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राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहाँ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व.  बनसिंह, स्व.  अंतरसिंह एवं स्व.  लक्मृण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री  मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुये हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी को बधाई दी। समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिकता संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे। प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 बच्चों को प्लेस किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है। वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूं उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेंहू का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय किया गया, जो कि गेहूं विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूं विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से दो लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य 'अमृत सरोवरों … Read more

यूपी में बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस, ‘पौष्टिक थाली’ से बदल रही नौनिहालों की जिंदगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को कुपोषण के कलंक से मुक्त करने और नई पीढ़ी को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक मूक क्रांति चल रही है। राज्य सरकार ने 'पीएम पोषण योजना' के अंतर्गत परिषदीय, राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में मिलने वाले मिडडे मील को पूरी तरह 'पोषण सुरक्षा कवच' में बदल दिया है। प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक के लाखों छात्र-छात्राओं को अब केवल पेट भरने के लिए भोजन नहीं, बल्कि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और आयरन से भरपूर संतुलित और गुणवत्तापूर्ण 'पौष्टिक थाली' दी जा रही है। इस योजना का सीधा असर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्कूलों में उनकी दैनिक उपस्थिति और सीखने की मानसिक क्षमता पर दिखने लगा है। प्राइमरी और अपर प्राइमरी के लिए तय हुए कड़े पोषण मानक बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास को वैज्ञानिक आधार देने के लिए योगी सरकार ने भोजन में कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा का एक कड़ा मानक तय किया है, जिसे हर स्कूल में अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।      प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5): प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन युक्त भोजन दिया जा रहा है।     उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): किशोर वय के बच्चों की शारीरिक आवश्यकताओं को देखते हुए प्रतिदिन न्यूनतम 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जा रहा है। थाली में शामिल हुए दूध, सोयाबीन और मौसमी फल भोजन को उबाऊ होने से बचाने और बच्चों में चाव पैदा करने के लिए साप्ताहिक मेन्यू में विविधता लाई गई है। अब बच्चों को नियमित रूप से कार्बोहाइड्रेट और सूक्ष्म पोषक तत्व देने के लिए भोजन में निम्नलिखित चीजें शामिल की जा रही हैं।     प्रोटीन की प्रचुरता के लिए विशेष रूप से सोयाबीन और विभिन्न प्रकार की दालें।     विटामिंस और मिनरल्स की कमी को दूर करने के लिए ताजा हरी सब्जियां और मौसमी फल।     बच्चों में कैल्शियम और आयरन की पूर्ति के लिए सप्ताह में निर्धारित दिन दूध का वितरण। मध्याह्न भोजन से आगे बढ़कर बनी 'समग्र स्वास्थ्य नीति' योगी सरकार के इस विजन का सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि यह योजना अब सिर्फ एक प्रशासनिक मध्याह्न भोजन कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने की एक दूरगामी नीति बन चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, संतुलित भोजन मिलने से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों में कुपोषण की दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्वस्थ शरीर मिलने से बच्चे अब कक्षाओं में अधिक एकाग्र हो पा रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी पहले से काफी बेहतर हुआ है। स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव शासन का मानना है कि एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य की इमारत केवल तभी खड़ी हो सकती है जब उसके बच्चे स्वस्थ और सक्षम हों। शिक्षा और पोषण के इस अनूठे समन्वय के जरिए योगी सरकार न केवल कुपोषण के खिलाफ अपनी जंग को मजबूत कर रही है, बल्कि एक आत्मविश्वासी, ऊर्जावान और मेधावी नई पीढ़ी को भी तैयार कर रही है जो आगे चलकर देश और प्रदेश की प्रगति का मुख्य आधार बनेगी।  

पानी की कमी से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का नया ऐलान, सीवर वॉटर होगा इस्तेमाल

