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दीपोत्सव 2025: कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में 33 हजार वालंटियर्स रचेंगे इतिहास

दीपोत्सव 2025: सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या बनेगी विश्व की दीप नगरी दीपोत्सव 2025: कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में 33 हजार वालंटियर्स रचेंगे इतिहास दीपोत्सव 2025: 56 घाटों पर सजे 28 लाख दीए, घाट संख्या-10 पर 80 हजार दीयों से ‘स्वास्तिक’ का आकार -वालंटियर्स को दिए विशेष दिशा-निर्देश, सूती वस्त्रों में ही करेंगे दीयों का प्रज्वलन -भोजन, परिवहन और समन्वय की चाक-चौबंद व्यवस्था अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या इस बार दीपों की ऐसी अलौकिक आभा में नहाएगी, जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेगी। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में दीपोत्सव-2025 को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस आयोजन में 33 हजार वालंटियर्स की भूमिका अहम रहेगी, जो 26 लाख 11 हजार एक सौ एक दीयों को प्रज्ज्वलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। विश्वविद्यालय व प्रशासन की संयुक्त पहल से गूंजी रामनगरी विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी घाटों पर दीये बिछाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने स्वयं घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उनका कहना है कि “यह दीपोत्सव अलौकिक और अविस्मरणीय होगा। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से समता और समरसता का संदेश पूरे विश्व में पहुंचेगा।” 56 घाटों पर जगमगाएंगे दीये, 75 सदस्यीय टीम कर रही गणना सरयू तट के 56 घाटों पर विश्वविद्यालय की 2,000 से अधिक सदस्यों की टीम तैनात है। दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि 28 लाख से अधिक दीए बिछाए जा चुके हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम द्वारा घाटवार दीयों की गणना की जा रही है। घाट संख्या-10 पर विश्वविद्यालय के वालंटियर्स ने 80 हजार दीयों से ‘स्वास्तिक’ का विशाल प्रतीक बनाकर शुभता का संदेश दिया है। सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान, वालंटियर्स को दिए दिशा-निर्देश घाटों पर बिना पहचान-पत्र (आईडी कार्ड) के प्रवेश वर्जित रहेगा। सभी वालंटियर्स सूती परिधान में ही घाटों पर उपस्थित रहेंगे। दीयों में तेल भरने के लिए प्रत्येक वालंटियर को एक लीटर सरसों तेल की बोतल दी जाएगी। तेल डालने और बाती प्रज्वलित करने के लिए विशेष सावधानी बरती जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि “हर घाट पर निर्धारित संख्या में कैंडल, माचिस और प्रज्वलन सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। भोजन, परिवहन व समन्वय की भी पुख्ता व्यवस्था दीपोत्सव स्थल पर सभी वालंटियर्स व पदाधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। यह प्रबंधन प्रो. हिमांशु शेखर सिंह के नेतृत्व में प्रो. प्रवीन राय, डॉ. रामजी सिंह और डॉ. अनुराग तिवारी की टीम द्वारा किया जा रहा है। विश्वविद्यालय से घाटों तक 5 दर्जन बसों द्वारा वालंटियर्स को भेजा जा रहा है। यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि सभी टीमों को समय से राम की पैड़ी पहुंचाया जा रहा है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। विश्व रिकॉर्ड की ओर अयोध्या, जगमगाएगी सरयू तट की 56 घाटों की श्रृंखला दीपोत्सव के दिन, 19 अक्टूबर को अयोध्या सरयू तट का हर घाट राममय होगा। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने विश्वास जताया है कि इस बार का दीपोत्सव "अद्भुत, आलौकिक और अविस्मरणीय” बनेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी सांस्कृतिक पहचान का दीप जलाने जा रही है।

