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महिला कबड्डी में भारत की बादशाहत कायम, चौथी बार जीता स्वर्ण

टोक्यो   भारतीय महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी फाइनल में शानदार खेल दिखाया और ईरान को हराकर एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर यह कड़ा मुकबला अपने नाम किया। महिला कबड्डी में लगातार गोल्ड मेडल जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया। मुकाबले के दौरान कई बार ऐसा लगा कि ईरान जीत जाएगा और भारत को हरा देगा। हालांकि, टीम ने दबाव में भी शानदार खेल दिखाया और एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि मुकाबले के आखिरी पलों में ईरान ने कई गलतियां कीं। एक समय तो उनकी टीम के दो रेडर्स ने 'डबल एंट्री' भी कर दी। छोटी-मोटी गलतियों के बावजूद, भारतीय टीम की मानसिक मजबूती ने उन्हें मैच जीतने और आखिर में पहला स्थान हासिल करने में मदद की। भारत ने महिला कबड्डी में चौथी बार जीता मेडल 2010 में एशियाई खेलों में महिला कबड्डी स्पर्धा की शुरुआत के बाद से भारत ने अब तक खेले गए पांचों फाइनल में जगह बनाई है और सभी में मेडल जीतने में सफल रहा है। (टीम ने चार बार स्वर्ण पदक और एक बार रजत पदक जीता है।) भारत महिला कबड्डी टीम ने 2010 में गुआंगझोऊ में थाइलैंड को 28-14 से हराकर खिताब जीता था। 2014 में इंचियोन (दक्षिण कोरिया) में टीम ने ईरान को 31-21 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। जकार्ता 2018 में ईरान ने बाजी मारी थी और भारत को 27-24 से हार मिली थी। भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। 2022 में तय हांगझोऊ एशियन गेम्स का आयोजन 2023 में हुआ था। जिसमें भारतीय महिला टीम ने चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। एशियन गेम्स 2026 में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। भारत का रहा दबदबा शुक्रवार को टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेले गये मुकाबले में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। 2010 में एशियाई खेलों में महिला कबड्डी स्पर्धा की शुरुआत के बाद से भारत सभी पांचों बार फाइनल में पहुंचा है। जकार्ता 2018 में स्वर्ण पदक मैच को छोड़कर, जिसमें ईरान जीता था, भारत ने बाकी सभी फाइनल जीते हैं। मौजूदा चैंपियन भारत ने इस तरह से प्रतियोगिता में अपना अजय अभियान जारी रखा है। भारत ने पहले हाफ में 31-17 की बड़ी बढ़त बना ली, जिसमें चार ऑल-आउट और चार बोनस अंक शामिल थे। नेपाल भारत को पर्याप्त चुनौती नहीं दे सका और दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा सका। इससे पहले महिला टीम ने ग्रुप चरण में ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराया था। महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इसमें अपना दबदबा बनाए रखा है। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बना ली थी 22-16 की बढ़त भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियन गेम्स 2026 का आगाज होने से पहले ही गोल्ड जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, जिसमें उनका प्रदर्शन भी शानदार देखने को मिला जो गोल्ड मेडल मुकाबले तक जारी रहा। ग्रुप स्टेज में जहां भारतीय महिला कबड्डी टीम का एकतरफा प्रदर्शन देखने को मिला तो वहीं सेमीफाइनल मैच को भी उन्होंने एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया था। गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम को ईरान से कड़ी टक्कर भी मिली जिसमें पहले हाफ में एक समय स्कोर 7-7 की बराबरी पर था, जिसके बाद भारतीय टीम अपने खेल को और अधिक आक्रामक करने के साथ पहला हाफ खत्म होने पर ईरान को एकबार ऑल आउट करने के साथ 22-16 के अंतर से बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में ईरान ने की वापसी लेकिन भारतीय टीम ने बनाए रखी बढ़त गोल्ड मेडल मैच का दूसरा हाफ काफी रोमांचक रहा जिसमें ईरान की टीम ने जबरदस्त तरीके से वापसी करने के साथ भारतीय टीम को ऑल आउट भी कर दिया था, जिससे बढ़त काफी कम हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी करने के साथ ईरान को ऑल आउट किया और मुकाबला खत्म होने के साथ अपनी बढ़त को बनाए रखा जिसमें मैच के अंत में स्कोर लाइन 37-34 रहा और टीम इंडिया गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रही। पुरुषों के वर्ग में भी भारत मौजूदा चैंपियन है। फाइनल में उसका सामना ईरान से होगा। पुरुषों की कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है और भारत ने अब तक आठ स्वर्ण पदक जीते हैं। महिला कबड्डी टीम मुख्य कोच: भारत तेजस्विनी बाई     पुष्पा राणा (कप्तान)     भावना ठाकुर     ज्योति ठाकुर     मनीषा कुमारी     निकिता कुमारी     पिंकी रॉय     पूजा हथवाला     राज रानी     रितु नेगी     रितु श्योराण     संजू देवी     सोनाली शिंगटे

