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बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में हुंकार: एसपी रत्ना सिंह की सख्त चेतावनी, समाज ने लिया बदलाव का संकल्प

बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में हुंकार: एसपी रत्ना सिंह की सख्त चेतावनी, समाज ने लिया बदलाव का संकल्प मनेन्द्रगढ़/एमसीबी “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत जनकपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया। एकीकृत बाल विकास परियोजना भरतपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी रहीं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, जिन्होंने थाना परिसर जनकपुर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बाल विवाह को समाज पर लगा एक गंभीर कलंक बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कुप्रथा बच्चों के अधिकारों का हनन करती है और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा व भविष्य को गहरे संकट में डाल देती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, युवाओं और जागरूक नागरिकों से एकजुट होकर इस बुराई को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। सामुदायिक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। चाइल्डलाइन टीम, परियोजना अधिकारी और थाना प्रभारी ने संवादात्मक सत्र के जरिए लोगों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें जागरूक किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य और जिला पंचायत सदस्य अनीता चौधरी ने भी अपने विचार रखते हुए बाल विवाह रोकने में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने समाज के हर वर्ग से सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में आईटीआई और शासकीय नवीन कॉलेज के छात्र-छात्राओं, महिलाओं, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में उभरा।

जल गुणवत्ता निगरानी को मिली मजबूती: जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफल

जल गुणवत्ता निगरानी को मिली मजबूती: जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। विकासखंड खड़गवां के ग्राम पंचायत पेंड्री, बोडेमुड़ा, रतनपुर, कोचका, बेल्कामर, गिधमुड़ी, लकरापारा, कटकोना, मंगोरा एवं उधनापुर में चरणबद्ध रूप से आयोजित इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में जल वाहिनियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। पानी में मौजूद रासायनिक एवं भौतिक तत्वों की पहचान, मानकों का परीक्षण और परिणामों के विश्लेषण की विधियों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, नियमित जांच के जरिए जल स्रोतों की सतत निगरानी के महत्व को भी समझाया गया। विशेषज्ञों ने डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी जल जनित बीमारियों के खतरों और उनके बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। जल वाहिनियों को अपने-अपने गांवों में स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। कार्यक्रम में व्यवहारिक प्रशिक्षण को प्रमुखता दी गई, जिसमें प्रतिभागियों ने स्वयं FTK किट से जल परीक्षण कर अपनी दक्षता बढ़ाई। साथ ही, जल गुणवत्ता रजिस्टर संधारण, परीक्षण रिपोर्ट तैयार करने और WQMIS पोर्टल पर डेटा एंट्री की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जल वाहिनियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हो रही है और वे ग्रामीण स्तर पर जल गुणवत्ता निगरानी में अहम भूमिका निभा रही हैं। भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल तकनीकी सशक्तिकरण का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

