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मुंबई बंगले से लेकर दिल्ली-नोएडा की प्रॉपर्टी तक, अनिल अंबानी ग्रुप की 3084 करोड़ की संपत्तियां जब्त

मुंबई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप (Anil Ambani Reliance Group) पर बड़ा एक्शन लिया है. इसके तहत समूह की तमाम संस्थाओं से जुड़ी करीब 3,084 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई हैं. कुर्की के ये आदेश बीते 31 अक्टूबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5(1) के तहत जारी किए गए थे. जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका आवास भी शामिल है.  दिल्ली, मुंबई से नोएडा तक कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से संबंधित जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है. उनमें मुंबई के पाली हिल स्थित आवास, नई दिल्ली स्थित रिलायंस सेंटर की संपत्ति और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई (कांचीपुरम समेत) और पूर्वी गोदावरी में स्थित कई अन्य इन संपत्तियों में कार्यालय परिसर, आवासीय इकाइयां और प्लॉट शामिल हैं. पीएमएलए के तहत जारी चार आदेशों के तहत इन सभी संपत्तियों की कुर्की की गई है. गौरतलब है कि मुंबई के बांद्रा वेस्ट के पाली हिल में स्थित अनिल अंबानी का आवास खासा लोकप्रिय है. 40 से ज्यादा संपत्तिया जब्त रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप पर ये बड़ी कार्रवाई करते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कर ली हैं. यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के माध्यम से जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था. ये यस बैंक के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से भेजा गया. 2017-2019 के दौरान, यस बैंक ने RHFL के उपक्रमों में 2,965 करोड़ रुपये और RCFL के उपक्रमों में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया. दिसंबर 2019 तक, ये निवेश नॉन-परफॉर्मिंग हो गए थे, जिसमें आरएचएफएल के लिए 1,353.50 करोड़ और आरसीएफएल के लिए 1,984 करोड़ बकाया थे. रिलायंस कम्युनिकेशंस भी निशाने पर  ईडी ने अनिल अंबानी के रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) और उससे जुड़ी संस्थाओं में भी अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है. इसमें 13,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की ऋण धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है. इसमें से 12,600 करोड़ रुपये से ज्यादा कथित तौर पर संबंधित पक्षों को ट्रांसफर किए गए, जबकि 1,800 करोड़ रुपये समूह की अन्य कंपनियों तक पहुंचाने से पहले सावधि जमा और म्यूचुअल फंड के माध्यम से ट्रांसफर हुए. प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि वैध लेनदेन की आड़ में संबंधित संस्थाओं को धन पहुंचाने के लिए बिल डिस्काउंटिंग के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का पता लगाया गया है. ईडी के मुताबिक, वह दागी संपत्तियों की कुर्की सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है. इन कार्रवाइयों के माध्यम से की गई वसूली से आम जनता को लाभ होगा. लगातार कस रहा ईडी का शिकंजा ईडी की जांच लंबे समय से चल रही है और इससे पहले 5 अगस्ता को ED ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को कथित लोन फ्रॉड केस की चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उससे भी पहले ईडी ने अनिल अंबानी से जुड़ी व्यावसायिक संस्थाओं पर छापेमारी की थी. ईडी ने Anil Ambani के रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 50 व्यावसायिक संस्थाओं और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. ये छापे 24 जुलाई को मुंबई में कम से कम 35 जगहों पर मारे गए थे.  अनिल अंबानी के रिलायंस समह पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) बीते कुछ समय में लगातार अपना शिकंजा कसती हुई नजर आई है. बीते अक्टूबर महीने में ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी फर्जी बैंक गारंटी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है.  