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का दिया न्योता

पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का दिया न्योता पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर कि विस्तार से चर्चा उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश: सीएम योगी ग्रेटर नोएडा,  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया। रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल … Read more

बंगाल के किसानों के लिए 3 बड़े ऐलान, बिजली सब्सिडी का भी तोहफा

कोलकाता पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किसानों को तीन हड़ी सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के लगभग चार लाख किसानों को बिजली पर प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी देगी। इस सब्सिडी का मकसद किसानों को बिजली की बढ़ती लागत से राहत देना है। इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि में भी इजाफा करने जा रही है। पूर्व बर्दवान जिले में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत अब 6,000 रुपये के बजाय 9,000 रुपये की सहायता मिलेगी। तीसरे लाभ की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वह सारा धान खरीदेगी जो किसान बेचना चाहते हैं, और इसके लिए उन्होंने 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की घोषणा की। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी लगे हाथ उन्होंने राज्य की पिछली सरकार यानी ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और कहा, "बिचौलियों या एजेंटों के लिए कोई जगह नहीं होगी। विधायक किसानों के अभिभावक के रूप में कार्य करेंगे।" अधिकारी ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, "भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी।" अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला एक दिन पहले गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यू टाउन में गरीबों के लिए 2,000 बिस्तरों वाले अस्पताल की आधारशिला रखते हुए अडानी समूह से राज्य में और निवेश करने का आग्रह किया था और कहा कि यह समूह बंगाल के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन के दौरान कहा, "अडानी आरोग्य मंदिर का निर्माण 51.75 एकड़ जमीन पर किया जायेगा और यह आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को मुफ़्त में 1,000 बेड उपलब्ध करायेगा।" उन्होंने इस परियोजना को राज्य के लिए एक मील का पत्थर करार दिया और कहा कि यह अस्पताल न्यू टाउन में स्वास्थ्य देखभाल शहर का केंद्र बनेगा। अधिकारी ने कहा, "यह बंगाल के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश में कहीं भी गरीबों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद अस्पताल परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद करण अडानी मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि वह न्यू टाउन में एक आधुनिक अस्पताल बनाना चाहते हैं। मैंने सहमति दे दी। गौतम अडानी की हरी झंडी मिलने के साथ ही कुछ ही महीनों के भीतर आधारशिला रखी गयी है।"

