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IMF ने कहा: भारत दोगुनी गति से बढ़ रहा है, पाकिस्तान को कर्ज देने वाले देश का हाल

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के बाद भी भारत की ग्रोथ का IMF यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष अनुमान लगा चुका है। अब इसकी प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने भारत की नीतियों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि भारत दोगुनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। खास बात है कि पाकिस्तान लगातार IMF से कर्ज ले रहा है। IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर जॉर्जीवा ने कहा, 'आज के भारत को देखिए। भारत की विकास दर दुनिया की औसत विकास दर से दो गुनी से भी अधिक है।' उन्होंने कहा, 'ऐसा इसलिए हो सका, क्योंकि फंडामेंटल्स या बुनियाद मजबूत है।' भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने का अनुमान पीटीआई भाषा के अनुसार, IMF ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था वर्ष 2026 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है। 'वैश्विक आर्थिक परिदृश्य' रिपोर्ट में यह अनुमान जताते हुए कहा कि इस साल 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। मुद्राकोष ने भारत के संदर्भ में कहा, 'वर्ष 2026 के लिए वृद्धि अनुमान में 0.3 प्रतिशत अंक की हल्की बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे 2025 के मजबूत प्रदर्शन का असर और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किए जाने जैसे कारक हैं। इन कारकों ने पश्चिम एशिया संघर्ष के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर दिया है।' इसके साथ ही मुद्राकोष ने वर्ष 2027 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के 6.5 प्रतिशत पर बने रहने का अनुमान जताया। साथ ही आईएमएफ ने 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया, जो 2025 के अनुमानित 3.4 प्रतिशत से कम है। पाकिस्तान को मिली सऊदी अरब से मदद सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। इसी के साथ मौजूदा पांच अरब अमेरिकी डॉलर के कर्ज के पुनर्भुगतान की मियाद भी और तीन साल के लिए बढ़ा दी है। पाकिस्तान को यह मदद ऐसे समय में मिली है जब वह इस महीने UAE को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर चुकाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी वजह से उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। IMF ने शर्त लगाई है कि पाकिस्तान के तीन प्रमुख द्विपक्षीय ऋणदाताओं (सऊदी अरब, चीन और यूएई) को मौजूदा तीन साल के कार्यक्रम के पूरा होने तक देश के साथ अपनी नकद जमा राशि बनाए रखनी होगी।

