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कल से देशभर में SIR की शुरुआत, 12 राज्यों की सरकारें विरोध के मोर्चे पर

नई दिल्ली छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों में 4 नवंबर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम शुरू हो रहा है। हालांकि पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक चुनाव आयोग को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत कई प्रमुख विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। ममता बनर्जी मार्च निकालेंगी तो डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। बता दें कि चुनाव आयोग ने इसी साल बिहार में इस प्रक्रिया को किया और अब 12 राज्यों में की जा रही है। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसे लेकर अन्य पार्टियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल पार्टियों ने एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का प्रस्ताव पारित किया है। तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उनकी मांग है कि ये प्रक्रिया चुनाव बाद हो, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे नहीं माना। SIR के विरोध में हुई बैठक में डीएमके के अलावा कांग्रेस, मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK), विदुथलाई चिरुथिगल काची, वामपंथी दलों, कमल हासन के नेतृत्व वाली मक्कल नीधि मय्यम, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची और तमिलागा वाझ्वुरिमई काची सहित सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सहयोगियों ने हिस्सा लिया। देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (DMDK) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) तथा डीएमके के वैचारिक मूल संगठन द्रविड़ार कषगम सहित मित्र दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए। इधर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी इसके विरोध में है। इसके खिलाफ 4 नवंबर को कोलकाता में टीएमसी मार्च भी निकाल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मार्च का नेतृत्व करेंगी। इसके विरोध में टीएमसी ने कहा कि तथाकथित विशेष गहन पुनरीक्षण वास्तव में खामोशी से की जाने वाली धांधली है। हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। केरल की लेफ्ट सरकार ने भी किया विरोध वहीं केरल की लेफ्ट सरकार भी इसके विरोध में है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने निर्वाचन आयोग से उसके फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है। इस पर गठबंधन के सहयोगियों की बैठक हुई। गठबंधन का कहना है कि ऐसे समय में जब स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में यह संशोधन लागू नहीं किया जाना चाहिए। ये समझना चाहिए कि एसआईआर लोगों को कैसे प्रभावित करता है. आयोग को इस मामले में समीक्षा करनी चाहिए। कांग्रेस कर रही विरोध कांग्रेस शुरू से ही इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमलावर है। राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बिहार में इसके विरोध में वोटर अधिकार यात्रा भी निकाली। उनका कहना है कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इसके माध्यम से विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है। इसके साथ हो जातीय जनगणना: सपा उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर एक मांग की है। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ये बड़ी एक्सरसाइज है। हम चाहते हैं कि SIR में एक कॉलम और बढ़ाया जाए जिससे जातीय जनगणना करी जा सके। प्रथम चरण की प्रक्रिया     जिनका नाम 2003 के एसआईआर नाम है उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है     केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की होगी जरूरत     असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950     बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से ले सकते हैं मदद     मुद्रण प्रशिक्षण कार्य दिनांक 28.10.2025 से 03.11.2025 तक     घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य दिनांक 04.11.2025 से 04.12.2025 तक     मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 09.12.2025 होगा     दावे और आपत्ति की अवधि दिनांक 09.12.2025 से 08.01.2026 तक रहेगा     नोटिस चरण सुनवाई और सत्यापन दिनांक 09.12.2025 से 31.01.2026     मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक 07.02.2026 होगा     छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर जो मिलान किया गयाहै     बीएलओ द्वारा वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया गया है     जो कि 71 प्रतिशत के करीब है     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया     2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं     मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है     एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा     मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं     वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं     बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा     इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा     केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी     भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है     किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950     बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं     सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से किया आग्रह     पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें     ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें 7 फरवरी को आएगी अंतिम मतदाता सूची गणना के बाद 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इसी दिन से दावे और आपत्ति दर्ज कराई जा सकती हैं, जो कि 8 जनवरी 2026 तक चलेंगी. 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज रहेगा। जिसमें सुनवाई और वैरिफिकेशन का काम किया जाएगा। इन सबके बाद 7 फरवरी को 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। दूसरे चरण में जिन-जिन राज्यों में एसआईार की प्रक्रिया होनी … Read more

