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आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की गतिविधियों के लिए युवा चिंतन शिविर का मध्यप्रदेश में होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गायत्री परिवार, समाज-संस्कृति-संस्कारों को पुष्पित-पल्लवित कर ऊर्जा का संचार कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की गतिविधियों के लिए युवा चिंतन शिविर का मध्यप्रदेश में होना गर्व का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के शिविर के शुभारंभ-सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। जिस प्रकार हृदय, शरीर के रक्त को शुद्ध कर हमारी आयु बढ़ाता है, उसी प्रकार गायत्री परिवार समाज-संस्कृति-संस्कारों को पुष्पित-पल्लवित कर नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। प्रांतीय युवा चिंतन शिविर के माध्यम से आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की यह गतिविधियां देश के दिल में बसे मध्यप्रदेश से संचालित हो रही हैं। हम सबको इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी तो वर्ष 1947 में मिल गई थी लेकिन वैचारिक रूप से युवाओं को दृष्टि प्रदान करने के लिए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ का यह शताब्दी वर्ष है। पंडित मदन मोहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों ने भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए दृष्टि प्रदान कर योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शारदा विहार विद्यालय में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के तीन दिवसीय प्रांतीय युवा चिंतन शिविर के शुभारंभ-सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य सरकार ने भगवान राम और कृष्ण के जीवन प्रसंगों को पाठ्यक्रमों में किया शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में भारतीय संस्कृति के सामने चुनौतियां हैं। परंतु भारत और विश्व में गायत्री परिवार की अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित है। गायत्री परिवार, सर्वे भवंतु सुखिन: की सनातन भावना का पालन करते हुए मानवता की सेवा को ही अपना धर्म मानकर कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, नारी उत्थान, पर्यावरण, ग्राम विकास और नशा मुक्ति के क्षेत्र में गतिविधियों के माध्यम से धर्म सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। इसमें सनातन को समृद्ध करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले अध्याय जोड़े गए हैं। राज्य सरकार ने भगवान कृष्ण और राम के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया है। हर्ष का विषय है कि गायत्री परिवार ने भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक विषमता को दूर करने की दिशा में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गायत्री परिवार ने संस्कारों की पद्धति को सरल और ग्राह्य बनाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गायत्री परिवार ने विवाह सहित सभी संस्कारों की पद्धति को सरल और ग्राह्य भाषा में कराने की प्रक्रिया आरंभ की, जिससे जनसामान्य को संस्कारों का महत्व और उनमें निहित भावना समझने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा वैदिक पद्धति से काल गणना के लिए वैदिक घड़ी तैयार की गई है। इसी क्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्य जारी है। हम बदलेंगे-युग बदलेंगे की भावना गायत्री परिवार का आधार गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार कोई संस्था नहीं बल्कि एक जीवन दर्शन है। यह एक विचार धारा है। पंडित राम शर्मा आचार्य ने गायत्री मंत्र को केवल जप नहीं बल्कि जीवन की दिशा बनाया। उन्होंने सिखाया कि युग परिवर्तन का आरंभ व्यक्ति के भीतर से होता है। उन्होंने 'हम बदलेंगे युग बदलेगा' की सीख देते हुए बतायाकि जब मनुष्य स्वयं सुधरता है तो परिवार सुधरता है। परिवार सुधरता है तो समाज बदलता है और समाज बदलता है तो राष्ट्र बदलता है। यही गायत्री परिवार के विचार का आधार है। माताजी भगवती देवी शर्मा ने इस विचार को मातृत्व का स्वर दिया और सेवा को साधना बना दिया। डॉ. पंड्या ने बताया आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों पर आधारित विकसित भारत-2050 का खाका तैयार करना इस शिविर का उद्देश्य हैं। स्वस्थ युवा-सशक्त राष्ट्र, शालीन युवा-श्रेष्ठ राष्ट्र, स्वावलम्बी युवा-संपन्न राष्ट्र और सेवाभावी युवा-सुखी राष्ट्र इस आयोजन के लक्ष्य हैं। प्रांतीय चिंतन शिविर में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमारिया सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य और युवा उपस्थित थे।  

