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गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा निर्णायक टक्कर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग अब जबकि अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है तब दूसरे स्थान पर काबिज सनराइजर्स हैदराबाद और तीसरे स्थान की टीम गुजरात टाइटंस के बीच मंगलवार को यहां होने वाला मैच काफी रोमांचक होने की संभावना है जो प्लेऑफ की दौड़ को ध्यान में रखते हुए दोनों टीम के लिए महत्वपूर्ण होगा। अच्छी लय में है गुजरात टाइटंस शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात की टीम ने इस सीजन की खराब शुरुआत से उबरते हुए कई महत्वपूर्ण जीत हासिल की हैं। इनमें पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्स पर 77 रन की जीत भी शामिल है, जिससे वह अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस जीत से गुजरात की स्थिति थोड़ी बेहतर नजर आ रही है। अभी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स और टाइटंस सभी के समान 14 अंक हैं। ऐसे में नेट रन रेट प्लेऑफ की दौड़ में निर्णायक कारक बन सकता है। सनराइजर्स किसी से कम नहीं सनराइजर्स ने सही समय पर अपनी लय हासिल कर ली है। पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच में पर 33 रन की जीत में उसने अपनी बल्लेबाजी ताकत का शानदार नमूना पेश किया। उसने इस मैच में चार विकेट पर 235 रन बनाए लेकिन प्लेऑफ की दौड़ काफी कड़ी है और इसलिए वह किसी तरह के मुगालते में नहीं रह सकता। दोनों टीमों के बीच खेले जाने वाले इस मुकाबले को जीतने वाली टीम के प्लेऑफ में पहुंचे के और नजदीक पहुंच जाएगी। वहीं हारने वाली टीम के लिए प्लेऑफ से दूर हो जाएगी। गुजरात टाइटंस की असली ताकत जहां तक टाइटंस का सवाल है तो उसकी टीम बेहद संतुलित है। उसकी बल्लेबाजी कप्तान गिल और साई सुदर्शन के इर्द-गिर्द घूमती है। इन दोनों ने शीर्ष क्रम में मजबूती प्रदान की है और पावरप्ले में अच्छा प्रदर्शन किया है। जोस बटलर और वाशिंगटन सुंदर बीच के ओवरों में अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। इससे उसकी टीम बड़ा स्कोर बनाने या बड़े लक्ष्य हासिल करने में सफल रही है। टाइटंस की गेंदबाजी भी उतनी ही दमदार है, जिसमें मोहम्मद सिराज और कैगिसो रबाडा की तेज गति और विकेट लेने की क्षमता के साथ-साथ राशिद खान का नियंत्रण और बीच के ओवरों में मैच का रुख बदलने वाली गेंदबाजी का शानदार संयोजन है SRH की बल्लेबाजी है दमदार सनराइजर्स ने एक बार फिर से अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है जो किसी भी विरोधी टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है। उसके चोटी के चार बल्लेबाजों अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने लगातार आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन के कारण उसने इस सत्र में लगातार 200 से अधिक रन बनाए हैं। टाइटंस के गेंदबाजों के लिए सनराइजर्स के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना आसान नहीं होगा। सनराइजर्स का गेंदबाजी आक्रमण भी कप्तान पैट कमिंस के आक्रामक दृष्टिकोण पर केंद्रित है, जो चोट के कारण सत्र के शुरू में नहीं खेल पाए थे। उनकी वापसी से सनराइजर्स के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिली है दोनों टीमों का स्क्वाड गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, अरशद खान, अशोक शर्मा, जोस बटलर, कॉनर एस्टरहुइज़न, गुरनूर बरार, जेसन होल्डर, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, मोहम्मद सिराज, ग्लेन फिलिप्स, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, राशिद खान, साई किशोर, साई सुदर्शन, शाहरुख खान, इशांत शर्मा, निशांत सिंधु, मानव सुथार, राहुल तेवतिया, वाशिंगटन सुंदर, ल्यूक वुड, जयन्त यादव। सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), अभिषेक शर्मा, आरएस अंबरीश, अमित कुमार, सलिल अरोड़ा, गेराल्ड कोएत्जी, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, ट्रैविस हेड, प्रफुल्ल हिंगे, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, लियाम लिविंगस्टोन, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, कामिंडु मेंडिस, नितीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, साकिब हुसैन, शिवांग कुमार, रविचंद्रन स्मरन, ओंकार तरमाले, जयदेव। उनादकट, अनिकेत वर्मा, जीशान अंसारी।