CG में झमाझम बारिश, बस्तर-नारायणपुर समेत कई जिलों में बरसे बादल

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान  प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज  बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल ​रायपुर       छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने राज्य स्तर पर सामान्य आंकड़े को छू लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 25 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश में अब तक 100.1% यानी शत-प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है।          ​क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो इस बार सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। बलरामपुर जिला 169.4% बारिश के साथ प्रदेश में प्रतिशत के हिसाब से सबसे आगे बना हुआ है, जहाँ अब तक 1527.7 मि.मी. पानी गिर चुका है। वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ अब तक रिकॉर्ड 1600.4 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। बस्तर जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 188.2 मि.मी. और कोंडागांव में 161.8 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नारायणपुर में 151.9 मि.मी. तथा गरियाबंद में 110.3 मि.मी. बारिश हुई।          ​मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। रायपुर जिले में अब तक 1180.2 मि.मी. (129.5%), गरियाबंद में 1357.7 मि.मी. (126.5%), धमतरी में 1201.7 मि.मी. (113.4%), महासमुंद में 1204.2 मि.मी. (121.7%), और बालोद में 1192.1 मि.मी. (115.0%) बारिश के साथ सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मि.मी. (108.8%), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मि.मी. (134.1%), तथा सूरजपुर में 1173.6 मि.मी. (111.2%) वर्षा दर्ज की जा चुकी है।  ​       राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। सरगुजा जिले में अब तक 606.6 मि.मी. (75.5%), जशपुर में 828.7 मि.मी. (79.7%), कबीरधाम में 672.0 मि.मी. (82.2%), बेमेतरा में 597.1 मि.मी. (74.5%), और कांकेर में 1110.7 मि.मी. (75.9%) बारिश दर्ज की गई है, जो औसत के मुकाबले कम की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7%) तथा बीजापुर (78.7%) में भी प्रतिशत के लिहाज से औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब बना हुआ है।           ​राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर की नदियों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में हाल ही में भारी वर्षा हुई है, वहाँ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

रविवार को बैंक खोलने के आदेश, कर्मचारियों से न आने की अपील

 नई दिल्‍ली बैंक कर्मचारियों ने 28 सितंबर से देशभर में हड़ताल करने का ऐलान किया है, जो तीन दिन यानी 30 सितंबर तक जारी रहेगा. यह हड़ताल वीकेंड के बाद शुरू हो रहा है, जिस कारण RBI और सरकार की ओर से रविवार को बैंक शाखाएं खोलने के लिए कहा गया है।  केंद्र सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार को खुले रहेंगे, लेकिन बैंक अधिकारियों के एक संघ ने अपने सदस्‍यों से रविवार को काम पर न आने का अनुरोध किया है. ऐसे में कस्‍टमर्स कंफ्यूज हो गए हैं कि क्‍या सच में रविवार को बैंक खुलेंगे या फिर बंद रहेंगें?  दरअसल, बैंक यूनियनों के यूनियन फोरम (UFBU) और सात अन्य यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा है, जो 11 सितंबर को हुई एक दिवसीय हड़ताल के बाद दूसरी ऐसी कार्रवाई है।  किसने लिया रविवार को बैंक खोलने का फैसला?  ऐसे में केंद्र सरकार का 27 सितंबर को बैंकों को खुला रखने का निर्णय वित्त मंत्री और पब्लिक सेक्‍टर के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, भारतीय बैंक संघ (IBA) और नाबार्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच 21 सितंबर को हुई बैठक के बाद लिया गया।  यह कदम बैंकिंग सेवाओं में लंबे समय तक व्यवधान को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि प्रस्तावित हड़ताल की तारीखें 26 और 27 सितंबर को सप्‍ताह की छुट्टियों के बाद आ रही हैं. अगर रविवार को भी छुट्टी रहती है, तो ग्राहकों को नियमित बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच के बिना पांच दिनों तक की अवधि का सामना करना पड़ सकता है।  रविवार को लेकर बना हुआ है कंफ्यूजन RBI ने 27 सितंबर को बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट खोलने को भी मंजूरी दे दी है. हालांकि, अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) ने अपने सदस्यों को रविवार को काम पर न आने की सलाह दी है, यह कहते हुए कि औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत 27 सितंबर एक हॉलिडे है।  3 दिन की हड़ताल जारी रहेगी  वहीं यूएफबीयू ने दोहराया है कि 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल जारी रहेगी. यह हड़ताल मुख्य रूप से पांच दिन बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बुलाई गई है. अन्य मांगों में पेंशन संबंधी संशोधन और कुछ कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशन योजनाओं में बदलाव शामिल हैं।  ग्राहकों के लिए, रविवार को शाखा सेवाएं इस बात पर निर्भर कर सकती हैं कि कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित होते हैं या नहीं. डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है. जिन ग्राहकों को शाखा में काम करना है, वे इसे पहले से ही पूरा कर सकते हैं. खासकर सप्ताहांत के तुरंत बाद प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए। 