ट्रंप ने बताया बड़ा राज, पाकिस्तान कर रहा परमाणु परीक्षण

इस्लामाबाद  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि निश्चित रूप से  उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण कर रहा है. पाकिस्तान भी न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि हम भी परीक्षण करेंगे क्योंकि दूसरे देश परमाणु परीक्षण करते हैं.  ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया के कई देश परमाणु बम की टेस्टिंग कर रहे हैं. लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "रूस और चीन परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन वे इस बारे में बात नहीं करते. वे इसे बताते नहीं हैं. हम एक खुला समाज हैं. हम अलग हैं. हम इस बारे में बात करते हैं. हमें इस बारे में बात करनी ही होगी क्योंकि वरना आप लोग कल को रिपोर्ट कर देंगे. उनके पास ऐसे पत्रकार नहीं हैं जो इस बारे में लिखें."  ट्रंप ने आगे कहा कि अब अमेरिका भी न्यूक्लियर टेस्ट करेगा. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया और पाकिस्तान भी परमाणु बम का परीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम परीक्षण करेंगे क्योंकि वे परीक्षण करते हैं और दूसरे भी परीक्षण करते हैं. और निश्चित रूप से उत्तर कोरिया परीक्षण कर रहा है. पाकिस्तान भी परमाणु परीक्षण कर रहा है." गौरतलब है कि पाकिस्तान की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक 1998 में परमाणु परीक्षण किया था. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को माने तो पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करता आ रहा है. और ऐसी ही स्थिति रूस और चीन की है. ट्रंप के मुताबिक दोनों ही देश लंबे समय से परमाणु परीक्षण करते आ रहे हैं.  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूज चैनल सीबीएस के 60 मिनट्स कार्यक्रम पर एक साक्षात्कार में कहा कि रूस और उत्तर कोरिया भी अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं.  ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उन्होंने 33 साल के प्रतिबंध के बाद अमेरिकी सेना को परमाणु हथियार परीक्षण करने के अपने आदेश को उचित ठहराया. ट्रंप के खुलासे के मुताबिक अगर पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है तो ये भारत के लिए चिंताजनक सूचना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "परमाणु हथियार संपन्न देश आपको इसके बारे में बताने नहीं जाते… वे जमीन के नीचे परीक्षण करते हैं जहां लोगों को ठीक से पता ही नहीं चलता कि परीक्षण में क्या हो रहा है. बस आपको थोड़ा कंपन महसूस होता है." 33 सालों बाद न्यूक्लियर टेस्ट क्यों कर रहा है अमेरिका बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका 33 वर्षों के अंतराल के बाद परमाणु परीक्षण शुरू करने जा रहा है. अमेरिका ने आखिरी बार परीक्षण 1992 में किया गया था. इसके बाद शीत युद्ध के अंत की घोषणा की गई थी.  सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पेंटागन को "हमारे परमाणु हथियारों का समान आधार पर परीक्षण शुरू करने" का निर्देश दिया है, जो रूस द्वारा नई न्यूक्लियर सिस्टम के परीक्षण और चीन द्वारा नए बैलिस्टिक मिसाइल साइलो की तैनाती के जवाब में है.

सम्राट विक्रमादित्य आदर्श शासन के प्रतीक — वीरता, न्याय और दानशीलता से दी प्रेरणा : CM डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का प्रस्तुत किया उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाल परेड ग्राउंड पर पहली बार हुआ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग, सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच हो उठा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया था। लगभग दो हजार साल पहले उनके शासनकाल की विशेषताओं पर महान नाट्य का मंचन पहली बार भोपाल में हो रहा है। आज का दिन ऐतिहासिक भी है क्योंकि कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच साकार हो उठा। वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों का चित्रण राजधानी के दर्शकों के लिए मंचित किया गया। नाटक में सम्राट विक्रमादित्य के राज्यारोहण के दृश्य और अन्य प्रसंग अद्भुत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाल परेड ग्राउंड में म.