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आरसीबी को केकेआर के खिलाफ जीत जरूरी, प्लेऑफ की जंग तेज

रायपुर प्लेऑफ की दहलीज पर खड़ी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम को अगर अंतिम चार में अपनी जगह लगभग सुनिश्चित करनी है तो उसके बल्लेबाजों को बुधवार को रायपुर में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के गेंदबाजों के सामने आक्रामक प्रदर्शन करना होगा। आरसीबी फिलहाल 14 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर है, लेकिन मंगलवार को होने वाले मैच के बाद इस स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद या गुजरात टाइटन्स काबिज हो जाएंगे जिनके पास भी 14 अंक हैं। कुछ मैचों में आरसीबी के बल्लेबाजों ने किया है निराश आरसीबी ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन पिछले कुछ मैच में उसके बल्लेबाज अपेक्षित खेल नहीं दिखा पाए। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिछले मैच में 167 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उसकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी और उसने बमुश्किल जीत हासिल की थी। उसकी टीम आगे फिर से इस तरह की परिस्थिति से नहीं गुजरना चाहेगी। पिछले मैच में वह क्रुणाल पंड्या के अर्धशतक और अंतिम ओवर में भुवनेश्वर कुमार के छक्के से ही लक्ष्य तक पहुंच पाई थी। कप्तान रजत पाटीदार के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टूर्नामेंट के शुरू में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन पिछले कुछ मैच में वह रन बनाने के लिए जूझते हुए नजर आए। अगर आरसीबी को वापसी करनी है तो पाटीदार को आगे बढ़कर नेतृत्व करना होगा। पिछली छह पारियों में वह केवल एक बार पचास से अधिक और एक बार बीस से अधिक का स्कोर ही बना पाए हैं। इससे आरसीबी की मध्यक्रम की बल्लेबाजी कुछ कमजोर पड़ गई है, लेकिन देवदत्त पडिक्कल और टिम डेविड जैसे अन्य बल्लेबाजों के योगदान ने उसे मुश्किलों से बाहर निकलने में मदद मिली। अब उसके बल्लेबाजों का सामना केकेआर के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण से होगा जिसमें सुनील नारायण और वरुण चक्रवर्ती जैसे रहस्यमयी स्पिनर शामिल हैं। उन्हें कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा और अनुकूल रॉय जैसे घरेलू गेंदबाजों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन से केकेआर ने शुरू में लड़खड़ाने के बाद लगातार चार जीत दर्ज की हैं। अगर रायपुर की पिच पिछले मैच की तरह ही चिपचिपी रहती है और गेंद रुककर बल्ले पर आ रही हो तो आरसीबी के बल्लेबाजों को केकेआर के गेंदबाजों के सामने काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पॉइंट्स टेबल में 8वें नंबर पर है तीन बार की चैंपियन KKR तीन बार की चैंपियन केकेआर की टीम अभी भी 10 मैचों में नौ अंकों के साथ तालिका में आठवें स्थान पर है और यहां थोड़ी सी चूक भी उसे प्ले-ऑफ की दौड़ से बाहर होने के करीब पहुंचा देगा। ऐसी किसी स्थिति से बचने के लिए केकेआर के बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उन्हें आरसीबी के प्रमुख गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जोश हेज़लवुड का डटकर सामना करना होगा। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रख पाए हैं लेकिन उप-कप्तान रिंकू सिंह, न्यूजीलैंड के फिन एलन, अनुकूल रॉय और अंगकृष रघुवंशी ने पिछले कुछ मैचों में अच्छी बल्लेबाजी की है। इनके अलावा कैमरन ग्रीन में भी अपनी बल्लेबाजी में काफी सुधार किया है। टीम इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, राहुल त्रिपाठी, फिन एलन, तेजस्वी सिंह, टिम सीफर्ट, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, कैमरन ग्रीन, सार्थक रंजन, दक्ष कामरा, रचिन रवींद्र, नवदीप सैनी, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना, कार्तिक त्यागी, आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती, प्रशांत सोलंकी। समय: मैच शाम 7.30 बजे शुरू होगा।