CM योगी का बड़ा फैसला: लखीमपुर के मुस्तफाबाद का नाम बदलेगा

मुस्तफाबाद  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार जिले के मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर 'कबीरधाम' करने का प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव से संत कबीर से जुड़ी इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान फिर से बहाल होगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नाम बदलना उनकी सरकार के पिछले फैसलों के मुताबिक है, जिसमें पुराने शासकों द्वारा बदले गए जगहों के नाम "फिर से बहाल" किए गए थे.  "स्मृति महोत्सव मेला 2025" के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार अब "कब्रिस्तान की चारदीवारी बनाने" के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली जगहों को फिर से बनाने पर खर्च कर रही है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि गांव का नाम मुस्तफाबाद रखा गया, जबकि वहां कोई मुस्लिम आबादी नहीं है. उन्होंने जनसभा में आए लोगों से कहा, "जब मैंने इस गांव के बारे में पूछा, तो मुझे बताया गया कि इसका नाम मुस्तफाबाद है. मैंने पूछा कि यहां कितने मुसलमान रहते हैं, और मुझे बताया गया कि कोई नहीं है. फिर मैंने कहा कि नाम बदल देना चाहिए. इसे कबीरधाम कहा जाना चाहिए." जल्द प्रपोजल लाए सरकार मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि उनकी सरकार नाम बदलने के लिए एक फॉर्मल प्रपोजल मांगेगी और ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, "हम प्रपोजल लाएंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे. यह संत कबीर की विरासत से जुड़ी जगह का सम्मान वापस दिलाने के बारे में है." योगी आदित्यनाथ ने इसकी तुलना हाल के सालों में अपनी सरकार द्वारा किए गए नाम बदलने के कामों से की. उन्होंने कहा, "पहले राज करने वालों ने अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद, प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद और कबीरधाम का नाम बदलकर मुस्तफाबाद कर दिया था. हमारी सरकार इसे उलट रही है- अयोध्या को फिर से बसा रही है, प्रयागराज को फिर से बसा रही है, और अब कबीरधाम को उसके सही नाम पर फिर से बसा रही है." मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी की "डबल-इंजन सरकार" राज्य भर में सभी धार्मिक जगहों को डेवलप करने और सुंदर बनाने के लिए कमिटेड है.  सीएम बोले- हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए. भक्तों के लिए रेस्ट हाउस और शेल्टर जैसी सुविधाएं बनाई जानी चाहिए, और टूरिज्म और कल्चर डिपार्टमेंट के ज़रिए, हम आस्था की हर बड़ी जगह को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. चाहे वह काशी हो, अयोध्या हो, कुशीनगर हो, नैमिषारण्य हो, मथुरा-वृंदावन हो, बरसाना हो, गोकुल हो या गोवर्धन हो." मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले के मुकाबले अब सरकारी पैसे कल्चरल और धार्मिक सुधार प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "पहले, यह पैसा 'कब्रिस्तान' की चारदीवारी बनाने में जाता था. अब इसका इस्तेमाल हमारी आस्था और विरासत के सेंटर्स को डेवलप करने में किया जा रहा है." योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी कोशिशें कल्चरल गर्व और निरंतरता की भावना दिखाती हैं.  उन्होंने आगे कहा, "यह अपनेपन की भावना है, हमारी सभ्यता की पहचान को फिर से ज़िंदा करना है. सरकार उन जगहों की शान को वापस लाने के लिए काम करती रहेगी जो भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को दिखाती हैं."

चुनाव आयोग : SIR के जरिए वोटर लिस्ट में बदलाव, हर योग्य मतदाता को शामिल किया जाएगा

नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशभर में SIR की घोषणा की. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है. इस चरण में मतदाता सूची के अपडेशन, नए वोटरों के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाएगा. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'आज हम यहां स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत के ऐलान के लिए मौजूद हैं. मैं बिहार के मतदाताओं को शुभकामनाएं देता हूं और उन 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे सफल बनाया.' दूसरे चरण में इन 12 राज्यों में होगा SIR दूसरे चरण में चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR करा रहा है. इन 12 राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप शामिल हैं.  उन्होंने आगे बताया कि आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की. मुख्य चुनाव आयुक्त का बड़ा संदेश: 12 राज्यों में शुरू होगा SIR मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने छठ पर्व की शुभकामनाओं के साथ बिहार के मतदाताओं को धन्यवाद दिया. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा करते हुए कहा कि बिहार के पहले चरण के बाद अब 12 राज्यों में ‘SIR’ (स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. CEC ने बिहार में इस प्रक्रिया की सफलता पर जोर दिया और बताया कि SIR से बनी मतदाता सूची पर मतदाताओं की ओर से ‘जीरो अपील’ दर्ज की गई है, जो इस प्रणाली की सटीकता और प्रभावशीलता को प्रमाणित करता है. CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस अभ्यास के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार दौरा करेंगे, ताकि नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा सके और किसी भी गलती को सुधारा जा सके. ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'BLO घर-घर जाकर Form-6 और Declaration Form एकत्र करेंगे, नए मतदाताओं को फॉर्म भरने में मदद करेंगे और उन्हें ERO (Electoral Registration Officer) या AERO (Assistant ERO) को सौंपेंगे.' मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि फेज-2 की ट्रेनिंग मंगलवार से शुरू होगी. साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे अगले दो दिनों के भीतर राजनीतिक दलों से मिलकर SIR प्रक्रिया की जानकारी दें. उन्होंने बताया कि आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि मतदाताओं- खासकर बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांग (PwD), गरीब और कमजोर वर्गों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लोगों की तैनाती की जाएगी ताकि उन्हें अधिकतम सहायता मिल सके ज्ञानेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदान केंद्र (polling station) में 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे. बिहार के वोटर्स का किया धन्यवाद दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- मैं बिहार के मतदाताओं को शुभकामनाएं देता हूं और उन 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे सफल बनाया.' उन्होंने आगे बताया कि आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की. अब तक 8 बार हुआ SIR अब तक देश में 1951 से 2004 के बीच आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हुआ है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों ने कई मौकों पर मतदाता सूचियों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया है. आज रात फ्रीज कर दी जाएगी लिस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस चरण में जिन राज्यों में SIR होगा, वहां मतदाता सूची आज रात फ्रीज कर दी जाएगी. क्यों जरूरी है SIR? मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- कई कारण हैं जिनकी वजह से SIR जैसी प्रक्रिया की जरूरत है. इनमें बार-बार पलायन शामिल है, जिसके कारण मतदाताओं का एक से ज़्यादा जगहों पर पंजीकरण हो जाता है, मृत मतदाताओं का नाम नहीं हटाया जाता और किसी विदेशी का गलत तरीके से सूची में शामिल होना शामिल है.' क्या होगी पात्रता? मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता के लिए पात्रता को भी स्पष्ट किया, जिसके अनुसार वोट देने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना, कम से कम 18 वर्ष की आयु पूरी करना. निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और किसी भी कानून के तहत अयोग्य न होना आवश्यक है, जो कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 में निहित है. 