मुंबई इंडियंस की नाकामी का सिलसिला जारी, पंजाब किंग्स ने 7 विकेट से रौंदा

मुंबई पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया है. क्विंटन डिकॉक की 112 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी MI के काम नहीं आई. वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 196 रनों का स्कोर खड़ा किया था. प्रभसिमरन सिंह और श्रेयस अय्यर ने MI के गेंदबाजी अटैक का इतना बुरा हाल किया कि पंजाब ने 21 गेंद पहले ही टारगेट को चेज कर लिया।  प्रभसिमरन-अय्यर ने रचा इतिहास पंजाब किंग्स के सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह और श्रेयस अय्यर ने 139 रनों की शानदार साझेदारी की. मगर उन्होंने किसी पार्टनरशिप का नहीं बल्कि व्यक्तिगत रूप से बड़ा रिकॉर्ड बनाया है. प्रभसिमरन सिंह 25 साल की उम्र तक पंजाब किंग्स के लिए सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. यह उनकी पंजाब के लिए 10वीं ऐसी पारी रही जिसमें उन्होंने 50 या उससे ज्यादा रन बनाए हों. उन्होंने डेविड मिलर (9) का रिकॉर्ड तोड़ा।  दूसरी ओर श्रेयस अय्यर ने अपने लंबे और विशाल IPL करियर में पहली बार वानखेड़े मैदान पर कोई अर्धशतकीय पारी खेली है. 2015 में डेब्यू के बाद श्रेयस वानखेड़े मैदान में 9 पारियों में बैटिंग कर चुके थे, लेकिन कभी फिफ्टी नहीं लगा पाए थे. अब आखिरकार 11 साल के इंतजार के बाद उन्होंने फिफ्टी के सूखे का अंत किया. अय्यर ने इस मैच में 35 गेंद में 66 रन बनाए।  पंजाब ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य पंजाब किंग्स की टीम मुंबई के 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए प्रभसिमरन की 39 गेंद में 11 चौकों और दो छक्कों से नाबाद 80 रन की पारी और कप्तान श्रेयस अय्यर (66 रन) के साथ उनकी तीसरे विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी की बदौलत 16.3 ओवर में तीन विकेट पर 198 रन बनाकर आसान जीत दर्ज करने में सफल रही। इससे पहले मौजूदा सत्र में अपना पहला मैच खेलने वाले क्विंटन डिकॉक ने 60 गेंद में सात छक्कों और आठ चौकों से नाबाद 112 रन की पारी खेलने के अलावा नमन धीर (50 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 122 रन की साझेदारी की जिससे मुंबई इंडियंस ने छह विकेट पर 195 रन बनाए। ये दोनों उस समय साथ आए जब टीम 12 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद संकट में थी।  MI की चौथी हार, पंजाब नई बादशाह मुंबई इंडियंस ने पहले बैटिंग करते हुए 196 रन बनाए थे. क्विंटन डिकॉक ने 112 रन बनाए, वहीं नमन धीर ने 50 रनों की पारी खेली. रोहित शर्मा चोट की वजह से नहीं खेले, अन्य बल्लेबाज नहीं चल पाए. MI की टीम गेंदबाजी करने आई तो केवल अल्लाह गजनफर के अलावा सारे गेंदबाजों की जमकर कुटाई हुई।  मुंबई इंडियंस ने जीत के साथ IPL 2026 की शुरुआत की थी. मगर उसके बाद मुंबई की टीम लगातार 4 हार झेल चुकी है. दूसरी ओर पंजाब किंग्स अब तक एकमात्र टीम है, जिसने आईपीएल 2026 में हार का स्वाद नहीं चखा है. पंजाब ने 5 मैचों में 4 जीत दर्ज की हैं, जबकि उसका एक मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था. पंजाब अब पॉइंट्स टेबल की नई बादशाह बन गई है। 

बिना पंजीकरण प्रचार पर सीजीरेरा की सख्त कार्रवाई

बिना पंजीकरण प्रचार पर सीजीरेरा की सख्त कार्रवाई “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय व पंजीयन पर अंतरिम रोक रायपुर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने बिना पंजीकरण रियल एस्टेट परियोजना के प्रचार-प्रसार के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” परियोजना पर क्रय-विक्रय एवं पंजीयन पर अंतरिम (प्रारंभिक) रोक लगा दी है। प्राधिकरण द्वारा प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 में संज्ञान लेते हुए पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 स्थित लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित उक्त परियोजना के प्रमोटर द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन किया गया है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने बिना रेरा पंजीकरण प्राप्त किए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया और आम नागरिकों को बुकिंग के लिए आमंत्रित किया। यह कृत्य अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के विपरीत है, जिसके अनुसार बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विज्ञापन, विपणन या विक्रय प्रतिबंधित है। सीजीरेरा द्वारा नियमित निगरानी के दौरान उक्त विज्ञापन संज्ञान में आने पर प्रकरण दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित पाए जाने पर प्राधिकरण ने अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के भूखंड, मकान एवं इकाइयों के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में जिला पंजीयक एवं उप-पंजीयक, रायपुर को निर्देशित किया गया है कि उक्त परियोजना से जुड़े किसी भी विक्रय विलेख का पंजीयन आगामी आदेश तक स्वीकार न किया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्राधिकरण ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय या कानूनी जोखिम से बचा जा सके।

मंत्री परमार ने क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी विषयक राष्ट्रीय वेबीनार पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर गुरुवार को शासकीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय भोपाल में आयोजित “क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी” विषयक राष्ट्रीय वेबीनार पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री परमार ने, महाविद्यालय के शैक्षणिक व बौद्धिक प्रयासों की सराहना करते हुए, इसे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। इस अवसर पर मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल, प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालिनी सक्सेना, वनस्पति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ कीर्ति जैन, गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश श्रीवास्तव, डॉ. एस डी सिंह एवं डॉ एस के मल्होत्रा उपस्थित थे।

चीन बना भारत का टॉप ट्रेड पार्टनर, 151 अरब डॉलर का कारोबार, ट्रंप के बाद जिनपिंग की बड़ी जीत

