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चंडीगढ़ में पानी के बिल में 5% की बढ़ोतरी, सीवरेज सेस भी हुआ महंगा

चंडीगढ़ नया वित्त वर्ष बदलने के साथ ही आज से कई तरह के चार्ज भी बढ़ गए हैं। पहली अप्रैल से वाटर टैरिफ पांच प्रतिशत बढ़ गया है। सीवरेज सेस में भी बढ़ोतरी हो गई है यह बढ़कर ही पानी के बिल में जुड़ेगा। अभी तक 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। निगम ने प्रापर्टी मालिकों को राहत देते घोषणा की है कि 31 मई तक प्रापर्टी टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। यह छूट रिहायशी संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक और कमर्शियल, इंडस्ट्रियल व अन्य संपत्तियों पर 10 प्रतिशत तक लागू होगी। 31 मई के बाद टैक्स जमा करने वालों पर 25 तक पेनल्टी और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जा सकता है। पिछले वर्ष निगम ने रिकार्ड प्रापर्टी टैक्स जमा किया था। प्रॉपर्टी खरीदना हुआ और महंगा शहर में कलेक्टर रेट में 10% से लेकर 22% तक की बढ़ोतरी की गई है। रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि भूमि सभी इसके दायरे में हैं। सेक्टर 1 से 12 में दरें अब ₹2.37 लाख प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं। सेक्टर 14 से 37 के लिए ₹1.81 लाख प्रति वर्ग गज तय किया गया है। बाहरी सेक्टरों (38 और आगे) में यह ₹1.33 लाख प्रति वर्ग गज हो गया है। फ्लैट और मकानों के लिए भी अलग-अलग फ्लोर के हिसाब से नई दरें लागू हुई हैं। कॉर्नर प्रॉपर्टी पर 5% अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जबकि रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25% से ज्यादा अतिरिक्त फीस लगेगी। पानी के बिल में भी बढ़ोतरी पानी की दरों में मामूली लेकिन असरदार इजाफा किया गया है। 0–15 किलोलीटर पानी अब ₹3.64 प्रति किलोलीटर मिलेगा। ज्यादा खपत पर अतिरिक्त चार्ज बढ़ेगा। हालांकि कम खपत वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन कुल बिल में हल्की बढ़ोतरी तय है। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए अप्रैल से जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। कूड़ा उठाने का शुल्क बढ़ा नगर निगम ने घरों से कचरा उठाने की फीस में 5% तक की वृद्धि की है। छोटे घरों से लेकर बड़े कोठियों तक सभी श्रेणियों में चार्ज बढ़ा है। 2 मरला तक के घरों के लिए शुल्क ₹60 से अधिक हो गया है, जबकि बड़े घरों के लिए ₹425 तक पहुंच गया है। बिजली बिल में भी असर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए पहले स्लैब (0–100 यूनिट) में दर बढ़ाकर ₹2.95 प्रति यूनिट कर दी गई है। 100 यूनिट इस्तेमाल करने वालों को अब ₹15 ज्यादा देने होंगे। 200 यूनिट तक खपत करने वालों के बिल में भी हल्की बढ़ोतरी देखी जाएगी। शराब भी हुई महंगी, बिक्री के नए विकल्प नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने के साथ शराब की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। ₹500 की बोतल अब करीब ₹510 में मिलेगी। ₹2000 की बोतल की कीमत ₹2040 तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि अब शहर में पेट्रोल पंप और किराना दुकानों पर भी शराब उपलब्ध होगी, जिससे इसकी पहुंच और आसान हो जाएगी। डोमेस्टिक कंज्य के लिए नई पानी की दरें खपत की सीमा (केएल में) नई दर (रुपये प्रति केएल) 01-15 3.64 16-30 7.30 31-60 12.16 60 से अधिक 24.31 अन्य कंज्यूमर के लिए नई पानी की दरें (1 अप्रैल से प्रभावी) कंज़्यूमर का प्रकार नई दर (रुपये प्रति केएल) कमर्शियल 36.47 इंस्टीट्यूशनल 30.39 टैक्सी स्टैंड 36.47