मादक पदार्थों के खिलाफ सख्ती, किशनगंज पुलिस ने बनाई विशेष एएनटीएफ टीम

किशनगंज बिहार के किशनगंज जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस कप्तान ने बड़ा कदम उठाया है। किशनगंज पुलिस ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जिले को सूखे नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए यह विशेष टीम पूरी गंभीरता और रणनीति के साथ काम करेगी। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग और आकाओं तक पहुंच कर पूरे अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है। इस विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह करेंगे, जबकि इंस्पेक्टर राजू को इसका प्रभारी बनाया गया है। टीम में कुल 12 पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं, जिन्हें विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जेल से छूटने के बाद भी रहेगी निगरानी पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। एएनटीएफ उन तस्करों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखेगी जो जेल से छूट चुके हैं या भविष्य में रिहा होंगे। ऐसे लोगों पर प्रिवेंटिव एक्शन लेते हुए दोबारा अपराध में शामिल होने से रोकने की रणनीति तैयार की गई है। एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगी, जिसके माध्यम से आम लोग गुप्त रूप से मादक पदार्थों की तस्करी या सेवन से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। एसपी संतोष कुमार ने कहा कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग और आकाओं तक पहुंच कर पूरे अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है। युवाओं को जागरूक करने पर भी रहेगा जोर एसपी संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं और आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाएगी। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को इस जाल में फंसने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे के सेवन के आदी हैं, उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाने की दिशा में भी पहल की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं बल्कि सामाजिक सहयोग और जागरूकता से भी जीती जा सकती है। एसपी ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किशनगंज को सूखे नशे से मुक्त कराना पुलिस की प्राथमिकता है और इस मिशन को हर हाल में पूरा किया जाएगा। एएनटीएफ का मुख्य कार्य जिले और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों की पहचान करना, उनके आपराधिक इतिहास का अध्ययन करना तथा उनके नेटवर्क और सप्लाई चैन की पूरी जानकारी जुटाना होगा। पुलिस इन अपराधियों का विस्तृत डोजियर तैयार करेगी ताकि संगठित रूप से इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। एसपी ने कहा कि यह टास्क फोर्स सूचना संकलन और सत्यापन के बाद छापेमारी करेगी तथा कानूनी कार्रवाई को अंजाम देगी। इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।

27 हजार पदों वाली भर्ती में नया मोड़, संशोधित रिजल्ट के आधार पर नियुक्ति के निर्देश

जयपुर राजस्थान हाई कोर्ट ने श‍िक्षक भर्ती 2022 परीक्षा में एक बड़ा और अहम फैसला दिया है. हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षा में अधिक अंक लाने वाले सभी अभ्यर्थियों को नौकरी देने के निर्देश दिए हैं. जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया. याचिकाकर्ताओ की ओर से अधिवक्ता आनंद शर्मा ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट को बताया कि भर्ती परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी होने के बाद जिन अभ्यर्थियों के अंक बढ़े, उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई. कम अंक वाले नौकरी कर रहे हैं. कोर्ट ने दलील सुनने के बाद सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए. यह फैसला लेवल-2 भर्ती को लेकर हुआ है. 27 हजार पदों पर निकाली थी भर्ती राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से दिसंबर 2022 में लेवल-1 और लेवल-2 के लिए अध्यापक भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जारी की गई थी. कर्मचारी चयन बोर्ड ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 27 हजार पदों पर विभिन्न विषयों में भर्ती निकाली थी, इसके बाद 2023 में भर्ती परीक्षा का आयोजन करवाया गया. भर्ती परीक्षा के बाद 18 मार्च 2024 को प्रथम उत्तर कुंजी जारी की. 9 जून 2024 को अंतिम सूची जारी हुई अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण कर 9 जून 2024 को अंतिम सूची जारी कर परिणाम घोषित कर दिया. इसके बाद अभ्‍यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त पुस्तकों, लेखकों और शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों के आधार पर उनके जवाब सही है, लेकिन चयन बोर्ड ने उन्हें सही नहीं माना. इसके बाद भर्ती परीक्षा का रिवाइज्ड रिजल्ट जारी किया गया था.