बंगाल फतह की तैयारी में BJP, छह महीने पहले ही RSS के साथ शुरू हुआ मिशन

कोलकत्ता  बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के बड़े मिशन के लिए छह महीने पहले से ही अपनी तैयारी अपनी चुनावी जमीनी तैयारियों पर अमल शुरू कर दिया है। राज्य में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और सभी हिस्सो में अपनी पहुंच को मजबूत करने के लिसए पार्टी ने तीन स्तरीय रणनीति पर काम करना शुरू किया है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी उसकी मदद कर रहा है। इस रणनीति में आरएसएस के कार्यकर्ता ओपीनियन लीडर और बीजेपी के बूथ कार्यकर्ता बिना कीसी शोर शराबे के लोगों को बदलाव के लिए तैयार कर रहे हैं। बता दें कि हाल के वर्षो में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में तेजी से अपना प्रभाव बढ़ाया है। तीन दशकों तक राज करने वाले वामपंथी दलों और उनके पहले सत्ता में रही कांग्रेस को बीजेपी ने सत्ता की लड़ाई से ही बाहर कर दिया है। अब लड़ाई में सत्तारूढ़ टीएमसी और ममता बनर्जी ही बची हैं। पिछले चुनाव में तीन से 77 तक पहुंची थी बीजेपी पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी सीटें तीन से बढ़ाकर 77 तक पहुंचा दी थीं। कांग्रेस और वामपंथी दलों का तो खाता भी नहीं खुल पाया था। तब बीजेपी ने बदलाव का एक माहौल तैयार कर दिया था। ममता बनर्जी ने सीधी लड़ाई में भारी जीत दर्ज की थी। हालांकि बीजेपी को अपनी जमीन मजबूत करने का मौका मिल गया था। कैसे गांव-गांव तक पहुंच रही बीजेपी बीजेपी ने पहले खुद को नीचे के स्तर पर मजबूत करना शुरू किया। संगठन में कुशल रणनीतिकार माने जाने वाले सुनील बंसल को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। बीजेपी ने जमीनी स्तर पर जन-जन तक पहुंच बनाने के लिए ओपीनियन लीडर्स तैयार किए। पार्टी के एक बड़े नेता का कहना है कि लोगों में घुसपैठ को लेकर काफी नाराजगी है। इसके अलावा टीएमसी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी बढ़ रही है। बीजेपी को अब लोगों को बदलाव का भरोसा दिलाना है। इसके लिए कार्यकर्ताओं से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक प्रयासरत है।

दीपोत्सव ने बढ़ाई अयोध्या की भव्यता, बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या

दीपोत्सव 2025 अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटा, इस वर्ष संख्या 23 करोड़ पार दीपोत्सव ने बढ़ाई अयोध्या की भव्यता, बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या  सीएम योगी के विजन के अनुरूप राम नगरी में बढ़ी सुविधाएं, हर बार से ज्यादा लोग पहुंचे 2025 में जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहे देसी-विदेशी पर्यटक  साल दर साल बढ़ता ही जा रहा धार्मिक पर्यटकों के आने का सिललिला  अयोध्या  योगी सरकार इस साल अयोध्या में सरयू तट पर नौवां दीपोत्सव मनाने जा रही है। राम मंदिर के अलावा यहां पिछले 8 साल से हर वर्ष आयोजित हो रहे दीपोत्सव के कारण अयोध्या की भव्यता और बढ़ गई है।  दीपोत्सव ने देश-विदेश में अयोध्या का आकर्षण बढ़ा दिया है। यही कारण है कि अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनमें भारतीय पर्यटक तो अच्छी खासी संख्या में हैं ही विदेशियों की रुचि भी प्रभु श्रीराम की नगरी में बढ़ गई है।  साल दर साल बढ़ती जा रही पर्यटकों की संख्या अयोध्या में वर्ष 2017 से दीपोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस बीच यहां 1,78,32,717 भारतीय एवं 25,141 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। इस प्रकार वर्ष 2017 में कुल 1,78,57,858 श्रद्धालुओं ने रामनगरी में दर्शन-पूजन किया। दीपोत्सव के दूसरे वर्ष 2018 में 1,95,34,824 भारतीय एवं 28,335 विदेशी नागरिकों ने रामनगरी में दर्शन किया। इस प्रकार कुल मिलाकर 1,95,63,159 लोगों ने वर्ष 2018 में अयोध्या में दर्शन-पूजन किया। ऐसे ही वर्ष 2019 में 2,04,63,403 भारतीय एवं 38,321 विदेशी मिलाकर कुल 2,04,91,724 श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किया। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी देखने को मिली। इस साल 61,93,537 भारतीय एवं 2,611 विदेशी मिलाकर कुल 61,96,148 सैलानी अयोध्या पहुंचे। वहीं वर्ष 2021 में 1,57,43,359 भारतीय एवं 31 विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया। 2021 में कुल 1,57,43,390 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए आए। इसी क्रम में वर्ष 2022 में 2,39,09,014 भारतीय एवं 1465 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। कुल मिलाकर 2,39,10,479 पर्यटक अयोध्या दर्शन के लिए यहां पहुंचे।  वर्ष 2023 में भारतीय 5,75,62,428 और 8468 विदेशी पर्यटक आए। इस तरह कुल 5,75,70,896 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद 2024 में 16,43,93,474 भारतीय और 26048 विदेशी श्रद्धालु आए। इस तरह कुल 16,44,19,522 लोगों ने अयोध्या दर्शन किए। वहीं, 2025 में जनवरी से जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी समेत कुल 23,82,14,737 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। नोट: यह जानकारी उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लखनऊ द्वारा दी गई हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बढ़े रोजगार के अवसर  अयोध्या में देश ही नहीं विदेश से भी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से अयोध्या में रोजगार में भी तेजी से वृद्धि होने लगी है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार तेजी से अयोध्या का विकास करने में लगी है। शानदार फोर लेन व सिक्स लेन सड़कों से अयोध्या जुड़ रही है। विश्वस्तरीय हवाई अड्डा व रेलवे स्टेशन के अलावा तमाम अन्य सुविधाएं विकसित होने से अयोध्या पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

