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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस नेता से मिलने से किया इनकार, सियासी गलियारों में बढ़ी चर्चा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं सियासी गलियारों में अलग अलग तरह की हलचलें तेज हो रही हैं। एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिनी दौरे पर यूपी पहुंचे तो दूसरी तरफ उनके खुछ खास लोग अचानक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के लखनऊ स्थित आवास पर मिलने पहुंच गए। चर्चा है कि ये नेता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का कोई बेहद खास और गोपनीय संदेश लेकर मुलाकात करने पहुंचे थे। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात की कोशिश पर उस समय पानी फिर गया, जब बसपा प्रमुख की ओर से नेताओं को अंदर आने की अनुमति नहीं मिली। पहले से अप्वाइंटमेंट न होने का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं को गेट से ही वापस लौटा दिया गया। मायावती के आवास पर पहुंचने वाले नेताओं में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और बाराबंकी से कांग्रेस के युवा सांसद व अनुसूचित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष तनुज पूनिया के साथ अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे। गेट से लौटने के बाद दी सफाई भले ही सुरक्षाकर्मियों ने समय न होने की बात कहकर कांग्रेसी नेताओं को अंदर नहीं जाने दिया, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे मायावती के कड़े स्टैंड के रूप में देख रहे हैं। वहीं, गेट से लौटने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाल गौतम ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए लिखा कि वे एक सामाजिक कार्यक्रम के सिलसिले में लखनऊ आए थे और शिष्टाचार के नाते बहनजी का कुशलक्षेम जानने उनके आवास गए थे। मायावती की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि बहन जी के शासनकाल में उनकी उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता और निर्णायक नेतृत्व को सभी वर्गों ने सराहा एवं स्वीकार किया है। यही कारण है कि उनके प्रति विशेष सम्मान और स्नेह का भाव सदैव बना रहता है। समय न मिलने के कारण उन्होंने दोबारा समय का अनुरोध किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही मुलाकात होगी। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के यह नेता एक विशेष रणनीति के तहत मायावती से मिलने पहुंचे थे। राहुल की यूपी में मौजूदगी के दौरान कांग्रेस नेताओं का बसपा सुप्रीमो के घर पहुंचना कई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। इस मुलाकात की कोशिश को आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस चाहती है भाजपा के खिलाफ सभी दल साथ आएं इस अचानक हुई कोशिश और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठने के बाद पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने भारत समाचार से बातचीत में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पूरी गंभीरता के साथ चाहती है कि देश और प्रदेश के हित में सभी राजनीतिक दल एक साथ आएं। यह विपक्ष और गठबंधन की ही ताकत थी कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश के भीतर कड़े मुकाबले में रोका गया।" उन्होंने आगे कहा कि यूपी में इस समय बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है। देश में केवल कांग्रेस ही भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ सकती है। राजनीतिक दलों के नेताओं का एक-दूसरे से मिलना बेहद सामान्य प्रक्रिया है। कांग्रेस ने नेताओं के कदम से खींचा हाथ वहीं, कांग्रेस अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और कांग्रेस सांसद व कांग्रेस अनुसूचित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष तनुज पुनिया के बसपा सुप्रीमो मायावती के घर पहुंचने के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। हालांकि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय का कहना है कि कांग्रेस नेताओं का मायावती के आवास पर जाना उनका अपना व्यक्तिगत निर्णय था। पार्टी का इससे कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी नेताओं का व्यक्तिगत मामला बताया।