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने दी चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट आदेश का पालन जरूरी

बिलासपुर  हाईकोर्ट ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन को आदेश दिया है कि नियमित पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर नियमित पद के अनुरूप वेतन दिया जाए। यह मामला लंबे समय से चल रहे नियमितीकरण विवाद और पूर्व आदेशों के पालन नहीं होने को लेकर दायर अवमानना याचिकाओं का है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वर्ष 2023 में हाईकोर्ट द्वारा आदेश पारित किए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान सभी लाभ अब तक नहीं दिए हैं। पक्षकारों ने कहा कि 6 मार्च 2023 के आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि संबंधित कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी माना जाएगा तथा उनकी सेवाओं का नियमितीकरण 26 अगस्त 2008 से प्रभावी समझा जाएगा। साथ ही उन्हें नियमित कर्मचारियों के बराबर सभी सुविधाएं और लाभ भी दिए जाने थे। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पर निर्देश जानकारी के अनुसार,  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को न तो नियमित किया गया है और न ही देयकों का पेमेंट किया गया है। जिसके खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट SLP और रिव्यू पीटीशन खारिज कर चुका जानकारी के अनुसार, सेंट्रल यूनिवर्सिटी की ओर से दायर एसएलपी और रिव्यू पीटीशन सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। फिर भी अब तक नियमित कर्मचारियों की तहर दैनिभो कर्मियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि, साल 2023 में पारित आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय अब तक कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी के समान पूरा लाभ नहीं दे रहा है। यूनिवर्सिटी ने जबाव में दी सफाई मामले में  यूनिवर्सिटी की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारियों का नियमितीकरण कर दिया गया है, लेकिन कुछ दस्तावेजों के सत्यापन की प्रोसेस बाकी है। विश्वविद्यालय ने सफाई दी कि कर्मचारियों से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे,जो उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे लाभ देने में देरी हो रही है। इसके जवाब में याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि संबंधित आदेश और पत्राचार कर्मचारियों को उपलब्ध ही नहीं कराया गया था। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिए दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया कि 27 अप्रैल 2026 का पत्राचार 12 मई तक सभी याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद कर्मचारियों को एक हफ्ते के भीतर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।  हाईकोर्ट ने कहा- 15 दिन में नियमित पद का वेतन दिया जाए सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी भले नियमितीकरण का दावा कर रही हो, लेकिन अब तक कर्मचारियों को नियमित पद का वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस पर विवि की ओर से कहा गया कि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 15 दिनों में पूरी कर ली जाएगी और जो कर्मचारी नियमित पद पर कार्यरत हैं, उन्हें नियमित पद के अनुसार वेतन दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस यूनिवर्सिटी के पक्षकार वकीलों के इस बयान को रिकॉर्ड पर लिया और कहा कि नियमित कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे याचिकाकर्ताओं को 15 दिनों के भीतर नियमित पद का वेतन भुगतान किया जाए। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा इस आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका और पुनर्विचार याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुकी है। इसके बावजूद कर्मचारियों को पूरा लाभ नहीं मिल पाया। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कहा गया कि कर्मचारियों से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। इस पर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि 27 अप्रैल 2026 का पत्र सभी याचिकाकर्ताओं को 12 मई तक उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद कर्मचारी एक सप्ताह के भीतर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे। सुनवाई के दौरान कर्मचारियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि विश्वविद्यालय नियमितीकरण का दावा तो कर रहा है, लेकिन उन्हें अब भी नियमित पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा। इस पर विश्वविद्यालय ने अदालत को भरोसा दिलाया कि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी और नियमित पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को उसी अनुरूप वेतन दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए स्पष्ट कर दिया कि जो कर्मचारी नियमित पदों पर कार्य कर रहे हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर नियमित वेतनमान का लाभ दिया जाना अनिवार्य होगा।