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का 62.16% निर्माण पूरा, गुजरात में काम तेज

अहमदाबाद मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल निर्माण कार्य जुलाई 2026 के अंत तक 62.16% पूरा हुआ था. सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने यह जानकारी दी।  परियोजना के पूरा होने की संभावित तारीख या वर्ष पूछे जाने पर NHSRCL ने कहा, 'सभी ठेके दिए जाने और ट्रेनसेट की आपूर्ति के बाद ही परियोजना के पूरा होने की संभावित समयसीमा का आकलन किया जा सकेगा. 21 सितंबर 2026 का यह जवाब 17 अगस्त 2026 को दाखिल आरटीआई आवेदन पर दिया गया।  NHSRCL के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए आवश्यक 1,389.49 हेक्टेयर ज़मीन अधिग्रहित की जा चुकी है. इसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली की 959.04 हेक्टेयर तथा महाराष्ट्र की 430.45 हेक्टेयर ज़मीन शामिल है।  निर्माण कार्य कहां तक पहुंचा? आरटीआई जवाब के अनुसार, 366 किलोमीटर वायाडक्ट पर गर्डर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 380 किलोमीटर के लिए गर्डर ढाले जा चुके हैं. 459.90 किलोमीटर में नींव का काम पूरा हो चुका है और 455.10 किलोमीटर में पियर तैयार किए जा चुके हैं. गुजरात के सभी स्टेशनों पर नींव और ऊपरी ढांचे का काम पूरा हो चुका है. वहां फिनिशिंग का काम चल रहा है. महाराष्ट्र में स्टेशनों का निर्माण जारी है।  सुरंग, डिपो और ट्रैक की स्थिति परियोजना में 21 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है, जिसका सात किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. NHSRCL के मुताबिक, टनल बोरिंग मशीन से सुरंग बनाने का काम चल रहा है. न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही सुरंग का 4.88 किलोमीटर हिस्सा पूरा हो चुका है. आठ पहाड़ी सुरंगों में से चार की खुदाई आर-पार पूरी हो गई है. आरटीआई जवाब के अनुसार, साबरमती डिपो का 32.28% और ठाणे डिपो का 17.23% काम पूरा हुआ था. 27 अगस्त 2026 तक CAM इंजेक्शन सहित 97 रूट किलोमीटर में ट्रैक स्लैब बिछाए जा चुके थे।  पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने कॉरिडोर के लिए दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का ऑर्डर BEML को दिया है. NHSRCL के मुताबिक, पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू हो गया है. NHSRCL ने यह भी कहा कि मुंबई–अहमदाबाद लाइन फिलहाल उसकी एकमात्र स्वीकृत हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिस पर निर्माण कार्य चल रहा है।   