AI के क्षेत्र में कदम रखने वाली जूते बेचने वाली कंपनी, स्टॉक में 870% का उछाल

 नई दिल्‍ली एक कंपनी अपना काम बदलने जा रही है. इस ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में रिकॉर्डतोड़ उछाल देखी गई है. देखते ही देखते कंपनी के शेयर  870% चढ़ चुका है. यह कंपनी कल तक जूते बेच रही थी, लेकिन अचानक इसने अपना बिजनेस बदल दिया है और कहा है कि वह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रख रही है।  इस ऐलान के बाद इसके शेयर एक टेक कंपनी की तरह वैल्‍यू दिखाने लगे. 15 अप्रैल 2026 की रात शेयर ने धुंआधार तेजी दिखाई, जिसे देखकर बड़े-बड़े निवेशक भी हैरान दिखाई दिए.  यह शेयर सिर्फ कुछ मिनटो में 400 फीसदी और आखिरी घंटे तक आते-आते 800 फीसदी से ज्यादा चल गया।  कुछ ही दिनों में इस शेयर ने शानदार तेजी दिखाई है. बुधवार को यह शेयर अमेरिकी बाजार में 6.82 डॉलर पर खुला और जैसे ही कंपनी ने अपने बिजनेस रणनीति को साफ किया, कुछ ही घंटों में शेयर 24.3 डॉलर तक पहुंच गया. यह ओपनिंग प्राइस से 870 फीसदी की उछाल थी।  इसे ऐसा भी कह सकते हैं कि कुछ ही घंटे में इस शेयर ने 9 गुना से ज्‍यादा का रिटर्न दिया. आखिर में यह शेयर 16.99 डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 582% की वन डे उछाल थी. कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 176 मिलियन डॉलर पहुंच गया।  किस कंपनी ने किया ये कमाल  यह कंपनी ऑलबर्ड्स है, जिसने ऐलान किया कि वह अब खुद को NewBird AI के तौर पर रीब्रैंड करने जा रही है. साथ ही ये कंपनी एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में काम करेगी. कंपनी का यह फैसला अचानक नहीं आया, बल्कि कंपनी ने मार्च 2026 के आखिरी में अपना जूते वाला बिजनेस 39 मिलियन डॉलर में अमेरिकन एक्‍सचेंज ग्रुप को बेच दिया था, जिसका मतलब था कि कंपनी अपने पुराने बिजनेस से बाहर निकल रही थी. हालांकि अब उसने पूरी तरह से बिजनेस बदल चुका है।  गौरलब है कि इस कंपनी के शेयरों में ऐसे समय में तेजी आई है, जब ग्‍लोबल सेंटिमेंट बदल रहे हैं. ईरान और अमेरिका जंग को खत्‍म करने को लेकर बातचीत करने जा रहे हैं. ऐसे में शेयर बाजार का नजरिया बदला है और निवेशक अच्‍छा दाव लगा रहे हैं। 

इंदिरापुरम के कनावनी में आग का तांडव, 4 घंटे की मशक्कत के बाद काबू

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी इलाके में गुरुवार दोपहर एक भयावह आग की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। खाली प्लॉट पर बनी करीब 125 झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब 200 मीटर दूर तक उनकी तपिश महसूस की गई। इस हादसे में 50 से अधिक छोटे-बड़े गैस सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कई परिवारों के आशियाने जलकर राख हो गए और करीब 125 परिवार बेघर हो गए। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने बच्चों व सामान की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। 200 मीटर तक महसूस हुई आग की तपिश आग इतनी भीषण थी कि उसकी गर्मी और लपटें दूर-दूर तक महसूस की जा रही थीं। लगातार एक के बाद एक 50 से अधिक गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिसकी आवाजें आसपास के इलाकों तक सुनाई दीं। धमाकों के चलते स्थिति और भी भयावह हो गई और लोग जान बचाने के लिए झुग्गियों से बाहर निकलकर भागने लगे। 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए मेट्रोसिटी, लोनी और गौतमबुद्ध नगर से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। कुल मिलाकर 22 फायर टेंडर्स की मदद से करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। झुग्गी बस्ती में मचा हाहाकार, लोग बच्चों को खोजते रहे कनावनी गांव के किनारे टिन शेड से बनी इस बस्ती में हजारों लोग अपने परिवारों के साथ रहते हैं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने बच्चों, बुजुर्गों और जरूरी सामान को ढूंढते नजर आए। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, लेकिन तब तक उनका घर और सामान पूरी तरह जल चुका था। 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना घटना के दौरान शुरुआती सूचना में 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की बात सामने आई थी, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और किसी के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है। नोएडा तक दिखा धुएं का गुबार आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धुएं का विशाल गुबार दूर नोएडा तक दिखाई दिया। आसपास के इलाकों में भी धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। जांच में जुटी टीम, आग के कारणों की तलाश जारी फायर विभाग और पुलिस प्रशासन ने आग पर काबू पाने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने की है।  

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा का दीक्षांत समारोह उत्सव आयोजित