नई दिल्ली दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राजधानी में जल संकट को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। भीषण गर्मी के बीच हो रही किल्लत को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार ने पिछली सरकारों को इसके लिए कसूरवार ठहराया तो यह भी बताया कि अब स्थिति में बदलाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार सीवर के पानी को साफ करके भी पानी की कमी को पूरा करने पर विचार कर रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सीवर के पानी को ट्रीट करके टॉयलेट या गाड़ी धोने जैसे काम में लाया जा सकता है। प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1000 एमजीडी पानी घरों में सप्लाई हो रहा है। इसमें से 800 एमजीडी पानी प्रतिदिन सीवर में लौटता है, जबकि केवल 200 एमजीडी पानी का इस्तेमाल लोग पीने या अन्य उपभोग में लाते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीवर के पानी को एसटीपी प्लांट में इतना ट्रीट किया जाएगा कि वह पीने लायक बन जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें टायलेट आदि में यूज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस पानी को सबसे पहले सरकारी इमारतों में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। जो लोग डबल पाइपलाइन लगवाएंगे उन्हें बिल में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि एसटीपी में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल लोग शौचालय, पौधे में डालने, गाड़ी धोने आदि कामों के लिए कर सकेंगे। इससे मीठे पानी की बचत होगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कि इससे रोजाना करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है। कम हो रहा उत्पादन प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी को लेकर जानकारी मिल रही है। जनसंख्या के आधार पर अगर सभी को पानी मिले तो कुल मांग 1250 एमजीडी की है। लेकिन इतना उत्पादन नहीं होता है। आज के दिन में हरियाणा सरकार से लगभगएक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वजीराबाद में पानी सूख गई है जिसके चलते वहां प्लांट में पानी नहीं आ रहा है। वहां 200 क्यूसेक पानी से ज्यादा खींचा जाता था जो अभी केवल 75 क्यूसेक ही मिल रहा है। पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा प्रवेश वर्मा ने कहा कि टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने पानी की पाइपलाइन नहीं डाली तो वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछली सरकार 200 नए बोरवेल लगाती थी जबकि हमारी सरकार ने 560 बोरवेल लगाए हैं। पानी की समस्या पिछले एक साल की नहीं है। पिछली सरकार ने अगर बंदोबस्त किया होता तो इतनी परेशानी नहीं आती। आप सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में लगभग 1200 करोड़ इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था जबकि इस वर्ष जल बोर्ड ने लगभग 2900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी पाइप लाइन से पानी लीक होता है। इन सभी पाइपलाइंस को बदलने के लिए योजना बन चुकी है। दिल्ली को हमने आठ जोन में बांटा है। चंद्रावल का टेंडर हो चुका है जबकि आगामी वजीरगंज जोन नवंबर तक टेंडर कर कंपनी को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार पानी लीकेज को कम करने के लिए प्रयास कर रही है। यह कंपनिया सभी पाइपलाइन को बदलेगी और पानी का रिसाव खत्म करेगी। पिछले सवा साल में हमारी सरकार की पांच उपलब्धियों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क को कम करना है। दिल्ली की 52 फीसदी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा कनाल का पानी पाइपलाइन से आएगा हरियाणा से कैनाल के माध्यम से आने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा। रास्ते में किसान भाई निकाल लेते हैं। अन्य लोग भी पानी निकाल लेते हैं। इसलिए पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली का पानी का कोटा तय है। हमने बांध के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को पैसा दिया है जिससे 2032 से पानी मिलने लगेगा।

बाबूलाल जी गौर ने जनसेवा और जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में बनाई खास पहचान : CM डॉ. यादव

बाबूलाल जी गौर ने जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में बनाई जगह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धेय गौर जी सदैव हमारे लिए आशीर्वाददाता की भूमिका में रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गौर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय बाबूलाल गौर की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके कार्यकाल के स्वर्णिम क्षणों का स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रद्धेय बाबूलाल गौर जी मध्यप्रदेश के ऐसे राजनेता रहे, जिन्होंने अपने जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में जगह बनाई। वे सदैव हमारे लिए आशीर्वाददाता की भूमिका में रहे। राज्य सरकार उनके बताए मार्ग और आदर्शों का अनुसरण करते हुए प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड के विकास में गौर की दृढ़ता स्मरणीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबूलाल जी ने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न जनआंदोलनों में सक्रिय सहभागिता करते हुए राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका समर्पित सार्वजनिक जीवन और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बाबूलाल जी गौर ने प्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेशवासियों की सेवा की। प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड के विकास में उनकी दृढ़ता स्मरणीय है। मंत्री, जनप्रतिनिधि तथा परिजन ने भी अर्पित की पुष्पांजलि मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा परिजन सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सूर्या की हत्या के बाद बड़ा एक्शन, पुलिस के ऑपरेशन से मचा डर; मदरसों पर भी कार्रवाई

गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 साल के सूर्या चौहान की बकरीद पर हुई हत्या के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज कर दिया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर के बाद जहां उसके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी है तो दूसरी तरफ तीन मदरसों को भी सील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस से मिले अल्टीमेटम के बाद करीब 250 अपराधियों ने सरेंडर किया। वे हाथों में पोस्टर लेकर माफी मांगते और फिर कभी जुर्म ना करने की कसम खाते नजर आए। मदरसों पर ऐक्शन खोड़ा में 29 मई से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग सूर्या के घर पहुंचे थे। इसी बीच पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ और डीएम रविंद्र मांदड़ पहुंचे। यहां प्रशासन की टीम ने लोकप्रिय विहार स्थित मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम को सील किया। जब प्रशासनिक टीम मदरसे पर कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां का गेट नहीं खोला गया। काफी देर इंतजार के बाद गेट को बाहर से ही सील कर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि जिस वक्त मदरसे को सील किया गया, उसके अंदर आठ बच्चे मौजूद थे। प्रशासन ने खोड़ा के ही दो और मदरसों को चिह्नित किया है। इन्हें भी सील कर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई चल रही है। असद के पुराने मकान पर तोड़फोड़ का प्रयास इससे पहले सोमवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने आरोपी असद के पुराने मकान पर नोटिस चस्पा किया था। आरोप है कि सोमवार की रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने असद के इसी पुराने मकान पर पहुंचकर तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। गनीमत थी कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ करने वालों को रोका। इसके बाद से यहां भी पुलिस बल तैनात किया गया है। क्या है ऑपरेशन क्लीन स्वीप दरअसल, गाजियाबाद में प्रशासन ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज किया है। इसके तहत आपराधिक इतिहास रखने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और आपराधिक गितिविधियों वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की वेरिफिकेशन की जा रही है। डीएम ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ त्वरित ऐक्शन के आदेश पिछले दिनों दिए हैं। इसी के तहत खोड़ा में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जा रहा है। यहां वेरिफिकेशन के दौरान तीन मदरसे मिले हैं जो मदरसा बोर्ड से पंजीकृत नहीं हैं। पूरे गाजियाबाद में वेरिफिकेशन चलाया जाएगा, कोई भी गुंडा और अपराधी सिर ना उठा पाए। साहिबाबाद में 250 का सरेंडर गाजियाबाद में DCP धवल जायसवाल ने बताया कि साहिबाबाद में 250 अपराधियों ने कसम खाई है कि आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'गाजियाबाद कमिश्नरेट में ऑपरेशन क्लीन के तहत सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों के सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साहिबाबाद में जो भी पुराने हिस्ट्रीशीटर थे, अभ्यस्त अपराधी थे, उनको बुलाया गया था, उनके सत्यापन का अभियान चलाया गया है…उनके बारे में जांच की जा रही है…उनको हिदायत भी दी गई है कि वो भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध और अपराधियों से संपर्क ना रखें और अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी…अभी तक 250 से ज्यादा अपराधियों का सत्यापन कर लिया गया है और यह अभियान अभी चल रहा है।' थाने में पहुंचे अपराधियों के हाथों में माफी और आगे कोई अपराध नहीं करने की कसम खाते हुए पोस्टर दिखे।

मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांव कोण्डापल्ली :  चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद सुशासन का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही सरकार, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है। जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। इस अवसर पर  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मानसून की दस्तक से बदला मौसम, आगरा में बारिश से सड़कें धंसीं और मकान ढहा