ट्रंप ने बताया बड़ा राज, पाकिस्तान कर रहा परमाणु परीक्षण

इस्लामाबाद  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि निश्चित रूप से  उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण कर रहा है. पाकिस्तान भी न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि हम भी परीक्षण करेंगे क्योंकि दूसरे देश परमाणु परीक्षण करते हैं.  ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया के कई देश परमाणु बम की टेस्टिंग कर रहे हैं. लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "रूस और चीन परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन वे इस बारे में बात नहीं करते. वे इसे बताते नहीं हैं. हम एक खुला समाज हैं. हम अलग हैं. हम इस बारे में बात करते हैं. हमें इस बारे में बात करनी ही होगी क्योंकि वरना आप लोग कल को रिपोर्ट कर देंगे. उनके पास ऐसे पत्रकार नहीं हैं जो इस बारे में लिखें."  ट्रंप ने आगे कहा कि अब अमेरिका भी न्यूक्लियर टेस्ट करेगा. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया और पाकिस्तान भी परमाणु बम का परीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम परीक्षण करेंगे क्योंकि वे परीक्षण करते हैं और दूसरे भी परीक्षण करते हैं. और निश्चित रूप से उत्तर कोरिया परीक्षण कर रहा है. पाकिस्तान भी परमाणु परीक्षण कर रहा है." गौरतलब है कि पाकिस्तान की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक 1998 में परमाणु परीक्षण किया था. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को माने तो पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करता आ रहा है. और ऐसी ही स्थिति रूस और चीन की है. ट्रंप के मुताबिक दोनों ही देश लंबे समय से परमाणु परीक्षण करते आ रहे हैं.  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूज चैनल सीबीएस के 60 मिनट्स कार्यक्रम पर एक साक्षात्कार में कहा कि रूस और उत्तर कोरिया भी अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं.  ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उन्होंने 33 साल के प्रतिबंध के बाद अमेरिकी सेना को परमाणु हथियार परीक्षण करने के अपने आदेश को उचित ठहराया. ट्रंप के खुलासे के मुताबिक अगर पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है तो ये भारत के लिए चिंताजनक सूचना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "परमाणु हथियार संपन्न देश आपको इसके बारे में बताने नहीं जाते… वे जमीन के नीचे परीक्षण करते हैं जहां लोगों को ठीक से पता ही नहीं चलता कि परीक्षण में क्या हो रहा है. बस आपको थोड़ा कंपन महसूस होता है." 33 सालों बाद न्यूक्लियर टेस्ट क्यों कर रहा है अमेरिका बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका 33 वर्षों के अंतराल के बाद परमाणु परीक्षण शुरू करने जा रहा है. अमेरिका ने आखिरी बार परीक्षण 1992 में किया गया था. इसके बाद शीत युद्ध के अंत की घोषणा की गई थी.  सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पेंटागन को "हमारे परमाणु हथियारों का समान आधार पर परीक्षण शुरू करने" का निर्देश दिया है, जो रूस द्वारा नई न्यूक्लियर सिस्टम के परीक्षण और चीन द्वारा नए बैलिस्टिक मिसाइल साइलो की तैनाती के जवाब में है.

बुजुर्ग विधवा मामले में HC का फैसला, बेटे की गवाही न मानकर आरोपी को किया बरी

तिरुवनंतपुरम बुजुर्ग महिला के बलात्कार और हत्या के मामले में मौत की सजा काट रहे शख्स को केरल हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि पीड़िता के मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे की तरफ से सबूत दिया गया था, जिसपर अभियोजन पक्ष काफी निर्भर था। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का बेटा गवाही देने में सक्षम नहीं था और ऐसे में इस सबूत को शामिल नहीं किया जा सकता। साल 2018 में परिमल साहू को ट्रायल कोर्ट ने 60 साल की विधवा के बलात्कार और हत्याकांड में दोषी पाया था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि परिमल ने बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा, रेप किया और फिर हत्या कर दी थी। वारदात के समय पीड़िता अपने बेटे के साथ रह रही थी। जबकि, परिमल पीड़िता के घर के पास उसी परिसर में रहता था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के रिश्तेदार के बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। रिश्तेदार का कहना था कि जब वह घर पहुंचा, तो पीड़िता के बेटे ने बताया कि मुन्ना (परिमल) ने उसकी मां के सिर पर पत्थर मारा, कमरे में घसीट कर ले गया और वहां उसपर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, अभियोजन पक्ष का मामला मुख्य रूप से बेटे की गवाही पर आधारित था। कोर्ट ने पाया कि डॉक्टर ने कहा है कि बेटे की मानसिक