PF ट्रांसफर में 10 साल की देरी पड़ी भारी: सॉफ्टवेयर खराबी का बहाना बना EPFO, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

चंडीगढ़ क्या कोई 10 तक सॉफ्टवेयर में खराबी का बहाना बनाकर पीएफ का पैसा लटकाए रह सकता है? मामला चंडीगढ़ का है। एक कर्मचारी ने सितंबर 2010 में कर्मचारी पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए अप्लाई किया, लेकिन उसका फंड ट्रांसफर नहीं किया गया। थक हारकर कर्मचारी ने उपभोक्ता आयोग का सहारा लिया। आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगाया और मुकदमे का खर्च भी देने का आदेश दिया।  खबर के मुताबिक चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) लगभग एक दशक की देरी के लिए सॉफ्टवेयर में खराबी को बहाना नहीं बना सकता। क्या था मामला श्री गर्ग पुणे की कंपनी टेक महिंद्रा में काम करते थे। फरवरी 2009 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी और जुलाई 2010 में इंफोसिस में जॉइन किया। सितंबर 2010 में उन्होंने टेक महिंद्रा वाले पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया। इसके बाद ईपीएफओ की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। श्री गर्ग ने आरटीआई भी दायर की। इसके बाद अप्रैल 2020 में जाकर ईपीएफओ ने सिर्फ 6.21 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जबकि गर्ग के अनुसार उन्हें 11.07 लाख रुपये मिलने चाहिए थे। ईपीएफओ ने ब्याज न देने की वजह खाते को इनऑपरेटिव हो जाने और सॉफ्टवेयर तकनीकी खामियों को बताया। ईपीएफओ को सॉफ्टवेयर की समस्या का बहाना नहीं चलेगा उपभोक्ता आयोग ने ईपीएफओ की इस दलील को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि सिर्फ मौखिक दावे करने और बिना ठोस सबूत के सॉफ्टवेयर की समस्या को लगभग दस साल की देरी का वैध कारण नहीं माना जा सकता। देरी की इतनी लंबी अवधि अपने आप में सेवा में कमी और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस है। सुनवाई के दौरान फंड ट्रांसफर, लेकिन… हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान ईपीएफओ ने गर्ग के खाते में अतिरिक्त 3.67 लाख रुपये और 64,841 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना और मुकदमे का खर्च भी लगाया। आयोग ने साफ किया कि तकनीकी अड़चनों को देरी का सही कारण बताने के लिए ईपीएफओ को पर्याप्त दस्तावेज पेश करने चाहिए थे, जो उसने नहीं किए। यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर में लंबी देरी का सामना करना पड़ता है। आयोग ने ईपीएफओ को यह राशि 60 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है, अन्यथा इस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