रायपुर से उठी पहचान की गूंज, छत्तीसगढ़ ने फिर रचा कीर्तिमान

रायपुर : छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर बनाई अपनी पहचान राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ को किया सम्मानित: आदि कर्मयोगी अभियान और पीएम जनमन योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित जनजातीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में पांच जिलों को मिली राष्ट्रीय पहचान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं राष्ट्रपति के हाथों राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया सम्मान ग्रहण  रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य को आज भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राज्य सरकार और जनजातीय विकास विभाग की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने राष्ट्रपति के करकमलों से प्राप्त किया।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने इस मौके पर पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातियों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में विस्तार से प्रस्तुती दी। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिलों में जनजातियों के विकास में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुआल ओराम तथा राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उइके, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर भी उपस्थित थे।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर समस्त विभागीय अधिकारियों और फील्ड टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के उन कर्मयोगियों के परिश्रम और समर्पण की पहचान है, जिन्होंने जनजातीय सशक्तिकरण को धरातल पर साकार किया है। कार्यक्रम में धमतरी और कोरिया जिलों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनजाति विभाग के स्टेट ट्रेनर श्री ललित शुक्ला को भी व्यक्तिगत श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मोहला-मानपुर, बालोद, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों को ‘स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड’ मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय सेवा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य के प्रत्येक जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस मौके धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत उपस्थित थे। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने इस उपलब्धि पर पूरे विभाग को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय विकास विभाग ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों और उन जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जो राज्य के दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं की रोशनी पहुँचाने में दिन-रात जुटे हैं।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में जनजातीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई अभिनव कदम उठाए हैं। आदि कर्मयोगी अभियान ने प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा दी है, वहीं पीएम जनमन योजना ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के जनजातीय कल्याण विभागों के अधिकारी, परियोजना निदेशक, विकास सहयोगी संस्थाएँ और जनजातीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

टाइगर स्ट्राइक फोर्स के सरोठिया को global अवॉर्ड, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया देश का मान