1 अक्टूबर से बदलेंगे ये नियम, LPG-यूपीआई समेत कई बदलाव

नई दिल्ली अक्टूबर 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आ रही है। घरेलू LPG गैस सिलेंडर की सब्सिडी से लेकर दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, कारोबारियों के UPI भुगतान और प्रॉपर्टी खरीदने की टैक्स प्रक्रिया तक नियम बदलने जा रहे हैं। कुछ बदलाव सीधे जेब पर असर डाल सकते हैं, जबकि कुछ में कागजी कार्रवाई कम होगी। जेब पर सबसे बड़ा असर कहां? अक्टूबर के बदलावों में सबसे सीधा आर्थिक असर LPG सब्सिडी से जुड़ा है। आधार आधारित e-KYC पूरा नहीं करने वाले पात्र ग्राहक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। UPI के मामले में फिलहाल ग्राहक से सीधे अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है। वहीं NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को टैक्स प्रक्रिया में राहत मिलेगी, जबकि दिल्ली में बिना स्मार्ट कार्ड के महिलाओं को बस किराया देना पड़ सकता है। गैस सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए आधार जरूरी 1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों में करीब 89.9 फीसदी पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन लोगों ने BAA करा लिया है, उन्हें दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं होगी। जिन ग्राहकों ने अभी तक आधार ऑथंटिकेशन नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाले दाम पर सिलेंडर बुक कराने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार के मुताबिक सितंबर में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी थी। यानी ऑथंटिकेशन नहीं कराने पर पात्र उपभोक्ता को इस लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। BAA डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के कार्यालय में या इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP Gas के लिए HP PAY ऐप से किया जा सकता है। UPI पर 15 अक्टूबर से नया चार्ज, लेकिन ग्राहक से नहीं UPI को लेकर भी अक्टूबर में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M यानी ग्राहक से कारोबारी भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। हालांकि आम ग्राहक से यह शुल्क लेने की अनुमति नहीं है। P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के भुगतान और 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान इस MDR से बाहर रहेंगे। छोटे कारोबारियों के लिए भी छूट का प्रावधान है। सरकार के अनुसार करीब 96 फीसदी P2M लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे। इसका सीधा असर फिलहाल ग्राहक की जेब पर नहीं होना चाहिए, लेकिन कारोबारियों का कहना है कि इससे उनकी लागत बढ़ सकती है। इसी मुद्दे पर कुछ राज्यों में व्यापारिक संगठनों ने 'No UPI Day' जैसे विरोध का ऐलान किया है। NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं 1 अक्टूबर से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति या HUF के लिए TDS प्रक्रिया कुछ आसान होगी। नए आयकर कानून के तहत PAN आधारित प्रक्रिया और Form 141 का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे अलग से TAN लेने की जरूरत वाले अनुपालन को सरल बनाया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS खत्म हो गया है। टैक्स काटने की जिम्मेदारी बनी रहेगी, केवल उसे जमा करने और रिपोर्ट करने की प्रक्रिया बदलेगी। इसलिए बड़ी प्रॉपर्टी खरीद में खरीदार को टैक्स विशेषज्ञ से सही दर और प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए। मध्य प्रदेश के 24 जिलों में ESIC का दायरा बढ़ेगा 1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में ESIC का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अधिसूचना के तहत आने वाले पात्र प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों पर ESIC योगदान लागू होगा और संबंधित कर्मचारियों को ESIC के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा बढ़ेगा। यह बदलाव कर्मचारियों के लिए तत्काल नकद बचत के बजाय सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कवर से जुड़ा है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार योगदान होगा। दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त DTC और क्लस्टर बस यात्रा को लेकर भी बड़ा बदलाव है। 30 सितंबर तक पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन 1 अक्टूबर से Saheli Pink Smart Card से टैप करने पर ही मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यानी जिनके पास स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य टिकट लेकर किराया देना पड़ सकता है। कार्ड का पहला निर्गमन मुफ्त है, जबकि खोने या खराब होने पर रिप्लेसमेंट के लिए 59 रुपये देने होंगे। परेशानी बढ़ा सकती है बैंक हड़ताल त्योहारों के महीना अक्टूबर उल्लास के बीच परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। बैंक यूनियन पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। इनमें पेंशन में सुधार, सभी पेंशनर्स के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS से जुड़े कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में जाने का विकल्प देने जैसी मांगें शामिल हैं। यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

PF से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान, 28 सितंबर को ‘निधि आपके निकट’ कैंप