ऑनलाइन-ऑफलाइन शॉपिंग पर गहरी पड़ताल, डॉ. शिवानी सोनी को मिली डॉक्टरेट की उपाधि

बेटियों के जज्बे को मिली शोध की 'डिग्री': डॉ. शिवानी सोनी ने हासिल की PhD की उपाधि  ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन शॉपिंग उपभोक्ता के मन की गहराई नापकर मिली सफलता  भोपाल  राजधानी के शैक्षणिक गलियारे में आज एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया। अपनी विद्वत्ता और कड़े परिश्रम के दम पर डॉ. (श्रीमती) शिवानी यशोधर सोनी ने वाणिज्य के क्षेत्र में सफलता का परचम लहराया है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के वाणिज्य विभाग ने उनके उत्कृष्ट शोध कार्य को स्वीकार करते हुए उन्हें 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी' (PhD) की मानद उपाधि से विभूषित किया है। बाजार के बदलते मिजाज पर की 'पीएचडी' डॉ. शिवानी ने आज के दौर के सबसे प्रासंगिक विषय "ए स्टडी ऑफ फैक्टर्स अफेक्टिंग कंज्यूमर बिहेवियर एंड इट्स सेटिस्फेक्शन टूवर्ड्स ऑनलाइन एंड ऑफलाइन शॉपिंग" पर अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत किया। उन्होंने बारीकी से इस बात का विश्लेषण किया कि बदलते दौर में ग्राहक कब मोबाइल की स्क्रीन पर 'क्लिक' करना पसंद करता है और कब बाजार की गलियों में जाकर सामान की परख करना चाहता है। मार्गदर्शन का मिला साथ: डॉ. शिवानी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शक डॉ. बी.एम.एस. भदौरिया (विभागाध्यक्ष, शासकीय एम.एल.बी. कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल) को दिया है, जिनके कुशल निर्देशन में यह जटिल शोध कार्य पूर्ण हुआ। संस्कार और शिक्षा का संगम गौरतलब है कि डॉ. शिवानी सोनी शहर के प्रतिष्ठित और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह वरिष्ठ शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ. एम.एल. सोनी एवं श्रीमती गीता सोनी की पुत्रवधू हैं। परिवार के शैक्षणिक परिवेश ने उनकी इस उपलब्धि में नींव के पत्थर की तरह काम किया है। बधाइयों का तांता: समूचे सोनी परिवार में जश्न डॉ. शिवानी की इस सफलता की खबर लगते ही उनके शुभचिंतकों और परिजनों में हर्ष की लहर दौड़ गई। पति यशोधर सोनी सहित परिवार के सदस्यों ने इसे उनकी बरसों की तपस्या का प्रतिफल बताया। सफलता के इस विशेष अवसर पर सात समंदर पार से भी दुआएं पहुंचीं। शुभकामनाएं देने वालों में प्रमुख नाम: ऑस्ट्रेलिया से: डॉ. ऋतु वर्मा एवं रोहित वर्मा (मेलबर्न)। चिकित्सा एवं शिक्षा जगत: डॉ. ऋचा सोनी और डॉ. सिद्धार्थ सागर। नन्हे सितारे: काव्या, गर्वित, शिवांश और श्रीतिक। संस्थान: होटल दयालश्री पैराडाइज, होटल गीतकाव्या इन, और हिंद होप मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, भोपाल। इसके साथ ही सोनी परिवार (लहार-भिंड) और भोपाल के समस्त मित्रों एवं परिजनों ने डॉ. शिवानी को इस गौरवशाली उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। क्यों खास है यह शोध? (बॉक्स आइटम) आज के दौर में जहां रिटेल मार्केट और ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच जंग छिड़ी है, डॉ. शिवानी का यह शोध व्यापारिक जगत के लिए एक दिशा-निर्देश साबित हो सकता है। ग्राहकों की संतुष्टि के पैमानों को जिस तरह से उन्होंने रेखांकित किया है, वह आने वाले समय में मार्केटिंग स्ट्रेटेजी बनाने वालों के लिए भी उपयोगी होगा। संपादकीय नोट: डॉ. शिवानी सोनी की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहती हैं।

मध्यप्रदेश में ट्रांसफर सीजन की तैयारी, सरकार जल्द खोल सकती है तबादलों के द्वार

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को आज बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। जी हां लंबे समय से कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक हटाई जा सकती है। इसके बाद धड़ाधड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाएगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजित की गई है। जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर रोक लेकर बड़ा ऐलान होने के उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, आज बुधवार को आयोजित होने जा रही कैबिनेट बैठक में तबादला नीति-2026 लाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने पहले ही तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। अगर कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो लंबे समय से तबादलों पर लगा रोक हटाया जा सकता है। इसके साथ ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों के ट्रांसफर दो स्तर पर करती है। पहले स्तर में लंबे समय से एक ही स्थान पर काम करने वाले  अधिकारियों का तबादला किया जाता है। जबकि दूसरे स्तर में वो अधिकारी शामिल होते है, जिनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं या जिसकी शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसके अलावा कई कर्मचारी अधिकारी स्वेच्छिक आधार पर भी तबादला कराने के लिए आवेदन देते हैं। आपको बता दें कि राज्य में अब तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभागीय मंत्री को एक जिले से दूसरे जिले में तबादला करने की अनुमति रहेगी, जबकि प्रभारी मंत्रियों को जिले के भीतर ही तबादले का अधिकार दिया जाएगा। कुछ विशेष मामलों में आवेदन पहले विभाग प्रमुखों के पास जाएंगे और फिर विभागीय मंत्री या प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। पिछले वर्ष 1 मई से तबादले शुरू किए गए थे, जिसमें पहली बार चार स्लैब बनाए गए और तबादलों का दायरा 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था।