12 राज्यों/UTs की वोटर लिस्ट आज रात होगी फ्रीज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) की मतदाता सूची आज रात से फ्रीज कर दी जाएगी. जहां ‘स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया शुरू की जानी है. यह कदम इन क्षेत्रों में विस्तृत SIR अभ्यास शुरू करने से पहले मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण है. अब तक 8 बार हुआ SIR अब तक देश में 1951 से 2004 के बीच आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हुआ है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों ने कई मौकों पर मतदाता सूचियों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया है. आज रात फ्रीज कर दी जाएगी लिस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस चरण में जिन राज्यों में SIR होगा, वहां मतदाता सूची आज रात फ्रीज कर दी जाएगी.

‘मोन्था’ का प्रकोप: 28 अक्टूबर को सबसे खतरनाक दौर, 15 जिलों में अलर्ट

विशाखापट्टनम  दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बन रहा गहराता दबाव अब ‘चक्रवाती तूफान मोन्था’ का रूप लेने जा रहा है। मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिस्टम आज यानी 27 अक्टूबर को पूरी तरह से साइक्लोन में तब्दील हो जाएगा। फिलहाल इसका केंद्र विशाखापट्टनम से करीब 830 किलोमीटर पूर्व में है, लेकिन इसकी दिशा ने मौसम विशेषज्ञों को चौंका दिया है — क्योंकि यह गुजरात की ओर न बढ़कर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों की ओर मुड़ रहा है। इस बदलाव के चलते अगले 24 घंटे के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय हिस्सों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है, जबकि कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कैसी है तूफान की मौजूदा स्थिति ‘मोन्था’ पिछले तीन घंटे में लगभग 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। 27 अक्टूबर की सुबह तक इसका केंद्र — चेन्नई से लगभग 600 किमी दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 680 किमी, विशाखापट्टनम से 710 किमी, और गोपालपुर (ओडिशा) से करीब 850 किमी दक्षिण में स्थित था। अगले 12 घंटे में यह सिस्टम और सशक्त होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है।  28 अक्टूबर को चरम पर पहुंचेगा ‘मोन्था’ मौसम विभाग का अनुमान है कि यह तूफान सोमवार रात या मंगलवार सुबह तक भीषण रूप धारण करेगा और 28 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है। लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने और मूसलाधार बारिश की संभावना है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी कर ली है — राहत दलों को सक्रिय कर दिया गया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु और आंध्र में अलर्ट मोड आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और काकीनाडा जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। तटीय गांवों को खाली कराया जा रहा है, जबकि काकीनाडा और आसपास के इलाकों में 20–30 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना है। लोगों को सुरक्षित साइक्लोन शेल्टरों में भेजा जा रहा है और प्रशासन ने जरूरी आपूर्ति — जैसे पानी, दूध और सब्ज़ियां — घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था की है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से बीच एरिया से पूरी तरह दूर रहने की अपील की गई है। ओडिशा के 15 जिलों में भी हाई अलर्ट ओडिशा सरकार ने पहले से ही आपदा से निपटने की तैयारी कर रखी है। राज्य में 5 NDRF और 24 ODRAF टीमें सक्रिय हैं, जबकि 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। 128 डिजास्टर एक्शन यूनिट्स, 99 फायर सर्विस टीमों और 5000 बचावकर्मियों को फील्ड में तैनात किया गया है। स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 30 अक्टूबर तक बंद रखे गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि “हर जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।” जरूरी हेल्पलाइन नंबर (Emergency Contacts) राष्ट्रीय आपात नंबर: 112 राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष: 1070 आपात राहत हेल्पलाइन (आंध्र प्रदेश): 1800 425 0101  चेतावनी और एहतियात मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले तीन दिनों तक तटीय राज्यों के निवासी सतर्क रहें, और किसी भी परिस्थिति में समुद्र के किनारे या खुले इलाकों में न जाएं। मछुआरों से विशेष अपील की गई है कि वे 30 अक्टूबर तक समुद्र में न उतरें।  