भूमि पेडनेकर का बयान: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अभिनेत्रियों को ज्यादा अच्छा मौके और किरदार मिलते हैं

मुंबई   मायानगरी के सिनेमा के सपने को पूरा करने का ख्वाब अब दिल्ली में भी देखा जा सकेगा क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पहली बार दिल्ली में हो रहा है। 31 मार्च तक चलने वाले महोत्सव में सितारों का मेला लग रहा है। सोमवार को 'टॉयलेट : एक प्रेमकथा' और 'दम लगाके हईशा' जैसी फिल्मों में लीड रोल निभा चुकीं भूमि पेडनेकर और अभिनेता मानव विज समारोह का हिस्सा बने। भूमि पेडनेकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पहली बार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का हिस्सा बनकर खुशी महसूस हो रही है। दिल्ली को इस फिल्म फेस्टिवल की सबसे ज्यादा जरूरत है, और आज सरकार और इस समारोह से जुड़े लोगों की मेहनत ने कलाकारों और निर्माताओं को बड़ा मंच दिया है। भले ही मैं मुंबईवासी हूं, लेकिन मेरा दिल दिल्ली के लिए धड़कता है। ओटीटी और सिनेमा में आए बदलाव पर अभिनेत्री ने कहा कि ओटीटी पर जितने भी किरदार एक्सपेरिमेंटल मिलते हैं, वो राइटर की बदौलत मिलते हैं, क्योंकि वो वैसे किरदारों को लिखते हैं, हमें बस सही किरदार का चुनाव करना होता है, लेकिन मेन स्ट्रीम सिनेमा में महिलाओं के लिए उतने अच्छे और एक्सपेरिमेंटल रोल नहीं मिल पा रहे हैं, जितने ओटीटी पर मिल रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि मेन स्ट्रीम सिनेमा में यह बदलाव भी जल्द से जल्द आएगा। पंजाबी अभिनेता मानव विज भी महोत्सव का हिस्सा बने और उनकी फिल्म 'मां जाए' की स्पेशल स्क्रीनिंग भी रखी गई। मीडिया से बात करते हुए अभिनेता ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए बहुत खास है और किरदार को जीवंत करने के लिए उन्होंने पूरी जान लगा दी थी। मुझे पता था कि फिल्म अच्छी साबित होगी, लेकिन यह नहीं पता था कि फिल्म को इतना सम्मान भी मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली को जरूरी बताते हुए अभिनेता ने कहा, इसी महोत्सव की वजह से अच्छा सिनेमा सामने आ पाता है और दूसरों को भी अच्छी फिल्म बनाने की प्रेरणा मिलती है। आप किसी चीज की बेहतरी तभी कर सकते हैं, जब उसे बेहतर मंच मिलेगा।