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश के  सरोठिया को मिला अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड उत्कृष्ट कार्य के लिये यूनाइटेड नेशन ने किया पुरस्कृत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन विभाग द्वारा वन, वन्य-जीव एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नये आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। वन विभाग के अंतर्गत गठित स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश के उप वन संरक्षक (भावसे)  रितेश सरोठिया को वन एवं वन्य-जीव अपराध की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये यूनाइटेड नेशन द्वारा 'द एशिया एनवायरमेंटल इन्फोर्समेंट रिकगनिशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को बैंकाक (थाईलेंड) में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। यूनाइटेड नेशन द्वारा उक्त अवॉर्ड उन व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो देश से सीमापार अपराध अन्वेषण में राष्ट्रीय कानूनों के प्रवर्तन में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं। इसमें वन्य-जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, खनिजों और रेत का अवैध व्यापार परिवहन, अपशिष्ट रसायनों, कीटनाशक का अवैध व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थ और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये दिया जाता है। अवॉर्ड चयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी, जिसमें प्रतिष्ठित संस्थाओं में यूएनईपी, इंटरपोल, यूएनओडीसी, वर्ल्ड बैंक, एसआईटीईएस और यूएनडीपी के प्रतिनिधि द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद दिया जाता है। इस वर्ष के अवॉर्ड में वन्य-जीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रूप से नियंत्रण के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारत चीन, इंडोनेशिया और सिंगापुर की कुल 7 कानून प्रवर्तन संस्था/अधिकारियों को विभिन्न श्रेणी में सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश के स्टेट टाइगर फोर्स के प्रभारी  सरोठिया ने अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव संगठित गिरोहों, जिनका नेटवर्क भारत, चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार में फैला है के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की। उन्होंने कई कानून प्रवर्तन संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर वन अपराधों में लिप्त सरगनाओं को गिरफ्तार किया।  सरोठिया ने सरगनाओं के विरुद्ध दर्ज प्रकरण का वैज्ञानिक अन्वेषण कर उन्हें सजा दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।  सरोठिया को वन, वन्य-जीव कानून प्रवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिये सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख एवं वन संरक्षक वन्य-जीव के सतत मार्गदर्शन में कार्य करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा  सरोठिया के नेतृत्व में विगत कुछ वर्षों में वन एवं वन्य-जीव अपराधों में लिप्त राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर लगभग 1500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस इकाई द्वारा किये गये वन्य-प्राणी संरक्षण कार्य की सराहना न केवल प्रदेश, देश बल्कि देश के बाहर भी की गयी है। इंटरपोल द्वारा 4 बार मध्यप्रदेश एसटीएफ की प्रशंसा की गयी। इससे पूर्व भी  सरोठिया को 3 बार अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।  

बड़ा मुकाबला, बड़ी निराशा: ROKO-गिल फ्लॉप, कोहली ने रचा गलत इतिहास

पर्थ  भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज का पहला मुकाबला पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला है. इस मुकाबले के जरिए विराट कोहली और रोहित शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की है. रोहित-कोहली (ROKO) ने इससे पहले भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था, जो खिताबी मुकाबला था. तब भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया. अब कमैबक मैच में विराट कोहली और रोहित शर्मा कुछ खास नहीं कर पाए. रोहित शर्मा ने 14 गेंदों पर 8 रन बनाए. वहीं कोहली ने 8 गेंदों का सामना किया और वो अपना खाता नहीं खोल सके. रोहित को दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने थोड़ी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर दूसरी स्लिप में मैथ्यू रेनशॉ के हाथों कैच आउट कराया. रोहित ने गेंद पर जोर से बल्ला चलाया, लेकिन टाइमिंग बिल्कुल सही नहीं रही. गेंद बल्ले का किनारा लेकर फील्डर के पास पहुंची. किंग कोहली कैसे हुए आउट? विराट कोहली की बात करें तो उन्हें खब्बू तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने चलता किया. ऑफ स्टम्प के बाहर डाली गई गेंद पर कोहली ने अपने शरीर से रहकर ड्राइव मारना चाहा. लेकिन यहां भी टाइमिंग सही नहीं थी, ऐसे में गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और बैकवर्ड प्वाइंट की तरफ गई. वहां मौजूद कूपर कोनोली ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाकर कैच लपका. विराट कोहली ने इसी के साथ एक शर्मनाक रिकॉर्ड बना दिया. कोहली ऑस्ट्रेलिया में पहली बार वनडे इंटरनेशनल में शून्य पर आउट हुए हैं. कोहली ऑस्ट्रेलिया में अब 30 वनडे इनिंग्स खेल चुके हैं. मिचेल स्टार्क ऐसे दूसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने वनडे इंटरनेशनल में विराट कोहली को दो बार डक पर आउट किया है. स्टार्क से पहले इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ही ऐसा कर पाए थे. कप्तान शुभमन गिल का बल्ला भी नहीं चला और वो 8 रनों के निजी स्कोर पर नाथन एलिस की गेंद पर विकेटकीपर जोश फिलिप को कैच थमा बैठे. रोहित (8), गिल (10) और कोहली (0) ने मिलाकर कुल 18 रन बनाए. किसी वनडे इंटरनेशनल में ये तीनों का संयुक्त न्यूनतम स्कोर है, जहाँ तीनों ने बल्लेबाजी की. पिछला न्यूनतम स्कोर 25 रन था. पाकिस्तान के खिलाफ साल 2023 में पल्लेकेल वनडे में रोहित 11, गिल 10 और कोहली 4 बनाकर आउट हुए थे. 2023 के बाद से भारत के सबसे कम पावरप्ले स्कोर (वनडे इंटरनेशनल) 27/3 बनाम ऑस्ट्रेलिया, चेन्नई 2023 27/3 बनाम ऑस्ट्रेलिया, पर्थ 2025 * 35/2 बनाम इंग्लैंड, लखनऊ 2023 37/3 बनाम न्यूजीलैंड, दुबई, 2025 39/3 बनाम ऑस्ट्रेलिया, वानखेड़े, 2023  

