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राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने दिए निर्देश — विकास कार्यों में तेजी लाएं, ताकि जनता को मिले सीधा लाभ

विकास कार्यों में तेजी लाएं, जनता को मिले सीधा लाभ : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनकल्याण से संबंधित सभी कार्यों को गति प्रदान की जाए। ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिले। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने यह बात सोमवार को मंत्रालय में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अवधपुरी से एसओएस बाल भवन तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और बिजली पोल स्थानांतरित करने के साथ शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने कहा कि मार्ग पर यातायात निरंतर बढ़ रहा है, ऐसे में भविष्य में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए गुणवत्ता युक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अन्य निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने पिपलानी एवं खजूरीकलां मार्ग पर अतिक्रमण हटाने और के भी निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम और बीएचईएल के अधिकारी उपस्थित रहे।  

वोटिंग में हुई तेजी, पप्पू यादव ने बिहार चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है. इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री भी शामिल हैं. बिहार चुनाव के दूसरे चरण में 45,399 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे, जिनमें से 40,073 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं. कुल मतदाताओं में 1.75 करोड़ महिलाएं हैं. हिसुआ सीट (नवादा) में सबसे अधिक 3.67 लाख मतदाता हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी में प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा (22-22) है. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें 65% से अधिक पोलिंग दर्ज हुई थी. दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज सहित नेपाल सीमा से सटे जिलों में मतदान होगा. सुरक्षित और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. दूसरे चरण में ज्यादातर सीटें सीमांचल क्षेत्र की हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है, जिससे यह चरण एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के लिए अहम बन गया है. एनडीए विपक्ष पर 'घुसपैठियों को संरक्षण देने' का आरोप लगा रहा है, जबकि विपक्ष अल्पसंख्यक मतदाताओं पर भरोसा कर रहा है. प्रमुख उम्मीदवारों में जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), भाजपा के प्रेमेंद्र कुमार (गया टाउन), रेनू देवी (बेतिया), नीरेज कुमार सिंह 'बबलू' (छातापुर), लेशी सिंह (धमदाहा), शीला मंडल (फुलपरस) और जमा खान (चैनपुर) शामिल हैं. बिहार 9 बजे तक 14.55% वोटिंग बिहार चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में भी सुबह-सुबह मतदान को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है. बिहार चुनाव के दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.55% वोटिंग हुई है. यह पहले फेज में सुबह 9 बजे तक हुए मतदान से अधिक है. बिहार चुनाव के पहले चरण में 9 बजे तक 13.13% मतदान हुआ था. एलजेपीआर सांसद ने डाला वोट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे. चिराग पासवान की पार्टी के सांसद राजेश वर्मा ने परिवार के साथ मतदान किया. 'पहले फेज से भी ज्यादा वोट कीजिए', प्रशांत किशोर की अपील जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपील की है कि पहले चरण से भी ज्यादा वोट कीजिए. व्यवस्था परिवर्तन कीजिए. उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कहा है कि चुनाव के समय में ऐसी बातें हो रही हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, उचित कार्रवाई होनी चाहिए.  'पहले मतदान, फिर जलपान', सीएम नीतीश ने की अपील मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि लोकतंत्र में मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है. आज बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हो रहा है. सभी मतदाताओं से आग्रह है कि अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें.

मिसाल प्रोजेक्टम’ का तीसरा चरण शुरू — अब प्राध्यापक देंगे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण

मिसाल प्रोजेक्टम का तीसरा चरण प्रारंभ, अब विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिये उच्च शिक्षा विभाग की पहल भोपाल मध्यप्रदेश उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात की ओएसिस संस्था के सहयोग से मिसाल प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जनजातीय युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व कौशल और समुदाय सेवा की भावना विकसित करना है, जिससे वे अपने समाज और राज्य में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उच्‍च शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य के शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में जनजातीय युवाओं को सशक्त नेतृत्व और समाज सेवा के लिए तैयार करने का एक अभिनव प्रयास है। विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्‍ट वर्क का प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत 11 से 16 सितम्बर तक गुजरात के बडोदरा में एक प्रशिक्षण कार्यकम का आयोजन किया जा चुका है जिसमें इस प्रोजेक्ट के लिये चयनित प्रदेश 10 जनजातीय जिलों के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक शामिल हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान महाविद्यालय में एनएनएस का प्रभार संभाल रहे प्राध्यापकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में जनजातीय युवाओं का चयन करके उन्हें कॉलेज के रोल मॉडल और समाज-सेवी नेतृत्व के रूप में तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रोजेक्ट के अगले चरण में अब ये प्राध्यापक अपने महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिसके तहत विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्ट वर्क का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्र‍शिक्षण कार्यकम का यह तीसरा चरण 7 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगा। 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ता होंगें तैयार प्रशिक्षण के बाद ओएसिस मिसाल प्रोजेक्‍ट के द्वारा 29 महाविद्यालयों में 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ताओं का चयन किया जाएगा। यह प्रक्रिया तीन चरणों में होगी : 1. निबंध प्रतियोगिता: छात्रों के विचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान के नवाचार जानने के लिए। 2. समूह संवाद: टीम वर्क, सुनने और विचार साझा करने की क्षमता का मूल्यांकन। 3. प्रोजेक्ट वर्क: समाज में वास्तविक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता और कार्यान्वयन क्षमता का परीक्षण। तीनों चरण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले युवाओं को मिसाल विजेता घोषित किया जाएगा और उन्हें ओएसिस की ग्लोबली-प्रशंसित Live-Love-Learn (L3) कोर्स में शामिल किया जाएगा। यह कोर्स चार सप्ताह के residential workshops के माध्यम से आयोजित होगा। उद्देश्य और दीर्घकालिक प्रभाव जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें नेतृत्व के योग्य बनाना। युवाओं में चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना। उनके माध्यम से महाविद्यालयों में सकारात्मक बदलाव और सामुदायिक विकास कार्यक्रम संचालित करना। जनजातीय युवाओं का सशक्तिकरण विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह पहल 10,000–20,000 युवाओं तक लाभ पहुँचाने की क्षमता रखती है, विशेषकर आदिवासी क्षेत्र में। इसके माध्यम से नवीन नेतृत्व और समाज सेवा के रोल मॉडल तैयार होंगे। मध्यप्रदेश के जनजातीय युवाओं के लिए नेतृत्व और चरित्र निर्माण में यह प्रोजेक्‍ट मील का पत्थर साबित होगा। चयनित एनएनएस अधिकारी और प्राध्यापक नोडल अधिकारी अपने कॉलेजों में इस कार्यक्रम के संचालन और युवा नेतृत्व विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले ये युवा नेतृत्वकर्ता आने वाले वर्षों में विद्यालयों, कॉलेजों और समुदायों में रोल मॉडल बनकर कार्य करेंगे। प्रशिक्षण में शामिल जिले इंदौर, धार, उज्जैन, बड़वानी, रतलाम, खंडवा, झाबुआ, बैतूल, आलीराजपुर और छिंदवाड़ा जिले के कुल 29 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामि‍ल होंगे।  

दम घोंट रही दिल्ली की हवा: जहरीले धुएं में घिरी राजधानी, बढ़ा अस्थमा व खांसी का खतरा

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का कहर जारी है। हवा की गुणवत्ता लगातार गंभीर  श्रेणी में बनी हुई है जिससे लोगों को सांस लेने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सोमवार सुबह के आंकड़ों ने भयावह स्थिति की पुष्टि की है।  मुख्य क्षेत्रों का हाल सोमवार सुबह 7 बजे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) उच्च स्तर पर दर्ज किया गया:     दिल्ली (औसत): 346 (यह गंभीर श्रेणी की शुरुआत है)     नोएडा: 336     गाजियाबाद: 302 दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI CPCB के अनुसार दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों में वायु प्रदूषण 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी के बीच रहा जबकि कुछ स्थानों पर यह 400 के पार चला गया:   इलाका AQI स्तर (सोमवार सुबह) श्रेणी बवाना 412 गंभीर आनंद विहार 379 बहुत खराब बुराड़ी 389 बहुत खराब अशोक विहार 373 बहुत खराब आईटीओ (ITO) 378 बहुत खराब मुंडका 378 बहुत खराब अलीपुर 351 बहुत खराब चांदनी चौक 365 बहुत खराब ओखला 347 बहुत खराब पूसा (PUSA) 348 बहुत खराब     वायु गुणवत्ता का मतलब AQI का 401 से 500 के बीच होना 'गंभीर' माना जाता है जो स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। 301 से 400 के बीच का AQI 'बहुत खराब' माना जाता है। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।  