SOG की बड़ी कार्रवाई, 10 से ज्यादा गिरफ्तार, नौकरी तक पहुंचा फर्जीवाड़ा

चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री मामले की जांच में नए तथ्यों के खुलासे हुए हैं. राजस्थान सरकार ने अवैध पीएचडी डिग्रियों की लिस्ट तैयार करना शुरू कर दिया है. 425 अवैध पीएचडी डिग्रियों की जांच के बाद यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है. एसओजी पूरे फर्जी डिग्री रैकेट और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है. एसओजी को संदेह है कि मेवाड़ यूनिवर्सिटी के साथ-साथ कई अन्य विश्वविद्यालयों की  भी फर्जी डिग्री उपलब्ध करवाई गई है. 10 से ज्यादा लोग गिरफ्तार आरपीएससी की प्राध्यापक भर्ती-2022 में लगाई गई फर्जी डिग्री के सत्यापन के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ. बताया जा रहा है कि कमला कुमारी नामक महिला अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत डिग्री जांच में फर्जी पाई गई थी. इसके बाद एसओजी ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन और पूर्व प्रेसिडेंट भी शामिल हैं. सरकारी नौकरी में जमकर हुआ फर्जी डिग्री का इस्तेमाल पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से सैकड़ों डिग्रियां बेची गईं. आरोपियों ने फर्जी पीएचडी, एमए और अन्य डिग्रियां तैयार कर उसे स्टूडेंट्स को बेचा. आशंका है कि इन डिग्रियों के जरिए कई अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी भी हासिल कर ली. मामले में मास्टरमाइंड आरोपी वीरेंद्र सिंह पवार से पूछताछ में अब यह खंगाला जा रहा है कि कितने फर्जी डिग्री होल्डर है और कितने लोग नौकरियां प्राप्त कर चुके हैं. इन सभी पहलुओं पर जांच जारी है. साथ ही ऐसी कितनी प्रिंटिंग प्रेस है, जहां पर फर्जी डिग्री छपवाई गई उसकी भी लिस्ट तैयार की जा रही है.   सीएम से शिकायत करने की बात कह चुके हैं किरोड़ीलाल मीणा पहली बार नहीं है, जब किरोड़ीलाल मीणा खफा नजर आ रहे हैं. पिछले साल, वो खुद अपनी टीम के साथ गए थे और जो 200 से अधिक अभ्यर्थियों की कॉपियां सीज करके ले गए. किरोड़ी लाल मीणा ने SOG की जांच पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि एसओजी तमाशा कर रही है और यह अब तमाशा नहीं चलेगा. इसकी शिकायत सीएम से की जाएगी.