एक देश, 14 बॉर्डर! जानिए वो अनोखा देश जिसकी सरहदें छूती हैं सबसे ज्यादा देशों को

बीजिंग  दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसकी सीमाएं 14 अलग-अलग देशों से मिलती हैं. यह जानकर कई लोगों को आश्चर्य हो सकता है लेकिन यह सच है. आपको बता दें कि अपनी इस खासियत वाला यह देश दुनिया का एकमात्र देश है. तो आइए जानते हैं क्या है इस देश का नाम और इसकी सीमाएं किन देशों से मिलती है. एक बड़ा देश  दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश चीन दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसकी सीमाएं 14 देशों से मिलती है. इसकी सीमाएं पहाड़ों, रेगिस्तान, जंगलों और नदियों के पार हजारों किलोमीटर तक फैली हुई हैं. यह देश अपनी सीमा भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, म्यांमार, वियतनाम, कंबोडिया, उत्तर कोरिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान, रूस और मंगोलिया से जोड़ता है. दुनिया में कोई भी दूसरा देश इतनी सारी सीमाओं को नहीं छूता है.  संस्कृति और भाषाओं का संगम  अब क्योंकि चीन की सीमाएं इतने सारे देशों से लगती हैं इस वजह से यह संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं का एक संगम बन चुका है. पश्चिम में बर्फ से ढके हिमालय से लेकर वियतनाम और म्यांमार के जंगलों तक सीमा के कई क्षेत्र विविध जातिय समूह का निवास स्थान बन चुके हैं.  भौगोलिक विविधता  चीन की सीमाएं गोबी रेगिस्तान और हिमालय पर्वतों से लेकर विशाल नदी घाटियों और घने जंगलों तक काफी मनमोहक परिदृश्यों से होकर गुजरती हैं. यह विविधता चीन की जलवायु और बायोडायवर्सिटी के साथ-साथ इन जगहों पर रहने वाले लोगों के व्यापार और रहने के तरीकों को भी प्रभावित करती है.  सुरक्षा और सीमा प्रबंधन  14 देशों के साथ सीमाएं होने की कई चुनौतियां हैं. चीन को हजारों किलोमीटर क्षेत्र में सुरक्षा, सीमा नियंत्रण और निगरानी बनाए रखनी पड़ती है. इसे संभालने के लिए देश एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम और मजबूत सैन्य उपस्थिति का इस्तेमाल करता है.  14 पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को संभालना कोई आसान काम नहीं है. कूटनीति, व्यापार और बातचीत के जरिए चीन दुनिया की आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करता है और ऐसी नीतियों को आकार देने में एक बड़ी भूमिका भी निभाता है. चीन की सीमाएं विविधता और कूटनीति की कहानी बयां करती है. चीन दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसकी भूमि सीमाएं 14 देशों के साथ साझा होती हैं और यह अवसरों और चुनौतियां दोनों का एक बड़ा केंद्र बिंदु है. इतने सारे देशों के पड़ोसी के रूप में चीन वैश्विक राजनीति में एक बड़ा प्रभाव प्रदान करता है.