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/नई दिल्ली मानसून 4 जून को केरलम के तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले अनुमान में इसके 26 अप्रैल को केरलम पहुंचने का अनुमान था। मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। इधर 23 राज्यों में जून की शुरुआत के साथ गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। कई जगह बादल छाने से तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार सुबह एक घंटा तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई जगह सड़कें धंस गई। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्‌ढा बन गया। एक मकान का अगला हिस्सा गिर गया। दिल्ली में 1 जून का दिन पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे ठंडा रहा। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.3°C रहा, जो सामान्य से 3.7°C कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 3 जून:     पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।     मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की स्तिथि रह सकती है।     केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।     असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और आंधी-तूफान का असर रहेगा। 4 जून:     मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भारी बारिश हो सकती है। केरलम में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।     गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है।     अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कुछ जगहों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। बिहार में लू (हीट वेव) चलने की आशंका है। मध्य प्रदेश में अलग-अलग जिलों में लगातार 8 दिन से कहीं न कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर है। राज्य में अब हीटवेव का असर लगभग खत्म है। न्यूनतम तापमान में 5°C से ज्यादा की गिरावट आई है। आज 45 जिलों में बारिश का अलर्ट है। धार-बड़वानी में तेज बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी है।  उत्तर प्रदेश के आगरा में आज सुबह तेज बारिश हुई। इससे कारण कई जगह सड़कें धंस गईं। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्ढा हो गया। इसमें ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली समा गई। सड़क किनारे खड़ीं कारें और ट्रक भी गड्‌ढों में पलट गए। राजस्थान में जून की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। मौसम विभाग ने आज 19 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य का तापमान सामान्य से 5°C नीचे आ गया है। सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8°C रहा।  बिहार में अगले कुछ दिनों तक ज्यादातर जिलों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और नवादा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 43॰C से 45॰C पहुंच सकता है। बीते 24 घंटे में 40.1॰C के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। जबकि सासाराम और सीवान में बारिश हुई। हरियाणा में दो वेस्टर्न डिस्टर्वेंस एक्टिव होने जा रहे हैं। आज से 6 जून तक मौसम बदला हुआ रहेगा। 28 मई को आए वेस्टर्न डिस्टर्वेंस और राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हरियाणा में 4 दिन बारिश और आंधी-तूफान आए। इससे हरियाणा में अधिकतम तापमान 46°C से गिरकर 37°C से 38°C पर आ गया। उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। 7 जून तक मौसम ऐसा ही रहने वाला है। सोमवार को नैनीताल में 30.5mm, भीमताल में 26mm, कालाढूंगी में 12mm, रामनगर में 8mm और द्वाराहाट में 7.5mm बारिश हुई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिज: कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति रायपुर जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो। कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए। बदलते बस्तर की नई पहचान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

रक्षाबंधन पर बहनों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसों में मिलेगा सफर का तोहफा : CM डॉ. यादव

रक्षाबंधन पर बहनें करेंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन की बसों में सफर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन सेवा को चरणबद्ध रूप से किया जाएगा शुरू सामान्य जन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है राज्य परिवहन सेवा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य परिवहन सामान्य जन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार न सिर्फ प्रदेश में बेहतर और आधुनिक सड़कों का तेजी से निर्माण कर रही है, बल्कि जल्द ही नागरिकों को राज्य परिवहन की विशेष सुविधा भी देने जा रही है। राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की ओर बढ़ रही है। इस बार रक्षाबंधन पर हमारी बहनें परिवहन विभाग की बसों में सफर करें, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी विधानसभा में मीडिया से चर्चा में दी। राज्य सरकार जन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के कारण शहरों के बीच दूरी अधिक है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा सभी समस्याओं को खत्म कर जनता का आवागमन सुगम बनाएगी। उम्मीद है कि राज्य के अंदरूनी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों के साथ मध्यप्रदेश सरकार का यह प्रयास सुगम परिवहन सेवा के प्रभावी रूप में देखने को मिलेगा। प्रदेश में जन सुविधाओं के विस्तार और प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ कार्य कर रही है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर… और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। बंदूक से रोजगार तक का सफर मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई। अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है। बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।