सुगम्य भारत अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के 5 भवनों का होगा कायाकल्प

सरकारी भवनों को दिव्यांग हितैषी बना रही योगी सरकार  सुगम्य भारत अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के 5 भवनों का होगा कायाकल्प  रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स की सुविधाओं से सुसज्जित होंगे भवन विशेष पार्किंग जैसी सुविधाओं के साथ ही दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा होंगी विकसित  श्रवणबाधितों के लिए होगी साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम की सुविधा लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण के तहत राजधानी लखनऊ के पांच प्रमुख सरकारी भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए बकायदा 12 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पर स्वीकृत कर ली गई है। यह न केवल दिव्यांगों के लिए सरकारी भवनों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। जनकल्याण की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही योगी सरकार सुगम्य भारत अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णतः सुलभ बना रही है। योगी सरकार ने इसे प्रदेश स्तर पर जोर-शोर से लागू किया है। भवनों का चिन्हित किया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में लखनऊ के पांच भवनों को चिन्हित किया गया है। इसमें योजना भवन (हैवलॉक रोड), सिंचाई भवन (कैनाल कालोनी, कैन्ट रोड), जिला सेवायोजन कार्यालय (लालबाग), विकास अनुवेषण, मूल्यांकन एवं प्रयोग तथा प्रशिक्षण प्रभाग (कालाकांकर हाउस, पुराना हैदराबाद) और सूडा नवचेतना केंद्र (10 अशोक मार्ग) शामिल हैं।  दिव्यांगजनों के लिए होंगी विशेष सुविधाएं इन भवनों में रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स और विशेष पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य एक्सेस ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप होंगे, जिसमें लिफ्ट कार का आकार व्हीलचेयर सहित दो व्यक्तियों के लिए पर्याप्त रखा जाएगा, ताकि दिव्यांगजन सहजता से आ-जा सकें। दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि श्रवणबाधितों के लिए साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे। दिव्यांगों के सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देने वाली नीतिगत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

तवा डैम में बढ़ा पानी, 3 गेट खोले गए; मक्का फसल खराब, धान भीगने से किसानों की चिंता