शपथ ग्रहण से रोकी गई तमिलनाडु की महिला मंत्री एस कीर्तना, कारण सामने आया

चेन्नई  तमिलनाडु की इकलौती महिला और सबसे युवा मंत्री एस कीर्तना सोमवार को विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ही नहीं ले पाईं। जानकारी के मुताबिक वह अपना इलेक्शन सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं कर पाईं और इसलिए उन्हें शपथ लेने से रोक दिया गया। विधानसभा के मुख्य सचिव के श्रीनिवासन ने उन्हें पहले शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया। वह पोडियम तक पहुंच गईं लेकिन जब श्रीनिवासन ने पूछा कि उन्होंने अपना इलेक्शन सर्टिफिके प्राप्त कर लिया है। इसपर कीर्तना ने इनकार कर दिया। शपथ लेने से क्यों रोका गया विधानसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण में देखा गया कि जब विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने माइक पर कीर्तना का नाम पुकारा, तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी के सामने बने मंच की ओर बढ़ीं। विधानसभा की परंपरा के अनुसार, शपथ लेने वाले विधायक प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष) की ओर मुख करके खड़े होते हैं जैसे ही कीर्तना मंच के पास पहुंचीं, सचिव श्रीनिवासन ने हाथ उठाकर उनसे निर्वाचन प्रमाणपत्र मांगा। हालांकि, वह प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सकीं। श्रीनिवासन को उन्होंने क्या जवाब दिया, यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा, "ऐसा लगता है कि उनके पास उस समय निर्वाचन प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था। प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाने के कारण, वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें शपथ लेने की अनुमति देने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। अब वह निर्वाचन प्रमाणपत्र जमा करने के बाद किसी भी समय शपथ ले सकती हैं।" अधिकारी ने बताया कि सभी विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपना प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से साथ लाएं। सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए भी यह बात साफ कर दी थी। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सहित सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने पहले अपने प्रमाणपत्र जमा किए और उसके बाद अधिकारियों के निर्देशानुसार संविधान के तहत पद की शपथ ली। कैबिनेट में नौवें स्थान पर काबिज कीर्तना, शपथ लेने के लिए आमंत्रित की जाने वाली अंतिम मंत्री थीं। शिवकाशी से चुनी गई हैं कीर्तना एस. कीर्तना शिवकाशी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के अशोकन जी. को 11,670 मतों के अंतर से हराया है। इस चुनाव में पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक के दिग्गज नेता के.टी. राजेंद्र बालाजी तीसरे स्थान पर रहे। तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान सदस्य संख्या 233 है। मुख्यमंत्री विजय ने पेरम्बलुर और तिरुचि पूर्व दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसमें से उन्होंने तिरुचि पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया है।

चांदनी चौक मंदिर में पूजा-अर्चना, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा वातावरण

 नई दिल्ली सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार को देश भर में भक्ति और हर्षोल्लास का वातावरण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयोजित इस विशेष उत्सव के क्रम में, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर (चांदनी चौक) पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और अटूट श्रद्धा का संगम आज का दिन भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। एक ओर जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन स्थित सोमनाथ मंदिर में नतमस्तक होकर राष्ट्र की खुशहाली की कामना की, वहीं दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के साथ देवाधिदेव महादेव की आराधना की। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में सोमनाथ मंदिर के मुख्य आयोजन का लाइव प्रसारण देखा गया, जिससे श्रद्धालु वर्चुअली इस भव्य क्षण के साक्षी बने। 'हर हर महादेव' के जयकारों से पूरा चांदनी चौक और मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा। विरासत भी, विकास भी पूजा के उपरांत मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की अपराजेय जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनगिनत आक्रमणों और विध्वंसों के बावजूद सोमनाथ का बार-बार उठ खड़ा होना यह संदेश देता है कि भारत की सनातन चेतना को कोई पराजित नहीं कर सकता। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश 'विकास भी और विरासत भी' के मंत्र पर चल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंत्रियों ने भी इस अवसर को भारत की सांस्कृतिक एकता का महापर्व बताया और सोमनाथ के 75 गौरवशाली वर्षों को आत्मसम्मान का प्रतीक करार दिया।

