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बड़ी वारदात टली: ATM लूट की योजना बना रहे पांच आरोपी गिरफ्तार, नकदी बरामद

मानसा. पंजाब के मानसा में उपमंडल सरदूलगढ़ के कस्बा झुनीर में एटीएम चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पंजाब और हरियाणा के युवकों द्वारा बनाई गई सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी किया गया एटीएम और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद करने का दावा किया है। जिला पुलिस प्रमुख भागीरथ सिंह मीणा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 31 मार्च की रात अज्ञात आरोपितों ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक बैंक के एटीएम का शटर तोड़कर मशीन को उखाड़ लिया था। बैंक अभिलेखों के अनुसार, एटीएम में उस समय 33 लाख 28 हजार रुपये की राशि मौजूद थी। इस संबंध में थाना झुनीर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान आरोपितों की पहचान कर उन्हें काबू किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में तीन पटियाला जिले, एक हरियाणा के सोनीपत और एक सरदूलगढ़ क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के बाद उनके कब्जे से 20 लाख 60 हजार रुपये की नगदी बरामद की है। वारदात से पहले की रेकी व प्लानिंग पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों ने इस वारदात की योजना पहले से तैयार की थी। वे वारदात से पहले एटीएम की रेकी करते थे और आसपास लगे निगरानी यंत्रों की दिशा को सीमित कर देते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इतना ही नहीं, वे एटीएम के अंदर लगे कैमरों पर भी स्प्रे कर देते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित वारदात के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ी की नंबर प्लेट बदल लेते थे, ताकि पकड़ में न आएं। इसके अलावा वे किसी भी प्रकार के आधुनिक संचार उपकरण का उपयोग नहीं करते थे, जिससे उनकी लोकेशन का पता न लगाया जा सके। एटीएम के हिस्से किए गए बरामद गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने नहर से एटीएम मशीन के हिस्से भी बरामद किए हैं। कुछ आरोपितों के खिलाफ पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपितों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। यह कार्रवाई पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

आधी रात बदले गए दिल्ली के अफसर, कई विभागों में नई पोस्टिंग, प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली दिल्ली में देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है. सरकार के आदेश पर एक साथ 20 से ज्यादा IAS और DANICS अधिकारियों के ट्रांसफर और नई पोस्टिंग की लिस्ट जारी की गई है. इस फेरबदल से साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़ी तैयारी की गई है. इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा दो वरिष्ठ अधिकारियों की हो रही है. पोस्टिंग का इंतजार कर रहे 1989 बैच के IAS नरेंद्र कुमार को दिल्ली का नया फाइनेंशियल कमिश्नर बनाया गया है. वहीं, IAS प्रशांत गोयल को फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही उनके पास पावर और प्रशासनिक सुधार जैसे कई अन्य अहम विभाग भी रहेंगे. इसके अलावा, IAS सौम्या सौरभ को डीएम के साथ स्पेशल सेक्रेटरी का अतिरिक्त चार्ज मिला है, जबकि सोनिका सिंह को डीडीए में स्पेशल सेक्रेटरी बनाया गया है. शिक्षा, जेल और इलेक्शन विभागों में भारी बदलाव इस पूरे फेरबदल का एक बड़ा हिस्सा दानिक्स (DANICS) अधिकारियों से जुड़ा है, जिन्हें शिक्षा, जेल, ट्रांसपोर्ट, रेवेन्यू और इलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. कई अधिकारियों को डिप्टी सेक्रेटरी और असिस्टेंट कमिश्नर के पदों पर तैनात किया गया है. खास बात यह है कि मंत्रियों के दफ्तरों में भी नए चेहरों की एंट्री हुई है. साथ ही, कुछ अधिकारियों को तो विशेष रूप से जनगणना 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तैनात किया गया है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि कुछ पुराने आदेशों में बदलाव किया गया है. खास तौर पर दानिक्स अधिकारी अमित कुमार से जुड़ा एक पुराना ट्रांसफर ऑर्डर रद्द कर दिया गया है. इस पूरे बदलाव को सिर्फ रूटीन ट्रांसफर के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रणनीति है ताकि अलग-अलग विभागों में काम की रफ्तार तेज हो सके. आने वाले समय में जनगणना और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को 'री-सेट' किया गया है. कुल मिलाकर, इस फेरबदल के पीछे एक बड़ी प्रशासनिक सोच काम कर रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में दिल्ली के कामकाज पर दिखेगा.  