फीस चुकाने के लिए MBA छात्र ने बेची किडनी, 9 लाख का सौदा हुआ 3.5 लाख में

देहरादून देहरादून के एक नामी कॉलेज में एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा छात्र अपनी फीस जमा करने को किडनी बेचने को तैयार हो गया। उसने ऑपरेशन करवाकर किडनी निकलवा तो ली, लेकिन उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। पुलिस को उसने बताया कि पहले नौ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन बाद में यह लोग छह लाख ही देने को तैयार हुए। ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए। उसने पुलिस से बकाया पैसा दिलाने की भी मांग की। कानपुर डीसीपी वेस्ट जोन एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष कुमार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह देहरादून में एमबीए कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि परिवार में मां, छोटा भाई और बहन है। पिता ने किसी कारण से आत्महत्या कर ली थी। इसके चलते पढ़ाई छूटने के डर से वह किडनी बेचने को तैयार हो गया। किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया, पुलिस के इस सवाल पर उसने बताया कि पांच से छह माह पूर्व टेलीग्राम पर किडनी डोनर ग्रुप से जुड़ा। वह पहले लोन लेकर फीस देना चाहता था लेकिन लोन मिला नहीं। इसके बाद किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया। उसे डॉक्टर अफजल, डॉ. वैभव कानपुर लेकर आए थे। डीसीपी ने बताया कि आयुष साइबर अपराध से भी जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ पुलिस को साक्ष्य मिले हैं। उसने कई म्यूल अकाउंट बनवाए हैं। ऐसे में अपराधियों से उसकी साठगांठ की डिटेल खंगाली जा रही है। लखनऊ-नोएडा के अस्पताल रडार पर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच के दौरान लखनऊ और नोएडा के कुछ अस्पतालों की बारे में जानकारी मिली है। यहां से केस बिगड़ने के बाद मरीजों को लखनऊ और नोएडा के बड़े अस्पतालों में भेजा जाता था। साफ है कि इन अस्पतालों की भी अवैध किडनी कारोबार में भूमिका है। जांच चल रही है। डॉक्टर दंपति समेत छह धरे किडनी की खरीद-फरोख्त और अवैध ट्रांसप्लांट के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आईएमए की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा समेत पांच डॉक्टरों और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। अभी दो और डॉक्टरों समेत चार लोगों की पुलिस को तलाश है।

भारत की शक्ति में इजाफा: भारतीय नौसेना को मिले 3 ब्रह्मोस मिसाइल से लैस घातक जहाज

मुंबई  हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत की समुद्री ताकत को एक बड़ा बढ़ावा मिला है। भारतीय नौसेना को सोमवार को कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) से एक ही दिन में तीन नए जहाज प्राप्त हुए हैं। इनमें दो युद्धपोत (एक स्टेल्थ फ्रिगेट सहित) और एक बड़ा सर्वेक्षण पोत शामिल हैं। इन तीनों पोतों के नाम दूनागिरी, अग्रेय और संशोधक हैं। तीनों जहाजों की मुख्य विशेषताएं 1. दूनागिरी (स्टील्थ फ्रिगेट) यह प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी का पांचवां युद्धपोत है, जिसे पिछले 16 महीनों में नौसेना को सौंपा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 जुलाई, 2022 को कोलकाता के GRSE में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था। यह 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है। मारक क्षमता की बात करें तो यह ब्रह्मोस एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस है। यह हवा, सतह और पानी के नीचे बहु-आयामी ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम है। वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए इस जहाज के निर्माण में 75% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है और 200 से अधिक MSME इसमें शामिल रहे हैं। पिछले अनुभवों के आधार पर इसके निर्माण की अवधि को नीलगिरि के 93 महीनों के मुकाबले घटाकर 80 महीने कर दिया गया। 2. अग्रय (एंटी-सबमरीन वारफेयर शिप) यह आठ 'अरनाला' श्रेणी के एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स (ASW-SWCs) में से चौथा जहाज है। इसका मुख्य उद्देश्य नौसेना की पनडुब्बी रोधी, माइन-वॉरफेयर और तटीय निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना है। 77 मीटर लंबा यह वॉटरजेट-संचालित युद्धपोत अत्याधुनिक लाइटवेट टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उथले पानी के सोनार (SONAR) से लैस है। 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। 3. संशोधक (लार्ज सर्वे वेसल) संशोधक एक विशाल सर्वेक्षण पोत है, जिसे तटीय और गहरे पानी के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के लिए डिजाइन किया गया है। इसका विस्थापन लगभग 3400 टन और कुल लंबाई 110 मीटर है। इसका मुख्य काम बंदरगाहों के रास्तों का सर्वेक्षण करना और नेविगेशनल मार्गों (समुद्री रास्तों) का सटीक निर्धारण करना है। इसके अलावा, यह रक्षा और नागरिक इस्तेमाल के लिए समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा भी एकत्र करेगा। यह डेटा अधिग्रहण प्रणाली, ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल (AUV), रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV), DGPS लॉन्ग-रेंज पोजिशनिंग सिस्टम और डिजिटल साइड स्कैन सोनार जैसे अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से लैस है। यह पोत 30 अक्टूबर 2018 को चार सर्वेक्षण जहाजों के लिए हुए एक कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है। इसी क्लास के पिछले तीन जहाज- INS संधायक, INS निर्देशक और INS इक्षक क्रमशः फरवरी 2024, दिसंबर 2024 और नवंबर 2025 में कमीशन किए जा चुके हैं। इसमें भी लागत के हिसाब से 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री लगी है। GRSE की अन्य परियोजनाएं GRSE वर्तमान में नौसेना के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है।     एक प्रोजेक्ट 17A एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट     चार ASW-SWC     चार नेक्स्ट-जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPVs) इसके अलावा, शिपयार्ड 30 अन्य जहाजों का निर्माण कर रहा है, जिनमें से 13 निर्यात के लिए हैं। GRSE पांच नेक्स्ट-जेनरेशन (अगली पीढ़ी के) कार्वेट के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण अनुबंध को अंतिम रूप देने के भी उन्नत चरण में है।