नंदिनी नगर कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर गरमाई सियासत, आरोप-प्रत्यारोप जारी

 लखनऊ पहलवान विनेश फोगाट और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। नंदिनी नगर में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब इशारों और शेरो-शायरी तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर दोनों के आरोप-प्रत्यारोप की खेल व राजनीतिक जगत में चर्चा हो रही है। पहलवान विनेश फोगाट ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इसमें लिखा, ‘जिंदगी फंसी है किसी मझधार में, जमाना ढूंढ़ता है खामी मेरे किरदार में… जिंदगी तेरा सर सदा बुलंद रखा है, झुकाने की ताकत नहीं किसी तलवार में…!’ विनेश की इस पोस्ट को उनके समर्थक संघर्ष और आत्मसम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि यह पोस्ट गोंडा में रविवार को शुरू हुई प्रतियोगिता और उससे जुड़े घटनाक्रमों की ओर इशारा कर रही है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी दी प्रतिक्रिया विनेश की इस पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक शेर साझा करते हुए लिखा, ‘शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।’ सोशल मीडिया यूजर इसे विनेश की पोस्ट का जवाब मान रहे हैं। हालांकि, दोनों ने सीधे तौर पर एक-दूसरे का नाम नहीं लिया है, लेकिन समय और संदर्भ को देखते हुए इसे सीधा मुकाबला माना जा रहा है। विवाद की जड़ 10 से 12 मई तक नंदिनी नगर में होने वाली सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता है। हाल ही में विनेश फोगाट ने इस आयोजन स्थल को लेकर अपनी असहजता जताई थी। इसके बाद पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया था कि इस प्रतियोगिता से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा था कि आयोजन भारतीय कुश्ती संघ की ओर से कराया जा रहा है और वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं। विनेश ने जवाब नहीं दिया तो लगेगा प्रतिबंध : संजय सिंह भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा है कि विनेश फोगाट ने अनुशासनहीनता के नोटिस का समय पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उन पर प्रतिबंध लग सकता है। गोंडा में नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को आयोजित ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर आए संजय सिंह ने कहा कि विनेश हर बात पर आरोप लगाने की आदी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि विनेश के प्रतियोगिता में आने की बात कहने पर सुरक्षित लाने, मुकाबला कराने व वापस छोड़ने की पूरी जिम्मेदारी ली गई थी। संजय सिंह ने बताया कि 2028 ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी गई है। भारत को चार से पांच पदक मिलने की उम्मीद है। देशविरोधी कुछ ताकतें फिर माहौल खराब करने की कोशिश कर सकती हैं।   बृजभूषण शरण सिंह और विनेश के बीच सोशल मीडिया पर शायरी पोस्ट करने को लेकर संजय सिंह ने कोई टिप्पणी नहीं की। वह सिर्फ इतना बोले कि बृजभूषण शायरी के बादशाह हैं। जवाब देने में पूर्वांचल में उनका मुकाबला नहीं है। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर जो चल रहा है, वह उनका व्यक्तिगत मामला है। संजय सिंह ने कहा कि नंदिनी नगर स्टेडियम जैसी सुविधाएं देश में कहीं नहीं हैं। प्रतियोगिता में 28 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। फ्री स्टाइल कुश्ती में करीब 600 पहलवान मैदान में हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत हरियाणा से हैं। रैंकिंग सीरीज का मकसद नए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तरह आगे बढ़ने के लिए मंच देना है।    