मुख्यधारा में लौटे युवा, अब करेंगे मतदान: सुकमा में 116 आत्मसमर्पितों को मिला मतदाता अधिकार

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य,  विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है। सरकार की नीति से बदली जिंदगी जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है। कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।

बजट और सरकारी खर्च पर रहेगी पैनी नजर, जनलेखा और प्राक्कलन समितियों में पक्ष-विपक्ष के दिग्गजों को मिली जगह

जयपुर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चार प्रमुख वित्तीय समितियों का गठन किया है। इनमें जनलेखा समिति, प्राक्कलन समिति ‘क’, प्राक्कलन समिति ‘ख’ और राजकीय उपक्रम समिति शामिल हैं। इन सभी समितियों का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक रहेगा। जनलेखा समिति में अनिता भदेल, अर्जुन लाल जीनगर, प्रमोद जैन “भाया”, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, अजय सिंह, रामकेश, चन्द्रभान सिंह चौहान, डॉ. सुरेश धाकड़, रफीक खान, रोहित बौहरा, गुरुवीर सिंह और गोपाल शर्मा को सदस्य बनाया गया है। प्राक्कलन समिति ‘क’ में प्रताप सिंह सिंघवी, शांति धारीवाल, समाराम, हरेंद्र मिर्धा, छोटूसिंह, अर्जुन लाल, जीवाराम चौधरी, सुरेश मोदी, अमित चाचाण, मनोज कुमार (सादुलपुर) और विश्वराज सिंह मेवाड़ को शामिल किया गया है। प्राक्कलन समिति ‘ख’ में पुष्पेंद्र सिंह, शंकरसिंह रावत, गोविंद सिंह डोटासरा, हमीर सिंह भायल, पब्बाराम विश्नोई, समरजीत सिंह, मनोज कुमार (सुजानगढ़), अमीन कागजी, डॉ. सुभाष गर्ग और अरुण चौधरी को सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं राजकीय उपक्रम समिति में डॉ. दयाराम परमार, श्रवण कुमार, संजीव कुमार, हरिमोहन शर्मा, रीटा चौधरी, यूनुस खान, गोपाल लाल शर्मा, शत्रुधन गौतम, गोरधन, ललित मीना, अनिल कुमार शर्मा और डॉ. शैलेश सिंह को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। इस समितियों के क्या काम होते हैं- 1. जनलेखा समिति (Public Accounts Committee – PAC)     सरकार के खर्च की जांच करती है     CAG (कैग) की रिपोर्टों की समीक्षा करती है     यह देखती है कि पैसा नियमों के अनुसार खर्च हुआ या नहीं     गड़बड़ी मिलने पर जवाबदेही तय करती है 2. प्राक्कलन समिति ‘क’ और ‘ख’ (Estimates Committees)     सरकारी विभागों के बजट (अनुमान) की जांच करती हैं     यह सुझाव देती हैं कि खर्च कैसे कम और प्रभावी हो सकता है     योजनाओं की उपयोगिता और कार्यक्षमता का मूल्यांकन करती हैं     सरकार को सुधार के लिए सिफारिशें देती हैं       3. राजकीय उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings)     सरकारी कंपनियों और उपक्रमों के कामकाज की समीक्षा करती है     उनके वित्तीय प्रदर्शन और प्रबंधन की जांच करती है     घाटे या अनियमितताओं पर सवाल उठाती है     सुधार और बेहतर संचालन के सुझाव देती है  

पिंकसिटी में शादियों की चकाचौंध से पायलटों को परेशानी, 5 किलोमीटर के दायरे में ‘नो लेजर जोन’ घोषित