उम्र साढ़े सात साल है। जबकि, उसकी उम्र 35 साल है। इसके बाद भी ट्रायल कोर्ट ने voir dire टेस्ट नहीं कराया। कोर्ट ने कहा, 'voir dire टेस्ट का नहीं कराया जाना PW4 (बेटे) के गवाही के देने की क्षमता और विश्वसनीयता के बारे में गंभीर संदेह पैदा करता है। खासतौर से तब जब PW4 जैसे गवाहों को सिखाया पढ़ाया जा सकता है।' हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया है कि voir dire टेस्ट का नहीं होना गवाही को खारिज करने के लिए हमेशा पर्याप्त कारण नहीं होता, लेकिन ट्रायल कोर्ट और अपील कोर्ट की जिम्मेदारी है कि गवाही की सावधानी से जांच करें। इस मामले में कोर्ट ने पाया कि पीड़िता का बेटा मुख्य परीक्षा में गवाही देने में सक्षम था, लेकिन क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान वह साधारण सवालों के भी ठीक जवाब नहीं दे सका। कोर्ट ने कहा कि इससे संकेत मिलते हैं कि बेटे को सिखाया गया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि परिमल के हाथों पर बचाव के जख्मों के निशान थे, जो संकेत देते हैं कि पीड़िता ने संघर्ष किया होगा। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता पर परिमल के कोई स्किन सेल नहीं मिले और जुटाए गए अन्य सबूत भी डीएनए टेस्टिंग के लिए पर्याप्त नहीं है। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस एके जयशंकरन नाम्बियार और जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने परिमल को बरी कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस बल को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना 14 लाख रूपये की इनामी नक्सली सुनीता ने लांजी में किया आत्मसमर्पण प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में महिला नक्सली के आत्म समर्पण पर पुलिस बल को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सली गतिविधियों के नियंत्रण के संबंध में पूर्व में भी मध्यप्रदेश पुलिस को काफी सफलता मिली है। बालाघाट में एक नवम्बर को लांजी थाने के अंतर्गत चोरिया कैंप में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों सहित समर्पण किया गया है। सुनीता पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मध्यप्रदेश द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह पहला आत्मसमर्पण हुआ है। प्रदेश में इसके पूर्व भी नक्सलियों ने समर्पण किया है। इसके साथ ही नक्सलियों को मारने में भी राज्य के पुलिस बल को निरंतर सफलता मिली है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में नक्सल नियंत्रण का प्राप्त करेंगे लक्ष्य। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी वर्ष तक नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश सजग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को इस सफलता पर बधाई देते हुए आशा करता हूं नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा और हमारे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की नक्सल गतिविधियों के संदर्भ में प्रदेश में होने वाली किसी भी छोटी सी गतिविधि को भी नियंत्रित करने में हम पूरी तरह सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत 10 महीने में लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने सॉफ्ट टच अप्रोच के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोले हैं। वर्ष 1992 के बाद पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने मध्यप्रदेश शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में 1 नवम्बर को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू ओयाम निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार INSAS राइफल मय 3 मैगजीन्स, 30 जिंदा राउंड्स एवं UBGL शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। सशस्त्र नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इंसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संघटन में मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है और 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने म.प्र. शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले 10 महीनों में मध्यप्रदेश में 1.46 करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को न केवल निष्क्रिय किया गया है, बल्कि राज्य सरकार सॉफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। पिछले समय से लगातार चल रहे पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के परिणामस्वरूप, सशस्त्र नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण के लिए यह पहला कदम उठाया है। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पण कर सशस्त्र आंदोलन को छोड़ कर मुख्य धारा में आने वालों को सभी लाभ दिलाने के लिए कटिबद्ध है।  