प्र. स्थापना दिवस के दूसरे दिन आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास की बात कही है। मध्य प्रदेश इस मंत्र को अपना कर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा किकभी ये परिस्थिति बनी कि राष्ट्र की स्वतंत्रता बाहरी आक्रामकों के कारण खतरे में पड़ी। राष्ट्र की गरिमा धूल धूसरित हो गई। गुलामी की काली छाया थी। हमारी धर्म में विश्वास रखने वाली शांति प्रिय जनता धर्म ध्वजा उठाए सुख वैभव से रहती थी। आक्रामकों ने गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिया। मथुरा, कंधार, उज्जयिनी जैसे केंद्र नष्ट भ्रष्ट किए जाने लगे। हाहाकार मच गया। उस दौर में अन्तत: पुनः समय बदला सम्राट विक्रमादित्य का युग प्रारंभ हुआ। वे बाल्य अवस्था में ही जन कल्याण को उन्मुख थे। आचार्य चन्द्रगुप्त से दीक्षा लेकर शासन के सूत्र अपने हाथ में लिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासन के संपूर्ण भू भाग के नागरिकों को ऋण मुक्त करते हुए उन्हें अपने सामर्थ्य का लाभ दिया और विक्रम संवत प्रारंभ करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया। शौर्य, दानशीलता, न्याय का परिचय देकर सुशासन की व्यवस्था लागू की। वे सम्पूर्ण राष्ट्र को ऋण मुक्त करने में सफल हुए। पुनः संवत का प्रवर्तन हो चुका था। सम्राट विक्रमादित्य ने नवरत्नों को जुटाया। विनम्रता से राज्य के छोटे से छोटे व्यक्ति के कल्याण की चिंता करते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की इस कथा को अनूठी कल्पना के साथ प्रस्तुत किया गया। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में रात्रि गश्त का प्रसंग भी महत्वपूर्ण है। सम्राट विक्रमादित्य राज्य के अपराध से जुड़े लोगों के गुणों को भी जानते थे और उन गुणों का उपयोग राष्ट्र कल्याण में करने और देश हित में उन्हें उन्मुख करते थे। राज्य रोहण पूरी शान के साथ होता है। महाकाल महाराज की कृपा से वे अद्वितीय शासक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाटक के सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। यहां फिल्मांकन की तरह नाट्य मंचन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त कलाकारों को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर,विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संस्कृति और पर्यटन शिवशेखर शुक्ला मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस समारोह “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के दूसरे दिवस लाल परेड ग्राउंड, भोपाल का वातावरण सृजन, संस्कृति और कला के रंगों से सराबोर रहा। दिनभर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक-कलाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश न केवल विकास की राह पर अग्रसर है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नए उत्साह और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संजोए हुए है। परंपरा और नवाचार के इस संगम ने राजधानी को रचनात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया, जहाँ मंचों पर लोकधुनों, नृत्यनाट्य, संगीत और कलात्मक प्रदर्शनियों की श्रृंखला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थापना दिवस के दूसरे दिन की संध्या सर्वप्रथम अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महानाट्य प्रस्तुति सम्राट विक्रमादित्य का मंचन हुआ। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। नाटक की भव्यता जहां कलाकारों के अभिनय, परिधान, संवाद और सेट कर रहा था, वहीं ऊंट, घोड़े, हाथी, पालकी, बग्गी इत्यादि ने भी इसकी आकर्षकता को बढ़ाया। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को इस बात से परिचित कराना था कि हमारा मध्यप्रदेश प्राचीन काल से ही कितना महान रहा है। आज जब हम जनकल्याण, सुशासन और विकास की बात कर रहे हैं, तो यह प्रेरणा हमें सम्राट विक्रमादित्य जैसे महान इतिहास पुरुषों से ही प्राप्त हुई है, जो हमारे वैभवशाली अतीत के महानायक हैं। ऐसे विक्रमादित्य जो काल गणना, विवेकपूर्ण न्याय, शौर्य और महानता के लिए जाने जाते हैं। महानाट्य के बारे में राम और कृष्ण जैसे अवतार नायकों के बाद भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय नायक विक्रमादित्य ही हैं। भारत वर्ष के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध पुरातन पुरुषों में विक्रमादित्य अग्रणी है। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा राजनीतिक उपलब्धियों सैनिक अभियान और विजय यात्राएँ शासन की आदर्श अनोखी विवेकपूर्ण न्यायपद्धति, कला एवं साहित्य की उन्नति में उदार सहयोग तथा सहभागिता जैसे उदात्त गुणों ने भारत ही नहीं आस-पास और सुदूर देशों में भी उन्हें सदा के लिये प्रतिष्ठित कर दिया। शकों तथा यवनों ने भारत पर आक्रमण कर आंतक मचा रखा था। शक राजा महाबली, अर्थलोभी, पापी और दुष्ट थे, क्रूर हिंसक देश विरोधी शकों की उस दुर्दान्त, प्रलयंकारी काली छाया से विक्रमादित्य ने भारत को मुक्त कराया और 96 शक सामन्तों को पराजित कर उन्हें भारत से भागने पर विवश कर दिया था। शकों को खदेड़ कर ही शकारि और साहसांक की उपाधियाँ धारण की। आज भी विकमादित्य द्वारा 2082 वर्ष पूर्व प्रारम्भ विक्रम संवत् भारत वर्ष ही नहीं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ काल गणना … Read more