43 संपत्तियों के मामले में अभिषेक बनर्जी घिरे, नोटिस के बाद बढ़ी सियासी हलचल

 कोलकाता पश्चिम बंगाल BJP ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित रूप से जुड़ी 43 संपत्तियों की एक विस्तृत लिस्ट सार्वजनिक कर दी है. इनमें कई संपत्तियां अभिषेक बनर्जी के परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों जैसे ममता बनर्जी, अमृता बनर्जी, सबिता बनर्जी, मिनाती बनर्जी, बाणानी बनर्जी और सायानी घोष के साथ संयुक्त रूप से मालिकाना हक (स्वामित्व)वाली बताई गई हैं।  इसके अलावा अर्पिता बनर्जी, सुदेष्णा बनर्जी, आकाश बनर्जी, सोमनथ बनर्जी और प्रियंका दास जैसे कई अन्य नाम भी अलग-अलग संपत्तियों के मालिकों या पर्सन लायबल टैक्स के रूप में सूची में शामिल हैं।  बीजेपी ने इन संपत्तियों की लिस्ट जारी करते हुए आरोप लगाया है कि इनका सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध अभिषेक बनर्जी से जुड़ा हुआ है. सूची में शामिल संपत्तियों के स्वामित्व, स्थान और अन्य विवरणों को सार्वजनिक किया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।  इस सामने आए डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कोलकाता के विभिन्न स्ट्रीट और वॉर्डों में दर्ज ये संपत्तियां अलग-अलग लोगों के साथ ज्वाइंट ओनरशिप में हैं. लिस्ट में साफ तौर पर 58/3 बैरकपुर ट्रंक रोड पर स्थित ऑर्बिट ल्यूमियर, गरियाहाट रोड पर स्थित समिरन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी और बेहला के बेचराम चटर्जी रोड स्थित 'साईं भवन' जैसी अचल संपत्तियों के असेसी नंबर और पते दर्ज दिखाई दे रहे हैं।  कोलकाता के कई पॉश इलाकों में फैली हैं संपत्तियां असेसमेंट विभाग की इस लिस्ट में कोलकाता के कई महत्वपूर्ण इलाकों जैसे डी गुप्ता लेन, धर्मतला रोड, देवेन्द्र घोष रोड, सर्वे पार्क, कालीपद मुखर्जी रोड और मोतीलाल गुप्ता रोड की संपत्तियों को 'एक्टिव' स्टेटस में दिखाया गया है. इनमें से अधिकांश संपत्तियों के साथ अलग-अलग मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं, जिन्हें अब जांच और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में लाया जा रहा है।  सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इन सभी 43 संपत्तियों के स्वामित्व विवरण की गहन जांच कराएगी. जांच में ये पता लगाया जाएगा कि इन संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व कौन है, इनकी खरीदारी के स्रोत क्या हैं और इनमें कोई अनियमितता तो नहीं है।  मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि नगर मामलों के विभाग और कोलकाता नगर निगम की संपत्ति रिपोर्टों से पता चला है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की कथित तौर पर स्वामित्व वाली 24 संपत्तियों में से 14 उनकी कथित कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' के नाम पर, 4 सांसद के नाम पर और छह उनके पिता के नाम पर पंजीकृत हैं।  भवानीपुर में एक धन्यवाद सभा में बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री ने तृणमूल के तीन और नेताओं या उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों के बारे में विवरण का खुलासा किया और फिर जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी भ्रष्ट व्यक्तियों को सलाखों के पीछे भेज देगी।  'मैंने संपत्ति खोजने का दिया था निर्देश' शुभेंदु ने लोगों को बताते हुए कहा कि मैंने नगर मामलों के विभाग के सचिव और कोलकाता नगर निगम के आयुक्त से 4 व्यक्तियों की संपत्ति का विवरण प्राप्त करने के लिए कहा था. क्या आप उनके नाम जानना चाहते हैं? सीएम ने बताया, 'पहले नंबर पर बेलेघाटा के राजू नस्कर हैं, जिनके पास 18 संपत्तियां हैं. दूसरे नंबर पर कस्बा की सोना पप्पू हैं, जिनके पास 24 संपत्तियां हैं. तीसरे नंबर पर भतीजा अभिषेक बनर्जी हैं. इनमें से 14 संपत्तियां 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी के नाम पर, चार उनके अपने नाम पर और छह उनके पिता के नाम पर पंजीकृत हैं. चौथे नंबर पर जावेद (अहमद) खान (तृणमूल के कस्बा विधायक) के बेटे हैं, जिनके पास 90 संपत्तियां हैं।  'सभी भ्रष्ट लोगों को भेजेंगे जेल' उन्होंने आगे कहा, 'जनता को लूटने वाले लुटेरे हैं. (पुलिस अधिकारी) शांतनु सिन्हा बिस्वास और (पूर्व मंत्री) सुजीत बोस की तरह, जिन्हें जेल भेजा गया था, बीजेपी सरकार निकट भविष्य में ये सुनिश्चित करेगी कि ऐसे सभी भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।  वहीं, सोमवार को अभिषेक बिधाननगर पुलिस द्वारा हाल ही में उनके खिलाफ दर्ज किए गए एक मामले में सुरक्षा की मांग करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे। 