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा द्वारा आयोजित किया गया दीक्षांत समारोह उत्सव भोपाल  शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा के BAMS बैच 2019 का तथा MD बैच 2022 दीक्षांत समारोह ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के दरबार सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सभी छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र, पदक प्रदान कर आशीर्वाद प्रदान किया उनके उज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा आने वाला कल आयुर्वेद का है। स्वस्थ भारत की कल्पना आयुर्वेद के बिना नही की जा सकती। मध्यप्रदेश सरकार आयुर्वेद के विकास के लिए संकल्प बद्ध है। कार्यक्रम मे 65 स्नातक एवं 4 स्नातकोत्तर कनिष्ठ चिकित्सकों के दीक्षांत समारोह मे मेधावी छात्रों डॉ. शालिनी शुक्ला, डॉ. अनुष्का सहाय, डॉ सुशांत तिवारी का सम्मान किया गया! बिशिष्ट अतिथि श्रीमती अर्पिता अवस्थी प्राचार्या टीआरएस कॉलेज, विशिष्ट अतिथि श्रीमान व्यंकटेश पांडेय माननीय अध्यक्ष नगर निगम रीवा, राजगोपालाचारी मिश्र जी, इंजी विवेक दुबे जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ दीपक कुलश्रेष्ठ द्वारा स्वागत भाषण के साथ छात्रों को चरक शपथ दिलाई गयी। दीक्षांत समारोह संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश व्दिवेदी ने अंत में सभी अतिथिगणों, अधिकारियों, अभिभावकों,छात्र छात्राओं एवम कर्मचारियों का आभार का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन डॉ. रामरक्षा शुक्ला एवम डॉ अर्चना सिंह व्दारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. उषा दुबे, डॉ. प्रभंजन आचार्य, डॉ. नारायण तिवारी, डॉ. जिनेश जैन, डॉ. संजीव खुजे, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. लोकेश, डॉ निशा, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डॉ. प्रीतू तिवारी, डॉ नीलेश पटेल, डॉ. पवन गर्ग, डॉ. राजीव, डॉ. अरविंद, डॉ. ओ.पी. शुक्ला उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन छात्राओं द्वारा वंदे मातरम से किया गया।  

GT vs KKR अहमदाबाद में फिर बरसेंगे रन, जानें किसे मिलेगा फायदा

अहमदाबाद GT vs KKR Pitch Report: गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2026 का पहला मैच आज यानी शुक्रवार, 17 अप्रैल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। GT vs KKR मैच 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -शुभमन गिल और अजिंक्य रहाणे- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। पहले दो मैच हारकर जीत के ट्रैक पर लौट चुकी जीटी की नजरें आज कोलकाता के खिलाफ अपनी जीत की हैट्रिक पूरी करने पर होगी। वहीं रहाणे की अगुवाई वाली केकेआर 4 मैच हारने के बाद जीत का खाता खोलना चाहेगी। आईए एक नजर GT vs KKR पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- GT vs KKR पिच रिपोर्ट अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में यह आईपीएल 2026 का दूसरा मैच खेला जाएगा। पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स से हुई थी। इस मैच में कुल 414 रन बने थे, जीटी को 6 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। दोनों टीमें 200 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रही थी। उम्मीद है कि GT vs KKR मैच भी एक हाईस्कोरिंग मुकाबला होगा। टॉस जीतने वाला कप्तान पहले फील्डिंग चुन सकता है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 45 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 23 (51.11%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 22 (48.89%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 21 (46.67%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 24 (53.33%) हाईएस्ट स्कोर- 243/5 लोएस्ट स्कोर- 89 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 204/3 एवरेज रन पर विकेट- 28.77 एवरेज रन पर ओवर- 9.00 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 177.96 GT vs KKR हेड टू हेड गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल में अभी तक 5 ही मैच खेले गए हैं, जिसमें से 3 मैच जीतकर जीटी ने बढ़त बनाई हुई है। कोलकाता को इस दौरान 1 ही जीत मिली है, वहीं एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया। जिस खराब फॉर्म में केकेआर इस सीजन चल रही है उसे देखकर कहा जा सकता है कि गुजरात अपनी बढ़त बढ़ा सकता है। GT vs KKR स्क्वॉड कोलकाता नाइट राइडर्स स्क्वॉड: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कैमरून ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेट कीपर), रोवमन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, फिन एलन, मनीष पांडे, तेजस्वी दहिया, टिम सीफर्ट, नवदीप सैनी, राहुल त्रिपाठी, सार्थक रंजन, रचिन रवींद्र, प्रशांत सोलंकी, ब्लेसिंग मुजरबानी, सौरभ दुबे, दक्ष कामरा, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना गुजरात टाइटन्स स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), वाशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, अशोक शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा, शाहरुख खान, मानव सुथार, जेसन होल्डर, कुलवंत खेजरोलिया, अनुज रावत, निशांत सिंधु, गुरनूर बराड़, अरशद खान, कुमार कुशाग्र, टॉम बैंटन, रविश्रीनिवासन, साई किशोर, ल्यूक वुड, जयंत यादव, इशांत शर्मा

