंगलों में बाघ लौटे, बन रहा है एक नया वाइल्डलाइफ कॉरिडोर

 इंदौर  वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के मौके पर इंदौर वनमंडल से एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। यहां के जंगल इन दिनों बाघों और तेंदुओं के लिए तेजी से अनुकूल बनते जा रहे हैं। घने वन, पर्याप्त जल स्रोत और शिकार की उपलब्धता ने चोरल-महू-मानपुर क्षेत्र को फिर से बड़े वन्यजीवों का ठिकाना बना दिया है। जनवरी से फरवरी के बीच चोरल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। कई स्थानों पर बाघ के पंजों के निशान और विष्ठा पाई गई है, जबकि तेंदुओं की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे दिसंबर में हुई बाघ गणना के दौरान भी इंदौर वनमंडल के नाहरझाबुआ-भड़किया, उमठ-वेका और मलेंडी-मांगलिया क्षेत्रों में बाघ की हलचल दर्ज की गई। वन अधिकारियों के अनुसार बाघ अब उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि खिवनी अभयारण्य से लेकर उदयनगर-बड़वाह तक का क्षेत्र एक संभावित वाइल्डलाइफ कारिडोर के रूप में उभर रहा है। देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण कॉरिडोर मानता है। हालांकि, विकास परियोजनाओं के कारण जंगलों का दायरा प्रभावित हुआ है। नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं इंदौर-खंडवा मार्ग, महू-सनावद रेल लाइन और अन्य परियोजनाओं से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बाधित हुआ, जिससे वे नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि 2022 से 2024 के बीच कई बार बाघ इन इलाकों में नजर आए हैं। चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए वन विभाग ने बाघ और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इनसे मिली तस्वीरों का अध्ययन देहरादून स्थित संस्थान में किया जा रहा है, ताकि बाघों की संख्या और मूवमेंट का सटीक आकलन हो सके। इसलिए बढ़ रही है गतिविधि विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र में सांभर, चीतल, हिरण और नीलगाय जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से बाघों को पर्याप्त शिकार मिल रहा है। वहीं जंगलों में बढ़ती मानव गतिविधियों और निर्माण कार्यों के कारण वन्यजीव नए सुरक्षित आवास की तलाश में हैं। मांचल और मोरोद जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक और अन्य प्रस्तावित गतिविधियों से भी वनक्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती विशेषज्ञ अभय जैन का कहना है कि यदि इस उभरते कारिडोर को संरक्षित किया जाए तो बाघों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन जरूरी है।     सूचना तंत्र मजबूत किया जा रहा है और गर्मियों में आग, अतिक्रमण व अवैध कटाई को रोकने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इंदौर-चोरल-महू क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी एक ओर जहां संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है, वहीं यह जिम्मेदारी भी बढ़ाती है कि इन जंगलों और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जाए।     -लाल सुधाकर सिंह, डीएफओ, इंदौर वनमंडल  

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर तय किए 5 संकल्प, समर्थकों से कहा—गिफ्ट मत लाना, करेंगे छात्रों को सम्मानित

भोपाल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पांच मार्च को यानी आज अपने जन्मदिन पर पांच बड़े संकल्प लेने जा रहे हैं। वे पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन को लेकर पंच पर प्रण लेंगे। उनका जन्मदिन उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा में प्रेम-सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा। शिवराज आज अपने जन्मदिन पर विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 67वां जन्मदिन है। शिवराज सिंह चौहान ने अपना जन्मदिन ‘प्रेम-सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही वह मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कोचिंग कक्षाओं और मोबाइल अस्पतालों की शुरुआत करेंगे। यह जानकारी उनके कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई। शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश में ‘मामा’ के नाम से जाना जाता है। उनके जन्मदिन पर शुरू की जाने वाली कोचिंग कक्षाओं तथा अस्पतालों के नाम में भी ‘मामा’ शब्द जोड़ा जाएगा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान पर्यावरण, सेवा, सहयोग, शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन से जुड़े पांच संकल्प भी लेंगे। उपहार नहीं लेंगे शिवराज सिंह चौहान पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे उनके जन्मदिन पर माला, गुलदस्ता, शॉल या कोई भी उपहार लेकर नहीं आएं। उन्होंने शुभचिंतकों से एक पौधा लगाने और उसकी तस्वीर क्यूआर कोड के माध्यम से एक पोर्टल पर अपलोड करने की अपील की है, जिससे वे शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। ईनाम देने की घोषणा शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता की स्मृति में ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्रों में 10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा में अव्वल स्थान पाने वाले छात्रों को क्रमश 51,000 रुपये, 31,000 रुपये और 21,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी। लोकसभा क्षेत्र स्तर पर शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान भी दिया जाएगा। मामा चलित अस्पताल का शुभारंभ करेंगे शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आठों विधानसभा क्षेत्रों में ‘मामा चलित अस्पताल’ की भी शुरुआत करेंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे, जो गांवों और बस्तियों में लोगों को फ्री इलाज और परामर्श देंगे। यह पहल सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि और जनसहयोग से संचालित की जाएगी। फ्री कोचिंग क्लासेस की शुरुआत विदिशा शहर, रायसेन और भैरुंदा में ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ भी शुरू की जाएंगी। इन केंद्रों पर बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और वन सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी फ्री कराई जाएगी। स्वागत में माला, गुलदस्ते और गिफ्ट नहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपने दोनों मंत्रालयों कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शाल, और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल पर उनका कहना है उपहार न दें, उपकार करें। पौधे लगाने वाले लोग एक क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा है कि, इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग, शाल या बुके न लाए। धरती माता को बचाने के इस पुण्य अभियान में मेरा साथ दें, आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन सुरक्षित करना ही मेरा सबसे बड़ा उपहार होगा। माता पिता की स्मृति में प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता-पिता की स्मृति में ''प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान'' शुरू करने का निर्णय लिया है। विदिशा लोकसभा की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को 51,000, 31,000 और 21,000 की सम्मान राशि दी जाएगी। लोकसभा स्तर पर प्रथम तीन स्थान पाने वालों को विशेष बड़े पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। मामा चलित अस्पताल विदिशा संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी आठों विधानसभाओं में मामा चलित अस्पताल शुरू किए जाएंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम होगी, जो गांव-गांव और मजरे-टोलों में जाकर निश्शुल्क इलाज और परामर्श देगी। मामा चलित अस्पताल का संचालन पूर्ण रूप से सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा। दिव्यांगों को गिफ्ट करेंगे मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक विशेष पहल तेज कर दी है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की जा रही है, ताकि उनकी दैनिक आवाजाही सुगम हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने कार्य कर सकें।  