प्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाना हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश — सभी सिंचाई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों हरदा प्रदेश का पहला सिंचित जिला बनने की ओर अग्रसर तीन जनजातीय बहुल जिलों में 2 साल में 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण सिंहस्थ 2028 के लिए जलगत तैयारियां हर हाल में दिसंबर 2027 तक हो जाएं पूरी मुख्यमंत्री ने की नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश एक बार भी इतिहास बनाने जा रहा है। प्रदेश का हरदा जिला जल्द ही शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हरदा जिले में शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगति पर है। करीब 756.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से हरदा जिले के 39 हजार 976 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। बीते 16 महीनों में इसका 42 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना से हरदा जिले की तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इससे जिले के वे सभी किसान भी लाभान्वित होंगे जो अब तक कमांड एरिया के गांव में कोई योजना न होने के कारण सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हरदा प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित बनाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है और हम इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से लागे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं, नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के गवर्निंग बोर्ड की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में नर्मदा घाटी प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा प्रस्तावित सभी परियोजना प्रस्तावों एवं उनके उपबंधों का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की सिंचाई परियोजनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाएं हर हाल में तय समय-सीमा में ही पूरी की जाएं। समय-सीमा में वृद्धि न की जाए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कंपनी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के बारे में कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एशियन और इंटरनेशनल मौद्रिक संस्थाओं से उच्च स्तर का समन्वय किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। विभागीय वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ सतत् समन्वय करें और प्रदेश के तय लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फोकस्ड होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य श्रेणी के निर्माण कार्य अनिवार्यत: दिसंबर 2027 तक पूर्ण हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी-लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश के किसानों को अधिकतम जलराशि का लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक एवं परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनियों के सीएसआर फंड से भी सहयोग लिया जाए। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बीते 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों के जनजातीय अंचलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर शासन द्वारा कुल 6,640 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इससे इन तीन जिलों के लगभग 600 गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का यह विस्तार प्रदेश के समग्र विकास का आधार बनेगा। अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल एलाईनमेंट के मध्य मिट्टी स्थिरीकरण के लिए केमिकल/कोल ग्राउटिंग मात्राओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शेष काम मात्र सवा 2 महीने में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना 31 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, इससे पूरा क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से लेस करने के लिए इसे पार्वती, कालीसिंध और चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट और मंदाकिनी नदी में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से में आने वाले जल का पूरा लाभ सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि बड़नगर, नीमच और जावद सहित अन्य क्षेत्रीय सिंचाई परियोजनाओं को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस संयुक्त परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। डीपीआर स्वीकृत होने पर यह संयुक्त परियोजना केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का हिस्सा बनेगी। उन्होंने बताया कि ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह फाइनल स्टेज पर है। आईएसपी- कालीसिंध उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का भी 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम 31 दिसम्बर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। डही उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशक फ्रेंडली विजन को राष्ट्रीय मंच पर करेंगे साझा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य होंगे सम्मिलित

दिल्ली में होने वाले ‘उद्योग संगम’ में मध्यप्रदेश पेश करेगा अपनी इनोवेशन उपलब्धियां भोपाल  केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा नई दिल्ली में 11 नवम्बर को ‘उद्योग संगम’ (Conference of Industries & Commerce Ministers) का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सहभागिता करेंगे। इस कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल मुख्य अतिथि रहेंगे। इस सम्मेलन में Business Reform Action Plan (BRAP 2024) के परिणाम जारी किए जाएंगे और Ease of Doing Business के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप राज्य में निवेशकों के लिए व्यवसायिक सुगमता, पारदर्शिता और दक्षता को नई दिशा दी गई है। 434 सुधारों (Reforms) का प्रभावी क्रियान्वयन मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। इन सुधारों में प्रोसेस इंजीनियरिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कई उल्लेखनीय कदम शामिल हैं, जिनसे राज्य की औद्योगिक छवि सशक्त हुई है। मध्यप्रदेश के उद्योग विभाग द्वारा ‘उद्योग संगम’ में Invest MP Portal के माध्यम से स्थापित Single Window System, National Single Window System (NSWS) के साथ Integration, औद्योगिक भूमि बैंक (Industrial Land Bank) की सुविधा, Gati Shakti से जुड़ी लॉजिस्टिक सुधार पहल, ऑनलाइन क्लियरेंस प्रणाली, और Startup Ecosystem को प्रोत्साहित करने वाले नवाचार प्रमुख रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। इन सुधारों से राज्य में उद्योग स्थापना और संचालन प्रक्रियाएँ न केवल सरल हुई हैं, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। Ease of Doing Business में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है और ‘उद्योग संगम’ में राज्य की पहलें अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान DPIIT सचिव द्वारा स्वागत उद्बोधन के बाद औद्योगिक पार्क, स्टार्टअप्स, गतिशक्ति, लॉजिस्टिक्स, और Ease of Doing Business पर विभिन्न विषयगत प्रस्तुतियाँ होंगी। सत्र के समापन पर BRAP 2024 Video Release और राज्यों के Felicitation समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री  पीयूष गोयल द्वारा राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है, जहाँ उद्योग स्थापना और निवेश प्रक्रियाएँ सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनें। ‘उद्योग संगम’ में राज्य की प्रस्तुति इसी विजन का प्रतीक होगी।  

Apple ला रहा है iPhone Fold — 24MP कैमरा और एडवांस फीचर्स के साथ होगा सबसे खास

लॉन्च से पहले ही Apple का आने वाला फोल्डेबल स्मार्टफोन चर्चा में बना हुआ है। इसे आईफोन फोल्ड के नाम से लाया जा सकता है। हालिया लीक से पता चला है कि इस फोन में 24MP का अंडर-डिस्प्ले कैमरा सेंसर मिलेगा। अगर यह रिपोर्ट सही हुई तो यह 24MP अंडर डिस्प्ले कैमरे वाला इंडस्ट्री का पहला फोन होगा। इससे पहले भी कई खबरें आई थीं कि ऐपल अपने फोल्डेबल फोन में डिस्प्ले के अंदर कैमरा देगा। यह अंडर-डिस्प्ले कैमरा तकनीक एंड्रॉयड फोन्स में काफी पहले से मौजूद है, लेकिन उनकी इमेज क्वालिटी अक्सर उतनी अच्छी नहीं होती है। इसका कारण उनके लेंस का रेजोल्यूशन कम होना है, जो आमतौर पर 4 से 8MP तक होता है। हालांकि, इस बार ऐपल आईफोन फोल्ड के फ्रंट कैमरे में छह प्लास्टिक लेंस एलिमेंट होंगे। इससे साफ है कि यह अंडर-डिस्प्ले कैमरा काफी एडवांस होगा। ऐसा लग रहा है कि ऐपल ने लाइट ट्रांसमिशन और इमेज क्वालिटी को बेहतर बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है। आइये, फोन की अन्य डिटेल के लिए आगे पढ़ते हैं। एडवांस फीचर के कारण हो सकती है खामियां ऐपल के फोल्डेबल स्मार्टफोन में कई एडवांस फीचर देखने को मिलेंगे। हालांकि, एडवांस फीचर के कारण फोन में कई चीजों की कमी भी हो सकती है। लीक रिपोर्ट्स की मानें तो फोन को कॉम्पैक्ट रखने के लिए OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) और LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) जैसी सुविधाओं को हटाया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि OIS, कैमरे को हिलने-डुलने पर भी स्टेबल फोटोज लेने में मदद करता है, जबकि LiDAR गहराई का पता लगाने में काम आता है। ऐपल एनालिस्ट Ming Chi Kuo ने बताया है कि आईफोन फोल्ड में फोन के मुड़े हुए और खुले हुए दोनों ही स्टेट में डुअल-लेंस कैमरा हो सकता है। वहीं, मार्क गुरमन का कहना है कि इस डिवाइस में कुल चार सेंसर होंगे। एक सामने की तरफ, एक अंदर की तरफ और दो पीछे की तरफ। लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, आईफोन फोल्ड में पीछे की तरफ दो 48MP के कैमरे हो सकते हैं। इसके अलावा, फोन में पावर बटन के साथ टच आईडी (फिंगरप्रिंट सेंसर) भी दिया जा सकता है। यह अंडर-डिस्प्ले कैमरा एक बड़ी बात है, क्योंकि यह फोन के डिजाइन को और भी स्लीक बना देगा। डिस्प्ले के नीचे कैमरा होने से फोन का फ्रंट लुक बिना किसी नॉच या पंच-होल के एकदम साफ दिखेगा। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा होगा जो फुल-स्क्रीन का एक्सपीरियंस पसंद करते हैं। एंड्रॉयड फोन में अंडर-डिस्प्ले कैमरे का इस्तेमाल तो हुआ है, लेकिन अक्सर उनकी क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं होती। ऐसा इसलिए है, क्योंकि डिस्प्ले की लेयर्स से होकर लाइट को सेंसर तक पहुंचना पड़ता है, जिससे इमेज क्वालिटी पर असर पड़ता है। ऐपल का 24MP का सेंसर और छह प्लास्टिक लेंस एलिमेंट इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकते हैं। आईफोन फोल्ड एक ऐसा डिवाइस होने की उम्मीद है, जो फोल्डेबल फोन की दुनिया में कुछ नए स्टैंडर्ड सेट कर सकता है। हालांकि, इसकी कीमत और अन्य स्पेसिफिकेशन्स के बारे में अभी और जानकारी का इंतजार करना होगा।

बंगाल की बेटी ऋचा घोष को बड़ा सम्मान: सिलीगुड़ी में बनेगा उनके नाम का स्टेडियम

सिलीगुड़ी भारतीय महिला टीम की स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक और तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया है कि सिलीगुढ़ी में युवा खिलाड़ी के नाम पर स्टेडियम बनेगा। इससे पहले सीएम ने शनिवार (8 नवंबर) को उन्हें बंगभूषण सम्मान और बंगाल पुलिस में डीएसपी का नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।  बता दें कि, भारतीय महिला टीम ने रविवार (2 नवंबर) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 52 रनों से फाइनल में जीत हासिल कर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। फाइनल में चमकीं थीं ऋचा फाइनल मुकाबले में ऋचा घोष ने 24 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 34 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। महिला वनडे विश्व कप 2025 में 22 वर्षीय बल्लेबाज ने शानदार प्रदर्शन किया और एक अर्धशतक की मदद से 235 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 94 रनों का रहा। दाएं हाथ की बल्लेबाज को उनके अहम योगदान के लिए बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) ने 34 लाख रुपये और सोने के बल्ला और गेंद का रेप्लिका (प्रतिकृति) देकर सम्मानित किया। दो बार चूके, अब पार की आखिरी बाधा एक तरफ जहां दक्षिण अफ्रीका का यह महिला विश्व कप का पहला फाइनल था, वहीं भारतीय टीम तीसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची थी। भारतीय टीम इससे पहले मिताली राज की अगुआई में 2005 और 2017 में विश्व कप के फाइनल में पहुंच चुकी थी। साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था, जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की थी। भारतीय टीम दो बार खिताब के करीब आकर इससे चूक गई थी, लेकिन अब वह आखिरी बाधा पार करने में सफल रही है।  

दिल्ली धमाके की साजिश: फरीदाबाद रेड के बाद पैनिक में आया आतंकी डॉ. उमर, जांच एजेंसियों ने खोले 10 राज़

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट केस की गुत्थी अब तक अनसुलझी है. आखिर लाल किला के पास कार में ब्लास्ट क्यों हुआ? किसने इस वारदात को अंजाम दिया, कौन आतंकी संगठन इसके पीछे है? इन सवालों के जवाब की तलाश जारी है. कार में विस्फोट पूरी तरह से फिदायीन हमले की ओर इशारा कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो कार में विस्फोटक लगाया गया था. कार में धमाका किया गया है. आरोपी आतंकी डॉक्टर उमर मर गया या जिंदा है, इसका पता नहीं चल पा रहा है. इस बीच उसके मां और भाई को हिरासत में ले लिया गया है. फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में कथित आतंकी डॉक्टर उमर की तलाश थी. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट के बीच फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल है. चलिए जानते हैं दिल्ली पुलिस को लाल किले कार ब्लास्ट में कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस घटनास्थल से बरामद कार में मिले शव का DNA टेस्ट करवाएगी. ताकि ये पुष्टि की जा सके कि कार में सवार शख्स डॉक्टर उमर मोहम्मद ही है या नहीं.  खुफिया एजेंसियों को शक है I- 20 कार में डॉक्टर उमर मोहम्मद सवार था. इस शख्स की एक सीसीटीवी तस्वीर मिली है जिसमें वह काले रंग की मास्क पहना है.  फरीदाबाद में भारी मात्रा में बरामद अमोनियम नाइट्रेट के मामले में जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस समेत दूसरी एजेंसियां डॉक्टर उमर मोहम्मद की तलाश कर रही थी.  फरीदाबाद मॉड्यूल का आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद फरार चल रहा था. एजेंसियों को उसकी तलाश थी. आज तक/इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से इस बात का खुलासा किया था.  1- सूत्रों के अनुसार धमाके के वक्त आतंकी उमर मोहम्मद कार में अकेला था. उसने अपने दो अन्य साथी आतंकियों के साथ हमले की योजना बनाई. सूत्रों के अनुसार जब फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की जाने लगी तो उसे पकड़े जाने का डर सताने लगा और दहशत में आतंकी हमले की योजना बनाई. उसने अपने साथियों के साथ कार में डेटोनेटर लगाया और धमाके को अंजाम दिया.   सोमवार दोपहर 1 बजे आज तक/इंडिया टुडे ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस एक डॉक्टर की तलाश में थी. ये शख्स उमर मोहम्मद ही है. उमर मोहम्मद कश्मीर का रहने वाला है. धमाके में इस्तेमाल की गई I-20 कार इस  I- 20 कार के बारे में दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को अहम जानकारी लगी है.  आइए हम आपको बताते हैं कि  I-20 कार दिल्ली में कहां से चली और लाल किले तक कैसे पहुंची? दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने इस कार के रूट का सीसीटीवी मैपिंग किया है.  2– इस के अनुसार ये I-20 कार बदरपुर बॉर्डर पर आखिरी बार दिखाई दी, बदरपुर से दिल्ली प्रवेश करती हुई कार दिखाई दे रही है. इसके आगे का रूट पता लगाया जा रहा है. इसके बाद ये कार लाल किले में मेट्रो स्टेशन, गेट नंबर- 1 के पास दिखी.  3- इससे पहले ये कार लाल किले के पास सुनहरी मस्जिद के पास की पार्किंग में 3 घंटे तक खड़ी रही. ये कार दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और शाम  6:48 बजे पार्किंग से बाहर निकली. इसके बाद लगभग 6:55 बजे धमाका हो गया. 4– दिल्ली पुलिस पुलिस ने उस सीसीटीवी फुटेज को हासिल कर लिया है जिसमें ये संदिग्ध कार पार्किंग में जाती और फिर बाहर निकलती दिख रही है. इससे पता चलता है कि संदिग्ध कार में अकेला था. अब जांच एजेंसियां दरियागंज रूट की जाने वाली गाड़ियों की जांच कर रही है. पुलिस 100 सीसीटीवी क्लिप्स की जांच कर रही है. इसके अलावा आस-पास के टोल प्लाजा के वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है. ताकि इस कार की पूरी मूवमेंट की जांच पता की जा सके.  5- जिस I-20 कार से लाल किले के पास ब्लास्ट किया गया है उसका मालिक मोहम्मद सलमान नाम का शख्स था. उसने इसे नदीम को बेचा. नदीम ने इस कार को एक कार डीलर, रॉयल कार जोन फरीदाबाद को बेचा. इसके बाद इसे तारिक ने खरीदा. फिर इसे उमर ने खरीदा. यह कार हरियाणा के गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में रजिस्टर्ड थी. इसका नंबर HR 26 7624 था, जो मोहम्मद सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर दर्ज है. 6– तारिक को कल रात पुलिस ने पुलवामा के संबूरा से हिरासत में लिया है. लेकिन कार की RC तारिक के नाम नहीं है. सूत्र बताते हैं 2015 में तारिक ने कार को उमर को दे दिया था. तबतक कार तारिक के नाम से था. पुलिस ने इन दोनों को ही हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है. इस डील में आमिर नाम के व्यक्ति का कनेक्शन सामने आया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस तारिक और आमिर से पूछताछ कर रही है. 7- इसस पहले दिल्ली पुलिस ने इस ब्लास्ट की जानकारी देते हुए कहा था कि जिस कार में विस्फोट हुआ उसमें तीन लोग सवार थे. उन्होंने यह भी कहा कि वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह आत्मघाती हमला था. लेकिन अब पुलिस कह रही है कि कार में उमर मोहम्मद अकेला था.  8– एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "विस्फोट एक चलती हुंडई I-20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग बैठे थे. हमें घायलों के शरीर में कोई छर्रा या पंचर नहीं मिला है, जो विस्फोट में असामान्य है. हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं." पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने देर शाम कार मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया और उससे गाड़ी के बारे में पूछताछ की. उन्होंने बताया कि सलमान ने डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति को गाड़ी बेची थी. बाद में गाड़ी अंबाला में किसी को बेची गई और फिर पुलवामा में तारिक नाम के एक व्यक्ति को बेची गई. पुलिस उन लोगों का पता लगा रही है.  9- दिल्ली पुलिस ने इस ब्लास्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.  पुलिस ने  यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जो आतंकवादी कृत्यों और उसके लिए दंड से संबंधित है. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 4 भी जोड़ी गई है. इसके अलावा, हत्या और हत्या के … Read more

सांसों पर संकट: प्रदूषण से बच्चों की सेहत बिगड़ रही, सावधानी ही बचाव

  वायु प्रदूषण केवल वयस्कों के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका असर कहीं अधिक गहरा और दीर्घकालिक हो सकता है। जन्म से पहले और बचपन के शुरुआती वर्षों में प्रदूषण के संपर्क में आने वाले बच्चों के लिए यह गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था में माताओं का प्रदूषित वातावरण में रहना और बचपन में दूषित हवा में सांस लेना बच्चों के फेफड़ों के विकास को प्रभावित कर सकता है। इससे उनके फेफड़ों की वृद्धि रुक सकती है और सामान्य से कम कार्यशील फेफड़े विकसित होते हैं। इसके अलावा, छोटे बच्चों में अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वे अक्सर निम्न श्वसन संक्रमणका शिकार हो सकते हैं। मानसिक और मोटर विकास पर भी प्रदूषण का नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे व्यवहार संबंधी समस्याएँ और सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। गर्भवती महिलाओं से होने वाले शिशु पर भी पड़ रहा असर गर्भवती महिलाओं में प्रदूषण के संपर्क से कम वजन के बच्चों का जन्म, असामयिक प्रसव और शिशु मृत्यु दर में भी बढ़ोतरी देखी गई है। लंबी अवधि में, बच्चों में हृदय रोग, मधुमेह और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिला है कि प्रदूषण बच्चों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।  प्रदूषण का छोटे बच्चों के फेफड़ों पर गंभीर प्रभाव विशेष रूप से छोटे बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं, इसलिए वे प्रदूषण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। प्रदूषण से बचाव के लिए बच्चों को साफ और सुरक्षित वातावरण में रखना बेहद जरूरी है। सावधानी और जागरूकता से ही हम बच्चों को इस अदृश्य लेकिन गंभीर खतरे से बचा सकते हैं और उनके स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित कर सकते हैं। प्रदूषण से बच्चों में दिखाई देने वाले पांच प्रमुख लक्षण     लगातार खांसी और गले में खराश – प्रदूषित हवा गले और नलियों को प्रभावित कर बार-बार खांसी और आवाज बैठने का कारण बन सकती है।     सांस लेने में तकलीफ या सीने में जकड़न – हवा के हानिकारक कण श्वसन मार्ग को संकुचित कर देते हैं, जिससे खेलते समय सांस फूलना या सीने में भारीपन महसूस हो सकता है।     नाक बहना और छींक आना – बच्चों की नाक और आंखें संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे बार-बार नाक बहना, छींक या आंखों में जलन होती है।     नींद में खलल और थकान – ऑक्सीजन की कमी से नींद बाधित होती है और बच्चे दिन में सुस्त या थके हुए महसूस करते हैं।     अस्थमा और एलर्जी की तीव्रता बढ़ना – जिन बच्चों को पहले से अस्थमा या एलर्जी है, उनमें प्रदूषण लक्षणों को और बढ़ा देता है। बच्चों को सुरक्षित रखने के उपाय     सुबह के समय बच्चों को बाहर खेलने से रोकें, क्योंकि उस समय AQI सबसे खराब होता है।     घर में एयर प्यूरीफायर या गीले कपड़े रखें, ताकि धूल कम हो।     N95 या KN95 मास्क पहनाने की आदत डालें, खासकर स्कूल जाने के समय।     आहार में विटामिन C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसे संतरा, पालक और टमाटर।     पर्याप्त पानी पिलाएं ताकि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल सकें। डॉक्टर को कब दिखाएं     लगातार तीन-पांच दिनों तक खांसी, सांस फूलना या सीने में जकड़न हो।     खेलने के बाद अत्यधिक थकान या सिरदर्द महसूस हो।     अस्थमा के बच्चों को नियमित दवा और जांच कराना आवश्यक।