   नई दिल्ली कई कर्मचारियों के लिए EPFO अकाउंट सिर्फ हर महीने सैलरी से कटने वाली PF की रकम तक सीमित रहता है. उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि अपने PF अकाउंट से जुड़ी कौन-सी जानकारी ऑनलाइन बदली जा सकती है, किसी गलती को कैसे ठीक कराया जा सकता है या EPFO की अलग-अलग ऑनलाइन सेवाओं और योजनाओं का फायदा कैसे लिया जाए. खासकर जो लोग तकनीक और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के साथ सहज नहीं हैं, उनके लिए छोटी-सी प्रक्रिया भी परेशानी बन जाती है।  ऐसे कर्मचारियों और PF सदस्यों के लिए EPFO की 'निधि आपके निकट 2.0' पहल उपयोगी साबित हो सकती है. कर्मचारी अब 28 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप में EPFO की योजनाओं, सुविधाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी सीधे अधिकारियों से ले सकेंगे. इतना ही नहीं, अगर PF अकाउंट या EPFO की किसी सेवा से जुड़ी शिकायत या सवाल है, तो उसे मौके पर अधिकारियों के सामने रखा जा सकेगा।  EPFO 28 सितंबर को लगाएगा कैंप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप की जानकारी दी है. EPFO ने सदस्यों से 28 सितंबर को कैंप में पहुंचने की अपील करते हुए बताया कि यहां संगठन की योजनाओं और फायदों के बारे में जानकारी लेने के साथ सेवाओं और उनकी प्रक्रिया को भी समझा जा सकता है. इस पहल का मकसद EPFO की सेवाओं को सब्सक्राइबर के करीब पहुंचाना है, ताकि छोटी-बड़ी दिक्कतों के लिए उन्हें सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर न रहना पड़े।  अफसरों से सीधे पूछ सकेंगे सवाल कैंप में EPFO के अधिकारी सदस्यों से सीधे बातचीत करेंगे. अगर आपको यह समझ नहीं आ रहा कि किसी EPFO सेवा के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी है, कौन-से दस्तावेज चाहिए या ऑनलाइन उपलब्ध सुविधा का इस्तेमाल कैसे करना है, तो कैंप में इसके बारे में जानकारी ली जा सकेगी. यह खास तौर पर उन PF सदस्यों के लिए मददगार हो सकता है, जो ऑनलाइन प्रक्रिया या डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल में सहज नहीं हैं।  शिकायतों का मौके पर होगा समाधान 'निधि आपके निकट 2.0' कैंप का एक अहम पहलू खाताधारकों की शिकायतों का मौके पर निपटारा है. कैंप में मौजूद अधिकारी ईपीएफ सदस्यों की शिकायत और समस्याएं सीधे सुनेंगे. यानी अगर EPFO से जुड़ी कोई शिकायत लंबे समय से अटकी हुई है या किसी सेवा को लेकर परेशानी है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जा सकेगा. हालांकि, हर मामले का समाधान उसी समय हो जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा. मामले की प्रकृति और जरूरी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई भी हो सकती है।  EPFO लोकेटर से देखें नजदीकी कैंप EPFO ने अलग-अलग जगहों पर आयोजित होने वाले कैंप की जानकारी देखने के लिए एक कैंप लोकेटर लिंक भी शेयर किया है. सदस्य इस फोल्डर में जाकर अपने आसपास आयोजित होने वाले कैंप की लोकेशन देख सकते हैं।  'निधि आपके निकट 2.0' क्यों है खास? EPFO की सेवाएं लगातार डिजिटल हो रही हैं. PF बैलेंस देखने से लेकर कई दूसरी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. लेकिन हर कर्मचारी डिजिटल प्रक्रिया में समान रूप से सहज नहीं होता. कई बार जानकारी की कमी या ऑनलाइन प्रक्रिया समझ नहीं आने की वजह से कर्मचारी ऐसी सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिसे घर बैठे पूरा किया जा सकता है।  ऐसे में 'निधि आपके निकट 2.0' का कैंप कर्मचारियों को सीधे अधिकारियों से बात करने और अपनी समस्या समझाने का मौका देता है. खासकर PF अकाउंट, EPFO की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़े नियमों को लेकर सवाल रखने वाले सदस्यों के लिए यह एक उपयोगी मौका हो सकता।  28 सितंबर कैंप में क्या साथ लेकर जाएं? अगर आप EPFO सब्सक्राइबर हैं और अपने PF अकाउंट से जुड़ी किसी समस्या या शिकायत का सामना कर रहे हैं, तो कैंप में जाने से पहले अपनी समस्या से जुड़े जरूरी दस्तावेज और उपलब्ध जानकारी साथ रखना उपयोगी रहेगा. इससे अधिकारी को मामला समझाने में आसानी हो सकती है। 