कांग्रेस का बड़ा फैसला, राज्यसभा के लिए सिंघवी, रेड्डी, फूलो और बौद्ध सहित 6 उम्मीदवार घोषित

चेन्नई/नई दिल्ली देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के नामांकन का आज यानि गुरुवार को अंतिम दिन है. कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने तेलंगाना, तमिलनाडु, हरियाणा, हिमाचल और छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीट के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं. कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए 6 उम्मीदवार घोषित कए हैं। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी को तेलंगाना से दुबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. तेलंगाना से कांग्रेस ने सिंघवी के अलावा वेम नरेंद्र रेड्डी को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. सिंघवी को जहां गांधी परिवार का करीबी माना जाता है तो वेम रेड्डी तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डा के भरोसेमंद माने जाते हैं. पूर्व विधायक रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी हैं।   कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से आदिवासी समुदाय से आने वाली फूलो देवी को दोबारा से राज्यसभा भेजने का निर्णय किया है. इसके अलावा कांग्रेस ने हरियाणा से करमवीर बौद्ध को राज्यसभा का टिकट दिया है, जो दलित समाज से आते हैं. हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है तो तमिलनाडु से पार्टी ने एम क्रिस्टोफर तिलक को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है।  हरियाणा में कर्मवीर बौद्ध के नाम पर लगी मुहर कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों में सबसे चौंकाने वाला नाम है कर्मवीर सिंह बौद्ध का है, जिन्हें हरियाणा से राज्यसभा भेजा जा रहा है. दलित समाज से आने वाले कर्मवीर लो प्रोफाइल नेता हैं. अंबाला के रहने वाले कर्मवीर 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुलाना से टिकट के दावेदार रहे हैं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया. अब कांग्रेस ने उन्हें संसद के उच्च सदन भेजने का फैसला किया है।  कर्मवीर बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब 5 साल पहले सुपरिंटेंडेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. इनकी पत्नी लेबर डिपार्टमेंट में असिस्टेंट है. हरियाणा में दलित सामाज को संदेश देने के लिए कांग्रेस ने उनपर दांव लगाया है।  तेलंगाना से सिंघवी और रेड्डी को मिला मौका तेलंगाना की दो राज्यसभा सीटों के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है, जिसमें एक नाम अभिषेक मनु सिंघवी का है तो दूसरा नाम पूर्व विधायक वेम नरेंद्र रेड्डी का है. सिंघवी का नाम पहले ही तय माना जा रहा था, क्योंकि उन्हें गांधी परिवार का करीबी माना जाता है. हिमाचल से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें तेलंगाना से राज्यसभा भेजा था, जिसके लिए रेवंत रेड्डी ने बीआरएस के मौजूदा राज्यसभा सांसद की सीट खाली कराई थी। छत्तीसगढ़ से फिर जाएंगी फूलो देवी राज्यसभा वहीं, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से फूलो देवी नेतम को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है. कांग्रेस आसानी से एक सीट जीत लेगी. फूलो देवी को दोबारा से राज्यसभा भेजने के पीछे पहला उनका अदिवासी समुदाय से होना और दूसरा पार्टी किसी भी तरह से कोई गुटबाजी नहीं चाहती है. इसीलिए किसी नए चेहरे पर भरोसा नहीं जताया है.  हालांकि, कांग्रेस ने शुरू में उनके विकल्प पर पार्टी ने विचार कर रही थी, लेकिन नेताओं की गुटबाजी से पिंड छुड़ाने के लिए फूलो देवी नेताम को ही फिर से राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया.  कांग्रेस ने राज्यसभा से साधा जातीय समीकरण कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. कांग्रेस ने जिन पांच नेताओं को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, उसमें पंजाबी ब्राह्मण समुदाय से आने वाले अभिषेक मनु सिंघवी हैं तो दूसरे तेलंगाना की सबसे प्रभावी जाति रेड्डी समुदाय के वेम नरेंद्र रेड्डी हैं।  कांग्रेस ने हरियाणा में दलित समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है तो छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय से आने वाली फूलो देवी को दोबारा राज्यसभा भेजा है. कांग्रेस ने हरियाणा में दलित समुदाय को साधे रखने की चुनौती थी, जिसके चलते ही कर्मवीर बौद्ध पर भरोसा जताया है. ऐसे ही हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने ब्राह्मण समाज से आने वाले अनुराग शर्मा को प्रत्याशी बनाया है जबकि सीएम ठाकुर समुदाय से हैं. इस तरह कांग्रेस ने ब्राह्मण और ठाकुर केमिस्ट्री बनाने की कवायद की है।

गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक

होलिका भस्म की पूजा कर सीएम योगी ने मनाई होली गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने लिया फाग का आनंद, सीएम संग खेली गई रंगों व फूलों की होली   गोरखपुर होली के पावन महापर्व पर बुधवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में होलिका भस्म की पूजा कर होली मनाने का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में फाग गीतों का आनंद लिया और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाया और गुड़ खिलाकर गोसेवा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर के संग जमकर रंगों और फूलों की होली खेली।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के होलिकोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर होलिका भस्म की पूजा से हुई। मंदिर परिसर के मेला ग्राउंड में जलाई गई होलिका के पास जाकर योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका भस्म (सम्मत की राख) की पूजा की और आरती उतारी, भस्म का तिलक लगाया। इस अनुष्ठान के बाद मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ समेत अन्य साधु-संतों व श्रद्धालुओं ने इसी भस्म से गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलक कर आशीर्वाद लिया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने भी उन्हें तिलक लगाकर होली की मंगलकामना की। होलिकादहन स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुरु गोरखनाथ जी के मंदिर पहुंचे और श्रीनाथ जी को होलिका भस्म अर्पित की। इसके बाद मंदिर के द्वार पर फाग गीतों का आयोजन हुआ। सीएम योगी ने भी कुछ देर वहां रुककर फाग का आनंद उठाया और सबको होली की बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री जब फाग का आनंद ले रहे थे तब वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके ऊपर रंग, अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा कर होली खेली।  गोवंश को लगाया तिलक, गुड़ खिलाकर की गोसेवा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाकर उनके लिए भी मंगलकामना की। उन्होंने गोवंश को गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की। गोशाला में सीएम योगी की आवाज सुनकर गोवंश उनके पास दौड़ते हुए चले आए। मुख्यमंत्री ने माथा व गर्दन सहलाकर सभी गोवंश को खूब दुलार भी किया।

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, आज करेंगे नामांकन

पटना. बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल सुबह 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे. उनके साथ जदयू उम्मीदवार के रूप में रामनाथ ठाकुर भी नामांकन दाखिल करेंगे. जानकारी के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की ओर से जदयू के प्रमुख नेताओं को नामांकन के दौरान मौजूद रहने के लिए कहा गया है. इस बीच, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर पर अब लगभग मुहर लग गई है. इसी क्रम में भाजपा की ओर से भी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. बीजेपी का होगा मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के साथ ही बिहार में नए सिरे से सरकार गठन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजनीतिक हलकों में इस कदम को बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर को लेकर जदयू के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नाराजगी की संभावना भी जताई जा रही है. इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मंथन किया. नामांकन के वक्त अमित शाह मौजूद रहेंगे  नामांकन के बाद सीएम नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य नेताओं के साथ अमित शाह की बैठक हो सकती है. इसी बैठक में नई सरकार के गठन के फार्मूले पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. जेडीयू को दो डिप्टी सीएम के पद मिल सकते हैं. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर चर्चा की गई. कौन होगा अगला मुख्यमंत्री सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में नई सरकार के गठन को लेकर फॉर्मूला तय किया जा सकता है. चर्चा है कि बीजेपी का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जा सकते हैं. पार्टी में हलचल! बैठक के बाद संजय झा के आवास से बाहर निकलते हुए जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से राज्यसभा जा रहे हैं. पार्टी की ओर से यही संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि यह फैसला उनका अपना है. इस दौरान विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत की संभावित राजनीतिक एंट्री को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर पर सबकी नजर बनी हुई है.