अस्पताल में भर्ती होने की खबरों के बीच अमिताभ बच्चन का मैसेज वायरल, फैन्स ने ली राहत की सांस

मुंबई बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को लेकर इन दिनों उनके फैंस परेशान हैं. हाल ही में खबर आई थी कि सुपरस्टार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. फिर बताया गया कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है. अमिताभ या उनकी टीम की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, मगर रिपोर्ट्स ने उनके चाहनेवालों को जरूर चिंता में डाल दिया था. अब बिग बी ने इन खबरों के बीच अपना पहला ब्लॉग पोस्ट शेयर कर दिया है।  अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने फैंस के नाम नया पोस्ट लिखा है. हालांकि उन्होंने तबियत को लेकर बात करने से परहेज किया. उन्होंने बुधवार देर रात एक कविता शेयर करते हुए लिखा, 'चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन शुरू करें इर बीर फत्ते, कहन्, चल हमऊ, पिलावे सुरू करें. बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लगै जैसे, बोलन लगे कागा रे.' पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, 'प्यार, प्रार्थनाएं और बहुत कुछ।  बिल्कुल ठीक हैं अमिताभ? मंगलवार, 19 मई को खबर आई थी कि अमिताभ बच्चन, मुंबई के नानावती अस्पताल में 16 मई से भर्ती हैं. उन्हें पेट से जुड़ी समस्या के चलते एडमिट करवाया गया है. हालांकि बाद में एक दूसरी रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक्टर बिल्कुल ठीक हैं और रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे. ई टाइम्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया, 'मिस्टर बच्चन सही में शनिवार को नानावती अस्पताल गए थे. हालांकि ये एक रूटीन चेकअप के लिए था, जो वो हर महीने करवाते हैं. चेकअप के बाद वो घर आ गए थे. ये खबर एकदम झूठ है. वो बिल्कुल ठीक हैं और शनिवार को रेगुलर हॉस्पिटल विजिट पर गए थे. वो घर आ गए थे और अगले दिन जलसा से जनक तक अपनी कार ड्राइव करके जाते हुए भी दिखे थे. वो फिलहाल घर पर हैं।  प्रोजेक्ट्स की बात करें तो अमिताभ बच्चन को जल्द फिल्म 'कल्कि एडी 2898' के सीक्वल में देखा जाएगा. वो इस फिल्म में एक बार फिर अश्वत्थामा का किरदार निभाएंगे. हाल ही में उन्होंने पिक्चर के सेट से तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिनमें एक्टर कमल हासन को भी देखा गया. डायरेक्टर नाग आश्विन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का पहला पार्ट 2024 में आया था और बॉक्स ऑफिस पर सफल रहा था. इसके अलावा बिग बी 'सेक्शन 84' नाम की एक फिल्म भी कर रहे हैं। 