822 रन का पहाड़, जिम्बाब्वे मैच में स्कॉर्पियन का ऐतिहासिक दबदबा

नई दिल्ली क्रिकेट में 300 रन कभी मैच जिताने वाला स्कोर माना जाता था. 400 पार पहुंचना आज भी बड़ी बात समझी जाती है. लेकिन जिम्बाब्वे की घरेलू क्रिकेट में जो हुआ, उसने सारे पैमाने ही तोड़ दिए. 2025-26 मसविंगो 50 ओवर फर्स्ट लीग में खेले गए मुकाबले में स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब ने 50 ओवरों में 822 रन ठोक डाले… और कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.सामने वाली टीम मेथेन लॉयन्स सिर्फ 28 रनों पर सिमट गई. नतीजा? स्कॉर्पियन ने मैच 794 रनों से जीत लिया. अगर यह आधिकारिक लिस्ट-ए मुकाबला होता, तो क्रिकेट इतिहास की किताबें दोबारा लिखनी पड़तीं. दरअसल, अगर यह आधिकारिक लिस्ट-ए मैच होता, तो क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बन जाता. हालांकि मेथेन लॉयन्स के गेंदबाजों के लिए राहत की बात यही रही कि इस मुकाबले को आधिकारिक लिस्ट-ए दर्जा हासिल नहीं था. ऐसा स्कोरकार्ड जिसे देखकर आंखें फटी रह जाएं … टॉस जीतकर स्कॉर्पियन के कप्तान प्रेज मकाजा ने बल्लेबाजी चुनी और फिर मैदान पर रन नहीं, तूफान बरसा. ओपनर विल्फ्रेड माटेंडे और ताकुंडा माडेम्बो ने शुरुआत से ही गेंदबाजों को निशाने पर ले लिया. चौकों-छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि 21.3 ओवरों तक टीम का पहला विकेट गिरा, तब तक माटेंडे दोहरा शतक पूरा कर चुके थे. उन्होंने सिर्फ 75 गेंदों में 203 रन ठोक दिए, जिसमें 23 चौके और 13 छक्के शामिल थे. लेकिन राहत की सांस लेने का मौका लॉयन्स के गेंदबाजों को तब भी नहीं मिला. एक ने डबल सेंचुरी मारी… दूसरे ने ठोक दी ट्रिपल सेंचुरी दूसरे छोर पर ताकुंडा माडेम्बो लगातार तबाही मचाते रहे. जहां आम वनडे मैचों में 300 रन टीम का सुरक्षित स्कोर माना जाता है, वहां माडेम्बो अकेले ही 300 पार निकल गए. रिटायर्ड आउट होने से पहले उन्होंने 143 गेंदों में 302 रन बनाए. उनकी पारी में 50 चौके और 7 छक्के शामिल थे. यानी लगभग हर दूसरी गेंद बाउंड्री की तरफ जा रही थी. इसके बाद विन्सेंट मोयो ने 39 गेंदों में 78 रन उड़ाए, जबकि गैब्रियल जाया ने सिर्फ 49 गेंदों में नाबाद 110 रन ठोक दिए. कप्तान मकाजा जरूर इस ‘रन महोत्सव’ में ज्यादा योगदान नहीं दे सके और 5 गेंदों में सिर्फ 2 रन बना पाए. गेंदबाज नहीं… ‘एक्स्ट्रा’ भी बन गए विलेन स्कॉर्पियन के बल्लेबाजों ने जितना कहर बरपाया, मेथेन लायंस के गेंदबाजों ने भी उतनी ही मदद कर दी. टीम ने कुल 108 एक्स्ट्रा दे डाले, जिसमें 79 वाइड और 23 नो-बॉल शामिल थीं. हालत ऐसी रही कि हर गेंदबाज ने 100 से ज्यादा रन लुटाए. सबसे ‘किफायती’ गेंदबाज सिडनी शुम्बा रहे, जिनकी इकॉनमी भी 13.3 रन प्रति ओवर रही. पहली पारी में बल्लेबाजों का स्वर्ग… दूसरी में गेंदबाजों का जादू! पहली पारी देखकर लग रहा था कि पिच बल्लेबाजों के लिए किसी वीडियो गेम जैसी है. लेकिन दूसरी पारी शुरू होते ही कहानी पलट गई. मेथेन लॉयन्स की टीम सिर्फ 28/7 (7.5 ओवरों में) तक पहुंच पाई और मुकाबला वहीं रोका गया. मेथेन लॉयन्स 794 रनों से हार गई. क्रिकेट इतिहास में इतने बड़े अंतर से हार शायद ही कभी देखने को मिली हो. भारत का रिकॉर्ड भी चर्चा में फिलहाल आधिकारिक लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे बड़ा टीम स्कोर बिहार के नाम है, जिसने विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 574 रन बनाए थे. उसी मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 84 गेंदों में 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. लेकिन जिम्बाब्वे के इस मैच ने दिखा दिया कि क्रिकेट में ‘असंभव’ जैसा शब्द शायद अब बचा ही नहीं है.  

बिहार में दवा दुकानें रहेंगी बंद, ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ बड़ा आंदोलन

 पटना ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और नई दवा नीति के विरोध में बिहार समेत देशभर के केमिस्ट संगठनों ने 20 मई को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान थोक और खुदरा दोनों प्रकार की दवा दुकानें बंद रहेंगी। हड़ताल के कारण मरीजों और आम लोगों को दवाइयां खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि आनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक दवा कारोबार प्रभावित हो रहा है। संगठनों की मांग है कि सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू करें और छोटे दवा कारोबारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। प्रदेश अध्यक्ष पीके सिंह और महासचिव राजेश आर्या ने बताया कि 19 मई की देर रात से ही दवा दुकानदार हड़ताल पर चले जाएंगे। 20 मई को दुकानें बंद रखकर प्रशासन के समक्ष रखेंगे मांग वहीं पटना इकाई के अध्यक्ष अर्जुन कुमार यादव ने सभी दवा विक्रेताओं से आंदोलन में एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 16 से 19 मई तक दवा दुकानदार काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जबकि 20 मई को दुकानें बंद रखकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे। संगठनों ने आम लोगों से अपील की है कि वे जरूरत की दवाइयां पहले से खरीदकर रख लें, ताकि हड़ताल के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। दवा कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

थाने पर पथराव केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 और आरोपी गिरफ्तार