नई दिल्ली भारत के ग्लोबल ट्रेड में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. अमेरिका का दबदबा अब कमजोर पड़ता दिख रहा है, क्योंकि चीन ने 2025-26 में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बनने की बाजी मार ली है. भारत और चीन के बीच कुल ट्रेड 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. दिलचस्प बात यह है कि जहां ट्रेड बढ़ा है, वहीं भारत का चीन के साथ ट्रेड डिफिसिट भी बढ़ गया है।  अमेरिका दूसरे नंबर पर खिसका पिछले चार सालों (2021-22 से 2024-25) तक अमेरिका इस लिस्ट में टॉप पर बना हुआ था, लेकिन अब चीन ने उसे पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, इस ट्रेड के साथ एक चिंताजनक बात भी सामने आई है. भारत का चीन के साथ ट्रेड डिफिसिट बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।  क्या कहते हैं आंकड़े?     चीन के साथ ट्रेड- पिछले वित्त वर्ष में भारत ने चीन को 19.47 अरब डॉलर का सामान बेचा (निर्यात किया), जबकि वहां से 131.63 अरब डॉलर का सामान खरीदा (आयात किया). इसके चलते ट्रेड डिफिसिट बढ़कर 112.6 अरब डॉलर हो गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।      अमेरिका के साथ ट्रेड- अमेरिका को होने वाले निर्यात में मामूली बढ़त हुई है, लेकिन वहां से आयात बढ़ने की वजह से भारत का ट्रेड सरप्लस (मुनाफा) 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया है।      दूसरे देशों का हाल– रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ब्रिटेन, नीदरलैंड और सिंगापुर जैसे देशों के साथ निर्यात घटा है. वहीं, यूएई, जर्मनी और इटली जैसे देशों के साथ ट्रेड में पॉजिटिव बढ़त देखी गई है. रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से होने वाले आयात में भी कमी आई है।  भारत का ट्रेड डिफिसिट कम होकर 20.67 अरब डॉलर हुआ भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डिफिसिट मार्च में कम होकर 20.67 अरब डॉलर हो गया है. वहीं, देश का निर्यात फरवरी के 36.61 अरब डॉलर से 6.3 फीसदी बढ़कर 38.92 अरब डॉलर हो गया है. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि 2025-26 के लिए भारत का कुल निर्यात 860.09 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है, जो 2024-25 के इसी अवधि के आंकड़े 825.26 अरब डॉलर की तुलना में 4.22 फीसदी की ग्रोथ दर्शाता है. इस दौरान भारत का आयात 5.98 फीसदी घटकर 59.9 अरब डॉलर रह गया, जिससे फिस्कल डेफिसिट में भी कमी आई है। 

ऑपरेशन मुस्कान — संवेदनशीलता, तत्परता और तकनीक का समन्वय

भोपाल.  हर बच्चे की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है” के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित “ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत प्रदेशभर में सतत एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्‍त की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक, सशक्त मुखबिर तंत्र एवं पुलिस टीमों के समन्वित प्रयासों से विभिन्न जिलों की पुलिस ने प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों तक पहुंचकर गुमशुदा/अपहृत नाबालिगों को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया है। इस अभियान के दौरान गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिगों की प्राथमिकता के आधार पर तलाश सुनिश्चित की गई, वहीं साइबर तकनीक, कॉल डिटेल एवं लोकेशन ट्रैकिंग का प्रभावी उपयोग करते हुए मामलों को त्वरित रूप से सुलझाया गया। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के माध्यम से जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, दिल्ली एवं उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में दबिश देकर नाबालिगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई। दस्तयाब किए गए बच्चों की काउंसलिंग कर उनका सुरक्षित पुनर्वास किया गया, वहीं प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही भी की गई है। डिण्डौरी : डिण्डौरी पुलिस ने 03 वर्ष से लापता नाबालिग बालिका को जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ से सकुशल दस्तयाब किया। सीधी : सीधी पुलिस द्वारा दो अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्यवाही करते हुए तेलंगाना राज्य (जिला मेडचल) से दो नाबालिग किशोरियों को सुरक्षित बरामद किया गया। एक प्रकरण में बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरे प्रकरण में रोजगार की तलाश में गई किशोरी को खोजकर काउंसलिंग उपरांत परिजनों को सौंपा गया। देवास : थाना उदयनगर पुलिस ने गुजरात (राजकोट एवं मोरबी) से 02 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। दोनों बालिकाएं अलग-अलग प्रकरणों में लापता थीं, जिनकी तलाश हेतु विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। टीकमगढ़ : टीकमगढ़ पुलिस ने मुस्कान अभियान के तहत दिल्ली एवं मथुरा से 02 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्‍तयाब किया। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है। राजगढ़ : नरसिंहगढ़ पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को अहमदाबाद (गुजरात) से दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय समन्वय एवं तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से संभव हो सकी। अनूपपुर : अनूपपुर की कोतवाली पुलिस द्वारा 15 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को कर्नाटक से सकुशल दस्तयाब किया गया तथा बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों एवं किशोरियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत निरंतर कार्यवाही कर रही है, जिससे समाज में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत हो रहा है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी भी नाबालिग/व्यक्ति के गुम होने की जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचित करें। आपकी सतर्कता किसी परिवार को पुनः मुस्कान दे सकती है।  