छत्तीसगढ़ में पहुंची झारखंड आवास बोर्ड की टीम, आवासीय योजनाओं और प्रक्रियाओं का करेगी अवलोकन

रायपुर झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम अध्ययन प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंची है। यह दल 15 से 18 अप्रैल 2026 तक राज्य में प्रवास कर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय योजनाओं, नियमों, प्रक्रियाओं और नवाचारों का विस्तृत अध्ययन करेगा। आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अध्ययन दल को योजनाओं, नीतियों और कार्यप्रणाली से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी ने तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली एवं आईटी आधारित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। वहीं मुख्य लेखा अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा शुक्ला ने वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उपायुक्त श्री बी.बी. सिंह एवं कार्यपालन अभियंता श्री संदीप साहू ने भी तकनीकी पहलुओं और कार्यप्रणाली से दल को अवगत कराया। अध्ययन दल को यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रमुख उपलब्धियों में पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपए की 5145 संपत्तियों का विक्रय, ओटीएस-2 के तहत 174 करोड़ रुपए की 1105 पुरानी संपत्तियों का निस्तारण, आबंटी पोर्टल एवं एआई चैटबोट की सुविधा शामिल है। साथ ही पिछले दो वर्षों में 3050 करोड़ रुपए की लागत से 78 आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत तथा 7 रि-डेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। उल्लेखनीय है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा वर्ष 2000 के अधिनियम में संशोधन या नए कानून के निर्माण के उद्देश्य से इस अध्ययन दल का गठन किया गया है। दल आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक उपयोग को “मिश्रित उपयोग” में परिवर्तित करने की प्रक्रियाओं का भी अध्ययन कर रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों का गठन वर्ष 2000 में हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ में गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय योजनाओं का विस्तार तेजी से किया गया, जिससे आम नागरिकों को किफायती दरों पर पक्के मकान उपलब्ध हो सके हैं।

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए मुख्य सचिव जैन का प्रस्तावित मॉडल

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए तैयार करे व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी मॉडल : मुख्य सचिव जैन मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के रोडमैप के लिए दो दिवसीय संयुक्त परामर्श बैठक में किया जाएगा मंथन भोपाल  मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) एवं सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के रोडमैप के निर्माण एवं कार्यान्वयन के लिए भोपाल में संयुक्त परामर्श बैठक आयोजित हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आयोजित 2 दिवसीय उच्च स्तरीय संयुक्त परामर्श बैठक के प्रथम दिवस में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अशोक बर्णवाल, छत्तीसगढ के स्वास्थ्य सचिव, केंद्र सरकार एवं दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ के मुख्य सचिव विकास शील वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के संयुक्त परामर्श से व्यावहारिक और भविष्योनुमुखी मॉडल तैयार किए जायेंगे। सतत विकास लक्ष्य एवं यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज सुनिश्चित करने के लिए समस्त घटकों पर आधारित 'रोडमैप' तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों से रोडमैप तैयार कर उनका चरणबद्ध क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में सुनिश्चित किया जायेगा। परामर्श बैठक में राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु रणनीतिक रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों राज्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं सूचकांकों की अद्यतन स्थिति एवं विगत वर्षों की कार्ययोजना एवं हुए सुधार पर प्रस्तुत्तीकरण दिया। संयुक्त परामर्श बैठक में वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि, डेवलपमेंट पार्टनर्स, अशोक यूनिवर्सिटी एवं अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।  