जयपुर पिंकसिटी के आसमान में अब शादियों और पार्टियों वाली लेजर लाइटें विमानों की राह में रोड़ा नहीं बन पाएंगी। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने हवाई सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। एयरपोर्ट के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में अब लेजर लाइट या किसी भी तरह की तीव्र रोशनी का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विमानों के लिए 'खतरा' बनी चकाचौंध जयपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार ने बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए। जांच में सामने आया कि एयरपोर्ट के पास स्थित मैरिज गार्डन, होटल और क्लबों में होने वाले आयोजनों में अक्सर बेहद पावरफुल लेजर लाइट्स का उपयोग किया जाता है। इन लाइट्स की रोशनी आसमान में कई किलोमीटर ऊपर और काफी दूर तक जाती है। जब कोई विमान लैंडिंग या टेक-ऑफ की प्रक्रिया में होता है, तो ये किरणें पायलट की आंखों में सीधे चकाचौंध पैदा करती हैं। इससे न केवल पायलट का ध्यान भटकता है, बल्कि विमान के संचालन में गंभीर तकनीकी परेशानी और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। 7 जून तक 'नो लेजर जोन' पुलिस प्रशासन ने इस प्रतिबंध को 7 जून तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। आदेश के मुताबिक-     दायरे में कौन: सांगानेर एयरपोर्ट के चारों ओर 5 किलोमीटर का इलाका।     प्रभावित प्रतिष्ठान: इस दायरे में आने वाले लगभग 10 बड़े क्लब और होटल के साथ ही 20 से अधिक मैरिज गार्डन पर यह पाबंदी लागू होगी।     सख्ती: यदि कोई संचालक इन आदेशों की अवहेलना करते हुए लेजर लाइट का उपयोग करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध पुलिस नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी शादियों के सीजन में प्रशासन का अलर्ट चूंकि अभी शादियों और समारोहों का सीजन चल रहा है, ऐसे में गार्डन संचालक और इवेंट मैनेजर अक्सर ग्राहकों को लुभाने के लिए भव्य लेजर शो का आयोजन करते हैं। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि सभी संचालक यह सुनिश्चित करें कि रोशनी केवल उनके परिसर के भीतर और जमीन की ओर रहे, आसमान की तरफ कोई भी बीम न छोड़ी जाए। एयरपोर्ट अथॉरिटी और पायलटों की ओर से बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने यह 'सुरक्षा कवच' तैयार किया है। अब परकोटा और आसपास के इलाकों में होने वाली पार्टियों की चकाचौंध विमानों की सुरक्षित उड़ान में खलल नहीं डाल सकेगी।  

एमसीबी : जंगल की जमीन को निजी बताकर बेचने का मामला, प्रशासन सख्त

एमसीबी : जंगल की जमीन को निजी बताकर बेचने का मामला, प्रशासन सख्त बेलबहरा की विवादित भूमि पर खरीदी-बिक्री सहित सभी गतिविधियों पर रोक एमसीबी कलेक्टर जनदर्शन में आई शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बेलबहरा की एक विवादित भूमि पर सभी प्रकार के लेन-देन और निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार ग्राम बेलबहरा तहसील मनेन्द्रगढ़ स्थित खसरा नंबर 62 जिसका पुराना खसरा नंबर 32 जो वर्ष 1944-45 के राजस्व रिकॉर्ड में “छोटे झाड़ का जंगल” के रूप में दर्ज थी। आरोप है कि वर्ष 1980-81 में बिना किसी वैधानिक आदेश के इसे रामसुभग के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं को भूमि आबंटित होना बताकर शासकीय अनुमति प्राप्त की गई और भूमि का विक्रय भी कर दिया गया। इस पूरे मामले को शिकायत के माध्यम से कलेक्टर जनदर्शन में उठाया गया। इस भूमि की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेन्द्रगढ़ को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं जांच में सामने आया कि भूमि विक्रय की अनुमति लेते समय महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई। जांच प्रतिवेदन में भूमि को पुनः शासकीय मद में दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। प्रकरण दर्ज, अंतिम निर्णय तक सख्ती अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के 20 मार्च 2026 के प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जब तक मामले का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि पर सख्त प्रतिबंध लागू रहेंगे। इन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक – खरीदी-बिक्री, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन अन्य किसी भी प्रकार की राजस्व कार्रवाई। निर्माण कार्य भी प्रतिबंधित – प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य भी नहीं किया जा सकेगा। उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई – प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मोहला : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिले में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक अभियान