ईरान के 56 हजार करोड़ रुपये भारत में फंसे, जानिए क्यों नहीं कर सकता वापस?

  नई दिल्ली अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच एक मुद्दा जो बार-बार सामने आ रहा है, वो है ईरान के फ्रीज एसेट्स का. ईरान का मोटा पैसा दुनिया के अलग-अलग देशों में जब्त हैं. इसी कड़ी में भारत का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है, जहां ईरान के करीब 7 अरब डॉलर यानी लगभग 560 अरब रुपये या करीब 56 हजार करोड़ रुपये अटके हुए हैं. यह रकम कोई छोटी नहीं है, और यही वजह है कि तेहरान इसे वापस पाने के लिए लगातार अमेरिका पर दबाव बना रहा है।  इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है 1979 की ईरानी इस्लामिक क्रांति से. इसके बाद से ही ईरान और अमेरिका के रिश्ते बिगड़ते गए. अमेरिकी दूतावास में बंधक संकट से लेकर परमाणु कार्यक्रम तक, कई वजहों से वॉशिंगटन ने तेहरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध (सैंक्शन) लगाए. समय के साथ ये सैंक्शन और सख्त होते गए, खासकर ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका-इजरायल ने और सख्ती दिखाई।  इन प्रतिबंधों का सबसे बड़ा असर यह हुआ कि ईरान अपने ही कमाए हुए पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है. जब कोई देश दूसरे देश पर आर्थिक प्रतिबंध लगाता है, तो उसके बैंकिंग सिस्टम और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर रोक लग जाती है. यही वजह है कि ईरान का तेल बेचकर कमाया गया पैसा कई देशों के बैंकों में जमा तो है, लेकिन फ्रीज है. यानी ईरान उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता।  भारत में क्यों फंसा है ईरान का पैसा? भारत का मामला भी कुछ ऐसा ही है. भारत पहले ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता था. उस तेल के बदले जो भुगतान किया गया, वह भारतीय बैंकों में जमा हो गया. लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते यह पैसा सीधे ईरान को ट्रांसफर नहीं किया जा सका. इसलिए यह रकम भारत में ही "फ्रीज" हो गई।  ईरानी सरकारी प्रेस टीवी के दावे के मुताबिक सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई और देशों में भी ईरान का पैसा फंसा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के पास करीब 20 अरब डॉलर, इराक में लगभग 6 अरब डॉलर, जापान में 1.5 अरब डॉलर और कतर में करीब 6 अरब डॉलर फंसे हुए हैं. यूरोप के कुछ देशों और खुद अमेरिका में भी ईरान का दो अरब डॉलर फंसा है. रिपोर्ट्स की मानें तो ईरान के 100 अरब डॉलर से ज्यादा के एसेट्स दुनियाभर में फ्रीज बताए जाते हैं।  ईरान के पैसे पर क्यों लगी पाबंदी? अब सवाल उठता है कि "फ्रोजन एसेट्स" आखिर होते क्या हैं? आसान भाषा में समझें तो जब किसी देश की संपत्ति चाहे वह पैसा हो, प्रॉपर्टी हो या निवेश किसी दूसरे देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा रोक दी जाती है, तो उसे फ्रीज्ड एसेट कहा जाता है. ऐसा आमतौर पर सैंक्शन, कानूनी विवाद या अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के आरोप में किया जाता है।  ईरान के लिए यह पैसा बेहद अहम है. दशकों से प्रतिबंधों का सामना कर रही उसकी अर्थव्यवस्था पहले ही दबाव में है. ऐसे में अगर यह फंसा हुआ पैसा वापस मिल जाए, तो उसकी आर्थिक स्थिति को बड़ी राहत मिल सकती है. यही कारण है कि हाल की बातचीत में ईरान ने कम से कम 6 अरब डॉलर की रकम रिलीज करने की मांग को "कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर" यानी भरोसा कायम करने के तौर पर रखा है।  ईरान का पैसा क्यों रिलीज नहीं कर रहा अमेरिका? लेकिन यह इतना आसान नहीं है. अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस बात को लेकर सख्त हैं कि अगर पैसा रिलीज भी किया जाए, तो उसका इस्तेमाल किस तरह होगा. उन्हें डर है कि यह रकम कहीं ईरान के सैन्य या परमाणु कार्यक्रम में न लग जाए. इसी वजह से हर बार बातचीत अटक जाती है. हालांकि, ईरान की तरफ से कहा जाता है कि ये पैसा उनका है और इसका इस्तेमाल कैसे होगा वो खुद ये तय करेगा।  एक और दिलचस्प पहलू यह है कि भले ही सैंक्शन हट जाएं, तब भी ईरान को अपनी पूरी रकम तुरंत नहीं मिल सकती. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इस पैसे का बड़ा हिस्सा पहले से ही पुराने कर्ज चुकाने या निवेश के लिए बंधा हुआ है. ऐसे में तेहरान को सिर्फ आंशिक राहत ही मिल पाएगी।  मसलन, भारत में फंसा ईरान का 652 अरब रुपये सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का बड़ा हिस्सा है. जब तक अमेरिका-ईरान के रिश्तों में सुधार नहीं होता और प्रतिबंधों में ढील नहीं मिलती, तब तक यह पैसा यूं ही बैंकों में फ्रीज रहेगा. आने वाले दिनों में अगर कोई बड़ा समझौता होता है, तभी उम्मीद की जा सकती है कि ईरान अपने पैसे का इस्तेमाल कर पाएगा। 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर: निर्मला भूरिया