 नर्मदापुरम   तवा बांध का जलस्तर अपने पूर्ण भराव क्षमता को पार कर चुका है, जिसके कारण बांध के गेट अब भी खुले हुए हैं। आज सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को सुबह 11:30 बजे की स्थिति के अनुसार, बांध में जल की आवक जारी रहने से कुल 19,778 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। वर्तमान स्थिति     वर्तमान जलस्तर : 1166.3 फीट (355.48 मीटर)     पूर्ण भराव स्तर : 1166.0 फीट (355.40 मीटर)     भराव क्षमता : डैम अपनी लाइव क्षमता का 100.87 प्रतिशत भरा हुआ है।     जल आवक : बांध में औसतन 5,300 क्यूसेक (150 क्यूमेक) पानी की आवक हो रही है। पानी की निकासी     बांध में अतिरिक्त जल भराव को नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन द्वारा पानी की निकासी जारी है।     गेटों की स्थिति : तवा बांध के 3 गेट 3-3 फीट तक खोले गए हैं।     स्पिलवे से डिस्चार्ज : खोले गए गेटों से 16,078 क्यूसेक (455 क्यूमेक) पानी छोड़ा जा रहा है।     पावर हाउस से निकासी : जलविद्युत गृह से 3,708 क्यूसेक (105 क्यूमेक) पानी छोड़ा जा रहा है।     नदी में कुल बहाव : तवा नदी में कुल 19,778 क्यूसेक (560 क्यूमेक) पानी छोड़ा जा रहा है। भोपाल, नर्मदापुरम, नौगांव, दतिया, गुना, रायसेन, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, देवास, टीकमगढ़, इंदौर, दतिया, उमरिया, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, हरदा, पांढुर्णा, सागर, सीधी, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश हुई। आज भी ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश हो रही है। रविवार रात को बारिश के बाद सोमवार को भी कई जगह बूंदा-बांदी हो रही है। इटारसी के तवा डैम के जलस्तर को काबू पर रखने के लिए सोमवार सुबह 3 गेट खोले गए हैं। गुना में खेतों पर सूख रही मक्का फसल बारिश के चलते खराब हो गई। सोमवार को किसान फसल को खेतों से निकालने में लगे रहे। श्योपुर में खुले में रखी धान की फसल गीली हो गई। तिरपाल ढककर फसल को बचाने की कोशिश की जा रही है। तवा डैम के 3 गेट 3-3 फीट तक खोले गए तवा डैम में बढ़ते जलस्तर को काबू में करने के लिए प्रशासन ने सोमवार सुबह 11 बजे से तीन गेट खोल दिए हैं। इन गेटों को 3-3 फीट की ऊंचाई तक खोला गया है, जिससे बांध से 16,070 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कार्यपालन यंत्री एन. के. सूर्यवंशी के अनुसार, डैम का वर्तमान जलस्तर 1166.30 फीट दर्ज किया गया है। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है। सीजन में 73वीं बार खोले गए तवा डैम के गेट मानसूनी सीजन में तवा डैम के गेट कुल 72 बार खोले गए। वहीं, अब 73वीं बार गेट खुले हैं। इससे पहले साल 2022 में तवा के गेट सर्वाधिक 136 बार खोले गए थे। 2023 में सबसे कम 39 बार गेट खोलने पड़े थे। अफसरों ने बताया कि अक्टूबर में भी कई बार गेट खुल चुके हैं। साल 2023 में 1 अक्टूबर को और 2022 में 12 अक्टूबर को गेट खुले थे। इस साल भी 2 अक्टूबर तक गेट खुले रहे थे। इस सीजन में तवा डैम के कुल 13 में से केवल सात गेट ही खुल पाए हैं, जबकि पिछले साल सभी 13 गेट खोले गए थे। गुना में 7.2 मिमी बारिश, मक्का फसल खराब गुना में रविवार रात को 7.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश म्याना इलाके में हुई। यहां खेतों में पानी भर गया। खेतों में सूख रही मक्के की फसल भीग गई। किसान पानी से फसल को निकालते हुए दिखाई दिए। वहीं अंडर ब्रिज में भी पानी भर गया, जिस कारण वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्कूली बच्चों का वाहन नहीं निकल पाया, तो वह लौट गए। श्योपुर में कटाई के बाद खुले में रखा धान भीगा श्योपुर मे सोमवार को फिर से शुरू हुई बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। किसानों का कटाई के बाद खुले में रखा धान भीग रहा है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।किलगाबड़ी गांव के किसान बसंत सिंह का खुले में रखा करीब 12 ट्रॉली धान पूरी तरह भीग गया। इसलिए बदला मौसम, 3 दिन असर सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अरब सागर की खाड़ी में एक डिप्रेशन एक्टिव है। इससे एक ट्रफ भी जुड़ी है, जो मध्यप्रदेश के बीचों-बीच तक आ रही है। इस वजह से अगले 3 दिन तक बारिश होने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में यह ग्वालियर-चंबल समेत उत्तरी हिस्से में ज्यादा असर दिखाएगा। इसलिए कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। इसके बाद पूर्वी हिस्से में भी तेज बारिश होगी। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक डीप डिप्रेशन एक्टिव है, जो अगले 48 घंटे में एमपी में असर दिखाने लगेगा। इससे भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 30 अक्टूबर तक ऐसा ही मौसम मौसम विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में असर देखने को मिलेगा। दिन के पारे में गिरावट, 23 डिग्री तक पहुंचा बता दें कि प्रदेश में पिछले कुछ दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली थी। खासकर रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन अब तापमान बढ़ गया है। रविवार को बारिश होने की वजह से कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। बारिश का दौर थमने के बाद रात के तापमान में गिरावट होने का अनुमान है। रविवार को भोपाल में दिन का तापमान 24.2 डिग्री, बैतूल में 26.5 डिग्री, धार में 23.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 24.6 डिग्री, इंदौर में 23.5 डिग्री, खंडवा में 28.5 डिग्री, पचमढ़ी में 23.8 डिग्री, रायसेन में 28.2 डिग्री, रतलाम में 24.2 डिग्री, शिवपुरी में 29.2 डिग्री, उज्जैन में 25.7 डिग्री, छिंदवाड़ा में 27 डिग्री, दमोह में 26.6 डिग्री, जबलपुर में 24.8 डिग्री रहा। इसी तरह मंडला में 26.8 डिग्री, रीवा में 28.1 डिग्री, सागर में 25.7 डिग्री, सतना में 28.8 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, सीधी में 27 डिग्री, उमरिया में 28.5 डिग्री और मलाजखंड में 29.8 डिग्री सेल्सियस … Read more