70 हजार शिक्षकों को राहत! ₹15-20 हजार तक बढ़ सकती है सैलरी

 जबलपुर मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पहली नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति दीपक खोट की एकलपीठ ने प्रदेश सरकार को अदालती आदेश का अनुपालन करने के लिए 4 हफ्तों का आखिरी समय दिया है। अदालत के इस फैसले से शिक्षकों की वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और एरियर जैसे लंबित वित्तीय और सेवा संबंधी फायदे मिलने का रास्ता खुलने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश के संबंधित शिक्षकों को पहली नियुक्ति तारीख से सेवा लाभ मिलने पर सैलरी में हर महीने 15 से 20 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद बनी है। इसके अलावा, 6वें वेतनमान की पात्रता 1 जनवरी 2006 से माने जाने पर करीब 10 साल का एरियर भी मिल सकेगा, जो हर शिक्षक लगभग 7 से 8 लाख रुपए (12 प्रतिशत संभावित ब्याज की दर से) मिलना संभव है। प्रदेश सरकार को दिये 4 सप्ताह आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पिछले फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया था। इसके बाद दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को 4 हफ्तों का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 को होगी। यहां से शुरु हुआ पूरा विवाद इस मामले में शिक्षक राजेश पांडेय समेत एमपी के 497 अध्यापकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी 2018 से पहले की शिक्षकीय सेवाओं को संविलियन में शामिल न करने वाले सरकारी फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि, पहली नियुक्ति की तिथि से सेवा अवधि की गणना कर वरिष्ठता और सभी देय लाभ दिए जाएं। वहीं, अब इस मामले में हाईकोर्ट का रुख सामने आने के बाज शिक्षक नेताओं का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट से अपील निरस्त होने के बाद अब सरकार को बिना विलंब किए हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करना चाहिए। शिक्षक संगठनों ने जताया आभार दूसरी तरफ प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2 दिनों में 600 से अधिक दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र देने के त्वरित फैसले का स्वागत किया। संगठनों ने इस मानवीय पहल के लिए राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों का आभार जताया है।

MP में 30 हजार शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, TET के बाद आएगी सूची

भोपाल  MP में प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के बाद खुलेगा। दिसंबर में प्रस्तावित TET का रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी कर सकता है। प्रमोशन होने के बाद खाली होने वाले पदों और रिटायरमेंट से रिक्त पदों को मिलाकर अगले साल करीब 48 हजार पदों पर नई भर्ती की स्थिति बन सकती है। दरअसल, सरकार ने 30 जुलाई से सभी विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब एक लाख प्रमोशन भी हो चुके हैं, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक संवर्ग के प्रमोशन अभी बाकी हैं। लिपिक संवर्ग और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के प्रमोशन किए जा चुके हैं। दिसंबर में TET, इसके बाद प्रमोशन की पहली सूची शिक्षकों के प्रमोशन को TET से जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिसंबर 2028 तक छह बार TET कराई जानी है। पहली परीक्षा दिसंबर में माध्यमिक शिक्षा मंडल के जरिए प्रस्तावित है। रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। विभाग ने प्रमोशन के लिए शिक्षकों की सूची पहले ही तैयार कर रखी है। 18 हजार पद मार्च 2027 तक हो सकते हैं खाली फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार पद खाली हैं। मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक रिटायर होंगे। इससे रिक्त पदों की संख्या करीब 18 हजार हो सकती है। इसके अलावा 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन होने पर उनके वर्तमान पद भी खाली होंगे। इस तरह करीब 48 हजार पदों पर भर्ती की स्थिति बन सकती है। शिक्षक संगठन जल्द प्रमोशन की मांग पर अड़े शिक्षक संगठन TET का विरोध करते हुए प्रमोशन जल्द करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं में भी यह मुद्दा उठाया गया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन में भी प्रमोशन की मांग को शामिल किया है। एमपी में टीईटी के आवेदन अब 5 अक्टूबर तक होंगे एमपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर कर दी गई है। पहले 18 सितंबर तक आवेदन होना था। गुरुवार को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब तक 19,100 शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। परीक्षा दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में कराए जाने की संभावना है।