विदेशी नंबर से भी करें UPI पेमेंट! जानिए आसान तरीका और जरूरी सेटिंग्स

नई दिल्ली डिजिटल पेमेंट ने भारत में पैसे भेजने और लेने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. अब बात सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीय भी UPI (Unified Payments Interface) के जरिए अपने भारतीय बैंक अकाउंट से सीधे भुगतान कर सकते हैं. हाल ही में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कुछ देशों के लिए यह सुविधा शुरू की है, जिससे इंटरनेशनल मोबाइल नंबर वाले यूजर्स भी अब भारत में आसानी से UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. अगर आप विदेश में रहते हैं और अपने इंटरनेशनल नंबर से UPI इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से पढ़ें. इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से UPI पेमेंट करने का तरीका अब तक UPI केवल भारतीय मोबाइल नंबर पर ही चलता था, लेकिन अब यह नियम कुछ देशों के यूजर्स के लिए बदल गया है. इसका फायदा खासकर एनआरआई (NRI) भारतीयों को मिलेगा, जो विदेश में रहकर भी अपने भारतीय बैंक अकाउंट से लेन-देन कर सकेंगे. चलिए जानते हैं, कैसे आप अपने इंटरनेशनल नंबर से UPI एक्टिवेट कर सकते हैं:     UPI ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने मोबाइल के ऐप स्टोर से ऐसा UPI ऐप डाउनलोड करें जो विदेशी नंबरों को सपोर्ट करता हो. जैसे PhonePe, Paytm, Google Pay (India Version), BHIM App या आपके बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप.     इंटरनेशनल मोबाइल नंबर डालें: ऐप खोलने के बाद आपसे मोबाइल नंबर मांगा जाएगा. यहां अपना Country Code (जैसे +1, +44, +971) और इंटरनेशनल नंबर दर्ज करें.     OTP से वेरिफिकेशन करें: ऐप आपके इंटरनेशनल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजेगा. इस OTP को एंटर करके नंबर वेरिफाई करें.     (ध्यान दें: इसके लिए आपके मोबाइल में इंटरनेशनल SMS या रोमिंग प्लान एक्टिव होना जरूरी है.)     बैंक अकाउंट लिंक करें: वेरिफिकेशन पूरा होते ही ऐप अपने-आप उस भारतीय बैंक अकाउंट को पहचान लेगा जो आपके नंबर से जुड़ा हुआ है.     UPI PIN सेट करें: अब अपने डेबिट कार्ड के आखिरी 6 अंक और एक्सपायरी डेट डालें. इसके बाद नया UPI PIN सेट करें.     अब आप तैयार हैं पेमेंट के लिए: अब आप भारत में किसी भी व्यापारी, परिवार या दोस्त को QR कोड स्कैन करके, UPI ID डालकर, या मोबाइल नंबर से तुरंत पेमेंट कर सकते हैं. इन बातों का रखें खास ध्यान     आपके पास NRE (Non-Resident External) या NRO (Non-Resident Ordinary) बैंक अकाउंट होना जरूरी है.     बैंक रिकॉर्ड में आपका वही इंटरनेशनल नंबर लिंक होना चाहिए, जिससे आप UPI करना चाहते हैं.     फिलहाल यह सुविधा केवल NPCI द्वारा चुने गए देशों में रहने वाले यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है.     जिन देशों में यह सुविधा सक्रिय है, वहां के बैंक और नेटवर्क को भी NPCI की पार्टनर लिस्ट में होना चाहिए. कौन से देशों में उपलब्ध है यह सुविधा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई (UAE), सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों के यूजर्स के लिए यह सर्विस धीरे-धीरे शुरू हो चुकी है. आने वाले महीनों में इसे और देशों में विस्तार दिया जाएगा. क्यों है यह फीचर खास? यह सुविधा विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए बेहद फायदेमंद है. पहले उन्हें भारत में पैसा भेजने के लिए कई ऐप या बैंक चैनल्स का सहारा लेना पड़ता था, जिनमें ट्रांजैक्शन चार्ज भी लगता था. अब वे अपने ही इंटरनेशनल नंबर से सीधा UPI ट्रांजैक्शन कर सकेंगे तेज, सुरक्षित और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के. अगर आप भी किसी विदेशी देश में रहते हैं और अपने भारतीय बैंक अकाउंट से रोज़मर्रा के लेन-देन करना चाहते हैं, तो अब यह बेहद आसान हो गया है. बस आपका नंबर NPCI द्वारा समर्थित देश का होना चाहिए, बैंक अकाउंट लिंक हो और फोन में इंटरनेट कनेक्शन मौजूद हो. इसके बाद आप भारत में कहीं भी और किसी को भी UPI के जरिए तुरंत भुगतान कर सकते हैं.