हॉकी में छत्तीसगढ़ को कांस्य पदक

रायपुर  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आज रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पुरुषों की हॉकी में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए मैच खेला गया। इसमें छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश को 14-6 से हरा कर कांस्य पदक जीता।

अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह की नई टाइमिंग, अब शाम 5:30 से 6 बजे तक

अटारी अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राजस्थान में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों के ट्रांसफर, 25 कलेक्टर बदले

जयपुर राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है. सूबे की सरकार ने एक साथ 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है. राज्य के 25 कलेक्टर बदले गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव को छोड़कर करीब सभी अधिकारियों को बदल दिया गया है. इसे सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।  आईएएस टीना डाबी का बाड़मेर से सचिन पायलट के इलाके टोंक में कलेक्टर पद पर तबादला हुआ है. टीना की बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बनाया गया है।  राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर एक साथ तबादले कम ही देखने को मिलते हैं।  जयपुर में संदेश नायक को कलेक्टर बनाया गया है, जबकि टोंक की जिम्मेदारी टीना डाबी को सौंपी गई है. उदयपुर में गौरव अग्रवाल और बीकानेर में निशांत जैन को तैनात किया गया है. करौली में अक्षय गोदारा और जोधपुर में आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गई है।  जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, बाड़मेर में चिनमयी गोपाल, प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी और सीकर में आशीष मोदी को कलेक्टर बनाया गया है. फलौदी में अंकित कुमार सिंह और बारां में बाल मुकुंद असावा को पोस्टिंग मिली है।  श्रीगंगानगर में अमित यादव, चित्तौड़गढ़ में मंजू, पाली में रविन्द्र गोस्वामी और सिरोही में रोहिताश्व सिंह तोमर को नियुक्त किया गया है. बूंदी में हरफूल सिंह यादव, डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा और नागौर में देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।  दौसा में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश, सलूंबर में मुहम्मद जुनैद पीपी, डूंगरपुर में देशल दान और डीग में मयंक मनीष को कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, करौली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

बस्तर में नक्सलवाद पर बड़ी सफलता: टॉप नक्सल लीडरों का एनकाउंटर, हथियारों के साथ सरेंडर, ये हैं 5 कारण