अलवर अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर सड़कों पर रौब झाड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन अलवर के गोविंदगढ़ में यही शौक अब कई परिवारों के लिए मुसीबत बन गया है. पिछले बुधवार को एक बाइक जप्त होने से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते थाने पर पथराव और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट तक पहुंच गया. इस घटना के बाद पुलिस ने जो एक्शन लिया उसने कोर्ट का सख्त रुख इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. ताजा अपडेट के मुताबिक, पुलिस ने सनी सिंह, दीपक सिंह, दलजीत सिंह और गुरदीप सिंह नाम के चार और आरोपियों को धर दबोचा है. इन चारों को जब अनुसूचित जाति-जनजाति विशेष न्यायालय (SC/ST Court) में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें सीधा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया. सरकारी वकील योगेंद्र खटाना ने कोर्ट को बताया कि इन लोगों ने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि वर्दी का सम्मान न करते हुए पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला भी किया. जेल की सलाखों के पीछे अब तक 12 चेहरे गोविंदगढ़ थाने पर हुए इस हमले में शामिल चेहरों की पहचान पुलिस वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर कर रही है. अब तक की कार्रवाई में कुल 12 बालिग आरोपी जेल की हवा खा रहे हैं, जबकि इस उपद्रव में शामिल एक नाबालिग को भी कानून के दायरे में लेते हुए किशोर न्यायालय बोर्ड के सामने पेश किया गया है. पुलिस का यह कड़ा रवैया उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो भीड़ का हिस्सा बनकर कानून तोड़ने की हिम्मत करते हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. एक छोटी सी गलती कैसे बन गई बड़ी आफत यह पूरा मामला महज एक मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइक को जप्त करने से शुरू हुआ था. उस वक्त भीड़ के आवेश में आकर थाने पर पत्थर फेंकना और पुलिसकर्मियों से उलझना इन युवकों के भविष्य पर भारी पड़ गया है. लोक अभियोजक योगेंद्र खटाना के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को भी कोर्ट ने जमानत न देकर सीधे जेल भेज दिया था.

रोम डायमंड लीग में उतरेगा भारतीय स्टार सचिन यादव, दुनिया के दिग्गजों से होगी टक्कर

नई दिल्ली भारत के शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ी सचिन यादव चार जून को रोम में होने वाली डायमंड लीग में पदार्पण करने के लिए तैयार हैं। यह 2025 विश्व चैंपियनशिप में शानदार चौथा स्थान हासिल करने के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। 26 वर्षीय सचिन प्रतिष्ठित डायमंड लीग सीरीज के रोम चरण में हिस्सा लेने वाले आठ खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके प्रतिद्वंद्वियों में पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और थॉमस रोहलर, चेक गणराज्य के याकुब वाडलेज्च, अमेरिका के कर्टिस थांपसन, पोलैंड के डेविड वेगनर और श्रीलंका के रुमेश थारंगा पाथिराजे शामिल हैं। पाथिराजे इस समय 89.37 मीटर के थ्रो के साथ विश्व के मौजूदा सीजन लीडर हैं, जो उन्होंने मार्च में एक घरेलू प्रतियोगिता में हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने पिछले महीने केन्या के नैरोबी में आयोजित किप केइनो क्लासिक में 89.28 मीटर का थ्रो कर फिर से 89 मीटर का आंकड़ा पार किया। सचिन यादव ने पिछले साल टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 86.27 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।  

भीषण गर्मी में बड़ी राहत: नहरों के पानी से 4755 सूखे तालाब हुए लबालब

नहरों से सूखते तालाबों में जलभराव:भीषण गर्मी से बड़ी राहत, 4755 तालाब हुए लबालब मुख्यमंत्री श्साय की मंशा के अनुरूप सूखते तालाबों को*जीवनदान देने जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान  रायपुर वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।     उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।     जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।     उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण  और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।     जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भूूूू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