वर्ल्ड कप फाइनल में दीप्ति-शेफाली-हरमन का जलवा, जीत के बाद टीम इंडिया पर धनवर्षा

नवी मुंबई भारत की महिला क्रिकेट टीम ने  इतिहास रचते हुए वनडे वर्ल्ड कप 2025 अपने नाम किया. 2 नवंबर (रविवार) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए खिताबी मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से परास्त किया. भारतीय महिला टीम ने पहली बार विश्व कप खिताबी जीता है. वहीं साउथ अफ्रीकी टीम का खिताब जीतने का सपना चकनाचूर हो गया. भारतीय टीम की जीत के बाद इनामों की बारिश हो रही है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों और टीम के सपोर्ट स्टाफ के लिए बड़ा ऐलान किया है. बीसीसीआई भारतीय टीम को प्राइज मनी के तौर पर 51 करोड़ रुपये देगा. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात को कन्फर्म किया है. भारतीय महिला टीम को पहली बार इतनी इनामी राशि मिलने जा रही है. देवजीत सैकिया ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, '1983 में कपिल देव ने भारत को वर्ल्ड कप जिताकर भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा और प्रेरणा दी थी. अब हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने वही जोश और उत्साह दोबारा जगा दिया है. उन्होंने सिर्फ ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया है.' देवजीत सैकिया ने ICC चेयरमैन का जताया आभार देवजीत सैकिया ने कहा कि यह जीत भारत में महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देगी और अगली पीढ़ी की खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी. उन्होंने आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) के चेयरमैन और पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने महिला खिलाड़ियों को लेकर जरूरी कदम उठाए हैं. देवजीत सैकिया ने कहा, 'जय शाह के नेतृत्व में महिला क्रिकेट में बड़े बदलाव आए हैं. वेतन समानता पर भी ध्यान दिया गया. हाल ही में महिला वर्ल्ड कप के लिए इनामी राशि में 300 प्रतिशत की वृद्धि की गई. यह 2.88 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर लगभग 14 मिलियन डॉलर कर दी गई.  इन कदमों से महिला क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिला है. बीसीसीआई ने खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम की भी घोषणा की है.' आईसीसी की तरफ से भी भारतीय टीम को खिताब जीतने पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिली है, जो क्रिकेट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है.  महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में आईसीसी ने 13.88 मिलियन डॉलर (लगभग 123 करोड़ रुपये) की इनामी राशि बांटी, जो 2022 के संस्करण से लगभग तीन गुना ज्यादा है. दीप्ति शर्मा ने वर्ल्ड कप फाइनल में लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी, शेफाली वर्मा-हरमनप्रीत कौर ने भी रचा इतिहास आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका पर 52 रनों से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पहली बार महिला वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई. 2 नवंबर (रविवार) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए इस मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 299 रनों का टारगेट सेट किया था. ये टारगेट प्रेशर मुकाबले में जीत दिलाने के लिए काफी था. साउथ अफ्रीकी टीम रनचेज में सिर्फ 246 रन ही बना सकी. भारतीय टीम को 2005 और 2017 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में क्रमश: ऑस्ट्रेलिया एवं इंग्लैंड ने पराजित किया था. मगर इस बार हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने फिनिशिंग लाइन पार कर फैन्स को जश्न मनाने का मौका दिया हैं. खिताबी मुकाबले में कुछ खास रिकॉर्ड्स भी बने. आइए इस पर नजर डालते हैं… ♦ शेफाली वर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. शेफाली ने फाइनल में 87 रन बनाए और दो विकेट झटके थे. शेफाली वर्मा वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के सेमीफाइनल या फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर हैं. शेफाली ने 21 वर्ष और 279 दिन की उम्र में ये उपलब्धि हासिल की. ♦ महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर ने की. हरमन महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे उम्रदराज कप्तान हैं. 36 वर्ष और 239 दिन की उम्र में हरमन ने ये मुकाम हासिल किया है. ♦ यह पहली बार है जब महिला वनडे विश्व कप किसी ऐसी टीम ने जीता है, जिसने टूर्नामेंट में तीन मैच गंवाए. हालांकि पुरुषों के टूर्नामेंट में ऐसा दो बार हुआ है. साल 1992 में पाकिस्तान और 2019 में इंग्लैंड ने तीन-तीन मैच हारने के बावजूद मेन्स वनडे वर्ल्ड कप जीता था. ♦ दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 58 रन बनाए. साथ ही 39 रन देकर पांच विकेट झटके. विश्व कप (महिला या पुरुष) के नॉकआउट मैच में अर्धशतक जड़ने और पांच विकेट लेने वाली दीप्ति पहली क्रिकेटर हैं. साथ ही भारतीय महिला टीम के लिए वनडे क्रिकेट में पहली बार किसी प्लेयर ने पांच विकेट लिए और अर्धशतकीय पारी भी खेली. यही नहीं वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) में ये उपलब्धि हासिल करने वाली दीप्ति दूसरी भारतीय हैं. 2011 के विश्व कप में युवराज सिंह ने आयरलैंड के खिलाफ ऐसा ही प्रदर्शन किया था. ♦ दीप्ति शर्मा ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड 2025 में 22 विकेट चटकाए, साथ ही 215 रन बनाए. दीप्ति को इस प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया. दीप्ति महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं. दीप्ति वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के एक संस्करण में 200 रन और 20 विकेट का डबल बनाने वाली पहली खिलाड़ी हैं. साथ ही दीप्ति महिला वनडे विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गईं. महिला वनडे वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट (भारत) 43- झूलन गोस्वामी 36- दीप्ति शर्मा 31- डायना एडुल्जी 30- नीतू डेविड 30- पूर्णिमा राउ महिला वनडे विश्व कप के एक संस्करण में सर्वाधिक विकेट 23- लिन फुलस्टन (ऑस्ट्रेलिया), 1982 22- जैकी लॉर्ड (न्यूजीलैंड), 1982 22- दीप्ति शर्मा (भारत), 2025  21- सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड), 2022  20- शुभांगी कुलकर्णी (भारत), 1982  20- नीतू डेविड (भारत), 2005  ♦ साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वोलवार्ट ने खिताबी मुकाबले में शानदार 101 रन बनाए. वोलवार्ट ऐसी दूसरी प्लेयर हैं, जिन्होंने किसी वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के सेमीफाइनल और फाइनल में शतक लगाया. … Read more