Jharkhand University Act 2026 लागू, नियुक्ति और प्रमोशन नियम बदलेंगे

 रांची  झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग इसके अनुपालन के लिए लगभग आधा दर्जन स्टैच्यूट (परिनियम) गठित करने की तैयारी कर रहा है। सारे परिनियम विश्वविद्यालयों में संरचनात्मक सुधार से संबंधित हैं। नए अधिनियम में कुलपतियों से लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के नियुक्ति, सेवाशर्त एवं प्रोन्नति से संबंधित प्रविधानों में बदलाव हुआ है। सभी से संबंधित अलग-अलग परिनियम लागू किए जाएंगे। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के तहत विश्वविद्यालयों में पहली बार विभिन्न विभागों के लिए निदेशक पद के प्रविधान किए गए हैं। परिनियम गठित कर इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया भी निर्धारित की जाएगी। विश्वविद्यालयों में विभिन्न बोर्ड के गठन को लेकर भी नीतियां तैयार होंगी। विश्वविद्यालयों में अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों की नियुक्ति के लिए झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन की भी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। इसके लिए भी अलग से परिनियम गठित किया जाएगा। छात्रों तथा शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की शिकायतों के निपटारे के लिए कमेटी और न्यायाधिकरण के भी प्रविधान अधिनियम में पहली बार किए गए हैं। इन सभी निकायों के गठन के लिए भी परिनियम गठित किया जाएगा। छात्रसंघ चुनाव के लिए भी प्रविधान छात्र संघ चुनाव के लिए भी प्रविधान में बदलाव किया गया है। साथ ही पहली बार प्रति कुलाधिपति के पद का प्रविधान किया गया है। गठित होने वाले सारे परिनियम पर कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की भी स्वीकृति ली जाएगी। परिनियम में विश्वविद्यालयों, अंगीभूत एवं संबद्ध कालेजों तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारों का स्पष्ट रेखांकन किया जाएगा। बताते चलें कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राज्य में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा अधिनियम अधिसूचित हो चुका है। इस अधिनियम को लागू करने के लिए ही विभिन्न परिनियमों का गठन किया जा रहा है।

रेंट एग्रीमेंट से इमिग्रेशन तक बड़ा बदलाव, चंडीगढ़ प्रशासन ने लागू किए नए कानून

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में पांच नए कानून लागू किए गए हैं. प्रशासन की तरफ से 6 मई से लागू किए गए इन कानूनों के बाद अब रेंट एग्रीमेंट, फायर सेफ्टी, जमीन रिकॉर्ड, स्टांप ड्यूटी और इमिग्रेशन कारोबार से जुड़े नियम पूरी तरह बदल जाएंगे. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने बताया कि प्रशासन ने पंजाब इंडियन स्टांप (संशोधन) अधिनियम-2001 व 2003, पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021, पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 व संशोधन अधिनियम-2014, हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 और असम टेनेंसी एक्ट-2021 को चंडीगढ़ में लागू किया है. उन्होंनेबताया कि तीन कानून पंजाब, एक हरियाणा से और रेंट कंट्रोल व्यवस्था के तहत असम टेनेंसी एक्ट लागू किया गया है. चंडीगढ़ में असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होने के बाद कौन सा पुराना कानून समाप्त हो गया?     A पंजाब इंडियन स्टांप एक्ट-2001     B ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949     C हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022       D पंजाब आबादी देह रिकॉर्ड ऑफ राइट्स अधिनियम-2021 नए कानून की वजह से अब चंडीगढ़ में असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होने पर ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 खत्म हो गया है. रेंट एग्रीमेंट कानूनः चंडीगढ़ मे अब मकान मालिकों को किरायेदारों के साथ रेंट एग्रीमेंट करना अनिवार्य कर दिया है. प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा. प्रशासन ने बताया कि पोर्टल अगले एक महीने में शुरू होगा. तब तक लोग फिजिकल दस्तावेज जमा कर पंजीकरण कर सकते हैं. रेंट विवाद के निपटारे के लिए रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल बनाए जाएंगे और सुनवाई जिला स्तर के जज करेंगे. अहम बात है कि अब मकान मालिक मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे. किराया के विवाद 60 दिन में निपटाए जाएंगे. वहीं, मकान मालिकों को भी अवैध कब्जों से राहत मिलेगी. फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर कसेगा शिकंजा चंडीगढ़ मेंने पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 और संशोधन अधिनियम-2014 भी लागू कर दिया है. गौर रहे कि बहुत से लोग कबूतरबाजी को लेकर शिकायतें देते हैं. ऐसे में अब बिना  रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंट काम नहीं कर पाएंगे. अगर नियम तोड़ा तो तीन से सात साल तक की सजा होगी. दोषी मिलने पर संपत्ति भी अटैच की जाएगी. सभी ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन कंपनियों को अपने स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन करनी होगी. स्टांप चोरी की तो जुर्माना लगेगा पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद चंडीगढ़ में अब प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में अंडर वैल्यूएशन पर सख्ती की जेगी. नए कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी भरता है तो उस पर संपत्ति की वैल्यू का तीन प्रतिशत जुर्माना लगेगा. गांवों की आबादी देह जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021 लागू होने के बाद अब गांवों की आबादी देह वाली जमीनों का रिकॉर्ड लोगों के नाम से तैयार होगा. अभी तक ये जमीनें केवल खसरा नंबरों के आधार पर दर्ज थीं. इसके तहत हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. इससे जमीन संबधी विवाद कम हो जाएंगे. फायर सेफ्टी सर्टिफिकेटः चंडीगढ़ ने हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 को लागू किया है और इससे अब सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता पांच साल लागू होगी. अब फायर सेफ्टी अप्रूवल टाइम-बाउंड तरीके से होगे. आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों होने के बाद ही एनओसी मिलेगी.