रिटायर नहीं हुए अरिजीत’, प्रीतम ने बताया क्यों लिया प्लेबैक सिंगिंग से ब्रेक

अरिजीत सिंह ने जब प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का ऐलान किया, तो उनके फैंस हैरान रह गए. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत ने साफ कहा कि लगातार काम और दबाव के बीच अब उन्हें एक ब्रेक की जरूरत महसूस हो रही है. हालांकि, म्यूजिक कंपोजर प्रीतम चक्रवर्ती का मानना है कि ये रिटायरमेंट नहीं है बल्कि कुछ और है. उन्होंने इसकी असली वजह जाहिर की है. प्रीतम ने कहा है कि अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग से दूर होने का फैसला रिटायरमेंट नहीं, बल्कि एक ब्रेक की तरह देखा जाना चाहिए. स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में प्रीतम ने बताया कि अरिजीत लगातार बहुत ज्यादा गाने गा रहे थे और कमर्शियल म्यूजिक की भागदौड़ से थक चुके थे. प्रीतम ने ये भी कहा कि अरिजीत के इस फैसले ने उन्हें खुद भी अपने काम से ब्रेक लेने के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि वो काफी समय से हिम्मत जुटा रहे थे, लेकिन अरिजीत ने बिना ज्यादा सोचे वही कर दिया जो उनका मन था. क्यों प्रीतम को लगता है कि अरिजीत को ब्रेक चाहिए प्रीतम ने कहा कि फैंस को अरिजीत के फैसले को हमेशा के लिए अलविदा नहीं समझना चाहिए. उनके मुताबिक, लंबे समय से लगातार काम और प्रोफेशनल दबाव की वजह से अरिजीत को थोड़ा वक्त और सुकून चाहिए. उन्होंने कहा- अरिजीत पर इतने ज्यादा गाने गाने का दबाव था कि उसने कह दिया, ‘अब मेरा गाने का मन ही नहीं करता.’ कई बार डायरेक्टर्स भी हम लोगों पर काफी दबाव डालते हैं. मुझे भी कई बार किसी को मना करते हुए बुरा लगता है. अब वो अपनी फिल्म बनाना चाहता है. उसे थोड़ा वक्त दीजिए, सब ठीक हो जाएगा. प्रीतम और अरिजीत ने बॉलीवुड में साथ मिलकर कई हिट गाने दिए हैं और दोनों की जोड़ी काफी पसंद की जाती है. अरिजीत के फैसले पर आगे बात करते हुए प्रीतम ने कहा कि लोग रिटायरमेंट शब्द को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने कहा- लोग उसके रिटायरमेंट को लेकर बहुत ज्यादा सोच रहे हैं. उस पर इतना दबाव क्यों डाल रहे हो? उसे जो करना है, करने दो. जब उसका मन करेगा, वो फिर गाएगा. कोई कहता है अगर वो रिटायर हो गया तो उसके गाने अभी भी क्यों आ रहे हैं? अरे, आपको इससे क्या परेशानी है? उसकी भी अपनी जिंदगी है. हर कलाकार कभी न कभी ब्रेक चाहता है. कई चीजें हमें अंदर से परेशान करती हैं. अरिजीत के फैसले का प्रीतम पर असर प्रीतम ने बताया कि अरिजीत के इस फैसले ने उन्हें भी अपने काम से दूरी बनाने के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया. उनके मुताबिक, जो बात वो लंबे समय से सोच रहे थे, अरिजीत ने उसे तुरंत कर दिखाया. उन्होंने एक मजेदार किस्सा भी सुनाया. प्रीतम ने बताया कि अरिजीत ने एक दिन पहले उनसे कहा था कि वो उनके साथ ही रिटायर होंगे, लेकिन अगले ही दिन खुद ही रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. प्रीतम ने कहा- मैं कई बार अरिजीत से रिटायरमेंट की बात कर चुका हूं. उसके होमटाउन जियागंज में सब लोग जा चुके हैं, बस मैं नहीं गया. वो मजाक में कहता था, ‘आप नहीं आओगे.’ मैंने उससे कहा था, ‘मैं रिटायर होने के बाद तुम्हारे पास आऊंगा और हम दोनों तारापीठ जाएंगे.’ पिछले एक साल से वो मुझसे ये बातें सुन रहा था. एक रात उसने कहा, ‘जिस दिन आप रिटायर होंगे, उसी दिन मैं भी रिटायर हो जाऊंगा.’ अगले ही दिन उसने प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. बाद में उसने मुझे फोन करके कहा, ‘आपसे नहीं होगा.' इस साल जनवरी में अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर साफ कहा था कि वह अब कोई नया प्लेबैक सिंगिंग असाइनमेंट नहीं लेंगे. हालांकि उनके कुछ पुराने प्रोजेक्ट्स अभी बाकी हैं, इसलिए अगले दो साल तक उनके नए गाने सुनने को मिल सकते हैं.