डिग्री नहीं, स्किल की जरूरत: एआई के दौर में ये 6 हुनर बचाएंगे आपकी नौकरी

नई दिल्ली एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटेमेशन के चलते दुनिया की बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर तेज हो गया है। अमेजन, यूपीएस, टारगेट, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। धड़ाधड़ पिंक स्लिप पकड़ाई जा रही हैं और नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। टेक से लेकर ट्रांसपोर्ट तक जैसी फलने फूलने वाली इंडस्ट्री अब रीस्ट्रक्चरिंग और एफिशिएंसी की भाषा बोल रही हैं। हर सेक्टर के विभिन्न कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चितता से भरा है। इस उथल-पुथल के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था नो हायर -नो फायर यानी न नई भर्ती, न ज्यादा छंटनी , ऐसी स्थिति में फंसी है। इसकी वजह है- जियोपॉलिटिक्स (अंतरराष्ट्रीय तनाव), ऑटोमेशन, टैक्स-टैरिफ और बदलती उपभोक्ता आदतें। अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप के लौटने के बाद से पब्लिक सेक्टर में हजारों लोगों की नौकरियां गई हैं। सरकारी शटडाउन अपने चौथे हफ्ते के करीब है, जिससे कई लोगों को सैलरी नहीं मिली और सभी के पास कोई जवाब नहीं है। भर्तियां अब सिर्फ डिग्री के दम पर नहीं टैग्ड के फाउंडिंग मेंबर और सीईओ देवाशीष शर्मा का कहना है कि भारत में कंपनियों में अब भर्तियां डिग्री के दम पर नहीं, बल्कि कैंडिडेट में जॉब के लिए दिखने वाली तैयारी से तय होगी। प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और योग्यता मूल्यांकन से स्किल्स देखी जाएगी। उन्होंने कहा, 'एम्प्लॉयर्स खासकर बड़ी कंपनियां एकेडमिक इंस्टीट्यूशन्स के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स बनाकर और करिकुलम को मिलकर डिजाइन करके जॉब के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।' कई बड़ी दिग्गजों कंपनियों खर्चों को लेकर अपना हाथ टाइट कर लिया है और कर्मचारियों की संख्या पर लगाम लगाई है, यहां देखें लिस्ट अमेजन: ने 14,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों (लगभग 4% ) की छंटनी की है। कंपनी इस पैसे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश कर रही है। यूपीएस : ने इस साल 48,000 नौकरियां घटाई हैं और 93 ब्रांचों को बंद कर दिया है क्योंकि शिपिंग (सामान भेजने) की मात्रा कम हुई है। टारगेट : टारगेट ने 1800 कर्मचारियों (लगभग 8% कॉर्पोरेट कर्मी) को हटाया है। नेस्ले : बढ़ती कीमतों और टैरिफ के कारण अगले दो सालों में दुनिया भर में 16,000 छंटनियां कर रही है। लुफ्थांसा समूह : 2030 तक 4,000 पद खत्म करने की योजना बना रहा है। प्रशासनिक काम को डिजिटल और AI प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर रहा है। नोवो नॉर्डिस्क : अपनी ब्लॉकबस्टर दवाओं की भारी मांग के बावजूद 9,000 कर्मचारियों (11% कार्यबल) की छंटनी की घोषणा की है। इंटेल : छंटनी और कर्मचारियों के छोड़ने से अपने मुख्य मैनफोर्स को 99,500 से घटाकर 75,000 कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट : माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल 6,000 कर्मचारियों को निकालने के बाद, गेमिंग और प्रबंधन डिवीजनों में 9,000 और कर्मचारियों की छंटनी की है। एआई, ऑटोमेशन और मार्केट की बदलती जरूरतों में कैसे टिके रहें- 1- फिर से सीखें और नए सिरे से सोचें वो दिन गए जब एक ही स्किल से जिंदगी काटी जा सकती है। जिंदगी भर कमाया जा सकता था। खुद की स्किल्स को बढ़ाना और उसे अपग्रेड करना अब ऑप्शनल नहीं है; यह अनिवार्य है और जिदा रहने का तरीका है। प्रोफेशनल्स को लगातार सीखने में निवेश करना चाहिए, चाहे वह एआई साक्षरता हो, डेटा इंटरप्रिटेशन हो, या कम्युनिकेशन को बेहतर बनाना हो। कोर्सेरा, लिंक्डइन लर्निंग जैसे प्लेटफॉर्म और कंपनी-स्पॉन्सर्ड प्रोग्राम किसी के स्किलसेट को नए सिरे से समझने के लिए मजबूत रास्ते देते हैं। 2. एक पर्सनल ब्रांड बनाएं आज की दुनिया में आपकी ऑनलाइन पहचान बहुत मायने रखती है। लिंक्डिन पर नेटवर्किंग, अनुभव साझा करना और ईमानदारी से खुद को पेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डिजिटल वर्ल्ड में आपकी मौजदूगी आपको भीड़ में सबसे अलग खड़ा कर देगी। 3. फाइनेंशियल दूर की सोच बढ़ाएं जॉब की असुरक्षा के माहौल में आपका बचाया हुआ पैसा बहुत काम आएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कम से कम छह महीने के खर्चों को कवर करने वाला एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। कंसल्टिंग, फ्रीलांसिंग, या पैसिव इन्वेस्टमेंट के जरिए इनकम के सोर्स को अलग-अलग करें। साइड इनकम के लिए निवेश करें। 4. जुड़े रहें, संपर्क में रहें नेटवर्किंग लेन-देन वाली नहीं, बल्कि रिश्तों को बनाए रखने वाली होती है। नौकरी से निकाले जाने और बदलाव के दौरान इमोशनल सपोर्ट अक्सर साथियों, पुराने साथ काम करने वालों या इंडस्ट्री के लोगों से मिलता है। इन कनेक्शन को बनाए रखने से अनजाने रास्ते खुल सकते हैं। 5. मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दें नौकरी छूटने या अस्थिरता से मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। मानसिक रूप से मजबूत बने रहने में थेरेपी, मेडिटेशन और नियमित दिनचर्या मदद करती है। 6. लगातार सीखें, खुद को बदलें अब हर व्यक्ति को अपनी स्किल्स को बढ़ाने, खुद को नया रूप देने की जरूरत है। आज का जॉब मार्केट खत्म नहीं हुआ है। यह बस बदल रहा है। इसके लिए सिर्फ टेक्निकल काबिलियत ही नहीं, बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंस, एडजस्ट करने की क्षमता और समय के साथ बदलना जरूरी है।  