मोहला : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिले में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक अभियान  लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन मोहला  आकांक्षी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विविध कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। विकासखंड स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग आईसीडीएस ने समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाई।           कुटुंब अभियान के अंतर्गत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन कर परिवार स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर संवाद स्थापित किया गया।           कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीकाकरण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण की आवश्यकता को समझाते हुए लोगों को इससे जुडऩे के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा कुपोषण से बचाव, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान के तहत रैली, समूह चर्चा, परामर्श सत्र और व्यवहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।  जिससे आमजन को सरल और प्रभावी तरीके से स्वास्थ्य संबंधी संदेश समझाए जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से घर-घर संपर्क कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस पूरे आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर तथा एबीपी फेलो सविता साहू सहित सभी स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।            विभागीय अधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ती है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता भी विकसित होती है। संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की योजना है, ताकि जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त और जागरूक बनाया जा सके।

लेबनान में हवाई हमलों से हाहाकार, मिया खलीफा ने पूछा- कब रुकेगा यह दर्द?

बेरूत पोर्न स्टार रह चुकीं लेबनानी-अमेरिकी मीडिया पर्सनालिटी मिया खलीफा ने लेबनान में बढ़ती हिंसा पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर कर वहां के हालात को बहुत डरावना और परेशान करने वाला बताया. मिया कहते हुए रो पड़ीं कि ये सिचुएशन बेहद चिंताजनक है. हमने अपनी आंखों से हमले होते देखे हैं. उन्होंने इसे सीधे तौर पर आतंकवाद से भी जोड़ा।  जंग रोकने की भावुक अपील मिया ने एक वीडियो शेयर किया जहां वो अपनी बेबसी जताती दिखीं. वो बोलते हुए बहुत भावुक हो गईं और आंसू भी बहते दिखाई दिए. वीडियो पोस्ट कर मिया ने कैप्शन में लिखा- ये दो देशों के किए गए आतंकवाद से कम नहीं है, जिनके युद्ध अपराध एक-दूसरे की बराबरी करते हैं. अमेरिका और इजराइल आतंकवादी और फासीवादी राज्य हैं, और एक दिन दोनों के लिए द हेग (इंटरनेशनल केसेज की जगह) में मुकदमे उनका इंतजार कर रहे हैं।  मिया खलीफा ने हमलों की गंभीरता को बताते हुए कहा कि- सिर्फ 10 मिनट में करीब 160 एयर स्ट्राइक की खबरें सामने आई हैं. उनके मुताबिक, इन हमलों में सिर्फ सैन्य ठिकानों को ही नहीं, बल्कि आम लोगों के घर, स्कूल और अस्पताल भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. उन्होंने ये भी दावा किया कि कब्रिस्तान और अंतिम संस्कार जैसी जगहें भी इससे अछूती नहीं रहीं, जो हालात की खौफनाक हालत को दिखाता है।  लेबनान की हैं मिया खलीफा मिया ने वीडियो में आगे कहा कि ये मामला उनके लिए बेहद व्यक्तिगत है, क्योंकि लेबनान उनका अपना देश है. उन्होंने बताया कि एक तरफ वो अपने देश में हो रही हिंसा को देख रही हैं, वहीं दूसरी तरफ वो ऐसे ग्लोबल सिस्टम का हिस्सा भी हैं, जिसे वो इस स्थिति के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार मानती हैं।  मिया ने दुनिया से सवाल करते हुए कहा कि- आज इंसान अंतरिक्ष में तरक्की कर रहा है, लेकिन युद्ध रोकने में अभी भी असफल है. उन्होंने ये भी माना कि कई बार वो खुद को बेबस महसूस करती हैं, लेकिन फिर भी वो अपनी आवाज के जरिए लोगों तक सच्चाई पहुंचाना चाहती हैं।  वीडियो के आखिर में उन्होंने लेबनान के लोगों के लिए अपना समर्थन जताया और पूछा-आखिर ये सब कब रुकेगा?