महिला आरक्षण कानून 2023 की आधी रात को संसद में महा-बहस के बाद हुई घोषणा, नोटिफिकेशन जारी

नई दिल्ली सरकार ने गुरुवार से 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया।  सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब इस पर संसद में बहस जारी है इस अधिनियम में बदलाव के लिए कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 बजे तक चर्चा चली। आज भी इस पर दिनभर चर्चा होगी और शाम में करीब 4 बजे इस पर वोटिंग होगी। वहीं कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर आगे विचार करते हुए, निम्नलिखित विधेयक लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किए जाएंगे।     संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक      2026 और परिसीमन विधेयक, 2026। गुरुवार की देर रात तक बहस चली महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार की देर रात तक संसद में बहस चली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में बहस जारी है और इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को 16 अप्रैल बृहस्पतिवार से लागू कर दिया है।   केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन यानी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया है?  मौजूदा लोकसभा में नहीं होगा लागू एक सरकारी अधिकारी ने इसे ‘तकनीकी कारणों' से जुड़ा मामला बताया, लेकिन इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून के लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता. अधिकारी के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षण केवल जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा।  'सरकार श्रेय लेना नहीं चाहती' इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे सदन में वोटिंग होगी. संसद में महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर चल रही चर्चा को लेकर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से इसका समर्थन करने की अपील की है. इसके बाद किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं है।  गृह मंत्री अमित शाह ने भी दक्षिण भारत में फैल रही आशंकाओं को आंकड़ों के जरिए दूर किया है. इसके बावजूद अगर कोई विरोध करता है तो वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है. संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और सरकार इसका श्रेय लेना नहीं चाहती।  विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत की है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तीन बार पत्र लिखे गए, जबकि टीएमसी, डीएमके और सपा के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समर्थन की अपील की गई।  महिला आरक्षण पर ये बोले पीएम मोदी  संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जोरदार बहस हुई थी. पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा, 'चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया, उसका हाल बुरा हुआ है. मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी, लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।  प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, महिला आरक्षण पर मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है. सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं. दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा. इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है. 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है. उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी।  प्रियंका ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया. आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी. हम डटकर खड़े हैं।  क्या कहता है सरकार का नोटिफिकेशन कानून मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, 'संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि नियुक्त करती है, जिस दिन उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।  गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है. यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान करता है।  हालांकि, 2023 के कानून के अनुसार यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा होने के कारण 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था. लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार ने इसी उद्देश्य से पेश किया है कि महिला आरक्षण को 2029 से लागू किया जा सके।  क्या है महिला आरक्षण कानून अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार  16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। 2023 के कानून के तहत आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि … Read more

केदारनाथ धाम में बर्फीली चादर के बीच स्नो कॉरिडोर से खुलेंगे कपाट, अब तक 5.96 लाख रजिस्ट्रेशन