सम्राट विक्रमादित्य आदर्श शासन के प्रतीक — वीरता, न्याय और दानशीलता से दी प्रेरणा : CM डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का प्रस्तुत किया उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाल परेड ग्राउंड पर पहली बार हुआ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग, सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच हो उठा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया था। लगभग दो हजार साल पहले उनके शासनकाल की विशेषताओं पर महान नाट्य का मंचन पहली बार भोपाल में हो रहा है। आज का दिन ऐतिहासिक भी है क्योंकि कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच साकार हो उठा। वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों का चित्रण राजधानी के दर्शकों के लिए मंचित किया गया। नाटक में सम्राट विक्रमादित्य के राज्यारोहण के दृश्य और अन्य प्रसंग अद्भुत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाल परेड ग्राउंड में म.प्र. स्थापना दिवस के दूसरे दिन आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास की बात कही है। मध्य प्रदेश इस मंत्र को अपना कर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा किकभी ये परिस्थिति बनी कि राष्ट्र की स्वतंत्रता बाहरी आक्रामकों के कारण खतरे में पड़ी। राष्ट्र की गरिमा धूल धूसरित हो गई। गुलामी की काली छाया थी। हमारी धर्म में विश्वास रखने वाली शांति प्रिय जनता धर्म ध्वजा उठाए सुख वैभव से रहती थी। आक्रामकों ने गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिया। मथुरा, कंधार, उज्जयिनी जैसे केंद्र नष्ट भ्रष्ट किए जाने लगे। हाहाकार मच गया। उस दौर में अन्तत: पुनः समय बदला सम्राट विक्रमादित्य का युग प्रारंभ हुआ। वे बाल्य अवस्था में ही जन कल्याण को उन्मुख थे। आचार्य चन्द्रगुप्त से दीक्षा लेकर शासन के सूत्र अपने हाथ में लिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासन के संपूर्ण भू भाग के नागरिकों को ऋण मुक्त करते हुए उन्हें अपने सामर्थ्य का लाभ दिया और विक्रम संवत प्रारंभ करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया। शौर्य, दानशीलता, न्याय का परिचय देकर सुशासन की व्यवस्था लागू की। वे सम्पूर्ण राष्ट्र को ऋण मुक्त करने में सफल हुए। पुनः संवत का प्रवर्तन हो चुका था। सम्राट विक्रमादित्य ने नवरत्नों को जुटाया। विनम्रता से राज्य के छोटे से छोटे व्यक्ति के कल्याण की चिंता करते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की इस कथा को अनूठी कल्पना के साथ प्रस्तुत किया गया। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में रात्रि गश्त का प्रसंग भी महत्वपूर्ण है। सम्राट विक्रमादित्य राज्य के अपराध से जुड़े लोगों के गुणों को भी जानते थे और उन गुणों का उपयोग राष्ट्र कल्याण में करने और देश हित में उन्हें उन्मुख करते थे। राज्य रोहण पूरी शान के साथ होता है। महाकाल महाराज की कृपा से वे अद्वितीय शासक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाटक के सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। यहां फिल्मांकन की तरह नाट्य मंचन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त कलाकारों को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर,विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संस्कृति और पर्यटन शिवशेखर शुक्ला मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस समारोह “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के दूसरे दिवस लाल परेड ग्राउंड, भोपाल का वातावरण सृजन, संस्कृति और कला के रंगों से सराबोर रहा। दिनभर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक-कलाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश न केवल विकास की राह पर अग्रसर है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नए उत्साह और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संजोए हुए है। परंपरा और नवाचार के इस संगम ने राजधानी को रचनात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया, जहाँ मंचों पर लोकधुनों, नृत्यनाट्य, संगीत और कलात्मक प्रदर्शनियों की श्रृंखला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थापना दिवस के दूसरे दिन की संध्या सर्वप्रथम अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महानाट्य प्रस्तुति सम्राट विक्रमादित्य का मंचन हुआ। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। नाटक की भव्यता जहां कलाकारों के अभिनय, परिधान, संवाद और सेट कर रहा था, वहीं ऊंट, घोड़े, हाथी, पालकी, बग्गी इत्यादि ने भी इसकी आकर्षकता को बढ़ाया। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को इस बात से परिचित कराना था कि हमारा मध्यप्रदेश प्राचीन काल से ही कितना महान रहा है। आज जब हम जनकल्याण, सुशासन और विकास की बात कर रहे हैं, तो यह प्रेरणा हमें सम्राट विक्रमादित्य जैसे महान इतिहास पुरुषों से ही प्राप्त हुई है, जो हमारे वैभवशाली अतीत के महानायक हैं। ऐसे विक्रमादित्य जो काल गणना, विवेकपूर्ण न्याय, शौर्य और महानता के लिए जाने जाते हैं। महानाट्य के बारे में राम और कृष्ण जैसे अवतार नायकों के बाद भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय नायक विक्रमादित्य ही हैं। भारत वर्ष के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध पुरातन पुरुषों में विक्रमादित्य अग्रणी है। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा राजनीतिक उपलब्धियों सैनिक अभियान और विजय यात्राएँ शासन की आदर्श अनोखी विवेकपूर्ण न्यायपद्धति, कला एवं साहित्य की उन्नति में उदार सहयोग तथा सहभागिता जैसे उदात्त गुणों ने भारत ही नहीं आस-पास और सुदूर देशों में भी उन्हें सदा के लिये प्रतिष्ठित कर दिया। शकों तथा यवनों ने भारत पर आक्रमण कर आंतक मचा रखा था। शक राजा महाबली, अर्थलोभी, पापी और दुष्ट थे, क्रूर हिंसक देश विरोधी शकों की उस दुर्दान्त, प्रलयंकारी काली छाया से विक्रमादित्य ने भारत को मुक्त कराया और 96 शक सामन्तों को पराजित कर उन्हें भारत से भागने पर विवश कर दिया था। शकों को खदेड़ कर ही शकारि और साहसांक की उपाधियाँ धारण की। आज भी विकमादित्य द्वारा 2082 वर्ष पूर्व प्रारम्भ विक्रम संवत् भारत वर्ष ही नहीं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ काल गणना … Read more