छात्रावास व्यवस्था में होगा बदलाव, मंत्री डॉ. शाह बोले- ब्लॉक स्तर पर किया जाए युक्तियुक्तकरण

बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का किया जाये युक्तियुक्तकरण : मंत्री डॉ. शाह परामर्श समिति ने मंत्री डॉ. शाह के द्वारा क्षेत्र में किए नवाचारों को सराहा जनजातीय कार्य विभाग की परामर्श समिति की बैठक हुई भोपाल  जनजातीय कार्य विभाग की विभागीय परामर्श समिति की बैठक मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। ब्लॉक मुख्यालय में जो कॉलेज बने हैं वहाँ जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों से विद्यार्थियों को आने के लिये बस सुविधा प्रारंभ की जाए। बैठक में परामर्श समिति के सदस्यों ने मंत्री डॉ. शाह द्वारा अपने क्षेत्र में जनजातीय समाज की कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए प्रारंभ की गई बस सुविधा और विभिन्न कन्‍या छात्रावासों का नामकरण रानी दुर्गावती और शबरी माता के नाम पर किए जाने की सराहना की गई। बैठक में विधायक कुंवर सिंह टेकाम, जयसिंह मरावी, फुंदेलाल सिंह मार्को, सुगंगा सज्‍जन सिंह उइके, राजन मंडलोई तथा प्रमुख सचिव गुलशन बामरा एवं आयुक्त तरुण राठी उपस्थित थे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि समिति की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। जब भी विधानसभा की बैठक हो तब परामर्श समिति की बैठक भी आयोजित की जाए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया में जन्म दर की कमी पर विभाग द्वारा विशेषज्ञों से अध्‍ययन कराकर शोध रिपोर्ट बनवाएं। बैठक में यह निर्णय किया गया कि मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों सहारिया, बैगा और भारिया के समग्र कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए जाँए। बैगा जनजाति के लिए उमरिया, सहारिया के लिए शिवपुरी और भारिया जनजाति के लिए छिंदवाड़ा में विशेष विद्यालय प्रारंभ किए जाएं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को हर तरीक़े से प्रोत्साहन दिए जाने की ज़रूरत है। पातालकोट के भारिया बहुल ग्रामों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय परामर्श समिति के सदस्यों और विधायकगणों के सहयोग से तीनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के एक-एक गाँव को आदर्श बनाया जाएगा और यहाँ शासन की हर योजना का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर किया जाये मान्य बैठक में सुझाव दिया गया है कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए चादर एवं अन्य सामग्री की राशि DBT के माध्यम से न देकर सामग्री प्रदान की जाए। वहीं विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों में अधीक्षकों की पृथक से भर्ती कर शिक्षकों को अध्यापन कार्य में संलग्न किए जाने की आवश्यकता है। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर मान्य किए जाने के लिए भी जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. विजय शाह की पहल को सराहा गया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर और विधायकगणों और कलेक्टर के साथ संयुक्त बैठक कर जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग को मिले यह सुनिश्चित किया जाए।  

निर्माणाधीन परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, मंत्री सिलावट ने दिए समय-सीमा में काम पूरे करने के निर्देश

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री सिलावट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की भोपाल  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल संसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूर्ण ‍किया जाए। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर कार्यो का निरीक्षण करें एवं निरीक्षण प्रतिवेदन भिजवाएं। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उनकी प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को शिप्रा के निर्मल जल में स्नान कराया जाए और उनकी यात्रा सहज और सुगम हो। मंत्री सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में जलसंसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने विभाग की तीन प्रमुख राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एवं तापी मेगा रिचार्ज परियोजना में कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिलावट ने उज्जैन में कराए जा रहे सिंहस्थ सबंधी कार्यों कान्ह डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना और क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में निर्माणाधीन बैराजों की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागांतर्गत निर्माणाधीन वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। मंत्री सिलावट द्वारा भोपाल में केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर निर्माण कार्य के अंतर्गत बिजली लाइन शिफ्टिंग एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये। मंत्री सिलावट ने सीएम मॉनिटरिंग से संबंधित प्रकरणों एवं मुख्यमंत्री की विभागीय घोषणाओं से संबंधित सभी बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही इन प्रकरणों की सतत निगरानी करते हुए, इनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट आगामी पन्द्रह दिवस में दिये जाने के निर्देश दिये।  