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है। सुरक्षाबल के जवानों ने डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले ही नक्सलियों के कई टॉप लीडरों का एनकाउंटर किया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर के कारण जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल कैंप की स्थापना से जवानों को इस मिशन में बड़ी मदद मिली है। बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में स्थानीय लोगों का साथ मिला। इसके साथ ही रणनीति बनाई गई थी कि फोर्स की पहुंच उन इलाकों में होनी चाहिए जो हार्डकोर नक्सली माने जाते हैं। जिसके बाद सुरक्षा कैंप की स्थापना पर फोकस किया गया। कैंप की स्थापना से स्थानीय लोगों से संवाद आसान हुआ इसके साथ की नक्सलियों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखी गई। जिस कारण से नक्सलवाद के खिलाफ जीत मिली है। हार्डकोर नक्सली इलाके में फोर्स की पहुंच बस्तर संभाग में 2025 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ क्षेत्र की जनता से संवाद के मकसद से 58 नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना की गई। इसके साथ ही 22 मार्च 2026 तक 15 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए। जिसमें नारायणपुर जिले के हार्डकोर नक्सली इलाका माने जाने वाले जटवर, मदौड़ा, वाड़ापेंदा, कुरूषकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर, दिवालूर, तुमनार। बीजापुर जिले के आदवाड़ा, मुक्कावेली, गुण्डेपुरी, पालसेगुड़ी, सेन्ड्रा, बड़ेगुण्डेम जैसे स्थान पर सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई। ग्रामीणों तक योजनाओं का पहुंचा लाभ बस्तर संभाग के सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ विकास कार्य को भी प्राथमिकता दी गई। नक्सली इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बिजली, बैंक, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराया गया। जिस कारण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने लगा। नक्सलियों के खिलाफ रणनीति के साथ लड़ाई लडी गई। अलग-अलग मोर्चे पर रणनीति तैयार की गई थी। जो गांव नक्सलवाद से मुक्त हो रहे थे वहां, सरकारी योजनाएं पहुंचाकर ग्रामीणों का विश्वास हासिल किया गया। सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज नक्सलियों के सरेंडर से संगठन कमजोर बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे के लिए नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी कैडरों को सरेंडर के लिए प्रेरित किया गया। इसके लिए 'पूना मारगेम' अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत 2025 में 1573 और 2026 में 373 माओवादियों ने सरेंडर किया है। जिस कारण से नक्सली संगठन को झटका लगा। वहीं, 2024 में 792 माओवादियों ने हिंसा त्यागकर सरकार की नीतियों का साथ दिया और समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं। बड़े नक्सलियों का एनकाउंटर नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने टॉप नक्सली लीडरों को टारगेट किया। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने बसवाराजू, माड़वी हिडमा जैसे नक्सलियों का एनकाउंटर किया। जिसके बाद से नक्सली संगठन कमजोर होता गया। नक्सल संबंधी घटनाओं का विवरण साल 2024 साल 2025 साल 2026 (22 मार्च तक) मुठभेड़ में मारे गए नक्सली 217 256 26 गिरफ्तार नक्सली 929 898 94 नक्सलियों द्वारा बरामद हथियार 286 677 237 सरेंडर करने वाले नक्सली 792 1573 373 बरामद किए गए आईईडी विस्फोटक 308 894 220 हथियार के साथ सरेंडर से झटका माओवादी संगठनों को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ सरेंडर किया। बस्तर संभाग में पुलिस ने नक्सली मुठभेड़, माओवादियों द्वारा डम्प किये गये हथियार एवं पूना मारगेम के तहत सशस्त्र माओवादियों द्वारा हिंसा त्यागकर समाज के मुख्यधारा में शामिल होनों से नक्सली संगठन को झटका लगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ प्रभावी पालन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन 375 करोड़ रुपए की राशि 600 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के खातों की अंतरित सोमवार को मुख्यमंत्री ने 250 इकाइयों को किए थे 169.50 करोड़ अंतरित एमएसएमई मंत्री काश्यप ने मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए किया आभार व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपए की राशि आज ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी।एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया । एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।  

मध्यप्रदेश पुलिस में बैंड के 679 आरक्षक पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। इन पदों पर नियुक्ति हेतु इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी दिनांक 05 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन हेतु एमपी ऑनलाइन की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट mppolice.gov.in पर भी उपलब्ध है, जहाँ भर्ती से संबंधित नियम, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक निर्देश देखे जा सकते हैं।