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित शर्मा करेंगे इतिहास, शाहिद अफरीदी के रिकॉर्ड को चुनौती

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और अपने जमाने के विस्फोटक बल्लेबाज शाहिद अफरीदी, जो दुनिया भर में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे, अब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के निशाने पर हैं। आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 19 से 25 अक्टूबर तक होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज में रोहित सलामी बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरेंगे। यदि वे इस सीरीज में 8 छक्के लगा देते हैं, तो वे शाहिद अफरीदी के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़कर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर में 273 मैचों की 265 पारियों में 11,168 रन बनाए हैं, जिसमें 264 रनों की शानदार पारी भी शामिल है। उनके नाम 32 शतक और 58 अर्धशतक हैं। रोहित ने 1,045 चौके और 344 छक्के जड़े हैं, जिसके साथ वे वर्तमान में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में शाहिद अफरीदी के बाद दूसरे स्थान पर हैं। रोहित ने अपने करियर में तीन दोहरे शतक भी बनाए हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने 398 वनडे मैचों की 369 पारियों में 8,064 रन बनाए। उनके खाते में 6 शतक, 39 अर्धशतक, 730 चौके और 351 छक्के दर्ज हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित का बल्ला चला तो पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर का यह रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकता है। भारतीय फैंस भी चाहेंगे कि रोहित इस दौरे पर पाकिस्तानी क्रिकेटर का रिकॉर्ड ध्वस्त कर शीर्ष पर पहुंचे। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह वनडे सीरीज 19 अक्टूबर को पर्थ स्टेडियम में पहले मैच के साथ शुरू होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को एडिलेड ओवल में दूसरा और 25 अक्टूबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में तीसरा और अंतिम वनडे खेला जाएगा। इस बार भारतीय टीम नए वनडे कप्तान शुभमन गिल के युवा नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उतरेगी। गिल, जो अब तक टेस्ट टीम की कप्तानी संभाल रहे थे, अब वनडे टीम की कमान भी संभालेंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली की करीब छह महीने बाद वनडे टीम में वापसी से भारतीय टीम को मजबूती मिली है। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ा है। बता दें कि आगामी सीरीज रोहित शर्मा के लिए न केवल एक रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है, बल्कि भारतीय टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर अपनी बादशाहत साबित करने का भी अवसर है।

दुबई ने भी मनाई दिवाली! लाइट्स और जश्न का नज़ारा देख यूजर्स बोले – ये तो मिनी इंडिया है

दुबई जहां का नाम लेते ही चमकते गगनचुंबी टावर, लक्जरी कारें और सोने की गलियां याद आती हैं. लेकिन इस बार कुछ अलग है. सोशल मीडिया पर एक भारतीय इंफ्लुएंसर का वीडियो वायरल हो गया है जिसमें दुबई की सड़कों पर दीवाली का नजारा देखने को मिल रहा है. शाम के वक्त शूट किए गए इस वीडियो में हर तरफ जगमग रोशनी है. इमारतें दीपोत्सव की तरह सजी हुई हैं. और शहर की हवा में भारतीय त्योहार की महक घुली हुई है. वीडियो देखकर ऐसा लगता है जैसे ये दुबई नहीं बल्कि मुंबई, दिल्ली या जयपुर की कोई जगमगाती सड़क है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग इसे देखकर कह रहे हैं.."दुबई में भी अब दीवाली के रंग दिखने लगे हैं." दुबई में दिखा दिल्ली जैसा नजारा, दीवाली की चौतरफा धूम इस वीडियो में भारतीय कंटेंट क्रिएटर अपनी कार में बैठकर दुबई की गलियों का नजारा दिखा रही हैं. वीडियो में ऊंची ऊंची इमारतों से लेकर डाउनटाउन तक की बिल्डिंग्स चमचमाती लाइट्स में नहाई नजर आ रही हैं. दुबई के मॉल्स, होटेल्स और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स दीवाली की थीम पर सजे हुए दिख रहे हैं. कई जगह “Happy Diwali” और “Festival of Lights” के बोर्ड भी चमकते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि यह सब ऐसे देश में हो रहा है जहां करीब 75 प्रतिशत आबादी मुस्लिम समुदाय से जुड़ी है. ऐसे में भारतीय संस्कृति के त्योहार को इतनी शिद्दत से मनाया जाना लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं. यूजर्स भी हो गए हैरान वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर धूम मच गई. हजारों लोग इस क्लिप को शेयर कर रहे हैं और कमेंट सेक्शन में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं. कोई लिख रहा है..“दुबई में रहकर भी भारत जैसा एहसास.” तो कोई कह रहा है कि “ये है असली ग्लोबल इंडिया की झलक.” कई यूजर्स ने यह भी कहा कि यह दृश्य इस बात का सबूत है कि भारतीय संस्कृति अब सीमाओं से परे पहुंच चुकी है. वहीं कुछ लोगों ने इसे भारत और यूएई के मजबूत रिश्तों का प्रतीक बताया है. वीडियो को lifebetweensweetandsalt नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