शनि-चंद्रमा की युति से बनेगा विष योग, इन राशियों पर बढ़ेगा संकट

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में शनि और चंद्रमा एक साथ आ जाते हैं, तो इसे 'विष योग' कहा जाता है. इस योग को मानसिक तनाव, अस्थिरता और जीवन में उतार-चढ़ाव का संकेत माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 मई की शाम चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. उस समय पहले से ही मीन राशि में मौजूद शनि के साथ उनकी युति बन जाएगी. इसी वजह से विष योग सक्रिय हो जाएगा. इस दौरान कुछ राशियों को ज्यादा सावधानी रखने की सलाह दी जा रही है. क्योंकि इस समय तनाव, मानसिक दबाव और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. यह अशुभ योग 14 मई से ज्यादा भी देखने को मिल सकता है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है. कर्क राशि कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा होते हैं, ऐसे में शनि के साथ उनकी युति आपके लिए थोड़ा तनावपूर्ण समय ला सकती है. इस दौरान मानसिक बेचैनी और चिंता बढ़ सकती है. कुछ लोगों को खांसी-जुकाम या छोटी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं. इस समय मेहनत पर भरोसा रखें. किस्मत के भरोसे एकदम न चलें. उपाय: भगवान शिव की पूजा करें, इससे राहत मिल सकती है. सिंह राशि सिंह राशि वालों को इस समय खास सावधानी रखने की जरूरत है. वाहन चलाते समय सतर्क रहें. जोखिम लेने से बचें. पुरानी बीमारियां फिर से परेशान कर सकती हैं. आर्थिक मामलों में भी ध्यान रखना होगा. अनावश्यक खर्चों से बचें. सोच-समझकर निर्णय लें. उपाय: जरूरतमंदों की मदद करें और सेवा भाव रखें. तुला राशि तुला राशि वालों पर आलस्य हावी हो सकता है, जिससे काम में देरी हो सकती है. गले या पेट से जुड़ी हल्की समस्याएं परेशान कर सकती हैं. पारिवारिक जीवन में छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचना जरूरी होगा. इस समय धैर्य और संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है. उपाय: विष योग का प्रभाव कम करने के लिए मां पार्वती की पूजा करें. मीन राशि मीन राशि में ही यह विष योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. शरीर में थकान, जोड़ों में दर्द या नींद की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. घर और परिवार में भी बहस या तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए शांत रहना जरूरी होगा. उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें.