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रामनवमी पर डबल छुट्टी! योगी सरकार ने 27 मार्च को भी किया अवकाश घोषित

लखनऊ रामनवमी पर योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। पहले से घोषित 26 मार्च के सार्वजनिक अवकाश के साथ अब 27 मार्च को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। मंदिरों में रामनवमी के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।   हर साल इस पर्व पर बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं, जिससे व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अतिरिक्त अवकाश से लोगों को सुविधा मिलेगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस निर्णय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकार आस्था और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, बल्कि यात्रा और दर्शन भी अधिक सहज हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्रीगण, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संस्थाओं, अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों और जनसामान्य ने दीं जन्मदिवस की शुभकामनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्म दिवस मुख्यमंत्री निवास सहित सार्वजनिक स्थलों पर भी उत्साह, उमंग और उल्लास से मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित मंदिर में प्रभु दर्शन के बाद गौशाला में गौमाता को दुलार कर उन्हें गौ-ग्रास देकर दिन की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर मंत्रीगण सहित जनप्रतिनिधियों, धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक, राजनैतिक संगठनों सहित वरिष्ठ नागरिकों ने और आमजन ने बड़ी संख्या में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्यमंत्री निवास में मनाये गये जन्म दिवस पर सांगीतिक प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, जनजातीय कार्य मंत्री  विजय शाह, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार)  लखन पटेल, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी, प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव  अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्म दिवस के अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री  उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मंत्री  रामखेलावन पटेल, पूर्व मंत्री  रामनिवास रावत, विधायक  संजय पाठक, विधायक  मधु वर्मा, विधायक  के.पी. त्रिपाठी,  आशीष अग्रवाल,  रघुनंदन शर्मा,  रविंद्र यति, सु नेहा बग्गा सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों, संत-वृंद, लोकतंत्र सेनानी संघ, कर्मचारी संगठनों, वरिष्ठ पत्रकारों, भोपाल जैन समाज, भोपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स और ओरियंटल ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के प्रतिनिधियों, चिकित्सा प्रकोष्ठ, विधि प्रकोष्ठ, सेंट्रल प्रेस क्लब सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों, युवा मोर्चा, समाजसेवी, किसान संगठनों आदि ने भेंट कर उनका स्वागत कर जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं। सार्वजनिक स्थलों पर भी हुआ स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सीहोर के किसानों ने श्यामला हिल्स पर हल और अंगवस्त्रम भेंट कर उनका स्वागत किया। राजाभोज सेतु पर देशभक्ति गीतों के बीच पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत अभिनंदन किया गया। लालघाटी क्षेत्र में भी संत-वृंद ने वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यश-कीर्ति सहित उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने का आशीर्वाद प्रदान किया। 

विदेशी फंडिंग पर सरकार का बड़ा कदम: NGO के लिए नए नियम, लोकसभा में बिल पेश

नई दिल्ली एनजीओ द्वारा विदेशी अनुदान का दुरूपयोग रोकने के लिए सरकार ने शिकंजा और कस दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से लोकसभा में विदेशी अनुदान नियमन कानून (एफसीआइए) में संसोधन का विधेयक पेश किया गया है। विधेयक में एफसीआरए लाइसेंस रद होने या समाप्त होने की स्थिति में विदेशी अनुदान से बनाई गई संपत्तियों जब्त करने और उनकी देख-रेख के लिए केंद्र और राज्य के स्तर पर नई अथॉरिटी बनाने का प्रविधान है। विपक्ष ने क्या कहा? विपक्ष की ओर विधेयक को 'खतरनाक' बताकर पेश करने का विरोध का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह वास्तव में उन लोगों के लिए 'खतरनाक' है जो विदेशी योगदान का इस्तेमाल जबरन धर्मांतरण के लिए या व्यक्तिगत लाभ करते हैं। देश में कितने एनजीओ को मिला लाइसेंस दरअसल देश में कुल 16 हजार एनजीओ को एफसीआरए लाइसेंस मिला हुआ है और उन्हें हर साल लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की विदेशी सहायता मिलती है।      नित्यानंद राय ने कहा कि 2010 के एफसीआरए कानून के कई प्रविधानों में अस्पष्टता होने के कारण उनका उल्लंघन करने वाले एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती थी।      प्रस्वावित संसोधन में इन नियमों को स्पष्ट कर दिया गया है। इसमें विदेशी योगदान और उनसे बनी संपत्तियों की देखरेख, पर्यवेक्षण, प्रबंधन और निपटान के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रस्तावित है। क्या कहता है नियम इसके तहत पूर्व अनुमति के तहत विदेशी अनुदान प्राप्ति और उपयोग के लिए समय-सीमा तय की जाएगी। यदि एफसीआरए के तहत दिया गया प्रमाणपत्र अपनी वैधता अवधि समाप्त होने पर नवीनीकरण के लिए समय पर आवेदन नहीं किया जाता, या आवेदन अस्वीकार हो जाता है, या समय से पहले नवीनीकृत नहीं किया जाता, तो प्रमाणपत्र स्वत: समाप्त माना जाएगा। जिस व्यक्ति का प्रमाणपत्र समाप्त हो गया है, वह प्रमाणपत्र के नवीनीकृत होने तक विदेशी योगदान न तो प्राप्त कर सकेगा और न ही उसका उपयोग कर सकेगा। प्रविधानों का उल्लंघन विधेयक को पेश करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि मोदी सरकार विदेशी फंडिंग के किसी भी दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। वहीं, प्रस्तावित विधेयक में सजा को भी कम किया गया है। एफसीआरए के प्रविधानों का उल्लंघन कर विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले व्यक्ति के लिए पहले पांच वर्ष की सजा का प्रविधान था, जिसे घटाकर एक वर्ष कर दिया गया है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्स भोपाल में उपचाररत मरीजों एवं उनके परिजनों से मिलकर कुशलक्षेम लिया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने एम्स भोपाल पहुंचकर उपचाररत मरीजों एवं उनके परिजन से भेंट की और मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही उपचार सुविधाओं की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने परिजनों से भी संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। 

ऑटो हड़ताल से जयपुर की रफ्तार थमी, 5000 वाहन सड़कों से गायब

जयपुर राजधानी जयपुर में लगातार एलपीजी का संकट गहराता जा रहा है जिसका सीधा असर अब शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि एलपीजी पंपों पर ऑटो और कार चालकों को सीमित मात्रा में ही गैस दी जा रही है। ऑटो चालकों को 250 रुपये और कार चालकों को 500 रुपये तक की एलपीजी ही मिल रही है। गैस भरवाने के लिए लगी लंबी लाइनें शहर के एलपीजी पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। चालकों को गैस भरवाने के लिए 3 से 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। सीकर रोड स्थित एक पंप पर लाइन में खड़े ऑटो चालक किशन ने बताया कि सुबह 6 बजे लाइन में लगने के बाद दोपहर तक गैस मिल पाती है, वह भी सीमित मात्रा में। 250 की गैस में सिर्फ 50-100 किमी ही चल रहे ऑटो इधर, ऑटो चालकों का कहना है कि 250 रुपये की गैस में ऑटो 50 से 100 किलोमीटर से ज्यादा नहीं चल पा रहा। ऐसे में दिनभर की कमाई प्रभावित हो रही है। कई चालक लंबी दूरी की सवारी लेने से भी मना कर रहे हैं, क्योंकि वापसी में गैस खत्म होने का डर बना रहता है। शहर में 5 हजार ऑटो बंद मानसरोवर स्थित आतिश मार्केट के पास एक पंप पर खड़े ऑटो चालक बाबू भाई के अनुसार, गैस की कमी के कारण शहर में करीब 5 हजार एलपीजी ऑटो बंद हो चुके हैं। जयपुर में कुल करीब 38 हजार ऑटो हैं, जिनमें से लगभग 10 हजार एलपीजी से संचालित होते हैं। किश्त चुकाने का संकट ऑटो चालकों का कहना है कि कमाई ठप होने से बैंक की किश्त चुकाना मुश्किल हो गया है। यदि किश्त बाउंस होती है तो डिफॉल्टर घोषित होने का खतरा है, जिससे भविष्य में लोन मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। चालकों के सामने परिवार का पालन-पोषण बड़ा सवाल बन गया है। 14 एलपीजी पंपों के भरोसे शहर कई चालकों ने बताया कि वे गांव छोड़कर शहर आए थे, लेकिन अब शहर में भी काम नहीं बचा। मजबूरी में गांव लौटने की नौबत आ रही है, जहां रोजगार के सीमित साधन ही उपलब्ध हैं। जयपुर शहर में कुल 14 एलपीजी पंप हैं। जिन पर भारी दबाव बना हुआ है। गैस की सप्लाई करने वाली कंपनियां- इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस पूरे शहर भर में गैस सप्लाई करती हैं। शहर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति सीतापुरा और विश्वकर्मा स्थित बॉटलिंग प्लांट से होती है। एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते ऑटो किराए में भी इजाफा किया गया है, लेकिन सीमित गैस और कम सवारी के कारण चालकों को कोई खास राहत नहीं मिल रही।

1 अप्रैल को मंडला के ग्राम कान्हारी कला में होगा कार्यक्रम

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल 1 अपैल को मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को दुधारू पशुओं की सौगात देंगे। कार्यक्रम मंडला जिले के विकासखंड बिछिया के ग्राम कान्हारी कला में होगा। कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार  लखन पटेल भी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार पटेल ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल  पटेल से भेंट की। उन्होंने आगामी 1 अप्रैल को मंडला जिले के विकासखंड बिछिया के ग्राम कान्हारी कला में होने वाले मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना कार्यक्रम के बारे में राज्यपाल  पटेल को जानकारी दी और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। राज्यपाल  पटेल ने आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान की। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव भी उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा, सहरिया एवं भारिया समुदाय के समग्र विकास, आर्थिक सशक्तिकरण के लिये मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना संचालित की जा रही है। योजना में प्रदेश सरकार द्वारा हितग्राही को इकाई लागत का 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि 10 प्रतिशत राशि हितग्राही को जमा करनी होती है। योजना का क्रियान्वयन डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना और भिंड जिले में किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा—नक्सलवाद अब अंतिम पड़ाव पर, बस्तर में गूंज रही विकास की आवाज़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और बस्तर की धरती पर हिंसा की विचारधारा पराजित होती स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक भय और हिंसा का वातावरण बनाने वाली माओवादी विचारधारा अब समाप्ति की ओर है और बस्तर तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और पुनर्वास केंद्रित नीतियों के कारण भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में लौटने का विश्वास पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिले, तो हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के मार्ग को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में बंदूक की आवाज़ नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे कार्यों ने बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के सशक्त मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और रणनीतिक कार्रवाई की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि माओवाद के पूर्ण खात्मे के साथ बस्तर में शांति, विकास और विश्वास की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ देश के सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा के संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा के संकल्पों के साथ देश आगे बढ़ रहा है। देश-प्रदेश के विकास और समृद्धि के लिए सशक्त कदम उठाना और उस मार्ग पर लगातार चलते रहना भी सेवा ही है। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। बच्चों की पढ़ाई, युवाओं को रोजगार, कृषि को लाभदायक बनाने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं। जनकल्याण और विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और राज्य सरकार समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोजपाल महोत्सव मेला समिति द्वारा मानस भवन में आयोजित सेवा दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आयोजित 1100 कन्याओं के पूजन तथा कन्या भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं को उपहार स्वरूप स्कूल बैग, लंच बॉक्स, कम्पॉस बॉक्स तथा वॉटर बॉटल प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गजमाला से अभिनंदन कर गदा भेंट की। इस अवसर पर सेवा भारती संस्था को सेवा कार्य के लिए एक लाख रूपए का चैक भी सौंपा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार रामनवमी के पावन पर्व पर भोपाल से ओरछा तक की हेलीकॉप्टर सेवा आरंभ करने जा रही है। सनातन संस्कृति को प्रतिबद्ध राज्य सरकार की यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा होगी। प्रदेश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर भी दर्शन की सुगमता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कार्यक्रम में  विकास वीरानी, भोजपाल महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष  सुनील यादव तथा बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे। 

हनुमानगंज थाने में अग्निकांड से हड़कंप: खड़े 30 वाहनों में लगी आग, कई जलकर राख

भोपाल हनुमानगंज थाना परिसर में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब थाने में खड़े जब्त वाहनों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर में खड़े करीब 30 वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में आधा दर्जन से अधिक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हनुमानगंज थाना पुलिस द्वारा जब्त कर थाना परिसर में खड़े किए गए वाहनों में अचानक आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से भड़की चिंगारी, सूखे पत्तों ने पकड़ी आग जहां वाहन खड़े थे ठीक उसी के पास बिजली का खंभा भी है। ऐसे में प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बिजली पोल में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियों के गिरने से सूखे पत्तों में आग लगी होगी, जिसने करीब 30 वाहनों को भी चपेट में ले लिया। इससे थाने में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने फायर कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और करीब आधे घंटे में आग को बुझा दिया। साक्ष्यों को पहुंचा नुकसान, फायर ऑफिसर ने दी जानकारी यदि समय रहते दमकलकर्मी नहीं पहुंचते, तो थाना भवन और पास खड़े अन्य वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता था। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज साक्ष्य के तौर पर रखे वाहनों को काफी क्षति पहुंची है। नगर निगम के फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि हनुमानगंज थाने में खड़े वाहनों में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। करीब आधे घंटे में ही आग पर काबू पा लिया था। आग ने करीब 30 वाहनों को चपेट में ले लिया था, जिसमें छह वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

जदयू में हलचल: Nitish Kumar ने सांसद Girdhari Yadav पर की कार्रवाई

पटना जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी ने बांका से सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ कथित दल-विरोधी गतिविधियों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को अयोग्यता का नोटिस सौंपा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में जदयू के नेता दिलेश्वर कामत ने स्पीकर को पत्र लिखकर गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। आरोप है कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ गतिविधियां की हैं। चुनाव के वक्त पार्टी विरोधि गतिविधियों में शामिल रहे। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरधारी यादव ने कहा कि जब मुझसे लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में पूछा जाएगा, तब मैं अपना जवाब दूंगा। मुझे नहीं पता कि दिलेश्वर कामत ने क्या कहा है। मेरे खिलाफ किसी भी तरह की दल-विरोधी गतिविधि का कोई रिकॉर्ड नहीं है। दरअसल, विधानसभा चुनाव के वक्त गिरधारी यादव का बेटा चाणक्य प्रकाश राजद में शामिल हो गए। उन्होंने बेलहर सीट से जदयू प्रत्याशी और विधायक मनोज यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा। इसमें चाणक्य की हार हुई थी। इसके बाद से ही गिरधारी यादव पर सवाल उठने लगे थे। ललन बोले- यह फैसला हमने नहीं लिया इस विवाद पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि यह फैसला हमने नहीं लिया है। यह निर्णय उन लोगों की ओर से लिया गया है, जिन्होंने अपने बेटे को विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर उतारा और खुद उसके लिए प्रचार भी किया। इसी आधार पर हमारे संसदीय नेता दिलेश्वर कामैत ने आवेदन दिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष को लेना है। राजद सांसद ने उठाया सवाल राजद सांसद मीसा भारती ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गिरधारी यादव जदयू के सांसद हैं। अगर उनके बेटे ने चुनाव लड़ा है, तो वह वयस्क है और अपने फैसले खुद ले सकता है। ऐसे में इस आधार पर कार्रवाई करना सही नहीं है। अब देखना होगा कि आगे क्या निर्णय लिया जाता है।