नई पेंशन गणना: अब पेंशनर्स को मिलेगा ज्यादा लाभ, समझें पूरा कैलकुलेशन

नई दिल्ली आठवें वेतन आयोग की चर्चा शुरू होते ही सबका ध्यान सैलरी पर रहता है, लेकिन इस बार पेंशनर्स की संख्या कर्मचारियों से ज्यादा है, इसलिए उनका मुद्दा भी बड़ा हो गया है। सरकार के पेंशनर्स पोर्टल के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2025 तक कुल 68.72 लाख पेंशनर्स हैं, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या करीब 50 लाख है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफ्रेंस (Terms of Reference- TOR) को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की गई है और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Ranjana Prakash Desai) को इसका चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। अब पेंशनर्स जानना चाहते हैं कि उनकी पेंशन कितनी बढ़ेगी? तो चलिए समझते हैं पूरा कैलकुलेशन। फिटमेंट फैक्टर क्या है और पेंशन कितनी बढ़ेगी? पेंशन बढ़ाने में सबसे अहम रोल फिटमेंट फैक्टर का होता है। यह एक गुणक (Multiplier) होता है जिससे पुराने बेसिक वेतन या बेसिक पेंशन को नए वेतन में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। यानी अगर किसी की पुरानी बेसिक सैलरी 10,000 रुपए थी, तो नई सैलरी 10,000 × 2.57 = 25,700 रुपए होगी। आठवें वेतन आयोग में (8th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह कैबिनेट की मंजूरी के बाद तय होगा। क्या सिर्फ बेसिक पेंशन ही बदलेगी?   नहीं, पेंशनर्स के लिए सिर्फ बेसिक पेंशन ही मुद्दा नहीं है। टर्म ऑफ रेफ्रेंस में पेंशन से जुड़े कई पॉइंट शामिल हैं, जैसे— पेंशन, ग्रेच्युटी, फैमिली पेंशन, कम्यूटेड पेंशन की बहाली हर 5 साल में पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) की बहाली (1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती वालों के लिए) CGHS मेडिकल सुविधा, कैशलेस इलाज और महंगाई राहत (DA/DR) को वेतन और पेंशन में जोड़ना। पेंशनर्स की प्रमुख मांगें क्या हैं? ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल बता ते हैं कि फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, पेंशन उतनी ज्यादा बढ़ेगी। कम्यूटेशन 15 साल से घटाकर 12 साल होना चाहिए, क्योंकि अभी 40% पेंशन काटी जाती है। CGHS अस्पताल हर जिले में नहीं हैं। अभी सिर्फ 3,000 रुपए प्रति महीना मेडिकल लाभ मिलता है, इसे 20,000 रुपए किया जाए। पेंशन कैसे बढ़ती है? फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पूरा कैलकुलेशन समझ लेते हैं। मान लीजिए एक शख्स की पुरानी बेसिक पे है- 40,000 रुपए, तो पुरानी पेंशन (50%) होगी यानी 20,000 रुपए। फिटमेंट फैक्टर नई बेसिक पे नई पेंशन (50%) 2.57 40,000 × 2.57 = ₹1,02,800 ₹51,400 3 40,000 × 3 = ₹1,20,000 ₹60,000 3.68 40,000 × 3.68 = ₹1,47,200 ₹73,600   25000 से ₹50000 पेंशन कैसे होगी? अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 माना जाए, तो ₹25,000 × 2 = 50,000 रुपए पेंशन हो सकती है। महंगाई राहत कैसे बढ़ेगी? How will the dearness relief increase DR बेसिक पेंशन का प्रतिशत होता है। पुरानी पेंशन ₹20,000 → DR 20% = ₹4,000 नई पेंशन ₹30,000 → DR 20% = ₹6,000 यानी बेसिक पेंशन बढ़ने से DR अपने आप ज्यादा मिलेगा। EPS, फैमिली पेंशन और Enhanced पेंशन में क्या होंगे बदलाव? पेंशन का प्रकार क्या होता है? नया असर EPS आखिरी बेसिक सैलरी पर आधारित नई वेतन मैट्रिक्स लागू होगी तो EPS भी बढ़ेगी फैमिली पेंशन पेंशनर की मृत्यु के बाद पत्नी/परिवार को 30% बेसिक बेसिक बढ़ेगा तो फैमिली पेंशन भी बढ़ेगी Enhanced पेंशन लंबी सेवा या कम्यूटेशन रिस्टोर होने पर Fitment Factor ज्यादा होने पर ये भी बढ़ेगी   पेंशन का प्रकार क्या होता है? नया असर EPS आखिरी बेसिक सैलरी पर आधारित नई वेतन मैट्रिक्स लागू होगी तो EPS भी बढ़ेगी फैमिली पेंशन पेंशनर की मृत्यु के बाद पत्नी/परिवार को 30% बेसिक बेसिक बढ़ेगा तो फैमिली पेंशन भी बढ़ेगी Enhanced पेंशन लंबी सेवा या कम्यूटेशन रिस्टोर होने पर Fitment Factor ज्यादा होने पर ये भी बढ़ेगी उदारणर में समझें तो- पुरानी फैमिली पेंशन: ₹20,000 → 30% = ₹6,000 नई पेंशन: ₹30,000 → 30% = ₹9,000