क्रिकेटर स्मृति मंधाना करने जा रही हैं शादी! इंदौर के फिल्म निर्देशक पलाश मुछाल बने हमसफ़र

इंदौर   फिल्म निर्देशक और संगीतकार पलाश मुछाल ने  इंदौर में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना के साथ विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। पलाश ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “स्मृति जल्द ही इंदौर की बहू बनेगी। इंदौर मेरे अंदर बसता है।” इंदौर में हैं स्मृति, पलाश जाएंगे मैच देखने पलाश ने जानकारी दी कि महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना इन दिनों इंदौर में ही हैं। वे यहां चल रहे वीमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही हैं। 19 अक्टूबर को भारत और इंग्लैंड के बीच एक महत्वपूर्ण मैच खेला जाएगा। पलाश ने कहा कि वे स्टेडियम जाकर भारतीय टीम और विशेषकर स्मृति का मनोबल बढ़ाएंगे। ‘राजू बैंड वाला’ फिल्म में दिखेगा इंदौर का हुनर पलाश मुछाल वर्तमान में अपनी नई फिल्म ‘राजू बैंड वाला’ का निर्देशन कर रहे हैं। यह फिल्म बैंड बजाने वालों के जीवन, उनके संघर्ष और उनकी भावनाओं पर आधारित है। फिल्म में 'पंचायत' वेब सीरीज से चर्चित हुए अभिनेता चंदन रॉय मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि 'बालिका वधू' फेम अविका गौर नायिका हैं। पलाश ने बताया कि इस फिल्म में कई बड़े सितारे कैमियो रोल में नजर आएंगे और यह फिल्म बैंड उद्योग को एक श्रद्धांजलि होगी। इंदौर में प्रोडक्शन हाउस खोलने की तैयारी पलाश ने इंदौर में अपनी योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, “इंदौर में तकनीकी साधनों की कमी हो सकती है, लेकिन खूबसूरत लोकेशन्स की कोई कमी नहीं है। यहां के लोग बहुत सहयोगी हैं।” इसी को देखते हुए वे इंदौर में एक प्रोडक्शन हाउस शुरू करने की योजना बना रहे हैं। ‘राजू बैंड वाला’ का पहला शूटिंग शेड्यूल पूरा हो चुका है और दूसरा शेड्यूल दिसंबर में इंदौर में ही शूट किया जाएगा। यह फिल्म अगले साल अप्रैल में एक प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। कलाकारों ने साझा किए अनुभव फिल्म के नायक चंदन रॉय ने 'राजू बैंड वाला' को अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण रोल बताया। उन्होंने इस किरदार के लिए ट्रंपेट बजाने की ट्रेनिंग भी ली है। वहीं, अभिनेत्री अविका गौर ने कहा कि वे अपने काम को सर्वोपरि मानती हैं और अपनी शादी की तैयारियों के बावजूद शूटिंग के लिए इंदौर में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि दर्शकों की पसंद का दबाव इंडस्ट्री को सुधारने का काम करता है।