4000 करोड़ की बड़ी सौगात! आरा-कोईलवर क्षेत्र में रेल और सड़क कनेक्टिविटी का होगा विस्तार

 आरा  दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर जल्द ही बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार देखने को मिल सकता है।रेल मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरा जंक्शन होकर गुजरने वाले इस अत्यंत व्यस्त रेलखंड को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।योजना के तहत लगभग 3500 से 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही कोईलवर में सोन नदी पर देश का दूसरा चार लेन रेल पुल भी बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद वर्तमान दो लाइन वाले रेलखंड को चार लाइन में विकसित किया जाएगा। इसमें एक लाइन पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए, एक लाइन मालगाड़ियों के लिए तथा दो लाइन एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही के लिए निर्धारित की जाएगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में काफी आसानी होगी और यात्रियों को समय पर ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकेगा। सोन नदी पर बनेगा नया पुल   इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कोइलवर में सोन नदी पर नए रेल पुल का निर्माण है। यह पुल मौजूदा रेल पुल के समानांतर बनाया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी से पहले परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। संभावना जताई जा रही है कि इसी माह जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी जाएगी। नए पुल के निर्माण के बाद पुराने और नए पुल को मिलाकर कुल चार रेल लाइनें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे एक ही समय में तीन-तीन ट्रेनों का आवागमन संभव हो सकेगा। वर्तमान में केवल दो लाइन होने के कारण अप और डाउन दिशा में एक-एक ट्रेन ही एक समय में गुजर पाती है, जिससे ट्रेनों के परिचालन पर भारी दबाव बना रहता है। समय पालन में होगी बड़ी राहत हावड़ा-पटना-डीडीयू रेलखंड भारतीय रेल के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रूट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ट्रेनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है और समय पालन बनाए रखना रेलवे के लिए चुनौती बन जाता है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि चार लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की गति प्रभावित नहीं होगी। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों को भी समय पर चलाने में सहायता मिलेगी।  आरा, पटना और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ  इस परियोजना से आरा, बक्सर, बिहिया, डुमरांव और पटना सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल ढांचे के मजबूत होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और कम विलंब वाली ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस परियोजना को अंतिम मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट से मिलनी है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्व मध्य रेलवे के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।  

जयपुर में सूर्यवंशी का रौद्र रूप, 93 रन की विस्फोटक पारी से बने कई महारिकॉर्ड

 जयपुर  राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम ने (19 मई) को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को जयपुर में 7 व‍िकेट से मात दी। राजस्थान की टीम ने वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल की पार‍ियों की बदौलत 5 गेंद शेष रहते हुए जीत हास‍िल की. इस मैच में जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स की प्लेऑफ खेलने की उम्मीद बरकरार हैं. इस जीत के साथ राजस्थान की टीम 13 मैचों में 7 जीत और 6 हार के  साथ पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर है. बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद की टीम पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।  मैच में टॉस यशस्वी जायसवाल ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. पहले खेलते हुए लखनऊ की टीम ने 220/4 का स्कोर बनाया. म‍िचेल मार्श ने शानदार 96 रनों की पारी खेली।  10 छक्के, 7 चौके और 38 गेंद में 93 रन  वैभव सूर्यवंशी( Vaibhav Sooryavanshi) का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा. राजस्थान रॉयल्स के इस 15 वर्षीय बल्लेबाज ने मंगलवार (19 मई)  लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने पूरे सवाई मानसिंह स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया।  221 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स को वैभव सूर्यवंशी और कार्यवाहक कप्तान यशस्वी जायसवाल ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने सिर्फ 39 गेंद में 75 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया।  जायसवाल के आउट होने के बाद भी वैभव नहीं रुके. उन्होंने हर गेंदबाज की जमकर धुनाई की और महज 38 गेंद में 93 रन ठोक दिए. इस दौरान उनके बल्ले से 10 लंबे छक्के और 7 चौके निकले. उनका स्ट्राइक रेट 244 से ज्यादा का रहा।  इसके बाद वैभव ने ध्रुव जुरेल के साथ 105 रन की साझेदारी कर राजस्थान को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया. जीत का काम अंत में ध्रुव जुरेल ने पूरा किया, जिन्होंने नाबाद 53 रन बनाए. राजस्थान ने 19.1 ओवर में 225 रन बनाकर मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया।  इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से म‍िचेल मार्श ने 57 गेंद में 96 रन की विस्फोटक पारी खेली थी. वहीं जोश  इंग्ल‍िस  ने 29 गेंद में 60 रन बनाए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े. कप्तान ऋषभ पंत ने भी 35 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत लखनऊ ने 220/5 का बड़ा स्कोर खड़ा किया।  हालांकि मैच की पूरी चमक वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के नाम रही. इस पारी के साथ उन्होंने IPL 2026 में ऑरेंज कैप भी अपने नाम कर ली. वैभव अब 13 मैचों में 579 रन बना चुके हैं. उनका औसत 44.53 और स्ट्राइक रेट 236.32 का है, जो IPL इतिहास में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है।  एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (500+ रन) 236.3*: वैभव सूर्यवंशी (2026) 204.8 : आंद्रे रसेल (2019) 202.0 : अभिषेक शर्मा (2026) 196.2 :निकोलस पूरन (2025) 191.5 : ट्रेविस हेड (2024) वैभव अब एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में भी दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।  एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के 59 : क्रिस गेल (2012) 53* : वैभव सूर्यवंशी (2026) 52: आंद्रे रसेल (2019) 51 : क्रिस गेल (2013)   वैभव सूर्यवंशी ने IPL में तीसरी बार एक पारी में 10 या उससे ज्यादा छक्के लगाए हैं. इस मामले में अब उनसे आगे सिर्फ क्रिस  हैं, जिन्होंने ऐसा चार बार किया था. इस जीत के साथ राजस्थान की टीम अब 14 अंकों के साथ पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर पहुंच गई है।  राजस्थान की पारी की हाइलाइट्स  221 के रनचेज में राजस्थान रॉयल्स ने भी काउंटर अटैक किया. दोनों ने म‍िलकर 6 ओवर में 71  रन जड़ द‍िए. हालांक‍ि पावरप्ले के ही अगले ओवर में इस मैच के कप्तान यशस्वी जायसवाल (43) आकाश स‍िंंह का श‍िकार बन गए।  हालांकि इसके बाद वैभव सूर्यवंशी की आंधी आई, एक समय वैभव जहां 10 गेंदों पर 5 रन बनाकर खेल रहे थे, उसके बाद उन्होंने 23 गेंदों पर पचास जड़ द‍िया. वहीं उन्होंने आकाश के एक ओवर में 26 रन भी जड़े. इसके बाद वैभव ने ध्रुव जुरेल के साथ म‍िलकर मयंक यादव के ओवर में 29 रन कूट द‍िए. कुल म‍िलाकर इस मैच में लखनऊ के गेंदबाज असहाय नजर आए. हालांकि वैभव अपने शतक से 7 रन से चूक गए और 93 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने 38 गेंदों की पारी में 7 चौके और 10 छक्के मारे.  वहीं ध्रुव जुरेल (53 नाबाद) और डोनोवान फरेरा (16)  नाबाद जीत द‍िलाकर लौटे. लखनऊ का प्लेऑफ खेलने का सपना पहले ही खत्म हो चुका है।  लखनऊ की पारी की हाइलाइट्स  लखनऊ की टीम ने इस मैच में धुआंधार बल्लेबाजी की. जोश इंग्ल‍िस (60) और म‍िचेल मार्श ने पहले व‍िकेट के लिए 109/1 रन जोड़ लिए. जोश को यशराज पुंजा ने क्लीन बोल्ड किया. इसके बाद आए न‍िकोलस पूरन (16) और ऋषभ पंत (35) ने भी कुछ आकृर्षक शॉट खेले. म‍िचेल मार्श ने लखनऊ की टीम की ओर से सबसे ज्यादा 96 रन (57 गेंद) बनाए. यशराज पुंजा ने सबसे ज्यादा 2 और जोफ्रा आर्चर को एक सफलता म‍िली। 