विदेशी नंबर से भी करें UPI पेमेंट! जानिए आसान तरीका और जरूरी सेटिंग्स

नई दिल्ली डिजिटल पेमेंट ने भारत में पैसे भेजने और लेने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. अब बात सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीय भी UPI (Unified Payments Interface) के जरिए अपने भारतीय बैंक अकाउंट से सीधे भुगतान कर सकते हैं. हाल ही में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कुछ देशों के लिए यह सुविधा शुरू की है, जिससे इंटरनेशनल मोबाइल नंबर वाले यूजर्स भी अब भारत में आसानी से UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. अगर आप विदेश में रहते हैं और अपने इंटरनेशनल नंबर से UPI इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से पढ़ें. इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से UPI पेमेंट करने का तरीका अब तक UPI केवल भारतीय मोबाइल नंबर पर ही चलता था, लेकिन अब यह नियम कुछ देशों के यूजर्स के लिए बदल गया है. इसका फायदा खासकर एनआरआई (NRI) भारतीयों को मिलेगा, जो विदेश में रहकर भी अपने भारतीय बैंक अकाउंट से लेन-देन कर सकेंगे. चलिए जानते हैं, कैसे आप अपने इंटरनेशनल नंबर से UPI एक्टिवेट कर सकते हैं:     UPI ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने मोबाइल के ऐप स्टोर से ऐसा UPI ऐप डाउनलोड करें जो विदेशी नंबरों को सपोर्ट करता हो. जैसे PhonePe, Paytm, Google Pay (India Version), BHIM App या आपके बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप.     इंटरनेशनल मोबाइल नंबर डालें: ऐप खोलने के बाद आपसे मोबाइल नंबर मांगा जाएगा. यहां अपना Country Code (जैसे +1, +44, +971) और इंटरनेशनल नंबर दर्ज करें.     OTP से वेरिफिकेशन करें: ऐप आपके इंटरनेशनल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजेगा. इस OTP को एंटर करके नंबर वेरिफाई करें.     (ध्यान दें: इसके लिए आपके मोबाइल में इंटरनेशनल SMS या रोमिंग प्लान एक्टिव होना जरूरी है.)     बैंक अकाउंट लिंक करें: वेरिफिकेशन पूरा होते ही ऐप अपने-आप उस भारतीय बैंक अकाउंट को पहचान लेगा जो आपके नंबर से जुड़ा हुआ है.     UPI PIN सेट करें: अब अपने डेबिट कार्ड के आखिरी 6 अंक और एक्सपायरी डेट डालें. इसके बाद नया UPI PIN सेट करें.     अब आप तैयार हैं पेमेंट के लिए: अब आप भारत में किसी भी व्यापारी, परिवार या दोस्त को QR कोड स्कैन करके, UPI ID डालकर, या मोबाइल नंबर से तुरंत पेमेंट कर सकते हैं. इन बातों का रखें खास ध्यान     आपके पास NRE (Non-Resident External) या NRO (Non-Resident Ordinary) बैंक अकाउंट होना जरूरी है.     बैंक रिकॉर्ड में आपका वही इंटरनेशनल नंबर लिंक होना चाहिए, जिससे आप UPI करना चाहते हैं.     फिलहाल यह सुविधा केवल NPCI द्वारा चुने गए देशों में रहने वाले यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है.     जिन देशों में यह सुविधा सक्रिय है, वहां के बैंक और नेटवर्क को भी NPCI की पार्टनर लिस्ट में होना चाहिए. कौन से देशों में उपलब्ध है यह सुविधा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई (UAE), सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों के यूजर्स के लिए यह सर्विस धीरे-धीरे शुरू हो चुकी है. आने वाले महीनों में इसे और देशों में विस्तार दिया जाएगा. क्यों है यह फीचर खास? यह सुविधा विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए बेहद फायदेमंद है. पहले उन्हें भारत में पैसा भेजने के लिए कई ऐप या बैंक चैनल्स का सहारा लेना पड़ता था, जिनमें ट्रांजैक्शन चार्ज भी लगता था. अब वे अपने ही इंटरनेशनल नंबर से सीधा UPI ट्रांजैक्शन कर सकेंगे तेज, सुरक्षित और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के. अगर आप भी किसी विदेशी देश में रहते हैं और अपने भारतीय बैंक अकाउंट से रोज़मर्रा के लेन-देन करना चाहते हैं, तो अब यह बेहद आसान हो गया है. बस आपका नंबर NPCI द्वारा समर्थित देश का होना चाहिए, बैंक अकाउंट लिंक हो और फोन में इंटरनेट कनेक्शन मौजूद हो. इसके बाद आप भारत में कहीं भी और किसी को भी UPI के जरिए तुरंत भुगतान कर सकते हैं.

पाताल लोक या प्रकृति का चमत्कार? जानिए श्याम कुंड के पानी की अनोखी कहानी

हारे का सहारा कहलाने वाले बाबा खाटू श्याम को कलियुग का देवता माना जाता है. राजस्थान में स्थित खाटू जी का मंदिर बेहद प्रसिद्ध हैं, जहां दूर-दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं. 1 नवंबर को खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है और इस शुभ अवसर पर सीकर में बड़ी धूम देखने को मिलती है. इस मौके पर भारी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम मंदिर जाते हैं. लेकिन कहते हैं कि बिना श्याम कुंड में स्नान किए, खाटू बाबा के दर्शन अधूरे माने जाते हैं. चलिए आपको इस लेख में इस श्याम कुंड का रहस्य बताते हैं. खाटू श्याम के श्याम कुंड का रहस्य खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित पवित्र कुंड है, जिसको लेकर बहुत सी मान्यताएं प्रचलित हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है जहां से महाभारत काल में बर्बरीक यानी बाबा श्याम का शीश प्रकट हुआ था. इस कुंड में भक्त स्नान करते हैं और खाटू जी की पूजा करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि इस श्याम कुंड में स्नान करने से भक्तों को पुण्य मिलता है, पापों से मुक्ति मिलती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है. श्याम कुंड की मान्यताएं शीश दान की भूमि: ऐसा माना जाता है कि इसी स्थान पर बर्बरीक ने कृष्ण की मांग पर अपना शीश दान कर दिया था, जिसके कारण उन्हें ‘शीश के दानी’ के रूप में जाना जाता है. अखंड जल स्रोत:- कहते हैं कि कुंड का पानी कभी खत्म नहीं होता, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह पाताल लोक से आ रहा है. शीश का प्रकटीकरण: श्याम कुंड वही जगह है जहां बर्बरीक का शीश प्रकट हुआ था, जिससे कुंड का नाम “श्याम कुंड” पड़ा. चमत्कारी स्नान: भक्तों का मानना है कि कुंड में स्नान करने से सभी प्रकार के पाप और रोग दूर हो जाते हैं. संतान सुख: कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस कुंड में स्नान करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. घर ले जाने योग्य जल: यहां आने वाले भक्त कुंड का जल बोतलों में भरकर अपने घर ले जाते हैं, क्योंकि कहते हैं कि इसे घर में छिड़कने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं. कैसे प्रकट हुआ शीश? पौराणिक मान्यता के अनुसार, श्याम कुंड पहले एक प्राचीन खेत था जहां एक गाय रोजाना अपना दूध देने आती थी. जब लोगों ने इसकी खुदाई शुरू की, तो उन्हें 30 फीट नीचे बर्बरीक का शीश मिला. तभी से इस कुंड में स्नान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है.