क्या टूटने की कगार पर है मौनी रॉय की शादी? पति सूरज को किया अनफॉलो

शोबिज की दुनिया में जितनी जल्दी रिश्ते बनते हैं उतनी तेजी से टूट भी जाते हैं. अब बॉलीवुड और टीवी की फेमस एक्ट्रेस मौनी रॉय अपनी शादीशुदा जिंदगी में आई दरार को लेकर सुर्खियों में हैं. ऐसी चर्चा है मौनी का पति सूरज नांबियार संग रिश्ता मुश्किल दौर से गुजर रहा है. दोनों की शादी टूटने की कगार पर है. पति से अलग हुईं मौनी? एक वक्त पर पावर कपल कहे जाने वाले मौनी और सूरज नांबियार ने इंस्टाग्राम पर एक दूसरे को अनफॉलो कर दिया है. फैंस की जब पैनी नजर दोनों की फॉलोइंग लिस्ट पर पड़ी तो लोगों ने पाया कि मौनी और सूरज इंस्टाग्राम पर एक दूसरे को फॉलो नहीं कर रहे हैं और फिर दोनों के रिश्ते में खटपट की खबरें तूफानी रफ्तार से फैल गईं. हालांकि, मौनी और सूरज में से किसी ने भी अपने रिश्ते में अनबन होने की रिपोर्ट्स को कंफर्म नहीं किया है और न ही उन्होंने तलाक की वायरल खबरों पर अब तक रिएक्ट किया है. दिशा ने कंफर्म किया मौनी का तलाक? लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि मौनी की सबसे करीबी दोस्त और एक्ट्रेस दिशा पाटनी ने भी सूरज नांबियार को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है. दिशा की फॉलोइंग लिस्ट में सूरज मौजूद नहीं हैं. दिशा पाटनी, मौनी रॉय की सबसे करीबी दोस्त हैं. दोनों फैमिली जैसा बॉन्ड शेयर करती हैं. दिशा बेस्ट फ्रेंड मौनी के पति सूरज के भी काफी क्लोज थीं. दिशा कई दफा सूरज और मौनी संग वेकेशन एन्जॉय करते और पार्टी करते नजर आ चुकी हैं. इतना खास बॉन्ड होने पर दिशा के सूरज को अनफॉलो करने पर माना जा रहा है कि मौनी और सूरज के रिश्ते में वाकई में दरार पड़ गई है. क्योंकि ये बात साफ जाहिर है कि दिशा इस सिचुएशन में अपनी दोस्त मौनी का ही साथ देंगी. 4 साल में पड़ी रिश्ते में दरार मौनी रॉय जहां टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, तो वहीं उनके पति सूरज नांबियार इंडस्ट्री से नहीं हैं. सूरज एक बिजनेसमैन हैं. दोनों ने लंबी डेटिंग के बाद साल 2022 को गोवा के इंटीमेट वेडिंग की थी. उन्होंने पहले मलयाली रीति-रिवाजों से शादी की थी और फिर बंगाली परंपराओं के अनुसार शादी रचाई थी. मगर अब लगता है कि 4 साल बाद ही दोनों की शादी टूटने की कगार पर है.