सब्जी मंडी में लगी भीषण आग से मचा हाहाकार

बलौदाबाजार भाटापारा की सब्जी मंडी में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे मंडी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया. बताया जा रहा है कि मंडी में रखे प्लास्टिक के बास्केट और अन्य सामान के कारण आग तेजी से फैल गई. देखते ही देखते धुआं आसमान में फैल गया, जिससे पूरा इलाका काले गुब्बार से ढक गया. घटना की सूचना मिलते ही नगरपालिका भाटापारा और जिला मुख्यालय से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गईं. आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. आग की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, नगरपालिका अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस घटना में व्यापारियों को लाखों रुपए के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. फिलहाल दमकल कर्मी आग को पूरी तरह बुझाने के प्रयास में लगे हुए हैं.

आतंकवादी नेटवर्क का खुलासा: भोपाल से गिरफ्तार शख्स ISIS सोशल मीडिया हैंडलर, जमानत के बाद समान विचारधारा वाले युवकों की भर्ती शुरू

भोपाल  भोपाल से गिरफ्तार आतंकी अदनान ISIS का सोशल मीडिया हैंडलर निकला। इससे पहले भी वह एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद से युवकों ​को खुद से जोड़ने का काम कर रहा था।वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियो सर्वे का ऑर्डर देने वाले जज को धमकी देने वाली पोस्ट (काफिरों का खून आपके लिए हलाल है…) भोपाल से गिरफ्तार आतंकी सैयद अदनान ने इंस्टाग्राम में की थी। जज की फोटो पर काफिर लिखा और उन्हें मारने के लिए उकसाया। इस मामले में लखनऊ के गोमती नगर थाने में केस दर्ज हुआ था। यूपी पुलिस ने इसके खिलाफ UAPA भी लगाया था। 12वीं के बाद ही जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो किया अदनान को 4 जून 2024 को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। यूपी पुलिस ने उसे 10 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जमानत मिलने के बाद वह चरमपंथी सामग्री पोस्ट करने और समान विचारधारा वाले युवकों को भर्ती करने की गतिविधियों में तेजी ले आया। इससे पहले वह 12वीं के बाद ही जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो करने लगा था। इसी दौरान ISIS की विचारधारा से प्रभावित हो गया। जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था सीए का स्टूडेंट सैयद अदनान ISIS के लिए सोशल मीडिया हैंडलर के तौर पर काम करता था। वे आईएसआईएस से जुड़ी जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था। इन वीडियोज में मजहब के नाम पर मर मिटने जैसी तकरीरें होती थीं। इन्हें तोड़-मरोड़कर हदीसों से जोड़ा जाता था। इन वीडियो को तोड़ने-मरोड़ने और फर्जी तरीके से एडिट करने का काम दिल्ली का अदनान करता था। दोनों ही सिग्नल ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीरियाई ISIS कमांडर के संपर्क में रहते थे। वहां से मिले निर्देश के अनुसार वीडियोज को अलग-अलग सोशल मीडिया ग्रुप्स पर शेयर करने का काम किया जाता था। फर्जी पहचान से बनाए गए यूट्यूब चैनल्स पर भी इन वीडियोज को प्रचारित और प्रसारित किया जाता था। ISIS मॉड्यूल से जुड़े दोनों अदनान सोशल मीडिया पर 'सात-उल-उम्माह' और 'वॉयस ऑफ इंडिया' नाम के ग्रुप्स से जुड़े थे। इन ग्रुप्स में एक हजार से ज्यादा सीरिया स्थित अबू मेंबर्स थे। उत्तर प्रदेश का रहने वाला है दूसरा अदनान     मोहम्मद अदनान खान मूल रूप से यूपी के एटा जिले से है। एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखता है।     पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर का जॉब करते हैं और मां अंजुम खान होम मेकर हैं।     तीन बड़ी बहनें है, जिनकी शादी हो चुकी है। एटा में 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पिता का 2020 में ट्रांसफर हुआ तो फैमिली दिल्ली आ गई।     अदनान ने दिल्ली में पढ़ाई फिर शुरू करने की कोशिश की, जो विफल रहा। इस साल में डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा पूरा किया। ISIS खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली, वीडियो बनाया था भोपाल का अदनान सात महीने पहले ही दिल्ली के अदनान के टच में आया था। दिल्ली के मोहम्मद अदनान ने पुलिस को बताया कि 2023 में सादिक नगर में सरकारी फ्लैट्स में आने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी पेजों को फॉलो करना शुरू किया। एक ग्रुप में शामिल हो गया। शुरुआत में इस ग्रुप में 25-30 मेंबर थे। सीरिया स्थित हैंडलर अबू इब्राहिम अल कुरैशी ने आईएसआईएस से संबंधित वीडियो-फोटो और पीडीएफ उपलब्ध कराए थे। इन सामग्रियों और संपर्कों से प्रभावित होकर उसने आईएसआईएस खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी, जिसका विडियो भी बनाया था। भोपाल वाला अदनान मिडिल क्लास फैमिली से है     मध्य प्रदेश के भोपाल के करोंद का रहने वाला अदनान खान मिडिल क्लास फैमिली से है, जिसके पिता सलाम अलग-अलग प्राइवेट फर्म में अकाउंटेंट का काम करते हैं।     मां पार्ट टाइम एक्ट्रेस है। वह 12वीं तक भोपाल में पढ़ा। फिलहाल भोपाल ईदगाह में एक व्यक्ति के मार्गदर्शन में चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रहा है।     यह छह से 10 साल की उम्र तक मदरसे में पढ़ा है। इसके बाद इसका झुकाव कट्टरपंथ की तरफ बढ़ता चला गया, जिसमें 12वीं के बाद इजाफा होता चला गया। कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें भी मिली थीं अदनान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 अक्टूबर की सुबह चार बजे उसके घर से गिरफ्तार किया था। उसके कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें भी मिली थीं। पुलिस उसका एक लैपटॉप भी ले गई है, अदनान ने इंस्टाग्राम पर खिलजी नाम से एक फेक आईडी भी बना रखी थी। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया। जिसकी भनक स्थानीय पुलिस से लेकर कॉलोनी में रहने वाले अदनान के पड़ोसियों तक को नहीं लगी। 4 साल पहले भी पकड़े गए थे 4 आतंकी इससे पहले भोपाल में चार साल पहले ATS ने जमात के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-ए-मुजाहिदीन (बांग्लादेश) के सदस्य थे। यहां रहकर आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। ताकि भविष्य में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके। इनमें से दो आतंकी ऐशबाग इलाके की फातिमा मस्जिद के पास किराए से रह रहे थे। इनकी निशानदेही पर करोंद इलाके की खातिजा मस्जिद के करीब एक घर में रह रहे 2 और आतंकियों को पकड़ा गया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश

मुस्तफाबाद का नाम होगा ‘कबीरधाम’, सीएम योगी ने विपक्ष के 'सेक्युलरवाद' को बताया 'पाखंड' – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश – बोले योगी – सेक्युलरिज्म के नाम पर पहचान मिटाने का दौर अब खत्म हुआ – डबल इंजन की सरकार में हो रहा प्रमुख धर्मस्थलों का पुनरुद्धार, पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था : मुख्यमंत्री – संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज को मार्ग दिखा रही : योगी आदित्यनाथ – जो देश की एकता तोड़ता है, वह भारत की आत्मा पर प्रहार करता है : सीएम योगी – सभी समस्याओं का समाधान है राष्ट्रभक्ति : मुख्यमंत्री – मोदी जी के नेतृत्व में भारत जल्द बनने जा रहा तीसरी आर्थिक महाशक्ति : योगी आदित्यनाथ – लखीमपुर खीरी में बना मेडिकल कॉलेज, अब एयरपोर्ट का होगा विस्तार : मुख्यमंत्री – ईको-टूरिज्म से जिले को मिलेगी विकास की नई दिशा : सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने किसानों से की रसायनिक खेती छोड़ नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील – सीएम ने नशा को बताया नाश का कारण, कहा यह विदेशी साजिश, नई पीढ़ि को इससे बचाना होगा – हमारी गुलामी का कारण रही है छुआछूत और जातीयता : योगी आदित्यनाथ – भूमि हमारी माता है, उसकी सेवा ही सच्ची उपासना है : सीएम योगी लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025’ में भाग लिया और पूज्य संतों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है, जबकि पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की और कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया गया था। हमने इन स्थलों की पहचान वापस लौटाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे सेक्युलरिज्म के नाम पर करता था, जबकि यह पाखंड है। संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही कबीरधाम आश्रम में आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति, सनातन परंपरा, विरासत के सम्मान, और विकास की दिशा में सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने निर्गुण भक्ति की वह धारा प्रवाहित की जो समाज की विसंगतियों को तोड़कर आत्मा और परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में आमजन को समझाने में सफल रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पांव…' यह दोहा आज भी हमें गुरु के महत्व का स्मरण कराता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सैकड़ों वर्ष पूर्व थी। उन्होंने कहा कि 'कबीरदास जी ने उस दौर में समाज की जातीय विषमताओं पर प्रहार कर कहा था, ‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।’ यह वाणी हमारे समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज भी समाज विरोधी ताकतें आस्था पर प्रहार करने और जाति के नाम पर विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम समय रहते अपनी कमजोरियों को नहीं पहचानेंगे तो ये बीमारियां कैंसर की तरह समाज को खोखला कर देंगी। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि “माता भूमि पुत्रोहम्…” यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इस धरती की सेवा ही सच्ची उपासना है। कुछ ही माह में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश पहचान के संकट से जूझ रहा था। भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति चरम पर थी। मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और कुछ ही माह में यह तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिला उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी विकास की नई धारा बह रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है, एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी दिया जोर मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्ति पर बोलते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें। सीएम योगी ने गो सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गाय के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। गोमाता के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को गोशालाओं की देखरेख करनी चाहिए। रासायनिक खेती से जमीन ऊसर हो रही है, इसलिए नेचुरल फार्मिंग अपनाएं। एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद देती है। यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण, खेती की रक्षा और नशा मुक्ति, यही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशला का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर असंग देव जी महाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित … Read more

पहले चरण के बिहार चुनाव में मोहन-शिवराज बनेंगे बीजेपी के चेहरा, कांग्रेस के अभियान में दिग्विजय और जीतू सक्रिय

भोपाल / पटना  बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्टार प्रचारक बनाया गया है। बिहार चुनाव के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी। मतगणना 14 नवंबर को होगी। दिग्गी और जीतू कांग्रेस के स्टार कैम्पेनर बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के लिए जारी की गई स्टार प्रचारकों की सूची में मध्य प्रदेश के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को ही स्टार कैम्पेनर बनाया गया है। अब बीजेपी के 40 स्टार प्रचारकों के नाम पढ़िए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह और शिवराज सिंह चौहान,असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी बिहार चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भोजपुरी एक्टर के भी नाम हैं, जिनमें पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ शामिल हैं। भाजपा के स्टार प्रचारकों में स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, सीआर पाटिल, दिलीप कुमार जायसवाल, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, रेनू देवी, प्रेम कुमार, नित्यानन्द राय, राधा मोहन सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति और सतीश चंद्र दुबे शामिल हैं। इसके अलावा ही, राज भूषण चौधरी, अश्विनी कुमार चौबे, रविशंकर प्रसाद, नन्द किशोर यादव, राजीव प्रताप रूडी, संजय जायसवाल, विनोद तावड़े, बाबूलाल मरांडी, प्रदीप कुमार सिंह, गोपालजी ठाकुर और जनक राम भी बिहार में प्रचार करेंगे। अब कांग्रेस के स्टार प्रचारकों के नाम जानिए कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल जैसी दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, एमपी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के अलावा अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरू, सुखविंदर सुक्खू, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद और अखिलेश प्रसाद सिंह के नाम भी सूची में शामिल है। इसके अलावा पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन के नाम भी लिस्ट में हैं। मनोज राम, अल्का लांबा, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवाणी,अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब और सुबोध कांत सहाय शामिल हैं। एनडीए और महागठबंधन के बीच बिहार में मुकाबला बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच मुख्य चुनावी मुकाबला है। एनडीए में भाजपा-जदयू 101-101 सीटों पर, लोजपा (रामविलास) 29 और आरएलएम व हम 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। एनडीए के सीट शेयरिंग के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें और आरएलएम एवं हम को 6-6 सीटें मिली हैं। इसके तहत भाजपा ने सभी 101 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। 6 और 11 नवंबर को मतदान, मतगणना 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।