वो स्मार्टफोन जो बने यूज़र्स की मुसीबत — लोगों ने कहा, पैसे बरबाद!

नई दिल्ली दुनिया में भारतीय तकनीक का लोहा माना जाता है। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में दुनिया की टॉप कंपनियों में भारतीय हुनर काम करता है। हालांकि स्मार्टफोन मार्केट में भारतीय ब्रैंड वो मुकाम हासिल नहीं कर पाए, जो चीन और अमेरिका की कंपनियों ने किया है। लावा इकलौती है जिसने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में स्वदेशी की पहचान को बचाकर रखा है। पिछले 10 साल में देश में कुछ ऐसे ब्रैंड आए, जिन्होंने दुनिया में भद प‍िटवा दी। लोगों ने भी इन कंपनियों को खूब कोसा क्योंकि सस्ता फोन पाने की उम्मीद में उन्होंने अपने पैसे लगा दिए थे। आज बात कुछ ऐसे स्मार्टफोन्स की, जिन्हें सबसे ‘मनहूस’ कहा जा सकता है। फ्रीडम 251 नोएडा की कंपनी रिंगिंग बेल्स ने साल 2016 में सनसनी मचा दी थी, जब उसने सिर्फ 251 रुपये में फोन लॉन्च किया। नाम था फ्रीडम 251। लॉन्च इवेंट में बड़े नेताओं ने शिरकत की थी, जिससे लोगों का भरोसा जगा। दावा किया गया कि करीब 3 हजार रुपये कीमत वाले फोन को 251 रुपये में बेचा जाएगा। फीचर्स बताए गए कि फोन में डुअल सिम सपोर्ट होगा। 4 इंच का डिस्प्ले मिलेगा। 1 जीबी रैम, 8 जीबी स्टोरेज होगा। फ्रंट-बैक दोनों साइड में कैमरा और 1450 एमएएच बैटरी के साथ फ्रीडम 251 की घोषणा फरवरी महीने में की गई। बुकिंग शुरू हुईं और लोगों ने धड़ाधड़ फोन को बुक भी कराया। लेकिन फ्रीडम 251 को लेकर कहा जाता है कि फोन कभी लोगों तक पहुंचा ही नहीं। कुछ सेट जरूर डिलिवर हुए लेकिन अधिकतम लोगों के हाथ मायूसी ही लगी। उनके 251 रुपये भी लौटाए गए या नहीं, कोई नहीं जानता। ठीक एक साल बाद 2017 में रिंग‍िग बेल्स के डायरेक्टर मोहित गोयल को अरेस्ट कर लिया गया था। ‘फ्रीडम 251’ कभी भारतीय बाजार में आ ही नहीं सका और सस्ते स्मार्टफोन का सपना पूरा नहीं हुआ। इमेज : एमेजॉन से। नमोटेल ‘फ्रीडम 251’ की चर्चाएं चल ही रही थीं कि साल 2016 मई महीने में ‘नमोटेल अच्छे दिन’ नाम से एक और फोन सिर्फ 99 रुपये में लॉन्च किया गया। उसे दुनिया का सबसे सस्ता फोन बताया गया था। उस फोन में भी 4 इंच की स्क्रीन, 1 जीबी रैम, 4 जीबी स्टोरेज, फ्रंट और बैक साइड में 2 कैमरा और 1325 एमएएच की बैटरी ऑफर की गई थी। 99 रुपये का नमोटेल सुर्खियां ताे बटोर गया, लेकिन लोगों की जेबों तक नहीं पहुंचा। इसकी वेबसाइट खोलने पर अलर्ट मिला कि यह डेजरेंस है और आपका डेटा चोरी या हैक हो सकता है। इमेज : नमोटेल के एफबी पेज से। Docoss X1 जयपुर बेस्ड Docoss ने भी साल 2016 में Docoss X1 को बहुत उम्मीदों के साथ पेश किया गया। 888 रुपये कीमत में उसे एक रियल फोन बताया गया। दावा हुआ कि यह पूरी तरह से फंक्शनल एंड्रॉयड स्मार्टफोन है। प्री ऑर्डर भी लिए गए। कंपनी तक एमएमएस के जरिए भी बुकिंग करवा रही थी। और जैसा हर बार होता आया है, लॉन्च की सुर्खियां तो खूब बनी, लेकिन फोन क‍िसी को मिला भी या नहीं, कोई नहीं जानता। फ्रीडम 251 और नमोटेल की तरह Docoss X1 भी भारत के लिए एक मनहूस स्मार्टफोन साबित हुआ जिसने लोगों का भरोसा तोड़ने का काम किया।  