कांग्रेस ने अजित पवार के सम्मान में उम्मीदवारी वापस ली, सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत पक्की

मुंबई  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव नहीं लड़ेगी, जहां से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के मृत्यु के बाद चुनाव मैदान में हैं। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की बृहस्पतिवार को अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा- अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी। शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे। क्या बोले थे शरद पवार? पवार ने कहा- कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते। हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई। अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा। अजित पवार की पत्नी एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है। हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया। सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की। उन्होंने कहा- अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।" रोहित पवार ने किया था अनुरोध इससे पहले, राकांपा (शप) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके। रोहित पवार ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।" सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले। कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सुनेत्रा पवार के बेटे ने कांग्रेस पर साधा था निशाना पवार की मृत्यु के कारण ही बारामती में उपचुनाव जरूरी हो गया है। चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की। रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।" सुनेत्रा पवार और कांग्रेस के आकाश मोरे सहित कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। राकांपा (शप) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। बारामती विमान दुर्घटना की लगातार उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे रोहित पवार ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आज दिल्ली में मौजूद सुनेत्रा पवार केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलेंगी और मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगी।" भाजपा ने दी थी चेतावनी शरद पवार नीत राकांपा (शप) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने राकांपा अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। बावनकुले ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।" एक अन्य सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि असम और केरल में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन इस बार अधिक मजबूत होगा। असम, केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को एक ही चरण में मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाएंगे।

राधा चरण साह के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर चुनाव का एलान, 14 मई को आएंगे नतीजे

 पटना   बिहार विधान परिषद की भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज गया है. इलेक्शन कमीशन ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी. इस सीट पर 12 मई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 14 मई को मतों की गिनती होगी. यह सीट 16 नवंबर 2025 से खाली है. पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व जदयू नेता राधा चरण साह कर रहे थे. लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें यह सीट छोड़नी पड़ी. उनका कार्यकाल 7 अप्रैल 2028 तक था, लेकिन समय से पहले सीट खाली हो गई. चुनाव का पूरा शेड्यूल निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार     16 अप्रैल: अधिसूचना जारी     23 अप्रैल: नामांकन की अंतिम तिथि     24 अप्रैल: नामांकन पत्रों की जांच     27 अप्रैल: नाम वापसी की आखिरी तारीख     12 मई: मतदान     14 मई: मतगणना लागू हुई आचार संहिता, बढ़ी सियासी हलचल चुनाव की घोषणा के साथ ही भोजपुर और बक्सर क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो गई है. इसके बाद से ही इलाके में पॉलिटिकल एक्टिविटीज तेज हो गई हैं. सभी दल इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं. NDA फिर से जीत का कर रहा दावा इस सीट पर पहले जदयू का कब्जा था, जो एनडीए गठबंधन का हिस्सा है. ऐसे में एनडीए एक बार फिर इस सीट को अपने पास बनाए रखने का दावा कर रहा है. वहीं विपक्ष भी इस मौके को भुनाने की तैयारी में है, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है. 27 वोट से जीती थी विधानसभा चुनाव राधा चरण साह ने 2025 के विधानसभा चुनाव में संदेश सीट से जदयू के टिकट पर जीत दर्ज की थी. उन्होंने राजद उम्मीदवार दीपू सिंह को महज 27 वोटों के अंतर से हराया था. इस चुनाव में राधा चरण साह को 80,598 वोट मिले थे. यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और पूरे राज्य में इसकी काफी चर्चा हुई थी. सियासी मुकाबला होगा दिलचस्प भोजपुर-बक्सर की यह सीट स्थानीय निकाय से जुड़ी होने के कारण यहां का चुनाव समीकरण अलग होता है. ऐसे में सभी पार्टियां अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गई हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस उपचुनाव में कौन बाजी मारता है और किसके खाते में यह सीट जाती है.