भोपाल.  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाए गए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे मील का पत्थर निरूपित किया है। सुभूरिया गुरुवार को उज्जैन में जिला स्तरीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिलाओं को संबोधित कर रही थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे नारी शक्ति वंदन जागरूकता अभियान की सफलता को रेखांकित करते हुए मंत्री सुभूरिया ने इस आयोजन को नारी शक्ति के उत्थान का प्रतीक बताया। उन्होंने अधिनियम की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने वाले इस कानून से न केवल नारी शक्ति का नेतृत्व सुदृढ़ होगा, बल्कि विधायी और संसदीय कार्यक्षेत्र में उनकी भागीदारी भी प्रभावी ढंग से बढ़ेगी। उन्होंने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि अब देश के नीति निर्धारण में मातृशक्ति की भूमिका और भी निर्णायक होने वाली है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर निगम सभापति कलावती यादव ने प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की। यादव ने इसे 'युगांतरकारी' परिवर्तन बताते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति सरकार की यह संवेदनशीलता आज धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अधिनियम और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं, जिससे समाज की अंतिम पंक्ति की महिला तक भी इनका लाभ पहुँच सके। इस दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाली मेरिट की छात्राओं को मंत्री सुनिर्मला भूरिया एवं सभापति कलावती यादव द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सम्मेलन का समापन एक भव्य और विशाल महिला जागरूकता रैली के साथ हुआ। मंत्री सुभूरिया और सभापति यादव ने न केवल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, बल्कि स्वयं भी सैकड़ों महिलाओं के साथ पूरे मार्ग पर पैदल मार्च किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की महिला प्रतिभागी सम्मिलित हुईं।

राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव: 345 विधानसभा और 43 लोकसभा सीटों पर 33% महिला आरक्षण का असर