वर्ल्ड कप फाइनल में दीप्ति-शेफाली-हरमन का जलवा, जीत के बाद टीम इंडिया पर धनवर्षा

नवी मुंबई भारत की महिला क्रिकेट टीम ने  इतिहास रचते हुए वनडे वर्ल्ड कप 2025 अपने नाम किया. 2 नवंबर (रविवार) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए खिताबी मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से परास्त किया. भारतीय महिला टीम ने पहली बार विश्व कप खिताबी जीता है. वहीं साउथ अफ्रीकी टीम का खिताब जीतने का सपना चकनाचूर हो गया. भारतीय टीम की जीत के बाद इनामों की बारिश हो रही है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों और टीम के सपोर्ट स्टाफ के लिए बड़ा ऐलान किया है. बीसीसीआई भारतीय टीम को प्राइज मनी के तौर पर 51 करोड़ रुपये देगा. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात को कन्फर्म किया है. भारतीय महिला टीम को पहली बार इतनी इनामी राशि मिलने जा रही है. देवजीत सैकिया ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, '1983 में कपिल देव ने भारत को वर्ल्ड कप जिताकर भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा और प्रेरणा दी थी. अब हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने वही जोश और उत्साह दोबारा जगा दिया है. उन्होंने सिर्फ ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया है.' देवजीत सैकिया ने ICC चेयरमैन का जताया आभार देवजीत सैकिया ने कहा कि यह जीत भारत में महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देगी और अगली पीढ़ी की खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी. उन्होंने आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) के चेयरमैन और पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने महिला खिलाड़ियों को लेकर जरूरी कदम उठाए हैं. देवजीत सैकिया ने कहा, 'जय शाह के नेतृत्व में महिला क्रिकेट में बड़े बदलाव आए हैं. वेतन समानता पर भी ध्यान दिया गया. हाल ही में महिला वर्ल्ड कप के लिए इनामी राशि में 300 प्रतिशत की वृद्धि की गई. यह 2.88 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर लगभग 14 मिलियन डॉलर कर दी गई.  इन कदमों से महिला क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिला है. बीसीसीआई ने खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम की भी घोषणा की है.' आईसीसी की तरफ से भी भारतीय टीम को खिताब जीतने पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिली है, जो क्रिकेट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है.  महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में आईसीसी ने 13.88 मिलियन डॉलर (लगभग 123 करोड़ रुपये) की इनामी राशि बांटी, जो 2022 के संस्करण से लगभग तीन गुना ज्यादा है. दीप्ति शर्मा ने वर्ल्ड कप फाइनल में लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी, शेफाली वर्मा-हरमनप्रीत कौर ने भी रचा इतिहास आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका पर 52 रनों से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पहली बार महिला वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई. 2 नवंबर (रविवार) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए इस मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 299 रनों का टारगेट सेट किया था. ये टारगेट प्रेशर मुकाबले में जीत दिलाने के लिए काफी था. साउथ अफ्रीकी टीम रनचेज में सिर्फ 246 रन ही बना सकी. भारतीय टीम को 2005 और 2017 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में क्रमश: ऑस्ट्रेलिया एवं इंग्लैंड ने पराजित किया था. मगर इस बार हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने फिनिशिंग लाइन पार कर फैन्स को जश्न मनाने का मौका दिया हैं. खिताबी मुकाबले में कुछ खास रिकॉर्ड्स भी बने. आइए इस पर नजर डालते हैं… ♦ शेफाली वर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. शेफाली ने फाइनल में 87 रन बनाए और दो विकेट झटके थे. शेफाली वर्मा वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के सेमीफाइनल या फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर हैं. शेफाली ने 21 वर्ष और 279 दिन की उम्र में ये उपलब्धि हासिल की. ♦ महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर ने की. हरमन महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे उम्रदराज कप्तान हैं. 36 वर्ष और 239 दिन की उम्र में हरमन ने ये मुकाम हासिल किया है. ♦ यह पहली बार है जब महिला वनडे विश्व कप किसी ऐसी टीम ने जीता है, जिसने टूर्नामेंट में तीन मैच गंवाए. हालांकि पुरुषों के टूर्नामेंट में ऐसा दो बार हुआ है. साल 1992 में पाकिस्तान और 2019 में इंग्लैंड ने तीन-तीन मैच हारने के बावजूद मेन्स वनडे वर्ल्ड कप जीता था. ♦ दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 58 रन बनाए. साथ ही 39 रन देकर पांच विकेट झटके. विश्व कप (महिला या पुरुष) के नॉकआउट मैच में अर्धशतक जड़ने और पांच विकेट लेने वाली दीप्ति पहली क्रिकेटर हैं. साथ ही भारतीय महिला टीम के लिए वनडे क्रिकेट में पहली बार किसी प्लेयर ने पांच विकेट लिए और अर्धशतकीय पारी भी खेली. यही नहीं वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) में ये उपलब्धि हासिल करने वाली दीप्ति दूसरी भारतीय हैं. 2011 के विश्व कप में युवराज सिंह ने आयरलैंड के खिलाफ ऐसा ही प्रदर्शन किया था. ♦ दीप्ति शर्मा ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड 2025 में 22 विकेट चटकाए, साथ ही 215 रन बनाए. दीप्ति को इस प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया. दीप्ति महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं. दीप्ति वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के एक संस्करण में 200 रन और 20 विकेट का डबल बनाने वाली पहली खिलाड़ी हैं. साथ ही दीप्ति महिला वनडे विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गईं. महिला वनडे वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट (भारत) 43- झूलन गोस्वामी 36- दीप्ति शर्मा 31- डायना एडुल्जी 30- नीतू डेविड 30- पूर्णिमा राउ महिला वनडे विश्व कप के एक संस्करण में सर्वाधिक विकेट 23- लिन फुलस्टन (ऑस्ट्रेलिया), 1982 22- जैकी लॉर्ड (न्यूजीलैंड), 1982 22- दीप्ति शर्मा (भारत), 2025  21- सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड), 2022  20- शुभांगी कुलकर्णी (भारत), 1982  20- नीतू डेविड (भारत), 2005  ♦ साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वोलवार्ट ने खिताबी मुकाबले में शानदार 101 रन बनाए. वोलवार्ट ऐसी दूसरी प्लेयर हैं, जिन्होंने किसी वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के सेमीफाइनल और फाइनल में शतक लगाया. … Read more