सुरक्षित सफर की दिशा में—परिवहन विभाग की नई पहल

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2025 में परिवहन विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभाग द्वारा यहाँ आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों की जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी जा रही है। राज्योत्सव में आए आगंतुकों ने परिवहन विभाग के इस स्टॉल को शिक्षाप्रद और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। स्लॉट में आने वाले लोगों ने परिवहन विभाग द्वारा प्रदर्शित पहलुओं को सड़क सुरक्षा और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया है। स्टॉल में बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ’वाहन चलाने से पहले और वाहन चलाने के दौरान सुरक्षित व्यवहार’ पर आधारित वीडियो मॉड्यूल्स दिखाए जा रहे हैं। कुल 37 मिनट के 12 वीडियो मॉड्यूल्स के जरिए वाहन चालकों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। ये सभी मॉड्यूल्स ’सारथी परिवहन प्लेटफार्म’ पर भी उपलब्ध हैं। स्टॉल में लगाए गए सिम्युलेटर के माध्यम से आगंतुक सुरक्षित वातावरण में वाहन चलाने का अभ्यास कर रहे हैं। यह सिम्युलेटर वाहन संचालन से पहले प्रशिक्षण का एक उपयोगी माध्यम साबित हो रहा है। परिवहन विभाग के स्टॉल में अंर्तविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्टॉल में विभागीय कार्य में पारदर्शिता और आमजनों में जागरूकता लाने प्रमुखता से बस संगवारी ऐप, ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाणपत्र, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, परिवहन सुविधा केंद्र, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड रिसर्च सेंटर, राहवीर योजना, शासकीय ट्रॉमा सेंटर और धनरहित उपचार योजना की जानकारी भी दी जा रही है।

56 विभागों की 1700 सेवाएँ अब एमपी ई-सेवा पोर्टल पर मिलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ कर डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई क्रांति का आगाज किया। यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच अब 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करायेगा। ‘एमपी ई-सेवा’ के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश को देश के डिजिटल गवर्नेंस एनेबल्ड राज्यों में अग्रणी बनाने वाले इस पोर्ट्ल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ने विकसित किया है। इससे नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एक ही डिजिटल ईको-सिस्टम में जोड़कर मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है। नागरिकों के लिए एक पोर्टल, सभी सेवाएँ एकीकृत एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब इन सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट पर लॉगइन करने और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व iOS) के माध्यम से सभी सेवाओं के लिए पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस चैक करने के साथ ही अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। एमपी ई-सेवा पोर्टल पर सभी चरण आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र से सुरक्षित हैं। इससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस बन गई है। ‘एमपी ई-सेवा’ और ‘समग्र पोर्टल’ का एकीकरण ‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। यह एकीकरण नागरिकों की ऑटो-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जिससे पात्रता की पहचान स्वतः ही हो जाती है और दोहराव अथवा देरी नहीं होती है। ‘एमपी ई-सेवा’ की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं करने पड़ते। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज़ आगे की सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं। सुगम, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित ‘ऐप डिज़ाइन’ ‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल का इंटरफ़ेस मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बहुभाषीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुप्रयोग को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग आसान होगा। प्रारंभिक मूल्यांकन तौर पर इससे गवर्नेंस लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी साथ ही वर्ष भर में नागरिकों के 50 मिलियन घंटों की भी बचत होगी। मध्यप्रदेश में डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड सितम्बर 2025 में आई राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा – वितरण आकलन (एनईएसडीए वे फॉरवर्ड ) रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप किया है और सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को एमपी ई-सेवा’ पोर्टल में 100% इंटीग्रेट कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य को ‘सायबर तहसील’ के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिये राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुके हैं।  

इनोवेशन को मिलेगा बूस्ट! R&D इकोसिस्टम के लिए मोदी सरकार लाएगी 1 लाख करोड़ रुपए की स्कीम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सुबह लगभग 9:30 बजे नई दिल्ली स्थित 'भारत मंडपम' में साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को एक लाख करोड़ रुपए के रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) स्कीम फंड की शुरुआत भी करेंगे। इस योजना का उद्देश्य देश में निजी क्षेत्र के संचालित रिसर्च एंड डेवलपमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। ईएसटीआईसी का आयोजन 3 से 5 नवंबर तक किया जाएगा।  इस सम्मेलन में शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और सरकार के 3,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ-साथ नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रख्यात वैज्ञानिक, इनोवेटर्स और पॉलिसी मेकर्स भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, विचार-विमर्श 11 प्रमुख विषय सेक्टरों पर केंद्रित होगा, जिनमें एडवांस मटेरियल्स एंड मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, उभरती एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट, हेल्थ एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी, क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल हैं। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी जानकारी दी गई कि ईएसटीआईसी में प्रमुख वैज्ञानिक अपने विचार रखेंगे। इसके अलावा पैनल डिस्कशन होगा। प्रेजेंटेशन दिखाई जाएगी और टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन होगा। यह कार्यक्रम भारत के साइंस एंड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए शोधकर्ताओं, उद्योग और युवा इनोवेटर्स के बीच सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह के अनुसार, 'ईएसटीआईसी 2025' युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए नए समाधान, मार्गदर्शन करने और उद्योग व स्टेकहॉल्डर से जुड़ने का एक मंच है।