भोपाल  संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज बुलाया गया है। इसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के बिलों को रखा जाएगा। इससे मध्यप्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकती है। संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल लागू होने के बाद राज्य की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है। नई व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर करीब 345 तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही सदन में महिलाओं के लिए लगभग 114 सीटें आरक्षित होने की संभावना है, जिससे महिला प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे सत्ता और संगठन दोनों के समीकरण बदल जाएंगे।  बहुमत का गणित भी बदलेगा सीटों की संख्या बढ़ने के बाद सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा। अभी जहां 116 सीटों पर बहुमत माना जाता है, वहीं नए परिसीमन के बाद यह बढ़कर करीब 174 सीटों तक पहुंच सकता है। कैबिनेट का आकार भी बढ़ सकता है विधानसभा की बढ़ी हुई संख्या का असर मंत्रिमंडल पर भी पड़ेगा। नियमों के अनुसार, सदन की कुल संख्या का लगभग 15% मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में मंत्रियों की संख्या 35 से बढ़कर करीब 52 तक पहुंच सकती है। लोकसभा में भी बढ़ेगी मध्यप्रदेश की ताकत परिसीमन के बाद राज्य से लोकसभा सीटों की संख्या भी 29 से बढ़कर करीब 43 होने का अनुमान है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर लगभग 14 तक पहुंच सकती है। इन सभी प्रस्तावित बदलावों को 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।  कैबिनेट का भी होगा विस्तार परिसीमन का असर सिर्फ सदन की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों के मुताबिक, विधानसभा की कुल संख्या का 15% हिस्सा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों की अधिकतम संख्या 35 से बढ़कर 52 हो जाएगी। यानी आने वाले समय में मध्य प्रदेश में मंत्रियों की एक बड़ी फौज नजर आएगी। लोकसभा के मोर्चे पर भी एमपी की ताकत बढ़ेगी। राज्य से लोकसभा सांसदों की संख्या 29 से बढ़कर 43 करने का प्रस्ताव है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर 14 होने की उम्मीद है। यह पूरा ढांचा 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है।

18 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा आयोजन, नवाचार व निवेश पर होगा मंथन

17 से होगा दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: एक साथ एकत्र होंगे 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक  18 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा आयोजन, नवाचार व निवेश पर होगा मंथन  दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को जारी किया गया आधिकारिक कर्टेन रेजर लखनऊ  दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 17 व 18 अप्रैल को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 होगा। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक व निवेशक प्रतिभाग करेंगे। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों व निवेशकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में नवाचार व निवेश पर भी मंथन होगा। बुधवार को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को आधिकारिक कर्टन रेजर जारी किया गया।  नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम प्रौद्योगिकी समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाएंगी। महोत्सव में स्वदेशी व्यंजनों का फूड कोर्ट भी लगाया जायेगा।  दुग्ध क्षेत्र के उद्यम को बढ़ावा देने हेतु सिंगल विंडो के माध्यम से निवेशकों के साथ एमओयू भी होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन धर्मपाल सिंह रहेंगे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास) मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. आदि की भी मौजूदगी रहेगी।  इसमें प्रदेश के समस्त जनपदों के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों गौ पालक/निवेशकों को ऑनलाइन जोड़ा जायेगा। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों एवं निवेशकों को सम्मानित/पुरस्कृत किया जाएगा। निजी क्षेत्र के निवेशकों द्वारा अपने स्टॉल कियोस्क के माध्यम से दुग्ध उत्पाद/नवाचार इत्यादि का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही डेयरी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विशेषज्ञों द्वारा साझा की जायेगी।  कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘गौ पूजन, प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन, प्रगतिशील गौ पालकों एवं निवेशकों की सफलता की कहानी की पुस्तिका का विमोचन, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत विकासखण्ड स्तरीय विजेताओं को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार धनराशि का वितरण, प्रगतिशील गौपालकों, अग्रणी निवेशकों एवं प्रतिभाशाली नवाचारों का सम्मान, गौशाला एवं गोबर गैस के महत्व का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। द्वितीय सत्र में श्री बाबा गोरखनाथ कृष्ण तथा बलिनी एम०पी०सी० का प्रस्तुतिकरण, दुग्ध विज्ञान क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविदों, नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।