विटामिन-सी की कमी दूर करने के लिए सप्लीमेंट्स लेने का सही तरीका

नई दिल्ली। विटामिन-सी शरीर के लिए काफी जरूरी होता है, लेकिन हमारा शरीर न तो इस विटामिन को खुद बना पाता है और न स्टोर कर पाता है। दरअसल, विटामिन-सी एक वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है यानी ये पानी में घुल जाता है और यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। इसलिए अगर डाइट में विटामिन-सी पर ध्यान न दिया जाए, तो शरीर में इसकी कमी हो सकती है। इसकी कमी दूर करने के लिए कई लोग इसके सप्लीमेंट्स भी लेते हैं। अगर आप भी विटामिन-सी की गोलियां लेते हैं, तो आपको इन्हें लेने का सही समय और कुछ जरूरी बातें पता होनी चाहिए, ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके। आइए जानें इस बारे में। विटामिन-सी लेने का सबसे अच्छा समय क्या है? विटामिन-सी एक पानी में घुलने वाला विटामिन है, जिसका मतलब है कि यह शरीर में लंबे समय तक जमा नहीं होता और यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। इसके अब्जॉर्प्शन को बेहतर बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-     सुबह के समय खाने के बाद- विटामिन-सी के सप्लीमेंट्स लेने का सबसे सही समय सुबह का नाश्ता करने के बाद का होता है। खाने के साथ लेने से पेट में एसिडिटी या गैस्ट्रिक परेशानी के रिस्क को कम करता है। विटामिन-सी का अब्जॉर्प्शन छोटी आंत में होता है। इसलिए खाने के साथ इसे लेना फायदेमंद साबित हो सकता है।     दिन के दो भागों में बांटकर- क्योंकि शरीर एक साथ ज्यादा मात्रा में विटामिन-सी को स्टोर नहीं कर पाता, इसलिए अगर आपको एक बड़ी खुराक (जैसे 1000mg) लेनी है, तो इसे दो भागों में बांटकर लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, 500mg नाश्ते के बाद और 500mg दोपहर के खाने के बाद। इससे शरीर को लगातार विटामिन-सी मिलता रहता है और अब्जॉर्प्शन भी बेहतर होता है।     खाली पेट लेने से बचें- विटामिन-सी में एस्कॉर्बिक एसिड होता है, जो एसिडिक होता है। इसे खाली पेट लेने से पेट में जलन, एसिडिटी या अपच की समस्या हो सकती है। इसलिए, हमेशा इसे कुछ खाने के बाद ही लें। किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?     खुराक पर नजर रखें- विटामिन-सी की ज्यादा खुराक से दस्त, मतली, पेट में ऐंठन और गैस्ट्रिक की समस्या हो सकती है।     कुछ मेडिकल कंडीशन में सावधानी- जिन लोगों को किडनी की समस्या हो या किडनी में स्टोन बनने का इतिहास हो, उन्हें विटामिन-सी की हाई डोज लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि इससे ऑक्सोलेट स्टोन बनने का रिस्क बढ़ सकता है।     दवाओं के साथ इंटरेक्शन- विटामिन-सी कुछ दवाओं जैसे कि ब्लड थिनर, एस्ट्रोजन वाली दवाएं और कुछ प्रकार की कीमोथेरेपी दवाओं के साथ इंटरेक्ट कर सकता है। अगर आप कोई नियमित दवा ले रहे हैं, तो सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।