भोपाल 22 अप्रैल को बर्फ की चादर के बीच केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यहां श्रद्धालुओं के लिए ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर तैयार किया गया है । केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले धाम के चारों ओर भारी बर्फबारी के कारण लगभग 4-10 फीट (कुछ स्थानों पर 18 फीट तक) बर्फ की मोटी चादर जम गई है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और मजदूर मिलकर युद्धस्तर पर बर्फ काटकर मंदिर परिसर और पैदल मार्ग को तैयार करने में लगे हुये हैं। बर्फ की चादर में व्यवस्थाओं का खास ध्यान रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने बातचीत में बताया कि 100 से ज्यादा श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए रास्ता तैयार किया जा सके। बर्फ की मोटी परतें अभी भी चुनौती प्रस्तुत कर रही हैं। मंदिर परिसर और आसपास 2 से 3 फीट बर्फ जमी हुई है। पहले ये 4 से 5 फीट थी, लेकिन अब धीरे-धीरे कम हो रही है। ग्लेशियरों की चुनौती, लेकिन तैयारी पूरी गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर कई जगह ग्लेशियर टूटकर गिर गए हैं। इन क्षेत्रों में 3 से 4 प्रमुख ग्लेशियर पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। थारू और चोराबारी ग्लेशियरों का टूटना मुश्किलें ला रहा है, लेकिन मजदूरों ने इन 8 से 10 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया है। श्रद्धालुओं को इस अद्भुत अनुभव का गवाह बनने का मौका मिलेगा। दर्शनों में कोई पाबंदी नहीं कई बार बर्फबारी के बाद यात्रियों की संख्या पर पाबंदी लगने की अफवाहें उठती हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर स्पष्ट कर दिया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है, और धाम में इनकी आपूर्ति शुरू हो गई है। हेलीकॉप्टर सेवा में बाधा नहीं हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ कर दी गई है, जिससे हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। इस बार की यात्रा पिछले साल की अपेक्षा पहले शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालु 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। धार्मिक परंपराओं का रहेगा पालन मंदिर की सफाई से लेकर कपाट खुलने की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाएगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। इस वर्ष की यात्रा का समय पिछले साल की तुलना में पहले होगा। बर्फबारी का अद्भुत नजारा विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक बर्फ का पिघलना सामान्य है, लेकिन इस बार मौसम भिन्न है। 2023 के बाद ऐसा भारी बर्फबारी का दृश्य श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं, जो पिछले साल के आंकड़ों के करीब है। थारू-चोराबारी ग्लेशियर काटकर रास्ता बनाया गया विभागीय अधिकारियों के अनुसार, थारू और चोराबारी जैसे ग्लेशियरों के टूटकर रास्ते में आने से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। यहां बर्फ की ऊंचाई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई थी। मजदूरों ने इंसानी कद से भी ऊंची इन बर्फ की दीवारों को काटकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया है। जब श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरेंगे, तो उनके दोनों तरफ 8-9 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें होंगी, जो एक अद्भुत अनुभव होगा। कपाट खुलने से पहले पूरी होंगी तैयारियां डीएम ने बताया कि यात्रा की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यू (लाइन को व्यवस्थित तरीके से संभालना) मैनेजमेंट के साथ ही सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केदारनाथ का मुख्य पहुंच मार्ग अब पूरी तरह से साफ करा दिया गया है। इस भारी बर्फ को हटाने और मार्ग को सुचारू करने के लिए 100 से अधिक अनुभवी मजदूरों को लगाया गया है। अब सिर्फ मंदिर परिसर के पास जमी बर्फ को हटाने का काम अंतिम चरण में है। बाबा केदार की पंचमुखी डोली के धाम पहुंचने से पहले मंदिर, परिक्रमा स्थल भी पूरी तरह बर्फ से साफ हो जाएगा। श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं अक्सर भारी बर्फबारी के बाद यह अफवाहें उड़ने लगती हैं कि शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या सीमित की जाएगी, लेकिन प्रशासन ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं की गई है। बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हुई बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। धाम में बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति शुरू हो गई है। हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अच्छी खबर है। केदारनाथ स्थित हवाई पट्टी (हेलीपैड) से पूरी बर्फ साफ कर दी गई है। अब हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में कोई बाधा नहीं है। धार्मिक परंपराओं और शेड्यूल में बदलाव नहीं भारी बर्फबारी के बावजूद मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर के सफाई अभियान से लेकर कपाट खुलने के तय मुहूर्त और शेड्यूल में कोई परिवर्तन नहीं होगा। पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही यात्रा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। 2023 के बाद फिर दिखेगा ऐसा अद्भुत नजारा विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर पर अप्रैल के अंत तक केदारनाथ में बर्फ काफी हद तक पिघल जाती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग है। कपाट खुलने के समय इतनी भारी बर्फबारी का नजारा 2023 के बाद फिर देखने को मिल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हिमालय के बीच बाबा केदार के दर्शन का खास अनुभव मिलेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 5.96 … Read more