SC का बड़ा फैसला, रेलवे पर ₹15 हजार करोड़ का सरचार्ज बरकरार; पुरानी दलील नहीं आई काम

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे बड़े बिजली उपभोक्ताओं में से एक भारतीय रेलवे को बड़ा वित्तीय झटका दिया है. अदालत ने साफ किया है कि रेलवे बिजली कानून के तहत कोई विशेष दर्जा पाने का हकदार नहीं है. उसे अन्य औद्योगिक इकाइयों की तरह ही अपनी बिजली खपत पर सभी तरह के सरचार्ज देने होंगे. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने रेलवे की आठ अपीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. कोर्ट ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण के पुराने फैसले को सही ठहराया है. इस फैसले से राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन रेलवे के बजट पर इसका बहुत बुरा असर पड़ने की आशंका है।  रेलवे पर क्यों फूटा 15,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बम? भारतीय रेलवे हर साल करीब 33 अरब यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करती है. इस बड़े फैसले के बाद रेलवे को बैकडेटेड एरियर यानी पुराना बकाया भी चुकाना होगा. राज्यों के हिसाब से यह क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज 50 पैसे से लेकर 2.5 रुपये प्रति यूनिट तक है।  सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की डिस्कॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे रेलवे के ओपन एक्सेस इस्तेमाल की अवधि और क्षेत्र के हिसाब से बकाया राशि का आकलन करें. रेलवे के आंतरिक अनुमानों के अनुसार यह कुल बकाया राशि कम से कम 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. यह रकम रेलवे के चालू वित्त वर्ष के बजट को पूरी तरह बिगाड़ सकती है।  10 साल पुराने कानूनी दांवपेंच में कहां मात खा गई रेलवे?     रेलवे साल 2015 से अदालत में यह दलील दे रही थी कि वह एक ‘डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी’ है. इस रणनीति के पीछे रेल मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय का साल 2014 का एक पत्र था।      रेलवे का दावा था कि रेलवे एक्ट 1989 की धारा 11 के तहत उसे खुद का बिजली नेटवर्क और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने का अधिकार प्राप्त है. इसलिए वह ग्रिड से सीधे बिजली लेते समय किसी भी तरह का सरचार्ज देने के लिए उत्तरदायी नहीं है।      सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि कानूनन डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी होने के लिए दूसरों को बिजली बेचना जरूरी है, जबकि रेलवे पूरी बिजली खुद ही कंज्यूम करती है।  रेलवे डिस्ट्रीब्यूटर है या सिर्फ एक कंज्यूमर? सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि रेलवे का पूरा ओवरहेड इक्विपमेंट और ट्रैक्शन सबस्टेशन उसका आंतरिक सिस्टम है. यह कोई पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम नहीं है. बिजली कानून के तहत लाइसेंसी कहलाने के लिए दो शर्तें पूरी होनी चाहिए।      पहली शर्त यह कि आपके पास डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम हो.     दूसरी यह कि आप किसी तीसरे पक्ष को बिजली की सप्लाई करते हों. रेलवे जो भी बिजली खरीदती है, उसका इस्तेमाल केवल इंजनों, सिग्नलों और स्टेशनों को चलाने में होता है. वह इसे किसी बाहरी उपभोक्ता को नहीं बेचती है. इसी आधार पर कोर्ट ने रेलवे को बिजली कानून की धारा 2(15) के तहत सिर्फ एक कंज्यूमर माना है।  क्या अब फेल हो जाएगी रेलवे की महा-बचत योजना? रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य मोहम्मद जमशेद के अनुसार, इस अदालती आदेश में रेलवे की पूरी वित्तीय बचत को खत्म करने की क्षमता है. रेलवे ने साल 2015 के आसपास एक बड़ी नीतिगत पहल शुरू की थी. इसके तहत ओपन एक्सेस से सस्ती बिजली खरीदकर एक दशक में 41,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बचाने का लक्ष्य था. यह नया फैसला उस पूरी योजना पर पानी फेर सकता है।  रेलवे ने अपने ब्रॉड-गेज नेटवर्क का लगभग 100% इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा कर लिया है. इस मिशन पर करीब 46,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. डीजल पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण को बचाने की यह मुहिम अब ओपन एक्सेस मार्केट के महंगे सरचार्ज के जाल में फंस गई है।